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Eshan KhanEshan KhanFollow11 Jan 2025, 12:37 pm

झांसीः चिरंजीव हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप

Jhansi, Uttar Pradesh:

नवाबाद थाना क्षेत्र के शिवाजी नगर स्थित चिरंजीव हॉस्पिटल में एक दुखद घटना घटी। एक महिला की डिलीवरी के दौरान ऑपरेशन में मौत हो गई, लेकिन नवजात बच्चे की जान बच गई। महिला के पति ने आरोप लगाया कि जिस डॉक्टर ने इलाज किया। वह हड्डी का डॉक्टर है और गलत ऑपरेशन के कारण उसकी पत्नी की मौत हुई है। महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया, जिसे देखकर थाना पुलिस और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच की जा रही है।

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बगहा में सिंचाई विवाद से किसान की हत्या, पुलिस ने दो गिरफ्तार

IAImran AjijJust now
Bagaha, Bihar:पश्चिम चंपारण जिला के बगहा के जूड़ा पकड़ी गांव में मंगलवार को धान के खेत की सिंचाई को लेकर हुआ झगड़ा जानलेवा साबित हुआ। पटवन विवाद में पहले मारपीट फिर फरसा से हमला किया गया लिहाजा खून से लहूलुहान शख्स की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान किसान मैनेजर मांझी के तौर पर हुई है। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में दो लोगों को फ़ौरन गिरफ्तार किया है जबकि अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है। दरअसल खेती-बाड़ी के दौरान रामनगर के जूड़ा में चल रहे पटवन कार्य में विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया लिहाजा पहले तू तू मैं मैं फिर मारपीट और दूसरी बार फरसा से काटकर हत्या हो गई। हमले में मैनेजर गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बता दें कि मैनेजर परशुराम मांझी के भतीजे थे। इस तरह सिंचाई का पानी रोकने को लेकर शुरू हुई बहस पहले परशुराम पर कथित हमले में बदली और बाद में उनके भतीजे पर जानलेवा हमले के साथ खत्म हुई। रामनगर SDPO सत्येंद्र राम ने कहा है कि मुख्य आरोपी भगेलू चौधरी और उनके बेटे पिंटू चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी की जा रही है। रामनगर पुलिस ने सरेआम हुई इस हत्या की घटना की जांच शुरू कर दी है और बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। बाइट - सत्येंद्र राम, SDPO रामनगर
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जगाधरी के बैंक सामने किसान यूनियन ने एनओसी के लिए धरना दिया

Yamuna Nagar, Haryana:जगाधरी के सेक्टर-17 स्थित चोला मंडलम बैंक के सामने भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ने किसान की कथित बैंकिंग समस्या को लेकर धरना शुरू कर दिया है। गांव गग्नहेड़ी निवासी किसान जरनैल सिंह का आरोप है कि करीब 20 लाख रुपये का होम लोन लेने के बाद वह लगातार 17 महीने तक 30 हजार रुपये की किस्त जमा करवाता रहा। इसके बाद बैंक द्वारा बताई गई अतिरिक्त राशि जमा करवाने के बावजूद अब एनओसी देने से इनकार किया जा रहा है। किसान ने बैंक से न्याय की मांग की है। गांव गग्नहेड़ी निवासी किसान जरनैल सिंह के मुताबिक, उसने जनवरी 2025 में चोला मंडलम बैंक से करीब 20 लाख रुपये का होम लोन लिया था। किसान का कहना है कि उसने लगातार 17 महीने तक करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह की किस्त बैंक में जमा करवाई। किसान के अनुसार, इसके बाद बैंक कर्मचारियों ने लोन अकाउंट बंद करने के लिए करीब 14 लाख रुपये और जमा करवाने की बात कही। किसान ने जून 2026 में बैंक में 14 लाख रुपये जमा करवा दिए। इसके अलावा करीब 2 लाख रुपये इंश्योरेंस की किस्त के रूप में भी बैंक द्वारा लिए जाने की बात किसान ने कही। किसान का आरोप है कि बैंक कर्मचारियों ने 14 लाख रुपये जमा होने के बाद 15 दिन में एनओसी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन करीब तीन महीने बीत जाने के बाद भी एनओसी नहीं दी गई। अब किसान से कथित तौर पर 6 लाख रुपये और जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है। इसी को लेकर किसान संगठन ने बैंक के सामने धरना शुरू कर दिया। मौके पर जिला प्रधान संजू गुंदियाना, अंबाला जिला प्रधान मलकीत सिंह, डायरेक्टर मंदीप रोड छप्पर, सुखविंदर, बलजिंदर, पप्पल गुंदियाना और रविंद्र खुब्बड़ सहित किसान संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। बाइट — संजू गुदियाना, जिलाध्यक्ष BKU “ बैंक के कहने पर 14 लाख रुपये जमा करवा दिए और एनओसी देने की बात कही गई थी। अब करीब तीन महीने बाद छह लाख रुपये और मांगे जा रहे हैं। हमारी मांग है कि बैंक पूरे मामले की जांच करे और हमें एनओसी दी जाए।”
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आया नगर में जिम ट्रेनर हत्या: मेहरौली रोड पर चक्का जाम

आया नगर में 15 से 20 राउंड फायरिंग के बाद युवक की हत्या. पीड़ित परिवार ने गुड़गांव महरौली रोड पर बैठकर धरना प्रदर्शन दिया और दिल्ली पुलिस के 'हाय हाय' के नारे लगाए. लोकेशन: आया नगर, गुड़गांव, मेहरौली रोड. मौके पर महिलाओं की भीड़ जमा थी. घटना को लेकर सामने आया कि जिम ट्रेनर की 15 से 20 राउंड गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला. आज सुबह गुड़गांव में मेहरौली रोड पर जाम लग गया, भारी संख्या में महिलाएं और लोग मौजूद थे और दिल्ली पुलिस के नारे भी लगाए गए. इलाके में डर और सनसनी का माहौल है. तस्वीरों में मेहरौली-गुड़गांव रोड पर रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही दिखी, जिससे लोगों को दिक्कतें आईं. पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है; उन्होंने घरों से निकलकर गुड़गांव महरौली रोड पर चक्का जाम कर दिया.
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राजनांदगांव में जर्जर भवनों का सर्वे शुरू, बड़ी हादसे की चेतावनी

Rajnandgaon, Chhattisgarh:राजनांदगांव शहर में कई ऐसे जर्जर भवन और इमारतें मौजूद हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इन भवनों की हालत इतनी खराब है कि इनके भरभराकर गिरने का खतरा बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के पास फिलहाल ऐसे जर्जर भवनों की कोई स्पष्ट जानकारी ही नहीं है। हालांकि अब निगम ने इन भवनों का सर्वे कराने की बात कही है। राजनांदगांव शहर लगातार फैल रहा है, आबादी बढ़ रही है और शहर में नई-नई इमारतें खड़ी हो रही हैं। लेकिन इसी शहर में कई ऐसी पुरानी और जर्जर इमारतें भी हैं, जो लंबे समय से बदहाल हालत में खड़ी हैं। इन भवनों की दीवारों में दरारें हैं, कहीं छत कमजोर हो चुकी है तो कहीं भवन का ढांचा ही खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका है। बारिश और खराब मौसम के दौरान ऐसे भवनों से खतरा और बढ़ जाता है। अगर समय रहते इनकी पहचान कर कार्रवाई नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि शहर में मौजूद इन जर्जर भवनों की जानकारी नगर निगम के पास कितनी है? निगम अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल ऐसे भवनों की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। अब नगर निगम ने शहर में जर्जर भवनों का सर्वे कराने की तैयारी शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त के मुताबिक सर्वे के दौरान यह जानकारी जुटाई जाएगी कि शहर में कितने शासकीय और कितने निजी भवन जर्जर हालत में हैं। भवनों की स्थिति का आकलन करने के बाद बेहद खतरनाक भवनों को चिन्हित किया जाएगा। इसके बाद संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर भवन को स्वयं गिराने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि भवन मालिक निगम के निर्देशों के बावजूद जर्जर भवन को नहीं गिराते हैं, तो नगर निगम नियमानुसार अपने स्तर पर उसे गिराने की कार्रवाई करेगा। फिलहाल शहरवासियों को इस सर्वे का इंतजार है, क्योंकि जर्जर भवन सिर्फ एक संपत्ति नहीं, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं। अब देखना होगा कि नगर निगम का यह सर्वे कितनी जल्दी पूरा होता है और सर्वे के बाद कितने खतरनाक भवन सामने आते हैं। साथ ही, ऐसे भवनों के खिलाफ कार्रवाई कब शुरू होती है। बाइट।
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अलवर नगर निगम: निर्दलीय किंगमेकर की भूमिका से तय होगा बहुमत, भाजपा आगे

Alwar, Rajasthan:अलवर में बहुमत से दूर भाजपा-कांग्रेस, निर्दलीय बने किंगमेकर; भाजपा बोर्ड बनाने की दौड़ में आगे अलवर। नगर निगम चुनाव के नतीजों ने अलवर में बोर्ड गठन का गणित बेहद दिलचस्प बना दिया है। 65 वार्डों वाले नगर निगम में भाजपा ने 28, कांग्रेस ने 23, बसपा ने एक और निर्दलीय प्रत्याशियों ने 13 वार्डों में जीत दर्ज की है। बोर्ड बनाने के लिए 33 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में भाजपा बहुमत के आंकड़े से महज 5 कदम दूर है, जबकि कांग्रेस को बहुमत के लिए 10 पार्ष्षदों के समर्थन की जरूरत है। स्पष्ट बहुमत किसी भी दल को नहीं मिलने से अब सत्ता की चाबी 13 निर्दलीय पार्षदों के हाथ में आ गई है। निर्दलीय पार्षदों की बढ़ी राजनीतिक अहमियत के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने-अपने पक्ष में समर्थन जुटाने में जुटे हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा करीब 7 से 8 निर्दलीय पार्षदों को अपने खेमे में लाने में कामयाब हो चुकी है। कांग्रेस भी निर्दलीय पार्षदों से संपर्क साधकर अपना गठजोड़ मजबूत करने की कोशिश में है। हालांकि मौजूदा समीकरणों को देखते हुए अलवर नगर निगम में भाजपा का बोर्ड बनने की संभावना फिलहाल ज्यादा मजबूत नजर आ रही है। यदि वर्ष 2019 के निकाय चुनाव परिणामों से तुलना करें तो भाजपा को इस बार महज एक वार्ड का फायदा हुआ है। 2019 में भाजपा ने 27 वार्ड जीते थे, जबकि इस बार उसके खाते में 28 वार्ड आए हैं। वहीं कांग्रेस ने पिछले चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। 2019 में कांग्रेस ने 19 वार्डों में जीत दर्ज करने वाली कांग्रेस इस बार 23 वार्डों तक पहुंची है, यानी पार्टी को चार वार्डों का फायदा हुआ है। बसपा ने इस बार एक वार्ड में जीत दर्ज की है, जबकि निर्दलीय और अन्य दलों का प्रदर्शन पिछले चुनाव की तुलना में कमजोर रहा है। 2019 में निर्दलीय व अन्य के खाते में 19 वार्ड थे, जो इस बार घटकर 14 रह गए हैं। हालांकि निर्दलीयों की संख्या कम हुई है, लेकिन इस बार उनकी भूमिका कहीं ज्यादा निर्णायक हो गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही बहुमत के जादुई आंकड़े से दूर हैं और ऐसे में 13 निर्दलीय पार्षद ही बोर्ड गठन की दिशा तय करेंगे। जिस दल को पर्याप्त निर्दलीयों का समर्थन हासिल होगा, महापौर पद भी उसी के खाते में जाने की संभावना होगी और नगर निगम बोर्ड पर भी उसी दल का कब्जा होगा。 मेयर पद के नामांकन की अंतिम तारीख 16 सितंबर है, जबकि 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद 21 सितंबर को मतदान होगा। भाजपा इस बार अपने पक्ष में पर्याप्त संख्याबल जुटाने के साथ-साथ संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंका को भी खत्म करना चाहती है। यही वजह है कि पार्टी अतिरिक्त निर्दलीय पार्षदों को भी अपने पक्ष में लाने की रणनीति पर काम कर रही है。 दरअसल, वर्ष 2019 का अनुभव भाजपा के लिए अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। उस चुनाव में भाजपा के पास कांग्रेस से ज्यादा पार्षद होने के बावजूद पार्टी बोर्ड बनाने में सफल नहीं हो सकी تھی। भाजपा के ही कुछ पार्षदों की क्रॉस वोटिंग के चलते कांग्रेस बोर्ड बनाने में कामयाब रही थी। ऐसे में इस बार भाजपा के सामने सिर्फ निर्दलीयों को साधने की चुनौती नहीं है, बल्कि अपने पार्षदों को भी एकजुट रखने की बड़ी जिम्मेदारी है。 अलवर में फिलहाल निर्दलीय पार्षद किंगमेकर की भूमिका में हैं। भाजपा बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंच चुकी है और यदि पार्टी अपने पार्षदों को एकजुट रखते हुए जरूरी निर्दलीयों का समर्थन पुख्ता कर लेती है, तो नगर निगम की सत्ता उसके हाथ में आ सकती है। दूसरी ओर कांग्रेस के लिए चुनौती बड़ी है, लेकिन बोर्ड गठन की दौड़ अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऐसे में 21 सितंबर तक अलवर की सियासत में जोड़-तोड़, संपर्क और समर्थन का दौर जारी रहने की पूरी संभावना है।
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थाने के बाहर प्रदर्शन: पुलिस कार्रवाई नहीं करने पर किन्नर परिवार ने चेतावनी दी

Baran, Rajasthan:बारां जिले के अंता में एक किन्नर द्वारा मारपीट के साथ नकदी सहित आभूषण छीनने का आरोप लगाते हुए पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करने पर परिवार के साथ थाने में प्रदर्शन किया गया साथ ही चेतावनी दी गई कि कोई कार्यवाही नहीं होने पर फिर से उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। टंकी पाड़ा निवासी मनीष किन्नर का कहना है कि उसके साथ श्री रामनगर में रहने वाले किन्नरों द्वारा घसीटते हुए बेरहमी से मारपीट की गई साथ ही 10 हजार रुपये नकदी सहित नाक की लोंग, कानों के टॉप्स, चांदी की पायल छीन ली गई। जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने के बाउजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई। पीड़ित किन्नर ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई तो वह वापस थाने के सामने धरना प्रदर्शन करेगी।
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जमुई के सोनो क्षेत्र बाबूडीह में मूर्ति विसर्जन के दौरान दो भाइयों की डूबकर मौत

Jamui, Bihar:जमुई जिले के सोनो थाना क्षेत्र के बाबूडीह स्थित टीकलाई आहार में मूर्ति विसर्जन के दौरान डूबने से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान बाबूडीह निवासी शंकर चौधरी के 11 वर्षीय पुत्र अमरजीत चौधरी और छह वर्षीय पुत्र रुद्र प्रताप के रूप में हुई है। अमरजीत पांचवीं कक्षा में, जबकि रुद्र प्रताप एलकेजी में पढ़ाई करता था।बताया जाता है कि मूर्ति विसर्जन के दौरान दोनों भाई टीकलाई आहार के समीप मौजूद थे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।दरअसल, शंकर चौधरी खैरा थाना में गृह रक्षा वाहिनी के जवान के रूप में कार्यरत हैं। परिवार में दो बेटियां और तीन बेटे हैं। अमरजीत और रुद्र प्रताप बड़े और मंझले बेटे थे, जबकि तीसरा बेटा अभी छोटा है। एक साथ दो बेटों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।मृतक के पिता शंकर चौधरी ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान दोनों बेटे नहर में डूब गए। दोनों की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बाइट : अमरजीत चौधरी, मृतक के पिता सह गृह रक्षा वाहिनी जवान
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पीएम मोदी के जन्मदिवस पर सेवा संकल्प अभियान शुरू: 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक

Khajuria Khurd, Bihar:पूर्व मंत्री संतोष सिंह ने 17 सितंबर से एक महीने तक चलने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' की घोषणा की। बिहार सरकार के पूर्व श्रम संसाधन मंत्री और वर्तमान विधान परिषद सदस्य (MLC) संतोष कुमार सिंह ने कैमूर जिले के सर्किट हाउस भभुआ में 17 सितंबर से शुरू होने वाले एक महीने लंबे विशेष कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सफल प्रशासनिक सफर और जनसेवा को समर्पित। कार्यकाल के उपलक्ष्य में 'सेवा संकल्प अभियान' का आयोजन किया जा रहा है। पत्रकारों और स्थानीय जनसमूह से संवाद करते हुए एमएलसी संतोष सिंह ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर (प्रधानमंत्री के जन्मदिवस) से शुरू होकर 17 अक्टूबर तक चलेगा। इस एक माह के दौरान विभिन्न सामाजिक, जनकल्याणकारी और सेवा कार्यों का संचालन किया जाएगा। एमएलसी संतोष सिंह ने अभियान के मुख्य ध्येय वाक्य "जिन्होंने जीवन संवारा, उनको आशीर्वाद हमारा" का उल्लेख करते हुए आम जनता से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सभी नागरिकों और श्रोताओं से भावुक अपील कीया कि वे 17 सितंबर की शाम 7:00 बजे अपने-अपने घरों के मुख्य द्वार पर 'आशीर्वाद का दिया' अवश्य जलाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बतौर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री देश की निष्काम सेवा की है। ऐसे में यह दीप जलाना देशवासियों की ओर से उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य के लिए एक सामूहिक आशीर्वाद और सम्मान का प्रतीक होगा। इस अवसर पर पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं स्थानीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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पटना में दरोगा भर्ती-बीपीएससी 70वीं परीक्षा के कथित कदाचार पर छात्रों का प्रदर्शन

Patna, Bihar:पटना ब्रेकिंग- पटना में आज दरोगा भर्ती और BPSC 70वीं परीक्षा को लेकर छात्रों का प्रदर्शन पटना के गांधी मैदान गेट नंबर-10 के पास से छात्रों ने प्रदर्शन की शुरूआत की छात्र दरोगा भर्ती परीक्षा और BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में कथित कदाचार और अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन छात्रों की मांग है कि परीक्षा में सामने आए कथित कदाचार की आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए जांच में अनियमितता प्रमाणित होने पर संबंधित परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने की मांग छात्रों ने पुनः परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की मांग परीक्षा व्यवस्था को और अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की भी मांग छात्रों के मुताबिक, मामले की जांच को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की जांच टीम गठित किए जाने की बात सामने आई है
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झुंझुनूं में पंचायत चुनाव: आरक्षण लॉटरी 17 और 19 सितम्बर तय

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं न्यूज़: निकाय चुनावों के बाद अब पंचायत चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। आरक्षण संबंधी लॉटरी 17 और 19 सितंबर को निकाली जाएगी। प्रधानों, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्यों की लॉटरी 17 सितंबर को सूचना केंद्र सभागार में सुबह 11 बजे निकाली जाएगी। इसी तरह 19 सितंबर को सरपंचों और वार्ड पंचों की लॉटरी निकाली जाएगी। उपखंड मुख्यालयों पर सरपंचों और वार्ड पंचों की लॉटरी आयोजित होगी। चेयरमैन के चुनावों की नाम वापसी की अंतिम तिथि से टकराव के कारण पहले तय योजना में बदलाव किया गया है; अब लॉटरी 19 सितंबर को होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. अरूण गर्ग ने जानकारी दी है। पंचाय़त चुनावों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होते ही संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। पंचाय़त चुनावों में पदों के आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही चुनावी तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
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नासिरदा में नशे के कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग

Tonk, Rajasthan:टोंक नासिरदा में नशे के खिलाफ ग्रामीण लामबंद, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन नासिरदा क्षेत्र में बढ़ते नशे के कथित कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों ने स्मैक और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने तथा कथित नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि नासिरदा क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से नशे का कारोबार बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका आरोप है कि नशे की चपेट में क्षेत्र के युवा भी आ रहे हैं, जिससे युवाओं के भविष्य को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। ग्रामीणों ने दावा किया कि नशे के बढ़ते प्रभाव के कारण क्षेत्र में चोरी की घटनाओं और घरेलू विवादों में भी बढ़ोतरी हो रही है। ग्रामीणों ने 12 सितंबर को सिंडोला बालाजी धाम पर बैठक आयोजित कर नासिरदा क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के लिए सामूहिक अभियान चलाने का निर्णय लिया था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कुछ लोगों पर नशे के कारोबार से जुड़े होने के आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही नशे के नेटवर्क पर विशेष निगरानी रखने और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने नासिरदा थाने के दो पुलिसकर्मियों को हटाने की मांग भी ज्ञापन में रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए प्रशासन और पुलिस को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। ग्रामीणों ने नासिरदा को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है。
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