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Eshan KhanEshan KhanFollow27 Jul 2024, 09:55 am

झांसी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का राजस्व परिषद अध्यक्ष ने किया निरीक्षण

Jhansi, Uttar Pradesh:

राजस्व परिषद के अध्यक्ष डॉ. रजनीश दुबे ने झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की प्रमुख परियोजनाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने लक्ष्मीताल, स्पेस संग्रहालय और ध्यानचंद संग्रहालय का दौरा किया। लक्ष्मीताल के भ्रमण के दौरान डॉ. दुबे ने इसे और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। स्पेस और ध्यानचंद संग्रहालयों में किए गए कार्यों की उन्होंने प्रशंसा की। झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सत्य प्रकाश, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहम्मद कमर और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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मंदसौर में ड्रग्स फैैक्ट्री की छापेमारी: 21 किलो MDMA बरामद, ग्रामीण भयभीत

Mandsaur, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में ड्रग्स माफियाओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है. हाल ही में करोड़ों की ड्रग्स पकड़ी गई है. 8 मई को राजस्थान सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स की टीम ने चित्तौड़ जावरा की टीम के साथ मिलकर 21 किलो सिंथेटिक ड्रग्स MDMA बरामद की थी. यहां पर एक हाईटेक ड्रग्स फैैक्‌ट्री चल रही थी. गांव के लोगों की फैक्ट्री के बारे में क्या जानकारियां है और इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया है यह जानने के लिए Zee मीडिया की टीम गांव पहुंची, लेकिन गांव में अभी भी लोग सहमे हुए नजर आ रहे हैं. लोग ड्रग माफियाओं के बारे में कोई भी जानकारी देने को तैयार नहीं है. वहीं जहां पर छापा डाला गया था उस स्थान के बारे में भी ग्रामीण बात करने से कतरा रहे हैं, हालांकि दबी जुबान में वह बात स्वीकार कर रहे हैं कि ड्रग्स रैकेट से जुड़े वही लोग हैं जिनका पहले आपराधिक रिकॉर्ड रहा है.
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जांजगीर-चांपा के इंजीनियर निलंबन: ऑडियो वायरल पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की

Taga, Chhattisgarh:ब्रेकिंग जांजगीर-चांपा, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता शशांक सिंह निलंबित, वाहन चालक से अभद्र व्यवहार और कलेक्टर-एसडीएम को गाली-गलौज करने का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद शासन ने बड़ी कार्रवाई की है. ऑडियो वायरल होने के बाद मामला प्रशासनिक गलियारों में जमकर चर्चा में था. कलेक्टर जांजगीर-चांपा की जांच रिपोर्ट में मामला प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने निलंबन आदेश जारी किया. आरोप है कि बातचीत के दौरान अधिकारी ने अमर्यादित भाषा और अफसरशाही की दबंगई दिखाई थी. मामले ने तूल पकड़ते ही शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. निलंबन अवधि में शशांक सिंह को रायपुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध किया गया है. इस कार्रवाई के बाद जिले में बेलगाम अफसरों पर भी सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है.
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गुलमर्ग में स्वच्छ परिवेश और पौधारोपण के बड़े अभियान का आगाज़

Gulmarg, Mega Sanitation and Plantation Drive Launched at Gulmarg Under “Clean Surroundings, Healthy Life, Bright Future Campaign Clean Today, Green Tomorrow” Initiative Sees Massive Public Participation a significant step towards environmental conservation and sustainable tourism, a mega sanitation and plantation drive was kick-started at the world-famous tourist destination of Gulmarg under the theme “Clean Surroundings, Healthy Life, Bright Future” with the slogan “Clean Today, Green Tomorrow.” The programme was organised by the Gulmarg Development Authority in collaboration with the Forest Department, Municipal Committee Gulmarg, Go Green Gulmarg and various stakeholders associated with the tourism sector. The drive witnessed enthusiastic participation from officials, environmental activists, local volunteers, tourism stakeholders, students, sanitation workers and civil society members, all united with the common objective of preserving the ecological beauty and environmental balance of Gulmarg. During the event, participants carried out extensive cleanliness activities in and around major tourist spots, roadsides, parks and public spaces. Plastic waste, litter and other garbage were collected and properly disposed of with a strong message to visitors and locals to avoid the use of plastic and maintain cleanliness in the tourist destination. Awareness banners and placards carrying messages such as “Avoid Plastic Use,” “Use Dustbins,” “Keep Gulmarg Clean,” “No Littering,” and “Better Future Through Clean Environment” were displayed during the campaign to spread awareness regarding environmental responsibility and public hygiene. A mega plantation drive was also conducted alongside the sanitation programme wherein saplings were planted at various identified locations to promote greenery, improve air quality and strengthen ecological sustainability in the hill resort. The event was attended by CEO GDA Tariq Hussain Naik, noted environmentalist Naseem Qadri, SHO Gulmarg and several other officers and officials from different departments. Speaking on the occasion, the dignitaries highlighted the importance of collective responsibility in protecting the fragile environment of Gulmarg and maintaining its status as one of the premier tourist destinations of the country. They stressed the need for sustained awareness campaigns and active public participation to ensure cleanliness and environmental protection. The organisers urged tourists, hoteliers, pony wallas, shopkeepers and local residents to become active partners in keeping Gulmarg clean and green and to support eco-friendly practices for a healthier and brighter future. The programme concluded with a pledge by all participants to continue working towards environmental conservation and to make Gulmarg a model eco-friendly tourist destination.
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भीषण गर्मी का जोधपुर समेत रामगढ़ में पेयजल संकट, टैंकर से जूझता स्कूल

Jodhpur, Rajasthan:सूर्य नगरी जोधपुर सहित जिलेभर में भीषण गर्मी के साथ तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। बढ़ती गर्मी के बीच शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि कई गांवों में लोग बूंद-बुद्ध पानी के लिए तरसने को मजबूर हैं, जबकि जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा प्रदर्शन कर प्रशासन से राहत की मांग की जा रही है। तिंवरी क्षेत्र के रामगढ़ गांव में पेयजल संकट ने विकराल रूप धारण कर लिया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की विभिन्न ढाणियों मेजलोतों की ढाणी, जोग सागर टंकी, जसोड़ों की ढाणी, दर्जियों की ढांनी, भाला भाकर भीलों की ढाणी, ओरण क्षेत्र स्थित पानी की टंकियों एवं श्मशान भूमि क्षेत्र में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी में जलापूर्ति बंद होने से आमजन का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। महिलाओं और बच्चों को दूर-दूर तक पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। स्थिति का असर शिक्षा व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रामगढ़ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पानी की किल्लत के कारण विद्यालय प्रशासन को हर माह चार पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। इससे विद्यालय का अतिरिक्त आर्थिक भार बढ़ रहा है और विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 5 हजार की आबादी वाले रामगढ़ गांव में लंबे समय से पेयजल समस्या बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान नहीं कर पा रहा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र समाधान नहीं किया तो समस्त रामगढ़वासी आगामी पंचायतीराज चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से सुचारु जलापूर्ति बहाल करने एवं स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भीषण गर्मी में लोगों को राहत मिल सके।
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चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन के खिलाफ पुलिस-वन विभाग की संयुक्त रोकथाम

Karauli, Rajasthan:चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई, करौली। राजस्थान-मध्य प्रदेश सीमा पर चंबल नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ पुलिस एवं वन विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। राजस्थान से मध्य प्रदेश की ओर बड़े पैमाने पर हो रही बजरी तस्करी की सूचना पर पुलिस टीम चंबल नदी पार कर मध्य प्रदेश सीमा तक पहुंची। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल और वन विभाग की टीम को देखकर बजरी माफिया मौके से फरार हो गए। तस्करी रोकने के लिए घाटों पर जेसीबी से गहरी खाइयां भी खुदवाई गईं।
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पलेरा: बेला गांव के पास अवैध रेत डंपर गिरफ्तार, जांच जारी

Tikamgarh, Madhya Pradesh:टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, जतारा एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार और राजस्व विभाग की टीम ने बेला गांव के पास से रेत से भरे दो ओवरलोड डंपरों को पकड़ा, दोनों डंपरों को जब्त कर पलेरा थाने में खड़ा कराया गया है, प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, बताया जा रहा है की लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए बेला गांव के पास जांच अभियान चलाया, इस दौरान दो डंपर ओवरलोड रेत लेकर जाते मिले, जिन्हें रोककर जांच की गई, दस्तावेज सही नहीं मिलने और ओवरलोड पाए जाने पर दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया।
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शराब के नशे में तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर, पूर्व मंत्री के बेटे सुरेंद्र भड़ाना गिरफ्तार

Alwar, Rajasthan:तेज रफ्तार में शराब के नशे में फॉर्च्यूनर दौड़ाते पकड़ा गया पूर्व मंत्री का बेटा, पुलिस ने किया गिरफ्तार अलवर के शिवाजी पार्क थाना पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री हेम सिंह भड़ाना के बेटे सुरेंद्र भड़ाना को शराब के नशे में तेज रफ्तार से वाहन चलाते हुए गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी चंद्रशेखर ने बताया कि पुलिस टीम नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान एक फॉर्च्यूनर गाड़ी तेज रफ्तार से जाती हुई दिखाई दी। संदेह होने पर टेल्को सर्किल पर नाकाबंदी कर वाहन को रुकवाया गया। जांच के दौरान चालक सुरेंद्र भड़ाना पुत्र पूर्व मंत्री स्व हेम सिंह भड़ाना का बेटा शराब के नशे में पाया गया। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फॉर्च्यूनर गाड़ी को जब्त कर लिया है।
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पिपलरावा में मिनी ट्रक पलटने से तीन मजदूरों की मौत, दो घायल

Dewas, Madhya Pradesh:देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सड़क हादसे में तीन मजदूरों की मौत हो गई। चौबाराधारा के पास बेरखेड़ी फाटे के पास प्याज से भरा एक मिनी ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस घटना में दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें सोनकच्छ के शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है。 जानकारी के अनुसार, हादसा यू-टर्न लेने पर हुआ, जब मिनी ट्रक यू टर्न ले रहा था तभी वाहन असंतुलित होकर पलट गया। मिनी ट्रक में मजदूर प्याज की बोरियों के साथ पीछे बैठे थे। ट्रक पलटते ही वे बोरियों के नीचे दब गए। हादसे की सूचना मिलते ही पीपलरावा पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने घायलों को बाहर निकालकर तत्काल सोनकच्छ के शासकीय अस्पताल पहुंचाया。 तीन मजदूरों को भी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सोनकच्छ के शासकीय अस्पताल में रखवाया गया है। पुलिस ने रात भर रेस्क्यू अभियान चलाकर ट्रक के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है。
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जमीआत उलमा-ए-हिंद का दो दिवसीय सम्मेलन: संविधान की रक्षा और एकता पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:Arshad Madani Declaration of the Two-Day Meeting of the Working Committee of Jamiat Ulama-i-Hind: The current situation in the country, the rising communalism, the silence of constitutional institutions, the increasing measures against Muslims and Islamic symbols, and politics based on hatred are extremely alarming. However, Muslims have never bowed down and will never bow down. They may bow out of love, but they can never be subdued through force, threats, or oppression. The politics of hatred in the country has now transformed into politics of intimidation, the purpose of which is to frighten Muslims and compel them to live under imposed conditions. For the sake of power, a dangerous game is being played with peace and unity, resulting in a continuous rise in religious extremism and hatred, while the guardians of law remain silent spectators. After the recent elections, the obsession of certain politicians with gaining power through hatred has intensified further, and religious sentiments are being inflamed to pit the majority against the minority, even though governments are run through justice and fairness, not through fear and threats. In the same way The statement of the newly elected Chief Minister of West Bengal that he would “work only for Hindus” is completely against constitutional and democratic values, because every Chief Minister takes an oath to uphold justice for all citizens. Those in power are responsible for protecting the constitutional rights of every citizen, not for promoting hatred and divisive politics against any particular community. In the same way There is a planned attempt to transform the country into an ideological state. Measures such as the Uniform Civil Code, Making “Vande Mataram” Mandatory, actions against mosques and madrasas, and depriving genuine citizens of voting rights under the guise of SIR are all links in the same chain. Jamiat Ulama-i-Hind will continue its legal and democratic struggle against all such measures. Previous governments also caused social, educational, political, and economic harm to Muslims, but today the situation has become far more dangerous. Earlier, only Muslims were targeted; now Islam itself has become a target. The laws enacted after 2014 and the recent measures are clear evidence that the present government seeks to harm not only Muslims but Islam as well. At the global level too, organized propaganda is being carried out against Islam. However, history bears witness that those who sought to erase Islam themselves vanished; Islam was alive, remains alive, and will remain alive until the Day of Judgment. We appeal to all justice-loving parties, social organizations, and patriotic citizens to unite against communal and fascist forces at the democratic and social levels, and to jointly struggle for brotherhood, tolerance, justice, and the supremacy of the Constitution in the country.
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सोनभद्र में भाजपा पूर्व ग्राम प्रधान के पति के कुत्ते को बिस्किट खिलाते वीडियो वायरल

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर भाजपा जिला पंचायत सदस्य के पति और पूर्व ग्राम प्रधान बबलू गुप्ता एक कुत्ते को बिस्किट खिलाते दिखाई दे रहे हैं और उसी दौरान भाजपा के मंडल अध्यक्ष को लेकर अभद्र टिप्पणी करते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो में कुत्ते को मंडल अध्यक्ष कहकर संबोधित किया जा रहा है और अपशब्दों का इस्तेमाल भी साफ सुनाई दे रहा है। यही नहीं वीडियो में कुत्ते को लात मारते हुए भी देखा जा रहा है। मामला शक्तिनगर क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच संबंधित थाने को सौंप दी गई है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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NGT ने राजस्थान की भूजल गाइडलाइन रद्द की, केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत छूट

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-एनजीटी ने राज्‍य सरकार को बड़ा झटका देते हुए भूजल गाइडलाइन को रद्द कर दिया है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पेयजल योजनाओं को अतिरिक्त छूट देना केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत है. इसलिए राजस्थान में भूजल गाइडलाइन को रद्द किया जाता है. आखिरकार विवादित गाइडलाइन क्यों रद्द की एनजीटी ने, देखे इस रिपोर्ट में! NGT ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए राजस्थान सरकार की ओर से जारी भूजल गाइडलाइन को रद्द कर दिया है. अधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि पिछले साल पांच और दस फरवरी को जारी सरकार की गाइडलाइन केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं थी. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एम.सी. मेहता बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देशों के विपरीत थी. हालांकि, राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि विवादित अधिसूचनाएं वापस ले गई है. मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य डॉ. अफरोज अहमद, विशेषज्ञ सदस्य की ओर से की गई. छूट देना केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत- अधिकारण ने भूजल के लगातार गिरते स्तर को गंभीर राष्ट्रीय पर्यावरणीय संकट बताते हुए कहा कि भूजल का अवैध दोहन पर्यावरण कानून के तहत दंडनीय अपराध है. देश में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और 29 साल बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. अवैध भूजल दोहन बड़े पैमाने पर जारी है और नियामक एजेंसियां प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही हैं. पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें भूजल संरक्षण के लिए केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की ओर से निर्धारित मानकों को कमजोर नहीं कर सकतीं. विशेष रूप से “सरकारी पेयजल योजनाओं” को अतिरिक्त छूट देना केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत माना गया. सुनवाई के दौरान केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने अधिकरण को बताया कि राजस्थान सरकार ने विवादित दिशा-निर्देश केन्द्रीय प्राधिकरण से पूर्व परामर्श ओर अनुमोदन के बिना जारी किए थे. अधिकरण ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत इस तथ्य को भी रिकॉर्ड पर लिया कि विवादित अधिसूचनाएं पहले ही वापस ली जा चुकी हैं. अधिसूचना निरस्त की गई- सुनवाई के दौरान केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना परामर्श और बिना मंजूरी अपनी गाइडलाइन जारी कर दी. प्राधिकरण ने राज्य सरकार को 3 जून 2025 को पत्र लिखकर गाइडलाइन वापस लेने, तुलनात्मक अध्ययन पेश करने और लंबित एनओसी आवेदन ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे. राज्य सरकार ने ट्रिब्यूनल को बताया कि प्राधिकरण की आपत्तियों के बाद विवादित गाइडलाइन का क्रियान्वयन रोक दिया गया था और बाद में अधिसूचना वापस ले ली गई. इसके बाद NGT ने अपील स्वीकार करते हुए अधिसूचना को निरस्त कर दिया. नोट-इस खबर की फीड ओएफसी से BJPR_GROUND_WATER स्लग से भेजी गई है।
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NGT ने राजस्थान की भूजल गाइडलाइन रद्द कर दी; केंद्रीय नियमों के विपरीत छूट पर रोक

Jaipur, Rajasthan:NGT ने भूजल गाइडलाइन रद्द कर दिया है. राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने स्पष्ट किया है कि सरकारी पेयजल योजनाओं को अतिरिक्त छूट देना केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत है. राजस्थान में भूजल गाइडलाइन को रद्द किया गया है. विवादित अधिसूचनाएं वापस ली गईं. NGT ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए राजस्थान सरकार की ओर से जारी भूजल गाइडलाइन को रद्द कर दिया है. अधिकरण ने अपने आदेश में कहा कि पिछले साल पांच और दस फरवरी को जारी सरकार की गाइडलाइन केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के अंतर्गत जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं थी. साथ ही सर्वोच्च न्यायालय की ओर से मेहता बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देशों के विपरीत थी. हालांकि राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि विवादित अधिसूचनाएं वापस ले ली गई हैं. मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह, न्यायिक सदस्य डॉ. अफरोज अहमद, विशेषज्ञ सदस्य की ओर से की गई. छूट देना केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत. अधिकरण ने भूजल के लगातार गिरते स्तर को गंभीर राष्ट्रीय पर्यावरणीय संकट बताते हुए कहा कि भूजल का अवैध दोहन पर्यावरण कानून के तहत दंडनीय अपराध है. देश में भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और 29 साल बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ है. अवैध भूजल दोहन बड़े पैमाने पर जारी है और नियामक एजेंसियां प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रही हैं. पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारें भूजल संरक्षण के लिए केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की ओर से निर्धारित मानकों को कमजोर नहीं कर सकतीं. विशेष रूप से “सरकारी पेयजल योजनाओं” को अतिरिक्त छूट देना केंद्रीय गाइडलाइन के विपरीत माना गया. सुनवाई के दौरान केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने अधिकरण को बताया कि राजस्थान सरकार ने विवादित दिशा-निर्देश के केंद्रीय प्राधिकरण से पूर्व परामर्श और अनुमोदन के बिना जारी किए थे. अधिकरण ने राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत इस तथ्य को भी रिकॉर्ड पर लिया कि विवादित अधिसूचनाएं पहले ही वापस ली जा चुकी हैं. अधिसूचना निरस्त की गई. सुनवाई के दौरान केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना परामर्श और बिना मंजूरी अपनी गाइडलाइन जारी कर दी. प्राधिकरण ने राज्य सरकार को 3 जून 2025 को पत्र लिखकर गाइडलाइन वापस लेने, तुलनात्मक अध्ययन पेश करने और लंबित एनओसी आवेदन ट्रांसफर करने के निर्देश दिए थे. राज्य सरकार ने ट्रिब्यूनल को बताया कि प्राधिकरण की आपत्तियों के बाद विवादित गाइडलाइन का क्रियान्वयन रोक दिया गया था और बाद में अधिसूचना वापस ले ली गई. इसके बाद NGT ने अपील स्वीकार करते हुए अधिसूचना को निरस्त कर दिया.
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