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Eshan KhanEshan KhanFollow23 Jun 2024, 08:25 am
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कैथल में झमाझम बारिश: शहर जलमग्न, पानी में डूबे वाहन और धान की फसल पर खतरा

Kaithal, Haryana:कैथल में झमाझम बारिश से शहर जलमग्न, सड़कों पर डूबे वाहन—धान की फसल पर भी संकट कैथल में रविवार को हुई थोड़ी देर की झमाझम बारिश ने जहां मौसम सुहावना कर दिया और तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। बारिश के बाद सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिसके चलते सड़क किनारे खड़ी कई गाड़ियां और दोपहिया वाहन पानी में डूबे नजर आए। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, खेतों में खड़ी धान की फसल पर भी बारिश और जलभराव का असर पड़ने की बात सामने आ रही है। किसानों के अनुसार, खेतों में अधिक पानी जमा होने से धान की फसल को नुकसान की आशंका है। फिलहाल बारिश के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
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झुंझुनूं में मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं से गणेश चतुर्थी पर्यावरणीय उत्साह

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां तेज. पर्यावरण संरक्षण के लिए मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं पर जोर. बगड़ रोड पर असम के कारीगर तैयार कर रहे मिट्टी की प्रतिमाएं. बांस, जूट, चावल के भूसे और चिकनी मिट्टी से बनाई जा रही मूर्तियाँ. भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी यानी 14 सितंबर को जिलेभर में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. गणेश मंदिरों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर भी भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाएगी. इस बार पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्लास्टर ऑफ पेरिस की जगह मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं की स्थापना पर विशेष जोर दिया जा रहा है. झुंझुनूं शहर के बगड़ रोड स्थित एक नोहरे में असम के कारीगर भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. कलाकारों के अनुसार प्रतिमाएं तैयार करने में बांस की लकड़ी, जूट की रस्सी, चावल का भूसा और चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है. प्रतिमाओं के सूखने के बाद इन पर किसी तरह के हानिकारक या केमिकलयुक्त रंगों का इस्तेमाल नहीं किया जाता. असम के कलाकार बलराम मालाकार ने बताया कि इस बार करीब एक से साढ़े दस फीट तक ऊंची गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं. छोटी-बड़ी प्रतिमाओं की कीमत करीब 500 रुपए से 22 हजार रुपए तक है. यहाँ विभिन्न आकार की करीब 150 से अधिक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं. कारीगरों के अनुसार अब तक करीब 80 गणेश प्रतिमाओं की एडवांस बुकिंग हो चुकी है. गणेश चतुर्थी को देखते हुए कारीगर प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग बढ़ने से कारीगरों में भी उत्साह है.
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नेत्रहीन शिक्षक राजेश जायसवाल को सम्मान, मीडिया ने प्रेरणादायक मिसाल पेश की

Indore, Madhya Pradesh:वही जी मीडिया की खबर पर एक बार फिर मोहर लगी है जहा जी मीडिया की पहल रंग लाई बीते दिनों शिक्षक दिवस के मौके पर इंदौर जिले के एक नेत्रहीन दिव्यांग शिक्षक राजेश जायसवाल के संघर्ष की कहानी को जी मीडिया ने प्रमुखता से दिखाया था वह कैसे नेत्रहीन दिव्यांग होने के बाद भी वे ब्रेल लिपी से पढ़ाई कर आगे बढ़े और एक शिक्षक की भूमिका में आकर खुद तो दुनिया नहीं देख सकते लेकिन कई छात्रों को वह जीवन जीने की राह दिखा रहे हैं खबर प्रसारित होने के बाद उनके जीवन की कहानी आम से लेकर खास कहे तो हर शख्स तक पहुंची जिसके बाद अब शिक्षक दिवस माह के चलते जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश हिदायतुल्ला खान न्यायाधीशगण और एसडीओपी संघप्रिय सम्राट एवं अभिभाषकों ने उनका ओर उनकी दिव्यांग पत्नी का सम्मान किया जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश हिदायतुल्ला खान एवं अधिकारियों ने कहा कि शिक्षक राजेश जयसवाल से हर किसी को प्रेरणा लेनी चाहिए वे नेत्रहीन दिव्यांग होने के बाद भी आज हम सभी के लिए एक प्रेरणा है उन्होंने कहा कि मीडिया के ऐसे प्रेरणादाई कार्य जनता तक एक प्रेरित करने वाला संदेश देते हैं वही सम्मान पाकर शिक्षक राजेश जायसवाल ओर उनके परिजन भी बेहद खुश नजर आए सम्मान के पश्चात जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश हिदायतुल्ला खान न्यायाधीशगण एवं अधिकारियों ने नेशनल लोक अदालत एवं स्वास्थ शिविर का शुभारंभ किया !
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कोंडागांव में 21 फीट ध्वज यात्रा ने राजस्थानी समाज के श्रद्धालुओं को प्रेरित किया

Kondagaon, Chhattisgarh:कोंडागांव में बाबा रामदेव के जन्मोत्सव के अवसर पर सकल राजस्थानी समाज की ओर से भव्य 21 फीट ध्वज यात्रा निकाली गई। नारंगी नदी से शुरू हुई यह यात्रा विकास नगर होते हुए बाजार स्थित राम मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला。 बाबा रामदेव के जन्मोत्सव पर निकली इस भव्य ध्वज यात्रा में बड़ी संख्या में राजस्थानी समाज के लोग शामिल हुए। हाथों में धार्मिक ध्वज और जुबां पर बाबा रामदेव के जयकारे... भक्ति के रंग में रंगा पूरा माहौल。 नारंगी नदी से शुरू हुई 21 फीट की विशाल ध्वज यात्रा विकास नगर से होते हुए बाजार स्थित राम मंदिर पहुंची। यहां विधि-विधान और पूजा-अर्चना के बाद 21 फीट के विशाल ध्वज को मंदिर पर चढ़ाया गया。 यात्रा के दौरान राजस्थानी समाज की महिलाएं भक्ति गीतों पर झूमती और नृत्य करती नजर आईं। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच हर वर्ग के लोग उत्साह के साथ शामिल हुए。 पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में आस्था और उत्साह का माहौल बना रहा। बाबा रामदेव के जयकारों से शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया。
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केदारनाथ धाम यात्रा का दूसरा चरण शुरू, श्रद्धालु संख्या बढ़ोतरी के बीच सुरक्षा कड़ी

Noida, Uttar Pradesh:रुद्रप्रयाग, उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग की SP निहारिका तोमर कहती हैं, "श्री केदारनाथ धाम यात्रा का दूसरा चरण अब शुरू हो रहा है और श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। अब तक 14,83,000 श्रद्धालु श्री केदारनाथ धाम के दर्शन कर चुके हैं। दूसरे चरण को ध्यान में रखते हुए, हम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ा रहे हैं। हमारे सभी चेकपॉइंट्स पर पुलिस बल तैनात किया जा रहा है, चाहे वे ट्रांसपोर्ट रूट हों या श्री केदारनाथ धाम और ट्रेकिंग रूट। साथ ही, हमारी अलग-अलग टीमें—जिनमें ड्रोन, फायर और SDRF टीमें शामिल हैं—भी तैनात की जा रही हैं और उन्हें आने वाले दिनों के लिए ज़रूरी निर्देश दिए जा रहे हैं।"
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मंडला में 108 एम्बुलेंस के पीछे पहिया निकलने से सुरक्षा पर सवाल

Mandla, Madhya Pradesh:मंडला में बदहाल 108 एम्बुलेंस सेवा की एक और तस्वीर सामने आई है...चलती एम्बुलेंस का अचानक पिछला पहिया निकल गया... जिसके बाद मौके पर अफरातफरी मच गई... गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया... लेकिन सवाल ये है कि आखिर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कब तक? तस्वीरें मंडला के बिंझिया क्षेत्र की बताई जा रही हैं... जहां चलती 108 एम्बुलेंस का पिछला पहिया अचानक निकल गया... पहिया निकलते ही एम्बुलेंस सड़क पर असंतुलित हो गई और मौके पर हड़कंप मच गया... हालांकि राहत की बात ये रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। एम्बुलेंस की हालत को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं... बीते महीने ऑक्सीजन खत्म होने के बाद एक युवक की मौत का मामला सामने आया था... जिसके बाद प्रशासन ने जांच और कार्रवाई की कोशिशें भी कीं... लेकिन इसके बावजूद 108 एम्बुलेंस व्यवस्था की बदहाली की तस्वीरें लगातार सामने आ रही हैं... सवाल सीधा है - जिस एम्बुलेंस को मरीज की जिंदगी बचाने के लिए दौड़ना चाहिए, अगर उसी के पहिए रास्ते में निकल जाएं... तो मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? फिलहाल वायरल वीडियो की
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बांसवाड़ा में पैंथर पिंजरे में कैद, वन विभाग ने सुरक्षित स्थान पर छोड़ा

Banswara, Rajasthan:बांसवाड़ा शहर के उदयपुर मार्ग पर लगातार पैंथर का मूवमेंट देखने को मिल रहा था, जिससे आम लोगों में भारी डर का माहौल था. वन विभाग की टीम ने पैंथर का रेस्क्यू करने के लिए जगह-जगह पिंजरे लगाएं और आज अल सुबह सफलता मिली. शामपूरा वन क्षेत्र में आज सुबह 4:00 के आसपास पैंथर पिंजरे में कैद हो गया. सुबह जब वन विभाग की टीम वन क्षेत्र में पहुंची तो पिंजरे में पैंथर दिखाई दिया. करीब डेढ़ साल का यह पैंथर बताया जा रहा है. अब वन विभाग की टीम इसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए जा रही है. स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है.
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बैतूल में गणेश चतुर्थी की तैयारियाँ चरम पर, पंडाल सजावट और बारिश से सुरक्षा

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। शहर के गली-मोहल्लों से लेकर बाजार और प्रमुख इलाकों तक भगवान गणेश के स्वागत के लिए भव्य पंडाल सजाए जा रहे हैं। गणेश उत्सव को खास बनाने के लिए आयोजक पंडालों को आकर्षक रूप देने में जुटे हैं। सजावटी सामान से लेकर आकर्षक डेकोरेशन तक,पंडालों को सबसे खूबसूरत बनाने की होड़ दिखाई दे रही है। बैतूल के गंज,कोठी बाजार और सदर इलाके में ऐसे सैकड़ों पंडाल तैयार किए जा रहे हैं, जहां दिन-रात काम चल रहा है। वहीं मूर्तिकार भी भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। मूर्ति लेने दुकानों पर जा रहे गणेश भक्त दुकानदारों से मिट्टी की ही प्रतिमाओं की मांग कर रहे हैं बाजार में पॉप की प्रतिमाओं पर प्रतिबंध लगा हुआ है वही लोग भी आप केवल मिट्टी के गणेश जी विराजित करते नजर आ रहे हैं। इस बार बारिश को देखते हुए पंडालों की तैयारियों में भी खास सावधानी बरती जा रही है। पंडालों को वॉटरप्रूफ बनाया जा रहा है, ताकि बारिश के दौरान पानी अंदर न पहुंचे और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। यानी गणेश चतुर्थी से पहले ही बैतूल में भक्ति, आस्था और उत्सव का रंग दिखाई देने लगा है और अब लोगों को इंतजार है भगवान गणेश के भव्य स्वागत का।
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