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Mohd TasleemMohd TasleemFollow18 Jan 2025, 04:59 am

Kanpur Dehat- तीन दिन से पानी को तरसती दो हजार की आबादी

Rajpur, Uttar Pradesh:

राजपुर थाना के सामने जल निगम के नलकूप की मोटर जलने राजपुर कस्बे की आधी आबादी दो दिनों से पेयजल संकट से जूझ रही है। ऐसे में तीन वार्डों के लोग हैंडपंप व निजी सबमर्सिबल से पानी भरने को मजबूर है। कस्बे के थाना के सामने पानी की टंकी के नलकूप की मंगलवार शाम मोटर में तकनीकी खराबी होने से कस्बे के कन्हैया नगर, मुखर्जी नगर व अयोध्या नगर में पेयजल आपूर्ति ठप्प हो गई थी। नगर के लोगों ने नगर पंचायत व जलनिगम के कर्मचारियों से शिकायत करने के बाद गुरुवार को टंकी के आपरेटर ने निजी मैकेनिक को बुलवाकर नलकूप की मोटर की जांच कराई। हालांकि देर शाम तक मोटर की मरम्मत नहीं होने से पेयजल आपूर्ति बहाल नही हो सकी।

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हजारीबाग: देर रात पुलिस ने दो बदमाशों को गिरफ्तारी, एक घायल

Hazaribagh, Jharkhand:हजारीबाग पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है बता दे की पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी है कि आज देर रात्रि 3:00 बजे के आसपास उन्हें सूचना मिली थी कि केरेडारी थाना क्षेत्र के चंद्रगुप्त कोल खनन परियोजना की परिवहन मार्ग के आसपास एक अपाचे मोटरसाइकिल से दो अज्ञात अपराधियों के द्वारा पर्चा छोड़क जंगल की ओर जाने की सूचना है इसके बाद तुरंत टीम का गठन किया गया l टीम ने 3:30 बजे के आसपास एक अपाचे मोटरसाइकिल में दो लोग को देखा तत्पश्चात पुलिस ने उसका पीछा किया वे गाड़ी को जंगल की दिशा में मोड़कर भागने लगे संदेह के आधार पर घेरेबंदी कर पीछा किया गया तो वह अपनी मोटरसाइकिल को छोड़कर जंगल की ओर भागने लगे भगाने के क्रम में एक व्यक्ति के द्वारा पुलिस पर तीन-तीन राउंड फायरिंग की गई तुरंत पुलिस बल के द्वारा सेफ पोजीशन लेते हुए उनको हथियार डालकर सरेंडर करने के लिए बोला गया लेकिन फिर उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी तब पुलिस ने जवाबी फायरिंग में एक अपराधी के दाहिने पैर में गोली मारी वह गिर गया l तथा उनके द्वारा रखा गया हथियार उनके दाहिनी ओर गिर गया इसके बाद दूसरे व्यक्ति को पुलिस के द्वारा पकड़ लिया गया दोनों व्यक्ति केरेडारी और बड़कागांव थाना क्षेत्र के बताए जा रहे हैं दोनों के पास से एक पिस्तौल , ३ मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल पकड़ा गया है आगे उनसे पूछताछ की जा रही है जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा l बाइट अमन कुमार पुलिस अधीक्षक हजारीबाग
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भोपाल: 17 साल की नाबालिग के साथ दुष्कर्म, दो पुलिसकर्मी गिरफ्तार

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल राजधानी भोपाल में 17 साल की नाबालिग छात्रा से रेप का मामला सामने आया है.....आरोपी कॉन्स्टेबल ने अपनी बेटी के बर्थडे पार्टी का बहाना बनाकर छात्रा को मिलने बुलाया.....इसके बाद उसे कमरे में ले जाकर बंधक बनाकर दुष्कर्म किया....इस दौरान उसका साथी पुलिसकर्मी अपने 3-4 साल के बेटे के साथ बाहर पहरा देता रहा......पीड़िता की शिकायत के बाद दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.....पीड़िता और आरोपी पहले पड़ोसी रह चुके हैं......पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी विशेष सशस्त्र बल (SAF) में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं.....पीड़िता की शिकायत पर पहले कमला नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी....इसके बाद जहांगीराबाद थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की......आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है.....मुख्य आरोपी पीड़िता का पड़ोसी हे....जांच में सामने आया कि धार में पदस्थ कॉन्स्टेबल संतोष सेन ने 22 जुलाई की शाम अपनी पत्नी के फोन से पीड़िता को कॉल कर बेटी की जन्मदिन Party में आने का निमंत्रण दिया.....शाम करीब 6:30 बजे जब किशोरी लाल परेड मैदान के पास पहुंची तो वहां संतोष सेन और ग्वालियर में पदस्थ आरक्षक जितेंद्र राजपूत कार में मौजूद थे....कार में जितेंद्र का बेटा भी बैठा था.....आरोप है कि संतोष ने पहले अपनी बेटी के जन्मदिन का हवाला देकर पीड़िता का भरोसा जीता, फिर उसे एमपी नगर स्थित एक मकान पर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया......इस दौरान जितेंद्र राजपूत अपने छोटे बेटे के साथ बाहर मौजूद रहा और किसी के आने-जाने पर नजर रखता रहा.....घटना के बाद पीड़िता ने परिवार को जानकारी दी......इसके बाद पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया......प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया......पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है......घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे है
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चिकित्सा मंत्री खींवसर का शाहपुरा दौरा: अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण

Jaipur, Rajasthan:चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर शाहपुरा पहुंचे और उपजिला अस्पताल का निरीक्षण किया। अस्पताल में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं, साफ-सफाई और व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं पर गहन समीक्षा की गई। मंत्री ने बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। ट्रॉमा सेंटर आवंटित भूमि का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरे के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल से जुड़ी समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौपा। निरीक्षण के दौरान SDM संजीव कुमार खेदड़, डॉ. विनोद योगी सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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ऑपरेशन त्रिनेत्र में दशरथ मीणा धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले की अरनोद थाना पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के NDPS Act के मामले में पिछले दो वर्षों से फरार चल रहे 10 हजार रुपये के इनामी आरोपी दशरथ मीणा को धारदार हथियार सहित गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इसकी सूचना नारकोटिक्स सेल इंदौर को दे दी गई है। पुलिस अधीक्षक विशाल जांगिड़ के निर्देशन में अरनोद थाना प्रभारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार 21 अप्रैल 2024 को नारकोटिक्स सेल इंदौर ने फ़राज खान निवासी देवल्दी के कब्जे से 154 ग्राम ब्राउन शुगर, एक अवैध पिस्टल, मैगजीन और एक जिंदा कारतूस बरामद कर NDPS Act और आर्म्स Act के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान सामने आया कि बरामद मादक पदार्थ और अवैध हथियार अरनोद थाना क्षेत्र के पंडुनी निवासी दशरथ मीणा से लाए गए थे। इसके बाद आरोपी फरार हो गया और उप पुलिस महानिरीक्षक, नारकोटिक्स सेल इंदौर ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था。 अरनोद थाना पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थी। 23 जुलाई 2026 को सूचना मिली कि आरोपी अपने घर आया हुआ है। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी तो आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध धारदार हथियार भी बरामद हुआ। इस संबंध में अलग से मामला दर्ज कर जांच की जा रही है。 गिरफ्तार आरोपी की पहचान दशरथ मीणा (25) निवासी पंडुनी, थाना अरनोद, जिला प्रतापगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस अब आरोपी को मध्यप्रदेश पुलिस को सुपुर्द करने की प्रक्रिया में जुटी है।
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पेपर लीक के विरोध के बीच चरखी दादरी में अनिश्चितकालीन धरना तेज

Charkhi, Haryana:चरखी दादरी। पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छत्राओं पर दिल्ली पुलिस के लाठीचार्ज के विरोध में जिले चरखी दादरी में आंदोलन दूसरे दिन और उग्र हो गया। जिले के सामाजिक संगठन, सभी राजनीतिक दल और सर्वखापें कोर्ट परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर डटे रहे। आंदोलनकारियों ने सोमवार को जिले की सभी सर्वखापों के दिल्ली जंतर-मंतर कूच का ऐलान करते हुए सरकार को सीधी चेतावनी दी कि यदि छात्रों के साथ हुए कथित अत्याचार और पेपर लीक मामले पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन पूरे हरियाणा में फैलाया जाएगा। धरने पर पहुंचे छात्र-छात्राओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। छात्रों ने कहा कि यदि सरकार दोषियों पर कार्रवाई नहीं करती तो उनका संघर्ष सड़क से संसद तक जारी रहेगा। उनका आरोप था कि अपने भविष्य को बचाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर दिल्ली पुलिस ने बर्बरता दिखाई, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। खाप प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने कहा कि जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों, विशेषकर छात्राओं के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, उससे पूरे समाज में आक्रोश है। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है और अब समाज चुप बैठने वाला नहीं है। आंदोलनकारियों ने शहर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और चेतावनी भरा संदेश दिया। धरने के दौरान यह भी घोषणा की गई कि शनिवार रात चरखी दादरी कोर्ट परिसर में छात्रों के समर्थन में पूरी रात जागरण किया जाएगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर बैठे छात्रों को रात में चैन से सोने तक नहीं दिया जा रहा, इसलिए दादरी में भी पूरी रात जागकर उनके संघर्ष के प्रति एकजुटता और समर्थन जताया जाएगा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यह लड़ाई अब केवल पेपर लीक या कुछ छात्रों की नहीं रह गई है, बल्कि पूरे समाज के सम्मान, युवाओं के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता की लड़ाई बन चुकी है। उन्होंने دو टुक कहा कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और व्यापक होगा तथा इसकी गूंज पूरे प्रदेश से लेकर देश की राजधानी तक सुनाई देगी।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी फर्रुखाबाद लेखपाल ने दुकान तोड़ी, कानून पर सवाल

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सिर्फ प्रशासनिक कार्यशैली ही नहीं, बल्कि कानून के राज पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक राजस्व लेखपाल ने न केवल हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश को दरकिनार किया, बल्कि अपनी रिपोर्ट के जरिए पूरे प्रशासन को ऐसी दिशा में मोड़ दिया, जिसके बाद एक महिला की दुकान तोड़ दी गई। सीसीटीवी फुटेज में वही लेखपाल खुद कथित तौर पर दुकान का काउंटर फेंकते और निजी लोगों के साथ तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहा है। सवाल उठता है—जब कानून लागू कराने वाला अधिकारी ही खुद कार्रवाई का हिस्सा बन जाए, तो फिर आम नागरिक न्याय की उम्मीद किससे करे? महेंद्र दुबे की पत्नी को बेरहमी से पीटा—एक सीनियर सिटीजन की पिटाई अधिकारियों के सामने यह है एक लेखपाल की ताकत। लोक निर्माण विभाग ने जो नोटिस दिया उसमें उन्होंने खुद लिखा कि यह दुकान सड़क से 44 मीटर दूर है यानी मात्र 6 मीटर के लिए पूरी दुकान पर तांडव करना और बिना कोर्ट के आदेश को मन अधिकारियों की तानाशाही का जीता जागता उदाहरण। ये तस्वीरें फर्रुखाबाद सदर तहसील के चर्चित लेखपाल संजीव दुबे से जुड़ी बताई जा रही हैं। आरोप है कि जिनका काम सरकारी अभिलेख संभालना और निष्पक्ष रिपोर्ट देना था, वही खुद मौके पर निजी लोगों के साथ ध्वस्तीकरण में सक्रिय दिखाई दिए। सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर लेखपाल महिला का काउंटर उठाकर फेंकते नजर आते हैं, जबकि पुलिस, पीडब्ल्यूडी और नायब तहसीलदार मौके पर मौजूद बताए जा रहे हैं। सवाल यह है कि यदि प्रशासनिक कार्रवाई हो रही थी, तो फिर सरकारी कर्मचारियों की मौजूदगी में निजी लोगों से तोड़फोड़ क्यों कराई गई? पूरा मामला फर्रुखाबाद के खसरा संख्या-3639, मौजा खरबंदी अंदर का है। याचिकाकर्ता महेंद्र दुबे उर्फ पप्पू दुबे के अनुसार भूमि विवाद पहले से न्यायालय में विचाराधीन था। 1 दिसंबर 2025 को पीडब्ल्यूडी ने रोड साइड लैंड कंट्रोल एक्ट-1945 के तहत नोटिस जारी किया, जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। 17 दिसंबर 2025 को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि याचिकाकर्ता आपत्ति दाखिल करे, सक्षम अधिकारी पहले उस पर निर्णय ले और तब तक दोनों पक्ष यथास्थिति बनाए रखें। यानी अदालत ने साफ शब्दों में कहा था—पहले कानून की प्रक्रिया, फिर कोई कार्रवाई। लेकिन आरोप है कि अदालत के आदेश के बावजूद नया नोटिस जारी हुआ, आपत्तियों का निस्तारण किए बिना कार्रवाई आगे बढ़ा दी गई और आखिरकार दुकान ध्वस्त कर दी गई। अब सबसे बड़ा सवाल उस लेखपाल की भूमिका पर उठ रहा है—क्या उसने अपनी रिपोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश का उल्लेख किया? क्या उसने सक्षम अधिकारियों को बताया कि मामला न्यायालय के निर्देशों के अधीन है? या फिर तथ्यों को छिपाकर ऐसा प्रतिवेदन भेजा गया, जिसने पूरी कार्रवाई को विवादों में डाल दिया? क्योंकि राजस्व विभाग में लेखपाल की रिपोर्ट केवल कागज का एक टुकड़ा नहीं होती... उसी रिपोर्ट पर प्रशासनिक निर्णय लिए जाते हैं। यदि वही रिपोर्ट अधूरी, भ्रामक या तथ्यों के विपरीत हो, तो उसका असर सीधे नागरिक के संवैधानिक अधिकारों पर पड़ता है। पीड़ित परिवार अब जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगा चुका है। परिवार का आरोप है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही, जबकि निजी लोग दुकान तोड़ते रहे। यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह केवल एक दुकान का मामला नहीं रहेगा... यह सवाल होगा कि क्या सरकारी शक्ति का इस्तेमाल व्यक्तिगत हितों के लिए किया गया? क्या एक राजस्व कर्मचारी ने अपने पद का दुरुपयोग किया? और क्या कानून की रक्षा करने वाली व्यवस्था ही कानून तोड़ने वालों की ढाल बन गई? अब पूरे मामले में कई सवाल प्रशासन से जवाब मांग रहे हैं—क्या हाईकोर्ट के आदेश का पालन हुआ? क्या लेखपाल की भूमिका की निष्पक्ष जांच होगी? क्या सीसीटीवी फुटेज की फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी? क्या सरकारी कार्रवाई की आड़ में निजी लोगों से तोड़फोड़ कराना नियमों के अनुरूप है? और सबसे बड़ा सवाल—क्या फर्रुखाबाद में एक लेखपाल खुद को हाईकोर्ट के आदेश से भी ऊपर समझ बैठा है, या फिर यह पूरा मामला प्रशासनिक लापरवाही और तथ्यों को छिपाने का परिणाम है? इन सभी सवालों का जवाब अब जांच और प्रशासनिक कार्रवाई ही दे सकती है। मामला उच्च न्यायालय में है जिसके स्टे आर्डर खत्म करने के कोई साक्ष Sgt नहीं मिले हैं
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बाराबंकी में सरयू खतरे के निशान से ऊपर, बाढ़ ने पढ़ाई पर असर डाला

Barabanki, Uttar Pradesh:Barabanki Story- खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट, 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट -नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश के चलते बाराबंकी में सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है, जिससे जिले की तीनों प्रमुख तटीय तहसीलों रामनगर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट के तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। वहीं रामनगर क्षेत्र में पिछले वर्ष बाढ़ में स्कूल बह जाने के कारण करीब 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी संकट गहरा गया है। -जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि परसों रात और गुरुवार सुबह से सरयू नदी खतरे के निशान से थोड़ा ऊपर बह रही है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और जिले की सभी बाढ़ चौकियों एवं राहत केंद्रों को सक्रिय कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों ने रामसनेहीघाट क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया तथा ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि किसी भी आपात स्थिति में सरकार और प्रशासन पूरी मजबूती के साथ उनके साथ खड़ा रहेगा। राहत सामग्री वितरण के लिए सभी संबंधित विभागों और टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासनिक तैयारियों के बीच तराई क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। संभावित बाढ़ को देखते हुए लोग पुरानी नावों की मरम्मत कराने, जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और परिवारों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाने की तैयारियों में जुट गए हैं। -उधर रामनगर तहसील के बबुरी सरसंडा गांव में पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के दौरान प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय कटकर सरयू नदी में समा गए थे। घटना के एक वर्ष बाद भी नए विद्यालय का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में करन मिश्रा और बीरू सहित करीब 200 बच्चे नियमित शिक्षा से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरे गांव का विद्यालय काफी दूर होने के कारण छोटे बच्चों का प्रतिदिन वहां तक पहुंचना संभव नहीं है। ऐसे में बाढ़ की मार झेल रहे इस गांव के बच्चों का भविष्य भी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। एक ओर सरयू का बढ़ता जलस्तर तटवर्ती गांवों के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है, तो दूसरी ओर बाढ़ से उजड़े स्कूल का अब तक पुनर्निर्माण न होने से सैकड़ों बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने प्रशासन से बाढ़ सुरक्षा के साथ-साथ विद्यालय निर्माण की प्रक्रिया भी शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। बाइट- पीड़ित छात्र व ग्रामीण। बाइट- ईशान प्रताप सिंह, जिलाधिकारी, बाराबंकी。
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संभल की मस्जिद में दलित मुस्लिम परिवारों पर नमाज अदा रोक, मुतवल्नी के खिलाफ FIR

Sambhal, Uttar Pradesh:लोकेशन संभल संभल । मस्जिद के मुतवल्ली और तुर्क बिरादरी के दबंग मुसलमानों के दलित मुस्लिम परिवारों को मस्जिद में नमाज अदा न करने देने का चौंकाने वाला मामला ... पीड़ित दलित मुस्लिम का आरोप ...पिछले डेढ़ साल से दलित मुस्लिम परिवारों को मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने दे रहे मस्जिद के मुतवल्ली और गांव के तुर्क मुसलमान .. मस्जिद में नमाज जकात पर पाबंदी ..बिरादरी से बहिष्कार से पीड़ित दलित मुस्लिम ने एसपी कृष्ण विश्नोई से मस्जिद में नमाज अदा कराए जाने की गुहार लगाई .. एसपी कृष्ण विश्नोई के निर्देश पर मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद समेत 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज । मस्जिद के तुर्क मौलवी और गांव के तुर्क बिरादरी के मुसलमानों पर मस्जिद में डेढ़ साल से नमाज अदा न करने , जकात न लेने ..बिरादरी से बहिष्कार का आरोप .. दलित धुना जाति के 5 परिवारों को डेढ़ साल से मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने देने का आरोप 。 पीड़ित दलित मुस्लिम मोहम्मद वसीम का आरोप ... तुर्क शरीयत के अनुसार नमाज अदा न करने पर मस्जिद में नमाज अदा नहीं करने देते तुर्क दबंग. एसपी कृष्ण विश्नोई ने पीड़ित से मामले की जानकारी के बाद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर मस्जिद के मुतवल्ली समेत सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के आदेश दिए । मांडली समसपुर की बड़ी मस्जिद का मामला।
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लखनऊ में छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग तेज कर दी

Lucknow, Uttar Pradesh:लखनऊ में भी छात्रों का प्रदर्शन देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शुक्रवार को लखनऊ के परिवर्तन चौक पर छात्र और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किया और पैदल मार्च निकाला AISA, SFI, NSUI,छात्र सभा समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए प्रदर्शनकारियों ने परिवर्तन चौराहे से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकालकर देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की राजधानी लखनऊ के परिवर्तन चौक पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में छात्र संगठनों का प्रदर्शन हुआ। AISA, SFI, NSUI, छात्र सभा सहित कई छात्र और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परिवर्तन चौक से शहीद स्मारक तक पैदल मार्च निकाला प्रदर्शनकारियों की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और छात्रों पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए
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असम में बाढ़ भयावह, मरने वालों के साथ लाखों लोग प्रभावित

Guwahati, Assam:असम में बाढ़ की स्थिति बेहद भयावह है, जिसमें सिवासागर (Sivasagar) जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। राज्य में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 50 के करीब पहुंच गई है, और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और सरकार राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी है, गुवाहाटी में भी आर्टिफिशियल flood से लोग परेशान है वहीं एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भी प्रभावित इलाकों का दौरा कर ₹2 करोड़ तक की सहायता और राहत कार्यों की घोषणा की है। बाढ़ और प्रशासनिक स्थिति ब्रह्मपुत्र और अन्य नदियाँ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे ऊपरी असम के कई जिले जलमग्न हैं。 मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के निर्देश पर जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल राहत शिविरों में भोजन, पानी और आवश्यक सामग्री पहुँचा रहे हैं।केंद्र सरकार ने असम के लिए सहायता का प्रावधान किया है。 बदरुद्दीन अजमल का दौरा और सहायताAIUDF प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने सिवासागर, चराइदेव और जोरहाट जैसे बाढ़-प्रभावित जिलों का दौरा किया।अजमल फाउंडेशन के जरिए तत्काल ₹50 लाख का आपातकालीन फंड जारी किया गया, जिसे कुल बढ़ाकर ₹2 करोड़ तक करने का ऐलान किया गया है。 बदरुद्दीन अजमल ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपील की है कि असम के लिए हज़ारों करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि राहत सामग्री बाँटते समय किसी भी प्रकार का धार्मिक या राजनीतिक भेदभाव नहीं किया जा रहा है।बदरुद्दीन अजमल द्वारा घोषित राहत पैकेज ।
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