icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

डॉ. गोस्वामी ने कॉफी विद कलेक्टर में सफल अभ्यर्थियों को प्रेरित किया

Pali, Rajasthan:जिला कलक्टर की अभिनव पहल में जिले के प्रशासनिक सेवाओं में सफल हुये अभ्यर्थियों से मुलाकात, प्रदेश की सेवा व अच्छा कार्य करने के लिये किया प्रेरित जिले से जुडे प्रेरणास्पद एवं सकारात्मक कार्यों विभिन्न कार्य सेवाओं में अच्छा कार्य करने वाले व्यक्तित्वों को व अन्य लोगों को भी प्रेरणा प्रोत्साहित करने लिये प्रारंभ की गयी पहल कॉफी विद कलेक्टर के अन्तर्गत जिला कलक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने उनके कक्ष में जिले से अंतिम रूप से चयनित सफल अभ्यर्थियो से संवाद कर उनका उत्सावर्धन किया। उन्होंने अभ्यर्थियो को देश राज्य व आमजन के लिये अच्छा व सकारात्मक कार्य करने के लिये प्रेरित किया। जिला कलक्टर ने इस अवसर पर उनके अनुभवों को साझा किया व आत्मीयता से मिले। सफल अभ्यर्थियो से उनके जीवन वृत्तातं, चुनौतियो और शैक्षणिक, पारिवारीक पृष्ठभूमि व उनकी सफलताओं व असफलताओं के बारे में जानकारी ली और भविष्य की आगामी योजनाओ के बारे में पूछा उन्हे आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रगतिशील पाली से संबधी मोमेन्टो भी प्रदान किया। जिला कलक्टर गोस्वामी ने इस अवसर पर भारतीय प्रशसनिक सेवा से गरिमा परमार, 326वीं रैंक, याशिका कच्छवाह, रानी 75वीं रैंक, पायल चौधरी, पाली शहर 207वीं रैंक, मनीषा प्रजापत, सिरियारी 2127वीं रैंक, अक्षिका, तिवाड़ी 756वीं रैंक, अशोक पटेल, पाली 292वीं रैंक, आरएएस सभी ने अपने जीवन वृत्तांत के बारे में बताया। इस अवसर पर एडीएम सीलींग ओम प्रभा आदि मौजूद रहे।
0
0
Report

गीता शाक्य: महिलाओं की भागीदारी के लिए नारी शक्ति संशोधन बिल का पुनः जोर

Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष और राज्य सभा सांसद गीता शाक्य ने शुक्रवार महिला जन आक्रोश अभियान के अंतर्गत झांसी में प्रेस कांफ्रेंस की। सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सशक्त और समृद्ध करने के लिए लगातार काम किए हैं। देश की मातृ शक्ति को विधानसभा और लोकसभा में भागीदारी दिलाने के लिए नारी शक्ति संशोधन विधेयक लेकर आए। विपक्ष ने उस बिल को गिरा दिया। देश की मातृ शक्ति इससे नाराज है और उन्हें दुख भी है।
0
0
Report
Advertisement

फारूक अब्दुल्ला: ड्रग्स रोकथाम के लिए जनता की मदद जरूरी; 2026 चुनाव पर टिप्पणी

Noida, Uttar Pradesh:SRINAGAR (J&K): FAROOQ ABDULLAH (NATIONAL CONFERENCE PRESIDENT) ON CONTROLLING DRUG ADDICTION. PHASE 1 VOTING FOR WEST BENGAL LEGISLATIVE ASSEMBLY ELECTION 2026. TAMIL NADU LEGISLATIVE ASSEMBLY ELECTIONS 2026. IMPORTANCE OF DIALOGUE TO RESOLVE INTERNATIONAL CONFLICT. ELECTIONS FOR FOUR STATES AND ONE UNION TERRITORY. श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रेसिडेंट फारूक अब्दुल्ला ने कहा, "सिर्फ़ यह कहना कि सरकार ड्रग्स का इस्तेमाल बंद कर देगी, काफ़ी नहीं होगा, जब तक माता-पिता और लोग हमारी मदद नहीं करेंगे। लोगों की मदद सबसे ज़रूरी है। अगर लोग मदद करेंगे, तो ड्रग्स का इस्तेमाल खत्म हो जाएगा..." बंगाल और दूसरे राज्यों के चुनावों पर उन्होंने कहा, "बंगाल में ममता बनर्जी जीतेंगी। केरल में कांग्रेस जीत रही है। तमिलनाडु में स्टालिन जीतेंगे।"
0
0
Report

इटावा के चंबल में बब्बर शेर का वीडियो वायरल, तीन टीमों से कांबिंग जारी

Etawah, Uttar Pradesh:इटावा के चंबल सेंचुरी के बीहड़ों में बब्बर शेर दिखने से हड़कंप मच गया है. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. सेंचुरी की तीन टीमों को बीहड़ में उतारा गया है और वायरल वीडियो की पुष्टि के लिए विभाग जुटा है. वीडियो में बीहड़ के एक पहाड़ पर बब्बर शेर आराम फरमाते हुए दिख रहा है. ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर साझा किया. राष्ट्रीय चंबल सेंचुरी के अधिकारी मामले की पुष्टि के लिए छानबीन कर रहे हैं. तीन टीमों में लगभग 12 सदस्य सक्रिय हैं और कांबिंग जारी है. तेंदुआ और अन्य जंगली जानवर पहले से बीहड़ी इलाके में दिखते रहे हैं, लेकिन बब्बर शेर का दावा पहली बार है. वायरल वीडियो की पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है. ग्रामीणों के अनुसार वीडियो उनके क्षेत्र का है, जिससे दहशत है. बब्बर शेर की संख्या चार बताई जा रही है. अधिकारी एहतियात बरत रहे हैं और इलाके में रहने वाले लोगों को जंगल की तरफ अकेले न जाने की सलाह दे रहे हैं.
0
0
Report
Advertisement

दुष्यन्त चौटाला बोले—खाप समेत हर वर्ग को हिसार महापंचायत का न्यौता

Jhajjar, Haryana:टिकैत के कुनबा एक होने के ब्यान पर बोले दुष्यन्त चौटाला कहा:दिग्वजय जा चुका है चौटाला गांव की वहां पर बात:झज्जर में हिसार की छात्रहित महापंचायत का न्यौता देने कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचे थे दुष्यन्त चौटाला:दुष्यन्त बोले,हमारे साथ जो कुछ हुआ उसके लिए विपक्ष हो चाहे पक्ष सभी खड़े हो एक प्लेटफार्म पर:अभय चौटाला को दिया महापंचायत को मीडिया के माध्यम से निमन्त्रण कहा: खाप पंचायत हीं नहीं प्रदेश के हर व्यक्ति को दिया गया है हिसार महापंचायत में आने का न्यौता:दुष्यन्त बोले,घटनाक्रम के एक सप्ताह बाद भी सीएम और डीजीपी को नहीं आया कोई बयान:जेजेपी की मांग,इस पूरे घटनाक्रम पर अपना रूख स्पष्ट करे सीएम और डीजीपी:स्पष्ट करे पुलिस दोषी है या फिर सरकार दे रही है दोषी पुलिस कर्मियों को क्लीन चिट:आप के राज्यसभा सांसदों के एक धड़े के भाजपा में शामिल होने बाबत भी दिया बयान कहा: भाजपा का है रिजनल पार्टियों को खत्म करने का प्रयास,विपक्षियों को समझनी होगी भाजपा की चाल
0
0
Report

बिजनौर: राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोपियों की गिरफ्तारी, वीडियो से भड़की साजिश का खुलासा

Moradabad, Uttar Pradesh:बिजनौर--बिजनौर के थाना नांगल पुलिस ने राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल 2 अभियुक्त गिरफ्तार किए। इंस्टाग्राम पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाला वीडियो 23 नवंबर 2025 को हुआ था वायरल। वीडियो में आरोपी आकिब समेत 4 युवक लाइव आकर शस्त्र लहराते दिखे थे। पुलिस ने पहले ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। ताज़ा कार्रवाई में जुल्फिकार उर्फ राका और आरिफ मलिक को दबोचा गया। जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया के जरिए युवकों को आपराधिक गतिविधियों में जोड़ा जा रहा था। आरिफ ने कबूला—ग्रुप में शामिल करने के लिए आकिब ने उसके घर पर करवाई थी फायरिंग। आकिब और आजाद के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी, दोनों विदेश में बताए गए। पूछताछ में खुलासा—भड़काऊ वीडियो डालकर धार्मिक उन्माद फैलाने की साजिश। आरोपियों की योजना में वाहनों को जलाना और रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाना शामिल था।
0
0
Report
Advertisement

SC के समक्ष केंद्र: रूस गए 10 भारतीय यूक्रेन युद्ध में मारे गए

Noida, Uttar Pradesh:रूस गए 10 भारतीय यूक्रेन से युद्ध में मारे गए, केंद्र ने SC को बताया, SC ने केंद्र से मांगी रिपोर्ट. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि रूस गए 10 भारतीय नागरिक यूक्रेन के साथ लड़ते हुए मारे गए. सरकार ने यह भी बताया कि रूस गए ज़्यादातर लोग अपनी मर्जी से कॉन्ट्रैक्ट कर यूक्रेन के साथ लड़ने के लिए गए थे. कुछ लोग ही ऐसे हो सकते है, जिन्हें एजेंट ने गुमराह किया हो. कोर्ट में दायर याचिका में मांग: सरकार ने यह जानकारी 26 लोगों के घरवालों की ओर से दायर याचिका पर आरोप लगाया कि उनके परिवारवालों को एजेंट काम दिलाने के बहाने रूस ले गए. वहां उन्हें बंधक बना लिया गया है और उन्हें जबर्दस्ती रूस यूक्रेन युद्ध में लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है. वो किस हालत में है, इसकी कोई जानकारी घरवालों को नहीं मिल रही है. सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. सरकार का पक्ष: आज केंद्र सरकार की ओर से ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि कुल 215 लोग भारत से रूस गए थे. याचिका में जिन 26 लोगों का जिक्र है, उनमें से 10 लोगों की मौत हो चुकी है. विदेश मंत्रालय परिवारों के संपर्क में है. सरकार इस मामले में कई स्तरों पर काम कर रही है. ज़्यादातर लोग खुद कॉन्ट्रैक्ट साइन करके रूस गए थे लेकिन कुछ मामलों में हो सकता है कि कुछ एजेंट्स ने लोगों को गुमराह किया हो. सरकार पर मदद न करने का आरोप: वही दूसरी ओर याचिकाकर्ताओं के वकील ने आरोप लगाया कि सरकार से उन्हें मदद नहीं मिल पा रही. विदेश मंत्रालय ने परिवारों से कोई संपर्क नहीं किया. उनके DNA सैंपल तक नहीं लिए गए. ASG ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि सरकार अपनी ओर से विदेश से शव को लाने की व्यवस्था भी कर रही है. हालांकि परिवार वाले सहयोग नहीं कर रहे है. वो सरकार से समन्वय करने के बजाए कोर्ट जाने की बात कर रहे है. सुप्रीम कोर्ट का रुख: चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि युद्ध क्षेत्र से शव को लेकर आना बेहद मुश्किल है. यह मामला बेहद संजीदा है. इस मामले को बेहद सावधानी और समझदारी से संभालने की ज़रूरत है. कोर्ट ने विदेश मंत्रालय से कहा है कि वो अभी तक की गई कार्रवाई के बारे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करें.
0
0
Report
Advertisement

झुंझुनूं गैस प्लांट में मॉक ड्रिल, आपातकालीन तैयारी और समन्वय परखा गया

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं के बाकरा रोड स्थित गैस प्लांट में शुक्रवार को जिला प्रशासन ने आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की। ‘हवाई हमले’ और आग लगने की काल्पनिक सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड, SDRF, सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्टर अरुण गर्ग, एसपी कावेंद्र सागर और एडीएम अजय आर्य मौके पर पहुंचे तथा विभिन्न विभागों के रिस्पेन्स टाइम का आकलन किया गया। ड्रिल के दौरान आग बुझाने, घायलों को सुरक्षित निकालने और प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया गया। गंभीर ‘डमी मरीजों’ को एम्बुलेंस से हायर सेंटर भेजने की प्रक्रिया भी दिखाई गई। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने बताया कि गैस प्लांट संवेदनशील स्थल है, इसलिए ऐसी ड्रिल से आपसी समन्वय और आपदा से निपटने की तैयारी मजबूत होती है।
0
0
Report

107 वर्षीय धनी देवी का देहदान: चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर जिले में मानवता और समाजसेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहाँ 107 वर्षीय धनी देवी के निधन के बाद उनके परिजनों ने पूर्व घोषणा के अनुसार उनका देहदान कर दिया। यह कदम न केवल परिवार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है, बल्कि समाज में जागरूकता का भी मजबूत संदेश देता है। धनी देवी का लंबा जीवन अनुभवों और सामाजिक मूल्यों से भरा रहा। उनके जीवनकाल में ही परिवार ने यह निर्णय लिया था कि मृत्यु के बाद उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा के लिए समर्पित किया जाएगा। इसी संकल्प को निभाते हुए, उनके निधन के बाद पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया गया। मेडिकल शिक्षा में देहदान का विशेष महत्व होता है। मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को मानव शरीर की संरचना, अंगों की कार्यप्रणाली और विभिन्न रोगों के अध्ययन के लिए वास्तविक शरीर की आवश्यकता होती है। किताबों और डिजिटल माध्यमों से मिलने वाली जानकारी के साथ-साथ प्रैक्टिकल अध्ययन के लिए यह बेहद जरूरी होता है। ऐसे में धनी देवी का देहदान सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए ज्ञान का आधार बनेगा। इस अवसर पर मृतका के पुत्र, परिवारजन और समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी, लेकिन साथ ही इस बात पर गर्व भी जताया कि उनका जीवन अंत के बाद भी समाज के काम आ रहा है। मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधियों ने भी परिवार का आभार व्यक्त करते हुए इसे एक महान और प्रेरणादायक पहल बताया। भारत में देहदान की परंपरा धीरे-धीरे बढ़ रही है, लेकिन अब भी जागरूकता की कमी है। कई लोग धार्मिक या सामाजिक कारणों से इस विषय पर संकोच करते हैं। हालांकि, विभिन्न धार्मिक विद्वान और सामाजिक संगठनों ने समय-समय पर यह स्पष्ट किया है कि देहदान एक पुण्य कार्य है, जो मानवता की सेवा के बराबर है। बाड़मेर की इस घटना ने यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जागरूकता बढ़ रही है और लोग समाजहित में बड़े निर्णय लेने के लिए आगे आ रहे हैं। धनी देवी का यह देहदान न सिर्फ चिकित्सा शिक्षा को मजबूती देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करेगा कि जीवन के बाद भी समाज के लिए कुछ किया जा सकता है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top