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Mohmmad SiddiqueMohmmad SiddiqueFollow29 Jan 2025, 10:01 am

महराजगंजः जिले में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना​ का शुभारम्भ

Tola Kishunpur, Uttar Pradesh:

महराजगंज में राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना का प्रारम्भ किया गया है। ऐसे युवा जिनकी उम्र 21 से 40 वर्ष है और शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 पास के साथ किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय या शैक्षणिक संस्थान से कौशल सम्बन्धी सर्टिफिकेट कोर्स भी प्राप्त किया गया है, उन युवाओं को रू 5 लाख तक के परियोजनओं पर उद्योग और सेवा क्षेत्र के लिए ऋण अगले 4 वर्षों के लिये दिया जायेगा। एक लाख युवाओं को प्रतिवर्ष और 10 वर्ष में कुल 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जाने का लक्ष्य है। 5 लाख तक के उद्योग और सेवा परियोजनाओं पर 100% ब्याज मुक्त और बिना गारंटी के ऋण है। 

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देहरादून अस्पताल सुरक्षा गार्डों की बर्बरतापूर्ण पिटाई वीडियो वायरल

Noida, Uttar Pradesh:देहरादून के डोईवाला स्थित स्वामी राम हिमालयन अस्पताल (HIMS) में सुरक्षा गार्डों द्वारा एक युवक की बर्बरतापूर्ण पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने राजधानी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षाकर्मियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि अस्पताल के सुरक्षा गार्ड एक युवक को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों और डंडों से बेरहमी से पीट रहे हैं। हद तो तब हो गई जब एक गार्ड युवक के चेहरे को अपने जूते से कुचलता हुआ नजर आया। युवक खुद को बचाने के लिए गार्डों के पैर पकड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन गार्डों का दिल नहीं पसीजा। यह घटना 27 मार्च के आसपास की है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि युवक एक छात्रा के साथ मारपीट करने आया था, जिसके जवाब में गार्डों ने उसे पकड़ा। पुलिस ने पहले अस्पताल की शिकायत पर तीन युवकों को गिरफ्तार किया था, लेकिन अब इस अमानवीय पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने सुरक्षा गार्डों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि 'ज़ी मीडिया' नहीं करता है。
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66 करोड़ रुपये के वित्त आयोग फंड से ग्रामीण विकास योजनाओं को गति मिलेगी

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:गेल्या काही वर्षांपासून प्रतीक्षेत असलेला जिल्हा परिषदेला १५ व्या वित्त आयोगाचा तब्बल ६६ कोटी रुपयांचा थकीत निधी शासनाकडून प्राप्त झाला आहे. प्रशासक राजवट संपल्यानंतर मिळालेल्या या मोठ्या निधीमुळे जिल्ह्यातील रखडलेल्या विकासकामांना आता गती मिळणार आहे. जिल्हा परिषद आणि पंचायत समित्यांवर २१ मार्च २०२२ पासून प्रशासक नियुक्त असल्याने वित्त आयोगाचा निधी रोखण्यात आला होता. निधीअभावी गेल्या चार वर्षांपासून जिल्हा परिषदेचे अनेक विकास आराखडे केवळ कागदावरच राहिले होते. प्रशासकीय राजवटीमुळे विकासकामांची गती मंदावली होती, मात्र आता निधी उपलब्ध झाल्याने ग्रामीण भागातील रस्ते, पाणी आणि इतर मूलभूत सुविधांच्या कामांना प्रत्यक्ष सुरुवात होण्याचा मार्ग मोकळा झाला आहे..
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यूपी पंचायत चुनाव: हाईकोर्ट आज सुनवाई के साथ नियमों पर निर्णय संभव

Prayagraj, Uttar Pradesh:प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट से जुड़ी बड़ी ख़बर, पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग वाली याचिका पर आज सुनवाई, पंचायत चुनाव की मांग वाली याचिका पर हाईकोर्ट में आज होगी महत्वपूर्ण सुनवाई, राज्य निर्वाचन आयोग का हाईकोर्ट में दाखिल हो चुका है जवाब, पंचायत चुनाव समय से कराए जाने के पक्ष में है राज्य निर्वाचन आयोग, अधिवक्ता इम्तियाज़ हुसैन की तरफ से दाखिल की गई है जनहित याचिका, कार्यकाल ख़त्म होने से पहले पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी कराए जाने की मांग याचिका में की गई है, 26 मई 2026 को यूपी में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है, हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान कहा था कि नियमों के अनुसार पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया नहीं जा सकता है, राज्य निर्वाचन आयोग से हाईकोर्ट ने पूछा था कि पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 26 मई तक पूरा करना संभव है या नहीं, राज्य निर्वाचन आयोग के जवाब दाखिल करने के बाद हाईकोर्ट में आज महत्वपूर्ण सुनवाई होगी।
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नैनीताल के गाड़ियूड़ा गाँव अब खंडहर, पलायन और बुनियादी सुविधाओं का संकट

Noida, Uttar Pradesh:घोस्ट विलेज़ में तब्दील नैनीताल का गाड़ियूड़ा गाँव एंकर ने कहा सरकारें भले ही “रिवर्स पलायन” और गांवों को पर्यटन से जोड़ने के दावे कर रही हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। नैनीताल जिले के धारी ब्लॉक का गाड़ियूड़ा गाँव आज पूरी तरह खंडहर में तब्दील हो चुका है। कभी 500 से अधिक परिवारों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाला यह गाँव अब सन्नाटे में डूबा हुआ है। टूटी छतें, जर्जर दीवारें और बंद दरवाजों पर लटकते ताले इस गाँव के उजड़ने की कहानी खुद बयां करते हैं। गांव की पगडंडियों से जो लोग रोजगार, शिक्षा और बेहतर जीवन की तलाश में शहरों की ओर गए, वे फिर कभी लौटकर नहीं आए। आज हालात यह हैं कि गाँव की आबादी घटकर महज 30 से 35 लोगों तक सिमट गई है, जिनमें ज्यादातर बुजुर्ग हैं। सूने रास्तों पर बैठकर ये बुजुर्ग आज भी अपनों के लौटने का इंतजार करते नजर आते हैं। पिछले एक दशक में गाड़ियूड़ा गाँव से तेजी से पलायन हुआ है। रोजगार के सीमित साधन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने लोगों को गाँव छोड़ने पर मजबूर कर दिया। गाँव के मरीजों को इलाज के लिए 110 किलोमीटर दूर हल्द्वानी या 60 किलोमीटर दूर पहाड़पानी और पदमपुरी जाना पड़ता है। ऐसे में आपात स्थिति में कई बार जान पर बन आती है। गाँव में बेहतर स्कूल न होने के कारण परिवार अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए शहरों की ओर पलायन कर गए। कुछ बच्चे आज भी कई किलोमीटर पैदल चलकर स्कूल जाते हैं, लेकिन अधिकांश परिवार स्थायी रूप से गाँव छोड़ चुके हैं। गाँव के आसपास रोजगार की बेहतर व्यवस्था और बेहतर स्वास्थ्य सेवा न होने के चलते भी अब गाँव में तेजी से पलायन हो गया है। एक समय गाड़ियूड़ा गाँव सब्जी और दुग्ध उत्पादन के लिए जाना जाता था। यहाँ के किसान आलू, मटर, टमाटर, शिमला मिर्च और गडेरी की खेती कर शेरों की बड़ी मंडी में भेजा करते थे जिससे किसानों को अच्छी आय अर्जित होती थी लेकिन बीते कुछ वर्षों में जंगली सूअर और बंदरों के बढ़ते आतंक ने खेती को बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि फसलें लगातार नष्ट होने के कारण उन्होंने खेती और पशुपालन से दूरी बना ली है। मौसम की मार ने भी किसानों की कमर तोड़ दी है। गाँव तक आज भी सड़क नहीं पहुंची है। ग्रामीणों को करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। इससे मरीजों, बुजुर्गों और किसानों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालाँकि अब सड़क निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन गाँव के बुजुर्गों की पीड़ा इस एक वाक्य में साफ झलकती है—“सड़क़ पहले आएगी या सांस पहले छूट जाएगी, पता नहीं।” ग्रामीण प्रकाश जोशी कहते हैं कि जंगली जानवरों और मौसम की मार से खेती करना मुश्किल हो गया है, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए शहरों की ओर जाना पड़ रहा है। वहीं त्रिलोचन जोशी का कहना है कि शिक्षा और रोजगार की कमी ने गाँव को खाली कर दिया है, सरकार को पलायन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
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लखीसराय नदी की खुदाई में शिवलिंग मिला, भक्तों में चमत्कार का उत्साह

Lakhisarai, Bihar:जहां आस्था और चमत्कार की एक अनोखी तस्वीर सामने आई है। किऊल नदी में खुदाई के दौरान शिवलिंग मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दिनकर शिव नारायण घाट पर 2 से 12 मई तक विष्णु महायज्ञ की तैयारी चल रही है। यज्ञ कमेटी द्वारा जेसीबी और ट्रैक्टर से नदी में सफाई और खुदाई कराई जा रही है, तभी मिट्टी के अंदर से एक शिवलिंग निकलने की खबर सामने आई। स्थानीय लोगों का दावा है कि इसी दौरान दो शेषनाग भी दिखाई दिए, जो कुछ ही क्षण में नदी के दूसरे छोर की ओर चले गए। खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। श्रद्धालु धूप-अगरबत्ती जलाकर शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने लगे और 'हर हर महादेव' के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। लोग इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। यज्ञ कमेटी के अनुसार 2 अप्रैल को विधिवत ध्वजा रोपण किया जाएगा और मिले शिवलिंग को यज्ञ स्थल पर स्थापित किया जाएगा。
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स्कूटी पर शराब तस्करी: मसौढ़ी में 582 बोतल अंग्रेजी शराब जप्त, एक गिरफ्तार

Masaurhi, Bihar:स्कूटी से शराब की तस्करी। पुलिस पहुंची। 582 बोतल अंग्रेजी शराब जप्त। एक गिरफ्तार। मसौढ़ी कादिरगंज थाना क्षेत्र स्थित रघुनाथपुर जाने वाली सड़क पर से एक शराब तस्कर को अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। मामला बीते सोमवार देर रात का है। कादिरगंज थाना क्षेत्र पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति अंग्रेजी शराब स्कूटी से लेकर जाने वाला है। सूचना के आलोक में पुलिस देर रात को ही पीछे लगी। सड़क मार्ग पर स्कूटी सवार को रोका गया। इसपर वह भागने लगा। किसी तरह उसे पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान पास स्थित खेत में अंग्रेजी शराब मिली। मसौढ़ी एएसपी कोमल मीणा ने बताया कि आरोपी कादिरगंज थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके ऊपर पूर्व से ही कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। मौके से 582 बोतल अंग्रेजी शराब जप्त की गई है।
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पाकुड़ में दुर्लभ स्मॉल इंडियन सिवेट का सुरक्षित रेस्क्यू: ग्रामीणों के बीच कौतूहल

Pakur, Jharkhand:स्लग - रेस्क्यू / 1 APRIL एरिया - पाकुड़ रूटीन जानकारी के बिना नीचे दिया गया हिस्सा: एक दुर्लभ वन्यजीव 'स्मॉल इंडियन सिवेट' (कस्तूरी बिल्ली) रिहायशी इलाके में देखी गई...दिनदहाड़े गांव की गलियों और घरों के पास घूमते इस जीव को देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी...जिसके बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर इसे सुरक्षित रेस्क्यू किया...स्थानीय भाषा में 'कबर' या 'कस्तूरी बिल्ली' के नाम से पहचानी जाने वाली यह सिवेट काफी देर तक गांव की सड़कों और घरों के आसपास घूमती रही...आबादी वाले क्षेत्र में इस वन्यजीव की उपस्थिति से लोगों में कौतूहल बना रहा...ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम के सदस्य अशरफुल शेख तुरंत मौके पर पहुंचे...उन्होंने ग्रामीणों को शांत करते हुए कुशलतापूर्वक इस दुर्लभ वन्यजीव का सुरक्षित रेस्क्यू किया...अशरफुल शेख ने बताया कि यह एक 'स्मॉल इंडियन सिवेट' है, जो अब कम ही देखने को मिलती है...वन विभाग अब इसे सुरक्षित प्राकृतिक आवास (जंगल) में छोड़ दिया...स्थानीय लोगों के अनुसार, यह सिवेट रात में अधिक सक्रिय रहती है और आमतौर पर नदी के किनारे, कब्रिस्तान या श्मशान जैसे स्थानों पर रहना पसंद करती है...वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से वन्यजीव को सुरक्षित बचाया जा सका...इसकी लंबाई लगभग 50-70 सेमी होती है और इसकी पूंछ 40-55 सेमी लंबी होती है...इसका वजन आमतौर पर 2 से 5 किलोग्राम के बीच होता है...इसके शरीर पर भूरे या पीले रंग के फर पर काले धब्बे होते हैं और इसकी लंबी पूंछ पर काले और सफेद छल्ले बने होते हैं
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प्रयागराज के फुटपाथ दुकानदार ने जुगाड़ से बनाई भट्टी, गैस संकट के बीच कारोबार बचाया

Prayagraj, Uttar Pradesh:संगम नगरी प्रयागराज में फुटपाथ दुकानदार का इनोवेशन, गैस सिलेंडर मिलने में हुई दिक्कत तो दुकानदार ने तैयार की ख़ास भट्टी। इस नई तकनीक में कबाड़ के सामान से अमन गुप्ता ने एक ख़ास भट्टी तैयार की है, जो बेहद कम खर्च में ज्यादा मुनाफा दे रही है। ब्लोवर फैन और एक बॉटल का उपयोग करके बनाई गई यह भट्टी जले हुए मोбиआयल से चलती है। प्रयागराज के मीरापुर स्थित फुटपाथ के दुकानदार अमन गुप्ता ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर मिलने में दिक्कत शुरू होने पर उन्हें दुकान बंद करनी पड़ी, जिससे रोजी-रोटी संकट खड़ा हो गया। उन्होंने मोबाइल फोन पर जानकारी पाकर यूट्यूब से यह भट्टी तैयार करने की तरकीब सीखी और 4-5 घंटे की मेहनत के बाद सफलता मिली। भट्टी बेहद कम खर्च में तैयार होती है और इसकी आंच गैस सिलेंडर की आंच से कई गुना तेज है। भविष्य में गैस सिलेंडर संकट खत्म हो भी जाए, वह इसी भट्टी से अपनी दुकान चलाने पर विश्वास रखते हैं।
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