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Eshan KhanEshan KhanFollow22 Dec 2024, 12:13 pm
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एंबुलेंस नहीं मिलने से वृद्ध मरीज की मौत, अस्पताल परिसर में हंगामा

Munger, Bihar:समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने से वृद्ध की मौत मुंगेर: खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल में मंगलवार को इलाज के दौरान एक वृद्ध मरीज की मौत हो गई. मृतक की पहचान खड़गपुर थाना क्षेत्र के कैथी गाव निवासी 65 वर्षीय जोगिंदर सिंह के रूप में की गई है. मौत के बाद परिजनों ने लगभग चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में हंगामा किया. इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मची रही. आक्रोशित परिजनों का कहना था कि अस्पताल में कोई सुविधा नहीं मिली. एंबुलेंस के लिए वे लोग अस्पताल कर्मियों से मांग करते रहे लेकिन उन्हें एंबुलेंस नहीं मिला, जब उनके मरीज की मौत हो गई तो तुरंत एंबुलैंस आ गया. मृतक का भतीजा अशोक सिंह एवं गुड्डू ने बताया कि मेरे चाचा जोगिंदर सिंह खेत में गए थे अचानक बेहोश होकर वह गिर पड़े. सांस लेने में दिक्कत हुई तो हम लोग अपने चाचा को लेकर खड़गपुर अनुमंडलीय अस्पताल में 1:47 बजे भर्ती कराएं. उसके बाद प्राथमिक उपचार किया गया. डॉक्टर राजीव विनायक द्वारा उनके मरीज को इलाज के बाद रेफर कर दिया गया. रेफर के बाद वे लोग एंबुलैंस के लिए काफी देर तक अनुमंडलीय अस्पताल में भटकते रहे. इस दौरान लगभग 3.30 घंटा गुजर गया. कई बार 102 पर कॉल किया लेकिन उन्हें एंबुलैंस नहीं मिली. मजबूर होकर हम लोग प्राइवेट एंबुलैंस का इंतजाम कर ही रहे थे. इसी दौरान 5.30 बजे मरीज की मौत हो गई. उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में इलाज में कोई लापरवाही नहीं हुई लेकिन एंबुलैंस की सुविधा का समय पर नहीं मिलने के कारण उनके मरीज की मौत हो गई है. पूछे जाने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर प्रदीप कुमार ने बताया कि मरीज की हालत क्रिटिकल थी, हमने बहुत प्रयास किया, उसे रेफर भी किया जा चुका था. परिजनों ने बताया कि मेरे पास पैसा नहीं है मेरा यही इलाज करें. सारे एंबुलैंस रेफर में गए हुए थे. हमने परिजन को 102 पर कॉल करके एंबुलैंस मांगाने की बातें कही ताकि आसपास के अस्पताल में मौजूद एंबुलैंस को मंगाया जा सके. जो भी एंबुलैंस आ रही थी वह रास्ते में ही पंचर कर गई, तब तक मरीज की मौत हो गई. बाइट परिजन
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भोपाल: बदले की मार में युवक निर्वस्त्र, बेल्ट-लात से पीटा, वीडियो वायरल

Bhopal, Madhya Pradesh:भोपाल बेखौफ बदमाश, युवक को निर्वस्त्र कर बेल्ट और लातों से पीटा बताया जा रहा है कि यह मारपीट 'भाई का बदला' लेने के लिए की गई। पीड़ित युवक ने पूर्व में हमलावरों में से एक के भाई के साथ मारपीट की थी, जिसका बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया गया। हमलावरों ने युवक को अर्धनग्न कर बेल्ट और लातों से जमकर पीटा। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, हमलावर शातिर अपराधी हैं और उन पर कमला नगर थाने में पहले से ही कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पीड़ित युवक कोटरा इलाके का निवासी बताया जा रहा है, जबकि घटना छोला थाना क्षेत्र के भानपुर की बताई जा रही है。
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आसाराम की अंतरिम जमानत बढ़ाने की अर्जी पर राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर। दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की ओर से अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने के लिए दायर आवेदन पर कल राजस्थान हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। अंतरिम जमानत की अवधि पूर्ण होने के बाद यह आवेदन मेडिकल आधार पर प्रस्तुत किया गया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा व न्यायाधीश संगीता शर्मा की खंडपीठ में आवेदन पेश किया गया है। याचिका में आसाराम की बढ़ती उम्र, स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और जेल में बिताए लंबे समय को आधार बनाते हुए अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की मांग की गई है। आसाराम वर्ष 2013 से जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं। वर्ष 2018 में उन्हें दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इससे पूर्व सुप्रीम कोर्ट द्वारा उन्हें जनवरी 2025 में तीन माह की अंतरिम जमानत दी गई थी, जिसे बाद में बढ़ाया गया। इसके पश्चात 29 अक्टूबर 2025 को उन्हें छह माह की अंतरिम जमानत और प्रदान की गई थी। अंतरिम जमानत के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट शर्तें तय की थीं, जिनमें धार्मिक आयोजनों में शामिल होने पर रोक, भीड़ एकत्रित नहीं करने और देश से बाहर नहीं जाने जैसी पाबंदियां शामिल थीं। साथ ही उन्हें जेल से बाहर रहकर चिकित्सा उपचार कराने की अनुमति दी गई थी। अब एक बार फिर से जमानत अवधि समाप्त होने से पूर्व, आसाराम की ओर से senioradvocate देवदत्त कामत और अधिवक्ता यशपाल राजपुरोहित के माध्यम से जमानत बढ़ाने की गुहार लगाई गई है।
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राजस्थान हाईकोर्ट ने जमानत के बाद हिंसक धमकियों पर आरोपी का सरेंडर आदेश दिया

Jodhpur, Rajasthan:जोधपुर राजस्थान हाईकोर्ट जस्टिस फरजंद अली की बेंच ने जमानत मिलने के बाद दोबारा हिंसा करने और पीड़ित को धमकाने के मामले में आरोपी को दी हुई जमानत को रद्द करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया है। जमानत के मामलों को लेकर स्पष्ट व्यवस्था देते हुए कहा कि जमानत पर रिहा होने के बाद यदि आरोपी अपने आचरण में सुधार नहीं करता और दोबारा अपराध करता है, तो उसे मिली जमानत किसी भी समय निरस्त की जा सकती है। हाईकोर्ट ने जमानत के अधिकार की व्याख्या करते हुए कहा कि बेशक जमानत हर आरोपी का अधिकार है, लेकिन इसका दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। एकल पीठ ने पीड़ित प्रवीण गहलोत की याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत रद्द करने का आदेश दिया है और उसे तुरंत ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। यह फैसला न केवल एक व्यक्तिगत मामले तक सीमित है, बल्कि यह देशभर में जमानत संबंधी कानून और उसके दुरुपयोग पर एक मजबूत संदेश भी देता है। पीडित के अधिवक्ता जावेद गौरी ने बताया कि मामला मंडोर थाना क्षेत्र से जुड़ा हुआ है, जहां याचिकाकर्ता प्रवीण गहलोत ने आरोपी करण परिहार और उसके साथियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। एफआईआर के अनुसार, आरोपियों ने पूर्व नियोजित तरीके से याचिकाकर्ता और उसके परिवार पर हमला किया। इस हमले में लाठी और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे पीड़ित और उसके परिजनों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। आरोपी को 19 अक्टूबर 2024 को राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। अदालत ने उस समय उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उसे राहत दी थी। लेकिन, अदालत के इस भरोसे को आरोपी ने गंभीरता से नहीं लिया। जमानत मिलने के बाद अपेक्षा की जाती है कि आरोपी कानून का पालन करेगा और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि से दूर रहेगा, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ। याचिकाकर्ता के अनुसार, आरोपी ने जमानत मिलने के कुछ ही समय बाद फिर से धमकियां देना शुरू कर दिया। उसने पीड़ित और उसके परिवार को लगातार डराने-धमकाने का प्रयास किया। इस पर हाईकोर्ट ने जमानत को रद्द करते हुए सरेंडर करने का आदेश दिया है।
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नीतिगत सुधारों में संयुक्त सचिव बनेंगे कैटेलिस्ट, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक

Jaipur, Rajasthan:मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा है कि संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी नीति निर्माण और प्रशासनिक सुधारों में “कैटेलिस्ट” की भूमिका निभाते हैं। उनके सक्रिय प्रयासों से नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन को गति मिलती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जाए कि राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मंगलवार को सचिवालय में विभिन्न विभागों के संयुक्त सचिवों के साथ संवाद के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार आधारित पहल करें, ताकि अधिक से अधिक लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके। साथ ही नई योजनाओं के सुझाव देने और जनहितकारी नीतियों को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। प्रमुख सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग कर सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाई जाए, जिससे अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक भी जागरूकता बढ़े और उन्हें लाभ मिल सके। बैठक में कार्मिक, वित्त, आयोजना, गृह, प्रशासनिक सुधार, कृषि एवं संबद्ध विभाग, सूचना एवं जनसम्पर्क, सांख्यिकी, सहकारिता, चिकित्सा, श्रम और खेल सहित विभिन्न विभागों के संयुक्त सचिव मौजूद रहे।
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गौतम खट्टर प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन

Lalit KumarLalit KumarFollow15m ago
Bareilly, Uttar Pradesh:आंवला/बरेली हिन्दू जागरण एवं स्वाभिमान सुरक्षा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने श्री गौतम खट्टर के विरुद्ध जारी गिरफ्तारी आदेश के संबंध में निष्पक्ष जांच एवं विधि सम्मत कार्रवाई की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन उपजिलाधिकारी आंवला के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि गोवा सरकार द्वारा जारी गिरफ्तारी आदेश कथित बयान के आधार पर बिना समुचित एवं निष्पक्ष जांच के लिया गया निर्णय प्रतीत होता है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। साथ ही अनुच्छेद 14 के अंतर्गत समानता और विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन किया जाना आवश्यक है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बिना पारदर्शी जांच के गिरफ्तारी जैसे कठोर कदम उठाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। संगठन ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उस निर्देश का भी हवाला दिया, जिसमें गिरफ्तारी को अंतिम उपाय बताया गया है। संगठन की ओर से मांग की गई कि प्रकरण की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए, जांच पूरी होने तक गिरफ्तारी आदेश पर रोक लगाई जाए, किसी भी कार्रवाई से पूर्व विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए तथा संबंधित मामले की न्यायिक समीक्षा कराई जाए। इसके अलावा, हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों के कथित उत्पीड़न पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे वैधानिक एवं लोकतांत्रिक माध्यमों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आगे कदम उठाने को बाध्य होंगे। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से अरुण कुमार, अवनेश शंखधार, मनोज गुप्ता, हरिपाल सिंह, तुलसी हिन्दू, हरपाल सिंह, एडवोकेट अश्विनी भदौरिया शिला, वरुण चौहान, अर्जुन कुर्मी, सचिन चौहान, प्रीति मिश्रा, सत्यपाल सिंह एवं जयदीप पाराशरी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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आज ही उठनी थी डोली उठ गई अर्थी ट्रक की चपेट में आने से युवती की मौत

SSANDEEPFollow15m ago
Deoria, Uttar Pradesh:एंकर:- यूपी के देवरिया जनपद के बरियारपुर थाना क्षेत्र के बरियारपुर चौराहे पर आज एक हृदयविदारक हादसा हुआ। जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। जिस घर में आज शहनाइयां बजने वाली थीं और बेटी की बारात के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब सिर्फ चीख-पुकार सुनाई दे रही है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, गौरकोठी की रहने वाली युवती की आज शादी थी और आज ही बारात आनी थी। परिवार में उत्सव का माहौल था, युवती ब्यूटी पार्लर जा रही थी। तभी सड़क पार करते वक्त वह एक ट्रेलर की चपेट में आ गई मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मातम में बदली खुशियां हादसे की खबर मिलते ही शादी वाले घर में सन्नाटा पसर गया। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और विधिक कार्रवाई में जुट गई है।
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गर्मी में गैस सिलेंडर नहीं मिलने पर महिला ने सिर पर खाली सिलेंडर रखा

Gohara Marufpur, Uttar Pradesh:भीषण गर्मी में सिर पर सिलेंडर रख महिला पहुंची गैस एजेंसी कौशांबी जिले में भीषण गर्मी के बीच एक महिला का संघर्ष सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान महिला सिर पर खाली सिलेंडर रखकर पैदल ही गैस एजेंसी पहुंच गई। महिला ने करीब 5 किलोमीटर की दूरी तेज धूप में पैदल तय की। रास्ते में लोगों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला पिपरी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक महिला ने 20 दिन पहले ही घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग कराई थी, लेकिन समय पर सप्लाई नहीं मिलने से वह काफी परेशान थी। कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बावजूद जब गैस नहीं मिली, तो मजबूर होकर महिला सिर पर खाली सिलेंडर रखकर लोधौर स्थित संतोष इंडियन गैस एजेंसी पहुंची और अपनी नाराज़गी जाहिर की। भीषण गर्मी में महिला का यह संघर्ष लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। राहगीरों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला सुर्खियों में आ गया।
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आजमगढ़ के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में रिश्वतखोरी मामले में रजिस्ट्रार डिस्पेचर बाबू गिरफ्तार

Azamgarh, Uttar Pradesh:रिपोर्ट - वेदेन्द्र प्रताप शर्मा स्थान - Azamgarh विद्यालय की मान्यता को लेकर यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार के डिस्पेचर बाबू को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस टीम ने किया गिरफ्तार, यूनिवर्सिटी में मचा हड़कंप। गोरखपुर विजिलेंस टीम ने महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय के रजिस्टर कार्यालय में तैनात डिस्पेचर बाबू संजय यादव को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ हिरासत में लिया गया। एक डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर कुल 3 लाख रुपये की मांग की जा रही थी, शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते धर दबोचा गया। आजमगढ़ जिले के महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में शिकायतें मिल रही थी कि डिग्री कॉलेज की मान्यता को लेकर लोगों से रिश्वत की मांग की जाती है, जिसका आलम यह है कि यूनिवर्सिटी में कर्मचारी तथा आउटसोर्सिंग के कर्मचारी तक लग्जरी जीवन यापन व वाहनों से आवागमन करते हैं। इसी कड़ी में रजिस्टर डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा के डिस्पेचर बाबू को 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गोरखपुर विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान डिस्पेचर बाबू के कार्यालय की आलमारी से 1 लाख 80 हजार रुपये नगद भी बरामद किये गये, जिससे मामले की गंभीरता बढ़ गई है। शिकायतकर्ता रामबदन सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक सुधीर सिंह ने बताया कि उनसे डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये की मांग की जा रही थी और तय हुआ कि 50 हजार रुपये पहले और बाकी ढाई लाख रुपए काम होने के बाद लिया जाएगा। प्रबंधक सुजीत कुमार ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस टीम से की, उन्होंने आरोप लगाया कि रजिस्टर डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा के कहने पर ही संजय यादव रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत पर गोरखपुर विजिलेंस टीम ने योजना बनाकर जाल बिछाया और जैसे ही सुजीत कुमार ने 50000 रुपये लिया टीम ने मौके पर ही संजय यादव को पकड़ लिया। फिलहाल विजिलेंस टीम आरोपी पर कार्यवाही एवं पूछताछ कर रही है और पूरे मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। रिश्वतखोरी को लेकर इस कार्रवाई से विश्वविद्यालय तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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अलवर में 44 वर्षीय व्यक्ति ने घर में आत्महत्या, पुलिस जांच जारी

Alwar, Rajasthan:अलवर में 44 वर्षीय व्यक्ति ने घर में फांसी लगाकर की आत्महत्या, कारणों की जांच में जुटी पुलिस अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र स्थित जयपुर रोड की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में मंगलवार को एक 44 वर्षीय व्यक्ति द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान यशपाल सोनी पुत्र गोविंद राम सोनी के रूप में हुई है, जो न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का निवासी था। प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक, यशपाल सोनी ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली。 घटना की खबर फैलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए। अरावली विहार थाने की सब इंस्पेक्टर सोनिया दहिया ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर अलवर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है。 फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों से पूछताछ की जा रही है। मामले की गहन जांच जारी है।
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हज यात्रा 2026: जयपुर से आखिरी उड़ान, 106 राजस्थानियों ने मदीना के लिए किया रवानगी

Jaipur, Rajasthan:हजयात्रा-2026 के मुकद्दस सफर की आखिरी व नवीं उड़ान, रात 08.30 बजे जयपुर एयरपोर्ट से मदीना रवाना हुई. राजस्थान से कुल 106 हाजी हजयात्रा पर रवाना हुए, जिसमें 56 पुरुष और 50 महिलाएं हैं. सबसे बुजुर्ग हजयात्री बीकानेर के 81 वर्षीय रहमत अली है, सबसे कम उम्र के हजयात्री करौली के 23 वर्षीय सुलेमान हैं. दिल्ली एवं महाराष्ट्र के 02-02 हाजी हैं. इस फ्लाईट सहित अब तक कुल 3520 हाजी हज यात्रा पर रवाना हुए, जिसमें 1790 पुरूष और 1730 महिलाएं शामिल हैं. अन्य राज्यों के जयपुर एयरपोर्ट से जाने वाले हाजियों में मध्यप्रदेश के 78, उत्तर प्रदेश के 8, दिल्ली के 8, महाराष्ट्र के 4 और छत्तीसगढ़ के 2 हाजी हैं. इस वर्ष राजस्थान से 4566 हज यात्री हज करेंगे. राज्य के 443 हज यात्री दिल्ली से, 420 मुम्बई से और 235 हज यात्री अहमदाबाद से हज सफर पर जाएंगे. राजस्थान स्टेट हज कमेटी की तरफ से सभी विभागों जैसे एयरपोर्ट प्रशासन, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निगम, पीएचईडी, बिजली विभाग और सभी वॉलियंटर्स (खिदमतगार) की हज कार्य में उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया है. बाइट - अब्दुल हकीम खान, निवर्तमान मेंबर राजस्थान स्टेट हज कमेटी
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जमुई में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते दो गिरफ्तार

Jamui, Bihar:जमुई जिले के सिकंदरा नगर पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कार्यपालक पदाधिकारी संतोष कुमार को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में संतोष कुमार द्वारा प्रति फाइल ₹2500 की मांग की जा रही थी। वार्ड नंबर 3 के प्रतिनिधि राधे मिश्रा ने इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग ने जांच की, जिसमें मामला सही पाया गया और इसके बाद सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया गया। तय योजना के तहत जैसे ही संतोष कुमार ने 50 हजार रुपये की घूस ली, मौके पर मौजूद निगरानी टीम ने उन्हें उनके सहयोगी सोनू कुमार के साथ धर दबोचा। दोनों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं निगरानी विभाग के डीएसपी सुधीर कुमार ने बताया कि शिकायत दो दिन पहले प्राप्त हुई थी। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद कार्रवाई की गयी और घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। वहीं पीड़ित वार्ड पार्षद राधे मिश्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए प्रति फाइल ₹2500 की मांग की जा रही थी। इसकी शिकायत निगरानी विभाग से की गई, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही उनके कार्यालय और अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है, जिससे आय से अधिक संपत्ति के मामलों का खुलासा हो सकता है। इस कार्रवाई के बाद नगर पंचायत क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है। आम लोगों ने निगरानी विभाग की इस पहल का स्वागत करते हुए मांग की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहनी चाहिए।
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हरियाणा में गर्मी से बचाव के लिए विस्तृत एडवाइज़री जारी, स्वास्थ्य इंतजाम तेज

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़, 28 अप्रैल- हरियाणा के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार ने मौजूदा एवं अनुमानित भीषण गर्मी को देखते हुए विस्तृत सार्वजनिक स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है। इसका उद्देश्य आमजन को गर्मी से होने वाली बीमारियों से सुरक्षित रखना तथा सभी स्तरों पर प्रभावी तैयारियाँ सुनिश्चित करना है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि सामान्य से अधिक तापमान की संभावना को ध्यान में रखते हुए सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और हीट-हेल्थ एक्शन प्लान को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य सरकार का मुख्य फोकस तैयारी को सुदृढ़ करने, समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने तथा अत्यधिक गर्मी से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने पर है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली के माध्यम से हीट से متعلق बीमारियों की प्रतिदिन मॉनिटरिंग एवं रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों को समयबद्ध एवं सटीक डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, भारतीय मौसम विभाग द्वारा जारी हीट वेव अलर्ट नियमित रूप से स्वास्थ्य संस्थानों एवं आम जनता तक पहुंचाए जाएंगे, जिससे अग्रिम तैयारी बेहतर हो सके। राज्य के सभी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयों, ओआरएस, आइवी फ्लूड, आइस पैक सहित अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर मामलों के उपचार के लिए समर्पित हीटस्ट्रोक प्रबंधन इकाइयां स्थापित की जा रही हैं तथा एम्बुलेंस सेवाओं को त्वरित प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखा गया है। “पहले ठंडा करो, फिर परिवहन करो” (Cool First, Transport Later) की रणनीति को अपनाया जा रहा है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि चिकित्सा अधिकारियों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स को हीट से जुड़ी बीमारियों की पहचान एवं त्वरित उपचार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। स्वास्थ्य संस्थानों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, कूलिंग व्यवस्था एवं आपातकालीन तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं। साथ ही, फायर सेफ्टी ऑडिट, इलेक्ट्रिकल निरीक्षण एवं मॉक ड्रिल भी नियमित रूप से कराए जा रहे हैं। एडवाइजरी में आमजन से अपील की गई है कि वे गर्मी से बचाव के लिए सरल लेकिन प्रभावी उपाय अपनाएं। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ओआरएस या घर पर बने पेय जैसे नींबू पानी, लस्सी एवं ताजे फलों के जूस का सेवन करें। बाहर निकलते समय हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें तथा सिर को ढककर रखें। लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें और छायादार या हवादार स्थानों में रहें। एडवाइजरी में शराब, चाय, कॉफी एवं अधिक मीठे या कार्बोनेटेड पेय पदार्थों से परहेज करने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये डिहाइड्रेशन का कारण बन सकते हैं। बासी एवं भारी भोजन से बचने तथा बच्चों एवं पालतू जानवरों को पार्क की गई गाड़ियों के अंदर न छोड़े, क्योंकि वहां तापमान बढ़ सकता है। डॉ. मिश्रा ने विशेष रूप से शिशुओं, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, बाहरी कार्य करने वाले श्रमिकों तथा पहले से बीमार व्यक्तियों की अतिरिक्त देखभाल पर जोर दिया। परिवारों से अपील की गई है कि वे अकेले रहने वाले बुजुर्गों की नियमित रूप से देखभाल करें और उन्हें ठंडा एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कार्यस्थलों के लिए जारी निर्देशों में नियोक्ताओं से श्रमिकों के लिए स्वच्छ पेयजल एवं छायादार विश्राम स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। कार्य का समय सुबह या शाम के ठंडे समय में निर्धारित किया जाए तथा पर्याप्त विश्राम दिया जाए। श्रमिकों को हीट स्ट्रेस के लक्षणों की जानकारी दी जाए और ‘बडी सिस्टम’ अपनाया जाए, ताकि वे एक-दूसरे की निगरानी कर सकें। इसके साथ ही काम करने वाले स्थानों पर फर्स्ट एड कर सुविधाओं और आपातकालीन रिस्पांस सिस्टम का इंतजाम भी किया जाए。 उन्होंने सरकारी एवं निजी आयोजनों के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अत्यधिक गर्मी के दौरान खुले में आयोजन से बचने तथा आवश्यक सुविधाएं जैसे पेयजल, छाया, कूलिंग व्यवस्था एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे इवेंट के दौरान सार्वजनिक घोषणाएं और जागरूकता संदेश दिए जाए ताकि आने वाले लोग जानकारी रखें और सुरक्षित रहें। डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सरकार जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है और सक्रिय योजना, जन-जागरूकता एवं समन्वित प्रयासों के माध्यम से इस चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सतर्क रहें, जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और चक्कर आना, अत्यधिक प्यास, कमजोरी या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
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