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Ashish Ashish Follow22 Jun 2024, 06:02 am
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भलाई की दीवार का पुनर्निर्माण, आज उद्घाटन, जरूरतमंदों के लिए कपड़े बांटे गए

Jhalawar, Rajasthan:भवानीमंडी (झahalावाड़) झालावाड़ जिले के भवानीमंडी कस्बे में नगरपालिका ने भलाई की दीवार का पुनर्निर्माण कराया और आज इसका उद्घाटन किया। पालिका अध्यक्ष पिंकी गुर्जर ने कहा कि इस दीवार पर जरूरतमंदों के लिए कपड़े रखे जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि दीपावली पर घरों की सफाई के दौरान निकली ऐसी चीजें, जो उनके काम की नहीं हैं, वे दीवार पर रखें। इससे वे चीजें जरूरतमंदों के काम आ सकेंगी। उन्होंने कहा कि लोग यहां बेकार की वस्तुएं न रखें। इस मौके पर पालिका द्वारा पार्षदों का स्वागत भी किया गया। पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर ने बताया कि भलाई की दीवार का उद्घाटन पहली बार 2017 में हुआ था। देखरेख नहीं होने से इसकी हालत खराब हो गई थी। अब पालिका ने इसका पुनर्निर्माण कर इसे फिर शुरू किया है, ताकि जरूरतमंदों को इसका फायदा मिल सके। कार्यक्रम में डग विधानसभा प्रत्याशी चेतराज गहलोत, शहर के भामाशाह डॉक्टर जेके अरोड़ा, पालिका अध्यक्ष पिंकी गुर्जर, उपाध्यक्ष विनय आसतोलिया, पूर्व पालिका अध्यक्ष रामलाल गुर्जर, सहित पार्षद गण मौजूद रहे। इस दौरान जरूरतमंदों को कपड़े भी बांटे गए।
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अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, त्योहार मिलजुलकर शांति से मनाएं

Ajay GargAjay GargFollow1m ago
Bugrasi, Uttar Pradesh:बुगरासी (बुलंदशहर)। दीपावली सहित आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से बुगरासी पुलिस चौकी में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में चौकी इंचार्ज ने क्षेत्र के गणमान्य लोगों, व्यापारियों और संभ्रांत नागरिकों से त्योहारों को आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। साथ ही स्पष्ट किया कि अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस का प्रथम उद्देश्य है। बैठक में चौकी इंचार्ज भूपेंद्र रघुवंशी ने कहा कि त्योहार आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक हैं। सभी लोग एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए त्योहार मनाएं। किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और न ही सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक संदेश प्रसारित करें। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। दीपावली पर पटाखों की बिक्री को लेकर पुलिस ने स्पष्ट किया कि शासन के आदेशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप केवल ग्रीन पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी। इसके अतिरिक्त अन्य पटाखों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। चौकी इंचार्ज ने व्यापारियों से नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। भूपेंद्र रघुवंशी ने व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए कहा कि बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस सतर्क है। व्यापारियों को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देनी चाहिए। आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बाजारों में संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर नजर रखने की भी अपील की गई। बैठक में मौजूद लोगों ने पुलिस को आश्वस्त किया कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने में पूरा सहयोग किया जाएगा। लोगों ने कहा कि बुगरासी की आपसी भाईचारे की परंपरा को कायम रखते हुए सभी त्योहार मिलजुलकर मनाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी विवाद या अप्रिय घटना की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें, बल्कि तत्काल पुलिस को सूचना दें। आपसी सहयोग और संवाद से ही क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रखी जा सकती है। बैठक में व्यापारियों और संभ्रांत नागरिकों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपने सुझाव भी रखे। पुलिस ने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा।
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चाइनीज लाइटों की चमक मिट्टी के दीयों की परंपरा पर संकट

Alwar, Rajasthan:चाइनीज लाइटों की चमक में फीकी पड़ रही मिट्टी के दीयों की रौनक, संकट में कुंभकारों का पारंपरिक रोजगार राजगढ़ (अलवर)। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही बाजार रंग-बिरंगी रोशनी और सजावटी सामानों से सजने लगे हैं। एक ओर चाइनीज लाइटों और इलेक्ट्रॉनिक सजावटी आइटम की चमक बाजारों में छाई हुई है, तो दूसरी ओर परंपरागत मिट्टी के दीयों की मांग लगातार घटती जा रही है। आधुनिकता की इस दौड़ में सदियों पुरानी मिट्टी के दीये बनाने की परंपरा और इससे जुड़े कुंभकार परिवारों का रोजगार भी संकट में नजर आने लगा है। दीपावाली पर घर-आंगन को मिट्टी के दीयों से रोशन करने की परंपरा रही है, लेकिन अब बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दीयों, रंग-बिरंगी लाइटों, मोमबत्तियों और पानी में तैरने वाले आकर्षक दीयों ने अपनी जगह बना ली है। इसका सीधा असर मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों की आजीविका पर पड़ रहा है। राजगढ़ क्षेत्र में कुंभकार परिवार दीपावली की तैयारी के लिए करीब छह महीने पहले से ही मिट्टी के दीये बनाने में जुट जाते हैं। दिन-रात मेहनत कर हजारों दीये तैयार किए जाते हैं, लेकिन बाजार में घटती मांग के चलते उनकी मेहनत के अनुरूप कमाई नहीं हो पा रही है। हालात ऐसे हैं कि परिवार का पालन-पोषण करना भी मुश्किल होता जा रहा है। कुम्हार ओमप्रकाश प्रजापत का कहना है कि पहले दीपावाली के दौरान मिट्टी के दीयों की अच्छी मांग रहती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इनकी बिक्री लगातार कम हो रही है। छह महीने पहले से तैयारी शुरू करने के बावजूद अब पहले जैसी बिक्री नहीं होती। इससे पारंपरिक कारोबार से जुड़े परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। वहीं, इलेक्ट्रॉनिक बाजार में भी चाइनीज लाइटों और आकर्षक सजावटी उत्पादों की भरमार है। दुकानदारों के अनुसार, अब ग्राहक पारंपरिक मिट्टी के दीयों के बजाय इलेक्ट्रॉनिक दीये, मोमबत्तियां और आधुनिक सजावटी सामान अधिक पसंद कर रहे हैं। बदलती पसंद का असर सीधे कुंभकारों के पारंपरिक रोजगार पर पड़ रहा है। ऐसे में सवाल यह है कि आधुनिकता और आकर्षक बाजार की चमक के बीच मिट्टी के दीयों की सदियों पुरानी परंपरा आखिर कब तक अपनी पहचान बचा पाएगी? दीपावली पर स्वदेशी मिट्टी के दीयों को अपनाना केवल एक परंपरा को जीवित रखना नहीं, बल्कि उन मेहनतकश कुंभकार परिवारों की आजीविका को भी सहारा देना है, जिन्हें के हाथों से तैयार दीये कभी हर घर की दीपावली रोशन किया करते थे。
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फर्जी शपथ पत्र से जमीन बिक्री करने के मामले में मां बेटों सहित चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

Maharajganj, Uttar Pradesh:रायबरेली के महराजगंज तहसील में फर्जी शपथ पत्र लगाकर जमीन बेचने का बड़ा मामला सामने आया है। बछरावां थाना क्षेत्र के राजा मऊ निवासी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने पुलिस अधीक्षक के जनता दर्शन में शिकायत की थी कि चुरूवा गांव निवासी आशा देवी, उनके बेटे साजन मिश्रा और राजन मिश्रा ने एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा।आरोप है कि आरोपियों ने 16 अक्टूबर 2018 से 28 अप्रैल 2026 के बीच गाटा संख्या 400 की 0.2700 हेक्टेयर जमीन का फर्जी शपथ पत्र तैयार कर पीड़ित व अन्य लोगों को बेच दिया।एसपी के निर्देश पर सीओ महराजगंज की जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी मां-बेटों समेत चार के खिलाफ धोखाधड़ी से संबंधित गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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झांसी के भोजला मंडी होटल में मैनेजर सौरभ यादव की आत्महत्या, सुसाइड नोट मिला

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के भोजला मंडी स्थित एक होटल में एक शख्स की लाश फांसी के फंदे पर लटकी मिली। होटल के अंदर लाश देखकर इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक होटल में मैनेजर का काम करता था। उसकी पहचान भोजला गांव निवासी सौरभ यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से उतरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया; पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। सीओ सिटी ने बताया कि होटल के अंदर सौरभ यादव का शव फांसी पर लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है; सुसाइड नोट मिला है, आगे की कार्रवाई जारी है।
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कोटा में 8 करोड़ की सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हटाकर कब्जामुक्त, 4 बीघा भूमि

Kota, Rajasthan:Kota KDA की अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई, कोटा में 8 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया अवैध अतिक्रमण,प्रशासन ने 4 बीघा भूमि को कराया कब्जामुक्त, JCB की मदद से हटाया अतिक्रमण, KDA भूमि अधिग्रहण का लगाया बोर्ड, KDC बचनेश कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में हुई कार्रवाई, कोटा में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में कैथून रोड स्थित गणेश विहार के पास बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। यहां करीब 4 बीघा सरकारी भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। KDA आयुक्त के निर्देशानुसार की गई इस कार्रवाई का नेतृत्व तहसीलदार अस्मिता सिंह और थानाधिकारी सत्यनारायण ने किया। प्रशासनिक एवं पुलिस टीम मौके पर पहुंची और सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की。 बताया जा रहा है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई यह भूमि सिवायचक श्रेणी की सरकारी जमीन है। करीब 4 बीघा क्षेत्रफल में फैली इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये आंकी गई है。 प्रशासन की इस कार्रवाई से सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसी भूमि को कब्जामुक्त कराने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी।
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ईश्वरलाल ने पारापीपली पंचायत की कुर्सी सांवरिया सेठ को समर्पित किया

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ जिले की गंगधार उपखंड की पारा पीपली ग्राम पंचायत में आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला है। जिसने जिले में हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सरपंच चुनाव में जीत हासिल करने के बाद नवनिर्वाचित सरपंच ईश्वरलाल ने अपनी सरपंच की कुर्सी सांवरिया सेठ को समर्पित कर दी। अब अगले पांच साल तक ग्राम पंचायत में सरपंच की कुर्सी पर सांवरिया सेठ की प्रतिमा और उनकी चरण पादुकाएं विराजमान रहेंगी, जबकि ईश्वरलाल इसी आस्था के साथ पंचायत का कामकाज संभालेंगे।नवनिर्वाचित सरपंच ईश्वरलाल की सांवरिया सेठ के प्रति गहरी श्रद्धा है। सरपंच ईश्वरलाल ने बताया कि चुनाव से पहले ग्रामीणों के आग्रह पर उन्होंने पारा पीपली ग्राम पंचायत से सरपंच पद का चुनाव लड़ा था। इस दौरान उन्होंने सांवरिया सेठ के दरबार में मन्नत मांगी थी, कि यदि वे चुनाव जीतते हैं, तो पूरे पांच साल सरपंच की कुर्सी सांवरिया सेठ और उनकी चरण पादुकाओं को समर्पित रखेंगे। साथ ही पंचायत से जुड़े कार्य और फैसले लेते समय भगवान को सर्वोपरि मानेंगे। चुनाव में जीत मिलने के बाद उन्होंने अपनी मन्नत के अनुसार यह अनूठा कदम उठाया। उन्होंने बताया कि आज ग्राम पंचायत कार्यालय में उन्होंने विधिवत पूजन कर जमीन के फर्श पर बैठकर कामकाज संभाला है। वह लगातार ईश्वर को साक्षी मानकर अपने ग्राम पंचायत में विकास से जुड़े हुए फैसले लेंगे। गौरतलब है कि पारापीपली ग्राम पंचायत में सरपंच पद के लिए छह प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया था। चुनाव परिणाम में ईश्वरलाल को 947 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी श्रवण सिंह को 470 वोट प्राप्त हुए। इस तरह ईश्वरलाल ने 477 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें विजेता घोषित किया। पारा पीपली ग्राम पंचायत के अंतर्गत मुंडला, बनखेड़ी, छप्पिया, सेमली गेहलोत, मकोड़िया और भड़का गांव आते हैं। पंचायत में कुल 2,950 मतदाता हैं। ऐसे में छह गांवों की जिम्मेदारी संभालने वाले सरपंच का अपनी कुर्सी भगवान को समर्पित करना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। ईश्वरलाल का यह कदम जहां उनकी धार्मिक आस्था और मन्नत के प्रति समर्पण को दर्शाता है, वहीं ग्रामीणों के बीच भी यह अनोखा घटनाक्रम आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गौरतलब है कि चित्तौड़ जिले के मंडफिया में सांवरिया सेठ को व्यापारी बिजनेस पार्टनर बनाते आए है ऐसे में सांवरिया सेठ के इस अनोखे भक्तों ने अब सांवरिया सेठ को सरपंच की कुर्सी सौंप दी है
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