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Kanpur - ईंटो से कूचकर अधेड़ की निर्मम हत्या, जांच में जुटी पुलिस
Garatha, Uttar Pradesh:घाटमपुर क्षेत्र के भैरमपुर गांव के पास खेतों में ईंटों से कूचकर अधेड़ की निर्मम हत्या कर दी। राहगीरों ने खेत में पड़ा अधेड़ का शव देखा तो पुलिस को घटना की सूचना दी। मौके में पहुंची पुलिस ने अधेड़ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।0
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SMS अस्पताल में संविदाकर्मी प्रीति तंवर की आत्महत्या, परिवार मुआवजे की मांग और तनाव
Jaipur, Rajasthan:प्रीति तंवर संविदाकर्मी की सुसाइड से जुड़ा मामला SMS अस्पताल में बिगड़ा माहौल परिजनों की मुआवजे को लेकर मांग पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग महिला चिकित्सालय में कार्यरत नर्सिंगकर्मी दीपक चरवाल ने आज की थी आत्महत्या इमरजेंसी का माहोल गंभीर0
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Sonalbhadra: 37 Years of Energy Capital to Strengthening Democracy
Obra, Uttar Pradesh:विंध्य और कैमूर की वादियों के बीच बसा, ऊर्जा राजधानी के रूप में देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाला सोनभद्र आज अपने गठन के 37वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। चार मार्च 1989 को मिर्जापुर से अलग होकर अस्तित्व में आए इस जिले ने विकास, औद्योगीकरण, ऊर्जा उत्पादन और लोकतांत्रिक भागीदारी के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है। पौराणिक महत्व से लेकर आधुनिक भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने तक का सफर तय करने वाले सोनभद्र की कहानी संघर्ष, गौरव और विकास की कहानी है। आइए बताते हैं आखिर कैसे पड़ा इस जिले का नाम सोनभद्र और कैसे अलग जिले के सपने को हकीकत में बदला गया। चार मार्च 1989 यही वह ऐतिहासिक तारीख थी जब मिर्जापुर के दक्षिणांचल को अलग कर उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में शामिल सोनभद्र का गठन किया गया। 2026 तक इस ऐतिहासिक पल को 37 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है और इस दौरान जिले ने विकास के कई नए अध्याय लिखे हैं। सोनभद्र नाम का संबंध प्राचीन इतिहास और पौराणिक परंपराओं से जुड़ा माना जाता है। आग्नेय पुराण में वर्णित शोण अथवा शोणनद के उल्लेख को आधार बनाते हुए इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को ध्यान में रखकर जिले का नाम सोनभद्र रखा गया। यही नाम आगे चलकर जिले की स्थायी पहचान बना। अलग जिला बनाने की मांग वर्षों तक चलती रही। लंबे जनआंदोलन, संघर्ष और जनभावनाओं के बाद आखिरकार चार मार्च 1989 को नए जिले की घोषणा हुई। उस दिन रॉबर्ट्सगंज नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर उत्सव जैसा माहौल था। लोगों की निगाहें बस उस ऐतिहासिक घोषणा पर टिकी थीं जिसका इंतजार वर्षों से किया जा रहा था। जैसे ही जिले के गठन की घोषणा हुई, पूरा सोनांचल जश्न में डूब गया और एक नए प्रशासनिक युग की शुरुआत हुई। आज यही सोनभद्र देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में जाना जाता है। विशाल तापीय विद्युत परियोजनाएं, खनिज संपदा, वन संपदा, आदिवासी संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य इसे प्रदेश के सबसे विशिष्ट जिलों में शामिल करते हैं। कभी सोनभद्र जनपद में महज दो विधानसभा हुआ करती थी। किंतु वर्ष 2007 के परिसीमन के बाद घोरावल व ओबरा विधानसभा अस्तित्व में आया। जबकि इन विधानसभा में पहली बार वर्ष 2012 में मतदान हुआ। जहां इन दोनों सीटों के घोरावल से सपा उम्मीदवार रमेश चंद्र दुबे पहली बार विधायक बनें तो ओबरा सीट पर बसपा ने अपना परचम लहराया। जबकि पहले से ही अस्तित्व में रही दो सीट सदर विधानसभा राबर्ट्सगंज से सपा उम्मीदवार अविनाश कुशवाहा को जीत मिली थी जबकि दुद्धी से निर्दल तौर पर रूबी प्रसाद पहली बार जीत कर विधानसभा पहुंची थी। वहीं बात करें सोनभद्र जनपद में कुल मतदाताओं की तो जिला निर्वाचन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर-2026 के बाद जनपद में कुल 11 लाख 97 हजार 527 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 6 लाख 42 हजार 847 पुरुष, 5 लाख 54 हजार 651 महिला तथा 29 अन्य जेंडर के मतदाता शामिल हैं। विधानसभा वार आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक 3 लाख 48 हजार 887 मतदाता घोरावल विधानसभा में दर्ज किए गए हैं, जबकि सबसे कम 2 लाख 65 हजार 875 मतदाता ओबरा विधानसभा में हैं। वहीं रॉबर्ट्सगंज में 3 लाख 789 तथा दुद्धी में 2 लाख 81 हजार 976 मतदाता दर्ज किए गए हैं। विशेष अभियान के दौरान 44 हजार 413 नए मतदाता सूची में शामिल हुए, जबकि 22 हजार 149 नाम हटाए गए। खास बात यह रही कि 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के युवा मतदाताओं की संख्या में बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है, जबकि महिला मतदाता अनुपात में भी सुधार देखने को मिला है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि 37 वर्षों के सफर में सोनभद्र न केवल विकास और ऊर्जा उत्पादन में आगे बढ़ा है, बल्कि लोकतंत्र की मजबूती में भी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। चुनावी चाय आपकी राय के खास कार्यक्रम में जब zee media सोनभद्र जनपद के स्वर्ण जयंती चौक पर पहुंचकर आने वाले चुनाव को लेकर लोगों से बात की तो कई लोगों ने सरकार के कार्य से संतुष्टि जताई तो बहुत सारे लोगों ने अभी और बेहतर करने को लेकर भी आवाज उठाई। बताया गया कि एक दशक में विकास के कई नए कीर्तिमान जरूर स्थापित किए गए हैं लेकिन आज भी बहुत सारी चीज अधूरी है खासकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं ने अपनी बात को बेबाकी से रखते हुए शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर प्रयास करने की मांग की और प्रतियोगी परीक्षाओं को स्वच्छंद रूप से नकल विहीन संपन्न कराने की आवाज उठाई। तो बढ़ती महंगाई और विकास के जरूरी विषयों पर भी और बेहतर करने की मांग की गई।0
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यमुना नदी में डूबकर 17 वर्षीय किशोरी की मौत, SDRF ने शव बरामद
Dehradun, Uttarakhand:यमुना नदी में डूबने से एक युवती की मौत हो गई। डायल 112 के जरिए SDRF की टीम को सूचना मिली कि भीमावाला के नजदीक यमुना नदी में एक किशोरी डूब गई है। सूचना मिलते ही अपर उप निरीक्षक आशिक अली के नेतृत्व में SDRF की टीम मौके पर पहुंची और त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। लेकिन टीम युवती की जिंदगी नहीं बचा पाई। एक्सपर्ट डीप डाइवर्स ने गहरे पानी में खोजबीन के बाद 17 वर्षीय युवती का शव बरामद कर लिया। युवती की पहचान 17 वर्षीय किशोरी देवी के रूप में हुई है, जो नवाबगढ़ क्षेत्र की रहने वाली है। SDRF ने युवती के शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया है; पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।0
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देवबंद अदालत में नीरज बवाना का 313 बयान, अनुज गोयल हमले केस अपडेट
Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर माफिया नीरज बवाना को देवबंद एडीजे न्यायालय में पेश किया गया। डॉक्टर अनुज गोयल पर हुए हमले के मामले में उनके 313 के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान कचहरी परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी थी।नीरज बवाना को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दिल्ली से देवबंद लाया गया। वह लगभग 11 बजे देवबंद कोर्ट पहुंचा। एडीजे की अदालत में करीब 20 मिनट तक नीरज बवाना के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा में वापस दिल्ली भेज दिया गया। उल्लेखनीय है कि यह मामला वर्ष 2017 का है, जब प्रसिद्ध चिकित्सक अनुज गोयल पर उनके ही क्लीनिक में हमला हुआ था। इस मामले में नीरज बवाना पर मुकदमा चल रहा है और वह इसी केस में अपने बयान दर्ज कराने के लिए देवबंद न्यायालय आया था। वरिष्ठ अधिवक्ता ठाकुर सुरेंद्र पाल सिंह ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा- पुलिस ने इस मामले में नीरज बवाना को नामजद कर अपना पल्ला झाड़ लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि पता नहीं चिकित्सक पर गोली किसने चलाई थी।0
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पूर्व जिलाउपाध्यक्ष सपा वीरेंद्र शुक्ला की दस माह के बाद सपा में पुन वापसी।
Netua Grameen, Uttar Pradesh:उन्नाव : उन्नाव में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र शुक्ला जो की निष्कासित चल रहे थे। 10 माह के बाद वीरेन्द्र शुक्ला का निष्कासन समाप्त हो गया। इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर झूम उठी गंगाघाट के राजधानी मार्ग पर स्थित उनके आवास पर सैकड़ो समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता ने उन्हें फुल माला पहनाकर मिठाई खिलाकर समाजवादी पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाने का कार्य सभी लोग मजबूती से करेंगे। इस मौके पर कार्यकर्ताओं में उमा लाल यादव सुनील सिंह, मिन्टू निषाद, तौफीक , राजन कनौजिया नीरज यादव विक्रम सिंह भदोरिया आशा भोसले यशराज प्रताप सिंह अनूप मिश्रा अनूप साहू गौरव यादव डॉक्टर अरुण सविता सोना रावत पप्पू सर्वेश राजपूत दिलीप यादव सरवर खान काशिफ खान आशा अग्रवाल मोहम्मद शाहबाज खान सुरेश भारत अग्निहोत्री शुभम मिश्रा सत्यम तिवारी मुकेश निषाद अरविंद यादव गज्जन लाल आज लोग मौजूद रहे।0
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नाडिया में नौ लाख रुपये धोखाधड़ी मामले में टीएमसी बूथ अध्यक्ष समेत उनके पति गिरफ्तार
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস চাকরির প্রতিশ্রুতি দিয়ে নয় লক্ষ টাকা প্রতারণার অভিযোগে গ্রেপ্তার নদীয়ার নাকাসিপাড়া ব্লকের ধর্মদা থেকে তৃণমূল বুথ সভাপতি তথা পঞ্চায়েত সদস্যার স্বামী গ্রেপ্তার। অভিযুক্ত পঞ্চায়েতে তৃণমূলের 252 নম্বর বুথের বুথ সভাপতি সমর নন্দন তার স্ত্রী কাকলি নন্দন ঘোষ ওই পঞ্চায়েতের পঞ্চায়েত সদস্যা। পুলিশ ও স্থানীয় সূত্রে জানা যায় ওই এলাকার বাসিন্দা বিশ্বজিৎ বারুই গত বুধবার রাতে নাকাশীপাড়া থানায় ঐ তৃণমূল নেতার নামে লিখিত অভিযোগ জানান। আপার প্রাইমারিতে চাকরির প্রতিশ্রুতি দিয়ে নয় লক্ষ টাকা প্রতারণার অভিযোগ তার বিরুদ্ধে। নাকাশীপাড়া থানায় সেই অভিযোগের ভিত্তিতে গ্রেপ্তার করে আজ কৃষ্ণনগর জেলা আদালতে পাঠায়। Jugol? যদিও ওই তৃণমূল নেতা তার বিরুদ্ধে আনা অভিযোগ অস্বীকার করলেন পুলিশ ভ্যানে বসে।0
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झारखंड में SIR के बहाने JMM ने BL-2 प्रशिक्षण शुरू किया
Sahibganj, Jharkhand:बिहार और पश्चिम बंगाल में जिसप्रकार एस आई आर के बहाने चुनाव आयोग और बीजेपी ने सत्ता में काबिज होने का काम किया हैं इसे पुरा देश देखा हैं. इससे सबक लेते हुए हमारी पार्टी ने चुनाव आयोग द्वारा झारखण्ड में हो रहे एस आई आर में पार्टी के बीएलए -2 के प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया. जिस शिविर में भाग लेने मै आज साहिबगंज पहुंचा। यह बाते जेएमएम के केंद्रीय महासचिव बिनोद पाण्डेय ने साहिबगंज में कहा। साहिबगंज में पार्टी की ओर से बिनोद पाण्डेय का भव्य स्वागत किया गया. जेएमएम पार्टी द्वारा साहिबगंज टाउन हॉल में एक दिवसीय बीएलए -2 प्रशिक्षण शिविर लगाया गया. जिसमे तकनिकी पहलुओं की जानकारी देने बिनोद पाण्डेय साहिबगंज पहुंचें. इस शिविर में काफ़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्त्ता पहुंचें. टाउनहॉल खचाखच भर गया. इस मौके पर टाउनहॉल को जेएमएम के झंडे और नेताओं के पोस्टर से पट दिया. बिनोद पाण्डेय की पहुँचने पर सबसे पहले दिशोंम गुरु शिबू सोरेन के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गयी और शिबूसोरेन अमर रहे के नारे लगने लगे. इस शिविर में जेएमएम के केंद्रीय सचिव पंकज मिश्रा, राजमहल सांसद विजय हांसदा, राजमहल विधायक मो ताजुद्दीन, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, लिट्टीपाडा विधायक हेमलाल मुर्मू सहित कई नेता शामिल हुए. शिविर का संचालन जेएमएम जिलाध्यक्ष अरुण सिंह ने किया. इस मौके पर जेएमएम महासचिव बिनोद पाण्डेय ने कहा की एस आई आर में निहित बारीकीयों और तकनिकी पेंच को बताने बिनोद पाण्डेय ने प्रशिक्षण का कार्यक्रम बनाया हैं. अबतक 17 जिलों में यह शिविर हो चूका हैं. इसके बाद गोड्डा, देवघर होते हुए हम निकल जायेंगे. एस आई आर फॉर्म में क्या क्या जानकारी मांगी जाती हैं उसमे क्या क्या दस्तावेज जरुरी हैं फॉर्म को कैसे भरना हैं इसकी पूरी जानकारी दी जा रही हैं. वोटर लिस्ट मैपिंग में कोई छूट ना जाये. और भाजपा का मंशा कामयाब ना हो. इसके लिए हमारी पार्टी ने पूरी रणनीति तैयार कर रखी हैं. इस शिबिर को देखने से ऐसा लगता हैं की झारखण्ड में एस आई आर से निपटने के लिए जेएमएम ने पूरी तैयारी कर रखी हैं.0
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बेतिया जेल में कैदी की मौत पर परिजनों ने आरोप, उच्चस्तरीय जांच की मांग
Bettiah, Bihar:बेतिया से खबर है जहां बेतिया मंडल कारा के एक कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई है कैदी के मौत के बाद परिजनों ने उत्पाद विभाग पर गंभीर आरोप लगाये है उत्पाद विभाग ने 9 जून को भुलन साह को सिकटा बार्डर से शराब के नशे में गिरफ्तार किया था दस जून को उसे जेल भेज दिया गया था मंडल कारा में देर रात्रि तबियत बिगड़ी जिससे कैदी को बेतिया जीएमसीएच में भर्ती कराया गया इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है मजिस्ट्रेट के देख रेख में कैदी का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है वही परिजन कैदी के मौत मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे है0
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जयपुर किसान महाकुम्भ: रासायनिक खेती के खिलाफ प्राकृतिक खेती का आह्वान
Jaipur, Rajasthan:राजधानी जयपुर में शुक्रवार को प्रदेश में प्राकृतिक खेती को लेकर बढ़ावा देने के लिए किसानों का महाकुम्भ हुआ। इसमें खेती में रासायनिक उर्वरकों के बढ़ रहे उपयोग को लेकर चिंता जाहिर की गई और देश की भावी पीढ़ी को बचाने के लिए प्राकृतिक खेती करने का आह्वान किया गया। गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रासायनिक खेती पर हमला करते हुए कहा हम अब भी सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ियां किसानों और समाज को माफ नहीं करेगी, अब हम खेती नहीं पाप कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किसानों से प्राकृतिक खेती कर पुरखों की धरोहर जमीन को बचाने का आह्वान किया। राजधानी जयपुर के एसएमएस इंडोर स्टेडियम में शुक्रवार को बीजेपी किसान मोर्चा की ओर से आयोजित किसान महाकुम्भ में प्रदेशभर से हजारों किसान जुटे। मंच पर सरकार, संगठन और कृषि विशेषज्ञों की मौजूदगी के बीच प्राकृतिक खेती को लेकर बड़ा संदेश दिया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि किसान धरती का पालनहार है, लेकिन रासायनिक खेती के बढ़ते इस्तेमाल ने मिट्टी, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने किसान को राजाओं का राजा कहा है। किसान के खेत में पक्षी भी पेट भरते हैं, पशु भी लाभ उठा जाते हैं और मनुष्य का पेट भरता ही है। उत्पादन घटने के डर से किसान प्राकृतिक खेती नहीं करते हैं। सबसे मेहनत और ईमानदारी से कमाया गया धन खेती होता है, लेकिन आज खेती का स्वरूप बदल गया है। जिस तरह से खेतों में रसायनों का इस्तेमाल बढ़ रहा है, उससे मिट्टी, पानी और मानव स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति जारी रही तो आने वाली पीढ़ियां किसानों और समाज को माफ नहीं करेंगी। बाइट - आचार्य देवव्रत, राज्यपाल गुजरात आचार्य देवव्रत ने किसानों को जैविक खेती और प्राकृतिक खेती के बीच का अंतर भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक और नेचुरल खेती को समझ नहीं पा रहे हैं। अक्सर लोग दोनों को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों अलग है। उनके अनुसार प्राकृतिक खेती भारत की परंपरागत कृषि व्यवस्था का हिस्सा रही है, जबकि जैविक खेती अलग मॉडल पर आधारित है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती में लागत कम होती है, मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहती है और किसान बाहरी संसाधनों पर कम निर्भर रहता है। यही वजह है कि देशभर में अब प्राकृतिक खेती को लेकर रुचि बढ़ रही है। आज देश में करीब 80 लाख किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। जैविक खेती में मेहनत भी कम नहीं होती, उसमें बीमारियों का भी कंट्रोल नहीं होता और उससे हमारे को लाभ नहीं मिला है। आचार्य देवव्रत ने अपने व्यक्तिगत अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं खेती करते हैं, खेत में हल चलाते हैं और गाय का दूध निकालते हैं। उन्होंने दावा किया कि प्राकृतिक खेती से रासायनिक खेती की तुलना में बेहतर उत्पादन भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने जंगलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कोई डेयापी, यूरिया या रासायनिक खाद नहीं डालता, फिर भी पेड़-पौधे और वनस्पतियां स्वाभाविक रूप से विकसित होती हैं। बाइट - आचार्य देवव्रत, राज्यपाल गुजरात आचार्य देवव्रत ने किसानों से आह्वान किया कि वे केवल उत्पादन बढ़ाने की सोच तक सीमित न रहें बल्कि मिट्टी और पर्यावरण को बचाने का भी संकल्प लें। उन्होंने कहा कि खेती केवल आज की जरूरत नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों की जिम्मेदारी भी है। अगर मिट्टी की सेहत खराब होती गई तो भविष्य में उत्पादन और खाद्य सुरक्षा दोनों संकट में आ सकते हैं। इसलिए प्राकृतिक खेती केवल कृषि सुधार नहीं बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय आंदोलन है। रासायनिक खेती के कारण जमीन अपनी उर्वरकता खोती जा रही है। ऐसे में जो धरती सोना थी, आज वह एक तरह से जमीन बंजर हो चुकी है। बाइट - आचार्य देवव्रत, राज्यपाल गुजरात इधर कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी प्राकृतिक खेती को लेकर अपनी सरकार की सोच स्पष्ट की। रासायनिक खाद के साथ पानी की भी खपत बढ़ रही है। हमारे पूर्वजों ने जमीन को सुरक्षित रखा। उन्होंने रासायनिक खाद से अपनी जमीन को खराब नहीं होने दिया। पुरखों ने हमे अच्छी जमीन दी, लेकिन हमने क्या किया ? हम पहले प्राकृतिक खाद का उपयोग करते थे। अब समय आ गया है कि हम यह सोचें कि अपने बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को कैसी जमीन सौंपकर जाएंगे। हमारे पूर्वजों ने कठिन परिस्थितियों में भी जमीन और संसाधनों को बचाकर रखा, इसलिए हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम कृषि भूमि को सुरक्षित रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती की शुरुआत में कुछ चुनौतियां और परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन लंबे समय में इसके परिणाम सकारात्मक होंगे। उन्होंने अपना निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनकी एक जमीन पर कभी यूरिया का उपयोग नहीं किया गया और आज वहां भी आसपास के खेतों के बराबर उत्पादन हो रहा है। मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के संकल्प पर काम कर रही है। वर्तमान में 26 जिलों में किसानों को दिन के समय बिजली दी जा रही है और आने वाले समय में इसका विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान बिजली उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सरकार पानी, बिजली और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा में संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को हमेशा आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा हमारे यहां किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष बनने कैलाश चौधरी पहले किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और बाद में केंद्रीय मंत्री बने। इसी तरह भागीरथ चौधरी भी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे और केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बनें। इससे पहले सांवर लाल जाट मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे, वो भी केंद्र में मंत्री रहे। इसी तरह कई नेताओं ने संगठन से निकलकर बड़ी जिम्मेदारियां संभाली हैं। राठौड़ ने कहा कि पेस्टिसाइड उपयोग के कारण बीमारियां हो रही है। पंजाब में रासायनिक खाद के उपयोग से कैंसर बढ़ रहा है। हालत यह है कि पंजाब से चलने वाली एक ट्रेन का नाम ही कैंसर ट्रेन रख दिया गया, यह चिंता का विषय है। बाइट - मदन राठौड़, प्रदेश अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कैलाश चौधरी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को लेकर शुरू किया गया यह अभियान केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहेगा। इसे जिला स्तर, विधानसभा स्तर और गांव-ढाणी तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों से जोड़ने और जागरूक करने के लिए प्रदेशभर में कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। उद्देश्य यह है कि खेती की लागत कम हो, मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और भविष्य की कृषि व्यवस्था मजबूत हो। कुल मिलाकर जयपुर का किसान महाकुंभ सिर्फ एक कृषि कार्यशाला नहीं रहा, बल्कि यहां से किसानों को प्राकृतिक खेती का संदेश देने के साथ-साथ भाजपा संगठन और नेतृत्व के भविष्य को लेकर भी कई राजनीतिक संकेत देखने को मिले। एक ओर रासायनिक खेती के खिलाफ चेतावनी थी, दूसरी ओर प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने का संकल्प। अब देखने वाली बात होगी कि सरकार और संगठन की यह मुहिम खेतों तक कितनी तेजी से पहुंच पाती है और किसान इसे किस रूप में अपनाते हैं।0
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चन्द्रेसल मठ महंत हत्या केस: गिरफ्तार दो आरोपी 2 दिन की कोर्ट रिमांड पर
Kota, Rajasthan:चन्द्रेसल मठ के महंत देवानन्द महाराज की हत्या के गिरफ्तार 2 आरोपियों को पुलिस ने किया कोर्ट में पेश लिया 2 दिन के रिमांड पर कोटा बोरखेड़ा थाना इलाके के चन्द्रेसल मठ के महंत देवानन्द महाराज की हत्या मामले ने गिरफ्तार आरोपी वकील संतोष राय व पुष्पेंद्र सिंह को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे कोर्ट में पेश किया। जहा से उन्हें 2 दिन के रिमांड पर लिया गया है। इन्हें याब 14 जून को कोर्ट में पेश किया जवेगा।पुलिस उनसे अब पूछताछ करेगी।साथ ही पुलिस ने इस मामले में फरार आरोपियों को भी डिटेन किया है। आपको बतादे की देवानन्द महाराज की 5 जून की रात्रि को हत्या कर दी गयी थी। वकील संतोष राय ने किराए के बदमाशो से हत्या को अंजाम दिलवाया था।0
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नरवाना में आंधी-तूफान से बाबा जमीननाथ गौशाला भारी नुकसान, 70–80 लाख का अनुमान
Jhanj Kalan, Haryana:नरवाना में कुदरत का कहर! तेज तूफान से बाबा जमीननाथ गौशाला में भारी तबाही, 70 से 80 लाख के नुकसान का अनुमान आंधी-तूफान के कारण धराशायी हुए गौशाला के शेड, मलबे में दबने से बछड़े की मौत; कई गौवंश घायल। तबाही के बाद मौके पर पहुंचे तहसीलदार विजय कुमार ने भारी नुकसान का जायजा लेकर जल्द प्रशासनिक मदद का दिया भरोसा रात के अंधेरे में आए तूफान ने बाबा जमीननाथ गौशाला को अपनी चपेट में ले लिया। तेज हवाओं के सामने बड़े-बड़े शेड ताश के पत्तों की तरह बिखर गए। गौवंश को बचाने के लिए कर्मचारियों और ग्रामीणों ने जान जोखिम में डालकर प्रयास किए, लेकिन एक बछड़े की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया। तूफान की रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि दूध वाली गायों के शेड, चारदीवारी, स्टेज शेड, वाहन शेड, फीड मिक्सर यूनिट, पशु औषधालय, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली तक को भारी नुकसान पहुंचा। गौशाला प्रबंधन के अनुसार शुरुआती अनुमान में 70 से 80 लाख रुपये की क्षति हुई है। हर तरफ टूटी छतें, उखड़े पंखे और बिखरा सामान तबाही की कहानी बयां कर रहा है। बाइट 1: विजय कुमार (तहसीलदार, नरवाना) हमें सूचना मिली थी कि तूफान के कारण बाबा जमीननाथ गौशाला को काफी नुकसान पहुंचा है। मैंने स्वयं मौके पर आकर निरीक्षण किया है। शेड, दीवारें और मशीनरी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। नुकसान का पूरा एस्टीमेट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा जा रहा है ताकि प्रशासनिक स्तर पर उचित और त्वरित सहायता प्रदान की जा सके। बाइट 2: बलवान सिंह (पूर्व उप प्रधान, गौशाला समिति) रात को आए अचानक तूफान ने हमारी वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। गायों के रहने की जगह, औषधालय, पंखे, गाड़ियां सब खत्म हो गया है। करीब 70-80 लाख का नुकसान है। हमारी सरकार और प्रशासन से हाथ जोड़कर अपील है कि इस संकट की घड़ी में तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए ताकि हम अपने गौवंश की देखभाल फिर से सुचारू कर सकें।0
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अयोध्या में 4.92 करोड़ का इंडोर मिनी स्टेडियम बनेगा
Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या के खिलाड़ियों और छात्रों के लिए एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राजकीय इंटर कॉलेज, अयोध्या परिसर में करीब 4 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से आधुनिक इंडोर मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा। शुक्रवार को नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता और महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से भूमिपूजन कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारम्भ किया। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सीएंडडीएस और उत्तर प्रदेश जल निगम को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना को एक वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावित इंडोर स्टेडियम में बैडमिंटन, टेबल टेनिस, वॉलीबॉल और बास्केटबॉल जैसी खेल गतिविधियों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही प्लंबिंग, सीवरेज, सेनेटरी व्यवस्था और विद्युतीकरण सहित सभी आवश्यक अवस्थापना कार्य भी कराए जाएंगे।0
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सीहोर में मानसून से पहले बाढ़-जलभराव रोकथाम के दावों पर लोगों की प्रतिक्रिया
Sehore, Madhya Pradesh:सीहोर मानसून से पहले सीहोर प्रशासन अलर्ट मोड पर, बाढ़ और जलभराव से निपटने के बड़े दावे मानसून से पहले प्रशासन के बड़े दावे, जनता बोली— हर साल होती हैं ऐसी घोषणाएं, लेकिन बारिश में खुलती है पोल सीहोर जिले में मानसून की दस्तक से पहले प्रशासन ने बाढ़, अतिवृष्टि और जलभराव जैसी आपदाओं से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां करने का दावा किया है। प्रशासन के अनुसार नदी-नालों की सफाई का कार्य जारी है, बाढ़ संभावित क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है तथा एसडीआरएफ की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। प्रशासन ने जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जो 15 जून से पूर्ण रूप से सक्रिय रहेगा। आम नागरिकों की शिकायतों और सूचना के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके. हालांकि प्रशासनिक दावों पर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष मानसून से पहले इसी तरह तैयारियों के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही व्यवस्थाओं की पोल खुल जाती है। लोगों का आरोप है कि जिले के कई नदी-नालों की अब तक पूरी तरह सफाई नहीं हुई है, जबकि शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों में नालियां अभी भी चोक पड़ी हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो भारी बारिश के दौरान जलभराव और हादसों की स्थिति फिर बन सकती है। ऐसे में इस बार प्रशासन के दावे कितने कारगर साबित होते हैं, यह मानसून की पहली तेज बारिश के बाद ही स्पष्ट होगा।0
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शाहजहांपुर में फर्जी ब्रिगेडियर गिरफ्तार, नकली पहचान पत्र और पिस्तौल बरामद
Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:नाम शिव कुमार लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर में आर्मी क्षेत्र में फर्जी ब्रिगेडियर पकड़ा गया है। पकड़ा गया फर्जी ब्रिगेडियर आर्मी क्षेत्र में घूम रहा थ। फिलहाल पकड़े गए फर्जी ब्रिगेडियर को मिलिट्री पुलिस अपने साथ ले गई है। जहां उसके साथ पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा बरेली की विशेष इंटेलिजेंस टीम भी बुलाई गई है। पकड़े गए फर्जी ब्रिगेडियर के पास से नकली आई कार्ड नकली पिस्तौल और सुना से जुड़े हैं तमाम दस्तावेज मिले हैं उसने अपने घर पर भी ब्र Brigadier नाम से नेम प्लेट लगा रखी थी। आर्मी के संवेदनशील इलाके में फर्जी ब्रिगेडियर के पकड़े जाने से सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। दरअसल ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर और ब्रिगेड के स्टार लगाकर एक शख्स यहां कैंट इलाके में बने म्यूजियम में घूम रहा था। उसकी गतिविधियां देखकर लोगों को शक हुआ। जब उसे बात की गई तो उसके हाव-भाव सही नहीं लगे। इसके बाद स्थानीय लोगों ने सेना को इसकी सूचना दी। सूचना के बाद मौका में पहुंची मिलिट्री पुलिस ने फर्जी ब्रिगेडियर को अपने कब्जे में ले लिया और उसे आर्मी के कैंट एरिया में ले गई है। पूछताछ में उसका नाम आर्यन वर्मा सामने आया हैम जो कि रोजा थाना क्षेत्र के दुर्गा एनक्लेव कॉलोनी का रहने वाला है। दरअसल जिस इलाके में फर्जी ब्रिगेडियर घूम रहा था। वह सेना का बेहद संवेदनशील इलाका है। यहां सेवा की पूरी एक ब्रिगेड मौजूद है। इसके अलावा डीएम और सपा के आवास भी मौजूद हैं। फिलहाल सेना की इंटेलिजेंस टीम उससे पूछताछ करने में जुटी हुई है। इसके अलावा बरेली से सेना की विशेष इंटेलिजेंस टीम भी पहुंच रही है। जो फर्जी ब्रिगेडियर से गहन पूछताछ करेगी। आखिर सेना के ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर कैंट क्षेत्र में उसकी मौजूदगी का मकसद क्या है। हालांकि सेवा के पूर्व अधिकारी का कहना है कि उन्होंने कई बार इस फर्जी ब्रिगेडियर को देखा था और वह उसकी तलाश में थे। पकड़े गए फर्जी ब्रिगेडियर के पास से नकली आई कार्ड नकली पिस्तौल और सुना से जुड़े हैं तमाम दस्तावेज मिले हैं उसने अपने घर पर भी ब्र Brigadier नाम से नेम प्लेट लगा रखी थी।0
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राजस्थान कांग्रेस में गहलोत-पायलट की तल्खी पर विराम, क्या सुलह हो पाई?
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान कांग्रेस में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच चली आ रही खींचतान पर फिलहाल ब्रेक लगता हुआ नजर आ रहा है… अशोक गहलोत VS सचिन पायलट पहले टकराव, फिर प्यार… क्या सुलझ गया विवाद? पहले आरोप, फिर जवाब… अब क्यों बदले तेवर? गहलोत ने लगाए थे आरोप, तो पायलट ने दिया था इशारों में जवाब क्या अब सच में खत्म हो गया विवाद? गहलोत-पायलट की सियासी तल्खी पर फिलहाल विराम ? पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मानेसर कांड और कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनने के पीछे साजिश का जिक्र कर राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर कांग्रेस सरकार के समय हुए सियासी घटनाक्रम को जिंदा कर दिया था। अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर भी कई आरोप लगाए थे… वहीं सचिन पायलट ने भी बिना नाम लिए इशारों-इशारों में जमकर जवाब दिया था। बाइट… पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत VS सचिन पायलट (अशोक गहलोत के आरोप वाली बाइट… “सचिन की आंखों में देखोगे तो सच्चाई पता लगेगी” वाली बाइट) लेकिन आरोप और जवाबों के बाद अब गहलोत और पायलट खेमे में चली आ रही बयानबाजी पर विराम लगता हुआ नजर आ रहा है। दोनों नेताओं ने अपने-अपने अंदाज में तेवर दिखाए… लेकिन अब दोनों के ही तेवर बदले हुए नजर आ रहे हैं। बाइट… पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत VS सचिन पायलट लेकिन राजनीतिक हलकों में यह सवाल बरकरार है कि आखिर क्यों अशोक गहलोत ने मानेसर की जिन्न को फिर बाहर निकाला था… और फिर अचानक सारे इश्यू खत्म करने का ऐलान क्यों किया? हाल ही में सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चली राजनीतिक तल्खी ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान कांग्रेस में फिलहाल भले ही शांति दिखाई दे रही हो… लेकिन कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है।देखना दिलचस्प होगा कि अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सुलह की ये बातें आखिर कब तक बरकरार रह पाती हैं। विष्णु शर्मा0
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