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Satyendra DwivediSatyendra DwivediFollow31 Dec 2024, 12:17 pm
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रतवार नदी का खतरा: मोहनिया में कटाव से पावर ग्रिड पर संकट

Khajuria Khurd, Bihar:स्लग - मोहनिया में रतवार नदी का जलस्तर बढ़ा, शहर पर खतरा करमचट से पानी छोड़े जाने के कारण कटाव जारी, पावर ग्रिड में पानी घुसने की आशंका से बचाव कार्य तेज वियो - रतवार नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से मोहनिया शहर और आसपास के इलाकों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थल का मुआयना किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने बताया कि करमचट बांध से पानी लगातार छोड़ा जा रहा है, जिससे रतवार नदी के बहाव में तेजी आ गई है। पानी के तेज प्रवाह के कारण नदी के तटबंधों पर कटाव शुरू हो गया है। कटाव के कारण पानी मोहनिया शहर के निचले इलाकों की ओर रुख कर रहा है। प्रशासन की मुख्य चिंता शहर के पावर ग्रिड को लेकर है। एसडीएम के अनुसार, पावर ग्रिड निचले इलाके (लो-लाइन एरिया) में स्थित है। यदि नदी का पानी ग्रिड परिसर में प्रवेश करता है, तो पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है, जिससे आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होंगी। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए प्रशासनिक टीम और तकनीकी विशेषज्ञ मौके पर डटे हुए हैं। नदी के तटबंध पर हुए कटाव को रोकने और मरम्मत के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है, ताकि शहर और पावर ग्रिड को जलभराव से सुरक्षित रखा जा सके। प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। बाइट - रत्ना प्रियदर्शन एसडीएम मोहनिया
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एसीबी ने रिश्वतखोर ASI गोविन्द मीना को रंगे हाथों गिरफ्तार किया

Bharatpur, Rajasthan:भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने मंगलवार देर शाम बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना अटलबंध में तैनात सहायक उपनिरीक्षक गोविन्द मीना को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी एएसआई परिवादी के पिता द्वारा दर्ज कराए गए दो मुकदमों में कार्रवाई करने के बदले कुल 30,000 रुपए की घूस मांग रहा था। एसीबी भरतपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित सिंह के अनुसार, परिवादी ने एसीबी चौकी पर उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसके पिता की ओर से मारपीट से संबंधित मामला अटलबंध थाने में दर्ज कराया गया था, जिसकी जांच एएसआई गोविन्द मीना के पास थी। आरोपी एएसआई मामले में निष्पक्ष कार्रवाई करने और आरोपियों पर सख्त कदम उठाने की एवज में 30,000 रुपए की रिश्वत की मांग कर लगातार दबाव बना रहा था। शिकायत मिलते ही गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें एएसआई द्वारा रिश्वत मांगने की बात पूरी तरह सच साबित हुई। मांग की पुष्टि होने के बाद पुलिस निरीक्षक महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। मंगलवार शाम को जैसे ही परिवादी ने रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 15,000 रुपए एएसआई गोविन्द मीना को सौंपे, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल एसीबी की टीम आरोपी एएसआई से गहन पूछताछ कर रही है और उसके अन्य ठिकानों की भी तलाशी ली जा रही है。
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वार्ड 58 में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन निरस्त पर प्रशासन पर सवाल

Alwar, Rajasthan:अलवर। अलवर नगर निगम चुनाव में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। वार्ड नंबर 58 से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी हेमंत गुप्ता का नामांकन निरस्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। नामांकन खारिज होने की सूचना मिलते ही कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मिनी सचिवालय पहुंचे और रिटर्निंग अधिकारी से मुलाकात की मांग की। काफी देर तक अधिकारी के नहीं मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मिनी सचिवालय के गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि हेमंत गुप्ता का नामांकन वर्ष 2012 के एक पुराने मामले में धारा 354 का हवाला देकर निरस्त किया गया है। एडवोकेट राम बहादुर सिंह तंवर का दावा है कि संबंधित मामले में हेमंत गुप्ता को वर्ष 2012 में ही आपसी राजीनामे के आधार पर दोषमुक्त किया जा चुका है। उन्होंने 29 अगस्त की पुलिस वेरिफिकेशन रिपोर्ट का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब मामला वर्षों पहले समाप्त हो चुका था, तो उसके आधार पर 2026 के चुनाव में नामांकन कैसे निरस्त किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे नामांकन निरस्तीकरण के खिलाफ अपना पक्ष रखने और अपील की प्रक्रिया जानने के लिए रिटर्निंग अधिकारी से मिलने पहुंचे थे, लेकिन रात के समय मिनी सचिवालय में RO, ARO या ADM सिटी स्तर का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने गेट पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष अंकित गोयल ने आरोप लगाया कि हेमंत गुप्ता का नामांकन एक सोची-समझी साजिश के तहत खारिज किया गया है। उन्होंने प्रशासन पर सत्ताधारी दल के दबाव में काम करने का आरोप लगाया। वहीं, एडवोकेट राम बहादुर सिंह तंवर ने दावा किया कि वार्ड 58 में कांग्रेस प्रत्याशी की स्थिति मजबूत थी और भाजपा प्रत्याशी मीनू के साथ उनका कड़ा मुकाबला था। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इसी राजनीतिक दबाव के चलते नामांकन निरस्त कराया गया। बाइट्स कांग्रेस ने पूरे मामले को उच्च स्तर तक ले जाने की बात कही है। एडवोकेट राम बहादुर सिंह के अनुसार मामले की शिकायत राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग से की जाएगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
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मुरादाबाद बिलारी में सिपाही ने किराये के मकान में खुद को गोली मारी, आत्महत्या

Moradabad, Uttar Pradesh:सिपाही ने सीने मे गोली मारकर की आत्महत्या, किराये के मकान मे सिपाही ने मारी खुद कों गोली, मोनू चौधरी नाम के सिपाही ने की आत्महत्या, सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे साथी पुलिसकर्मी एवं थाना पुलिस अस्पताल लेकर पहुंचे जहाँ डॉक्टरों ने किया मृत घोषित, मुरादाबाद के बिलारी कोतवाली के रुस्तम नगर चौकी पर तैनात था सिपाही, बिलारी के साहू कुंज कॉलोनी ने किराये पर रहता था मृतक सिपाही, सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, अभी सिपाही के आत्महत्या करने के कारणों की कोई स्पष्ट जानकारी नहीं, पुलिस शव कों कब्जे मे लेकर जाँच मे जुटी, मुरादाबाद के बिलारी थाना क्षेत्र के साहूकुंज कॉलोनी का पूरा मामला।
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सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ की अवमानना प्रकरण: HC ने शो-कॉज नोटिस वापस लिया

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ के खिलाफ जारी अवमानना संबंधी शो-कॉज नोटिस वापस ले लिया है। लगातार कोर्ट में अनुपस्थित रहने पर हाई कोर्ट ने सीईओ से जवाब मांगा था। इसके बाद सीईओ मेडिकल रिपोर्ट लेकर कोर्ट पहुंचे और बताया कि वे वायरल फीवर और पेचिश से पीड़ित थे। हालांकि, मेडिकल रिपोर्ट को लेकर कोर्ट ने कई सवाल किए, जिसके बाद सीईओ को जवाब देते नहीं बना। बाद में कोर्ट ने उनके स्पष्टीकरण और शपथपत्र में दिए कारणों को स्वीकार करते हुए प्रस्तावित अवमानना कार्रवाई का नोटिस वापस ले लिया।बिलासपुर हाई कोर्ट में सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यानी सीईओ की गैरहाजिरी का मामला सामने आया। कोर्ट के बार-बार निर्देश के बावजूद व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने पर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया था।दरअसल, इस मामले में हाई कोर्ट ने 30 नवंबर 2022 को सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी सीईओ की ओर से कोर्ट में उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई।28 अप्रैल 2026 को भी कोर्ट ने राज्य के अधिवक्ता को सीईओ और एक अन्य अधिकारी से निर्देश लेने को कहा था। इसके बाद 28 जुलाई को हाई कोर्ट ने सूरजपुर जिला पंचायत के सीईओ को अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया। लेकिन 5 अगस्त की सुनवाई में भी न तो संबंधित अधिकारी कोर्ट में उपस्थित हुए और न ही कोई जवाब दाखיל किया गया। लगातार आदेशों के बावजूद अनुपस्थिति को देखते हुए 17 अगस्त 2026 को हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया और सीईओ के रवैये पर नाराजगी जताई।हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया माना कि एक लोक अधिकारी कोर्ट के आदेशों से बचने का रवैया अपना रहा है। इसके बाद सीईओ को शो-कॉज नोटिस जारी कर पूछा गया कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।इसके बाद 31 अगस्त को सीईओ ने हाई कोर्ट में अपना जवाब दाखिल किया। उन्होंने बताया कि 12 से 18 अगस्त के बीच वे वायरल फीवर और पेचिश से पीड़ित थे और डॉक्टर की सलाह पर बेड रेस्ट पर थे। बीमारी से संबंधित मेडिकल दस्तावेज भी कोर्ट के रिकॉर्ड पर पेश किए गए।मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद कोर्ट ने रिपोर्ट में बताए गए तथ्यों को लेकर सीईओ से सवाल-जवाब किए। कोर्ट की पूछताछ के दौरान सीईओ अपने मेडिकल दस्तावेजों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सीईओ ने शपथपत्र के जरिए अपना स्पष्टीकरण भी रिकॉर्ड पर रखा।हालांकि, कोर्ट ने सीईओ के स्पष्टीकरण और शपथपत्र में बीमारी के कारण बताए गए तथ्यों को स्वीकार कर लिया। इसके बाद 1 सितंबर 2026 को हाई कोर्ट ने सीईओ के खिलाफ प्रस्तावित अवमानना कार्रवाई शुरू करने संबंधी शो-कॉज नोटिस वापस ले लिया।
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CD कांड: हाईकोर्ट में अगली सुनवाई 25 सितम्बर, भूपेश बघेल के मामले में नया मोड़

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित सीडी कांड की अगली सुनवाई 25 सितंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं व सीबीआई के अधिवक्ता की ओर से मांगे गए समय को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई की तिथि बढ़ा दी है। बता दें, पूर्व सीएम भूपेश बघेल व विनोद वर्मा ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।रायपुर की सीबीआई कोर्ट ने भूपेश बघेल उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा, भाजपा नेता कैलाश मुरारका समेत दो अन्य व्यक्तियों पर इस मामले में मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त आधार पाया है। भूपेश बघेल को पहले निचली अदालत ने इस मामले में बरी कर दिया था। सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को खारिज kar दिया है।भूपेश बघेल ने सेशन कोर्ट के आदेश को चुनौती दी थी, उनके राजनीतिक सलाहकार रहे विनोद वर्मा और भाजपा नेता कैलाश मुरारका ने अपने खिलाफ लगाए गए चार्ज के आदेश को अलग-अलग याचिका के माध्यम से चुनौती दी है। प्राथमिक सुनवाई में हाई कोर्ट ने विनोद वर्मा और कैलाश मुरारका को तो कोई अंतरिम राहत नहीं दी। लेकिन भूपेश बघेल के खिलाफ प्रकरण में आगे होने वाली सुनवाई पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी।आज इस मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के सिंगल बेंच में नियत थी, परंतु शाम तक नंबर ना आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। सीबीआई की ओर से केंद्र सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वरिष्ठ अधिवक्ता एसवी राजू ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले को विशेष रूप से सुनवाई के लिए निवेदन किया, उनके साथ अधिवक्ता वैभव गोवर्धन भी थे। उन्होंने प्रारंभ में 15 सितंबर की तिथि की मांग की जिसे विनोद वर्मा की ओर से उपस्थित अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव और श्रिया गुप्ता तथा भूपेश बघेल की ओर से उपस्थित अधिवक्ता हर्ष परगनिया के द्वारा एक सप्ताह आगे रखने का निवेदन किया। हाई कोर्ट ने प्रकरण की अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तिथि तय कर दी है।
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भिंड: किराने व्यापारी का अपहरण, कुछ घंटों में पुलिस ने मुक्त कराया

Bhind, Madhya Pradesh:हेडर-भिंड में किराना व्यापारी के अपहरण से हड़कंप मच गया, स्कॉर्पियो सवार बदमाश दुकान से खींचकर جبरन गाड़ी में डालकर ले गए। सरे बाजार देर शाम हुई इस वारदात की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में भीड़भाड़ वाले सदर बाजार पहुंच गया और भारी पुलिस बल तैनात हो गया। सूत्रों के मुताबिक niedesh ने किराने की दुकान चलाते हैं, जिनका बड़ा भाई इंदौर में कारोबार करता है। बड़ी भाई पर इंदौर में कर्ज होने की बात सामने आ रही है और इसी कारण कुछ लोग पहुंचे थे। आरोप है कि स्कॉर्पियो सवार लोगों ने दुकान पर पहुंचकर मालिक को जबरन बाहर खींचा और बलपूर्वक गाड़ी में डालकर अपने साथ ले गए। व्यापारी के अपहरण की सूचना मिलते ही देहात थाना, शहर कोतवाली पुलिस और साइबर टीम सक्रिय हुईं और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस की सक्रियता का नतीजा यह रहा कि कुछ ही घंटों के भीतर ही व्यापारी सकुशल मुक्त करा लिया गया। मामले में तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अपहरण के पीछे असल वजह क्या थी और कर्ज की वसूली का मामला कितना सही है, इसका खुलासा पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है और हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम का आधिकारिक खुलासा किया जाएगा। सदर बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके से व्यापारी को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस की जांच के बाद ही साफ होगा कि यह वाकई कर्ज की वसूली से जुड़ा मामला था या इसके पीछे कोई और कहानी छिपी है।
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नामांकन रद्द, भाजपा प्रत्याशी निर्विरोध विजयी: कांग्रेस प्रत्याशी का प्रमाणपत्र विवाद

Begun, Rajasthan:#कपासन, चित्तौड़गढ़ - एंकर - चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन में निकाय चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 7 में आज दिनभर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कांग्रेस प्रत्याशी रुखसाना बेगम के OBC प्रमाण पत्र को लेकर आपत्ति के बाद घंटों तक सुनवाई चली। प्रत्याशी की ओर से नया जाति प्रमाण पत्र भी पेश किया गया, लेकिन बाद में प्रमाण पत्र निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपना-अपना पक्ष रखा। वहीं, मीडिया कर्मियों को न्यायालय कक्ष से बाहर रखा गया। दोपहर से देर शाम तक उपखंड कार्यालय परिसर में गहमागहमी बनी रही। आखिरकार देर रात रिटर्निंग अधिकारी ने रुखसाना बेगम का नामांकन निरस्त कर दिया। नामांकन निरस्त होते ही भाजपा प्रत्याशी नसीम बेगम पत्नी अकिल शाह वार्ड नंबर 7 से निर्विरोध निर्वाचित हो गईं।
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पांडबेश्वर विधायक ने उद्योगपतियों के सम्मेलन में निवेश के लिए बुलावा दिया

Durgapur, West Bengal:পালা বদলের পর এবার বিধায়কও এলাকায় শিল্প আনতে শিল্পপতি এবং ব্যাবসায়ীদের নিয়ে সম্মেলন। মুখ্যমন্ত্রীর দেখানো পথে ক্ষুদ্র ও মাঝারি শিল্প আনতে উদ্যোগ নিল পশ্চিম বর্ধমান জেলার পাণ্ডবেশ্বরের বিজেপি বিধায়ক জিতেন্দ্র তেওয়ারির। নতুন সরকার আসার পর পুরুলিয়া বাঁকুড়া ও হাওড়া তে একের পর এক শিল্প গোষ্ঠী বিনিয়োগ করেছে। এবার আগের থেকে পরিবেশ পাল্টেছে, নতুন সরকার শিল্প চাইছে। আর তোলাবাজি হুমকির পরিবেশ নেই বলে দাবি করে। বিনিয়োগ আনতে শিল্প কনক্লেভ করার উদ্যোগ নিল জিতেন্দ্র তিওয়ারি। এদিন একটি ভিডিও বার্তার মাধ্যমে পাণ্ডবেশ্বর সহ পশ্চিম বর্ধমান জেলার উদ্যোগ পতিদের আহ্বান করেন বিধায়ক। আগামী ২৭ তারিখ রাজ্যের শিল্পপতিদের, যারা মূলত পাণ্ডবেশ্বর অঞ্চলে বিনিয়োগ করতে আগ্রহী তাদের ওই কনক্লেভে আসার আমন্ত্রণ জানিয়েছেন। বিভিন্ন বণিক সভার প্রতিনিধিরা ও দুর্গাপুর ও পাণ্ডবেশ্বরের শিল্পোদ্যোগীরা এদিনের এই সভায় উপস্থিত ছিলেন। উখড়া চেম্বার অব কমার্স এর সভাপতি মনোজ শরাফ বলেন, আগের সরকারের থেকে এখন অনেক শিল্পবান্ধব পরিবেশ, আমরা নতুন করে আবার বিনিয়োগ করতে আগ্রহী ।উত্তর প্রদেশ, গুজরাট রাজস্থান, মধ্যপ্রদেশ, ছত্রিশগড়ের মত বিজেপি শাসিত রাজ্যে যেভাবে সিঙ্গেল উইন্ডো সিস্টেম রয়েছে শিল্পমন্ত্রী তাপস রায়কে অনুরোধ করা হয়েছে। সেই সিস্টেম এখানেও বলবত করার । উদ্যোগপতি পার্থ ঘোষ বলেন, পাণ্ডবেশ্বর অঞ্চলে অনেকেই ইতিমধ্যে ক্ষুদ্র ও মাঝারি শিল্প স্থাপনে আগ্রহ প্রকাশ করেছেন। পাণ্ডবেশ্বরের বিধায়ক জিতেন্দ্র তিওয়ারি জানিয়েছেন, মাটির নিচে কয়লা খনি বা জমি সংক্রান্ত সমস্যা কিছু হবে না শিল্প স্থাপনের ক্ষেত্রে।
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मनौरी के अवैध पटाखा केस में आदिल की करोड़ों की बिल्डिंग पर बुलडोजर

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:कौशांबी के मनौरी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन का एक्शन लगातार जारी है। अब मुख्य आरोपी नौशाद के बेटे आदिल की करोड़ों की व्यावसायिक और रेजिडेंशियल बिल्डिंग पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चला है। पीडीए ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब दो करोड़ रुपये की बताई जा रही इस बिल्डिंग को जमींदोज कर दिया। पीडीए के मुताबिक बिल्डिंग का मानचित्र स्वीकृत नहीं था, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। तस्वीरें कौशांबी के मनौरी इलाके की हैं, जहां अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद अब अवैध निर्माणों पर प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है। मुख्य आरोपी नौशाद के बेटे आदिल की करोड़ों की इस बिल्डिंग को प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने ध्वस्त कर दिया है। पीडीए के जोन संख्या-1 के जोनल अधिकारी गंगेश कुमार सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि करीब 60 वर्गमीटर यानी 72 वर्गगज जमीन पर बनी इस बिल्डिंग में अंडरग्राउंड, ग्राउंड फ्लोर और उसके ऊपर दो मंजिलें थीं। इसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई जा रही है। पीडीए के मुताबिक बिल्डिंग का मानचित्र प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं कराया गया था। इसी को आधार बनाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। बुलडोजर ने देखते ही देखते करोड़ों की इस बिल्डिंग को मलबे में तब्दील कर दिया। पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट के बाद अब अवैध निर्माणों पर हो रही कार्रवाई से इलाके में हड़कंप है। प्रशासन का साफ संदेश है कि नियमों की अनदेखी कर किए गए निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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