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वडोदरा के मुक्तिधाम क्लासेस में सुरक्षा नहीं, मौत का खतरा सवार

Noida, Uttar Pradesh:लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी भयानक आग के बाद भी वडोदरा का प्रशासनिक तंत्र और क्लासेस संचालक अभी तक जागे नहीं हैं। सूरत के तक्षशिला अग्निकांड जैसी ही बड़ी आपदा वडोदरा में कभी भी घट सकती है। ज़ी मीडिया की टीम ने जब वडोदरा के सयाजीगंज इलाके में स्थित डेरीडेन सर्कल के पास ''मुक्तिधाम कॉम्प्लेक्स'' में रियलिटी चेक किया, तो जो दृश्य सामने आए वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। यहाँ विद्यार्थियों को शिक्षा नहीं, बल्कि सीधा मौत परोसी जा रही हो, ऐसा लग रहा है!\n\nइन दृश्यों को देखिए... यह है सयाजीगंज का मुक्तिधाम कॉम्प्लेक्स। यहाँ तीसरी और चौथी मंजिल पर ''श्रीजी क्लासेस'' और ''प्रतीक क्लासेस'' नाम के ट्यूशन क्लास चलते हैं। सैकड़ों विद्यार्थी यहाँ अपने भविष्य की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि वे कभी भी काल का ग्रास बन सकते हैं।\nइस पूरी बिल्डिंग में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी है! कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं है। बिल्डिंग में कहीं बालकनी भी नहीं है। अगर गलती से भी आग लगती है, तो विद्यार्थियों के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता ही नहीं बचता। विद्यार्थियों ने कहा कि अगर यहाँ आग लगेगी तो हमारे पास बिल्डिंग से नीचे कूदने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। अगर नीचे कूदेंगे तो भी मर जाएंगे और अंदर रहेंगे तो भी जलकर राख हो जाएंगे... साथ ही उन्होंने यह भी खुलासा किया कि फायर सेफ्टी के उपकरण चलाने की भी कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई है।\n\nबाइट 1: श्रुति भट्ट - छात्र\nबाइट 2: रुद्रा दर्जी- छात्र\n\nअब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है? कि वडोदरा का फायर विभाग और महानगरपालिका क्या आँखें मूंदकर बैठी है? जहाँ एंट्री और एग्जिट का एक ही संकरा रास्ता हो, वहाँ फायर विभाग ने NOC कैसे दे दी? क्या फायर ब्रिगेड के भ्रष्ट अधिकारियों ने मोटी ''रिश्वत'' लेकर मासूमों की जिंदगी का सौदा कर दिया है? प्रशासन अब और कितने मासूमों के बलिदान का इंतजार कर रहा है? ज़ी मीडिया के इस रियलिटी चेक के बाद क्या इस ''मौत के कुएं'' जैसे क्लासेस के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई की जाएगी? यह सवाल उठना लाजिमी है।\n\nकैमरामैन मुकुंद दवे के साथ रवि अग्रवाल\nज़ी मीडिया, वडोदरा
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यमुनानगर में किसान यूनियन का भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में बड़ा प्रदर्शन

Yamuna Nagar, Haryana:यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के bैनर तले किसानों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। किसान nकन्हैया साहिब चौक से लघु सचिवालय तक पैदल march निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में सैकड़ों किसान शामिल हुए। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों को नजरअंदाज कर कोई समझौता किया गया तो देशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा। यमुनानगर में आज भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के आह्वान पर किसानों ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। किसान कन्हैया साहिब चौक पर एकत्रित हुए और वहाँ से पैदल march निकालते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि और किसान हितों की रक्षा की मांग उठाई। किसान नेताओं का कहना है कि यदि इस ट्रेड डील पर हस्ताक्षर होते हैं तो इसका सीधा असर भारतीय किसानों पर पड़ेगा। उनका आरोप है कि समझौते के बाद अमेरिका से कृषि उत्पाद और खाद्य सामग्री कम शुल्क या बिना शुल्क के भारत में आ सकती है, जिससे घरेलू बाजार में भारतीय किसानों की फसलों के दाम प्रभावित होंगे। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने कहा कि अमेरिका में बड़े स्तर पर व्यावसायिक खेती की जाती है, जबकि भारत का किसान छोटी जोतों पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। ऐसे में भारतीय किसान अमेरिकी किसानों से प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएगा। बाइट : संजू गुदियाना,भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) नेता "हमें सूचना मिली है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके विरोध में पूरे देश में जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। यदि यह डील लागू होती है तो भारतीय किसानों को भारी नुकसान होगा। 25 जून को चंडीगढ़ स्थित किसान भवन में देशभर के किसान और मजदूर संगठनों की बैठक होगी, जिसमें बड़े आंदोलन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। जरूरत पड़ी तो संसद, दिल्ली और मंत्रियों के घेराव जैसे कदम भी उठाए जाएंगे।" किसानों ने सरकार से इस प्रस्तावित समझौते पर पुनर्विचार करने की मांग की है और चेतावनी दी है कि किसानों के हितों के खिलाफ कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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अंबाला के कपड़ा मार्केट में मानसून से पहले प्रशासन का पीला पंजा, जलभराव रोकथाम

Ambala, Haryana:मानसून की दस्तक के साथ ही शहरों में जलभराव की चिंता सताने लगती है, लेकिन इस बार अंबाला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अंबाला शहर में स्थित एशिया की सबसे बड़ी होलसेल कपड़ा मार्केट में मानसून से पहले नगर निगम ने जलभराव की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए अतिक्रमण पर अपना पीला पंजा चलाया है। जहां दुकानदारों ने कार्रवाई का स्वागत किया। मानसून की दस्तक से पहले अंबाला नगर निगम पूरी तरह से एक्शन मोड में नजर आ रहा है। एशिया की सबसे बड़ी होलसेल कपड़ा मार्केट के नाम से मशहूर अंबाला शहर की इस मार्केट में आज नगर निगम का 'पीला पंजा' जमकर गरजा। नालों के ऊपर किए गए अवैध अतिक्रमण और थड़ों को हटाने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, ताकि इस बार बरसात के मौसम में व्यापारियों और आम जनता को जलभराव के दंश से न जूझना पड़े। व्यापारियों का कहना है कि हर साल करोड़ों का कपड़ा जलभराव के कारण बर्बाद हो जाता है। यही वजह है कि अमूमन तौर पर पीला पंजा चलने का विरोध करने वाले दुकानदार इस बार खुद आगे बढ़कर इस प्रशासनिक कार्रवाई का स्वागत कर रहे हैं और पूरा सहयोग दे रहे हैं। अंबाला शहर स्थित एशिया की सबसे बड़ी होलसेल कपड़ा मार्किट में कई राज्यों से ग्राहक व वयापारी खरीददारी करने आते हैं लेकिन मानसून में कपड़ा मार्किट में जलभराव की समस्या के चलते व्यापरियों को खासा नुकसान उठाना पड़ता था। जिसके चलते निगम ने इस बार अतिक्रमण हटाने और नालों की सफाई का निर्णय लिया। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि यह विशेष अभियान अगले 3 दिनों तक लगातार जारी रहेगा। इस दौरान कपड़ा बाजार के उन सभी हिस्सों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे जहां मैनहोल ब्लॉक हैं या नालों की सफाई में बाधा आ रही है। व्यापारियों के इस सकारात्मक रुख के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि इस मानसून अंबाला की इस ऐतिहासिक कपड़ा मार्केट को जलभराव की पुरानी समस्या से हमेशा के लिए निजात मिल सकेगी।
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मैथली ठाकुर का विपक्ष पर वार: कानून से ऊपर कोई नहीं

Noida, Uttar Pradesh:BJP विधायक मैथली ठाकुर ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा- मेरे नाम से झूठे, मनगढ़ंत और भ्रामक बयान फैलाकर मुझे बदनाम करने की साजिश लगातार की जा रही है. मेरे नाम से झूठे, मनगढ़ंत और भ्रामक बयान फैलाकर मुझे बदनाम करने की साजिश लगातार की जा रही है। महागठबंधन के कुछ लोग और मेरे राजनीतिक विरोधी फर्जी पोस्टर एवं फर्जी बयानबाजी के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। मैं सभी नागरिकों से स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूँ कि मेरे किसी भी बयान पर तभी विश्वास करें जब उसे मेरे आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मुझे स्वयं बोलते हुए देखें या सुनें। मेरे फोटो के साथ लिखी गई किसी भी बात को मेरा आधिकारिक बयान न मानें।जहाँ तक भरत तिवारी प्रकरण का सवाल है, मैं स्पष्ट मानती हूँ कि भारत में कानून सर्वोपरि है और किसी को भी कानून से ऊपर जाकर कार्य करने का अधिकार नहीं है। यदि कोई व्यक्ति आत्मसमर्पण कर चुका हो, तो उसके साथ कानून के अनुसार व्यवहार होना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति स्वीकार्य नहीं है। जो भी व्यक्ति, पुलिस अधिकारी, अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर कानून से ऊपर जाकर कार्य करता है, उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। झूठ फैलाना, भ्रम पैदा करना और समाज को गुमराह करना कुछ लोगों की राजनीति हो सकती है, लेकिन मेरी राजनीति सत्य, न्याय और कानून के शासन में विश्वास करती है。
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टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा का अनशन जारी, एक अनशनकारी की तबियत बिगड़ी

New Tehri, Uttarakhand:टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा का अनशन जारी, एक अनशनकारी की तबियत बिगड़ी. anchor - टिहरी बाँध से मिलने वाली रायलटी का लाभ बाँध प्रभावित क्षेत्र को दिए जाने, बाँध प्रभावित परिवारों को निशुल्क बिजली पानी दिए जाने सहित अन्य मांगो को लेकर टिहरी गढ़वाल जन अधिकारी संघर्ष मोर्चा के 4 पदाधिकारियो का खेट पर्वत पर अनशन जारी है, वही सोमवार को एक अनशनकारी की तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है,अनशनकारियों द्वारा शासन प्रशासन द्वारा अभी तक वार्ता या कोई सुध नहीं लिए जाने पर आक्रोश जताया है और जल्द इस ओर ध्यान नहीं देने पर आंदोलन को ओर उग्र करने की चेतावानी दी है. वही मामले मे डीएम ने उचित कार्यवाई का आश्वासन दिया है.
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परिवहन विभाग ने स्कूल बस चालकों के लिए मासिक प्रशिक्षण शुरू किया

Dehradun, Uttarakhand:सड़क सुरक्षा मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग ने नई पहल की है। आरटीओ प्रवर्तन डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि अब स्कूल बस और स्टेज कैरिज चालकों के लिए हर माह प्रशिक्षण व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसकी शुरुआत 24 जून को IDTR झाझरा से होगी, जिसमें 45 स्कूल बस चालक और अटेंडेंट शामिल होंगे। विभाग ने हर महीने 600 चालकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इन सत्रों में स्कूल बसों के नए नियमों और बच्चों की सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा। साथ ही सभी चालकों को फर्स्ट रिस्पोंडर ट्रेनिंग भी दी जाएगी, ताकि हादसे के वक्त वे तुरंत मदद कर सकें। डॉ. चमोला ने कहा कि सभी प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क हैं। मकसद सुदूरवर्ती और इंटीरियर रूटों पर भी नियमों का कड़ाई से पालन कराना है。
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दिल्ली महरोली में 11 साल की बच्ची के साथ रेप-हत्या: ड्राइवर गिरफ्तार

Delhi, Delhi:न्यूज़ फ्लैश-- दिल्ली के महरोली में 11 साल की बच्ची के साथ दरिंदगी.. किडनैपिंग रेप और हत्या का मामला आया सामने सोमवार यानी 22 जून की सुबह एक 10 साल की मासूम नाबालिग लड़की को टैक्सी ड्राइवर ने पहले किडनैप किया फिर उसके साथ रेप किया* दरिंदगी को बच्ची के साथ अंजाम देने के बाद आरोपी ड्राइवर ने बच्ची की हत्या कर दी लाश को जंगल में ठिकाने लगाया जिसके बाद परिवार ने गुमशुदगी की जब रिपोर्ट दर्ज करवाई महरौली थाने की पुलिस ने CCTV फुटेज और ह्यूमन इंटेलिजेंस की मदद से महज 4 घण्टे के अंदर आरोपी टैक्सी ड्राइवर को किया गिरफ्तार लाश भी की बरामद आरोपी से पूछताछ जारी
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धामी सरकार की हरिद्वार भूमि घोटाले में ऐतिहासिक कार्रवाई, 12 से अधिक अधिकारी निलंबित

Dehradun, Uttarakhand:हरिद्वार नगर निगम के भूमि घोटाले में धामी सरकार की कार्रवाई राज्य के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े फैसले के रूप में मानी जा रही है. आज तक के राज्य के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में अफसर और कर्मचारियों पर सख्त कार्यवाही नहीं हुई थी. हरिद्वार नगर निगम ने 15 करोड़ की जमीन 54 करोड़ में खरीद कर जो भ्रष्टाचार किया था... उस पर सरकार पहले दिन से सतर्क और गंभीर दिखाई दे रही थी... मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल प्रथम दृष्टिया आरोपी मानते हुए डीएम कर्मेंद्र सिंह, नगर आयुक्त वरुण चौधरी, एसडीएम अजयवीर समेत 12 से ज्यादा अधिकारी और कर्मचारियों को निलंबित कर तत्काल जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने शासन को जो जांच रिपोर्ट दी थी... उसी से सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने का मजबूत आधार बनना शुरू हो गया था. सचिव की जांच रिपोर्ट के बाद इस पूरे मामले पर विभागीय जांच भी शुरू हुई थी... उसके बाद मुख्यमंत्री ने विजिलेंस जांच के भी आदेश दिए थे... जिसके बाद चारों ओर से जांच में घिरे आरोपियों के षड्यंत्र और मिलीभगत का भी पर्दाफाश हुआ है. आपको बता दे की जांच में दोषी पाए गए ज्यादातर अधिकारी और कर्मचारी पिछले 1 साल से निलंबित चल रहे हैं. ओर अब सीएम धामी के निर्देश पर हुई इस कार्यवाही ने भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल पैदा कर दी है. हरिद्वार भूमि घोटाले में राज्य के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई, 2002 में पहली बार पटवारी भर्ती घोटाले में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन डी तिवारी ने पौड़ी के तत्कालीन जिलाधिकारी को निलंबित किया था, नगर निगम हरिद्वार में यह घोटाला 6000 प्रति वर्ग मीटर की जमीन को 25000 रुपए प्रति वर्ग मीटर में खरीदने से जुड़ा है, तत्कालीन उप जिलाधिकारी अजय वीर सिंह ने जमीन का भूमि उपयोग भी बदल दिया था, मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी की बर्खास्त की संस्कृति की गई है, तत्कालीन डीएम कर्मेंद्र सिंह के निलंबन की अवधि बढ़ाने की सिफारिश हो चुकी है, इस मामले में 10 अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए, भाजपा विधायक दुर्गेशलाल ने कहा कि उत्तराखंड में धामी है तो मुमकिन है... क्योंकि मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, सराहनीय पहल के रूप में जनता के बीच लोकप्रिय है. भाजपा विधायक ने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस कैसे किया जाता है इसका उदाहरण सीएम धामी से सीखना चाहिए. भाजपा संगठन भी मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत कर रहा है. भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी राज्य में विकास की नई गाथा लिख रहे हैं... भ्रष्टाचार पर भी सख्त कार्रवाई करके भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. भाजपा नेता ने कहा कि पहले युवाओं को नकल विरोधी कानून लाकर भर्ती परीक्षा को पारदर्शी करने का कार्य किया गया है, उसके बाद सख्त भू कानून लाकर प्रदेश की जमीनों को भू माफिया से बचाने का काम किया गया है , और अब भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाले अधिकारी कर्मचारियों पर भी कठोर कार्रवाई करने का काम किया गया है. कांग्रेस पार्टी भी मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत कर रही है... लेकिन कांग्रेस साथ में सवाल खड़े कर रही है कि आखिर भ्रष्टाचार के मामले में अधिकारियों को भी संरक्षण देने वाले नेताओं पर कार्रवाई करने से भाजपा क्यों डर रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि अब चुनावी वर्ष है तो जनता को दिखाने के लिए कुछ ना कुछ कार्रवाई तो भाजपा सरकार को करनी ही थी।
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सीहोर में लड़की बनकर दोस्ती कर 17 लाख की धोखाधड़ी: पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार

Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर जिले के भैरुंदा के युवक को सोशल मीडिया पर खुद को लड़की बताने वाले व्यक्ति से पहचान हुई। बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदल गई और आरोपी ने फरियादी का विश्वास जीत लिया। इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग माध्यमों और ट्रांजेक्शन के जरिए उससे लगातार पैसे लेना शुरू कर दिए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 7 लाख रुपये नकद, बैंक खाते में जमा 2 लाख 15 हजार रुपये फ्रीज कराए हैं। वहीं ठगी की रकम से खरीदा गया आईफोन 17 प्रो और एक अन्य मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। कुल मिलाकर करीब 11 लाख रुपये का माल बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया है और शेष राशि के संबंध में पूछताछ जारी है। यह मामला सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने और उन पर आंख मूंदकर भरोसा करने के खतरों को भी उजागर करता है।
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