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लखीमपुर खीरी में कबाड़ की दुकान में आग, लाखों का नुकसान
Lakhimpur, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी के मझगई थाना क्षेत्र के बम्हनपुर में कबाड़ की दुकान में अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की सूचना पर दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग में दुकान में रखी लाखों की प्लास्टिक और गत्ते जलकर राख हो गए। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
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राजस्थान के पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल को अर्जुन पुरस्कार मिला
Jaipur, Rajasthan:जयपुर- राजस्थान के पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल का अर्जुन पुरस्कार के लिए चयन सीएम भजनलाल शर्मा ने दी बधाई सोशल मीडिया एक्स पर लिखा अर्जुन पुरस्कार के लिए चयनित राजस्थान के प्रतिभाशाली पैरा शूटर रुद्रांश खंडेलवाल सहित राष्ट्रीय खेल पुरस्कार-2025 के लिए चयनित सभी प्रतिभावान खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं आप सभी ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल, कठिन परिश्रम और अद्म्य समर्पण से देश का मान बढ़ाया है। ये प्रतिष्ठित सम्मान आपकी वर्षों की साधना, अनुशासन और निरंतर मेहनत का गौरवपूर्ण परिणाम हैं आपकी उपलब्धियाँ देश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। मुझे विश्वास है कि आप इसी लगन और समर्पण के साथ खेल जगत में नए कीर्तिमान स्थापित करते हुए देश एवं प्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। आप सभी के उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं!0
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गढ़ी गांव में जलभराव से 500-600 एकड़ फसल बर्बाद, किसान मुआवजे की मांग
Hansi, Haryana:हांसी जिले के गढ़ी गांव में बारिश के बाद खेतों में हुआ भारी जलभराव किसानों के लिए आफत बन गया है। खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भरने से सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान और बाजरे की फसल पूरी तरह तबाह हो गई है। पीछे खेतों एवं गांवों का बरसाती पानी भी यही आकर रुकता है। किसानों का कहना है कि यह समस्या आज की नहीं, बल्कि पिछले करीब पांच साल से लगातार बनी हुई है। हर बार बारिश के बाद खेत तालाब बन जाते हैं और किसान अपनी आंखों के सामने पूरी फसल बर्बाद होते देखते हैं। आपko बता कि ग्रामीणों के मुताबिक इस बार करीब 500 से 600 एकड़ जमीन में खड़ी फसल पानी में डूबकर खराब हो गई है। हालात ऐसे हैं कि अब जमीन के नीचे का पानी भी ऊपर आ गया है। किसानों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद न प्रशासन सुन रहा है और न ही उनकी समस्या का स्थायी समाधान किया जा रहा है।किसानों ने मांग की है कि या तो खेतों से तत्काल पानी निकलवाया जाए या फिर बर्बाद हुई फसल का उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों का कहना है कि पूरे साल मेहनत और पैसा लगाकर उम्मीद करते हैं कि इस बार फसल अच्छी होगी, लेकिन बारिश आते ही सारी मेहनत पानी में डूब जाती है। हालात इतने खराब हैं कि किसानों को गेहूं तक खरीदकर खाना पड़ता है और पशुओं के लिए चारा भी बाहर से मंगवाना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब चार करोड़ रुपये की लागत से पंप सेट लगाया गया था, लेकिन आरोप है कि यह पंप सेट खराब पड़ा है और लगाने के बाद से ही प्रभावी तरीके से नहीं चल पाया। किसानों का सवाल है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद अगर पानी की निकासी नहीं हो रही तो आखिर इसका फायदा किसे मिला? उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आम आदमी पार्टी किसानों के समर्थन में आंदोलन करेगी और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ भी आवाज उठाएगी। अब बड़ा सवाल यही है कि हर साल पानी में डूब रही किसानों की फसल का जिम्मेदार कौन है? चार करोड़ रुपये का पंप सेट खराब क्यों पड़ा है? और पांच साल से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?0
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हरिद्वार में गंगा जलस्तर चेतावनी के बेहद करीब, प्रशासन अलर्ट पर
Haridwar, Uttarakhand:एंकर: हरिद्वार में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है। हालांकि फिलहाल गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से थोड़ा नीचे है, लेकिन बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है。 गंगा के घाटों पर पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। वहीं, लोगों से गंगा के तेज बहाव और संवेदनशील घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है。 बारिश के चलते पहाड़ों से गंगा में पानी की आवक बढ़ी है, ऐसे में आने वाले घंटों में जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी तरह का जोखिम न उठाने की अपील की है。 फिलहाल गंगा चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है。0
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खबर नहीं मिली: इनपुट में समाचार नहीं था
Jabalpur, Madhya Pradesh:0
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धर्म परिवर्तन बिल 28 अगस्त से लागू, सियासी तनाव बढ़ने की चेतावनी
Mumbai, Maharashtra:मार्च महीने में धर्म परिवर्तन बिल पास हो गया था. अब सरकार ने इसे 28 अगस्त, रक्षाबंधन के दिन से लागू करने का ऐलान किया है. बिल लागू होने की तारीख सामने आते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों में बयानबाजी तेज हो गई है. कोई इसका समर्थन कर रहा है तो कोई विरोध. इसी मुद्दे पर हमारी संवाददाता टीम ने खास बातचीत की. बैकग्राउंड: धर्म परिवर्तन बिल को लेकर पिछले कुछ महीनों से सियासी बहस चल रही है. अब 28 अगस्त से इसे लागू किए जाने के बाद विरोध और समर्थन दोनों और तेज होने की उम्मीद है.0
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एक दिवसीय वर्कशॉप के लिए नामांकन आदेश: Arbitration Act 1996 व Mediation Act 2023
Aram Pora, Ganderbal, Order regarding Nomination for One Day Workshop on "Arbitration & Conciliation Act; 1996-Law, Practice and Procedure; Mediation: Role of Judges in referral, writing settlement orders, and challenges & its implementation for enforcing mediated settlements with special reference to The Mediation Act, 2023".0
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जयंत चौधरी: लोकतंत्र में जनता ही नेता चुनती है—अखिलेश पर तंज
Noida, Uttar Pradesh:DELHI: JAYANT CHAUDHARY (UNION MINISTER) ON AKHILESH YADAV TWEET उन्हें अपने बारे में बात करनी चाहिए, यही बेहतर होगा। ऐसे बयानों से वे उन लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं जो उनका समर्थन कर रहे हैं। बाकी, यह लोकतंत्र है जनता ही नेता चुनती है।0
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रामपुर भोट में गौकशी मुठभेड़: एक घायल, दो गिरफ्तार
Rampur, Uttar Pradesh:रामपुर के भोट में गौकशी के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़, पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी। दूसरे आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दो 315 बोर के अवैध तमंचे, एक खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और एक मिस जिंदा कारतूस बरामद किए। गौकशी में उपयोग होने वाले उपकरण भी मिले, इनमें लकड़ी का गट्टा, कुल्हाड़ी, बड़ी और छोटी चूरी, गोल सूजा, रस्सा और काली पॉलीथिन शामिल हैं। पुलिस ने एक हीरो सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की है। घायल आरोपी को जिला अस्पताल रामपुर में भर्ती कराया गया है। दूसरे आरोपी शुऐब उर्फ सोएफ पुत्र शमशाद निवासी धौरा टांडा थाना भोजीपुरा जनपद बरेली को गिरफ्तार कर लिया गया। कलुआ पुत्र सैदा निवासी चमरव्वा थाना शहजाजनगर के दाहिने पैर में गोली लगी, इलाज चल रहा है।0
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जालौन में खेत से लौट रहे युवक को मारपीट, जान से मारने की धमकी; एसपी से कार्रवाई की मांग
Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन के रेंढ़र थाना क्षेत्र के ग्राम बरौली निवासी अखलेश कुमार ने एसपी जालौन विनय कुमार सिंह کو शिकायती पत्र देकर गांव के अवनीश कुमार और उसके पिता अरविंद कुमार पर मारपीट, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के साथ अपने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पीड़ित के मुताबिक, 13 अगस्त 2026 को दोपहर करीब 12 बजे अखलेश कुमार खेत से काम करके घर लौट रहा था। रास्ते में अवनीश कुमार ने कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी ने डंडे से मारपीट की। पीड़ित के शोर मचाने पर आरोपी कथित तौर पर जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गया। मारपीट में गंभीर चोटें आने का भी आरोप लगाया गया है। पीड़ित का कहना है कि घटना की शिकायत उसी दिन थाना रेंढ़र में की गई। इसके बाद अवनीश कुमार और उसके पिता अरविंद कुमार कथित रूप से घर पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए दोबारा जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, उसका चिकित्सकीय परीक्षण नदीगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा उरई में कराया गया है। उसने एसपी से मामले की जांच कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।0
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जिलाधिकारी कार्यालय के सामने भूमि कब्जा विवाद में परिवार ने आत्मदाह का प्रयास
Jaunpur, Uttar Pradesh:जिले के जौनपुर जिले में सरोखनपुर गांव के निवासी एक पीड़ित परिवार ने जमीन के अवैध कब्जे के चलते बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह का प्रयास किया। परिवार ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डाल लिया था, लेकिन मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें बचा लिया। इसके बाद सभी को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया और उपचार शुरू किया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि जमीन पर कब्जा विकास दुबे नामक व्यक्ति ने जबरन कर लिया है और वे पिछले दो वर्षों से तहसील, पुलिस थाने और जिला प्रशासन के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे; कई शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हुआ। प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर अब परिवार की निगाहें टिकी हैं。0
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विधायक अजय सोलंकी ने नाहन में 7 करोड़ की सड़क परियोजना का शुभारंभ किया
Nahan, Himachal Pradesh:लोकेशन: नाहन( सिरमौर) विधायक ने करीब 7 करोड़ से बनने जा रही सड़क का किया शुभारंभ, सैनवाला झमरिया बोगरिया जामनवाला सड़क का निर्माण कार्य हुआ शुरू, विधायक ने मुख्यमंत्री का जताया विशेष रूप से आभार, निर्माण कार्य जल्द पूरा करने के दिए निर्देश, बोले पूरी हुई लोगो की दशकों पुरानी माँग: अजय सोलंकी विधायक बोले सभी गांवों को सड़कों से जोड़ना प्राथमिकता, हिमाचल में नाहन को मिली सबसे ज्यादा फारेस्ट क्लियरेंस: अजय सोलंकी एंकर: कांग्रेस विधायक अजय सोलंकी ने आज नाहन विधानसभा क्षेत्र के सैंवनाला में सैंवनाला- झमरिया, बोगरिया जामनवाला सड़क के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया इस सड़क के निर्माण पर करीब 6 करोड 98 लाख रुपए की राशि खर्च की जाएगी । विधायक ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने और सड़क का काम निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए। वीओ: करोड़ों की लागत से बनने वाली इस सड़क से क्षेत्र के कई गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है और पिछले लंबे समय से लोगो की इस सड़क को बनाने की मांग उठ रही थी। मीडिया से बात करते हुए विधायक अजय सोलंकी ने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से आभार जताया और कहा कि यह क्षेत्र के लोगों की दशकों पुरानी मांग थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि नाहन विधानसभा क्षेत्र के सभी गांवों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना उनकी प्राथमिकता है।बअजय सोलंकी ने यह भी कहा कि नाहन को हिमाचल प्रदेश में सबसे ज्यादा फॉरेस्ट क्लियरेंस मिली है, जिससे क्षेत्र में सड़क और अन्य विकास कार्यों को गति देने में मदद मिल रही है। बाइट: अजय सोलंकी, विधायक नाहन0
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रामनगर के ढिकुली में शाम के वक्त रहस्यमयी कछुआ मंदिर पहुँचता है प्रसाद लेकर
Noida, Uttar Pradesh:शाम ढलते ही मंदिर पहुंचता है रहस्यमयी कछुआ, प्रसाद लेकर लौट जाता है जंगल महाभारतकालीन गरल कंठेश्वर महादेव मंदिर में सालों से जारी है अनोखी कहानी विजय कश्यप रामनगर कथन- नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के ढिकुली गांव में स्थित गरल कंठेश्वर महादेव मंदिर इन दिनों अपनी प्राचीन धार्मिक मान्यता के साथ-साथ एक बेहद अनोखी वजह से भी चर्चा में है, कॉर्बेट क्षेत्र के बफर जोन में जंगल और नदी-नालों के बीच स्थित इस प्राचीन मंदिर में पिछले कई वर्षों से शाम ढलते ही एक विशालकाय कछुआ पहुंच रहा है, खास बात यह है कि कछुए के मंदिर पहुंचने का समय लगभग निर्धारित है और उसका आने-जाने का रास्ता भी मानो तय है, मंदिर पहुंचने के बाद वह कुछ समय वहां रुकता है और प्रसाद मिलने के बाद वापस अपने रास्ते जंगल की ओर चला जाता है. यह अनोखी घटना स्थानीय लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी हुई है, कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर देखते हैं और मानते हैं कि कछुआ भगवान शिव के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचता है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि मंदिर में मिलने वाला प्रसाद ही उसे बार-बार यहां खींचकर लाता है,यही वजह है कि अब कई लोग इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए शाम के समय मंदिर पहुंचने लगे हैं. महाभारत काल से जुड़ी है मंदिर की मान्यता गरल कंठेश्वर महादेव मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर कई प्राचीन मान्यताएं प्रचलित हैं,जनश्रुतियों के अनुसार इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है,मान्यता है कि अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने इस क्षेत्र में प्रवास किया था और इसी दौरान यहां शिवलिंग की स्थापना की गई थी,स्थानीय मान्यता में इस शिवलिंग की स्थापना महाबली भीम द्वारा किए जाने की बात कही जाती है,यही वजह है कि यह मंदिर स्थानीय लोगों के लिए केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल भी माना जाता है,कॉर्बेट क्षेत्र के जंगलों के बीच स्थित होने के कारण मंदिर की प्राकृतिक और धार्मिक दोनों ही विशेषताएं इसे अलग पहचान देती हैं,कई वर्षों से तय समय पर मंदिर पहुंच रहा कछुआ ढिकुली निवासी और वन्यजीव प्रेमी संजय छिम्वाल इस कछुए को पिछले कई वर्षों से देखते आ रहे हैं,उनका कहना है कि सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कछुआ किसी सामान्य वन्यजीव की तरह अचानक मंदिर के आसपास दिखाई नहीं देता, बल्कि उसका एक निर्धारित रास्ता और लगभग निश्चित समय नजर आता है,संजय छिम्वाल के मुताबिक, कछुआ शाम के समय मंदिर की ओर आता है, मंदिर में मौजूद बाबा द्वारा उसे प्रसाद दिया जाता है और प्रसाद लेने के बाद कुछ समय बाद वह वापस उसी रास्ते से चला जाता है, उनका कहना है कि संभव है कि कछुआ आसपास मौजूद किसी तालाब या जलस्रोत से निकलकर मंदिर तक पहुंचता हो, संजय का कहना है कि कछुए को रेप्टाइल यानी सरीसृप माना जाता है और आमतौर पर सरीसृपों की सीखने और पहचानने की क्षमता स्तनधारी पषुओं या पक्षियों की तरह विकसित नहीं मानी जाती, ऐसे में वर्षों तक किसी एक स्थान पर एक निर्धारित समय में पहुंचना अपने आप में बेहद रोचक घटना है, उनके मुताबिक इसे सीधे तौर पर धार्मिक आस्था से जोड़ना अलग विषय है, लेकिन यह जरूर है कि कछुओं ने मंदिर तक पहुंचने वाला एक रास्ता जैसे याद कर लिया है, वहां उसे भोजन भी मिलता है और वह फिर उसी रास्ते वापस लौट जाता है, यही व्यवहार इस पूरे मामले को और रहस्यमयी बना देता है। संजय कहते है कि पशु-पक्षियों में भी चेतना का स्तर होता है और प्रकृति के प्रति उनका अपना व्यवहार होता है, उनका यह भी मानना है कि जिस तरह मनुष्य प्रकृति में परमपिता परमेश्वर की अनुभूति करता है और अपनी-अपनी आस्था के अनुसार उसकी स्तुति करता है, उसी तरह संभव है कि इस कछुए का मंदिर तक पहुंचना भी उसकी किसी तरह की सहज श्रद्धा या आकर्षण का रूप हो। आखिर मंदिर तक क्यों पहुंचता है कछुआ? रामनगर पीएनजीपीजी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एमसी पांडे का कहना है कि कछुए का लगातार कई वर्षों से निर्धारित समय पर मंदिर पहुंचना निश्चित रूप से अध्ययन का विषय है, उनका कहना है कि यदि कछुआ भोजन की तलाश में मंदिर पहुंच रहा होता तो मंदिर में मिलने वाला प्रसाद उसके प्राकृतिक भोजन का हिस्सा नहीं माना जाएगा, ऐसे में केवल भोजन को उसके मंदिर आने का कारण मान लेना उचित नहीं होगा, इसके पीछे कोई दूसरा व्यवहारिक या पर्यावरणीय कारण हो सकता है, डॉ. पांडे के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कछुआ पहली बार मंदिर तक कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में उसने इस रास्ते को अपनाया, लंबे समय तक एक ही रूट पर उसका आना-जाना यह संकेत देता है कि इस व्यवहार को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की जरूरत है, उन्होंने कहा कि वन्यजीव विशेषज्ञ और वैज्ञानिक अध्ययन के माध्यम से यह पता लगा सकता है कि कछुआ किस आधार पर अपना रास्ता और समय निर्धारित करता है. वहीं मामले में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह का कहना है कि वर्तमान समय में मानसून का दौर चल रहा है और इस मौसम में कछुए सहित कई सरीसृप अपने ठिकानों से बाहर निकलते हैं, गरल कंठेश्वर महादेव मंदिर नदी-नालों के आसपास वन क्षेत्र में स्थित है, ऐसे में कछुए का इस क्षेत्र में निकलना असामान्य नहीं है। उनका कहना है कि मंदिर में उसे कुछ खाने-पीने की सामग्री मिल जाती होगी, जिसके कारण वह वहां पहुंचता हो, हालांकि वन विभाग की प्राथमिकता वन्यजीवों का संरक्षण और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है. आस्था, संयोग या शोध का विषय? गरल कंठेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचने वाला यह विशालकाय कछुआ अब स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बन चुका है, किसी के लिए यह भगवान शिव के प्रति आस्था का अनोखा उदाहरण है तो किसी के लिए यह जंगल में रहने वाले एक जीव का वर्षों से चला आ रहा प्राकृतिक व्यवहार. सबसे दिलचस्प बात यह है कि कछुआ मंदिर तक आता है, कुछ समय रुकता है, प्रसाद प्राप्त करता है और फिर अपने निर्धारित रास्ते से वापस चला जाता है,यह सिलसिला एक-दो दिन का नहीं, बल्कि कई वर्षों से देखा जा रहा है. हालांकि इस पूरे मामले को धार्मिक चमत्कार मानने से पहले वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इसका अध्ययन किया जाना जरूरी है, यदि विशेषज्ञ इस कछुए की आवाजाही, उसके रूट, समय, आसपास के जलस्रोत और उसके भोजन व्यवहार का अध्ययन करें तो संभव है कि इस रहस्यमयी कहानी के पीछे छिपे कई सवालों के जवाब मिल सकें। फिलहाल ढिकुली का यह प्राचीन मंदिर जहां पांडवकालीन मान्यताओं और भगवान शिव की आस्था के लिए जाना जाता है, वहीं शाम होते ही मंदिर की ओर बढ़ता यह विशालकाय कछुआ इसकी कहानी में एक नया और बेहद रोचक अध्याय जोड़ रहा है, अब सवाल यही है—क्या यह महज भोजन की तलाश में मंदिर तक पहुंचता है, वर्षों पुरानी आदत ने इसे यह रास्ता सिखा दिया है, या इसके पीछे प्रकृति का कोई ऐसा रहस्य छिपा है, जिसे विज्ञान अभी समझना बाकी है? Byte.1- संजय छिम्वाल, वन्यजीव प्रेमी व ढिकुली निवासी Byte.2- डॉ एमसी पांडे, प्राचार्य महाविद्यालय Byte.3- बिंदर पाल सिंह, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व, पार्क वार्डन0
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शाम्भवी चौधरी का तेजस्वी के सीजनल विरोध पर कड़ा हमला
Samastipur, Bihar:तेजस्वी के राजभवन मार्च पर सांसद शाम्भवी का बयान, बोलीं सीजनल नेता प्रतिपक्ष हैं। छात्रों की जरूरत पर गायब रहते हैं। अभी पॉलिटिकल एजेंडा चला रहे हैं छात्रों के नाम पर। समस्तीपुर से एलजेपी (आर) सांसद शाम्भवी चौधरी समस्तीपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने संत रवि दास जयंती के 650वीं जयंती के अवसर पर निकली गई कलश यात्रा में शिरकत किया. मीडिया से बातचीत में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के विधानसभा मार्च के सवाल पर तंज कहा गया कि तेजस्वी यादव सीजनल नेता प्रतिपक्ष हैं और बीच-बीच में आते हैं. सदन में रहते हुए भी वे छात्रों की मांग उठाते तो अच्छा रहता, पर अक्सर सदन से बाहर रहते हैं. जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट के वक्त भी वे मौजूद नहीं थे. ऐसे में वे छात्रों के मुद्दे को लेकर सीजनल प्रोजेक्शन करना चाहते हैं कि वे गंभीर हैं, पर सच यह है कि वे छात्रों के मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं. बिहार सरकार छात्रों के साथ है; किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होगा; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और चिराग पासवान के नेतृत्व में यह सब सुनिश्चित होगा. पीएम मोदी के दिमागी नक्सलियों की पहचान कर उन्हें आइसोलेट करने वाले बयान पर कहा गया कि अगर समाज असामाजिक तत्व है जो समाज को तोड़ते हैं, बिना मतलब का फ्लश प्रोपेगेंडा फैलाते हैं, देश की जनता को दिग्भ्रमित करते हैं; राष्ट्र की सुरक्षा के मुद्दे पर कहा गया कि ऐसे असामाजिक तत्वों को पहचानना जरूरी है और उनके पीछे का एजेंडा समझना जरूरी है. शाम्भवी चौधरी, सांसद समस्तीपुर.0
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कनिका शर्मा Glammonn Mrs. India Worldwide Season 11 में India खिताब जीतकर प्रेस वार्ता
Noida, Uttar Pradesh:कनिका शर्मा ने जीता Glammonn Mrs. India Worldwide Season 11 का India खिताब Glammonn Mrs. India Worldwide Season 11 में India का खिताब जीतने वाली कनिका शर्मा ने अपनी शानदार जीत के बाद प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी उपलब्धि, अनुभव और भविष्य की योजनाओं को मीडिया के साथ साझा किया। कनिका शर्मा ने कहा कि वह अपने खिताब का इस्तेमाल महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे सामाजिक मुद्दों के लिए करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि अब वह Glammonn Worldwide को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रिप्रेजेंट करने के लिए World Fashion Week Dubai 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। यह उनके लिए देश को वैश्विक फैशन और सौंदर्य मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा। इस अवसर पर Glammonn Worldwide Beauty Pageant की Founder मिसेज मन दुआ भी मौजूद रहीं। उन्होंने कनिका शर्मा को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।0
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अलवर में दही हांडी प्रतियोगिता 4 सितम्बर: विजेताओं को कुल 71 हजार नकद पुरस्कार
Alwar, Rajasthan:अलवर में 4 सितंबर को होगी 10वीं दही हांडी प्रतियोगिता, विजेता को 71 हजार का पुरस्कार अलवर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर अलवर में इस बार भी दही हांडी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। श्री महाराणा प्रताप समिति, अलवर की ओर से 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को 10वीं दही हांडी प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें शहर की विभिन्न टीमें हिस्सा लेंगी。 समिति की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 71 हजार रुपये, द्वितीय स्थान पर रहने वाली टीम को 51 हजार रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 31 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पुरस्कार राशि तिजारा विधायक महंत बालकनाथ योगी द्वारा प्रदान की जाएगी。 प्रतियोगिता को रोमांचक बनाने के लिए इसे दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में टीमों को 18 फीट की ऊंचाई पर दही हांडी फोड़नी होगी। निर्धारित समय में सबसे तेज दही हांडी फोड़ने वाली छह टीमों का चयन दूसरे चरण के लिए किया जाएगा। दूसरे चरण में चयनित छह टीमें 20 फीट की ऊंचाई पर दही हांडी फोड़ेंगी। इसी चरण में टीमों के प्रदर्शन के आधार पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान का निर्धारण किया जाएगा। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 3 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए भी निःशुल्क पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। समिति के अनुसार प्रतियोगिता में शामिल होने वाली टीमें कंपनी बाग परिसर में अभ्यास कर सकेंगी। इसके लिए समिति की ओर से संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता को लेकर युवाओं और विभिन्न टीमों में उत्साह है। समिति का उद्देश्य दही हांडी प्रतियोगिता के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को भव्य एवं आकर्षक बनाना है।0
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