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Satyendra DwivediSatyendra DwivediFollow31 Dec 2024, 12:17 pm
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रतनपुर-लालपुर मार्ग की खराब सड़कों पर कांग्रेस ने विरोध दर्ज किया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर जिले के रतनपुर से सड़क की बदहाली को लेकर अनोखे विरोध प्रदर्शन की तस्वीर सामने आई है। खराब सड़क से परेशान लोगों की आवाज को लेकर कांग्रेस ने सड़क पर ही रोपा लगाकर विरोध जताया। प्रदर्शन कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के नेतृत्व में किया गया। दरअसल, रतनपुर से लालपुर की ओर जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं। बारिश के दिनों में इन गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों की परेशानी और बढ़ जाती है। लालपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर सड़क की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क की बदहाली के खिलाफ अनोखे अंदाज में सड़क पर रोपा लगाकर जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित किया। कांग्रेस का कहना है कि सड़क सुधार की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक हालात जस के तस हैं। यह रतनपुर-लालपुर मार्ग मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ऐसे में सड़क की खराब हालत से रोजाना गुजरने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाएं भी हो रही है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क का सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर चक्काजाम किया जाएगा.
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दंतेवाड़ा में लाल पानी से खेती और पीने के पानी पर संकट, ग्रामीण परेशान

Dantewada, Chhattisgarh:दंतेवाड़ा में आयरन हिल के नीचे बसे गांवों के ग्रामीणों का दर्द एक बार फिर सामने आया है। दशकों से लाल पानी और आयरन ओर डस्ट की समस्या झेल रहे ग्रामीण हाथ में लाल पानी की बोतल लेकर दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट पहुंचे। बीजापुर जिले के गमपुर, डोडी तुमनार, तामोड़ी, पुरंगेल समेत करीब आधा दर्जन गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि बचेली और किरंदुल क्षेत्र में एनएमडीसी के लौह अयस्क खनन से निकलने वाला डस्ट और लाल पानी उनके खेतों और जलस्रोतों को प्रभावित कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि दंतेवाड़ा जिलें के एनएमडीसी माइनिंग से निकलने वाली लाल पानी पहाड़ के नीचे बसे बीजापुर जिलें के गांवों के खेतों में बहने से उनकी जमीन बर्बाद हो चुकी है और खेती करना मुश्किल हो गया है। मवेशी भी इस प्रदूषित पानी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं कई गांवों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण नाले के किनारे बनाए गए अस्थायी कुओं के पानी पर निर्भर हैं। अपनी समस्या का नमूना लेकर ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, लेकिन उनकी कलेक्टर से मुलाकात नहीं हो पाई। जिसके बाद ग्रामीण निराश होकर वापस गांव लौट गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन विकास के नाम पर उन्हें लाल पानी की सौगात दे रहे हैं। गांवों में सड़क और मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है。
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सोहियां कलां के सरकारी गोदाम से करीब 400 बोरियों गेहूं चोरी, पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया

Amritsar, Punjab:ਸੋਹੀਆਂ ਕਲਾਂ ਦੇ ਸਰਕਾਰੀ ਗੋਦਾਮ ’ਚੋਂ 400 ਦੇ ਕਰੀਬ ਕਣਕ ਦੀਆਂ ਬੋਰੀਆਂ ਚੋਰੀ ਪਨਗਰੇਨ ਦੇ ਗੋਦਾਮ ’ਚ ਚੋਰੀ ਮਾਮਲੇ ’ਚ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਕੀਤਾ ਕਾਬੂ ਦੋ ਦਿਨ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਮੁੜ ਅਦਾਲਤ ’ਚ ਕੀਤਾ ਪੇਸ਼ ਪੁਲਿਸ ਬੋਰੀਆਂ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਅਤੇ ਹੋਰ ਮੁਲਜ਼ਮਾਂ ਦੀ ਸ਼ਮੂਲੀਅਤ ਦੀ ਕਰ ਰਹੀ ਜਾਂਚ ਮਜੀਠਾ ਥਾਨਕਾ ਮਜੀਠਾ ਦੇ ਅਧੀਨ ਪੈਂਦੇ ਪਿੰਡ ਸੋਹੀਆਂ ਕਲਾਂ ਵਿੱਚ ਸਥਿਤ ਸਰਕਾਰੀ ਗੋਦਾਮ ’ਚੋਂ ਕਰੀਬ 400 ਬੋਰੀਆਂ ਕਣਕ ਚੋਰੀ ਹੋਣ ਦਾ ਮਾਮਲਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆਇਆ ਹੈ। ਇਹ ਗੋਦਾਮ ਪਨਗਰੇਨ ਨਾਲ ਸਬੰਧਤ ਦੱਸਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ। ਚੋਰੀ ਦੀ ਸੂਚਨਾ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰਕੇ ਜਾਂਚ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ் ਅਧਿਕਾਰੀ ਕੁਲਦੀਪ ਸਿੰਘ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਸਬੰਧੀ ਐੱਪੀਆਈ ਦੇ ਇੰਸਪੈਕਟਰ ਐਸੋਸੀਸ਼ ਮਹਾਜਨ ਵੱਲੋਂ ਥਾਪੇ ਵਿੱਚ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਬਿਆਨ ਦਰਜ ਕਰਵਾਇਆ ਗਿਆ ਸੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਬਿਆਨ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਨੂੰ ਅੱਗੇ ਵਧਾਇਆ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਮੁਤਾਬਕ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਕਣਕ ਦੀ ਮਾਤਰਾ ਸਬੰਧੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਮੁੱਢਲੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਅਨੁਸਾਰ ਕਰੀਬ 400 ਬੋਰੀਆਂ ਚੋਰੀ ਹੋਣ ਦੀ ਗੱਲ ਸਾਹਮਣੇ ਆਈ ਹੈ। ਮਾਮਲੇ ਵਿੱਚ ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਕਾਬੂ ਕਰਕੇ ਉਸ ਨੂੰ ਦੋ ਦਿਨ ਦੇ ਪੁਲਿਸ ਰਿਮਾਂਡ ’ਤੇ ਲਿਆ ਸੀ। ਰਿਮਾਂਡ ਦੌਰਾਨ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਚੋਰੀਕੀਤੀ ਕਣਕ ਅਤੇ ਇਸ ਮਾਮਲੇ ਨਾਲ ਜੁੜੇ ਹੋਰ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਬਾਰੇ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਦੋ ਦਿਨ ਦਾ ਰਿਮਾਂਡ ਖ਼ਤਮ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਪੁਲਿਸ ਵੱਲੋਂ ਮੁਲਜ਼ਮ ਨੂੰ ਮੁੜ ਅਦਾਲਤ ਵਿੱਚ ਪੇਸ਼ ਕੀਤਾ ਗਿਆ। ਪੁਲਿਸ ਅਧਿਕਾਰੀ ਨੇ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਦੌਰਾਨ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਇਹ ਜਾਣਨ ਦੀ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿ ਚੋਰੀ ਕੀਤੀ ਕਣਕ ਕਿੱਥੇ ਰੱਖੀ ਗਈ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਨੂੰ ਕਿੱਥੇ ਲਿਜਾਇਆ ਗਿਆ। ਹਾਲਾਂਕਿ ਫਿਲਹਾਲ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਕਣਕ ਦੀ ਪੂਰੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਨਹੀਂ ਹੋ ਸਕੀ ਹੈ。 ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਤਫ਼ਤੀਸ਼ ਜਾਰੀ ਹੈ ਅਤੇ ਇਸ ਗੱਲ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਕਿ ਚੋਰੀ ਦੀ ਇਸ ਵਰਦਾਤ ਵਿੱਚ ਹੋਰ ਕਿੰਨੇ ਲੋਕ ਸ਼ਾਮਲ ਹੋ ਸਕਦੇ ਹਨ। ਅਧਿਕਾਰੀ ਮੁਤਾਬਕ ਮੁਲਜ਼ਮ ਤੋਂ ਲਗਾਤਾਰ ਪੁੱਛਗਿੱਛ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਅਤੇ ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਸਾਹਮਣੇ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਤੱਥਾਂ ਦੇ ਆਧਾਰ ’ਤੇ ਅਗਲੀ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਪੁਲਿਸ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਮਾਮਲਾ ਦਰਜ ਕਰ ਲਿਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਗੋਦਾਮ ਵਿੱਚੋਂ ਚੋਰੀ ਹੋਈ ਸਰਕਾਰੀ ਕਣਕ ਦੀ ਬਰਾਮਦਗੀ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਜਾਂਚ ਮੁੱਖ ਤੌਰ ’ਤੇ ਜਾਰੀ ਹੈ। ਪੁਲਿਸ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਜਾਂਚ ਪੂਰੀ ਹੋਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਹੀ ਚੋਰੀ ਦੀ ਪੂਰੀ ਘਟਨਾ ਅਤੇ ਇਸ ਵਿੱਚ ਸ਼ਾਮਲ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਬਾਰੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਜਾਣਕਾਰੀ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਸਕੇਗੀ。
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हिमाचल में वन संसाधनों से 22,600 करोड़ की अप्रयुक्त क्षमता का MOUs से दोहन

Shimla, Himachal Pradesh:हिमाचल प्रदेश में वन एवं चरागाह आधारित अर्थव्यवस्था की अप्रयुक्त संभावनाओं को साकार करने के लिए वन विभाग और भारती इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक पॉलिसी, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी-बीआईपीपी) के बीच पांच वर्ष के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की उपस्थिति में हुए समझौते के तहत विज्ञान और प्रौद्योगिकी आधारित व्यवस्था के माध्यम से वन संसाधनों की आर्थिक क्षमता का दोहन किया जाएगा। वन विभाग की ओर से प्रधान मुख्य अरण्यपाल डॉ. संजय सूद और आईएसबी-बीआईपीपी के कार्यकारी निदेशक प्रो. अश्विनी छत्रे ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह साझेदारी प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हिमाचल विज्ञान, स्थानीय समुदायों और सरकार को एक साथ जोड़कर वन प्रबंधन में व्यापक बदलाव लाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उपलब्ध स्थानीय प्रजातियों की आर्थिक क्षमता का अधिकतम उपयोग किया जाएगा। इसमें हरड़ और बेल जैसी औषधीय वनस्पतियां शामिल हैं। इसके अलावा थांगी यानी हैजलनट के पोषण संबंधी और व्यावसायिक महत्व का भी विस्तृत आकलन किया जाएगा। एमओयू पर हस्ताक्षर से पहले आईएसबी-बीआईपीपी की टीम ने संयुक्त वन सर्वेक्षण के निष्कर्ष प्रस्तुत किए। सर्वेक्षण में 500 से अधिक वन रक्षकों ने दो लाख से अधिक पेड़ों से संबंधित आंकड़े और प्रजातियों की पहचान वाली तस्वीरें एकत्र कीं। इन आंकड़ों को सैटेलाइट इमेजरी तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक के साथ जोड़ा गया और बाद में मौके पर जाकर सत्यापन किया गया। खैर, बांस, चीड़, आंवला, जंगली आम, साल और बुरांश सहित सात प्रजातियों के मानचित्र तैयार किए गए हैं। इस कार्य को संयुक्त रूप से ‘काउंटिंग ग्रीन वेल्थ’ के नाम से प्रकाशित किया गया है। सर्वेक्षण में पांच जैव-संसाधनों में कुल 22,600 करोड़ रुपये की अप्रयुक्त आर्थिक क्षमता का अनुमान लगाया गया है। इसमें आंवला की संभावित कीमत 8,700 करोड़ रुपये, चीड़ की पत्तियों की 5,500 करोड़ रुपये, जंगली आम की 4,800 करोड़ रुपये, साल के बीज की 2,400 करोड़ रुपये और बुरांश के फूलों की 1,200 करोड़ रुपये आंकी गई है। इन संसाधनों का दोहन प्रत्येक प्रजाति के लिए पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ और उचित मात्रा तक ही सीमित रखा जाएगा। पांगी की पीर पंजाल जंगल प्रोड्यूसर कंपनी को इस पहल के सफल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया। महिलाओं के स्वामित्व वाली यह कंपनी थांगी के कारोबार से जुड़ी है। सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग पालमपुर वन मंडल की कार्ययोजना में पहले ही किया जा रहा है। यह इस तरह का पहला उदाहरण है। अब एमओयू के माध्यम से इस व्यवस्था को अन्य वन मंडलों और आगे चलकर पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। प्रो. अश्विनी छत्रे ने कहा कि वैज्ञानिक शोध को जमीनी अनुभव से जोड़ने पर बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि 500 से अधिक वन रक्षकों ने कई महीनों तक आंकड़े एकत्र किए, जिससे आर्थिक निर्णय लेने के लिए तैयार किए गए अनुमानों को विश्वसनीय आधार मिला है। आईएसबी-बीआईपीपी की निदेशक डॉ. आरुषि जैन ने कहा कि ये आंकड़े केवल रिपोर्ट तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पालमपुर की कार्ययोजना तैयार करने में इनका उपयोग किया जा रहा है। एमओयू के माध्यम से वैज्ञानिक जानकारी और चरागाह संबंधी डेटाबेस को पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा। एमओयू में चार प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इनमें वन अर्थव्यवस्था और सामुदायिक उद्यम के تحت महिला नेतृत्व वाली उत्पादक कंपनियों को बढ़ावा देना और उन्हें बाजार से जोड़ना शामिल है। इसके अलावा फॉरेस्ट इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म को पहले पालमपुर में शुरू कर बाद में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। चराई पोर्टल और चरागाह आधारित डेटाबेस को हिमाचल प्रदेश ग्रेजिंग पॉलिसी, 2026 के तहत आधार, हिम परिवार, भारत पशुधन और पहल योजना से जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों और उत्पादक कंपनियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास पर भी काम किया जाएगा।
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महासमुंद: वैद्य फूड प्रोडक्ट्स में असुरक्षित पनीर नष्ट, फैक्ट्री सील

Mahasamund, Chhattisgarh:महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट्स में पनीर बनते समय लैब रिपोर्ट असुरक्षित पाई गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए लगभग 299 किलो पनीर नष्ट कर दिया। फैक्ट्री को सील कर संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। 16 अगस्त की रात दबिश के दौरान करीब 3 क्विंटल पनीर बरामद हुआ था। लैब से प्राप्त रिपोर्ट में पनीर के सैंपल में फैट, स्टार्च और शुगर की मात्रा पाई गई और यह मानव उपभोग के लिए असुरक्षित पाया गया। राजस्व विभाग के तहसीलदार जुगल किशोर पटेल और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी उमेश वर्मा ने फैक्ट्री के खिलाफ कार्रवाई पूरी की और मौके पर 299 किलो पनीर नष्ट कर दिया गया।
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रायगढ़ में सरकारी विभागों के 307 करोड़ के बिजली बिल बकाए, कांग्रेस का आरोप

Darogapara, Chhattisgarh:बिजली के घरेलू और व्यवसायिक कनेक्शनधारियों से बिजली बिल वसूली के लिए एक ओर तो बिजली विभाग अभियान चला रहा है तो वहीं दूसरी ओर सरकारी विभागों में करोड़ों रुपए का बिजली बिल वसूल करने में विभाग के पसीने छूट रहे हैं। जानकर हैरत होगी कि सरकारी विभागों पर सीएसपीडीसीएल यानि कि बिजली विभाग का 244 करोड़ रुपए का बिजली बिल बकाया है। ऐसे में इन सरकारी विभागों से बिजली बिल वसूलना बिजली विभाग के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है। जबकि घरेलू और व्यावसायिक बिजली उपभोक्ताओं का 63 करोड़ रूपया बिजली बिल बकाया है। मतलब की रायगढ़ जिले में ही शासकीय और गैर शासकीय उपभोक्ताओं के मिलाकर 307 करोड रुपए बिजली बिल बकाया है। तो वहीं रायगढ़ कांग्रेस जिला अध्यक्ष शाखा यादव ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि जब से छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार बनी है तब से अत्यधिक बिजली बिल आ रहे हैं और वर्तमान में जनता की सरकार नहीं बल्कि अधिकारियों की सरकार छत्तीसगढ़ में चल रही है। रायगढ़ जिले में एक ओर जहां घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली बिल नहीं जमा करने पर बिजली कनेक्शन अभियान के तहत काटे जा रहे हैं, लेकिन जिले के सरकारी विभाग बिल जमा करने के मामले में सुस्त नजर आ रहे हैं। कुछ शासकीय विभाग तो ऐसे हैं जिनकी राशि करोड़ों रुपए का बिजली बिल बकाया है। जिलेभर में बिजली बिल की बकाया राशि 307 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसमें सरकारी विभागों पर करीब 244 करोड़ रुपये, जबकि निजी उपभोक्ताओं पर करीब 63 करोड़ 71 लाख रुपये बकाया हैं। सरकारी बकाया में ग्राम पंचायतों का करीब 94 करोड़, नगर निगम और नगरीय निकायों का करीब 123 करोड़, जबकि स्कूल शिक्षा विभाग का 7 करोड़ 69 लाख रुपये बिजली बिल बाकी है। इसके अलावा पीडब्लूडी, कृषि विभाग, पशु चिकित्सा, हाउसिंग बोर्ड व सहकारी समिति जैसे विभागों ने भी बिल जमा नहीं किया है। मामले में अब अधिकारी नोटिस जारी कर रिकवरी की बात कह रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि शासकीय विभागों में बिजली बिल बकाया वसूली के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं और 20 हजार से अधिक बिजली बिल जिनके बकाया है उनके बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं, उद्योगो को भी बिजली बिल पटाने का नोटिस दिया गया है, जिन उद्योगों ने लंबे समय से बिजली बिल नहीं पटाया है उनके लाइन काटे जा रहे हैं। शासकीय विभागों के भी 244 करोड रुपए बिजली बिल बकाया है ऐसे में उन्हें भी बिजली बिल पटाने के लिए समय दिया गया है चार किस्तों में बिजली बिल पटाना होगा और तीन माह का बिजली बिल एडवанс शुल्क भी देना होगा। इस पूरे मामले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष शाखा यादव ने सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में जब से बीजेपी की सरकार बनी है तब से लोगों के घर में अत्यधिक बिजली बिल आ रहे हैं बिजली विभाग के अधिकारी 20हजार से अधिक बिजली बिल आने पर लोगों के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं वहीं रायगढ़ जिले में ही 244 से करोड़ से रुपए बिजली बिल केवल शासकीय विभागों को है लेकिन उन्हें केवल नोटिस दिया जा रहा है जनता परेशान हो चुकी है, कांग्रेस के समय जो बिजली बिल हाफ योजना लागू किया गया था उसे दोबारा लागू करना चाहिए कांग्रेस भी लगातार अभियान चला रही है और लोगों के घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर को हटाकर सामान्य मीटर लगाने के लिए लोगों से फॉर्म भरवारा जा रहा है।
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हनुमान टौरिया मंदिर में पुजारी से मारपीट, 12 से अधिक आरोपी गिरफ्तार

Chhatarpur, Madhya Pradesh:एकंर -छतरपुर के सबसे प्राचीन हनुमान टौरिया मंदिर में पुजारी को लड़का -लड़की को टोकना भारी पड़ गया। एक दर्जन से ज्यादा असामाजिक तत्वों ने पुजारी से मारपीट कर दी। मंदिर परिसर की सीढ़ियों पर एक लड़का-लड़की आपत्तिजनक हरकत कर रहे थे। मंदिर के पुजारी रोहित त्रिपाठी ने उन्हें मंदिर परिसर में ऐसा करने से मना किया। इसी बात पर लड़का भड़क गया और फोन कर एक दर्जन से ज्यादा लोगों को बुला लिया, आरोपियों ने पुजारी रोहित त्रिपाठी के साथ जमकर मारपीट की। बीच-बचाव करने आए मुख्य पुजारी राजू महाराज के साथ भी झूमाझटकी की गई। पूरी घटना मंदिर में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर समिति ने पुलिस को सूचना दी। सिटी कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी पुलिस आरक्षक निकला, जिसे एसपी ने तत्काल सस्पेंड कर दिया है। सीएसपी अरुण सोनी ने घटना पर दुख जताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है,सीएसपी ने कहा कि शाम ढलते ही मंदिर परिसर में लैला-मजनू का जमावड़ा लगता है। अब मंदिर के आसपास बर्थडे मनाने वालों और हुड़दंग करने वालों की खैर नहीं है, पकड़े जाने पर सीधा जेल भेजा जाएगा।
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आयकर नोटिस से घबरे परिवार के पैन से डायरेक्टर बने दो कंपनियाँ

Ajmer, Rajasthan:अजमेर में पीसांगन के गोविंदगढ़ कस्बे में रहने वाले टेलर मास्टर और बीमा एजेंट को आयकर विभाग से 974 करोड़ 97 लाख 25 हजार 457 रुपए की टैक्स रिकवरी का नोटिस मिलने से परिवार में आ गया... नोटिस में उसे डायमंड कंपनी का डायरेक्टर बताकर 20 अगस्त तक सूरत उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने की हिदायत दी गई है ...नोटिस मिलने के बाद सकते में आए परिवार ने मामले में उसके पेन कार्ड का फर्जी उपयोग करने का आरोप लगाया है.. टेलर मास्टर रेखराज 2009 से बीमा कंपनी का एजेंट हैं और बड़ा बाजार में टेलरिंग का कार्य कर जीविकोपार्जन कर रहा है ...जिसकी मासिक आय करीब 15 हजार रुपए बताई गई है ... वही दुसरी ओर 2011 से उसे हर साल लगभग 5 हजार का आयकर रिफंड भी मिल रहा है... रेखराज का कहना है उसने जीवन में कभी सूरत नहीं देखा और न ही कोई कंपनी चलाई... नोटिस से घबराए परिवार ने CA से जांच कराई तो पता चला कि उनके पैन से रूप रजत डायम प्राइवेट लिमिटेड और जय बाबेरी डायम प्राइवेट लिमिटेड में उसे डायरेक्टर बना दिया गया... वित्तीय वर्ष 2011 और 12 के लेनदेन के आधार पर उसे नोटिस जारी किया गया.. रेखराज ने नोटिस का जवाब ई-मेल से भी भेजा है..पीड़ित परिवार ने फर्जी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ...मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉक्टर लाल चंद कायल ने बताया कि पुलिस ने परिवाद के आधार पर जांच शुरू की है..
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खैरबार में अवैध शराब भठ्ठी पर दबिश, महुआ लाहन और शराब जब्त

Kusu, Chhattisgarh:अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। अंबिकापुर शहर से लगे ग्राम पंचायत खैरबार में संचालित हो रही अवैध शराब भट्ठी पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता टीम और आबकारी वृत्त अंबिकापुर की संयुक्त टीम ने दबिश दी। कार्रवाई के दौरान मौके से भारी मात्रा में महुआ लाहन और अवैध शराब बरामद की गई है। आपको बता दें कि मुखबिर की सूचना से खैरबार में अवैध रूप से शराब बनाए जाने पर आबकारी विभाग की टीम ने अमृता तिर्की पति जैमील तिर्की के ठिकाने पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान टीम को मौके पर 6 अवैध शराब भट्ठियां मिलीं, जिन्हें जब्त किया गया। वहीं मौके से करीब 4700 किलो महुआ लाहन और 135 लीटर महुआ शराब बरामद की गई। जब्त अवैध शराब और अन्य सामग्री की कुल कीमत करीब 2,48,500 रुपये आंकी गई है। आबकारी टीम ने बरामद महुआ लाहन के सैंपल लेने के बाद शेष लाहन को मौके पर ही नष्ट करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस पूरी कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक सरिता साहू, सौरभ साहू और अनिल गुप्ता सहित विभाग की टीम मौजूद रही।
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पुलवामा में डेड-नाइट आईपीएल ने बदला खेल-प्रेम की तस्वीर

Pulwama, शहर अब ज़िंदगी से भरपूर है। यहाँ फ्लडलाइट्स जल रही हैं और डर गायब हो चुका है। दक्षिण कश्मीर का कभी सबसे ज़्यादा अशांत रहने वाला और हिंसा से प्रभावित शहर "पुलवामा" अब उम्मीदों से भरा हुआ है। डे एंड नाईट क्रिकेट प्रीमियर लीग में हज़ारों हुआ जुड़े। पुलवामा के क्रिकेट स्टेडियम में ये दिल खुश कर देने वाले नज़ारे देखने को मिले, जब 'रॉयल ​​प्रीमियर क्रिकेट लीग' के दूसरे सीज़न की शुरुआत हुई। अधिकारियों का अनुमान है कि इस डे-नाइट टूर्नामेंट के ओपनिंग मैच के लिए कल रात 20,000 से ज़्यादा लोग आए; वे चीयर कर रहे थे, ढोल बजा रहे थे और लीग की शुरुआत का जश्न मना रहे थे। पुलवामा के क्रिकेट टूर्नामेंट का दूसरा सीज़न फ्लडलाइट्स की रोशनी में शुरू हुआ और पुलवामा की शाम एक शानदार नज़ारे में बदल गई; इसने हज़ारों दर्शकों को स्पोर्ट्स स्टेडियम की ओर आकर्षित किया, जिससे हिंसा से जूझने वाला यह ज़िला खेल और जश्न का केंद्र बन गया। आज पुलवामा स्टेडियम में युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। यह इस बात का संकेत है कि पुलवामा का खेल क्षेत्र तरक्की कर रहा है। पिछली बार पीएम मोदी ने मन की बात में इस टूर्नामेंट के बारे में बात की थी, जिससे पता चलता है कि यह कितना लोकप्रिय है। कश्मीरियों की बदलती सोच की ये तस्वीरें अब पुलवामा और कश्मीर की असलियत दिखाती हैं। जो जगह पहले हिंसा, पत्थरबाज़ी और आतंकवाद का गढ़ थी, वहाँ अब कहीं तिरंगा लहराया जा रहा है, बड़ी-बड़ी तिरंगा रैलियाँ हो रही हैं और कहीं क्रिकेट के शॉट या गेंद पर ढोल-नगाड़े बज रहे हैं। यह नज़ारा साफ़ दिखाता है कि कश्मीर बदल गया है और वहाँ के युवाओं की सोच भी बदल गई है। उद्घाटन मैच के लिए इतनी बड़ी भीड़ जमा हुई थी कि पुलिस को भीड़ को संभालने के लिए बल का इस्तेमाल करना पड़ा। स्टेडियम की दीवार गिरने से छह लोग घायल भी हो गए, लेकिन क्रिकेट के लिए युवाओं का जोश कम नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने लीग की वापसी का स्वागत किया है। उनका कहना है कि ऐसे खेल आयोजन युवाओं को ज़रूरी मौके देते हैं और ज़िले में सकारात्मक माहौल बनाने में मदद करते हैं। रॉयल प्रीमियर लीग में कश्मीर की दस टीमें हिस्सा ले रही हैं। ट्रॉफी का अनावरण पीडीपी विधायक वहीद पारा ने किया, जबकि पुलवामा की एसएसपी तनु श्री ने उद्घाटन मैच से पहले आयोजक के साथ टॉस किया। पुलवामा के विधायक वहीद-उर-रहमान पारा ने कहा, यह बहुत अच्छी बात है कि रॉयल प्रीमियर लीग—जिस टूर्नामेंट को आप पुलवामा में देख रहे हैं—एक नई शुरुआत है; यह जम्मू-कश्मीर के युवाओं के जीवन में कुछ खुशियाँ लाने की कोशिश है, जो मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं और काफ़ी तनाव और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यह जम्मू-कश्मीर के युवाओं के चेहरों पर खुशी और उम्मीद लाने की कोशिश है। आयोजक इरफ़ान सरकार ने कहा, आप देख सकते हैं कि इस साल पुलवामा ज़िले में कितने आयोजन हुए हैं, और यह दूसरा नाइट इवेंट है। इससे पहले भी हमने कबड्डी का एक सफल आयोजन किया था और हमें उम्मीद है कि यह आयोजन भी बहुत सफल रहेगा। पिछले साल कश्मीर में स्पोर्ट्स फ़ैन्स के बीच रॉयल प्रीमियर लीग को लेकर भी काफ़ी उत्साह देखा गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अपने कार्यक्रम मन की बात में इसका ज़िक्र किया था। यह दिखाता है कि कश्मीर की नई पीढ़ी देशभक्ति की भावना के साथ नई उम्मीदों की ओर बढ़ रही है; जैसा कि हमने देखा कि कश्मीर में हज़ारों लोगों ने हर घर तिरंगा अभियान में हिस्सा लिया और एक नए कश्मीर की शुरुआत की।
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