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Ashwani AwasthiAshwani AwasthiFollow29 Aug 2024, 03:58 am
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बारामती के प्रशिक्षण विमान हादसों के बाद सुरक्षा कड़ी करनी होगी

Rui, Maharashtra:बारामती तालुक्यात शिकाऊ प्रशिक्षण विमान केंद्रावरील विमाने हवेत उड्डाण घेतल्यानंतर अनेक वेळा कोसळल्याच्या घटना घडल्या आहेत. 28 जानेवारीला राज्याचे उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या विमानाला ज्या गावात अपघात झाला, त्याच गावात पुन्हा विमान कोसळले आहे. वारंवार ही शिकाऊ विमाने बारामतीसह इंदापूर तालुक्यातही कोसळत आहेत. त्यामुळे बारामतीकरांमध्ये भीतीचे वातावरण आहे. बारामती तालुक्यातील रेड बर्ड आणि कारवर एव्हिएशन या दोन विमान प्रशिक्षण संस्थांची विमाने कोसळण्याची घटना अनेक वेळा घडल्या आहेत. दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांच्या विमान अपघाताची आठवण आजच्या अपघाताने पुन्हा ताजी झाली. आज सकाळी तांत्रिक बिघाडामुळे एक प्रशिक्षण विमान प्रशिक्षण केंद्रावरच कोसळले. सुदैवाने यात कोणतीही जीवितहानी झाली नाही. याआधी 13 मे 2026 रोजीही असेच एक विमान गोजूबावीच्या शेतात उतरले होते. त्यातही कोणतीही जीवितहानी झाली नव्हती. बारामतीत विमान प्रशिक्षण केंद्र 1996 मध्ये सुरू झाले. महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडळाने बारामती विमानतळ बांधला. हा विमानतळ खाजगी विमाने आणि पायलट प्रशिक्षणासाठी वापरला जातो. बारामतीत कारवर एव्हिएशन आणि रेड बर्ड या दोन खाजगी संस्था विद्यार्थ्यांना विमान चालवण्याचे प्रशिक्षण देतात. या शिकाऊ विमानांचे आतापर्यंत बारामती परिसरात 6 हून अधिक अपघात झाले आहेत. मात्र यात कुठलीही जीवितहानी झाली नाही. 5 फेब्रुवारी 2019 ला इंदापूर तालुक्यातील रुई गावात विमान कोसळले होते. बारामती तालुक्यातील मेखळी येथे नीरा नदीतही एक विमान कोसळले होते. 25 जुलै 2022 रोजी इंदापूर तालुक्यातील कडबनवाडी येथे कार्व्हर एव्हिएशनचे विमान तांत्रिक बिघाडामुळे मक्याच्या शेतात कोसळले. यात महिला पायलट भाविका राठोड किरकोळ जखमी झाल्या होत्या. बारामतीहून उड्डाण घेतले हे विमान दादाराम बाराते यांच्या शेतात कोसळले होते. कटफळ गावाच्या हद्दीत रेल्वे रुळाजवळ दोन वेळा, तर गाडीखेल गावाच्या हद्दीत एकदा अपघात झाला आहे. गोजूबावी हे गाव वारंवार विमान अपघातांमुळे चर्चेत आहे. ऑक्टोबर 2023 मध्ये गोजूबावी जवळ एक ट्रेनिंग एअरक्राफ्ट दुर्घटनाग्रस्त झाले होते. त्यानंतर 28 जानेवारी 2026 ला उपमुख्यमंत्री अजित पवार यांचा अपघात याच गावाच्या हद्दीत झाला. आणि आता 13 मे 2026 ला पुन्हा एक विमान येथेच कोसळले होते आज परत याच ठिकाणी तांत्रिक कारणामुळे विमान कोसळले असले तरी जीवितहानी झाली नसल्याचे पोलीस प्रशासनाने सांगितले.
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कोटा के अन्नपूर्णा रसोई में घटिया खाना, 8 के बजाय 10 रुपये वसूले जा रहे

Kota, Rajasthan:रामगंजमंडी की अन्नपूर्णा रसोई में घटिया भोजन: आठ की जगह वसूले जा रहे 10 रुपये आटे-सब्जी में मिले कीड़े, बस स्टैंड स्थित रसोई पर भड़के लोग कांग्रेस नेताओं ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग रामगंजमंडी (कोटा)। शहर के बस स्टैंड पर संचालित अन्नपूर्णा रसोई में जरूरतमंदों की सेहत और जेब के साथ खिलवाड़ का मामला सामने आया है। भोजन की खराब गुणवत्ता और अवैध वसूली को लेकर रसोई में लोगों ने जोरदार हंगामा किया। खाना खाने पहुंचे लोगों का आरोप है कि थाली में परोसी गई दाल पानी जैसी पतली थी, वहीं सब्जी और आटे में बरसाती कीड़े मिले। सरकार द्वारा तय 8 रुपये की जगह ग्राहकों से 10 रुपये वसूले जा रहे हैं। पांच रोटी के बाद अतिरिक्त रोटी मांगने पर अलग से पैसे मांगे जा रहे हैं। मामले की सूचना पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन बाबेल और जिला उपाध्यक्ष विजय गौतम मौके पर पहुंचे और रसोई का जायजा लिया। नेताओं ने स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जांच की मांग की है बाइट: गरीबों के निवाले पर डाका और घटिया खाना परोसना गंभीर लापरवाही है। प्रशासन दोषी संचालकों का लाइसेंस रद्द कर सख्त कार्रवाई करे।" — विजय गौतम, जिला उपाध्यक्ष, कांग्रेस
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सीकर में सेफ्टी टैंक खोदाई हादसा: मजदूर सिकंदर अली की मौत, परिजनों ने प्रदर्शन

Sikar, Rajasthan:सीकर शहर के पिपराली रोड पर शनिवार को सेफ्टी टैंक के लिए खुदाई करते समय मिट्टी धंसने से मजदूर सिकंदर अली की 12 घंटे बाद रेस्क्यू टीम ने बाहर निकाला, लेकिन दबे मजदूर सिकंदर की मौत हो चुकी थी. मृतक के परिजनों ने रविवार सुबह राजकीय श्री कल्याण अस्पताल की मोर्चरी के पास धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से मुआवजे और कार्रवाई की मांग की. परिजनों ने कहा कि शव का पोस्टमॉर्टम तब तक नहीं करवाएंगे जब तक उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती. मृतक के भाई जाकिर ने ठेकेदार व हॉस्टल मालिक पर सही जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया. घटना स्थल के आस-पास पहले से कई कच्चे सेफ्टी टैंक हैं, इसलिए सुरक्षा इंतजाम मजबूत होने चाहिए थे. वार्ता के बाद परिजनों को छह लाख रुपए मुआवजा, पत्नी को संविदा पर नौकरी, विकलांग बच्चों के प्रमाणपत्र और आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया; शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया. पिपराली रोड पर निजी हॉस्टल के सेफ्टी टैंक के लिए करीब 20 फीट गहरी कुई खोदते समय मिट्टी धंस गई थी; 12 घंटे चले रेस्क्यू के बाद शव रात करीब 2 बजे निकला.
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कंडेला के रहने वाले कवाडियो पर कार्यवाही,पटाखा छोड़ने वाली गाड़ियों की बाइक सीज,

Shrvan PanditShrvan PanditFollow2m ago
Shamli, Uttar Pradesh:श्रवण पंडित शामली स्लग ...पटाखा छोड़ने वाली बाइक सीज ..... शामली जनपद में शासन प्रशासन पूरी तरीके से शक्ति के रूप में कावड़ियों की सुरक्षा में लगा हुआ है। जहां शामली के कंडेला गांव के रहने वाले कुछ लड़के डाक कावड़ के लिए जा रहे थे।तो वहीं उन्होंने सिटी के गुरुद्वारे पर उत्पातमचाते हुए बाइकों से पटाखे छोड़े और आम जनमानस के लिए यातायात भी प्रभावित की। मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों में बाइक को हिरासत में लेकर सीज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ..... आपको बता दे।कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर शामली के रास्ते राजस्थान हरियाणा जाने वाले कवाडियो के लिए दिन-रात पुलिस प्रशासन सुरक्षा में लगा हुआ है।वहीं जहां अब डाक कावड़ शुरू हो गई है।शामली जनपद के गांव कंडेला के कुछ लोग आज डाक कावड़ लेने के लिए शामली से हरिद्वार की ओर जा रहे थे जहां उन्होंने गुरुद्वारे पर बाइकों से पटाखे छोड़े और उत्पात मचाते हुए स्थानीय राहगीरों की यातायात भी बाधित की, वही गुरुद्वारा पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक बाइक को कब्जे में लिया। और सीज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर कांवड़ियों की यातायात बाधित नहीं होने देंगे।और माननीय मुख्यमंत्री के आदेश के बाद प्रतिबंधित डीजे और बाईक के नहीं चलने दी जाएगी।
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नीमकाथाना में झमाझम बारिश से शहर पानी-पानी, आवागमन में मुश्किल

Sikar, Rajasthan:नीमकाथाना (सीकर) में इंद्रदेव मेहरबान, झमाझम बारिश से मौसम सुहाना हो गया। सीकर जिले के नीमकाथाना शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में दोपहर के समय बारिश शुरू हुई। बारिश के बाद उमस और गर्मी से राहत मिली, लेकिन तेज बरसात से शहर की कई सड़कें पानी से लबालब हो गईं और कुछ जगहों पर सड़कें दरिया जैसी लगने लगीं। निचले इलाकों में पानी भरने से वाहन चालकों और आमजन को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद जल निकासी व्यवस्था की पोल भी खुली। शहर के शाहपुरा रोड, रेलवे बुगदा, कान्हा होटल के पास, छावनी सहित अनेक स्थानों पर जल भराव की समस्या बनी रही, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में कठिनाई हुई।
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शहीद रवि परमार को सलामीदार राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

Dholpur, Rajasthan:शहीद रवि परमार को नम आंखों से अंतिम विदाई सलामी परेड और राजकीय सम्मान के साथ पैतृक गांव भगवान सिंह का पूरा निवासी शहीद रवि परमार को रविवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ा। नागरिकों ने नम आंखों से शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की。 शहीद रवि परमार पुत्र रामनाथ ITBP की SPt बटालियन करेरा, शिवपुरी में तैनात थे। उनके 5 वर्ष और 2 वर्ष के दो पुत्र हैं। इंस्पेक्टर राज सिंह तोमर ने बताया कि जवान रवि को शनिवार को करेरा शिवपुरी कैम्प में ड्यूटी के दौरान मिर्गी का दौरा आने पर अस्पताल ले जाया गया था। रविवार को शहीद रवि परमार का अंतिम संस्कार सलामी परेड व राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव भगवान सिंह का पूरा, ममोधन में किया गया। शहीद की अंतिम दर्शन यात्रा में काफी संख्या में लोग शामिल हुए।
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त्रि-सेवा महिला अधिकारियों की समुद्री प्रदक्षिणा: 314 दिन में इतिहास रचा

Sirsa, Haryana:एंकर भारत की थल सेना, नौसेना और वायु सेना (त्रिवेणी) ने पहली बार विश्व के पहले 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान, जिसमें 9 महिला अधिकारी शामिल थी, ने अपने बुलंद हौंसले व साहस से 314 दिन की कठिन समुद्री यात्रा को सफलतापूर्वक पूरा कर इतिहास रच दिया है। इस अभियान में सिरसा की बेटी मेजर कर्मजीत कौर भी शामिल थीं। मेजर कर्मजीत कौर के पति कोमलप्रीत सिंह भी मर्चेंट नेवी में चीफ आफिसर हैं। 11 सितंबर 2025 से शुरू हुए इस संकटों से भरे अभियान को पूरा कर देश की बेटियों ने तिरंगा फहराकर सकुशन वापसी की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अभूतपूर्व 'समुद्र प्रदक्षिणा' अभियान की सफल वापसी पर दल का औपचारिक स्वागत और महिला अधिकारियों के हौंसले व साहस को सलाम करते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत बताया। यही नहीं माननीय राष्टपति द्रोपदी मुर्मू ने भी इस साहसिक टीम का स्वागत किया और महिला टीम की जमकर सराहना की। सिरसा स्थित अपने निवास पर मेजर कर्मजीत कौर का परिजनों ने भी बेटी के सकुशल लौटने पर उसका मुंह मीठा करवाकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुक्त कंठ से प्रशंसा की। व्यू -मेजर कर्मजीत कौर ने बताया कि यह दुनिया का पहला ऐसा समुद्री परिक्रमा अभियान था, जिसमें थल सेना, नौसेना और वायु सेना (त्रि-सेवा) की वदीर्धारी महिला अधिकारी शामिल थीं। दल ने 11 सितंबर 2025 को मुंबई से अपनी यात्रा शुरू की थी और 314 दिनों में लगभग 25,500 समुद्री मील (करीब 47,000 किलोमीटर) की दूरी तय की। इस यात्रा के दौरान दल ने दुनिया के चार प्रमुख महासागरों को पार किया। उन्होंने बताया कि जांबाज महिला अधिकारियों ने भूमध्य रेखा को दो बार पार किया, अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को लांघा और तीन प्रमुख अंतरीपों—केप आफ गुड होप, केप लीउविन और केप हॉर्न का सफलतापूर्वक चक्कर लगाया। इसके साथ ही वे प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय 'केप हॉर्नर्स' बिरादरी में शामिल हो गईं।मेजर कर्मजीत कौर ने बताया कि यह पूरा अभियान 50 फीट लंबे आईएएसवी त्रिवेणी पोत पर पूरा हुआ, जो पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया। यह 'आत्मनिर्भर भारत' की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का एक बड़ा प्रतीक है। हालांकि सफर के दौरान अनेक बार ऐसी परिस्थितियां आई जब बोट में भी तकनीकी खराबी आई, कई बार उनकी जान पर भी बन आई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हर मुश्किल परिस्थिति से पार पाते हुए इस ऐतिहासिक सफर को पूरा किया।उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी उन्होंने इसी हवा से चलने वाली बोट पर एक मिशन को पूरा किया था, जिसको लेकर परिजनों के मन में संशय की स्थिति थी, लेकिन टीम के सदस्यों के बुलंद हौंसले के आगे परिवार के लोगों ने भी प्रोत्साहित किया। उनके पति कोमलप्रीत सिंह के साथ-साथ पिता रिछपाल सिंह रंधावा, माता व भाई ने पूरा सपोर्ट किया, जिसका परिणाम सभी के सामने है。 बाइट -मेजर कर्मजीत कौर वहीं पिता रिछपाल सिंह ने कहा कि ऐसी बेटियों पर सिरसा ही नहीं हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे भारत देश को गर्व है। बाइट -रिछपाल सिंह
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गंगा तेज धार से गनियारी में कटाव: करोड़ों खर्च के बाद भी खतरा बरकारार

Hajipur, Bihar:पिछले साल वैशाली जिले के सहदेई प्रखंड क्षेत्र स्थित गनियारी में गंगा नदी का रौद्र रूप देखने को मिला था जहाँ दो से अधिक घर गंगा नदी में विलीन हो गया था जिसको लेकर प्रशासन ने मार्च महीने में कटाव रोधी कार्य शुरू करवाया और लगभग 70 करोड़ की लागत से 15 दिन पहले कटावरोधी कार्य समाप्त तो गया लेकिन गंगा के बढ़ते जलस्तर ने फिर से कटाव शुरू कर दिया है जिससे ग्रामीणों में जहाँ दहशत का माहौल है वहीं कटावरोधी कार्य की गुणवत्ता पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।आलम यह है कि जिस स्थल पर कटावरोधी कार्य कराया गया था वहां फिर से सैंड बैग भरा जा रहा है ताकि कटाव को रोका जा सके।ग्रामीणों ने बताया कि काम को खत्म हुए अभी 15 दिन भी नहीं हुआ था कि फिर से गंगा नदी से खतरा बढ़ गया है और कभी भी घर नदी में विलीन हो सकता है।कटाव से बचने के लिए जहाँ लोग खुद से अपने घर को तोड़ रहे है।सबसे हैरत की बात तो यह है कि इस बारे में जल संसाधन विभाग के अधिकारी भी कुछ भी बताने से इंकार कर रहे है और कैमरा देखते ही सवालों से बचने के भागते नजर आ रहे है।ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या करोड़ो रूपये खर्च कर सिर्फ खानापूर्ति की गई या फिर उस पैसे के बंदरबांट किया गया है।सवाल जितने भी लेकिन जवाब इतना ही है कि फिर सब ग्रामीण डर व दहशत के बीच जीने को मजबूर है और कभी भी उनका आसियाना गंडक में विलीन हो सकता है।लिहाजा देखना होगा कि भ्रष्टाचार में जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने वाली सरकार इस पर कुछ कार्रवाई करती है या नहीं。
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आतंकियों की धमकी के बीच कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा पर सवाल, जवाब मांग

Srinagar, Uttarakhand:क Kashmir पंडित और सामाजिक कार्यकर्ता Ashwani Handa ने आतंकियों द्वारा जारी किए गए खतरे पर कहा कि: कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की कथित हिट-लिस्ट में उनके नाम, फोन नंबर public हो रहे हैं—यह सिर्फ आतंकियों की धमकी नहीं, सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल है। सरकार का जवाब क्या है? 'घर से काम करो।' भई, कर्मचारियों को घर बैठाना सुरक्षा नीति नहीं, आतंकियों के सामने सरकार की बेबसी का संदेश है। निज़ी जानकारी बाहर कैसे पहुँची? खुफिया तंत्र क्या कर रहा था? हमारी मांग—पहले हर प्रभावित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो, फिर निष्पक्ष जांच हो, जिम्मेदारी तय हो। कश्मीरी पंडितों को एडवाइजरी नहीं, सुरक्षा चाहिए। आतंकियों पर कार्रवाई चाहिए, कर्मचारियों को घर बैठाने का फरमान नहीं। क Kashmir में डर नहीं—सुरक्षा, इंसाफ और कानून का राज चाहिए।
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राम मंदिर में CEO नियुक्ति पर आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण का बड़ा बयान

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में राम मंदिर की धार्मिक समिति के सदस्य और प्रख्यात विद्वान आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण महाराज ने राम मंदिर में CEO की नियुक्ति को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि मौलिक रूप से मंदिरों को CEO के जरिए नहीं चलाया जाना चाहिए।आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं का अधिकार ऐसे लोगों के पास होना चाहिए, जो भगवान के प्रति निष्ठावान हों और जिनका जीवन मंदिर, मठ और आश्रम की परंपराओं में बीता हो। उनके मुताबिक, केवल प्रशासनिक और प्रबंधन की दृष्टि से दक्ष व्यक्ति मंदिर की व्यवस्था संभाल सकता है, लेकिन उसकी निष्ठा भगवान के प्रति कम और प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति अधिक हो सकती है।उन्होंने कहा कि देश के कई बड़े मंदिरों में फिलहाल CEO के जरिए व्यवस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में अगर श्रीराम मंदिर में भी CEO की नियुक्ति होती है तो वह इसका विरोध नहीं करेंगे, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है कि CEO की भूमिका और अधिकार क्या होंगे।आचार्य ने स्पष्ट किया कि मुद्दा CEO की नियुक्ति का नहीं, बल्कि मंदिर की धार्मिक व्यवस्था में उसकी भूमिका और अधिकारों का है。
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सीएम योगी: भारत गुलाम नहीं, अफवाहें और षडयंत्र समाज को नहीं टूटने देंगे

Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी ने कहा कि भारत गुलाम ऐसे नहीं हुआ ... भारत के गुलामी का कारण था आपसी फुट.. हमारे साथ होने वाले षडयंत्र... ये फुट जाति के नाम पर भाषा के नाम पर .. क्षेत्र के नाम पर ... भारत के खिलाफ काम करने वाली शक्ति आज भी कर रही है... हमारे खिलाफ होने वाले षडयंत्र आज इसका तीसरा माध्यम भी सोशल मिडिया का प्लेटफॉर्म हो गया है...जितनी भी बाऱत विरोधी ताकते हैं....उनके द्व्रारा अफवाह पैदा करना, दुरुप्रयोग करना और उस षडयंत्र के माध्यम से समाज को गुमराह करने का प्रयाश हो रहा है...याद रखना .. जिन लोगों ने अपने क्रांतिकारियों से दूर रखा अपने नायकों से दूर रखा ...उन्होंने भारत के युवा पीढ़ी के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया...उन्होंने अपने नायकों के गौरव पर आंनद की अनुभूति का अवसर न देना ... उसके आर्दश से विमुख करने जैसा होता है...ये पाप आजादी के बाद जिन लोगों ने सता संभाली उनके द्वारा लगातार उस समय के क्रांतिक्रारियों का लगातार किया जाता रहा ।
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नालंदा स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में युवती की मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप

Pariaunna, Bihar:नालंदा रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से एक युवती की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान नारदीगंज थाना क्षेत्र के धनियामा गांव निवासी स्वीटी कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने स्टेशन पहुंचकर हंगामा किया और रेलवे कर्मियों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया। बताया जाता है कि स्वीटी कुमारी अपने सहेलियों के साथ नालंदा खंडहर घूमने आई थी। घूमने के बाद ट्रेन पकड़ने के लिए वह नालंदा रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान पटरी पार करते समय वह मालगाड़ी की चपेट में आ गई, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों का आरोप है कि जिस समय स्वीटी पटरी पार कर रही थी, उसी पटरी पर मालगाड़ी आ रही थी। आरोप है कि मौके पर मौजूद झंडी दिखाने वाली रेलकर्मी ने युवती को पटरी पार करने से नहीं रोका। परिजनों ने इसी लापरवाही को हादसे की वजह बताया है। हादसे के बाद स्टेशन पर तनाव की स्थिति बन गई। स्थिति को देखते हुए रेल डीएसप, राजगीर डीएसपी, कई थानों के थानाध्यक्ष और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा व्यवस्था के बीच पलामू एक्सप्रेस को स्टेशन से रवाना कराया गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज बनाने की मांग की है, ताकि यात्रियों को जान जोखिम में डालकर रेलवे पटरी पार न करनी पड़े। राजगीर डीएसपी ने बताया कि युवती घूमने के लिए नालंदा आई थी और स्टेशन पर पटरी पार करने के दौरान हादसा हुआ है। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में अगर किसी रेलकर्मी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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