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Eshan KhanEshan KhanFollow10 May 2025, 05:12 am

Jhansi: आर्य कन्या महाविद्यालय में भारतीय सेना को दी गई श्रद्धांजलि और सलामी

Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी के आर्य कन्या महाविद्यालय में भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर को सम्मान देने के लिए एक कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अलका नायक के निर्देशन में और मानव विकास संस्थान के अध्यक्ष डॉ. एम.एस. निगम व संयोजक अशोक अग्रवाल 'काका' के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में कोर कमेटी चेयरमैन डॉ. ध्रुव सिंह ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की। इसके बाद डॉ. एम.एस. निगम ने बताया कि सेना ने आतंकवादियों के नौ ठिकानों को सटीकता से निशाना बनाकर उन्हें खत्म किया। इस वीरता और साहसिक कार्य के लिए उन्होंने सेना को सलामी दी।

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IOCL: कमर्शियल LPG सिलेंडर कीमत 209 रुपये घटकर 3032.50 रुपये; घरेलू कीमत स्थिर

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:महीने के पहले दिन आम लोगों और कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL) ने एक अगस्त 2026 से एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें लागू कर दी हैं। पटना में 19 किलो के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 209 रुपये की बड़ी कटौती की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत 3032.50 रुपये हो गई है। इस कटौती से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सीधा लाभ मिलेगा, क्योंकि उनकी परिचालन लागत में कमी आएगी। बड़ी संख्या में कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग करने वाले कारोबारियों के लिए यह राहत भरा फैसला माना जा रहा है। हालांकि, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए इस बार कोई राहत नहीं है। 14.2 किलो के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पहले की दर पर ही उपलब्ध रहेगा। तेल विपणन कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं और संशोधित दरें उसी दिन से लागू हो जाती हैं।
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पटना में ट्रैफिक चालान अब सिर्फ दारोगा तक सीमित, ड्रोन निगरानी शुरू

SRShivam RAjJust now
Patna, Bihar:राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के लिए पुलिस प्रशासन बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब सिपाही, हवलदार और एएसआई न तो वाहनों को रोक सकेंगे और न ही चालान काट सकेंगे। यह अधिकार केवल दारोगा (एसआई) या उससे ऊपर के अधिकारियों के पास होगा। यदि कोई सिपाही, हवलदार या एएसआई नियमों का उल्लंघन करते हुए वाहन रोकता है या चालान करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शहर में नए प्वाइंट चिन्हित किए जाएंगे और पुलिसकर्मियों की तैनाती भी बदली जाएगी। किसी एक स्थान पर स्थायी रूप से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती नहीं होगी, बल्कि नियमित अंतराल पर उनकी ड्यूटी बदली जाएगी। स्कूलों की छुट्टी और कार्यालयों के पीक आवर के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल लगाया जाएगा ताकि जाम की समस्या कम हो सके। एडिजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार ने बताया कि पूरे राज्य में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए नई रणनीति लागू की जा रही है। ड्रोन, कैमरे और इंटेलिजेंट ट्रैफिक सिस्टम की मदद से निगरानी बढ़ाई जाएगी। साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा जैसी तीन पहिया गाड़ियों की अवैध पार्किंग और नियम उल्लंघन पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। यदि यह मॉडल सफल रहा तो इसे पूरे बिहार में लागू किया जाएगा। इसके अलावा, ड्यूटी के दौरान मोबाइल पर वीडियो गेम खेलने या अन्य लापरवाही करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शिक्षकों की मूल पदस्थापना लौटने से दफ्तरों में खाली कुर्सियाँ, क्या भर्ती करेगी सरकार?

Kondagaon, Chhattisgarh:शिक्षकों की मूल पदस्थापना पर वापसी का निर्णय सराहनीय रहा , लेकिन शिक्षा व अन्य कार्यालयों में प्रशासनिक कार्य प्रभावित होने की आशंका है इसके लिए अब जिला शिक्षा अधिकारी राज्य शासन से विभाग के लिए कर्मचारियों की मांग कर रहे है  लगभग शिक्षा विभाग के 203  कर्मचारियों को अलग अलग विभागों मे अटैच कर  रखा गया था नये आदेश पर सभी कर्मचारियों को उनके मूल स्थानों मे भेजने से  शिक्षा विभाग के साथ अन्य सरकारी दफ्तरो मे अब   खाली कुर्सियां औऱ टेबल ही नजर आ रही है जहाँ फ़ाइलो का ढेर लगा हुआ है  अब इन खाली कुर्सीयों के लिए सरकार नई  भर्ती निकालेगी या कोई अन्य व्यवस्था करेगी यह तय नहीं है  अब  बड़ा सवाल यह  है क्यूंकि स्थानीय स्तर  पर संलग्न हुये सभी शिक्षको को मूल स्कूलो मे भेजा जा चूका है राज्य स्तर से जिन शिक्षकों को  संलग्न किया है अब उसका फैसला राज्य स्तर से  होना बाकि  है  इस फैसले के बाद जिलों में अधिकांश शिक्षक अपने-अपने स्कूलों में लौट चुके हैं, जिससे कई विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ी है और नियमित पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद भी जगी है। हालांकि इस निर्णय का दूसरा पक्ष भी अब सामने आने लगा है। शिक्षा विभाग के जिला, विकासखंड एवं संकुल स्तर के कार्यालयों सहित अन्य विभागों में भी ऐसे कई शिक्षक वर्षों से प्रशासनिक कार्यों में लगे हुए थे। उनके वापस स्कूलों में लौटने के बाद इन कार्यालयों में कर्मचारियों की कमी महसूस होने लगी है। कई जगहों पर फाइलों के निस्तारण, योजनाओं की मॉनिटरिंग, पत्राचार और अन्य प्रशासनिक कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का कहना है कि विद्यालयों में शिक्षकों की वापसी निश्चित रूप से बच्चों के हित में है, लेकिन जिन कार्यालयों का काम अब तक इन्हीं कर्मचारियों के भरोसे चलता था, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करना भी आवश्यक होगा। कर्मचारियों की कमी का असर आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर भी पड़ सकता है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन रिक्तियों को शासन किस आधार पर भरेगा। क्या नियमित भर्ती की जाएगी, संविदा या स्थानांतरण के माध्यम से पदों को भरा जाएगा, अथवा कोई नई प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जाएगी? फिलहाल इस संबंध में शासन की ओर से कोई स्पष्ट दिशानिर्देश सामने नहीं आए हैं, जिससे कर्मचारियों और आम लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता के साथ-साथ कार्यालयों में भी पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाए, तभी इस निर्णय का पूरा लाभ शिक्षा व्यवस्था और प्रशासन दोनों को मिल सकेगा। ऐसे में अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं कि विभागीय कार्यालयों में उत्पन्न मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए क्या नीति अपनाई जाती है। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान कहती है  शासन के आदेश पर सभी शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना वाले स्कूलो मे भेज दिया गया है अभी आपसी व्यस्था कर कार्य संचालित कर रहे है हमने कर्मचारियों की मांग के लिए ऊपर प्रस्ताव भेजा है वाक थ्रू..... बाइट - भारती प्रधान जिला शिक्षा अधिकारी कोंडागांव
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किसानों के लिए बड़ी खबर: अब सीधे खाद केंद्रों से यूरिया मिल सकता है

Damoh, Madhya Pradesh:किसानों के लिए जरूरी खबर, सरकार ने ई टोकन के साथ फिर शुरू की पुरानी व्यवस्था, सीधे केंद्र पर जाकर भी के सकते है खाद यूरिया... एंकर/ एमपी के किसानों के लिए जरूरी खबर है , अब किसान को सीधे खाद वितरण केन्द्रों से खाद और यूरिया मिल सकता है उन्हें ई टोकन की बाध्यता नहीं रहेगी बल्कि दोनों व्यवस्थाओं से वो खाद और यूरिया ले सकते है। इसी साल प्रदेश सरकार ने ई विकास पोर्टल लांच कर किसानों को ई टोकन की व्यवस्था की थी जिसके मुताबिक किसान पोर्टल पर अपनी जानकारी जमा करके ई टोकन निकाल सकते है और वो टोकन किसी भी केंद्र पर जाकर उसे दिखाकर अपने हिस्से का खाद और यूरिया खरीद सकते है और इस व्यवस्था से किसान खरीदी कर भी रहे है लेकिन एक बार फिर सरकार ने नई ई टोकन व्यवस्था के साथ पुरानी पद्धति से भी खाद वितरण को लागू किया है। दमोह के कलेक्टर ने जानकारी देते हुए बताया है कि पहले की तरह किसान वितरण केन्द्रों पर अपनी ऋण पुस्तिका आधार कार्ड लेकर जाए और उन्हें दिखाकर अपना खाद और यूरिया लें, इस व्यवस्था को किसानों को आसानी के लिए लागू किया गया है और खास तौर पर वो किसान जो तकनीक से अभी भी वाकिफ नहीं है और वो सीधे जाकर लाभ के सकते है। डीएम ने बताया कि जिले में पर्याप्त खाद और यूरिया उपलब्ध है और किसानों को चिंता करने की जरुरत नहीं है। बाइट/ प्रताप नारायण यादव ( कलेक्टर दमोह)
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शून्य-टॉलरेंस नीति लागू करते हुए खाद्य मंत्री अशोक किर्तनिया ने पलूरिया जिले में निरीक्षण किया

Purulia, West Bengal:পুরুলিয়া : জিরো টলারেন্স নীতি নিয়ে এই প্রথম পুরুলিয়া জেলায় হঠাৎ পরিদর্শনে পৌঁছালেন রাজ্যের খাদ্যমন্ত্রী অশোক কীর্তনিয়া। এদিন প্রথমে সার্কিট হাউসে পৌঁছান তিনি । সেখানে জেলা প্রশাসনের সঙ্গে আলোচনার পরে তিনি এমআর ডিস্ট্রিবিউশন সেন্টারগুলিতে আকস্মিক পরিদর্শনে বেরিয়ে পড়েন । প্রথমে পুরুলিয়া শহরে স্থিত একটি এমআর ডিস্ট্রিবিউশন সেন্টারে পৌঁছান। সরেজমিনে গোডাউনে ঢুকে চাল, গমের মান খতিয়ে দেখেন । এর মধ্যে চালের মান নিয়ে অসন্তোষ প্রকাশ করেন তিনি । একেবারে জিরো টলারেন্স নীতি নিয়ে সবকিছুর মান খতিয়ে দেখা হবে এবং উপযুক্ত পদক্ষেপ নেওয়া হবে বলে জানান খাদ্যমন্ত্রী অশোক কীর্তনিয়া । বাইট : অশোক কীর্তনিয়া (খাদ্যমন্ত্রী)
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शिलिगुड़ी में जनगणना की शुरुआत, पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने स्व-नामांकन फॉर्म भरा

Siliguri, West Bengal:*শিলিগুড়িতে জনগণনার সূচনা, সেল্ফ এনামুরেশন ফর্ম পূরণ করলেন পর্যটনমন্ত্রী শঙ্কর ঘোষ* আজ থেকে দেশজুড়েই শুরু হয়েছে জনগণনার প্রক্রিয়া। প্রথম পর্যায়ে সাধারণ মানুষ অনলাইনে সেল্ফ এনামুরেশন-এর মাধ্যমে নিজেদের তথ্য জমা দিতে পারবেন। সেই কর্মসূচির সূচনাতেই শিলিগুড়িতে নিজের সেল্ফ এনামুরেশন ফর্ম পূরণ করলেন রাজ্যের পর্যটনমন্ত্রী শঙ্কর ঘোষ。 শনিবার সকালে শিলিগুড়ি পুরনিগমের আধিকারিক ও কর্মীরা মন্ত্রীর বাড়িতে গিয়ে তাঁকে প্রয়োজনীয় সহযোগিতা করেন। বাড়িতে বসেই নিজের মোবাইল ফোনের মাধ্যমে সমস্ত তথ্য অনলাইনে জমা দেন তিনি。 ফর্ম পূরণের পর শঙ্কর ঘোষ সাধারণ মানুষের উদ্দেশে আবেদন জানিয়ে বলেন, সবাই যেন নিজেদের সেল্ফ এনামুরেশন সম্পন্ন করার পাশাপাশি প্রতিবেশীদেরও এই প্রক্রিয়ায় সাহায্য করেন। এতে জনগণনার কাজ দ্রুত ও সুষ্ঠুভাবে সম্পন্ন করা সম্ভব হবে বলে তিনি জানান।
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शिर्डी गुरुपौर्णिमा उत्सव में दान ने दर्ज किया रिकॉर्ड 7.81 करोड़

Shirdi, Maharashtra:शिर्डी न्यूज़ फ्लैश गुरूपौर्णिमा उत्सव काळात साई चरणी भरभरून दान... तीन दिवसीय उत्सव काळात 7 कोटी 81 लाख रुपयांचे दान... 28 से 30 जुलाई दरम्यान शिर्डीत साजरा हुआ गुरुपौर्णिमा उत्सव... रॉख रकम के साथ सोने, चांदी, विदेशी मुद्रा, सशुल्क दर्शन पास, ऑनलाइन दान द्वारा साई चरणी कोटियों के दान... पिछले वर्ष की तुलना में दान में डेढ़ करोड़ की वृद्धि एक total - 7 कोटी 81 लाख दक्षिणा पेटी - 2 कोटी 4 लाख 35 हजार दान केाउन्टर - 1 कोटी 25 लाख 47 हजार डेबिट, क्रेडिट, चेक, डीडी, मनीऑर्डर, यूपीआई द्वारा - 2 कोटी 7 लाख 84 हजार सशुल्क दर्शन पास - 87 लाख 14 हजार पर foreign मुद्रा - 5 लाख 65 हजार सोना - 1 कोटी 46 लाख 74 हजार चांदी - 3 लाख 90 हजार पिछले वर्ष की तुलना में दान में वृद्धि
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70 फीट ऊँची पानी टंकी पर स्टंट, लोग सेल्फी के चक्कर में खतरे में

Durg, Chhattisgarh:एंकर-दुर्ग के भिलाई में एक पानी को टँकी अब स्टंट बाजी की जगह बन चुकी है लोग अब पानी टँकी के ऊपर चढ़कर सेल्फी ले रहे है वही कुछ लोग 70 फिट ऊंची इस टँकी में हादसे को निमंत्रण देते हुए जमकर बादमशी भी कर रहे है दरअसलनगर निगम के जोन-2 के आजाद चौक वार्ड 26 के आसपास के इलाके में पानी को समस्या को बहाल करने नई पानी की टँकी बनाई गई करीब 70 फीट ऊंची नई पानी की टंकी का निर्माण कार्य तय मियाद में पूरा भी हो गया लेकिन पानी नही आया और न ही इसकी टेस्टिंग शुरू हो पाई इसी बीच कल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तैर रहा है इस वीडीओ ने पानी टँकी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है वीडियो में कुछ लोग टंकी के सबसे ऊपरी हिस्से पर चढ़कर खतरनाक स्टंट और फोटो शूट करते नजर आ रहे हैं तो वही एक बच्चा 70 फीट की ऊंचाई पर बैठकर अपने दोनों पैर बाहर लटकाए हुए दिख रहा है जहां जरा-सी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी.
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माधवनगर थाने की राती चेकिंग: शराबी चालक गिरफ्तार, युवती से बहस का वीडियो वायरल

Ujjain, Madhya Pradesh:माधवनगर थाना पुलिस की रात्रि चेकिंग के दौरान हुई कार्रवाई, दो वाहनों को किया जब्त, मोटर व्हीकल एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज उज्जैन। सावन के दौरान शहर में चलाए जा रहे विशेष वाहन चेकिंग अभियान के तहत माधवनगर थाना पुलिस ने देर रात शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान एक युवक के खिलाफ कार्रवाई करते समय उसके साथ मौजूद युवती पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करती और विरोध जताती नजर आई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस के अनुसार रात्रि गश्त के दौरान फ्रीगंज स्थित गुरुकृपा चाय की दुकां‌ के पास बिना नंबर प्लेट की रॉयल एनफील्ड बुलेट लहराते हुए आती दिखाई दी। पुलिस ने वाहन रोककर चालक की जांच की तो उसके मुंह से शराब की गंध आई। चालक की पहचान 20 वर्षीय काईद खान निवासी हेलावाड़ी के रूप में हुई। जिला चिकित्सालय में कराए गए मेडिकल परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185, 130/177(3) एवं 51/177 के तहत कार्रवाई करते हुए बाइक जब्त कर ली। इसी दौरान मौके पर मौजूद युवती पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए महिला पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करती दिखाई दी। सामने आए वीडियो में युवती ऊंची आवाज में पुलिस से बहस करती नजर आ रही है। हालांकि पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में युवती द्वारा बहस या कथित हंगामे का उल्लेख नहीं किया गया है। पुलिस ने इसी अभियान के दौरान एक अन्य मामले में स्कूटी सवार 18 वर्षीय युवती के खिलाफ भी शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में कार्रवाई की। मेडिकल परीक्षण में शराब सेवन की पुष्टि होने के बाद स्कूटी जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। बाद में युवती के परिजनों को मौके पर बुलाकर समझाइश दी गई और उसे उसकी माता के सुपुर्द कर दिया गया। माधवनगर थाना पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बरसात में जहरीले सांप के डसने से मां-बेटी की मौत, बेटा जीवित संघर्षरत

New Delhi, Delhi:बरसात बनी जानलेवा, जहरीले सांप के डसने से मां-बेटी की मौत... दिल्ली में मानसून के साथ जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। दिल्ली के बख्तावरपुर गांव की त्रिवेणी कॉलोनी में एक दर्दनाक हादसे में जहरीले सांप के डसने से एक ही परिवार की मां और बेटी की मौत हो गई, जबकि 15 वर्षीय बेटा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। यह घटना बरसात के मौसम में सावधानी बरतने की गंभीर चेतावनी भी है। दिल्ली के बख्तावरपुर गांव की त्रिवेणी कॉलोनी में रहने वाली 35 वर्षीय सकीना पिछले करीब दस वर्षों से किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रह रही تھیں। लगातार हुई बारिश के बाद इलाके में जलभराव और गंदगी की स्थिति बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले हुई मूसलाधार बारिश के बाद रात में सकीना अपनी 13 वर्षीय बेटी आफिया और 15 वर्षीय बेटे फरियाद के साथ जमीन पर बिस्तर लगाकर सो रही थीं। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने तीनों को डस लिया। रात करीब ढाई बजे तीनों की तबीयत बिगड़ने लगी। शरीर में तेज दर्द और बेचैनी होने पर सकीना ने अपने पति को जानकारी दी। परिवार तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां से तीनों को रोहिणी स्थित अंबेडकर अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने सकीना को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद उनकी 13 वर्षीय बेटी आफिया ने भी दम तोड़ दिया, जबकि 15 वर्षीय फरियाद का इलाज अंबेडकर अस्पताल में जारी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। पड़ोसियों के मुताबिक बरसात के दिनों में नालियों का गंदा पानी अक्सर घर में भर जाता था, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण परिवार मकान नहीं बदल सका। सकीना का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ का रहने वाला है। मां-बेटी की मौत के बाद परिजन दोनों के शव अंतिम संस्कार के लिए अलीगढ़ ले गए। यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि बरसात के मौसम में बढ़ते खतरों की चेतावनी भी है। विशेषज्ञों की सलाह है कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां समय-समय पर कटवाएं, जलभराव न होने दें और फर्श पर सोने से बचें। साथ ही दिल्ली政府 और नगर निगम को भी जलभराव वाले क्षेत्रों में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव, झाड़ियों की सफाई और नियमित निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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कालाढूंगी में चड्ढा सीड फार्म गोदाम में भीषण आग, लाखों रुपये की खाद जल गई

Noida, Uttar Pradesh:कालाढूंगी में चड्ढा सीड फार्म के गोदाम में संदिग्ध परिस्थितियों में लगी भीषण आग, लाखों की खाद जलकर राख. शुरुआत सूचना के अनुसार आग चड्ढा सीड फार्म के गोदाम में लगी थी और आग की लपटें उठते ही इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और पुलिस व फायर ब्रिगेड को इसकी जानकारी दी गई. देखते ही देखते आग ने पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया. घटना की सूचना पर कालाढूंगी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, आग की गंभीरता को देखते हुए रामनगर और हल्द्वानी से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं. दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया. राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन गोदाम में रखा लाखों रुपये का समान आग की भेंट चढ़ गया. कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि शुक्रवार रात आग लगने की सूचना मिली थी, पुलिस और दमकल टीम ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का कार्य किया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि गोदाम की बिजली सप्लाई पहले से बंद थी और परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे थे; ऐसे में आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, नुकसान का आकलन भी कराया जा रहा है. वहीं, चड्ढा सीड फार्म के मालिक सुधीर चड्ढा ने बताया कि गोदाम में आग लगने की सूचना उन्हें अकाउंट विभाग में कार्यरत कर्मचारी ने दी. सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में आग बुझाने के लिए पहुंच गए. उन्होंने बताया कि गोदाम में लीची और सब्जियों के कोल्ड स्टोरेज के साथ हाल ही में लाई गई करीब 15 से 20 लाख रुपये कीमत की खाद भी रखी हुई थी, जो आग में काफी हद तक नष्ट हो गई है. घटनास्थल पर एसओ मुखानी सुशील कुमार जोशी, राजस्व विभाग की टीम और पुलिस बल भी देर रात तक मौजूद रहा. फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की हर पहलू से जांच कर रही है. Byte.- सुधीर चड्ढा, मालिक, चड्ढा सीड फार्म।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी 2022 लेवल-2 भर्ती नहीं शुरू, आंदोलन की चेतावनी

Jaipur, Rajasthan:जयपुर राजस्थान अध्यापक भर्ती-2022 (लेवल-2) के पात्र अभ्यर्थी हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं मिलने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है. शिक्षा विभाग पर आदेशों की पालना न करने के आरोप हैं, जिसके चलते हजारों अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं. अब इंतजार से परेशान अभ्यार्थी नियुक्ति नहीं तो आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. राजस्थान अध्यापक भर्ती-2022 लेवल-2 एक बार फिर सुर्खियों में है. हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली. 11 मई को हाईकोर्ट ने सभी पात्र अभ्यार्थियों को दो महीने के भीतर नियुक्ति देने के निर्देश दिए थे, लेकिन कई महीनों के बाद भी शिक्षा विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की. इससे हजारों अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है और अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. उत्तर कुंजी पर आपत्तियों के बाद हाईकोर्ट पहुंचा मामला. विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट पर 18 प्रश्नों के उत्तर बदले गए. संशोधित परिणाम दो चरणों में जारी किए गए. कई अभ्यर्थियों के अंक बढ़े, कई के घटे. अधिक अंक पाने वाले कई अभ्यर्थी अब भी नियुक्ति से वंचित. राजस्थान हाईकोर्ट ने 11 मई 2026 को दिया अहम फैसला. दो महीने में नियुक्ति देने के निर्देश. बोर्ड ने कोर्ट में 1647 पद रिक्त होने की जानकारी. राजस्थान अध्यापक भर्ती-2022 लेवल-2 की परीक्षा के बाद उत्तर कुंजी को लेकर बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आई थीं. मामला राजस्थान हाईकोर्ट पहुंचा, जहां विशेषज्ञ समिति गठित कर उत्तरों की समीक्षा कराई गई. समिति की रिपोर्ट के आधार पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने 18 प्रश्नों के उत्तर संशोधित किए और दो चरणों में संशोधित परिणाम जारी किए. इसके बाद कई अभ्यर्थियों के अंक बढ़ गए और वे अपनी श्रेणी के पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों से अधिक अंक प्राप्त करने लगे. संशोधित परिणाम के बावजूद अधिक अंक प्राप्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिलने पर उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने समानता के अधिकार और पूर्व के न्यायिक निर्णयों का हवाला दिया. 11 मई 2026 को हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश देते हुए कहा कि जिन अभ्यर्थियों के संशोधित परिणाम के अनुसार अंक अंतिम चयनित अभ्यर्थी से अधिक हैं तथा जो पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें दो माह के भीतर नियुक्ति दी जाए. Notional Benefits, Pay Fixation और Seniority सहित सभी वैधानिक लाभ देने के निर्देश दिए गए. अदालत के आदेश के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में 1647 पद रिक्त हैं. हाईकोर्ट ने पूर्व के न्यायिक सिद्धांतों के अनुरूप रिक्त पदों का निर्धारण करने और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के निर्देश दिए. इसके बावजूद समय सीमा समाप्त होने के कई महीने बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी.
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डीडवाना मकराना में कान्वेंट स्कूल के अबोध छात्रा दुष्कर्म मामला गरम, धारा 163 लागू

बड़ी खबर डीडवाना के मकराना से है जहां कान्वेंट स्कूल में अबोध छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। दो दिन तक प्रशासन के आश्वासन के बाद शांत रहने के बाद आज एक बार फिर से कान्वेंट स्कूल के बाहर धरना शुरू हो चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक तरफ जहां पुलिस की तरफ से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस की तरफ से एहतियातन मौके पर 11 थानों का पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है वहीं RAC और पुलिस लाइन से भी जाब्ता मौके पर तैनात किया गया है। वहीं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपखण्ड मजिस्ट्रेट ने भी निषेधाज्ञा लागू कर दी है। BNSS की धारा 163 लागू की है जिसके तहत मकराना उपखण्ड क्षेत्र में 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के इकठ्ठा होने पर पाबंदी लगाई गई है। वहीं विधायक जाकिर हुसैन गेसावत के आह्वान पर सर्व समाज के लोग मौके पर पहुंच रहे हैं और भीड़ धीरे धीरे बढ़ती जा रही है।
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