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सरगजा में भारी बारिश से कुंडला सिटी जलभराव, ड्रेनेज समस्या उजागर

Kusu, Chhattisgarh:सरगुजा जिले में पिछले तीन-चार दिनों से हो रही लगातार झमाझम बारिश लोगों के लिए आफत बनगई है। शहर के कई इलाकों में जल भराव की स्थिति निर्मित हो गई है। देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बीच कुंडला सिटी में भी जल भराव की स्थिति देखने को मिल रहा है। इधर कॉलोनी में जल भराव की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ है। नगर निगम की ड्रेनेज सिस्टम की भी पोल खोलती हुआ नजर आया है। हालात का जायजा लेने के लिए जनप्रतिनिधियों ने भी कुंडला सिटी का निरीक्षण किया गया है। ड्रेनेज सिस्टम नहीं होने की वजह से हर साल कुंडला सिटी में बारिश का पानी भरा हुआ नजर आता है। जिसकी वजह से कॉलोनी में रहने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
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आदिवासी जमीन के फर्जी अंतरण मामले में पटवारी गिरफ्तार, लैपटॉप-प्रिंटर भी जब्त

Darogapara, Chhattisgarh:कापू थाना क्षेत्र में आदिवासी और शासकीय जमीन के फर्जी अंतरण के मामले में रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दोनों मामलों में फरार चल रहे तत्कालीन पटवारी राकेश कुमार साय को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया गया है। जांच में सामने आया कि ग्राम डुमरनारा की पण्डो जनजाति के नाम दर्ज भूमि को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए दूसरे व्यक्ति के नाम दर्ज कराया गया और बाद में रायपुर निवासी महिला के नाम रजिस्ट्री कर दी गई। मामले में फर्जी आधार कार्ड के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। जांच में तत्कालीन पटवारी राकेश साय की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया था। वहीं दूसरे मामले में ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय जमीन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज कराकर पट्टा तैयार करने और इसके बाद दलालों के माध्यम से रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया। जांच में खसरा नंबर 467/23, 467/25 और 467/36 की शासकीय भूमि के अवैध अंतरण की जानकारी मिली। दोनों प्रकरणों में तहसीलदार कापू की रिपोर्ट पर पुलिस ने अलग-अलग अपराध दर्ज किए हैं। पुलिस के मुताबिक, अपराध दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी पटवारी राकेश साय फरार था। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत फरार आरोपियों की तलाश के दौरान पुलिस को राकेश साय के ग्राम गनपतपुर क्षेत्र में मौजूद होने की सूचना मिली। इसके बाद कापू पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से जमीन संबंधी दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल लैपटॉप और प्रिंटर जब्त किए गए है।पुलिस अब जब्त उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है। दोनों प्रकरणों में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जमीन के फर्जीवाड़े में संलिप्त अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा。
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कोसी नदी के जलस्तर से गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धालु प्रवेश बंद

Noida, Uttar Pradesh:रामनगर के गर्जिया देवी मंदिर में श्रद्धाल्यों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है क्योंकि पहाड़ी क्षेत्र में हो रहे भारी वर्षा के कारण कोसी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और मंदिर की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। मंदिर समिति ने सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नदी का पानी मंदिर के पास बढ़ गया है और रास्ता भी प्रभावित हो गया है। पुजारी ने बताया कि सुबह से जलस्तर बढ़ रहा था और बुधवार को स्थिति काफी गंभीर हो गई। मौसम साफ होने और कोसी नदी के जलस्तर सामान्य होने पर ही मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा, इसमें कम से कम दो से तीन दिन लग सकते हैं। भाजपा नेता मदन जोशी ने कहा कि कोसी नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है और नियंत्रण कक्ष के नंबर जारी किए गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में दवाइयां और राशन पहले ही भेजा जा चुका है, और फंसे लोगों के सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। मौसम विभाग ने उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है और लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की गई है। गर्जिया देवी मंदिर में अभी श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद है और पानी सामान्य होने पर ही पुनः खोला जाएगा।
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नाहन में रूण नदी हादसा: बुजुर्ग बचाने को दो युवकों ने लगाई छलांग

Nahan, Himachal Pradesh:लोकेशन: नाहन( सिरमौर) रूंण नदी में बुजुर्ग को बचाने उतरे दो युवाओं में से एक की हालत गंभीर, नदी में फंसे बुजुर्गों को बचाने के लिए नदी में मार दी थी छलांग, प्राथमिक उपचार के बाद एक नाहन से पीजीआई रेफर, प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करे लोग: SDM मंगलवार देर शाम बर्मा पापड़ी के साथ लगती रूण नदी का है मामला, दरअसल रूण नदी में फंसे बनारसी दास को बचाने के लिए प्रशासन द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा था तो इसी दौरान 2 स्थानीय युवक नदी में फंसे व्यक्ति को बचाने के लिए उतरे जो पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए प्रशासन की मदद से दोनों को निकाला गया और नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। SDM नाहन राजीव सांख्यान ने बताया कि प्रशासन के मना करने के बावजूद इन दोनों युवाओं ने नदी में फंसे बजुर्ग को बचाने के लिए बहुत नदी में छलांग लगा दी और खुद नदी में फंस गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन के सहयोग से दोनों युवाओं को निकाला गया और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज नाहन लाया गया जहाँ से एक युवक को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है उन्होंने कहा कि लोगों से लगातार प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी के पालन की अपील की जा रही है बावजूद इसके लोग अपनी जान खतरे में डाल रहे है। बाईट: राजीव सांख्यान: SDM नाहन
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हमीरपुर मॉनसून कहर: संपत्ति नुकसान 71 करोड़ से अधिक

Chanwal, Himachal Pradesh:जिला हमीरपुर के अधिकांश क्षेत्रों में पिछले 24 घण्टे के दौरान हुई बारिश से 7 लाख रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इसी के साथ इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। एडीडीसी अभिषेक गर्ग ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के जिला एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (डीईओसी) में प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार गत 48 घंटों के दौरान जिले भर से 11.25 करोड़ रुपये से अधिक के नुक्सान का अनुमान है। इस दौरान एक कच्चा मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है और 2 गौशालाएं ध्वस्त हुई हैं। लोक निर्माण विभाग को लगभग 10 करोड़ रुपये, जल शक्ति विभाग की विभिन्न योजनाओं को 1.24 करोड़ रुपये और बिजली की लाइनों का भी लगभग एक लाख रुपये का नुक्सान हुआ है। एडीडीसी ने बताया कि इस मॉनसून सीजन में 30 जून के बाद जिला हमीरपुर में सरकारी और निजी संपत्ति के नुक्सान का आंकड़ा 71.26 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। इस सीजन में अभी तक लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक 45.33 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जबकि, जल शक्ति विभाग को 23.42 करोड़ रुपये, बिजली बोर्ड को 1.13 करोड़, नेशनल हाईवे को 50.22 लाख और शिक्षा विभाग को 17.70 लाख रुपये की क्षति हुई है। बागवानी की फसलों को 43.56 लाख रुपये के नुक्सान की रिपोर्टें भी प्राप्त हुई हैं। एक पंचायत घर के गिरने से लगभग 3.50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। 2 किचन शैड गिरने से लगभग 65 हजार रुपये की क्षति हुई है। इस सीजन में एक पक्का मकान और 6 कच्चे मकान ध्वस्त होने से लगभग 14.45 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। इसी दौरान 28 अन्य कच्चे मकानों और 5 पक्के मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है, जिससे लगभग 15.07 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 4 डंगे गिरे हैं, जिनमें लगभग 2.40 लाख रुपये की क्षति हुई है। 32 गौशालाओं के ध्वस्त होने से लगभग 8.85 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। एडीडीसी ने बताया कि राजस्व विभाग सहित सभी विभागों के फील्ड अधिकारियों एवं कर्मचारियों नुकसान की रिपोर्ट तुरंत प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रभावितों की तुरंत मदद की जा सके।
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हिमाचल इन युवाओं का कृषि रुझान: एवोकाडो खेती से अच्छा मुनाफा

Kullu, Himachal Pradesh:हimachal प्रदेश में अब युवा नौकरी की तरफ न भागकर कृषि और बागवानी की तरफ अपना रुझान दिख रहे हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में सेब, अनार, कीवी, जापानी फल सहित अन्य कई फलों की खेती की जा रही है। तो वहीं विदेशी फलों की खेती की ओर भी अब युवा आगे बढ़ रहे हैं। विदेशी फलों की खेती से युवाओं को आर्थिक रूप से भी अच्छा लाभ हो रहा है और यूट्यूब तथा अन्य नई तकनीक के माध्यम से वह इस खेती को भी अपने-अपने इलाके में सफल करने में कामयाब हो रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू के शास्त्री नगर की बात करें तो यहां पर भी एक युवा आयुष ठाकुर के द्वारा एवोकाडो की खेती की जा रही है। हालांकि पहले एवोकाडो का पौधा शौकिया तौर पर लगाया गया था। लेकिन जब उसमें फल आने शुरू हुई और बाजार में उन्हें अच्छे दाम मिलने लगे। तो अब युवा आयुष के द्वारा एवाकाडो की नर्सरी भी तैयार की जा रही है और प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भी उसे बेचा जा रहा है। जिला कुल्लू के शास्त्री नगर में आयुष ठाकुर के द्वारा एवोकाडो के अच्छे फलों के बीज से नर्सरी भी तैयार की जा रही है। ऐसे में आयुष ठाकुर के द्वारा अपने खेतों में 30 से अधिक एवोकाडो के पेड़ भी लगाए गए हैं। जो 4 साल के भीतर फल देना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा नर्सरी पर तैयार किए गए पौधे जिला कुल्लू के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ सोलन और शिमला में भी बेचे जा रहे हैं। आयुष ठाकुर ने बताया कि नर्सरी में तैयार पौधों की कीमत 700 रुपए प्रति पौधा रखी गई है। एवाकेडो फल को बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं और अब हिमाचल का मौसम भी इसके लिए अनुकूल होता जा रहा है। जिसके चलते प्रदेश के विभिन्न इलाकों से एवोकाडो का पौधा लगाने के बारे में भी लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं। आयुष ठाकुर ने बताया कि उनके पिताजी ने पहले एवाकाडो का एक पेड़ लगाया था और कुल्लू मनाली घूमने आने वाले विदेशियों ने उन्हें यह पेड़ दिया था। ऐसे में 5 साल के बाद जब इस पेड़ पर फल लगना शुरू हुई तो उन्हें इसकी खेती के बारे में विचार आया। आयुष ठाकुर ने बताया कि एक पेड़ पर शुरुआती दौर में 40 से 60 किलो फल लगते हैं और जब पेड़ 8 साल का हो जाता है। तो यह एक पेड़ पर 100 किलो से भी अधिक फल देता है। स्थानीय सब्जी मंडी में जब उन्होंने इस फल को बेचा तो उन्हें 230 रुपए प्रति किलो दाम मिला। जो सेब, अनार, कीवी और जापानी फल की कीमत से काफी अधिक है। आयुष ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 800 मीटर से लेकर 1600 मीटर की ऊंचाई तक एवोकाडो की खेती की जा सकती है। लेकिन सर्दियों में इसका विशेष ध्यान रखना पड़ता है। सर्दियों में आसमान से कोहरा गिरने के चलते इसके पत्ते जल जाते हैं। क्योंकि पतझड़ में भी इस पेड़ के पत्ते नहीं झड़ते है और यह पूरा साल हरा भरा रहता है। इसके अलावा इस पर बाकी अन्य पेड़ों की तरह अंधाधुन स्प्रे और रसायन युक्त खाद भी नहीं दी जाती है। जिसके चलते यह बाकी फलदार पेड़ों के मुकाबले काफी अच्छा फायदे का सौदा है। जहां पर भी कोहरा कम पड़ता हो या फिर तापमान इसके लिए अनुकूल रहता हो। तो वहां पर लोग एवोकाडो के पौधे को अपने खेतों में तैयार कर सकते हैं। बाइट - आयुष ठाकुर
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बाबा फ़रीद उर्स: 19–23 सितम्बर महोत्सव में दो लाख नकद समेत दो प्रमुख सम्मान

Kot Kapura, Punjab:ਮਹਾਨ ਸੂਫ਼ੀ ਸੰਤ ਬਾਬਾ ਸ਼ੇਖ ਫਰੀਦ ਜੀ ਦੀ ਯਾਦ ਚ ਹੋਰ ਸਾਲਾਂ ਵਜੋਂ ਮਨਾਏ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਬਾਬਾ ਸ਼ੇਖ ਫ਼ਰੀਦ ਆਗਮਨ ਪੂਰਵ ਜੋ 19 ਸਿਤੰਬਰ ਤੋਂ 23 ਸਿਤੰਬਰ ਤੱਕ ਮਨਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਇਸ ਵਾਰ ਵੀ ਧੂਮ ਧाम ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਜਾਵੇਗਾ। ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਜਿੱਥੇ ਵੱਖ ਵੱਖ ਧਾਰਮਿਕ ਦੀਵਾਨ ਸਜਾਏ ਜਾਣਗੇ ਨਾਲ ਹੀ ਵੱਖ ਵੱਖ ਪ੍ਰਦਰਸ਼ਨੀਆਂ, ਪੇਂਡੂ ਖੇਡ ਮੇਲੇ, ਖੇਡ ਮੁਕਾਬਲੇ, ਕਵਾਲੀ ਮੁਕਾਬਲੇ ਅਤੇ ਰੰਗਾਂ ਰੰਗ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮਾਂ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਕਈ ਤਰਾਂ ਦੇ ਕਲੱਚਰ ਪ੍ਰੋਗਰਾਮ ਕਰਵਾਏ ਜਾਂਦੇ ਹਨ ਇਸੇ ਦੌਰਾਨ 23 ਸਿਤੰਬਰ ਨੂੰ ਮੇਲੇ ਦੇ ਆਖਰੀ ਦਿਨ ਇੱਕ ਮਹਾਨ ਨਗਰ ਕੀਰਤਨ ਸਜ਼ਾਇਆ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਨਾਲ ਹੀ ਮੇਲੇ ਦੇ ਆਖਰੀ ਦਿਨ ਗੁਰੂਦੁਆਰਾ ਮਾਈ ਗੋਦੜੀ ਸਾਹਿਬ ਵਿਖੇ ਮਹਾਨ ਸ਼ਖਸ਼ੀਅਤਾ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਬਾਬਾ ਫਰੀਦ ਧਾਰਮਿਕ ਅਤੇ ਵਿੱਦਿਅਕ ਸੰਸਥਾਵਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦੋ ਵਕਾਰੀ ਆਵਾਰਡਾ ਨਾਲ ਦੋ ਮਹਾਨ ਸ਼ਖਸੀਅਤਾ ਨੂੰ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਚ ਪਹਿਲਾ ਐਵਾਂਰਡ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਸੇਵਾ ਅਵਾਰਡ ਉਸ ਸ਼ਖਸ਼ੀਅਤ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਜਿਸ ਵੱਲੋਂ ਸਮਾਜ ਭਲਾਈ ਲਈ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਕੰਮ ਕੀਤੇ ਹੋਣ ਅਤੇ ਮਨੁੱਖਤਾ ਦੀ ਸੇਵਾ ਬਿਨਾਂ ਕਿਸੇ ਲਾਲਚ ਦੇ ਨਿਭਾਈ ਜਾਂਦੀ ਹੈ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਦੂਜਾ ਐਵਾਰਡ ਸੋਸਾਇਟੀ ਦੇ ਫਾਊਂਡਰ ਚੇਅਰਮੈਨ ਸਵਰਗੀ ਸ੍ਰ ਇੰਦਰਜੀਤ ਸਿੰਘ ਖਾਲਸਾ ਦੀ ਯਾਦ ਚ ਕਿਸੇ ਵੀ ਖੇਤਰ ਚ ਵਧੀਆ ਯੋਗਦਾਨ ਦੇਣ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀ ਨੂੰ ਦਿੱਤਾ ਜਾਂਦਾ ਹੈ। ਅੱਜ ਸੋਸਾਇਟੀ ਵੱਲੋਂ ਦੋਨਾਂ ਐਵਾਂਰਡਾ ਲਈ ਯੋਗ ਵਿਅਕਤੀ ਯਾ ਸੋਸਾਇਟੀ ਤੋਂ ਅਰਜ਼ੀਆਂ ਮੰਗਿਆਂ ਗਈਆਂ ਹਨ ਜੋ 10 ਸਿਤੰਬਰ ਤੱਕ ਬਾਬਾ ਫਰੀਦ ਪਬਲਿਕ ਸਕੂਲ ਫ਼ਰੀਦਕੋਟ ਵਿਖੇ ਦਰਜ਼ ਕਰਵਾਉਣੀਆਂ ਹੋਣਗੀਆਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਦੀ ਬਾਅਦ ਚ ਘੋਖ ਕਰਨ ਉਪਰੰਤ ਦੋ ਸ਼ਖ਼ਸੀਅਤਾ ਦੀ ਚੋਣ ਕਰ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ 23 ਸਿਤੰਬਰ ਨੂੰ 2-2 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਦੀ ਨਕਦੀ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਸਨਮਾਨ ਚਿੰਨ ਨਾਲ ਸਨਮਾਨਿਤ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ।
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लुधियाणा के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल बोले: सफाई अभियान से शहर स्वच्छ बीमारी मुक्त

Ludhiana, Punjab:ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੇ ਹਲਕਾ ਪੂਰਵੀ ਵਿੱਚ ਵਿਧਾਇਕ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ ਕੋਲਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਫਾਈ ਸੇਵਕਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਸਫਾਈ ਅਭਿਆਨ ਦੀ ਕੀਤੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਸ਼ਹਿਰ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਮੁਕਤ ਅਤੇ ਸਾਫ ਸੁਥਰਾ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਜਾਰੀ ਰਹੇਗੀ ਸਫਾਈ ਮੁਹਿੰਮ ਲੁਧਿਆਣਾ ਦੀ ਹਲਕਾ ਪੂਰੀ ਵਿੱਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸਫਾਈ ਅਭਿਆਨ ਦੀ ਸ਼ੁਰੂਆਤ ਹਲਕੇ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਦਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਗਰੇਵਾਲ ਭੋਲਾ ਵੱਲੋਂ ਕੀਤੀ ਗਈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਪਿਛਲੇ ਕੁਝ ਹੜਤਾਲ ਅਤੇ ਬਰਸਾਤਾਂ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਇਲਾਕੇ ਦੇ ਵਿੱਚ ਕਾਫੀ ਕੂੜੇ ਦੀ ਸਮੱਸਿਆ ਅਤੇ ਗੰਦਗੀ ਫੈਲੀ ਸੀ ਪਰ ਹੁਣ ਇਸ ਗੰਦਗੀ ਨੂੰ ਸਾਫ ਕਰਨ ਲਈ ਵੱਡੇ ਪੱਧਰ ਤੇ ਸਫਾਈ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੇ ਸਹਿਯੋਗ ਨਾਲ ਸਫਾਈ ਮੁਹਿੰਮ ਚਲਾਈ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਉਹਨਾਂ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸਾਨੂੰ ਸਾਰਿਆਂ ਨੂੰ ਸਾਥ ਦੇਣ ਦੀ ਲੋੜ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਲੁਧਿਆਣਾ ਨੂੰ ਸਾਫ ਸੁਥਰਾ ਅਤੇ ਬਿਮਾਰੀਆਂ ਤੋਂ ਰਾਹਤ ਸ਼ਹਿਰ ਬਣਾਇਆ ਜਾ ਸਕੇ
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अकोला में खरीप पिकें संकट, कृत्रिम बारिश की तकनीक पर विचार

Akola, Maharashtra:अकोला जिल्ह्यात अपेक्षित पाऊस न झाल्याने खरीप पिके संकटात आली असून दुष्काळसदृश परिस्थिती निर्माण होण्याची शक्यता आहे. या पार्श्वभूमीवर क्लाऊड सीडिंगद्वारे कृत्रिम पाऊस पाडण्याची तांत्रिक शक्यता तपासावी, अशी मागणी वंचित बहुजन आघाडीने केली आहे. वंचितचे जिल्हाधिकारी प्रमोद देंडवे यांच्या नेतृत्वाखाली जिल्हाधिकाऱ्यांना निवेदन देण्यात आले. पर्जन्यमान, ढगांची उपलब्धता, वातावरणातील आर्द्रता यांचा तज्ज्ञांच्या मार्गदर्शनाने आढावा घेऊन शक्यता असल्यास शासनाकडे तातडीने प्रस्ताव पाठवावा, अशी मागणी करण्यात आली. कृत्रिम पाऊस शक्य नसल्यास पावसाअभावी बाधित गावांचे सर्वेक्षण, संभाव्य पीकनुकसानीचे पंचनामे, तसेच पिण्याचे पाणी, चारा आणि पशुधनासाठी पाण्याचे नियोजन करावे, अशी मागणीही निवेदनातून करण्यात आली आहे.
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नेत्रदान से रोशन हो रही जिंदगी: रांची में परिवारों को मिला सम्मान

Ranchi, Jharkhand:आज भले ही कुछ लोग इस दुनिया में नहीं है लेकिन भी उनकी आंखें दूसरों के जरिए दुनिया देख रही है। दरअसल उन्होंने इस दुनिया से विदा लेने से पहले ही अपनी आंखों को दान कर दिया। राजधानी रांची के रिम्स में चल रहे 41 में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के दौरान नेत्रदान करने वाले लोगों के परिवार को सम्मानित किया गया। रांची के रिम्स ऑडिटोरियम में बैठे इन परिवार वालों ने भले ही आज अपनों को खो दिया हो लेकिन उनके हौसलों ने दूसरे की दुनिया को रौशन करने का काम किया है। अपनों के खोने के दर्द के बीच इनके आंखों में आज एक सुकून है कि आज किसी और का घर रौशन हुआ है। केस स्टडी 1.... रांची की रहने वाली जसलीन कौर एक ऐसी बिजनेस वूमेन है जिन्होंने पहले अपने दादा को और फिर अपने पिता को खोया है। नाम आंखें और लड़खड़ाती जुबान के साथ यह अपने पिता और दादाजी को याद कर भावुक हो जा रही है। इन्होंने बताया कि जब उनके दादा इस दुनिया से जा रहे थे तो उन्होंने ही नेत्रदान करने का फैसला किया था जिसे उनके पिता ने निभाया और आज तीसरी पीढ़ी भी नेत्रदान करने में पीछे नहीं है। बाइट.....जसलीन कौर,बिज़नेस विमेन केस स्टडी 2......रांची के ग्रामीण इलाके होचर से आने वाली इस मां के हौसले तो सलाम करने जैसे हैं।दरअसल इन्होंने अपने 6 साल के मासूम बच्चे को बीमारी की वजह से खाया लेकिन आज खुश हैं कि उनके बेटे की नजरें किसी की जिंदगी को रोशन कर रही है। बाइट.....डॉली,कांके होचr निवासी केस स्टडी 3.... व्यावसायिक फैमिली से आने वाली इस यंग महिला ने उन्हें खोया है जिन्होंने सात जन्मों तक का साथ निभाना का वादा किया था।उन्होंने बताया कि उनकी फैमिली बिजनेस थी चश्मा का है इसीलिए वह खुद भी जागरूक हैं कि अपनी आंखों से किसी की जिंदगी रोशन की जा सकती है। बाइट....मिसेज पॉल नेत्रदान की जानकारी देते हुए रिम्स के निदेशक ने बताया कि नेत्रदान बहुत जरूरी,कई केसेज आते हैं जिनको कॉर्निया की जरूरत होती है।लोगों से अपील है कि दूसरों की जिंदगी को रौशन करें। वही ए डिपार्टमेंट के एचओडी में जानकारी दी की रांची नेत्रदान को महादान मानता है यही वजह से यहां बड़ी संख्या में लोग नेत्रदान कर रहे हैं। पिछले साल रिम्स के पास 150 का टारगेट था और 192 लोगों ने नेत्रदान किया था और इस बार सेंट्रल गवर्नमेंट ने टारगेट को बढ़ाया है हमें 600 का टारगेट दिया गया है उम्मीद है हम पूरे कर लेंगे। अप्रैल से अब तक 100 के आसपास हो गया। वही डिपार्टमेंट के नोडल ऑफिसर ने भी बताया कि वह न सिर्फ लोगों को नेत्रदान करने के लिए जागरुक कर रहे हैं बल्कि उन्होंने खुद भी नेत्रदान कर दिया है बाइट....रिम्स निदेशक बाइट...एचओडी,आई डिपार्टमेंट बाइट....नोडल पदाधिकारी
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