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चाकण MIDC के 20 लघु उद्योगों का स्थानांतरण, सड़क खड्डे और ट्रैफिक बढ़ी चर्चा

Chakan, Maharashtra:चाकण / पुणे अँकर : खड्डे आणि वाहतूक कोंडीने हैराण झालेल्या कंपन्या चाकण MIDC सोडणार आहेत. वीस लघुउद्योजकांच्या या निर्णयाने राज्यात खळबळ उडाली. पण अशा चर्चा गेल्या तीन वर्षांपासून ऐकत असल्याचं म्हणत उद्योग मंत्री उदय सामंतांनी याचं राजकारण न करण्याचा सल्ला दिला. 150 कोटींचा निधी रस्त्यांसाठी दिलाय, त्यामुळं कंपन्यांनी आम्हाला चुका दाखवाव्यात असं आवाहन ही सामंतांनी केलं. त्यानंतर ही चाकण midc तील वीस कंपन्या बंद करणार असल्याचं आणि खंडाळा midc मध्ये स्थलांतरित होणार असल्याची लघु उद्योजकांनी ठाम भूमिका घेतली. मुळात आम्हाला राजकारणात रस नाही आणि आम्ही मांडलेल्या समस्या या औद्योगिक हिताच्या आहेत. दीडशे कोटींचा निधी दिल्यानं आम्ही सरकारचे आभारी आहोत, पण तरीही आज खड्डे, वाहतूक कोंडी अन अपघात नित्याचे आहेतच. त्यामुळं उद्योग मंत्र्यांनी बोलावलं तर या सर्व चुका दाखवू, अशी लघु उद्योजकांनी ही तयारी दाखवली.
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कानपुर देहात में अतिक्रमण व जलभराव पर फरियादियों की DM से भिड़ंत, इलाज़ के बहाने tension

Amauli Thakuran, Uttar Pradesh:स्लग – ग्रामीणों को शिकायत पर एसडीएम की धमकी कानपुर देहात कानपुर देहात में रास्ते पर अतिक्रमण और जलभराव और सड़क न होने की शिकायत लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे फरियादियों से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रद्युमन सिंह की झड़प हो गई अतरिक्त मजिस्ट्रेट बोले अभी इलाज़ कर दूंगा जिसके बाद पीड़ित बोले साहब आप इलाज़ ही कर दीजिए कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के गजा का पुरवा गांव के करीब 22 से 25 लोग बीच सड़क पर अतिक्रमण की शिकायत लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे लोग ज्यादा थे इसलिए डीएम ऑफिस के अंदर किसी को जाने नहीं दिया गया बल्कि अतिरिक्त मजिस्टेट प्रद्युमन सिंह ने दफ़्तर से बाहर आ कर शिकायत सुनी अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि आप जाइए समस्यां का समाधान होगा जिसके बाद ग्रामीण बोले हम कई बार आ चुके है कोई नहीं सुनता जब तक समाधान नहीं होगा हम नहीं जायेंगे तो अतिरिक्त मजिस्टेट प्रद्युमन सिंह बोले अभी फिर इलाज़ कर देंगे तो एक पीड़ित बोला ठीक है साहब आप इलाज़ ही कर दीजिए फ़िलहाल अन्य अफसरों के आश्वासन के बाद पीड़ित वापस लौट गए भोगनीपुर के गजा का पुरवा गांव से पहुंचे शिकायतकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से आम रास्ते पर अतिक्रमण के चलते आवाजाही प्रभावित है। बारिश के बाद रास्ते पर पानी भर गया है, जिससे ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है उन्होंने बताया करीब 2 साल से परेशान है कई शिकायतें तहसील में भी की और डीएम ऑफिस में भी की लेकिन कुछ नही हुआ शिकायतकर्ता के अनुसार आम रास्ते पर गांव के कुछ दबंग लोगों ने दीवार खड़ी कर रास्ते को बंद कर दिया है आरोप है कि ग्राम प्रधान भी एक राय होकर जानबूझकर कब्जा करवा रहे हैं जिससे माहौल तनावपूर्ण है और विवाद की स्थिति बन चुकी है लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं भोगनीपुर एसडीएम देवेंद्र सिंह ने बताया कि शिकायत पर पहले भी जांच कराई गई थी गांव के अंदर पुरानी सड़क है उसमें बहुत पहले से कोई दीवार बनी है फिलहाल नायब तहसीलदार को भेजकर जांच कराई जाएगी अगर अभी नया अतिक्रमण हुआ है तो उसको हटवाया जाएगा
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महाशिवरात्रि पर शिवालयों में उमड़ी भीड़, जलाभिषेक के लिए लगी लंबी कतारें.

Vishesh Kr GurejaVishesh Kr GurejaFollow1m ago
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर में सावन की महाशिवरात्रि पर भूतेश्वर महादेव और बागेश्वर महादेव मंदिर समेत प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही जलाभिषेक के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों ने भी भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इस दौरान हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठे। एसपी सिटी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पार्किंग, भीड़ नियंत्रण, खोया-पाया केंद्र और सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों की भी व्यवस्था की गई है। सिविल डिफेंस के जवान भी व्यवस्था संभालते।
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कलेक्टर कार्यालय में शौचालय साफ कराने आरोप, मानव अधिकार आयोग से जांच की मांग

Sakti, सक्ती। कलेक्टोरेट में सेवा सहकारी समिति पुटी दिह के पूर्व संस्था प्रबंधक से कथित तौर पर शौचालय साफ कराए जाने का मामला अब छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग तक पहुंच गया है। सेवा सहकारी समिति मर्यादित पुटीडीह के पूर्व संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत ने आयोग के सचिव को शिकायत भेजकर घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उनसे न केवल शौचालय साफ कराया गया, बल्कि बिना ब्रश और सफाई के अन्य साधनों के खाली हाथ से शौचालय साफ करने के लिए मजबूर किया गया। शिकायत के मुताबिक, 28 अप्रैल 2026 को जिला सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय द्वारा धान खरीदी प्रभारियों को 29 अप्रैल को बैठक में उपस्थित होने के लिए पत्र जारी किया गया था। इसके बाद कलेक्टोरेट के सभा कक्ष में संस्था प्रबंधकों की बैठक आयोजित की गई। शशिकांत महंत का आरोप है कि इसी बैठक के दौरान करीब दोपहर 12:40 बजे उन्हें कलेक्टोरेट भवन का शौचालय साफ करने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने शौचालय साफ करने से असहमति जताई, इसके बावजूद उनसे सफाई कराई गई। इसका एक अपर कलेक्टर ने वीडियो भी बनाया है,, खाली हाथ सफाई कराने का भी गंभीर आरोप शिकायत में महंत ने आरोप लगाया है कि शौचालय की सफाई के दौरान उन्हें ब्रश अथवा उचित सफाई सामग्री उपलब्ध नहीं कराई गई और खाली हाथ से शौचालय साफ कराया गया। उन्होंने इस घटना को अपने सम्मान के विरुद्ध अपमानजनक और अमानवीय व्यवहार बताते हुए मानव अधिकार आयोग से मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि घटना से संबंधित फोटो, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री उपलब्ध है। शिकायतकर्ता के अनुसार, इन साक्ष्यों से घटना की परिस्थितियों की जांच में मदद मिल सकती है। मानवाधिकार आयोग से निष्पक्ष जांच की मांग शशिकांत महंत ने छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका निर्धारित करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उपलब्ध बताए जा रहे फोटो-वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच किए जाने की मांग की है।
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ठाणे TET पेपर लीक: सोलापुर से एक और गिरफ्तार, कुल 16 अटके

Thane, Maharashtra:भिवंडी TET पेपर लीक प्रकरणात तपासाचा विस्तार. ठाणे पोलिसांनी सोलापुरातून आणखी एकाला अटक केली आहे. सोलापुरातील प्रशिक्षण केंद्र चालक प्रकाश पवार यांना अटक करण्यात आली असून यामुळे प्रकरणातील अटकांची संख्या 16 वर पोहोचली आहे. कोर्टाने त्यांना 15 ऑगस्टपर्यंत पोलीस कोठडी सुनावली आहे. ठाणे पोलीस तपास महाराष्ट्रापर्यंत पोहोचला आहे. या तपासात सोलापूरातील प्रकाश पवार यांचे नाव समोर आले आणि पोलिसांनी ताब्यात घेऊन चौकशी केली. पवार यांच्या कथित पेपर लीक नेटवर्कशी काय संबंध आहे आणि त्यांची भूमिका काय आहे याचा तपास सुरू आहे. मंगळवारी प्रकाश पवारांना कोर्टात हजर करण्यात आले. पोलिसांनी चौकशीसाठी कोठडी मागितली आणि कोर्टाने 15 ऑगस्टपर्यंत पोलीस कोठडी मंजूर केली.
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नाहन में विधायक अजय सोलंकी ने बीपीएल परिवारों से संवाद कर समाधान निर्देश दिए

Nahan, Himachal Pradesh:लोकेशन नाहन विधायक ने बीपीएल परिवारों से किया संवाद.. 10 से 12 अगस्त तक BDO कार्यालय नाहन में चल रहा संवाद कार्यक्रम, कार्यक्रम के दूसरे दिन विधायक अजय सोलंकी ने 166 परिवारों से किया संवाद, संवाद के जरिए विधायक ने जानी बीपीएल परिवारों की समस्याएं, संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश, ग्रामीण परिवेश में रहने वाले लोगों के लिए कारगर साबित होगा संवाद कार्यक्रम- MLA सरकार के निर्देशानुसार विकासखंड नाहन के तहत बीपीएल परिवारों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान के लिए नाहन में विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। 10 से 12 अगस्त तक बीडीओ कार्यालय नाहन में चल रहे इस कार्यक्रम के दूसरे दिन विधायक अजय सोलंकी ने बीपीएल परिवारों से संवाद किया。 उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि जरूरतमंद लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी समस्याएं प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने के लिए यह संवाद कार्यक्रम एक बेहतर माध्यम साबित हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से बीपीएल परिवारों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने में मदद मिलेगी。
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सुप्रीम कोर्ट ने दिवंगत शौर्य चक्र विजेता की पत्नी को 10 लाख अतिरिक्त दिया

Noida, Uttar Pradesh:दिवंगत शौर्य चक्र विजेता की पत्नी को 10 लाख देगा केंद्र, SC ने दिया आदेश सुप्रीम कोर्ट ने भारत सरकार को आदेश दिया है कि वह GREF (जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स) के दिवंगत कर्मचारी मोहन सिंह की पत्नी कुलदीप कौर को अतिरिक्त 10 लाख रुपए दे। मोहन सिंह को उनकी बहादुरी के लिए मरणोपरांत शौर्य चक्र दिया गया था। उन्होंने भारत-चीन सीमा के पास सड़क निर्माण के दौरान अपने साथ काम कर रहे कर्मचारियों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी थी। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पल्ली की बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए उनकी पत्नी को असाधारण पारिवारिक पेंशन का लाभ उनके पति की मृत्यु की तारीख यानी साल 2000 से देने का फैसला किया। इस लिहाज से कोर्ट ने उन्हें 10 लाख रुपए अतिरिक्त देने का निर्देश दिया। मोहन सिंह की पत्नी कुलदीप कौर ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के जनवरी 2026 के फैसले को चुनौती दी थी। SC के सामने मामला क्या था दरअसल, मोहन सिंह के निधन के बाद उनकी पत्नी कुलदीप कौर को सामान्य पारिवारिक पेंशन मिल रही थी। दिसंबर 2005 में उन्होंने विशेष पारिवारिक पेंशन की मांग की। लेकिन सरकार ने उनकी मांग यह कहते हुए खारिज कर दी कि उन्हें पहले ही 1 लाख 84 हजार 170 रुपए का मुआवजा मिल चुका है। इसलिए उन्हें असाधारण पेंशन का लाभ नहीं दिया जा सकता हाई कोर्ट का आदेश इसके बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने माना कि मोहन सिंह की पत्नी असाधारण पेंशन की हकदार हैं। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि पहले मिला मुआवजा वापस करना होगा और उस पर 6% ब्याज भी देना होगा। बाद में हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी माना कि मामला Category 'C' में आता है, लेकिन उसने पेंशन का बकाया केवल रिट याचिका दाखिल करने से पहले के 3 साल तक सीमित कर दिया। सुप्रीम कोर्ट का रुख सुप्रीम कोर्ट ने भी माना कि मोहन सिंह का मामला Category 'C' में आता है और उनकी पत्नी असाधारण पेंशन की हकदार हैं। लेकिन कोर्ट के सामने सवाल था कि क्या उन्हें केवल कोर्ट में केस दाखिल करने से पहले के 3 साल का ही पैसा मिलना चाहिए? इसका जवाब देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मोहन सिंह ने ड्यूटी करते हुए देश और अपने साथ काम करने वाले लोगों की जान बचाने के लिए अपनी जान कुर्बान की थी। उनकी बहादुरी के लिए उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र भी मिला था। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में उनकी पत्नी को अपना हक पाने के लिए सामान्य रूप से कोर्ट के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए थी। पत्नी ने कोर्ट जाने में देर की, इसलिए उस देरी के कारण उसे न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमण्य ने बताया कि हाई कोर्ट के फैसले के अनुसार सरकार पहले ही कुछ रकम जारी कर चुकी है। सभी परिस्थितियों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कुल मिलाकर 10 लाख रुपए की राशि तय कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह यह फैसला इस मामले की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करके दे रहा है।
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ED ने नेक्सा एवरग्रीन ग्रुप के 2676 करोड़ घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी की

Delhi, Delhi:ED ने नेक्सा एवरग्रीन ग्रुप से जुड़े 2676 करोड़ रुपये के निवेश घोटाले में बड़ी कार्रवाई की है. ED की जयपुर की टीम ने सुभाष चंद्र बिजनोरिया उर्फ सुभाष चंद्र बिजारनिया को 10 अगस्त को गिरफ्तार किया. आरोपी को जयपुर की विशेष PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 13 अगस्त तक चार दिन की ED हिरासत में भेज दिया गया. ED की जांच राजस्थान पुलिस की कई FIR और चार्जशीट के आधार पर शुरू हुई थी. जांच में सामने आया कि रणवीर बिजारनिया और सुभाष चंद्र बिजनोरिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को निवेश के नाम पर फंसाया. आरोप है कि निवेशकों से कहा गया कि उनका पैसा गुजरात के धोलेरा स्मार्ट सिटी में जमीन और प्लॉटिंग के काम में लगाया जाएगा. निवेशकों को 60 हफ्तों तक हर हफ्ते 3 फीसदी रिटर्न देने या प्लॉट देने का भरोसा दिया गया. नए लोगों को जोड़ने पर लैपटॉप, बाइक और कार जैसे इनाम और कमीशन का लालच भी दिया गया. ED के मुताबिक... सुभाष चंद्र इस पूरे नेटवर्क को चलाने वाले प्रमुख लोगों में शामिल था. आरोप है कि दोनों ने कई कंपनियां, LLP, फर्म और दूसरे कारोबार अपने साथियों और निवेशकों के नाम पर बनाए. इनके बैंक खातों के जरिए निवेशकों से पैसा लिया गया, एक खाते से दूसरे खाते में रकम भेजी गई और पुराने निवेशकों को रिटर्न दिया गया. इस तरह पोंजी स्कीम की तरह पैसा घुमाया गया और बाद में रकम से संपत्तियां भी खरीदी गई. ED का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर, निवेशकों का रिकॉर्ड, बैंकिंग कामकाज, कंपनियां बनाने और पैसों को दूसरी जगह भेजने का काम आरोपियों के निर्देश पर होता था. इस मामले में ED ने जून 2025 में जयपुर, सीकर, झुंझुनूं और अहमदाबाद में 25 ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान करीब 2.04 करोड़ रुपये कैश, कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए थे. इसके अलावा नेक्सा ग्रुप से जुड़े बैंक और क्रिप्टो खातों में करीब 15 करोड़ रुपये भी फ्रीज किए गए थे. ED की मामले में आगे की जांच जारी है.
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गन्ना किसानों की मांग नहीं मानी तो 13 अगस्त फगवाड़ा दौरे पर भारी विरोध

Kapurthala, Punjab:गन्ना किसानों की सरकार को दो टूक चेतावनी मांगें न मानीं तो 13 अगस्त को सीएम के फगवाड़ा दौरे का होगा विरोध किसान बोले- मुख्यमंत्री को फगवाड़ा में नहीं घुसने देंगे, 20 अगस्त से दिल्ली हाईवे जाम करने की चेतावनी कपूरथला। भारतीय किसान यूनियन दोआबा के प्रदेश अध्यक्ष मनजीत सिंह राय ने पंजाब सरकार को गन्ना किसानों की मांगों को लेकर तीखी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि किसानों की लंबित मांगों को तुरंत स्वीकार नहीं किया गया तो 13 अगस्त को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के फगवाड़ा दौरे का कड़ा विरोध किया जाएगा। किसान मुख्यमंत्री को फगवाड़ा में प्रवेश नहीं करने देंगे और शहर की ओर आने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह बंद करने का ऐलान किया है। मनजीत सिंह राय ने कहा कि इसके बावजूद यदि सरकार ने किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो 20 अगस्त से अमृतसर-दिल्ली नेशनल हाईवे और फगवाड़ा के मुख्य चौक को पूरी तरह बंद कर अनिश्चितकालीन पक्का धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान होने वाले चक्का जाम की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। किसान नेता ने बताया कि गन्ना उत्पादकों के लंबे समय से रुके करोड़ों रुपये के बकाये को जारी करवाने की मांग को लेकर डिप्टी कमिश्न्न कपूरथला को मांग पत्र सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि सीजन 2021-22 का करीब 27.85 करोड़ रुपये तथा सीजन 2025-26 का लगभग 18 करोड़ रुपये गन्ना किसानों का बकाया अभी लंबित है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों की मेहनत की कमाई का बकाया तुरंत जारी किया जाए और गन्ना किसानों की अन्य लंबित मांगों का भी जल्द समाधान किया जाए। किसान यूनियन ने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और तेज किया जाएगा。
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बरनाला शव मामले में दोस्त पर हत्या के शक के बीच परिवार ने मांगी निष्पक्ष जांच: वायरल हो रहा CCTV क्लिप

Barnala, Bathinda, Punjab:बरनाला की अनाज मंडी के पास संदिग्ध परिस्थितियों में 22 वर्षीय कृष्ण राम पुत्र मुख्तियार राम, निवासी गांव फरवाही की मौत की खबर सामने आई है. मृतक की पहचान परिवार द्वारा की गई. परिवार ने कृष्ण राम की मौत को लेकर उसके साथ गए एक युवक पर गंभीर संदेह जताया है और आरोप लगाया है कि कृष्ण राम को ससुराल जाते समय मोटरसाइकिल पर बरनाला मेले में ले गया था, जिसके बाद उसका शव बरनाला की अनाज मंडी के पास मिला. पुलिस ने शव की पहचान के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है. कृष्ण राम के बारे में बताया गया है कि वह करीब ढाई साल पहले शादीशुदा था और पेंटर का काम करता था; परिवार में पत्नी और एक साल का बेटा है. परिजनों ने कहा कि कृष्ण राम के पास मोबाइल फोन और कुछ नकद थे, और परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि सच सामने आ सके. इस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस जांच कर रही है.
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रोहतास में हत्या मामले की CID ने आज जांच शुरू की, इलाके में तनाव

Sasaram, Bihar:खबर रोहतास जिला से है। 5 अगस्त को दिनारा थाना के जोगिया में मजदूर की हत्या के मामले में बिहार सरकार के CID की टीम आज जांच करने पहुंची है। CID के DIG जयंत कांत के नेतृत्व में टीम जोगिया और मिल्की मनिहारी गांव का दौरा करेगी और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर जानकारी इकट्ठा करेगी। बताया गया कि 5 अगस्त को किसान अजीत तिवारी ने अपने ही मजदूर चंदेश्वर चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद इलाके में उपद्रव हुआ था जिसमें आगजनी और तोड़फोड़ हुई। पुलिस ने आरोपी अजीत तिवारी को उत्तर प्रदेश के गैजीपुर से गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद इलाके में तनाव है। CID की टीम दिनारा पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। CID के DIG जयंत कांत ने कहा कि मामले की जाँच CID अपने स्तर से कर रही है और घटनाक्रम का अवलोकन किया जा रहा है।
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राज्य के स्कूलों में बाल वाटिका केयरटेकर नियुक्ति में देरी से संचालन प्रभावित

Jaipur, Rajasthan:जयपुर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाल वाटिकाओं के संचालन को लेकर शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। शिक्षा सत्र शुरू हुए कई महीने बीतने के बावजूद बाल वाटिकाओं में केयरटेकर और सहयोगी सफाईकर्मियों की नियुक्ति के आदेश अब तक जारी नहीं हो पाए हैं। इसके चलते बाल वाटिकाओं का संचालन करने वाले स्कूलों को रोजमर्रा की व्यवस्थाओं में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बाल वाटिकाओं में छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा के साथ उनकी देखभाल और सुरक्षा की भी जरूरत होती है। ऐसे में केयरटेकर की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। विभाग की ओर से केयरटेकर और सहयोगी सफाईकर्मी लगाए जाने की योजना तो बनाई गई, लेकिन आदेश जारी नहीं होने से इसका लाभ स्कूलों को नहीं मिल पा रहा है। छोटे बच्चों की देखभाल के साथ कक्षा की व्यवस्थाएं संभालना शिक्षकों के लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा है। खासकर ऐसे विद्यालय, जहां बाल वाटिका में बच्चों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त कर्मचारी की जरूरत महसूस की जा रही है। सफाई व्यवस्था को लेकर भी स्कूलों को स्वयं इंतजाम करने पड़ रहे हैं शिक्षा विभाग की योजनाओं को समय पर लागू करने को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। अब बाल वाटिकाओं में केयरटेकर और सहयोगी सफाईकर्मियों की नियुक्ति के आदेश में हो रही देरी से योजना के उद्देश्य पर ही असर पड़ रहा है।
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