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Prabhansh VihwakarmaPrabhansh VihwakarmaFollow24 Nov 2024, 01:39 pm
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PM जनमन सड़क धंसकर: ओवरलोड और तकनीकी खामियों से अधिकारी निलंबित

Kawardha, Chhattisgarh:कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड के खरिया से अगरी तक लगभग ढाई करोड रुपए की लागत से निर्मित 3 किलोमीटर लंबी पीएम जनमन योजना के तहत बनी सड़क धंसने के मामले में राज्य स्तरीय जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने मौके पर पहुंचकर कोर कटिंग सहित तकनीकी जांच कराई। जांच में सामने आया कि 10-12 टन क्षमता वाली सड़क पर 60-70 टन तक के ओवरलोड वाहनों के संचालन और शोल्डर निर्माण में तकनीकी खामी के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हुई। मॉनीटरिंग और गुणवत्ता में लापरवाही पाए जाने पर सहायक अभियंता सौरभ देशमुख और उप अभियंता जे. रितेश नायडू को तत्काल निलंबित कर दिया गया, जबकि कार्यपालन अभियंता संतोष ठाकुर के निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तथा क्षतिगस्त हिस्से को उखाड़कर दोबारा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ओवरलोड वाहनों पर परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
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सेना के मेडिकल अधिकारी ने CPR से दुर्घटना में घायल युवक की जान बचाई

Noida, Uttar Pradesh:उत्तराखंड: 8 जुलाई को बनबसा-चंपावत रोड पर सुखिधांग के पास सड़क दुर्घटना के शिकार एक व्यक्ति की जान भारतीय सेना के एक मेडिकल ऑफिसर की तुरंत और सही समय पर की गई मदद से बच गई। सुबह लगभग 11:05 बजे, भारतीय सेना के मेजर जनरल वी.के. पात्रा बरेली से पिथौरागढ़ जा रहे थे। तभी सुखिधांग के पास चलथी मोड़ से लगभग 2 किमी पहले उन्होंने देखा कि सड़क पर बेसुध पड़े एक मोटरसाइकिल सवार के चारों ओर लोगों की भीड़ जमा है। वहां मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि घायल व्यक्ति की मौत हो चुकी है। अपनी मेडिकल जानकारी का इस्तेमाल करते हुए, मेजर जनरल पात्रा ने तुरंत घायल व्यक्ति की जांच की और पाया कि वह कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था, उसकी नब्ज नहीं चल रही थी और वह खुद से सांस भी नहीं ले रहा था। स्थिति को कार्डियक अरेस्ट (दिल का दौरा) समझकर, उन्होंने तुरंत तय प्रोटोकॉल के अनुसार बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) शुरू किया। उन्होंने अपने साथ गाड़ी चला रहे सेना के जवान को रेस्क्यू ब्रीद (सांस देने) में मदद करने का निर्देश दिया, जबकि वे खुद अच्छी तरह से चेस्ट कम्प्रेशन (छाती को दबाना) करते रहे। लगभग दो मिनट तक लगातार कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) करने के बाद, घायल व्यक्ति में रक्त संचार और सांस लेने की प्रक्रिया फिर से शुरू हो गई। सिर में चोट की आशंका को देखते हुए, मेजर जनरल पात्रा ने मरीज को सावधानीपूर्वक 'रिकवरी पोजीशन' में रखा ताकि सांस की नली खुली रहे और उल्टी होने पर कुछ भी सांस کی नली में जाने (एस्पिरेशन) का खतरा कम हो सके। चोटों की गंभीरता को समझते हुए, मेजर जनरल पात्रा ने साथ ही बनबसा छावनी से सेना की एम्बुलेंस बुलाने का इंतजाम भी किया। सेना का मेडिकल ऑफिसर और मेडिकल टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और घायल व्यक्ति की हालत स्थिर करके उसे आगे के इलाज के लिए नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) ले जाया गया। इस बीच, चलथी पुलिस चौकी से डायल-112 के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और घायल व्यक्ति के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके उसके परिवार से संपर्क किया। घायल व्यक्ति की पहचान लक्ष्मण सिंह (उम्र लगभग 40 वर्ष) के रूप में हुई, जो बिशन सिंह के बेटे थे और खटीमा के चकरपुर इलाके में बुधाबाग के रहने वाले थे। वे दुर्घटना के समय अपने रिश्तेदारों के साथ पूजा के लिए लोहाघाट जा रहे थे। यह घटना मौके पर मौजूद लोगों की तुरंत मदद और कार्डियक अरेस्ट के बाद के अहम मिनटों में बेसिक लाइफ सपोर्ट और CPR से जान बचाने के महत्व को उजागर करती है। यह भारतीय सेना और उसके मेडिकल समुदाय की जीवन बचाने की अटूट प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है—न केवल युद्ध के मैदान में बल्कि नागरिक आपात स्थितियों में भी—यह दिखाते हुए कि हर प्रशिक्षित सैनिक और सैन्य चिकित्सा पेशेवर जीवन और मृत्यु के बीच अंतर पैदा कर सकता है。
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कुरुक्षेत्र में पुजारी पर लाठीचार्ज, गला घोंटकर मारने की कोशिश; गिरफ्तारी की मांग

Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र :- जिला कुरुक्षेत्र के अढ़ोनी गांव में 80 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी के साथ हुई बेरहमी ने पूरे गांव को झकझोर दिया। मंदिर में अकेले रहकर सेवा और साफ-सफाई करने वाले पुजारी पर दो लोगों ने लाठी से हमला कर दिया। आरोप है कि पहले उन्हें बुरी तरह पीटा गया, उनकी टांग तोड़ दी गई और अधमरा करने के बाद गले में कपड़ा डालकर सड़क तक घसीटा गया। पूरी वारदात मंदिर परिसर और आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। गांव के सरपंच परमजीत सिंह के अनुसार, घटना देर शाम करीब 4 बजे के बीच की है। उस समय बुजुर्ग पुजारी रोज की तरह मंदिर में साफ-सफाई कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी पंकज अपनी गाड़ी से वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि वह सामने स्थित पीर की मजार पर बैठता है। पत्नी से मंगवाई लाठी, फिर शुरू कर दी पिटाई सरपंच के मुताबिक, आरोपी ने वहां पहुंचने के बाद अपनी पत्नी से लाठी मंगवाई। इसके बाद उसने बुजुर्ग पुजारी पर ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। लाठी के जोरदार प्रहार से पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि उनकी टांग भी तोड़ दी गई और उन्हें अधमरी हालत में छोड़ दिया गया। दूसरा आरोपी भी पहुंचा, गले में कपड़ा डालकर सड़क तक घसीटा ग्रामीणों के अनुसार, घटना के दौरान आरोपी के साथ एक और व्यक्ति भी था, जिसकी पहचान इंद्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह डेरा रायावाला से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर घायल पुजारी के गले में कपड़ा (परना) डाला और उन्हें सड़क तक उसी तरह घसीटकर ले गए, जैसे किसी शव को खींचा जाता है। इसके बाद उन्हें गांव के चौराहे पर छोड़ दिया। सुबह खून देखकर लोगों को हुआ शक अगली सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने मंदिर के आसपास खून पड़ा देखा। पुजारी भी वहां नहीं मिले। इसके बाद गांव के लोग सरपंच के पास पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी दी। सरपंच बोले- वजह क्या थी, यह आरोपी ही बता सकता है सरपंच ने बताया कि गांव वालों को अब तक यह नहीं पता कि आरोपी ने पुजारी पर हमला क्यों किया। उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वे शांत स्वभाव के थे और पूरे मंदिर की सेवा और साफ-सफाई करते थे। हालांकि कुछ रंजिश की बात सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि हमला किस वजह से किया गया, इसका जवाब केवल आरोपी ही दे सकता है। गांव वालों के कहने पर दोबारा आए थे पुजारी ग्रामीणों के मुताबिक, बुजुर्ग पुजारी पहले भी कई साल तक इसी मंदिर में रह चुके थे। कुछ समय बाद वे यहां से चले गए थे। बाद में गांव वालों के आग्रह पर दोबारा मंदिर में रहने और सेवा करने आए थे। गांव के लोग उन्हें बेहद सम्मान देते थे और उनके व्यवहार को लेकर कभी कोई शिकायत सामने नहीं आई। आरोपी पर पहले भी विवाद करने के आरोप सरपंच ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी पंकज पहले भी लोगों से विवाद करता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें रही हैं। इसलिए इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी के साथ ऐसी घटना न हो। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने CCTV फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है。
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लापता संजय कुमार परिजनों ने देवबंद में पुलिस से तलाश की गुहार

Saharanpur, Uttar Pradesh:30 तारीख से लापता युवक की पुलिस नहीं कर पाई तलाश परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंचे लापता युवक की तलाश के लिए लगाई गुहार, औरैया जिले का रहने वाला संजय कुमार कुछ लोगों के साथ सहारनपुर के थाना देवबंद क्षेत्र में काम करने के लिए पहुंचा था, पिछले 5 महीने से संजय कुमार देवबंद क्षेत्र में रहकर मेहनत मजदूरी का कार्य कर रहा था लेकिन काफी दिनों से उसकी घर पर बात नहीं हुई जिसके बाद औरैया जिले के रहने वाले संजय कुमार के चाचा और भाई सहारनपुर पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की परिजनों ने आरोप लगाया है कि 30 तारीख से संजय लापता है और जिनके साथ काम पर आया था उनके ऊपर गंभीर आरोप लगाए हैं , परिजनों ने एसएसपी कार्यालय पहुंच युवक की बरामदगी के लिए गुहार लगाई है , लापता युवक के चाचा जयकरण सिंह ने बताया कि उनका भतीजा लापता हो गया है किसी कंपनी में यहां पर कार्य करने के लिए आया था और जब कंपनी ने कम पर बुलाया था तो उनसे 23 हजार रुपए भी कंपनी के द्वारा जमा कराए गए थे इसके बाद उनको बताया गया कि दो लोगो को और बुलाओ लापता युवक ने अपने मां और मामा के गांव के एक लड़के को बुलाया था चाचा ने आरोप लगाया कि यह कंपनी ठगी का काम करती हैं और उनका जो भतीजा है पिछले चार-पांच महीने से यहां पर कार्य कर रहा था परिजनों का आरोप है कि जो लोग उसको कम पर लाए थे सीनियर लोग हैं उन्होंने ही संजय कुमार को गायब कराया है और देवबंद में ही उनका ऑफिस है और वह वहीं पर रहते हैं।
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ग्राम चौकीदारों ने मानदेय बढ़ाने के लिए मोर्चा खोला, 18–20 हजार की मांग

Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर। उत्तर प्रदेश ग्राम चौकीदार संगठन ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी सहारनपुर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए मानदेय बढ़ाने और राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई। चौकीदारों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें मात्र ₹2500 प्रतिमाह मानदेय मिलता है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद मुश्किल हो गया है। संगठन के प्रतिनिधि ठाकुर चरण सिंह ने बताया कि ग्राम चौकीदार वर्षों से गांवों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पुलिस को सूचनाएं उपलब्ध कराने और विभिन्न सरकारी कार्यों में सहयोग करते आ रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही राज्य कर्मचारियों जैसी सुविधाएं। उन्होंने कहा कि चौकीदारों की ड्यूटी का कोई निर्धारित समय नहीं है। सप्ताह में दो दिन थाने और बाकी दिन गांव में लगातार काम करना पड़ता है। आरोप लगाया कि कई थानों में चौकीदारों से सफाई और अन्य निजी कार्य भी कराए जाते हैं, जबकि यह उनकी जिम्मेदारी में शामिल नहीं है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्राम चौकीदारों को चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, आधुनिक वर्दी और डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा महंगाई को देखते हुए मानदेय में बढ़ोतरी की जाए। साथ ही 30 दिन की नियमित ड्यूटी का उचित भुगतान सुनिश्चित करने की भी मांग की गई संगठन ने सुझाव दिया कि बिहार और हरियाणा की तर्ज पर चौकीदारों का शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वर्गीकरण किया जाए, ताकि योग्य चौकीदारों को उनकी क्षमता के अनुसार जिम्मेदारियां दी जा सकें। ठाकुर चरण सिंह ने कहा कि सरकार से कई बार मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने मांग की कि ग्राम चौकीदारों का मानदेय बढ़ाकर कम से कम ₹18 हजार से ₹20 हजार प्रतिमाह किया जाए, ताकि वे अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर सकें और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला सकें।
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भगवान जगन्नाथ की अस्वस्थता के बाद उज्जैन में रथयात्रा की तैयारी तेज

Ujjain, Madhya Pradesh:सहस्त्र जलधाराओं के स्नान के बाद अस्वस्थ हुए भगवान जगन्नाथ को काढ़ा और खिचड़ी का सेवन कराया जा रहा है। महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों श्रद्धा और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस्कॉन मंदिर में विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की तबीयत सहस्त्र जलधाराओं से स्नान के बाद बिगड़ गई है। परंपरा के अनुसार, स्नान के बाद भगवान के अस्वस्थ होने का काल शुरू हो गया है, जिसके चलते मंदिर के पट भक्तों के दर्शन के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस दौरान भगवान को सांसारिक कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए मंदिर के सेवक पूरी निष्ठा के साथ सेवा में जुटे हुए हैं। परंपरा का पालन करते हुए भगवान ने अन्न और जल का त्याग कर दिया है और अब उन्हें पूरी तरह से प्राकृतिक उपचार दिया जा रहा है। मंदिर के सेवक अनंत गोपाल दास के अनुसार, भगवान को दिन में तीन बार विशेष औषधीय काढ़ा पिलाया जा रहा है, ताकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। वहीं, राजभोग के समय उन्हें बहुत ही सात्विक और हल्की खिचड़ी का भोग लगाया जा रहा है। पुजारियों और भक्तों का पूरा ध्यान भगवान के शीघ्र स्वस्थ होने पर केंद्रित है, जिसके लिए मंदिर परिसर में लगातार विशेष अनुष्ठान किए जा रहे हैं। मान्यताओं के मुताबिक, भगवान आषाढ़ अमावस्था तक इसी तरह एकांतवास में रहकर स्वास्थ्य लाभ करेंगे। इसके बाद आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा को उन्हें विशेष स्नान कराकर नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे, जिसके साथ ही मंदिर के पट पुनः भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे। भगवान के स्वस्थ होने के अगले दिन यानी 16 जुलाई को भव्य रथयात्रा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रभु नगर भ्रमण पर निकलेंगे। फिलहाल, भक्त अपने आराध्य के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं और रथयात्रा के दिन के दर्शन के लिए बेहद उत्साहित हैं।
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होटल में महिला कर्मचारी से छेड़छाड़ के आरोप, CCTV से संदेह, पुलिस जांच शुरू

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन के महाकाल थाना क्षेत्र स्थित एक होटल में महिला कर्मचारी से कथित छेड़छाड़ के आरोप के बाद विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. होटल शिवसागर एनएक्स में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मियों पर छेड़छाड़, अभद्र व्यवहार और मारपीट का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि विरोध करने पर विवाद बढ़ गया, जिसमें वह घायल हो गई. महिला ने आरोप लगाया है कि उसके सिर पर काँच की बोतल से वार किया गया. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. फुटेज में होटल के भीतर विवाद और झूमाझटकी होती दिखाई दे रही है. हालांकि, फुटेज में छेड़छाड़ या कथित हमले के तरीके की स्पष्ट पुष्टि नहीं होती. पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है. पूरे मामले की जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि शिकायत, सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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विदिशा अस्पताल प्रसूति वार्ड डिलीवरी के बाद तीन नर्सों के विरोध में ज्ञापन सौंपा

Vidisha, Madhya Pradesh:एंकर : विदिशा जिला अस्पताल में 2 जुलाई को प्रसूति वार्ड के बाहर हुई डिलीवरी के मामले में तीन नर्सों के निलंबन के विरोध में गुरुवार को नर्सिंग स्टाफ ने सीएमएचओ कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने पहुंचीं नर्सों में वे तीनों नर्सें भी शामिल थीं, जिन्हें विभाग ने निलंबित किया है। नर्सिंग स्टाफ का आरोप है कि बिना उनका पक्ष सुने एकतरफा कार्रवाई की गई है। वहीं सीएमएचओ का कहना है कि पूरी कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। वीओ-1 : 2 जुलाई की रात सिरोंज क्षेत्र की रहने वाली सुखवती ने जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड के बाहर बच्चे को जन्म दिया था। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच कर तीन नर्सों को निलंबित कर दिया। इसी कार्रवाई के विरोध में गुरुवार को बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ सीएमएचओ कार्यालय पहुंचा और निष्पक्ष सुनवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। बाइट : मनीषा, नर्स वीओ-2 : नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि घटना के संबंध में उनसे कोई पूछताछ नहीं की गई और बिना उनका पक्ष जाने कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी बात नहीं सुनी गई तो वे आंदोलन और हड़ताल करने के लिए मजबूर होंगे। बाइट : नर्स वीओ-3 : उधर, सीएमएचओ डॉ. रामहित कुमार ने विभागीय कार्रवाई को उचित बताते हुए कहा कि जांच के बाद ही निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही पाए जाने पर आउटसोर्स एजेंसी पर जुर्माना लगाया गया है, वहीं कुछ सुरक्षा गार्डों को भी सेवा से हटाया गया है। बाइट : डॉ. रामहित कुमार, सीएमएचओ
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जतारा थाना परिसर में युवक ने पेट्रोल डालकर आत्महत्या का प्रयास किया, वीडियो वायरल

Tikamgarh, Madhya Pradesh:टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना परिसर में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने का हंगामा करने लगा, पेट्रोल डालने के बाद वह जोर जोर से चीखने लगा जिससे थाना परिसर में अफरा तफरी मच गई, मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए युवक को पकड़ लिया और समझा बुझाकर उसे शांत कराया, फिलहाल अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है की युवक ने इतना बड़ा कदम उठाने की कोशिश क्यों की है, घटना के पीछे की वजह सामने नहीं आई है, वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल।
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जमुई के बेला गांव के जंगल से अज्ञात युवक का शव, हत्या की आशंका

Jamui, Bihar:जमुई बिचकोड़वा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गजही पंचायत स्थित बेला गांव के जंगली इलाके से पुलिस ने बुधवार देर शाम को करीब 30 वर्षीय एक अज्ञात युवक का सड़ा-गला शव बरामद किया है। शव के पास से पुलिस ने एक आसमानी रंग का हैंडल वाला चाकू और शराब की बोतल भी बरामद की है। मृतक के सिर पर गहरे जख्म के निशान पाए गए हैं। प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि करीब 5-7 दिन पहले अज्ञात अपराधियों ने युवक की हत्या कर साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को जंगल में फेंक दिया था।घटनास्थल बिहार-झारखंड सीमा से सटा होने के कारण मृतक के झारखंड का निवासी होने की संभावना जताई जा रही है।स्थानीय ग्रामीणों से जंगल में बदबू उठने की सूचना मिलने पर बिचकोड़वा थानाध्यक्ष राहुल कुमार,एसआई विकास कुमार और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार मृतक की लंबाई करीब 5 फीट 2 इंच है। उसने पीले रंग की टी-शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी तथा उसके दाहिने हाथ पर लाल धागा बंधा हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच की।थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि शव की स्थिति अत्यधिक खराब होने और कीड़े लग जाने के कारण सदर अस्पताल के डॉक्टरों ने इसे पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर रेफर कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ़ केस दर्ज कर लिया है।पुलिस क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच में जुटी है।
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1031 लीटर विदेशी शराब के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार – चेरो थाना कार्रवाई

Pariaunna, Bihar:चेरो थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1031.76 लीटर विदेशी शराब के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्कर गिरफ्तार हरनौत - चेरो थाना पुलिस ने गुरुवार तड़के बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय शराब तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए झारखंड से पटना ले जाई जा रही 1031.76 लीटर विदेशी शराब बरामद की तथा दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।थानाध्यक्ष रौशन कुमार ने बताया कि बिहार मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना से सूचना मिली थी कि पश्चिम बंगाल नंबर की एक महिंद्रा बोलेरो मैक्स पिकअप (WB-37E-8285) से झारखंड से अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप चेरो के रास्ते पटना ले जाई जा रही है। वाहन जांच के दौरान शराब की खेप बरामद सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने द्वारिका बिगहा मोड़ के समीप नाकेबंदी कर सघन वाहन जांच शुरू की।जांच के दौरान संदिग्ध बोलेरो मैक्‍स पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया। चालक और उपचालक वाहन छोड़कर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान जिले के सलानपुर थाना क्षेत्र निवासी विपिन यादव (20 वर्ष) और अखिलेश यादव (22 वर्ष) के रूप में हुई।वाहन की तलाशी लेने पर ब्लू तिरपाल और कुंदरी (सब्जी) के नीचे छिपाकर रखे गए रॉयल स्टेज ब्रांड के 115 कार्टन में कुल 2976 बोतल (1031.76 लीटर) विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस ने शराब के अलावा बोलेरो मैक्स पिकअप और दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए।पुलिस के अनुसार दोनों गिरफ्तार आरोपी अंतर्राज्यीय शराब तस्कर हैं। इनके आपराधिक इतिहास का सत्यापन किया जा रहा है। इस संबंध में चेरो थाना कांड संख्या 318/26 के तहत बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2022 की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।छापेमारी टीम में थानाध्यक्ष रौशन कुमार, सहायक अवर निरीक्षक मृत्युंजय कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक योगेंद्र राम, सहायक अवर निरीक्षक राम नरेश सिंह तथा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे。
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होटल के अवैध निर्माण पर नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई: महाकाल क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति

Ujjain, Madhya Pradesh:काली पट्टी बांधकर कर्मचारियों ने किया विरोध, आरोपी गिरफ्तार, होटल मालिक ने कार्रवाई को बताया अन्यायपूर्ण.. उज्जैन। महाकाल मंदिर क्षेत्र स्थित मां पीतांबरा होटल रेजिडेंसी में फायर सेफ्टी जांच के दौरान नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी से मारपीट के मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। एक ओर नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध जताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की, वहीं शाम को नगर निगम का अमला बुलडोजर लेकर होटल पहुंच गया। करीब दो घंटे तक मौके पर हाई वोल्टेज हंगामा चलता रहा। बाद में नगर निगम ने होटल को सील कर दिया। नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी, पुलिस बल और महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई। निगम अधिकारियों का कहना था कि होटल का कुछ हिस्सा अवैध निर्माण की श्रेणी में आता है और पूर्व में दिए गए नोटिस व सर्वे के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई के दौरान होटल संचालक और उनके परिजनों ने विरोध किया। होटल मालिक ने फायर सेफ्टी अधिकारी लक्ष्मण प्रसाद साहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जांच के दौरान अधिकारियों ने अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद उनके बेटे की अधिकारी से झड़प हुई। उनका आरोप है कि प्रशासन उनके खिलाफ बदले की भावना से बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है। और नगर निगम के द्वारा उन्हें कोई भी नोटिस नहीं दिया गया है.. उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे को पुलिस के सामने पेश कर दिया गया है, इसके बावजूद यह कार्रवाई की जा रही है। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने स्थिति संभाली। मौके पर मौजूद महिलाओं को पीसीआर वाहन के जरिए वहां से हटाया गया, जिसके बाद नगर निगम की कार्रवाई आगे बढ़ सकी। इधर, महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि बुधवार को फायर सेफ्टी जांच के दौरान हुए विवाद में नगर निगम के प्रभारी फायर अधिकारी के साथ मारपीट की शिकायत पर पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका था। मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपनी वैधानिक कार्रवाई कर रहा है और पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर तैनात है। होटल पक्ष की ओर से यदि कोई लिखित शिकायत दी जाती है तो उसकी भी नियमानुसार जांच की जाएगी। वहीं नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि शासकीय कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसी के विरोध में सभी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया। अधिकारियों के अनुसार होटल के संबंध में पहले से सर्वे और नोटिस की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी। भवन में निर्धारित सेटबैक और बिल्डिंग लाइन का उल्लंघन पाए जाने के कारण नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि भवन संबंधी नियमों के उल्लंघन के आधार पर की जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जयसिंहपुरा क्षेत्र में करीब दो घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नगर निगम ने अंततः होटल को सील कर दिया। मामले को लेकर प्रशासन और होटल संचालक के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद अब पूरे प्रकरण पर सभी की नजर बनी हुई है।
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