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झांसी में यातायात जागरूकता माह नवम्बर-24 का किया गया समापन-DIG झांसी
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी में यातायात जागरूकता माह नवम्बर-24 का किया गया समापन, जिसमे यातायात नियमो के पालन करने की दिलाई गई शपथ और जागरूकता अभियान में सम्मिलित छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर किया उत्साहवर्धन, जिसमें पुलिस के क्षेत्राधिकार सदर झांसी एवं एसपी सिटी झांसी एवं पुलिस महके में के सभी अधिकारी एवं पुलिस प्रशासन मौजूद रहा l
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JPSC-JSSC आंदोलन में पुलिस के खिलाफ आरोप: अमीषा प्रसाद पर गंभीर आरोप
Ranchi, Jharkhand:आज जेपीएससी जेएसएससी रिफॉर्म मंच के द्वारा एक प्रेस वार्ता आयोजित किया उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रा अमीषा प्रसाद ने प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्हें बिना किसी नोटिस के उनके घर से थाने लाया गया और करीब सात घंटे तक थाने में रखा गया। अमीषा प्रसाद का आरोप है कि पुलिस ने करीब दो महीने पुराने अस्पताल से जुड़े एक मामले में उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के दबाव में पुलिस ने यह कार्रवाई की है。 उन्होंने बताया कि JPSC-JSSC आंदोलन के दौरान पुलिस ने पहले कहा था कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है, लेकिन अगले ही दिन उनके खिलाफ केस दर्ज कर दिया गया। अमीषा ने सवाल उठाया कि जब पहले कोई केस नहीं था, तो अगले दिन मामला कैसे दर्ज हो गया। उन्होंने यह भी कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति की शिकायत के आधार पर भी उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है。 अमीषा ने कहा कि पुलिस उन्हें छात्रा के बजाय फाउंडेशन की सदस्य बता रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह पढ़ाई नहीं कर रही हैं, तो क्या उन्हें JPSC-JSSC आंदोलन का समर्थन करने का अधिकार नहीं है。 अस्पताल से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पुतला दहन के दिन उनके साथ कथित तौर पर हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस कुछ क्यों नहीं कह रही है। अमीषा ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या व्यक्तिगत मुद्दे को लेकर नहीं है, बल्कि छात्रों के अधिकार और JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर है。 JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के आंदोलनकारी छात्र राधे कुमार ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के 24 जिलों में छात्रों और कार्यकर्ताओं के खिलाफ पुलिस प्रशासन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया。 राधे कुमार ने कहा कि अगर कार्यकर्ता ही पुलिस की तरह कार्रवाई कर रहे हैं और छात्रों पर कथित तौर पर बर्बरता कर रहे हैं, तो सरकार को प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच का आंदोलन शांतिपूर्ण रहा है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 26 दिनों तक चले आंदोलन के दौरान भी छात्रों ने किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं की। राधे कुमार ने मुख्यमंत्री से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और कथित परीक्षा अनियमितताओं की CBI जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पहले CID की ओर से पेपर लीक नहीं होने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में पेपर लीक से जुड़े मामलों में कार्रवाई की खबरें सामने आईं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पहले क्लीन चिट दी गई थी, तो बाद में पेपर लीक के मामले सामने कैसे आए। राधे कुमार ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह जांच CID के बजाय CBI से कराई जानी चाहिए।0
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कोटपूतली में पगार लंबित: MRG के कर्मी धरने पर
Jaipur, Rajasthan:कोटपूतली क्षेत्र में पनियाला सड़क निर्माण कार्य में जुटी एमआरजी (MRG) कंपनी पर आरोप लगाते हुए कर्मचारियों और मजदूरों ने मोर्चा खोल दिया है। पिछले तीन महीनों से बकाया वेतन का भुगतान न होने से आक्रोशित कार्मिकों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। पीड़ित कर्मचारियों का आरोप है कि वे पिछले तीन माह से लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें पारिश्रमिक नहीं दिया गया है। जब उन्होंने आगामी त्योहारों के सीजन को देखते हुए अपने हक के वेतन की मांग की, तो कंपनी प्रबंधन ने संवेदनहीन रवैया अपनाते हुए उन्हें काम से बाहर निकालने का फरमान सुना दिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों ने बताया कि त्योहारों के समय वेतन न मिलने से उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रबंधन से कई बार गुहार लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई और उल्टा उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। कंपनी की इस मनमानी और अड़ियल रवैये से आक्रोशित होकर कार्मिकों व मजदूरों ने भारी रोष व्यक्त किया और एमआरजी कंपनी के गेट पर धरना शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक उनका पूरा बकाया वेतन जारी नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा। सड़क निर्माण कंपनी के इस विवाद में अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन व कंपनी प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है。0
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तेज रफ्तार कार के सामने ऑटो पलटा; परिवार समेत पांच घायल, जांच शुरू
Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा हादसे में एक बच्चा, दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। टेंपो पलटते ही स्थानीय लोग मौके पर दौड़े और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में किसी के पैर, तो किसी के हाथ और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया। घायलों की पहचान हनोक पिता खेमजी, इत्रीरी पत्नी सुनील, सीमा पत्नी निकेश, रोहित पिता निकेश और निकेश पिता बहादूर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार के अचानक सामने आने से टेंपो चालक का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सड़क पर पलट गया। पुलिस ने हादसे की जानकारी जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।0
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Hazratbal में Milad-un-Nabi के लिए ट्रैफिक व्यवस्था की विस्तृत योजना घोषित
Srinagar, Uttarakhand:Traffic DIG Haseeb-ur-Rehman is expected to brief the public about the special traffic arrangements put in place for the Milad-un-Nabi ﷺ gatherings at Hazratbal Shrine. The plan focuses on smooth movement of devotees, traffic diversions, designated parking areas and regulated movement on roads leading towards Hazratbal. Traffic Police personnel will be deployed at key intersections to manage the heavy rush and ensure that emergency vehicles have clear passage. Devotees are advised to follow the directions of Traffic Police, use designated parking facilities and avoid unnecessary roadside parking around the Hazratbal area.0
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जालौन रेलवे स्टेशन पर यात्री पटरी पार कर रहे, जीआरपी की लापरवाही पर सवाल
Jalaun, Uttar Pradesh:ब्रेकिंग जालौन जालौन में रेलवे स्टेशन पर यात्री जान जोखिम मे डालकर पार रहे पटरी, ब्रिज से जाने के बजाय प्लेटफॉर्म पर पटरी पार कर निकल रहे यात्री, जीआरपी पुलिस की बड़ी अनदेखी और लापरवाही आईं सामने, रेल पटरी पार कर हादसे को दावत दे रहे रेलवे स्टेशन पर यात्री, यात्रियों का पटरी पार करते वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के कालपी रेलवे स्टेशन का मामला।0
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रोहड़ू नदी में डूबे दो किशोर, NDRF की टीम शिमला से पहुंची, तलाश जारी
Shimla, Himachal Pradesh:रोहड़ू में पब्बर नदी में डूबे दो किशोर, नहीं लगा अब तक कोई सुराग शिमला से बुलाई NDRF की टीम तलाश में जुटी शिमला जिले के रोहड़ू में मंगलवार शाम पब्बर नदी में नहाने उतरे दो 16 वर्षीय किशोर गहरे पानी में डूब गए। दोनों का देर रात तक कोई सुराग नहीं लग पाया। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अंधेरा होने के कारण तलाश रोकनी पड़ी। बुधवार सुबह फिर से दोनों की तलाश शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, दोनों किशोर स्कूल से लौटने के बाद पब्बर नदी में नहाने के लिए उतरे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। साथ मौजूद स्कूली बच्चों ने घटना की सूचना प्रशासन को दी। प्रशासन को नदी किनारे दोनों किशोरों के कपड़े और जूते मिले हैं। स्थानीय स्तर पर तलाश अभियान चलाने के बाद अब शिमला से NDRF की टीम को भी रोहड़ू बुलाया गया है। टीम नदी में दोनों किशोरों की तलाश कर रही है.0
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खम्भात में पशु-पक्षी मौत: GPCB ने Air Act के तहत कड़ी कार्रवाई शुरू की
Anand, Gujarat:એન્કર: ખંભાતમાં પશુ-પક્ષિયોના મોત અને પાકને થયેલા નુકસાનના મામલે હવે મોટી કાર્યવાહી સામે આવી છે... કથિત ઝેરી ગેસના મુદ્દે ચાલી રહેલી તપાસમાં ગુજરાત પ્રદૂષણ નિયંત્રણ બોર્ડ એટલે કે GPCB દ્વારા રોહન ડાઈઝના બે્યો યુનિટ અને જય કેમિકલને Air Act હેઠળ દિશાનિર્દેશ આપવામાં આવ્યા છે. GPCBના અધિકારી સાથેની વાતચીતમાં મહત્વનો ખુલાસો થયો છે કે તપાસ દરમિયાન કોઈ એક કંપનીને પશુ-પક્ષીઓના મોત માટે સીધી રીતે જવાબદાર ઠેરવી શકાય તેવો સ્ટ્રોંગ ડાયરેક્ટ એવિડન્સ મળ્યો નથી. પરંતુ તપાસમાં મળેલા સર્કમસ્ટેન્શિયલ એવિડન્સના આધારે પ્રાઇમા ફેસી સંડોવણીની શક્યતા જણાતા રોહન ડાઈઝ અને જય કેમિકલને જરૂરી રેમેડિયલ મેઝર્સ લેવા દિશાનિર્દેશ આપવામાં આવ્યા છે. ખાસ વાત એ છે કે આ માત્ર સામાન્ય નોટિસ નથી, પરંતુ Air Prevention and Control of Pollution Act, 1981ની કલમ 31-A હેઠળના દિશાનિર્દેશ છે. વટાદરા અને વત્ત્રા ગામની સીમમાં અગાઉ 200 જેટલા પક્ષીઓના મોત અને 400થી 500 વીઘા ડાંગરના પાકને નુકસાનના આક્ષેપો થયા હતા. આ ઉપરાંત વૈણજ-આખોલના દરિયાઈ ભાઠા વિસ્તારમાં 7 ભેંસોના મોત અને અન્ય पशુઓની તબિયત લથડવાના મામલે પણ તપાસ ચાલી રહી છે. મૃત પશુઓના સેમ્પલ FSLમાં મોકલવામાં આવ્યા છે, જ્યારે GPCB દ્વારા અસરગ્રસ્ત વિસ્તારમાંના હવા અને પાણીના સેમ્પલ પણ લેવામાં આવ્યા છે. જોકે સમગ્ર ઘટનામાં પશુ-પક્ષીઓના મોતનું ચોક્કસ કારણ હજુ સત્તાવાર રીતે સામે આવ્યું નથી અને લેબોરેટરી તથા ફોરેન્સિક રિપોર્ટ બાદ જwhole હકીકત સ્પષ્ટ થશે. સ્ક્રોલ: ખંભાતમાં પશુ-પક્ષીઓના મોત મામલે GPCBની મોટી કાર્યવાહી રોહન ડાઈઝના બંને યુનિટને Air Act હેઠળ દિશાનિર્દેશ જય કેમિકલને પણ પર્યાવરણીય અસર અટકાવવા આદેશ Air Actની કલમ 31-A હેઠળ GPCBની કાર્યવાહિ કંપનીની સીધી સંડોવણીનો સ્ટ્રોંગ એવીડન્સ નથી મળ્યો સર્કમસ્ટેન્શિયલ એવિડન્સથી પ્રાઇમા ફેસી સંડોવણીની શક્યતા રોહન ડાઈઝને જરૂરી રેમેડ Rial મ Mavericks લેવા દિશાનિર્દેશ GPCBની ટીમે ઔદ્યોગિક એકમોમાં તપાસ કરી પશુ-પક્ષીઓના મોતનો કારણ હજુ સત્તાવાર રીતે સ્પષ્ટ નથી મૃત પશુઓના સેમ્પલ FSLમાં મોકલાયા છે GPCBએ અસરગ્રસ્ત વિસ્તારના પાણીના સેમ્પલ પણ લીધા હતા હવામાંના સેમ્પલ પણ લેવામાં આવ્યા હતા વટાદરા-વત્રામાં પહેલાં 200 પક્ષીઓના મોત થયા હતા 400થી 500 વીઘા ડાંગરના પાકને નુકસાનના આક્ષેપ વૈણજ-આખોલમાં 7 ભેંસોના મોતથી ફરી સવાલો સમગ્ર મામલે કેમિકલ કંપનીઓ ઉપર GPCBની સતત વોચ બાઈટ / સુરેશ મીાળા (જિલ્લા વન અધિકારી)0
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बच्चों को पैसे देकर नारे लगवाने की कोशिश पर घमासान; प्रशासन से मांगी जवाबदेही
Noida, Uttar Pradesh:लोगों की प्रतिक्रिया बताया गया व्यवहार गलत है। बच्चों को पैसे का लालच देकर उनसे कोई राजनीतिक या धार्मिक नारा लगवाने की कोशिश करना, और उनके मना करने पर उनसे सवाल-जवाब करना या उन पर दबाव डालना—यह सामान्य बातचीत से आगे बढ़कर जबरदस्ती करने जैसा व्यवहार है, खासकर इसलिए क्योंकि इसमें बच्चे शामिल हैं। साथ ही, क्या उन पर्यटकों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए, यह उनके खास व्यवहार और लागू कानूनों पर निर्भर करता है। अगर डराने-धमकाने, परेशान करने, जबरदस्ती करने, बदसलूकी करने या किसी और गंभीर अपराध (कॉग्निजेबल ऑफेंस) का मामला बनता है, तो संबंधित अधिकारियों को इसकी जांच करनी चाहिए, न कि सिर्फ़ वीडियो देखकर ही उन्हें अपराधी मान लेना चाहिए। बच्चों ने जो नारा नहीं लगाना चाहा, उसे न लगाने के उनके फैसले का कम से कम सम्मान तो किया ही जाना चाहिए था। भारतीय होने का मतलब यह नहीं है कि कोई बच्चा पैसे के बदले कहे जाने पर नारा लगाने के लिए मजबूर हो।0
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी 5-6 सितम्बर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की चेतावनी
Kurukshetra, Haryana:कुरुक्षेत्र में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रोडवेज कर्मचारियों का आरोप है कि परिवहन मंत्री की ओर से आश्वासन दिए जाने के बावजूद करीब दो महीने बीतने के बाद भी उनकी मांगों पर कोई बातचीत नहीं हुई। इसी के विरोध में आज प्रदेशभर में दो घंटे का धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 5 सितंबर तक सरकार ने साझा मोर्चे से बातचीत कर समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो 5 और 6 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। हरियाणा रोडवेज कर्मचाराओं का कहना है कि 25 जुलाई को परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करने के दौरान उन्हें मांगों के समाधान का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों के मुताबिक मंत्री ने 15 दिन के भीतर बातचीत के लिए बुलाने और समस्याओं का समाधान करने की बात कही थी, लेकिन अब करीब दो महीने बीतने के बावजूद उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। इसी को वादाखिलाफी बताते हुए साझा मोर्चे ने सरकार के खिलाफ दो घंटे के प्रदर्शन का फैसला लिया। 22 अगस्त को सिरसा के चौपटा बस स्टैंड पर हुई बैठक में रोडवेज की 15 यूनियनों में से 14 यूनियनें साझा मोर्चे के मंच पर एकजुट हुईं। कर्मचारियों ने ऐलान किया है कि अगर 5 सितंबर तक सरकार ने हरियाणा रोडवेज साझा मोर्चे से बातचीत कर मांगों का समाधान नहीं किया, तो 5 और 6 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल की जाएगी। कर्मचारियों ने इस हड़ताल की जिम्मेदारी परिवहन मंत्री अनिल विज पर डालने की बात कही है। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में कंडक्टरों के वेतनमान में सुधार शामिल है। उनका कहना है कि कंडक्टरों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है। फ्री यात्रा की कई श्रेणियों, एमसी कार्ड और अन्य यात्रियों से संबंधित डेटा की जिम्मेदारी भी कंडक्ट्रों पर है। ऐसे में उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप वेतनमान बढ़ाया जाना चाहिए। कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि रोडवेज में ड्राइवर, कंडक्टर और वर्कशॉप स्टाफ की भारी कमी है। खासतौर पर मैकेनिकों की कमी के कारण बसों के रखरखाव पर भी असर पड़ रहा है। कर्मचारियों ने सरकार से खाली पदों पर भर्ती करने और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने की मांग की है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि आज के दो घंटे के प्रदर्शन के दौरान बस सेवाएं बाधित नहीं की गईं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी बस सेवा जारी रखेंगे। हालांकि, 5 और 6 सितंबर को प्रस्तावित हड़ताल को लेकर कर्मचारियों ने आम जनता से सहयोग की अपील की है। रोडवेज कर्मचारियों ने जनता से अपील की है कि अगर 5 और 6 सितंबर को हड़ताल होती है तो लोग अपनी यात्रा पहले से प्लान करें और संभव हो तो वैकल्पिक साधनों का इस्तेमाल करें। फिलहाल कर्मचारियों ने सरकार को 5 सितंबर तक का समय दिया है। अब देखना होगा कि सरकार और रोडवेज साझा मोर्चे के बीच बातचीत होती है या कर्मचारी 5 और 6 सितंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाते हैं。0
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बगहा-नेपाल सीमा पर भू-स्खलन से बाढ़ अलर्ट, लोग ऊंचे स्थानों के लिए सचेत
Bagaha, Bihar:बगहा नेपाल में भूसखलन को लेकर अलर्ट जारी गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ बाढ़ की आशंका को लेकर हाई अलर्ट दियारा के निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित औऱ ऊँचे स्थानों पर जाने की अपील बाढ़ की विभीषिका के मद्देनज़र प्रशासन की ओर से निगरानी वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज़ पर 24 घंटे अभियंताओं की टीम क़र रहीं मॉनिटरिंग जिला प्रशासन नें घबराने नहीं बल्कि सतर्क औऱ सज़ग रहने की किया अपील सीमावर्ती नेपाल के त्रिशूल नदी में भुसखलन को लेकर आपदा से निपटने को तैयार है प्रशासन चीन में बांध टूटने के कारण नारायणी गंडक नदी में होगा अत्यधिक वाटर डिस्चार्ज0
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त्योहारों के बीच खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष नमूना अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांची
Amritsar, Punjab:ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਸਖ਼ਤ, ਰੇਹੜੀ ਮਾਰਕੀਟ ’ਚ ਵਿਸ਼ੇਸ਼ ਸੈਂਪਲਿੰਗ ਮੁਹਿੰਮ ਮੋਮੋਜ਼, ਪਕੌੜਿਆਂ, ਵੈਜ ਚਾਪ ਸਮੇਤ ਕਈ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦੇ ਸੈਂਪਲ ਲਏ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ, ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਦੀ ਹਦਾਇਤ calੇ ਤੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਵਰਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਤੇਲ ਅਤੇ ਵੱਧ ਫੂਡ ਕਲਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ’ਤੇ ਵਿਭਾਗ ਸਖ਼ਤ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਸਿਹਤ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਅਤੇ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲੋਂ ਸਫਾਈ ਦੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕੀਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ ਜਾਂ ਨਹੀਂ, ਇਸ ਦੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ ਹੈ। ਡਾ. ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਦੀ ਸਿਹਤ ਨਾਲ ਕਿਸੇ ਨੂੰ ਵੀ ਖਿਲਵਾੜ ਨਹੀਂ ਕਰਨ ਦਿੱਤਾ ਜਾਵੇਗਾ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੱਸਿਆ ਕਿ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀਆਂ ਦੁਕਾਨਾਂ ਅਤੇ ਰੇਹੜੀ ਮਾਰਕੀਟਾਂ ਵਿੱਚ ਸਫਾਈ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਅਤੇ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਨਾ ਹੋਣ ਸਬੰਧੀ ਕਾਫੀ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਸ਼ਿਕਾਇਤਾਂ ਅਤੇ ਚਰਚਾ ਸਾਹਮਣੇ ਆ ਰਹੀ ਸੀ। ਇਸ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਮੌਕੇ ’ਤੇ ਪਹੁੰਚ ਕੇ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਟੀਮਾਂ ਵੱਲੋਂ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਇਲਾਕਿਆਂ ਵਿੱਚ ਦੁੱਧ, ਦਹੀਂ, ਪਨੀਰ ਅਤੇ ਹੋਰ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਦੇ ਵੀ ਸੈਂਪਲ ਲਏ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ。 ਡਾ. ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਲਏ ਗਏ ਸਾਰੇ ਸੈਂਪਲ ਜਾਂਚ ਲਈ ਲੈਬਾਰਟਰੀ ਭੇਜੇ ਜਾਣਗੇ। ਲੈਬਾਰਟਰੀ ਰਿਪੋਰਟ ਮਿਲਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਖਾਣ ਵਾਲੀ ਵਸਤੂ ਵਿੱਚ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਪਦੰਡਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਪਾਈ ਗਈ ਤਾਂ ਸਬੰਧਤ ਵਿਅਕਤੀ ਜਾਂ ਕਾਰੋਬਾਰੀ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਨਿਯਮਾਂ ਅਨੁਸਾਰ ਸਖ਼ਤ ਕਾਰਵਾਈ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸਪੱਸ਼ਟ ਕੀਤਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕੋਈ ਦੁਕਾਨਕਦਾਰ ਜਾਂ ਰੇਹੜੀ ਚਾਲਕ ਗੰਦਾ, ਬਾਸੀ ਜਾਂ ਮਾੜੀ ਗੁਣਵੱਤਾ ਵਾਲਾ ਸਮਾਨ ਵੇਚਦਾ ਪਾਇਆ ਗਿਆ ਤਾਂ ਉਸ ਨੂੰ ਬਖ਼ਸ਼ਿਆ ਨਹੀਂ ਜਾਵੇਗਾ。 ਜਾਂਚ ਦੌਰਾਨ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟਰੇਸ਼ਨ ਅਤੇ ਲਾਇਸੈਂਸ ਸਬੰਧੀ ਵੀ ਜਾਂਚ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਡਾ. ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਕੇ ਵੇਚਣ ਵਾਲੇ ਹਰ ਵਿਅਕਤੀ ਲਈ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਜਾਂ ਲਾਇਸੈਂਸ ਕਰਵਾਉਣਾ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਜਿਹੜੇ ਰੇਹੜੀ ਸੰਚਾਲਕ ਬਿਨਾਂ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਦੇ ਕਾਰੋਬਾਰ ਕਰਦੇ ਮਿਲੇ, ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਨੋਟਿਸ ਜਾਰੀ ਕਰਕੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਪਾਲਣਾ ਕਰਨ ਦੀ ਹਦਾਇਤ ਕੀਤੀ ਗਈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਫੂਡ ਸੇਫਟੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ ਲਈ ਆਨਲਾਈਨ ਵੀ ਅਪਲਾਈ ਕੀਤਾ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਕੋਈ ਬਹੁਤ ਮਹਿੰਗੀ ਪ੍ਰਕਿਰਿਆ ਨਹੀਂ ਹੈ。 ਸਫਾਈ ਪ੍ਰਬੰਧਾਂ ਬਾਰੇ ਡਾ. ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਨ ਵਾਲੇ ਵਿਅਕਤੀਆਂ ਨੂੰ ਸਿਰ ’ਤੇ ਕੈਪ ਪਾਉਣੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਜੋ ਵਾਲ ਖਾਣੇ ਵਿੱਚ ਨਾ ਡਿੱਗਣ। ਇਸ ਤੋਂ ਇਲਾਵਾ ਖਾਣਾ ਤਿਆਰ ਕਰਦੇ ਸਮੇਂ ਦਸਤਾਨਿਆਂ ਅਤੇ ਹੋਰ ਲੋੜੀਂਦੇ ਸਫਾਈ ਉਪਕਰਨਾਂ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਕਰਨੀ ਚਾਹੀਦੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਖਾਣੇ ਵਿੱਚ ਲੋੜ ਤੋਂ ਵੱਧ ਫੂਡ ਕਲਰ ਦੀ ਵਰਤੋਂ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੋਣੀ ਚਾਹੀਦੀ। ਖਾਣੇ ਨੂੰ ਜ਼ਿਆਦਾ ਆਕਰਸ਼ਕ ਬਣਾਉਣ ਲਈ ਨਿਰਧਾਰਤ ਮਾਤਰਾ ਤੋਂ ਵੱਧ ਰੰਗ ਪਾਉਣਾ ਸਿਹਤ ਲਈ ਨੁਕਸਾਨਦੇਹ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਖਾਸ ਤੌਰ ’ਤੇ ਕਾਲੇ ਅਤੇ ਵਾਰ-ਵਾਰ ਵਰਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਤੇਲ ਤੋਂ ਬਚਣ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਜੇਕਰ ਕਿਸੇ ਰੇਹੜੀ ’ਤੇ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਗੰਦਾ ਜਾਂ ਕਾਲਾ ਤੇਲ ਵਰਤਿਆ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੋਵੇ ਤਾਂ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਵੀ ਇਸ ਵੱਲ ਧਿਆਨ ਦੇਣਾ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ। ਇਸ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਪੈਕਡ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਖਰੀਦਦੇ ਸਮੇਂ ਮੈਨੂਫੈਕਚਰਿੰਗ ਅਤੇ ਐਕਸਪਾਇਰੀ ਡੇਟ ਜ਼ਰੂਰ ਚੈੱਕ ਕਰਨ ਦੀ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ。 ਡਾ. ਮਨਜੀਤ ਸਿੰਘ ਰਟੋਲ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਤਿਉਹਾਰਾਂ ਦੇ ਮੱਦੇਨਜ਼ਰ ਵਿਭਾਗ ਵੱਲੋਂ ਅਜਿਹੀਆਂ ਜਾਂਚਾਂ ਅਤੇ ਸੈਂਪਲਿੰਗ ਮੁਹਿੰਮਾਂ ਭਵਿੱਖ ਵਿੱਚ ਵੀ ਜਾਰੀ ਰਹਿਣਗੀਆਂ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਕਿਹਾ ਕਿ ਮਿਲਾਵਟ ਅਤੇ ਗੈਰ-ਮਿਆਰੀ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ’ਤੇ ਰੋਕ ਲਗਾਉਣ ਲਈ ਵਿਭਾਗ ਦੇ ਨਾਲ ਆਮ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਸਹਿਯੋਗ ਅਤੇ ਜਾਗਰૂਕਤਾ ਵੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਰੂਰੀ ਹੈ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਸ਼ਹਿਰ ਵਾਸੀਆਂ ਨੂੰ ਅਪੀਲ ਕੀਤੀ ਕਿ ਉਹ ਸਾਫ਼-ਸੁਥਰੀਆਂ ਅਤੇ ਮਿਆਰੀ ਖਾਣ-ਪੀਣ ਵਾਲੀਆਂ ਵਸਤਾਂ ਹੀ ਖਰੀਦਣ ਅਤੇ ਨਿਯਮਾਂ ਦੀ ਉਲੰਘਣਾ ਨਜ਼ਰ ਆਉਣ ’ਤੇ ਸਬੰਧਤ ਵਿਭਾਗ ਨੂੰ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦੇਣ。0
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घग्घर नदी में पानी छोड़ने के लिए पीलीबंगा के किसान मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपे
Hanumangarh, Rajasthan:घग्घर नदी में पानी छोड़ने की मांग,किसान बोले हमारी फ़सले सूख रही घग्घर नदी में पानी छोड़ने की मांग,किसान बोले हमारी फ़सले सूख रही,पीलीबंगा के किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़। पीलीबंगा क्षेत्र में पानी के अभाव में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। फसलों को बचाने के लिए क्षेत्र के किसानों ने घग्घर नदी में पानी छुड़वाने की मांग उठाई है। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर राजस्थान के हिस्से का पानी घग्घर बहाव क्षेत्र में छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि समय रहते पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो सकती है और इससे किसानों के सामने बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों की ओर से 25 अगस्त 2026 को प्रस्तुत किए गए ज्ञापन में बताया गया कि पिछले वर्षों में जब क्षेत्र में बारिश कम होती थी या बारिश नहीं होती थी, तब इंदिरा गांधी नहर से पानी घग्घर बहाव क्षेत्र में छोड़ा जाता था। इससे पीलीबंगा क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में फसलों को सिंचाई के लिए पानी मिल जाता था और किसानों की फसलें बच जाती थीं। इस बार बारिश नहीं होने के साथ नहर का पानी भी घग्घर बहाव क्षेत्र में नहीं छोड़ा गया है। इसके चलते खेतों में खड़ी धान की फसल पानी के लिए तरस रही है। किसानों ने बताया कि पानी की कमी का असर केवल खरीफ की फसल तक सीमित नहीं है। हाड़ी के सीजन में गेहूं की बुवाई भी प्रभावित हुई है और कई किसानों के सामने पहले ही खेती का संकट खड़ा हो चुका है। ऐसे में यदि धान की फसल भी पानी के अभाव में खराब हो जाती है तो किसानों को दोहरी आर्थिक मार झेलनी पड़ेगी। हरियाणा में रोका गया राजस्थान का हिस्सा दिलाने की मांग ज्ञापन में किसानों ने घग्घर बहाव क्षेत्र पर बने आउटलेट हेड से हरियाणा में रोके गए राजस्थान के हिस्से का पानी छुड़वाकर घग्घर नदी में छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि घग्घर के बहाव के दौरान हरियाणा में बाढ़ आने पर बड़ी मात्रा में पानी राजस्थान की ओर आता है। इससे कई बार नाली बेल्ट में खेत जलमग्न होकर फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसानों ने सवाल उठाया कि जब बाढ़ के समय हरियाणा का पानी राजस्थान में पहुंचता है तो पानी की जरूरत के समय राजस्थान के हिस्से का पानी भी किसानों को उपलब्ध कराया जाना चाहिए। किसानों ने मुख्यमंत्री से पूरे मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि धान की फसल इस समय महत्वपूर्ण अवस्था में है और यदि जल्द पानी नहीं मिला तो नुकसान की भरपाई करना मुश्किल होगा। इस दौरान पीलीबंगा क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे。 किसानों के अनुसार, बारिश और नहर से पानी मिलने पर घग्घर में पर्याप्त बहाव होने से आसपास के खेतों को राहत मिलती रही है। वहीं, बारिश नहीं होने की स्थिति में इंदिरा गांधी नहर से घग्घर बहाव क्षेत्र में पानी छोड़े जाने से किसानों को फसलों की सिंचाई में मदद मिलती थी। इस बार बारिश की कमी और नहर से पानी नहीं मिलने के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है।0
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रेक्षाबंधन पर योगी सरकार का महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा उपहार
Moradabad, Uttar Pradesh:रक्षाबंधन त्यौहार पर यूपी सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के लिए बड़ा उपहार दिया है। उन्होंने रक्षा बंधन पर सभी बहनों, बेटियों के लिए फ्री बस यात्रा एक दिन के लिए लागू कर दी है। साथ ही 60 वर्ष या उससे अधिक की माताओं को उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग द्वारा हमेशा के लिए मुफ्त यात्रा की सौगात दी गई है। इस योजना की वजह से महिलाएं और बेटियाँ काफी खुश हैं। इस अवसर पर मंत्री सोमेन्द्र तोमर ने महिलाओं को साड़ियाँ वितरित कीं. इस कार्यक्रम में सूचि चौधरी, सादर बीजेपी विधायक, साकेंद्र प्रताप सिंह और इंदिरा सिंह मौजूद रहे।0
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अजमेर शरीफ में मोहम्मदी जुलूस से हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
Ajmer, Rajasthan:पैगंबर इस्लाम हज़रत मुहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के यौमे पैदाइश के मौके पर अजमेर शरीफ में भी जोरदार जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। अजमेर के मुस्लिम इलाक़ा अंदर कोर्ट से यह जुलूस का आगाज हुआ और दरगाह के निजाम गेट पर पहुंचने पर जोरदार इस्तख्बाल किया गया। जुलूस के दरमियान हिंदू मुस्लिम एकता की भी बड़ी मिसाल देखने को मिली जहां दुकानदारों ने भी जुलूस पर फूल बरसाए और हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सब ने एक दूसरे को गले मिलकर जश्ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद पेश की। इस दरमियान जिला इंतजामिया और पुलिस महकमा की जानिब से सिक्योरिटी के माकूल इंतजाम किए गए। सूफी इंटरनेशनल तंज़ीमे के ज़ेरे अहतमाम हर साल की तरह इस साल भी जुलूस का प्रोग्राम धूम धाम से मनाया गया। जिसमें हजारों की तादाद में मुस्लिम समाज के लोगों ने हिस्सा लिया और अपने नबी पाक हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम की शान में मरहबा के नारे लगाते हुए जुलूस में शिरकत की। सुबह 9:00 बजे शुरू हुआ यह जुलूस दोपहर में हजरत कुतुब साहब का चिल्ला शरीफ पर पहुंच कर इखत्ताम हुआ.. जहां तमाम मुस्लिम समाज ने अपने नबी की शान में सलाम पेश किया और लंगर का अहतेमाम किया.. पुर अमन निकाले गए इस जुलूस में कौमी एकता की मिसाल भी देखने को मिला जहां हिंदू भाइयों ने भी तबर्रुक तक़सीम कर मुस्लिम भाइयों को गले लगाया ।0
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PHED-UDH Ex-Cadre पोस्ट विवाद नया मोड़ ले गया
Jaipur, Rajasthan:हैडर-Ex-cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने! PHED-UDH में Ex-cadre पोस्ट विवाद बढा, अब जलदाय विभाग ने UDH को लिखी चिट्ठी-सूत्र, प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने चिट्ठी लिखकर पूछा PHED की कितनी Ex-cadre पोस्ट खत्म की? इस संबंध में यूडीएच विभाग रिपोर्ट मांगी-सूत्र, इससे पहले UDH ने PHED को लिखा था खत, इंजीनियर्स की 151 पोस्ट पर लिखा था पत्र, पूरा विवाद वित्त विभाग तक भी पहुंच चुका, Ex-Cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने! विवाद में नया मोड़, PHED ने UDH से मांगी रिपोर्ट आशीष चौहान, जयपुर- Ex-cadre पोस्ट पर PHED-UDH आमने-सामने हो गए है। दोनों विभागों के बीच Ex-cadre पोस्ट विवाद बढा गया है। अब जलदाय विभाग ने UDH को लिखकर पूछा है कि कितनी पोस्ट खत्म की है। वहीं अब तक यूडीएच ने इसका जवाब नहीं दिया। आखिरकार पोस्ट खत्म होने को लेकर असली विवाद क्या है...देखे इस रिपोर्ट में! विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच PHED और UDH के बीच Ex-Cadre पोस्ट को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। इंजीनियर्स के 151 Ex-Cadre पदों को लेकर दोनों विभागों के बीच चल रही खींचतान के बीच अब जलदाय विभाग ने UDH से रिपोर्ट मांगी है। सूत्रों के मुताबिक PHED के प्रमुख सचिव हेमंत गेरा ने UDH को पत्र लिखकर पूछा है कि जलदाय विभाग से संबंधित कितनी Ex-Cadre पोस्ट खत्म की गई हैं और इस संबंध में क्या कार्रवाई की गई है। इससे पहले UDH की ओर से PHED को पत्र लिखकर Ex-Cadre पोस्ट को लेकर जानकारी और कार्रवाई की बात कही गई थी। इसी के बाद दोनों विभागों के बीच मामला और गरमा गया। 151 इंजीनियर्स के पदों पर विवाद- विवाद PHED के इंजीनियरिंग कैडर से जुड़ी 151 Ex-Cadre पोस्ट को लेकर है। जानकारी के मुताबिक इन पदों में 4 अतिरिक्त मुख्य अभियंता, 27 एक्सईएन और 120 सहायक अभियंता स्तर के पद शामिल हैं। ये पद UDH और उससे जुड़े शहरी निकायों में पेयजल और सीवरेज से जुड़े तकनीकी कामों के लिए बनाए गए थे। PHED का तर्क है कि Ex-Cadre पदों के सृजन और समाप्ति से जुड़ी प्रक्रिया वित्त विभाग के अधिकार क्षेत्र से जुड़ी है। ऐसे में केवल विभागीय स्तर पर इन पदों को खत्म करने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामला वित्त विभाग तक पहुंचा- Ex-Cadre पदों को लेकर बढ़े विवाद के बाद मामला वित्त विभाग तक पहुंच चुका है। सूत्रों के मुताबिक वित्त विभाग की ओर से संबंधित विभागों से पहले खत्म किए गए पदों की रिपोर्ट और स्थिति की जानकारी मांगी गई है। अब PHED की ओर से UDH से भी इसी संबंध में रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पूरे मामले में दस्तावेजी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। DPC पर भी पड़ सकता है असर- इस विवाद का सीधा असर PHED की आगामी DPC पर पड़ने की आशंका है। यदि Ex-Cadre पदों की संख्या कम होती है या उन्हें खत्म किया जाता है तो इन पदों पर तैनात इंजीनियर्स की पोस्टिंग और प्रमोशन की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। हाल में PHED की ओर से किए गए तबादलों में भी कई इंजीनियर्स को Ex-Cadre पदों पर पोस्टिंग दी गई है। ऐसे में पद खत्म होने की स्थिति में इन अधिकारियों को वापस PHED में समायोजित करने के लिए अलग से प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। UDH के बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी सवाल- विवाद का एक अहम पहलू UDH और स्थानीय निकायों के पेयजल व सीवरेज प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ा है। PHED के इंजीनियर्स लंबे समय से पेयजल आपूर्ति, सीवरेज और जल योजनाओं के तकनीकी कामों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में Ex-Cadre पद खत्म होने पर UDH में बड़े प्रोजेक्ट्स की तकनीकी निगरानी और क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल PHED की चिट्ठी के बाद UDH की रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने Ex-Cadre पद खत्म किए गए हैं और आगे इन पदों को लेकर सरकार का रुख क्या रहेगा। मामले पर अंतिम निर्णय वित्त विभाग और सक्षम स्तर से होने की संभावना है। नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से BJPR_POSt_R स्लग से भेजी गई है।0
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