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Jhansi284204

रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा नई लाइन का संरक्षा परीक्षण पूरा

Jun 30, 2024 13:24:48
Mauranipur, Uttar Pradesh

आज रेल संरक्षा आयुक्त प्रणजीव सक्सेना ने अपने दो दिवसीय दौरे के अंतर्गत मऊरानीपुर – टेहरका स्टेशनों के बीच नवनिर्मित दूसरी लाइन का संरक्षा परीक्षण पूरा किया। इस निरीक्षण में मंडल रेल प्रबंधक दीपक सिन्हा सहित मंडल और निर्माण संगठन के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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RKRohit Kumar
Jan 25, 2026 18:02:09
Sheikhpura, Bihar:शेखपुराजिले के बाऊघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत पानापुर गांव में मूर्ति विसर्जन के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। ट्रैक्टर की ट्रॉली पलटने से एक 14 वर्षीय किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान पानापुर गांव निवासी14 वर्षीय पुत्र कुशाल कुमार के रूप में की गई है।बताया जाता है कि मृतक अपने दोस्तों के साथ सरस्वती माता की प्रतिमा विसर्जन में गांव के तालाब गया हुआ था। प्रतिमा उतारने के बाद कुछ युवक ट्रैक्टर पर सवार हो गए। इसी दौरान ट्रैक्टर को सड़क पर चढ़ाने के क्रम में वह अनियंत्रित हो गया और पीछे की ओर पलट गया। इस हादसे में कुशाल ट्रॉली की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कुछ अन्य किशोरों को भी मामूली चोटें आई हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने आनन-फानन में कुशाल को सदर अस्पताल पहुंचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। सूचना मिलते ही अस्पताल में परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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ASAshok Singh Shekhawat
Jan 25, 2026 18:01:34
Sikar, Rajasthan:सीकर चुग्गे खान लंगा मांगणियार और राजेंद्र कविया की प्रस्तुतियों ने बांधा समा, आतिशबाजी से हुआ समापन एंकर removed सीकर, शेखावाटी उत्सव के दूसरे दिन अर्बन हाट में राजस्थानी लोक संस्कृति का अनोखा रंग जम गया। जैसलमेर के प्रसिद्ध चुग्गे खान लंगा मांगणियार दल और लोक गायक राजेंद्र कविया की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समापन आकर्षक आतिशबाजी से हुआ, जिसने पूरे आसमान को रंगीन रोशनी से नहला दिया। यह उत्सव सीकर की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने का माध्यम साबित हुआ। शेखावाटी उत्सव, जो राजस्थान की लोक कला और परंपराओं को समर्पित है, इस बार भी अपार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। पहले दिन की भव्य शुरुआत के बाद दूसरे दिन अर्बन हाट परिसर लोक संगीत की धुनों से गूंज उठा। चुग्गे खान लंगा मांगणियार दल ने अपनी टीम के साथ रामसा पीर, केसरिया बालम सहित कई लोकप्रिय गीतों पर ऐसी प्रस्तुति दी कि दर्शक झूम उठे। लंगा समुदाय की यह परंपरागत शैली, जो पीढ़ियों से चली आ रही है, ने राजस्थान की रेगिस्तानी संस्कृति को जीवंत कर दिया। चुग्गे खान की मधुर आवाज और तबला-मंजीरा की थिरकन ने हर दिल को छू लिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। इसी क्रम में लोक गायक राजेंद्र कविया ने धरती धोरा री, पणिहारी और अन्य राजस्थानी लोकगीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। उनकी गायकी में राजस्थान की मिट्टी की सुगंध महक रही थी। कविया ने अपनी प्रस्तुति में स्थानीय बोलचाल के शब्दों का ऐसा प्रयोग किया कि ग्रामीण-शहरी दर्शक दोनों ही मग्न हो गए। यह प्रस्तुतियां न केवल मनोरंजन का साधन बनीं, बल्कि शेखावाटी क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने वाली साबित हुईं। उत्सव के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने का उद्देश्य भी सफल रहा, इस आयोजन में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने उत्सव की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राजस्थान की लोक कला को राष्ट्रीय पटल पर लाने का कार्य कर रहे हैं। राज्य सैनिक कल्याण सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर, धोद विधायक गोर्वधन वर्मा, जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा, एडीएम सिटी भावना शर्मा, सहायक निदेशक पर्यटन अनु शर्मा, बीजेपी जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र विकास सिहाग सहित जिला स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और शहरवासी मौजूद रहे।
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MMMohammad Muzammil
Jan 25, 2026 18:01:10
Dehradun, Uttarakhand:मो मुजम्मिल (चकराता) खाई में गिरी दिल्ली के पर्यटकों की कार... 1 की मौत 5 घायल …! चकराता से घूमकर वापस अपने घर दिल्ली लौट रहे पर्यटकों की एक कार लालपुल सहिया के पास अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी... इस दुखद घटना में वंश चावला नाम के एक 15 वर्षीय बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई.... जबकि कार में सवार अन्य पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं... घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची कालसी थाना पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को खाई से बाहर निकालकर निजी वाहनों के जरिए सहिया अस्पताल तक पहुंचाया...जबकि घटना में जान गवा चुके 15 वर्षीय बच्चे को पंचनामे की कार्यवाही के लिए विकासनगर पहुंचाया गया है... पुलिस मामले में दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने में भी जुटी हुई है...
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AMATUL MISHRA
Jan 25, 2026 18:00:56
Banda, Uttar Pradesh:बांदा में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पुलिस जनपद में सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को बनाये रखने के दृष्टिगत भारी पुलिस बल के साथ शहर क्षेत्र में पैदल गस्त के साथ डॉग स्क्वायड, बीडीएस चेकिंग टीम, एलआईयू के साथ रेलवे स्टेशन व बस स्टैण्ड आदि सार्वजनिक स्थानों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। होटल ढाबा में भी संघन चेकिंग अभियान चलाया गया है आपको बता दे कि गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज दिनांक 25.01.2026 को जनपद में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाये रखने के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शहर क्षेत्र में पैदल गस्त की गई। इस दौरान डॉग स्क्वायड, बीडीएस चेकिंग टीम, एलआईयू की टीम के साथ बस स्टैण्ड पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन चेकिंग की गई साथ ही रेलवे स्टेशन पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की गई। रेलवे स्टेशन पर आने जाने वाले लोगों तथा यात्रियों से पूछताछ करते हुए समान इत्यादि की चेकिंग की गई। रेलवे स्टेशन परिसर में लावारिस वस्तुओं, सामानों के साथ-साथ वाहन स्टैण्ड आदि पर चेकिंग की गई। रेलवे स्टेशन के उपरांत शहर क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों, बाबूलाल चौराहा, मुख्य बाजार आदि भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गस्त करते हुए लोगों में सुरक्षा की भावना का विश्वास दिलाया गया।
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PCPranay Chakraborty
Jan 25, 2026 18:00:34
Noida, Uttar Pradesh:
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Jan 25, 2026 17:47:38
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PSPrince Suraj
Jan 25, 2026 17:45:50
Noida, Uttar Pradesh:हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा दिशोम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मैं केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं। स्व दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है। उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी और सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है। यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना राज्य दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व। झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।
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PKPushpender Kumar
Jan 25, 2026 17:45:18
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Jan 25, 2026 17:40:36
Kodawahi, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के खोडरी चौकी अंतर्गत रानीझाप गांव में एक अमानवीय घटना हुई। 35 वर्षीय विधवा महिला का शादीशुदा हरि प्रसाद राठौर से प्रेम प्रसंग चल रहा था। तीन माह पहले दोनों गांव से भागकर मध्य प्रदेश के शहडोल में छिपे थे। शुक्रवार को लौटने पर तनाव हुआ, लेकिन शनिवार सुबह हरि प्रसाद की पत्नी सरोज राठौर, साले मनोज राठौर और यशोदा राठौर ने महिला के घर में घुसकर मारपीट की, कपड़े फाड़े, निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया और शरीर-मुंह पर गोबर पोता। पुलिस ने सूचना पर हस्तक्षेप कर महिला को बचाया, तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और मामला दर्ज किया। पीड़िता ने प्रेमी के साथ रहने की इच्छा जताई। यह घटना महिलाओं के खिलाफ क्रूरता का प्रतीक है।
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RBRAKESH BHAYANA
Jan 25, 2026 17:31:57
Panipat, Haryana:उत्तराखंड से पानीपत तक कला का सफर पानीपत हैंडलूम के साइलेंट हीरो को मिला पद्मश्री, खेमराज सुंडरियाल की 60 साल की साधना को सम्मान जामदानी से पद्मश्री तक: खेमराज सुंडरियाल ने पानीपत को दिलाई वैश्विक पहचान जिस कला को असंभव माना गया, उसी से इतिहास रचा: पद्मश्री विजेता खेमराज सुंडरियाल पानीपत。 पिछले 60 वर्षों से पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने वाले मशहूर बुनकर व हस्तशिल्प कलाकार खेमराज सुंडरियाल को भारत सरकार ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा है। उत्तराखंड मूल के खेमराज ने अपनी कला, नवाचार और अथक मेहनत से पानीपत के हैंडलूम उद्योग को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में भी अलग पहचान दिलाई। जामदानी कला में ऐतिहासिक प्रयोग, ऊन पर रचा नया अध्याय जामदानी कला, जो परंपरागत रूप से मलमल (कॉटन) कपड़े पर की जाती थी, खेमराज ने उसे ऊन (Wool) की शॉल पर आजमाकर एक नया प्रयोग किया। यह नवाचार हैंडलूम इंडस्ट्री के लिए क्रांतिकारी साबित हुआ। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी मिल चुके हैं। एम. एफ. हუსैन की पेंटिंग्स को लूम पर उतार दिया खेमराज सुंडरियाल ने केवल परंपरागत डिज़ाइनों तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने प्रसिद्ध कलाकार एम. एफ. हुसैन की पेंटिंग्स को हूबहू वुवन टेपेस्ट्री के रूप में तैयार किया। यह कलाकृतियाँ इतनी जीवंत होती थीं कि पहचानना मुश्किल हो जाता था कि ये काग़ज़ पर बनी हैं या कपड़े पर। 1966 में पानीपत आगमन, यहीं से बदली हैंडलूम की तस्वीर खेमराज वर्ष 1966 में बनारस से ट्रांसफर होकर पानीपत आए। उस समय वे भारत सरकार के एक विभाग से जुड़े थे। पानीपत में आकर उन्होंने पारंपरिक खेस बुनाई में नए प्रयोग किए और खेस को बेडशीट, बेड कवर व अन्य उत्पादों में बदलकर उद्योग को नया बाज़ार दिया। टेपेस्ट्री और वॉल हैंगिंग में किया ऐतिहासिक विकास उन्होंने टेपेस्ट्री (वॉल हैंगिंग) को इतना विकसित किया कि बड़े-बड़े कलाकारों की पेंटिंग्स को लूम पर उसी तरह तैयार कर दिया जाता था, जैसे वे कैनवास पर हों। यह काम पानीपत की हैंडलूम इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर साबित हुआ। कच्ची रंगाई से पक्की रंगाई तक का सफर खेमराज ने पानीपत उद्योग में पक्की रंगाई को बढ़ावा दिया। जब शुरुआत में लोग इसके लिए तैयार नहीं थे, तब उन्होंने प्रशिक्षण दिलवाया। आज स्थिति यह है कि पूरी पानीपत इंडस्ट्री पक्की रंगाई अपना चुकी है और गुणवत्ता के मामले में टॉप क्लास मानी जाती है। संघर्षों से भरा जीवन, किसान परिवार से पद्मश्री तक उत्तराखंड के सुमाड़ी गांव में जन्मे खेमराज एक किसान परिवार से आते हैं। बुनाई का उन्हें कोई पारिवारिक अनुभव नहीं था। पढ़ाई के दिनों में उन्हें रोज़ 6 किलोमीटर पैदल चलकर संस्थान जाना पड़ता था। समाज की उपेक्षा और तानों के बावजूद उन्होंने बुनाई को जीवन का लक्ष्य बना लिया। “ब्राह्मण-क्षत्रिय कुछ नहीं होता, काम ही सबसे बड़ा धर्म है” – खेमराज सुंडरियाल बुनकर सेवा केंद्र से जुड़कर बदली हजारों ज़िंदगियाँ खेमराज Weavers’ Service Centre से जुड़े, जिसकी स्थापना प्रसिद्ध कला विशेषज्ञ पूपुल जयकर ने नेहरू जी के सहयोग से की थी। इस केंद्र ने पाकिस्तान से आए बुनकरों को रोज़गार और नई दिशा दी。 मोदी सरकार की पहल से मिला गुमनाम कलाकार को सम्मान खेमराज ने कहा कि मोदी सरकार का यह प्रयास सराहनीय है कि वह उन लोगों को सम्मान दे रही है जो वर्षों तक गुमनाम रहे। “अब पुरस्कारों के लिए सिफारिश नहीं, काबिलियत देखी जाती है” – खेमराज पद्मश्री की सूचना ने परिवार को दिया गर्व का पल पिछले वर्ष पद्मश्री के लिए आवेदन करने वाले खेमराज को इस वर्ष फोन कॉल के माध्यम से सम्मान की जानकारी मिली। परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनकी पुत्रवधू ने कहा, “यह हमारे परिवार के लिए सपने जैसा पल है। पापा ने बहुत पहले जो कला अपनाई थी, आज वह दुनिया पहचान रही है。” युवाओं के लिए संदेश: मेहनत रंग लाती है खेमराज का मानना है कि यह सम्मान युवाओं को प्रेरित करेगा कि वे पारंपरिक कला और हैंडलूम को अपनाएं और ईमानदारी से मेहनत करें। पानीपत की पहचान बने खेमराज सुंडरियाल आज खेमराज सुंडरियाल का नाम सिर्फ एक कलाकार का नहीं, बल्कि पानीपत की हैंडलूम पहचान का पर्याय बन चुका है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा。
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