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Satyendra DwivediSatyendra DwivediFollow9 Jan 2025, 02:57 pm
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पटना में TRE 4 भर्ती के विरोध पर पुलिस-प्रदर्शन, लाठीचार्ज और गिरफ्तारी

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:पटना के गांधी मैदान स्थित जेपी गोलंबर पर कल BPSC TRE 4 अभ्यर्थियों के प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। शिक्षक बहाली का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद प्रशासन की ओर से लाठीचार्ज किया गया। छात्र नेता दिलीप की अगुवाई में करीब पांच हजार अभ्यर्थी पटना कॉलेज से मार्च निकालकर BPSC कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए जेपी गोलंबर पर भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दो लेयर की बैरिकेडिंग के साथ वाटर कैनन भी लगाया गया था。 प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग पार करने को लेकर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई। इसी दौरान पुलिस ने छात्र नेता दिलीप समेत चार लोगों को हिरासत में ले लिया। सभी को गांधी मैदान थाने ले जाया गया, जहां उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई। इसके बाद आज मेडिकल जांच के लिए उन्हें PMCH भेजा गया। घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है。 राजद प्रवक्ता अरुण यादव ने कहा कि सरकार पिछले ढाई साल से TRE 4 भर्ती को लटका कर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने लाठीचार्ज और मुकदमेबाजी को लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा बताया। कांग्रेस प्रवक्ता स्नेहाशीष वर्धन ने भी घटना की निंदा करते हुए छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। जेडीयू प्रवक्ता महेश दास ने कहा कि सरकार छात्रों और युवाओं की चिंता करती है, लेकिन आंदोलन उग्र होने के बजाय संवाद से समाधान निकालना चाहिए। भाजपा प्रवक्ता सुमित शशांक ने कहा कि NDA सरकार ने लाखों युवाओं को शिक्षक भर्ती के माध्यम से नौकरी दी है और विपक्ष युवाओं को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा है।
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पाकुड़ पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर को गिरफ्तार किया, बड़ी चोरी का मामला उजागर

Pakur, Jharkhand:पाकुड़ पुलिस ने पाकुड़िया थाना क्षेत्र के रामघाटी में हुई बड़ी चोरी का खुलासा किया है... इस मामले में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय अपराधी को गिरफ्तार किया है... उसके पास से देसी कट्टा, गोली और चोरी में इस्तेमाल किए गए सामान बरामद किए गए हैं... एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि यह चोरी 1 मई को रामघाटी निवासी मनोज भगत के घर में हुई थी... कांड संख्या 28/26 दर्ज किया गया... महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई... थाने प्रभारी महतो, रवि शर्मा, सह पुलिस अवर निरीक्षक अजय कुमार उपाध्याय सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे... छापेमारी टीम ने गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की... जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ अपराधी एक थार गाड़ी से थाना क्षेत्र में घूम रहे हैं... खكسा के पास थार गाड़ी रोकने का प्रयास किया गया, पर चार लोग भाग गए... पकड़ाया गया एक व्यक्ति... तलाशी में देसी कट्टा, दो जिंदा गोली और एक मोबाइल मिला... साथ ही एक हाइड्रोलिक कटर समेत चोरी में प्रयुक्त अन्य सामान बरामद हुए... पकड़े गए अपराधी की पहचान पश्चिम बंगाल के बिरभूम जिले के मुरारई थाना अंतर्गत ढोड़िया गांव निवासी मिहिर ठाकुर के रूप में हुई... मिहिर ठाकुर पर बंगाल और झारखंड में कुल 22 मामले दर्ज हैं... थार गाड़ी जब्त कर ली गई है... पूछताछ में ठाकुर ने Manoj Bhagat के घर हुई चोरी में अपनी संलिप्ता स्वीकार कर ली है... उसकी निशानदेही पर 51,000 रुपये नकद और चोरी के तीन चांदी के सिक्के भी मिले... अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश जारी है... Manoj Bhagat के घर से लगभग ढाई लाख रुपये नकद और सोने के गहने की चोरी हुई थी...
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झारखंड में भाषा चयन के लिए पांच मंत्री कमेटी बनी, चलेगा क्या समाधान

Ranchi, Jharkhand:झारखंड में भाषा पर निर्णय के लिए राज्य सरकार ने सीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। उच्चस्तरीय समिति भाषा मामले में शीघ्र अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को देगी। यह कमेटी मगही, भोजपुरी, अंगिका को नियमावली में शामिल करने के साथ ही यह रिपोर्ट भी देगी कि किस भाषा को जनजातीय या क्षेत्रीय भाषा की सूची में शामिल करना है। चर्चा का दौर जारी है। झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कहा, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने संवेदनशील सीएम के कर्तव्य का निर्वहन किया है। जहां विवाद हो, आपस में सहमति न बने तो कमेटी गठन की राय बनी। कमेटी की अध्यक्षता राधा कृष्ण किशोर के रहे हैं। अब रास्ता निकलेगा। एक ईमानदार प्रयास है सरकार का。 कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंहा ने कहा, स्वाभाविक है ये कमेटी मील का पत्थर साबित होगा। कमेटी जल्दी ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। एक स्थाई समाधान भाषा को लेकर होगा。 जेटेट परीक्षा में जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के नए सिरे से निर्धारण के लिए राज्य सरकार ने पांच मंत्रियों की उच्च स्तरीय कमेटी गठित किया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा, सरकार की मंशा क्या है सरकार चलाने वाले लोग ही बता सकते हैं। इतना जरुर है, जिस क्षेत्र में लोग जिस भाषा को प्रयोग में लाते हैं, उस क्षेत्र के लोगों की सुविधा के अनुसार भाषा को महत्व देना चाहिए, ताकि इसका लाभ बच्चों को मिले। पूरे झारखंड में नहीं पर जिस क्षेत्र में बोली जाती है उस क्षेत्र में सरकार को मान्यता देनी चाहिए。 बाबूलाल मरांडी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, सरकार को अभी पक्षों से बात कर समाधान करना चाहिए। इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। कमेटी बनी है तो सभी पक्षों से बात करनी चाहिए । इस मामले में शिक्षा विद का कहना है, भाषा का मामला छात्रों के हित से जुड़ा है। जेटेट में भोजपुरी, मगही और अंगिका को शामिल नहीं किया गया है, इसको लेकर पहल हुई है अब कमेटी की जिम्मेवारी है कि इसपर जल्दी निर्णय ले इससे छात्रों को प्रोत्साहन मिलेगा।
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सिंहस्थ से पहले उज्जैन पुलिस ने मॉक ड्रिल से सुरक्षा तैयारियों की मजबूती दिखाई

Ujjain, Madhya Pradesh:सिंहस्थ से पहले सुरक्षा अलर्ट मोड में उज्जैन पुलिस, नवग्रह शनि मंदिर में म Mock ड्रिल से परखी तैयारियां बम निरोधक दस्ते ने विशेष सुरक्षा सूट में संदिग्ध बैग की जांच कर सुरक्षा प्रोटोकॉल का किया अभ्यास उज्जैन । आगामी सिंहस्थ और अमावस्या स्नान पर्व के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए उज्जैन पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इसी क्रम में नवग्रह शनि मंदिर परिसर में एक विशेष सुरक्षा एवं बम निरोधक म Mock ड्रिल का आयोजन किया गया। नवग्रह शानी मंदिर परिसर में आयोजित इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना था। ड्रिल के दौरान अचानक एक संदिग्ध बैग मिलने की स्थिति बनाई गई, जिसके बाद पूरे परिसर में सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिया गया। इस दौरान उज्जैन पुलिस,बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की संयुक्त टीमों ने मोर्चा संभाला। सबसे पहले डॉग स्क्वॉड ने संदिग्ध वस्तु की जांच की, जिसके बाद आधुनिक तकनीकी उपकरणों की मदद से गहन परीक्षण किया गया। जांच प्रक्रिया में NLJD (NLJD), एक्सप्लोसिव डिटेक्टर और रियल टाइम एक्स-रे मशीन जैसे अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया गया। इनकी मदद से बिना बैग खोले ही उसके अंदर की सामग्री का विश्लेषण किया गया और संभावित खतरे का आकलन किया गया। बम निरोधक दस्ते ने विशेष सुरक्षा सूट پہنकर संदिग्ध वस्तु को सुरक्षित तरीके से हैंडल करने और निष्क्रियकरण की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया। पूरे ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा घेरा बनाकर आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, त्वरित कार्रवाई क्षमता को परखना और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को मजबूत करना रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए इस तरह के अभ्यास लगातार किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। उज्जैन पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें।
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राजधानी जयपुर के RGHS मामले पर सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक, सुधारों पर चर्चा

Jaipur, Rajasthan:जयपुर में सचिवालय में RGHS को लेकर हाई लेवल बैठक आयोजित हुई। बैठक में योजना की खामियों, अस्पतालों के लंबित भुगतान और नई व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक विभाग RGHS की IPD सेवाएं इंश्योरेंस कंपनी को देने पर विचार कर रहा है, हालांकि OPD व्यवस्था को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया। बैठक में चिकित्सा प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, वित्त प्रमुख सचिव वैभव गालरिया, RSHAA CEO हरजीलाल अटल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त बीएल गोयल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी मांगें रखीं। जिसमें कर्मचारी नेता महावीर सिंहा, महावीर शर्मा, गजेंद्र सिंह राठौड़, कजोड़मल मीणा समेत अन्य प्रतिनिधि रहे मौजूद। अब सरकार जल्द बड़ा फैसला ले सकती है।
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उज्जैन में सिंहस्थ सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल, BDDS-डॉग टीम ने दिखाया त्वरित कार्रवाई

Ujjain, Madhya Pradesh:उज्जैन। आगामी सिंहस्थ और अमावस्या स्नान पर्व को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उज्जैन पुलिस ने नवग्रह शनि मंदिर परिसर में एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की टीमों ने संयुक्त रूप से अभ्यास किया। मॉक ड्रिल में यह दिखाया गया कि अगर मंदिर परिसर में किसी संदिग्ध वस्तु या बैग की सूचना मिलती है तो पुलिस तुरंत किस तरह कार्रवाई करती है। अभ्यास के दौरान एक संदिग्ध बैग मिलने पर पूरे क्षेत्र को सुरक्षित किया गया और जांच प्रक्रिया शुरू की गई। डॉग स्क्वॉड की मदद से बैग की जांच की गई, वहीं आधुनिक उपकरणों की सहायता से यह पता लगाया गया कि उसमें कोई विस्फोटक सामग्री तो नहीं है। जांच के लिए कई तकनीकी उपकरणों का उपयोग किया गया, जिनमें NLJD (NLJD) उपकरण, एक्सप्लोसिव डिटेक्टर और एक्स-रे मशीन शामिल रही। इनकी मदद से बिना बैग खोले ही अंदर की वस्तुओं की जांच की गई। इसके अलावा बम निरोधक दस्ते ने विशेष सुरक्षा सूट पहनकर सुरक्षित तरीके से कार्रवाई का अभ्यास भी किया। इस पूरी मॉक ड्रिल का उद्देश्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, आपसी समन्वय और आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखना था। उज्जैन पुलिस ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए लगातार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और प्रशासन का सहयोग करें।
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भीषण गर्मी में पेयजल सुरक्षा के लिए सरकार की कड़ी निगरानी, जलदाय विभाग सक्रिय

Jaipur, Rajasthan:भीषण गर्मी में पेयजल प्रबंधन के लिए सरकार गंभीर,मॉनिटरिंग में जुटा जलदाय विभाग जयपुर-राजस्थान में भीषण गर्मी में पेयजल को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है.पेयजल प्रबंधन को लेकर जलदाय विभाग लगातार मॉनिटरिंग में जुटा है.Gaाँव और शहरों में पेयजल को लेकर व्यवस्थाएं सुचारू की गई है.आखिरकार कैसे पेयजल को लेकर सरकार गंभीर है..देखे इस रिपोर्ट में! भीषण गर्मी में पेयजल से राहत- मरूधरा में भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी के लिए सरकार गंभीर है.जैसे जैसे तापमान बढता चला जा रहा है,वैसे वैसे पानी की डिमांड भी बढती चल रही है.इसलिए जलदाय विभाग पूरी तरह से गंभीर है.आम जनता को शुद्ध और समुचित पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय और प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय नियन्त्रण कक्ष संचालित है. प्रदेश में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के शहरी क्षेत्र के लिए राशि 55.88 करोड के 218 कार्य और ग्रामीण क्षेत्र के लिए राशि रूपये 154.47 करोड के 1162 कार्य स्वीकृति किये गए थे,जिनमें से ग्रामीण क्षेत्र में 802 और शहरी क्षेत्र में 218 कार्य पूर्ण ही चुके हैं.शेष कार्य 15 मई तक पूरे करने होंगे. परिवहन सेवा से पहुंचाया जा रहा पानी- प्रदेश के शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 41 जिलों के लिए 31 जुलाई तक आवश्यकतानुसार जल परिवहन के लिए अनुमानित शहरी क्षेत्र के लिए राशि रुपये 23.00 करोड और ग्रामीण क्षेत्र के लिए राशि रूपये 82.37 करोड की स्वीकृति जारी की गई. वर्तमान में 1233 गांव और 1000 ढाणियां, 48 शहरों में जल परिवहन से घरों तक पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है. हैडपंप के लिए चला अभियान- गर्मियों के सीजन में पेयजल आपूर्ति की मॉनिटरिंग के लिए विभाग में किराये पर 1 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक अवधि के लिए 500 श्रमिक प्रतिमाह और 100 किराये के वाहन प्रतिमाह,1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की अवधि के लिए 2000 श्रमिक प्रतिमाह, 400 किराये के वाहन प्रतिमाह, 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक अवधि के लिए 2500 श्रमिक प्रतिमाह,450 किराये के वाहन प्रतिमाह की स्वीकृति जारी की गई. गांवों में हैडपंप सुधारने का विशेष अभियान चलाया गया,जिसमें 22730 हैण्डपम्पों में से 22337 हैण्डपम्प ठीक किये गए और शेष 393 सतत प्रक्रिया के तहत ठीक किये जा रहे हैं. 1-1 करोड रुपये की राशि स्वीकृत- जलदाय विभाग ने गर्मियों के मौसम में प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में आकस्मिक कार्यों के लिए 1-1 करोड रुपये की राशि खर्च करने की स्वीकृति जारी कर दी गई है.इसके तहत प्रदेश कुल स्वीकृत 484 कार्यों में से 307 कार्य पूर्ण और 192 कार्य प्रगतिरत है. जिन्हें 15 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य दिया है. जेजेएम की स्कीम्स में 25-2 लाख खर्च होंगे- प्रदेश में संचालित जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत पूरी हो चुकी जलयोजनाओं के संचालन के लिए विभाग गर्मियों के मौसम में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के लिए 25-25 लाख रुपये की राशि खर्च करने की स्वीकृति जारी कर दी गई है.फील्ड अधिकारियों का मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अवकाश पर रोक लगाई गई है.
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राजस्थान में भीषण गर्मी के बीच पेयजल सुरक्षा के लिए जलदाय विभाग की भारी कवायद

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में भीषण गर्मी में पेयजल को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह से गंभीर है. पेयजल प्रबंधन को लेकर जलदाय विभाग लगातार मॉनिटरिंग में जुटा है. गांव और शहरों में पेयजल को लेकर व्यवस्थाएं सुचारू की गई है. आखिरकार कैसे पेयजल को लेकर सरकार गंभीर है..देखे इस रिपोर्ट में! भीषण गर्मी में पेयजल से राहत- मरूधरा में भीषण गर्मी के बीच पीने के पानी के लिए सरकार गंभीर है. जैसे जैसे तापमान बढता चला जा रहा है, वैसे वैसे पानी की डिमांड भी बढती चल रही है. इसलिए जलदाय विभाग पूरी तरह से गंभीर है. आम जनता को शुद्ध और समुचित पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय और प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय नियन्त्रण कक्ष संचालित है. प्रदेश में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के शहरी क्षेत्र के लिए राशि 55.88 करोड़ के 218 कार्य और ग्रामीण क्षेत्र के लिए राशि रूपये 154.47 करोड़ के 1162 कार्य स्वीकृत किये गए थे, जिसमें से ग्रामीण क्षेत्र में 802 और शहरी क्षेत्र में 218 कार्य पूर्ण ही चुके हैं. शेष कार्य 15 मई तक पूरे करने होंगे. परिवहन सेवा से पहुंचाया जा रहा पानी- प्रदेश के शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 41 जिलों के लिए 31 जुलाई तक आवश्यकतानुसार जल परिवहन के लिए अनुमानित शहरी क्षेत्र के लिए राशि रुपये 23.00 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्र के लिए राशि रूपये 82.37 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई. वर्तमान में 1233 गांव और 1000 ढाणियां, 48 शहरों में जल परिवहन से घरों तक पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है. हैडपंप के लिए चला अभियान- गर्मियों के सीजन में पेयजल आपूर्ति की मॉनिटरिंग के लिए विभाग में किराए पर 1 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 तक अवधि के लिए 500 श्रमिक प्रतिमाह और 100 किराये के वाहन प्रतिमाह, 1 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक की अवधि के लिए 2000 श्रमिक प्रतिमाह, 400 किराये के वाहन प्रतिमाह, 1 मई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक अवधि के लिए 2500 श्रमिक प्रतिमाह,450 किराये के वाहन प्रतिमाह की स्वीकृति जारी की गई. गांवों में हैडपम्प सुधारने का विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 22730 हैण्डपम्पों में से 22337 हैण्डपम्प ठीक किये गए और शेष 393 सतत प्रक्रिया के तहत ठीक किये जा रहे हैं. 1-1 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत- जलदाय विभाग ने गर्मियों के मौसम में प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में आकस्मिक कार्यों के लिए 1-1 करोड़ रुपये की राशि खर्च करने की स्वीकृति जारी कर दी गई है. इसके तहत प्रदेश कुल स्वीकृत 484 कार्यों में से 307 कार्य पूर्ण और 192 कार्य प्रगतिरत है. जिन्हें 15 मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया है. जेजेएम की स्कीम्स में 25-2 लाख खर्च होंगे- प्रदेश में संचालित जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत पूरी हो चुकी जलयोजनाओं के संचालन के लिए विभाग गर्मियों के मौसम में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जनता के लिए पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों के लिए 25-25 लाख रुपये की राशि खर्च करने की स्वीकृति जारी कर दी गई है. फील्ड अधिकारियों का मौके पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अवकाश पर रोक लगाई गई है.
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राजस्थान में मौसम बदलेगा: कोटा-उदयपुर में आंधी-बारिश, हीटवेव अगले 5–6 दिन

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार आज कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों में मेघगर्जन के साथ आंधी और हल्की बारिश हो सकती है, जबकि अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा। 11 और 12 मई को नए पश्चिमी विक्षोभ का असर बीकानेर, शेखावाटी, जयपुर और भरतपुर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं तापमान में 2 से 3 डिग्री बढ़ोतरी के आसार हैं और पश्चिमी राजस्थान में अगले 5-6 दिनों तक हीटवेव चल सकती है। तेज गर्मी के बीच कई लोग पक्षियों के लिए छतों और पार्कों में दाना-पानी रख रहे हैं, ताकि उन्हें राहत मिल सके。
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मैनपुरी-करहल गढ़िया खजुरारा में विवाहिता की संदिग्ध मौत,मायके वालों ने लगाया दहेज हत्या का आरोप।

Ajay KumarAjay KumarFollow4m ago
Karhal, Uttar Pradesh:मैनपुरी/करहल करहल थाना क्षेत्र के गढ़िया खजुरारा गांव में शुक्रवार को 26 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज की खातिर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है,घटना के बाद से ससुराल पक्ष के लोग फरार बताए जा रहे हैं। दो साल पहले हुई थी शादी मृतका की पहचान हिमांशी पत्नी संजीव कुमार के रूप में हुई है,हिमांशी मूल रूप से शिकोहाबाद के मोहल्ला गंगानगर की रहने वाली थी। परिजनों के मुताबिक उसकी शादी करीब दो साल पहले करहल के गढ़िया खजुरारा निवासी संजीव कुमार के साथ हुई थी। 'सैफई अस्पताल में शव छोड़कर भागे ससुराल वाले' मृतका के भाई ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर हिमांशी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। शुक्रवार सुबह अचानक उसकी मौत की सूचना मिली,जब मायके वाले सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो वहां ससुराल पक्ष का कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। आरोप है कि ससुराल वाले शव को अस्पताल में लावारिस छोड़कर फरार हो गए। मामले में करहल थाना के प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण स्पष्ट होंगे। फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
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राज्यपाल बदरीनाथ धाम: मास्टर प्लान और तीर्थयात्रियों के लिए नई व्यवस्थाओं की समीक्षा

Jokhanalagga Bura, Uttarakhand:निर्धारित कार्यक्रम के तहत बदरीनाथ धाम पहुंचने पर मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी एवं पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने उनका स्वागत किया। मंदिर पहुंचने पर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती एवं मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान राज्यपाल ने मंदिर के रावल अमरनाथ नंबूदरी से भेंट की तथा परिसर में मौजूद तीर्थयात्रियों से संवाद कर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने धाम में चल रहे मास्टर प्लान कार्यों, विशेषकर रिवर फ्रंट और मंदिर परिसर के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने यात्रा व्यवस्थाओं के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस की सराहना करते हुए तीर्थयात्रियों के अनुशासन को भी अनुकरणीय बताया। उन्होंने मास्टर प्लान कार्यों पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी संबंधित पक्षों के समन्वय की प्रशंसा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे भक्ति भाव एवं अनुशासन के साथ दर्शन करें और व्यवस्थाओं में सहयोग दें। साथ ही, स्थानीय उत्पादों को यात्रा की स्मृति के रूप में खरीदने का भी आह्वान किया।
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लेह में बुद्ध Relics एक्सपोज़िशन पर सम्मेलन, Ladakh में बौद्ध इतिहास-भविष्य पर चर्चा

Aram Pora, Ganderbal, Leh, May 09, 2026: As part of the ongoing 15-day Sacred Exposition of the Holy Relics of Gautama Buddha in Ladakh, the Administration of the Union Territory of Ladakh in collaboration with the Ladakh Gonpa Association organised a conference on the theme “Past, Present and Future of Buddhism in Ladakh” at Dharma Centre, Leh. The conference was chaired by His Eminence Drukpa Thuksey Rinpoche and attended by monks, scholars, officials, students and members of the public. The programme commenced with the ceremonial lighting of the lamp by the Chief Guest, Chief Secretary of UT Ladakh, Ashish Kundra, along with His Eminence Drukpa Thuksey Rinpoche and eminent Rinpoches from across Ladakh. The inaugural session began with a welcome address by President of the Ladakh Gonpa Association, Dorjey Stanzin, who highlighted the spiritual significance of the sacred Buddha relics and appreciated the support of the UT Administration in organising the exposition. He stated that the conference aimed to deliberate on the historical roots, present condition and future prospects of Buddhism in Ladakh. In his opening remarks, His Eminence Drukpa Thuksey Rinpoche described the arrival of the sacred relics as a great blessing for the people of Ladakh. He emphasised the role of Buddhism in shaping Ladakh’s spiritual and cultural identity and stressed the importance of preserving Buddhist teachings, heritage and values for future generations. He also urged the younger generation to remain connected with their culture, history and traditions. During the conference, a book titled Gon Sum La Stodpa Rangshar Melong authored by Khenchen Tsering Rigzin was formally released. Addressing the gathering, Chief Secretary Ashish Kundra congratulated the people of Ladakh for their overwhelming participation in the sacred exposition. He noted that thousands of devotees continue to visit the relics daily and described the devotion of the people towards Lord Buddha as commendable. He stated that Buddhism and its teachings of peace and compassion continue to inspire people across the world and highlighted Ladakh’s message of communal harmony and peaceful coexistence. The vote of thanks for the inaugural session was delivered by Director Tourism, Tsering Paldan. The technical session featured lectures and presentations by eminent scholars and speakers on the historical contribution of Buddhism in Ladakh, its role in social harmony, present-day challenges and its relevance in building a peaceful and harmonious society. Speakers included Khenchen Tsewang Rigzin, Venerable Thupstan Paldan, research scholar Jigmet Chorol, Dr. Tsering Dolkar and writer Lundup Gyalson. The conference concluded with closing remarks by His Eminence Drukpa Thuksey Rinpoche. Among others present on the occasion were Secretary School Education, Bhanu Prabha, Secretary Tourism and Culture, Sanjeet Rodrigues, along with scholars, officials and other eminent personalities.
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