Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Kanpur Dehat209303

कानपुर देहातः पाथा माई मंदिर में महायज्ञ और ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन कथा वाचक ने सुनाया सुदामा-कृष्ण संवाद

Jan 03, 2025 14:18:32
Rura, Uttar Pradesh

कस्बा रुरा के पाथा माई मंदिर में श्री शतचण्डी महायज्ञ और ज्ञान यज्ञ चल रहा है। आज कथा के आठवें दिन कथा वाचक भारत भूषण महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा में सुदामा-कृष्ण संवाद प्रसंग सुनाया। इस मौके पर बच्चे, महिलाओं सहित सैकडों लोग शामिल हुए और कथा का आंनद लिया।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
STSumit Tharan
Mar 03, 2026 10:51:46
Jhajjar, Haryana:दिव्यांगों की सुविधा में मददगार साबित होगा प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र. दिव्यांग जनों की सेवा के लिए प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र एक अनुकरणीय पहल. डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने एपीसीपीएल व एलिम्को के सहयोग से रेडक्रॉस भवन में एपीसीपीएल के सीएसआर सहयोग से प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र का उद्घाटन किया. कार्यक्रम में 89 दिव्यांग जनों को 53.30 लाख रुपये के उपकरण वितरित. डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने मंगलवार को रेडक्रॉस भवन परिसर में एपीसीपीएल के सीईओ दलीप कईबोर्ता और एलिम्को के सीएमडी प्रवीण कुमार की गरिमामयी उपस्थिति में दिव्यांगों की सुविधा के लिए प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया. इस दौरान डीसी ने 89 दिव्यांग जनों को 53.30 लाख रुपये की राशि के कृत्रिम उपकरण वितरित किये. इस अवसर पर मुख्य अतिथि डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने कहा कि भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की एक महत्वपूर्ण पहल के तहत प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र है जिसे कॉर्पोरेट इकाई एपीसीपीएल द्वारा सीएसआर के तहत अडाप्ट किया गया है. उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांगों को पहले कृत्रिम अंगों के लिए सहायता शिविरों का इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन अब प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र के माध्यम से स्थाई तौर पर ऑन-साइट जांच और उपकरणों की उपलब्धता एक ही स्थान पर सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा कि एपीसीपीएल और एलिम्को के बीच झज्जर जिला मुख्यालय पर स्थापित किए गए इस केंद्र के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण प्रदान करने हेतु 2 करोड़ रुपये का MOA साइन किया गया है. डीसी ने कहा कि रेड क्रॉस भवन में इस केंद्र की स्थापना से जिले के जरूरतमंदों को एक ही छत के नीचे त्वरित सहायता मिल सकेगी, जोकि दिव्यांग जनों की सेवा के लिए एक अनुकरणीय पहल है. यह केंद्र भारत सरकार की ADIP और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत संचालित होगा. केंद्र के उदघाटन अवसर पर 89 दिव्यांग जनों को लगभग 53.30 लाख रुपये की लागत के बैटरी चलित तिपहिया साइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र और अन्य सहायक उपकरण वितरित किए गए. उन्होंने इस प्रभावी व्यवस्था के लिए दोनों संस्थानों का तहेदिल से आभार व्यक्त किया. एपीसीपीएल के सीईओ दलीप कईबोर्ता ने कहा, यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि एलमिको के सहयोग से प्रधानमंत्री दिव्याशा-वयोश्री केंद्र झज्जर में स्थापित हुआ है. उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिक तक सुविधाएँ समान रूप से पंहुचे, इसके लिए वे सदैव तत्पर हैं. उन्होंने कहा कि लाभार्थियों के फीडबैक के आधार पर दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए कृत्रिम उपकरणों को और अधिक उन्नत बनाने के लिए सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं. एलिम्को के मुख्य महाप्रबंधक प्रवीण कुमार ने संस्थान की विकासात्मक गतिविधियों की चर्चा करते हुए कहा कि विशेषकर दिव्यांग जनों को स्वावलंबन और गतिशीलता प्रदान करना एलमिको की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने उपस्थित दिव्यांग जनों को विश्वास दिलाया कि इस केंद्र के माध्यम से कोई भी पात्र लाभार्थी सहायता से वंचित नहीं रहेगा और एलिम्को भविष्य में और भी कृत्रिम अंग जरूरत अनुरूप उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी. इस बीच एलमिको के महाप्रबंधक अजय चौधरी ने डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल सहित अन्य विशिष्ट अतिथियों और सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया. बाइट जिला उपायुक्त रविन्द्र पाटिल. बाइट एपीसीपीएल के सीईओ दलीप कईबोर्ता. झज्जर. सुमित कुमार
0
comment0
Report
RJRakesh Jaiswal
Mar 03, 2026 10:51:26
Khargone, Madhya Pradesh:खरगोन में ब्रज की तरह ठाकुर जी से होली खेलने की धूम रही। ग्रहण के बाद भी 12 बजे से पहले सूतक काल में मंदिर में मुखिया जी ने रंग बिरंगे प्राकृतिक रंगों की होली और पिचकारी से गीली होली खेलकर ठाकुर जी से खेले गए रंगों से श्रद्धालुओं पर बौछार की। संगीत की धुन पर महिलाओं, पुरुष, युवक, युवती और बुजुर्गवार लोगों ने रसिया गीत गाए और प्राकृतिको रंगों से होली खेली। ZEE मीडिया से श्रद्धालुओं ने सीधे बताकर बताया ब्रज की तरह ही 40 दिन की होली ब्रजधाम हवेली खरगोन में होती है। भगवान आज वापस वृंदावन जाने की तैयारी करते है तो सभी लोग उनकी सखी बनकर रशिया गान करते है। रशिया गान ठाकुरजी को पसंद है इस गान में ठाकुरजी को सखी, सखा मानकर गारी तक दी जाती है। ओर प्राकृतिक रंगों की होली खेली जाती है। मुखिया जी ठाकुर जी को पहले रंग और गीली होली की पिचकारी से भिगोते है फिर वही रंग श्रद्धालुओं पर बौछार के रूप में डाला जाता है। इस रंग में सराबोर होने के लिए हर कोई लहलहित होता है। महिलाए बताती है हम लोग बृजवासी बनकर ठाकुरजी के साथ होली खेलती है। रशिया गीत आज ब्रज में होली रे रशिया। चलो बरसाने खेले होली। कुछ बताती है ठाकुरजी के साथ खेली होली के भाव बता नहीं सकते इस तरह के होते है। बुजुर्गवार बताते है भगवान ठाकुरजी रंगों के रशिया है। रशिया गीत उन्हें पसंद है इसलिए रशिया गीत के साथ रंगों की होली मंदिर में होती है। कुछ बताते खरगोन मंदिर में भी ब्रज सा माहौल बन जाता है हर कोई रंगों से सराबोर होकर झूमता है.
0
comment0
Report
sidebar-img
Advertisement
Back to top