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Eshan KhanEshan KhanFollow30 Apr 2025, 08:30 am

Jhansi - आकाशवाणी झांसी में राजभाषा हिंदी के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से हिंदी कार्यशाला का आयोजन

Jhansi, Uttar Pradesh:

आकाशवाणी झांसी में राजभाषा हिंदी के कार्यों को गति देने के उद्देश्य से समय-समय पर हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया जाता है. इसी क्रम में केंद्र की कार्यक्रम प्रमुख एवं प्रभारी हिंदी अधिकारी श्रीमती अंजली कुमारी की अध्यक्षता में हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस अवसर पर कार्यशाला में व्याख्यान हेतु पधारे श्री मुन्ना तिवारी, विभागाध्यक्ष (हिंदी) , बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी द्वारा राजभाषा प्रयोग में निर्धारित लक्षयो की पूर्ति सुनिश्चित करने का संदेश प्रतिभागियों को दिया गया तथा उन्हें सरल हिंदी का प्रयोग करने का सुझाव दिया गया. प्रभारी हिंदी अधिकारी श्रीमती अंजलि कुमारी द्वारा राजभाषा नीति के अनुरूप विभागीय कार्यों में अधिकाधिक हिंदी के उपयोग के लिए हर संभव प्रयास किए जाने पर जोर दिया गया. कार्यशाला का संचालन उद्घोषिका शिवानी वर्मा ने किया।

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सवारी को लेकर रोडवेज बस चालकों में भिड़ंत, बीच सड़क पर मारपीट से लगा जाम

AKArif khanFollow4m ago
Khatauli, Uttar Pradesh:खतौली। नगर के पिकेट स्कूल के सामने सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सवारी बैठाने को लेकर दो रोडवेज बसों के चालकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों चालक बसों को बीच सड़क पर खड़ा कर आपस में मारपीट करने लगे। दोनों बसों के सड़क पर खड़े होने से यातायात बाधित हो गया और लंबा जाम लग गया। बसों में बैठे यात्री भीषण गर्मी में परेशान होते रहे और काफी देर तक अपने गंतव्य की ओर नहीं जा सके। राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक मोटरसाइकिल सवार को भी दोनों बसों के बीच से बड़ी मुश्किल से निकलना पड़ा। सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो भी आसपास मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने परिवहन विभाग से मामले की जांच कर संबंधित चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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नोएडा थाना फेज 1 पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।

PBParveen BehlFollow5m ago
Noida, Uttar Pradesh:नोएडा के थाना फेज-1 पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है।जिनके कब्जे से 62 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पश्चिम बंगाल से ट्रेन के जरिए गांजा लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करते थे। इस मामले में थाना फेज-1 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज लिया गया है। फिलहाल पुलिस तस्करी से जुड़े अन्य नेटवर्क और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
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टोंक DST टीम की बड़ी कार्रवाई: 28 लाख अवैध मादक पदार्थ जप्त, दो गिरफ्तार

Tonk, Rajasthan:टोंक टोंक DST टीम की बड़ी कार्रवाई 28 लाख की कीमत का अवैध मादक पदार्थ जप्त ... अवैध मादक पदार्थों पर 2 थाना क्षेत्रों में 2 बड़ी कार्यवाही मेहंदवास थाना क्षेत्र के अरनिया नील गांव में 17 लाख की कीमत की 81.38 ग्राम स्मैक , एक मोटरसाइकिल ओर 1 लाख 70 हजार 650 रूपये की नगदी के साथ आरोपी श्याम सुंदर सासी गिरफ्तार ओर घाड थाना क्षेत्र के जूनिया गांव में 11 लाख 37 हजार की कीमत का 22 किलो 750 ग्राम गांजा किया जप्त आरोपी प्रेम चंद मीणा को किया गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में DST प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कार्यवाही
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चोपन-एसओजी की बड़ी गिरफ्तारी: सोनभद्र में क्विंटल गांजे के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार

Obra, Uttar Pradesh:सोनभद्र पुलिस को नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कामयाबी मिली है। चोपन थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक क्विंटल बयालीस किलो एक सौ ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी जा रही है। कार्रवाई के दौरान दो कार, मोबाइल फोन, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गई है। जबकि एक आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र के निर्देशन में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चोपन पुलिस और एसओजी टीम को यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस को सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में अवैध गांजा लेकर कुछ तस्कर बिहार की ओर से मिर्जापुर की तरफ जाने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने बीतापुर क्षेत्र में घेराबंदी कर सघन वाहन चेकिंग शुरू कर दी। चेकिंग के दौरान एक ब्रेजा कार और एक स्विफ्ट कार संदिग्ध हालत में आती दिखाई दी। पुलिस ने दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो चालक वाहन मोड़कर भागने लगे। इसके बाद पुलिस टीम ने पीछा कर सलखन क्षेत्र में दोनों वाहनों को रोक लिया और तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान दोनों कारों से प्लास्टिक की बोरियों में रखा गया कुल एक क्विंटल बयालीस किलो एक सौ ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। इसके साथ ही दो कार, दो मोबाइल फोन, नकदी और एक फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक अन्य तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। वहीं फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। सोनभद्र पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के नेटवर्क के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
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फर्रुखाबाद में नगर मजिस्ट्रेट के छापे: नक्शे-असलियत गैप से अस्पताल-नर्सिंग होम खुलासे

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद में नगर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में अस्पतालों और कमर्शियल इमारतों में छापेमारी, नक्शे और उपयोग में बड़े गैप, बेसमेंट/सड़क/रेस्टोरेंट में हॉस्पिटल सुविधाएँ, राजस्व की हानि और सुरक्षा खतरा। फर्रुखाबाद में बड़ी चौंकाने वाली कार्रवाई — नगर मजिस्ट्रेट दल-बल के साथ अस्पतालों और कमर्शियल इमारतों में छापे मारने पहुंचे। नक्शे और असलियत के बीच बड़ा अंतर, बेसमेंट में सीटी-स्कैन, सड़क किनारे नर्सिंग होम — और राज्य के खजाने को करोड़ों का चूना। फर्रुखाबाद नगर मजिस्ट्रेट ने अचानक छापेमारी कर कई अनियमितताएं पकड़ी हैं। यहाँ कई ऐसी इमारतें मिलीं जो नक्शे पर कमर्शिकल हैं, पर असल में हॉस्पिटल, पाथोलॉजी और नर्सिंग होम चल रही थीं। नगर मजिस्ट्रेट ने चेतावनी दी है — अब जिले भर की गलत इमारतों की जाँच शुरू होगी। “किसी भी इमारत को गलत तरीके से इस्तेमाल करने की सहमति नहीं दी जाएगी। नक्शे और असलियत में जो भी अंतर है, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।” छापेमारी में मिले अवैध तत्व — बेसमेंट में रखी सीटी-स्कैन मशीन, पैथोलॉजी लैब बिना लाइसेंस के, और कई जगह क्लीनिक सड़क की ओर खुले। प्रशासन ने माना कि कई इमारतें बिलकुल वैधानिक मानकों पर नहीं थीं और राजस्व में करोड़ों का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने स्वीकार किया कि अगर लखनऊ की आग जैसी घटना न हुई होती तो ये अनियमितताएं अनदेखी रह सकती थीं। “यह बहुत खतरनाक था — मरीजों की सुरक्षा खतरे में थी। इन्हें किसने अनुमति दी? हमारी जान की क्या कीमत है?” प्रशासन ने कहा है कि जांच में जो भी नियम उल्लंघन पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी — जुर्माना, लाइसेंस रद्द, और आवश्यक मामलों में सामुदायिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी बंद।
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यूपी भाजपा की नई टीम में उपेंद्र सिंह रावत बने प्रदेश महामंत्री,प्रियंका सिंह रावत प्रदेश उपाध्यक्ष

NNitinFollow11m ago
Barabanki, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए अपनी नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के नेतृत्व में गठित नई टीम में 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री और 19 प्रदेश मंत्रियों की नियुक्ति की गई है। नई कार्यकारिणी में क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन साधने के साथ-साथ अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। नई प्रदेश टीम में बाराबंकी को भी विशेष प्रतिनिधित्व मिला है। पूर्व सांसद उपेंद्र सिंह रावत को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है, जबकि पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नेताओं को संगठन में मिली अहम जिम्मेदारी से जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है। उपेंद्र सिंह रावत का राजनीतिक सफर लगातार सफलता से भरा रहा है। वर्ष 2017 में वे भाजपा के टिकट पर बाराबंकी की जैदपुर विधानसभा सीट से विधायक निर्वाचित हुए थे। इसके बाद वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व ने तत्कालीन सांसद प्रियंका सिंह रावत का टिकट काटकर उपेंद्र सिंह रावत को बाराबंकी (सुरक्षित) लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने पार्टी के भरोसे पर खरा उतरते हुए 5,35,917 मत प्राप्त कर समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी गठबंधन के प्रत्याशी राम सागर रावत को करारी शिकस्त दी थी। गौरतलब है कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार प्रियंका सिंह रावत ने 4,54,214 मत हासिल कर जीत दर्ज की थी। वहीं 2019 में उपेंद्र सिंह रावत ने इससे भी अधिक मत प्राप्त कर पार्टी की जीत का अंतर बढ़ाया था। सांसद रहते हुए उन्होंने अपने संसदीय कार्यालय के माध्यम से जन समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी। प्रदेश महामंत्री बनाए जाने पर उपेंद्र सिंह रावत ने भाजपा नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ही एक ऐसी पार्टी है, जहां सामान्य परिवार से आने वाले व्यक्ति को भी उसकी मेहनत और कार्यक्षमता के आधार पर सम्मान और अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन किया है। उपेंद्र सिंह रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनकल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए वह पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के विकास कार्यों और सुशासन पर भरोसा करती है तथा आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बंपर बहुमत के साथ बनेगी।
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प्रतापगढ़ के मोहर्रम जुलूस में तलवारबाज़ी और आग के करतब, वीडियो वायरल

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ शहर में 7 मोहर्रम पर निकला अलम का जुलूस इस बार सिर्फ अकीदत और एहतराम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक ऐसा नजारा भी देखने को मिला जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। बड़ीदरवाजा से निकले जुलूस के दौरान जब बुरखा पहने कलाकार हाथों में चमचमाती तलवारें लेकर मैदान में उतरे तो कुछ पल के लिए लोगों की निगाहें वहीं ठहर गईं। बुरखे में तलवारबाजी, लाठी संचालन और हैरतअंगेज दांव-पेंच का प्रदर्शन देखते ही देखते आकर्षण का केंद्र बन गया। अब इन करतबों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। जुलूस में शामिल रतलाम के लश्कर-ए-72 अखाड़ा दल ने अपनी विशेष प्रस्तुतियों से माहौल को रोमांच से भर दिया। काले बुरखे में कलाकारों ने जिस फुर्ती और संतुलन के साथ तलवारें घुमाईं, उसे देखकर भीड़ ने तालियों और नारों से उनका उत्साहवर्धन किया। कई लोग अपने मोबाइल कैमरों में इन पलों को कैद करते नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में बुरखे में तलवारबाजी का प्रदर्शन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है. इसके अलावा अखाड़े के कलाकारों ने ट्यूबलाइट पर छलांग लगाने, आग के बीच से मोटरसाइकिल निकालने और अन्य साहसिक करतबों का प्रदर्शन कर लोगों को रोमांचित कर दिया। देर रात तक मार्गों पर लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और हर प्रस्तुति पर दर्शकों ने जमकर सराहना की। जुलूस बड़ीदरवाजा क्षेत्र से शुरू होकर भाटपुरा होते हुए बावड़ी मोहल्ला पहुंचा। इस दौरान अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला को खिराज-ए-अकीदत पेश की। समाजजनों ने रतलाम से पहुंचे अखाड़ा दल का साफा बांधकर स्वागत भी किया। गौरतलब है कि शहर में 10 दिवसीय मोहर्रम पर्व के तहत विभिन्न क्षेत्रों से अलम के जुलूस निकाले जा रहे हैं। मोहर्रम की 9वीं और 10वीं तारीख को ताजियों के जुलूस शहर के अलग-अलग इलाकों से निकलकर मुख्य मार्गों से होते हुए कर्बला (गांधी चौराहा) पहुंचेंगे, जहां पारंपरिक रस्मों के साथ उनका समापन होगा। मोहर्रम कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला पर्व है। हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी, सब्र और इंसाफ के संदेश को याद करते हुए प्रतापगढ़ में यह पर्व श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के माहौल में मनाया जा रहा है।
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लखनऊ हादसे के बाद बीकानेर में कोचिंग केंद्रों में सुरक्षा मानकों की कड़ी जाँच

Bikaner, Rajasthan:लखनऊ में हुए कोचिंग हादसे के बाद अब बीकानेर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहरभर में कोचिंग संस्थाओं के निरीक्षण का अभियान शुरू कर दिया है इस दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं और फायर सेफ्टी मानकों की गहन जांच की जा रही है नगर निगम आयुक्त सिद्धार्थ पलानीचामी के निर्देश पर गठित टीमों ने बुधवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया इसी क्रम में जवाहर नगर क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर की जांच के दौरान फायर सेफ्टी सिस्टम और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं निरीक्षण के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित कोचिंग संस्थान को नोटिस जारी किया गया है नगर निगम अधिकारियों ने संस्थान संचालकों को एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर करने के निर्देश दिए हैं अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा में आवश्यक सुधार नहीं किए गए तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी नगर निगम की टीमें शहर के अन्य कोचिंग सेंटरों का भी लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और किसी भी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।
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जयपुर गोविंद देव जी मंदिर में निर्जला एकादशी पर आग सुरक्षा उपकरण सवाल

Jaipur, Rajasthan:एंकर- जयपुर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर में निर्जला एकादशी पर आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक मंदिर परिसर भक्तों से भरा रहा। दिनभर में 2.50 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। लेकिन लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच सुरक्षा इंतजामों की तस्वीर चिंता बढ़ाने वाली सामने आई। जी मीडिया की पड़ताल में मंदिर परिसर में लगे कई फायर एक्सटिंग्विशर की वैधता अवधि खत्म मिली। यानी जिस समय सबसे ज्यादा भीड़ मंदिर में थी, उसी समय आग जैसी आपात स्थिति से निपटने वाले कुछ उपकरण भरोसे के लायक नहीं मिले। निर्जला एकादशी पर सुबह तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की कतारें जलेबी चौक तक पहुंच गई थीं। मंदिर के बाहर और अंदर भारी भीड़ रही। प्रशासन की ओर से एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था जरूर की गई थी, लेकिन मंदिर के अंदर लगे अग्निशमन उपकरणों की स्थिति ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पड़ताल में सामने आया कि मंदिर परिसर में लगे कई अग्निशमन सिलेंडरों पर जांच और वैधता अवधि जनवरी 2026 तक दिखाई गई थी। इसके बाद इनका नवीनीकरण नहीं हुआ। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर भीड़भाड़ के बीच कोई अप्रिय घटना होती है तो क्या ये उपकरण तत्काल काम कर पाएंगे....गोविंददेवजी मंदिर जयपुर ही नहीं, प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। सामान्य दिनों में भी यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बड़े पर्वों पर संख्या लाखों में पहुंच जाती है। ऐसे में फायर सेफ्टी इंतजामों की नियमित जांच और मेंटेनेंस बेहद जरूरी है। सीएफओ देवेन्द्र मीना ने कहा की मंदिर की फायर एनओसी नहीं है। अग्निशमन यंत्र मंदिर प्रबंधन ने अपने स्तर पर लगाए हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की जाती है। अन्य बड़े मंदिरों की तर्ज पर यहां भी मॉकड्रिल होनी चाहिए और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। समय-समय पर मंदिर प्रबंधन को जांच के लिए पत्र लिखना चाहिए। सवाल यही है जब मंदिर में लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं तो क्या सुरक्षा इंतजाम भी उतने ही मजबूत हैं?
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मानसून से पहले SDRF ने राजस्थान के 35 जिलों में 70 रेस्क्यू टीमें रवाना कर दीं

Noida, Uttar Pradesh:मानसून से पहले अलर्ट पर SDRF: राजस्थान के 35 जिलों में रवाना की गईं 70 रेस्क्यू टीमें; कमान्डेंट सिसोदिया ने दिखाई हरी झंडी • आधुनिक उपकरणों से लैस होकर मैदान में उतरे जवान; जयपुर कमिश्नरेट में सबसे ज्यादा 8 और भरतपुर में तैनात रहेंगी 7 टीमें जयपुर 25 जून। आगामी मानसून सत्र के दौरान राजस्थान में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रतिसाद बल ने कमर कस ली है। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और आपदा जोखिम को न्यूनतम करने के लिए आज 25 जून को एसडीआरएफ की सभी कंपनियों से गठित कुल 70 रेस्क्यू टीमों को आपदा राहत उपकरणों के साथ संभावित बाढ़ प्रभावी 35 जिलों के लिए रवाना किया गया है। जयपुर स्थित एसडीआरएफ कंट्रोल रूम से राज्य आपदा प्रतिसाद बल के कमान्डेंट राजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने इन टीमों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जयपुर के अलावा अन्य जिलों में तैनात होने वाली रेस्क्यू टीमों को संबंधित कंपनी मुख्यालयों से कंपनी प्रभारियों द्वारा रवाना किया गया है। कमान्डेंट सिसोदिया ने बताया कि अत्यधिक वर्षा, जलभराव और नदियों/बांडों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न होने वाली बाढ़ की स्थिति में नागरिकों का जीवन बचाना एसडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसे ध्यान में रखते हुए राज्यभर में तैनात की जा रही इन 70 रेस्क्यू टीमों को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस किया गया है, जिसमें मोटरबोट और लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय और डीप डाइविंग उपकरण और आधुनिक खोज-बचाव उपकरण और संचार साधन शामिल है। यह टीमें धरातल पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर त्वरित राहत कार्य संपादित करेंगी। गत वर्ष 1,237 लोगों को मिला था जीवनदान बाढ़ राहत में एसडीआरएफ के ट्रैक रिकॉर्ड को साझा करते हुए कमान्डेंट ने बताया कि गत वर्ष मानसून के दौरान 21 जून 2025 से 11 अक्टूबर 2025 तक बल के जांबाजों ने राज्य में 333 सफल रेस्क्यू ऑपरेशन्स चलाकर 1,237 लोगों की जान बचाई थी। इस बार भी टीमों को रवाना करने से पूर्व सावधानीपूर्वक और एसओपी के अनुरूप रेस्क्यू ऑपरेशन संपादित करने के निर्देश दिए गए हैं。 जयपुर और भरतपुर संभाग में सर्वाधिक मुस्तैदी, देखें आपके जिले में कितनी टीमें ​एसडीआरएफ मुख्यालय द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार राज्य के सभी संवेदनशील और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में टीमों का रणनीतिक नियोजन किया गया है। इस तैनाती के तहत प्रदेश की राजधानी जयपुर आयुक्तालय में सर्वाधिक 8 रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। इसके बाद बाढ़ के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले भरतपुर जिले में 7 टीमें और हाड़ौती अंचल के कोटा जिले में 6 रेस्क्यू टीमों को मोर्चा संभालने के लिए भेजा गया है。 ​इसी प्रकार संभाग मुख्यालयों और बड़े जलीय क्षेत्रों वाले जिलों में भी विशेष नजर रखी जा रही है। इसके तहत उदयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर जिलों में 3-3 रेस्क्यू टीमें तैनात की गई हैं। वहीं, जयपुर ग्रामीण, टोंक, भीलवाड़ा, बारां, झालावाड़, धौलपुर, करौली और सवाईमाधोपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में 2-2 रेस्क्यू टीमों को तैनात कर सुरक्षा चक्र मजबूत किया गया है। ​प्रदेश के अन्य जिलों की भौगोलिक स्थिति और नदी-नालों के जलस्तर को देखते हुए 1-1 रेस्क्यू टीम की तैनाती की गई है। इन जिलों में दौसा, अलवर, डूंगरपुर, राजसमन्द, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा, बूंदी, सलूम्बर, ब्यावर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, बाड़मेर, बालोतरा, जालोर, फलोदी, सिरोही, पाली, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर शामिल हैं। इस प्रकार राज्य के कुल 35 चिन्हित जिलों तक पहुँच बनाई गई है।
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