icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

रामभद्राचार्य ने लव जिहाद के नाम पर देश की बहन-बेटियों के खिलाफ उड़ाई चेतावनी

Aligarh, Uttar Pradesh:देश में लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे दो जिहाद चल रहे हैं - रामभद्राचार्य, देश की बहन बेटियों को लव जिहाद से सचेत रहना चाहिए - रामभद्राचार्य, देश में लव जिहाद करके बेटियों की हत्याएँ हो रही, लाशें फ्रिज के भीतर टुकड़ों में मिल रही हैं - रामभद्राचार्य, हमने अयोध्या मंदिर के लिए कोर्ट में गवाही दी, जो निर्णायक साबित हुई - रामभदाचार्य, अयोध्या में राम मंदिर बन गया, अब कृष्णा जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ और संभल की बारी है - रामभद्राचार्य, जब तक कृष्णभूमि मंदिर नहीं मिलता, तब तक भगवान कृष्ण के किसी भी मंदिर में नहीं जायेंगे, ऐसी प्रतिज्ञा की है - रामभद्राचार्य, अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ होना चाहिए - रामभद्राचार्य, यह बातें प्रसिद्द कथा वाचक जगतगुरु रामभद्राचार्य ने रामकथा पढ़ते हुए कहीं, अलीगढ़ के अकराबाद थाना इलाके के गाँव लधौआ चीनी मिल में संचालित हुई श्री रामकथा.
0
0
Report

सीकर में लाखों की चोरी: नेहरू पार्क के पास घर का ताला टूटा

Sikar, Rajasthan:सीकर चोरी सीकर में चोरों के हौसले बुलंद, घर में घुसकर लाखों के जेवरात और नकदी चोरी सीकर शहर में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सीकर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित नेहरू पार्क के पास महादेव कॉलोनी का है, जहां अज्ञात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार चोर मकान के एक कमरे की खिड़की तोड़कर अंदर घुसे और अंदर से कमरा बंद कर वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने अलमारी में रखे सोना-चांदी के जेवरात, चांदी के सिक्के, नगदी और अन्य कीमती सामान चुरा लिया। घटना के समय परिवार के सदस्य मकान के दूसरे कमरे में सो रहे थे, जिससे उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। सुबह उठने पर कमरे का सामान बिखरा मिला और चोरी का पता चला। सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मौका मुआयना किया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में चोर की गतिविधियां कैद गई है। पुलिस ने मकान मालिक महेश शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे
0
0
Report
Advertisement

दमोह के किसानों को छह महीने से खाद नहीं मिली: फॉर्मर ID बनाने में प्रशासनिक बाधा

Damoh, Madhya Pradesh:गजब का सिस्टम, छः महीने से खाद के लिए भटक रहे किसान, फॉर्मर आई डी न होने से नहीं मिल पा रही खाद.. एंकर/ एमपी के दमोह में प्रशासनिक नादिरशाही की वजह से किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ रहा है ऐसा नहीं है कि खाद की कमी है बल्कि खाद पर्याप्त है लेकिन किसानों की फॉर्मर आईडी नहीं बनी और सरकारी खाद انہیں नहीं मिल पा रही। तेंदूखेड़ा ब्लॉक के चौरई इलाके के किसान बड़ी संख्या में तेंदूखेड़ा एसडीएम के दफ्तर पहुंचे और उन्होंने अपनी पीड़ा बताई। किसानों के मुताबिक उन्हें छह महीनों से खाद के लिए भटकना पड़ रहा है, बारिश का मौसम शुरू हो रहा है और यदि बरसात के पहले बोनी नहीं हुई तो बरसात में फसल बोई नहीं जाएगी। इन हालातों के पीछे वजह सिर्फ फॉर्मर आईडी यानी किसानों का पंजीयन करने के बाद जारी की जाने वाली आईडी है, इसी आईडी के सहारे किसानों को सरकारी सब्सिडी वाली खाद मिल पाती है। किसानों की माने तो दो से पांच दिन उनके पास है वरना खेतों में बौनी नहीं हो पाएगी। किसानों की फॉर्मर आईडी को लेकर ये लोग दफ्तरों के चक्कर काट रहे है।लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। ऐसा नहीं है कि जिला प्रशासन इन हालातों से परिचित नहीं है बल्कि खुद इलाके के तहसीलदार दो महीने पहले इसके बारे में जिले के जिम्मेदार अधिकारियों को बता चुके है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया और अब किसान आंदोलन की चेतावनी दे रहे है। बाइट/ पीड़ित किसान बाइट/ विवेक व्यास ( तहसीलदार तेंदूखेड़ा दमोह)
0
0
Report

सीआरपीएफ जवान के बैग से 9 तोला सोने-चांदी चोरी, ढाबे पर चोर फरार

Rewa, Madhya Pradesh:रीवा। गढ़ थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 स्थित एक ढाबे पर रुकी यात्री बस में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। अज्ञात चोरों ने सीआरपीएफ जवान के बैग से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के गहने चोरी कर लिए।जानकारी के अनुसार, बिहार निवासी सीआरपीएफ जवान नमित कुमार सिंह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ नागपुर से वाराणसी जा रहे थे। सोमवार सुबह बस एक ढाबे पर रुकी, जहां यात्री नीचे उतर गए। इसी दौरान दो संदिग्ध युवक बस में घुसे और जवान के बैग से करीब 9 तोला सोने के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। पूरी घटना बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। पीड़ित जवान ने आरोपियों की पहचान बताने वाले को 21 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। गढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
0
0
Report
Advertisement
0
0
Report

राजस्थान में अब मूल निवास प्रमाण पत्र स्वतः जारी: आधार-जनाधार लिंक से ऑटो-जनरेशन

Jaipur, Rajasthan:दीपक गोयल-जयपुर सोचिए...अगर आपका मूल निवास प्रमाण पत्र बिना किसी आवेदन, बिना किसी दस्तावेज़ और बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाए खुद-ब-खुद बन जाए तो......राजस्थान सरकार अब ऐसी ही डिजिटल व्यवस्था की तैयारी में है.......जन्म, विवाह और सरकारी सेवा के रिकॉर्ड को जोड़कर एक ऐसा स्मार्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है......जो पात्रता तय होते ही मूल निवास प्रमाण पत्र स्वतः जारी कर देगा। यानी अब न फॉर्म भरने की झंझट और न लंबा इंतजार.......देखिए रिपोर्ट अब ''मूल निवासी'' बनने के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की लंबी प्रक्रिया अब इतिहास बनने जा रही है। राजस्थान में जल्द ऐसी व्यवस्था लागू हो सकती है, जिसमें आवेदन किए बिना ही पात्र लोगों का मूल निवास प्रमाण पत्र स्वतः जारी हो जाएगा। राजस्थान में जल्द ही एक ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को ई-मित्र, तहसील और कलक्ट्रेट के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। अब मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न आवेदन करना पड़ेगा और न ही दस्तावेजों का पुलिंडा लेकर सरकारी दफ्तरों में जाना होगा। सरकार पात्र लोगों की पहचान खुद करेगी और उनकी सहमति मिलते ही प्रमाण पत्र स्वतः जारी कर देगी। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डीओआईट) स्मार्ट गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो जन्म पंजीकरण, विवाह रजिस्ट्रेशन, जनाधार और सरकारी सेवा रिकॉर्ड जैसे विभिन्न सरकारी डाटाबेस को आपस में जोड़कर काम करेगा। सिस्टम जैसे ही किसी व्यक्ति की पात्रता तय करेगा, उसके मोबाइल पर एक संदेश भेजा जाएगा। सहमति मिलते ही मूल निवास प्रमाण पत्र तैयार हो जाएगा। ये डेटाबेस करेगा काम 1. नवजात बच्चे- जन्म पंजीकरण डेटाबेस, पहचान पोर्टल, जनाधार डेटाबेस 2. विवाहित महिला- विवाह पंजीकरण, पहचान पोर्टल, जनाधार 3. सरकारी कर्मचारी- स्टेट इंश्योरेंस एंड प्रोविडेंट फंड डेटाबेस, कार्मिक सेवा रिकॉर्ड व जनाधार नवजात से लेकर नई बहू तक, सभी को मिलेगा फायदा नई व्यवस्था में बच्चे के जन्म का पंजीकरण होते ही सिस्टम माता-पिता के रिकॉर्ड की जांच करेगा। अगर माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हैं तो नवजात का प्रमाण पत्र भी स्वतः जारी किया जा सकेगा। इसी तरह अन्य राज्यों की महिला यदि राजस्थान के मूल निवासी व्यक्ति से विवाह करती है तो वर्तमान नियमों के अनुसार उसे विवाह के दिन से ही मूल निवासी माना जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में विवाह पंजीकरण के आधार पर ऐसी महिलाओं की पहचान कर उन्हें भी ऑनलाइन सहमति के बाद स्वतः मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। दूसरे राज्यों से आकर राजस्थान सरकार की सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवा पूरी होने पर मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। नई प्रणाली में एसआइपीएफ और अन्य सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर पात्र कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। 7 दिन की प्रक्रिया अब कुछ मिनटों में अभी मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ई-मित्र या एसएसओ के माध्यम से आवेदन करना पड़ता है। राशन कार्ड, आधार, जनाधार, फोटो, वोटर आइडी, बिजली-पानी के बिल समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद पहले कर्मचारियों और फिर तहसीलदार स्तर पर सत्यापित किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में 7 से 8 दिन लगते हैं। नई व्यवस्था में यह पूरा काम बैकएंड में स्वतः होगा और नागरिक को केवल सहमति देनी होगी। राजस्थान सरकार की यह पहल सरकारी सेवाओं को "ऑटोमेटेड डिलीवरी" की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब तक नागरिक सरकार के पास सेवा लेने जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था में सरकार खुद पात्र नागरिक तक सेवा पहुंचाने की तैयारी कर रही है। डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल अगर यह मॉडल सफल रहा तो भविष्य में जाति, आय, वरिष्ठ नागरिक और अन्य कई प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया भी आवेदन आधारित व्यवस्था से निकलकर "ऑटो-जनरेशन सिस्टम" की ओर बढ़ सकती है। राजस्थान में सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और प्रोएक्टिव बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। यानी अब सरकार नागरिकों के आवेदन का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि पात्रता पूरी होते ही प्रमाण पत्र खुद जारी करेगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

सेना ने बफलियाज़ के व्यापारी प्रभावितों को दी आर्थिक मदद, राहत कार्य तेज

Chikri Ban, पुंछ जिले के सुरनकोट तहसील के बफलियाज़ में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड से प्रभावित दुकानदारों और परिवारों के लिए भारतीय सेना मदद के लिए आगे आई है। 61 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात कर उनके लिए मदद की। 7 जून 2026 को बफलियाज़ में कथित शॉर्ट सर्किट के कारण लगी भीषण आग में कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान जलकर राख हो गए थे, जिससे स्थानीय व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। घटना के बाद 61 राष्ट्रीय राइफल्स बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित दुकानदारों और परिवारों से मुलाकात कर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। मानवीय पहल के तहत कमांडिंग ऑफिसर ने प्रत्येक प्रभावित दुकानदार को तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की, ताकि मुश्किल समय में उन्हें कुछ राहत मिल सके। दौरे के दौरान सरपंच ताहिरा तबस्सुम, पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित कंपनी कमांडर भी मौजूद रहे। कमांडिंग ऑफिसर ने स्थानीय लोगों से राहत एवं पुनर्वास संबंधी सुझाव लिए, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने सेना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेना हमेशा क्षेत्र के लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनकर खड़ी रहती है। उन्होंने इस सहयोग और संवेदनशीलता के लिए सेना का आभार व्यक्त किया।
0
0
Report

हसायन में जमीन पैमाइश के दौरान विवाद, मारपीट और ट्रैफिक जाम

Hathras, Uttar Pradesh:हाथरस के हसायन कस्बे में जमीन की पैमाइश के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्व विभाग की टीम और पुलिस की मौजूदगी में दो पक्षों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, राजस्व अधिकारी अपनी टीम और पुलिस बल के साथ एक भूमि की पैमाइश कराने हसायन पहुंचे थे। इसी दौरान जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद हिंसक रूप ले बैठा। पुलिस और राजस्व टीम के सामने ही दोनों ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। मारपीट की इस घटना में एक पक्ष के तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। घात घटना के बाद घायल पक्ष के लोगों ने पुलिस पर पक्षपात और लापरवाही के आरोप लगाए। नाराज लोगों ने हसायन कस्बे के मुख्य बाजार स्थित बाण चौराहे पर जाम लगा दिया। सड़क जाम होने से यातायात प्रभावित हो गया और राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली वार्ता के बाद अधिकारियों ने लोगों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम को खुलवाया जा सका और यातायात सामान्य हुआ। वहीं, इस मामले में सीओ सिकंदराराऊ ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है.
0
0
Report

केदारनाथ में देवदूत हेली एम्बुलेंस ने बुजुर्ग श्रद्धालु की जान बचाई

Noida, Uttar Pradesh:केदारनाथ में ''देवदूत'' बनी हेली एम्बुलेंस, छाती में तेज दर्द से तड़प रहे 70 वर्षीय श्रद्धालु को किया गया एयरलिफ्ट केदारनाथ धाम में एक बार फिर हेली इमरजेंसी मेडिकल सेवा ने एक अनमोल जिंदगी को बचा लिया। स्वामी विवेकानंद चिकित्सालय में भर्ती 70 वर्षीय श्रद्धालु मिथलेश की तबीयत अचानक बेहद खराब हो गई। छाती में तेज दर्द के कारण बुजुर्ग की सांसें उखड़ने लगी थीं और उन्हें तुरंत बड़े अस्पताल ले जाना जरूरी था। समय कम था और चुनौती बड़ी, लेकिन सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, यूकाडा और एम्स ऋषिकेश की हेलीकॉप्टर इमरजेंसी टीम ने तुरंत एक्शन लिया। केदारनाथ के विषम मौसम और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हेलीकॉप्टर भेजा गया। मेडिकल टीम ने मरीज को तुरंत निगरानी में लिया और बिना वक्त गंवाए एयरलिफ्ट कर सीधे एम्स ऋषिकेश के लिए रवाना कर दिया, जहाँ अब मरीज का इलाज जारी है। ये घटना बताती है कि दुर्गम पहाड़ियों और मुश्किल रास्तों के बीच भी अब उत्तराखंड का सिस्टम किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चौबीसों घंटे मुस्तैद है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top