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Prabhansh VihwakarmaPrabhansh VihwakarmaFollow24 Nov 2024, 01:39 pm
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उत्तराखंड के सीएम धामी के जन्मदिन पर बागनाथ मंदिर में स्वास्थ्य दीर्घायु की प्रार्थना

Bageshwar, Uttarakhand:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जन्मदिन के अवसर पर बागेश्वर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री के स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना को लेकर कार्यकर्ताओं ने प्रसिद्ध बागनाथ मंदिर में हवन-यज्ञ किया। इस दौरान मंदिर में विधि-विधान से पूजा कर मुख्यमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए प्रार्थना की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जन्मदिन के मौके पर कार्यकर्ताओं ने धामी के स्वस्थ और सफल जीवन की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं भी दीं। कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में कार्यकर्ता मौजूद रहे。
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रामगंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, आरती घाट बंद

Almora, Uttarakhand:चखुटिया में सोमवार रात रामगंगा नदी का जलस्तर अचानक बढ़कर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। रात 8:23 बजे जिला आपदा परिचालन केंद्र को नदी का पानी बढ़ने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी नदी किनारे पहुंचे और लोगों को सतर्क किया। नदी में बढ़ते पानी को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से रामगंगा आरती घाट बंद कर दिया। लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने की अपील की गई। रामगंगा नदी का खतरे का निशान 923.450 मीटर है। जलस्तर कुछ समय के लिए इस निशान से ऊपर रहा, लेकिन बाद में पानी उतरने लगा। रात नौ बजे गेज स्टेशन पर नदी का जलस्तर 922.500 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.950 मीटर नीचे था। मंगलवार सुबह जलस्तर और घटकर 921.950 मीटर पर आ गया। प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
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पेय जल पाइपलाइन से गंदा पानी आने पर महिलाओं ने किया झज्जर में सड़क जाम

Jhajjar, Haryana:झज्जर के माता गेट के पास पुजावा कॉलोनी में पेयजल समस्या को लेकर महिलाओं का गुस्सा बुधवार को सड़क पर फूट पड़ा। पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन से सीवर का गंदा पानी सप्लाई होने का आरोप लगाते हुए बड़ी संख्या में महिलाएं सड़क पर उतर आईं और करीब एक घंटे तक जाम लगा दिया। महिलाओं का कहना था कि वे पिछले करीब एक माह से समस्या झेल रही हैं और बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कॉलोनी में विभाग की पेयजल पाइपलाइन के माध्यम से सीवर का गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है। इससे लोगों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। महिलाओं का कहना था कि दूषित पानी के कारण परिवारों की परेशानी लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहे। आक्रोशित महिलाओं ने सड़क पर जाम लगाने के दौरान एक स्कूली बच्चों की बस को भी रोक दिया। जाम के कारण सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान कुछ महिलाएं राह चलते लोगों से भी उलझती दिखाई दीं। प्रदर्शन के चलते आम राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने महिलाओं से बातचीत कर समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया और उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया। करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने जाम खोल दिया, जिसके बाद यातायात व्यवस्था सामान्य हो सकी। महिलाओं का कहना था कि जब लगातार शिकायत करने के बाद भी घरों में साफ पानी नहीं पहुंचा तो आखिरकार उन्हें सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। उनका सवाल था कि जब लोगों की रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ी पेयजल समस्या का समय रहते समाधान नहीं होगा, तो शिकायतें आखिर किस काम की हैं?
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PIR के आधार पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 20 लाख राजस्व का अनुमान

Jaipur, Rajasthan:काशीरामजयपुर。 SDRI की PIR के आधार पर परिवहन विभाग में कार्रवाई。 उदयपुरवाटी के बागोरा में परिवहन विभाग की टीम ने की कार्रवाई。 श्री लक्ष्मी केमिकल्स एंड इंडस्ट्रीज फर्म पर की गई वाहनों की जांच。 झुंझुनूं DTO रमेश कुमार यादव, MVI सुमित कुमार और रोहिताश भगासरा ने वाहनों की जांच की。 PIR में दर्ज एवं फर्म के अन्य वाहनों के बकाया टैक्स की जांच की。 टैक्स वसूली के लिए फर्म के एक डंपर को जब्त किया गया。 पुलिस थाना उदयपुरवाटी में जब्त किया गया डंपर को。 8 अन्य वाहनों को फर्म के कैम्पस में ही डिटेन किया गया。 कार्यवाही से विभाग को मिल सकता है करीब 20 लाख राजस्व。
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पटना-पूर्णिया के तीन ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी ब्यूरो की छापेमारी

Patna, Bihar:Patna-पूर्णिया के तीन ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ एक साथ छापेमारी शुरू की है। निगरानी टीम की कार्रवाई पटना में दो और पूर्णिया में एक ठिकाने पर चल रही है। इसी मामले में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े कागजातों की जांच कर रही है। तलाशी पूरी होने के बाद निगरानी ब्यूरो की ओर से बरामदगी और कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।
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राजस्थान के 11 आरटीओ-डीटीओ में ऑटोमैटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, अजमेर भी शामिल

Jaipur, Rajasthan:चाकसू, डीग में बनेंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, 10 साल बाद अजमेर RTO में भी बनेगा ट्रैक - परिवहन विभाग की ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर तैयारी, नए बने जिलों में भी ट्रायल ट्रैक बनाए जाएंगे - परिवहन विभाग ने कृषि विपणन बोर्ड को दिया कार्य, करीब 25 करोड़ खर्च कर होंगे ADTT, DTC निर्माण जयपुर। राजस्थान में नए बने जिलों में भी ड्राइविंग लाइसेंस अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर ही बनाए जाएंगे। ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम पर ड्राइविंग ट्रायल ली जाती है, ऐसे में लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता रहती है। परिवहन विभाग ने राज्य के 11 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। बढ़ते सड़क हादसों में कमी लाने और सही तरीके से वाहन चलाने वाले लोगों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। परिवहन विभाग राज्य के 11 परिवहन कार्यालयों में नए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने जा रहा है। दरअसल राज्य के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य पिछले कई वर्षों से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर हो रहा है। यहां पर मारुति सुजुकी कम्पनी के सहयोग से कम्प्यूटराइज्ड ट्रायल सिस्टम चल रहा है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की ट्रायल कम्प्यूटराइज्ड ट्रैक पर ली जाती है। केवल अच्छे चालक ही इस ट्रायल को उत्तीर्ण कर सकते हैं। अभी राज्य के कई बड़े जिलों में आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बने हुए नहीं हैं। इस कारण वहां मैन्युअल ट्रायल के आधार पर परिवहन निरीक्षक ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते हैं। वाहन चलाने में अयोग्य या कम प्रशिक्षित लोग सड़क हादसों को बढ़ावा देते हैं। इसे देखते हुए पिछले महीने परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत समर्पित सड़क सुरक्षा कोष से 25 करोड़ की लागत से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाए जाएंगे। अब परिवहन विभाग ने 11 कार्यालयों के स्थान चयनित करते हुए ट्रैक बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन 11 परिवहन कार्यालयों में दक्ष बनेंगे ड्राइवर - 7 आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में बनेंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक - कोटपूतली-बहरोड, शाहपुरा (जयपुर) डीग में बनेंगे ADTT - डीग जिला परिवहन कार्यालय पिछले साल से ही शुरू हुआ - अजमेर RTO में अभी तक ट्रैक नहीं बना हुआ, यहां ADTT बनेगा - जयपुर के चाकसू स्थित परिवहन उप कार्यालय में भी ट्रैक बनेगा - पीपाड़ सिटी और जोधपुर RTO द्वितीय में भी ADTT बनाए जाएंगे - इन 7 परिवहन कार्यालयों में सभी जगह ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी बनेंगे - इसके अलावा 4 अन्य RTO-DTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे - जयपुर RTO प्रथम और अलवर RTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे - बांसवाड़ा और हनुमानगढ़ DTO में भी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे कृषि विपणन बोर्ड जल्द बनाएगा डीपीआर परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड को निर्माण कार्य आवंटित किया है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने बोर्ड के मुख्य अभियंता को ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए डीपीआर बनाने के लिए कहा है। दोनों तरह के निर्माण केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर किए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि परिवहन विभाग ने नवगठित जिलों में भी ये अत्याधुनिक निर्माण कार्य बनाने शुरू कर दिए हैं। इससे विभाग को उम्मीद है कि प्रदेश के हर छोटे जिलाों में भी प्रशिक्षित और योग्य आवेदक ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकेंगे। अजमेर RTO में एक दशक बाद बनेगा ट्रैक अजमेर आरटीओ एकमात्र आरटीओ कार्यालय है, जहां करीब एक दशक बाद ऑटाेमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। दरअसल वर्ष 2016 में पहली बार प्रदेश के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्रावइंग टेस्ट ट्रैक बनाने का कार्य शुरू हुआ था। उस समय अजमेर को छोड़कर अन्य सभी 11 आरटीओ कार्यालय में ट्रैक बनाए गए थे। जबकि 2 जिला परिवहन कार्यालयों में भी ऑटोमेटेड ट्रैक बने थे। ये जिला परिवहन कार्यालय तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे का क्षेत्र झालावाड़ और तत्कालीन परिवहन मंत्री यूनुस खान का क्षेत्र डीडवाना चुने गए थे। लेकिन अब करीब एक दशक बाद अजमेर आरटीओ कार्यालय में भी ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनकर तैयार होगा।
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प्रतापगढ़ सभापति चुनाव: ज्योति सोनी बनाम मनीषा जैन, निर्दलीयों की भूमिका अहम

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ नगर परिषद सभापति पद के लिए नामांकन का आज आखिरी दिन हैं। सभापति पद के लिए कुल दो नामांकन दाखिल हुए। कांग्रेस की ओर से ज्योति सोनी और भाजपा की ओर से मनीषा जैन ने नामांकन दाखिल किया है। दोनों ही अपने-अपने वार्ड से पार्षद का चुनाव जीतकर नगर परिषद पहुंची हैं। अब सभापति की कुर्सी के लिए मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच है, लेकिन चुनाव का गणित तीन निर्दलीय पार्षदों के रुख पर भी काफी हद तक निर्भर करेगा। प्रतापगढ़ नगर परिषद में कुल 40 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में कांग्रेस ने 20 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के खाते में 17 सीटें आईं। तीन निर्दलीय पार्षद भी चुनाव जीतकर परिषद में पहुंचे हैं। सभापति चुनाव में बहुमत के लिए 21 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में कांग्रेस बहुमत के आंकड़े से सिर्फ एक सीट दूर है, जबकि भाजपा को बहुमत के लिए चार अतिरिक्त पार्षदों के समर्थन की जरूरत होगी। तीन निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गयी है। कांग्रेस को 21 के आंकड़े तक पहुंचने के लिए कम से कम एक अतिरिक्त समर्थन चाहिए, जबकि भाजपा को अपने 17 पार्षदों के साथ चार अतिरिक्त समर्थन जुटाने होंगे। चुनाव परिणाम के मुताबिक तीन निर्दलीयों में भाजपा के दो बागी और कांग्रेस का एक बागी पार्षद शामिल है। ऐसे में दोनों दलों के सामने अपने-अपने खेमे को एकजुट रखने के साथ निर्दलीयों से समर्थन हासिल करने की चुनौती है। कांग्रेस ने वार्ड 13 से निर्वाचित पार्षद ज्योति सोनी को सभापति पद का प्रत्याशी बनाया है। नगर परिषद चुनाव में ज्योति सोनी ने भाजपा की समता डोसी को 343 वोटों के अंतर से हराया था। कांग्रेस के पास 20 पार्षद होने के कारण पार्टी बहुमत के बेहद करीब है। अब पार्टी के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने और कम से कम एक अतिरिक्त समर्थन जुटाने की चुनौती है। वहीं भाजपा ने वार्ड 35 से निर्वाचित पार्षद मनीषा जैन को सभापति पद के लिए मैदान में उतारा है। मनीषा जैन ने नगर परिषद चुनाव में कांग्रेस के मनोज सांखला को 72 वोटों से हराया था। भाजपा के पास 17 पार्षद हैं और बहुमत के लिए चार अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है। ऐसे में भाजपा के लिए निर्दलीय पार्षदों के साथ समीकरण बनाना अहम होगा। सभापति चुनाव के इस मुकाबले में स्थानीय राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका पर भी नजरें रहेंगी। भाजपा की ओर से राजस्व मंत्री हेमंत मीणा की रणनीति और कांग्रेस की ओर से पूर्व विधायक रामलाल मीणा की भूमिका को स्थानीय स्तर पर चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। दोनों दलों के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने और बहुमत के लिए जरूरी समर्थन जुटाने की चुनौती है। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ अब सभापति चुनाव का अगला चरण शुरू हो गया है। दोनों दलों की नजरें निर्दलीय पार्षदों के रुख पर हैं। कांग्रेस के लिए 20 से 21 तक पहुंचने का रास्ता तलाशना अहम है, जबकि भाजपा को 17 से बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए चार अतिरिक्त समर्थन जुटाने होंगे। ऐसे में पार्षदों के बीच संपर्क और समर्थन को लेकर होने वाली कवायद पर अब सभी की नजर रहेगी।
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राजस्थान के 11 कार्यालयों में ऑटोमैटेड ड्राइविंग ट्रैक शुरू, लाइसेंस ट्रायल पारदर्शी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर। राजस्थान में नए बने जिलों में भी ड्राइविंग लाइसेंस अब ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर ही बनाए जाएंगे। ऑटोमेटेड ट्रैक पर कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम पर ड्राइविंग ट्रायल ली जाती है, ऐसे में लाइसेंस बनाने में पारदर्शिता रहती है। परिवहन विभाग राज्य के 11 कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। यह रिपोर्ट देखें- जहाँ बढ़ते सड़क हादसों में कमी लाने और सही तरीके से वाहन चलाने वाले लोगों को ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की दिशा में बड़ा बदलाव हो रहा है। परिवहन विभाग राज्य के 11 परिवहन कार्यालयों में नए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने जा रहा है। दरअसल राज्य के 13 आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का कार्य पिछले कई वर्षों से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर हो रहा है। यहाँ पर मारुति सुज़uki कम्पनी के सहयोग से कम्प्यूटराइज़्ड ट्राय system चल रहा है। इसमें ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों की ट्रायल कम्प्यूटराइज्ड ट्रैक पर ली जाती है। केवल अच्छे चालक ही इस ट्रायल को उत्तीर्ण कर सकते हैं। अभी राज्य के कई बड़े जिलों में आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बने हुए नहीं हैं। इस कारण वहां मैन्युअल ट्रायल के आधार पर परिवहन निरीक्षक ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी करते हैं। वाहन चलाने में अयोग्य या कम प्रशिक्षित लोग सड़क हादसों को बढ़ावा देते हैं। इसे देखते हुए पिछले महीने परिवहन विभाग के सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ ने एक प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके तहत समर्पित सड़क सुरक्षा कोष से 25 करोड़ की लागत से ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाए जाएंगे। अब परिवहन विभाग ने 11 कार्यालयों के स्थान चयनित करते हुए ट्रैक बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इन 11 परिवहन कार्यालयों में दक्ष बनेंगे ड्राइवर - 7 आरटीओ-डीटीओ कार्यालयों में बनेंगे ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक, कोटपूतली-बहरोड, शाहपुरा (जयपुर) डीग में बनेंगे ADTT, डीग जिला परिवहन कार्यालय पिछले साल से ही शुरू हुआ, अजमेर RTO में अभी तक ट्रैक नहीं बना हुआ, यहां ADTT बनेगा, जयपुर के चाकसू स्थित परिवहन उप कार्यालय में भी ट्रैक बनेगा, पीपाड़ सिटी और जोधपुर RTO द्वितीय में भी ADTT बनाए जाएंगे, इन 7 परिवहन कार्यालयों में सभी जगह ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर भी बनेंगे, इसके अलावा 4 अन्य RTO-DTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जयपुर RTO प्रथम और अलवर RTO में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे, बांसवाड़ा और हनुमानगढ़ DTO में भी ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बनेंगे। परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए परिवहन विभाग ने राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड को निर्माण कार्य आवंटित किया है। इसे लेकर परिवहन विभाग ने बोर्ड के मुख्य अभियंता को ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक और ड्राइवर्स ट्रेनिंग सेंटर बनाने के लिए डीपीआर बनाने के लिए कहा है। दोनों तरह के निर्माण केंद्र-सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की गाइडलाइन के आधार पर किए जाएंगे। बड़ी बात यह है कि परिवहन विभाग ने नवगठित जिलों में भी ये अत्याधुनिक निर्माण कार्य बनाने शुरू कर दिए हैं। इससे विभाग को उम्मीद है कि प्रदेश के हर छोटे जिलाें में भी प्रशिक्षित और योग्य आवेदक ही ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर सकेंगे।
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