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Eshan KhanEshan KhanFollow23 Jul 2024, 01:15 pm
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नालंदा में मोहर्रम के जुलूस में अखाड़ा नहीं निकला, कड़े नियमों के कारण

Pariaunna, Bihar:नालंदा जिले में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों में ताजिया और अखाड़ा जुलूस निकाले गए, लेकिन जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में इस बार एक भी अखाड़ा जुलूस नहीं निकला। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन की सख्त शर्तों और पारंपरिक हथियारों के प्रदर्शन पर रोक के कारण उन्होंने लाइसेंस नहीं लिया और अखाड़ा जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया। वहीं, किसी भी अप्रिय समस्या से निपटने के लिए शहर के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। मोहर्रम के अवसर पर बिहारशरीफ शहर में इस बार वर्षों पुरानी परंपरा टूटती नजर आई। जहां पहले शहर के विभिन्न इलाकों से अखाड़ा जुलूस निकलता था, वहीं इस बार पूरा शहर अखाड़ा जुलूस से खाली रहा। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि प्रशासन की ओर से जारी कड़े दिशा-निर्देशों के कारण उन्होंने अखाड़ा निकालने के लिए लाइसेंस नहीं लिया। अंजुमन मुफिदुल इस्लाम, नालंदा के सचिव मोहम्मद अकबर आजाद ने कहा कि बिहारशरीफ में वर्षों से गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश करते हुए मोहर्रम का अखाड़ा निकाला जाता रहा है, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। लेकिन पिछले दो वर्षों से प्रशासन की सख्त नियमों और पारंपरिक लाठी-भाला जैसे करतबों पर प्रतिबंध के कारण अखाड़ा जुलूस लगभग बंद हो गया है। उनका कहना है कि मोहर्रम के अखाड़े की पहचान ही पारंपरिक युद्धकला और फन के प्रदर्शन से होती है, लेकिन जब इसकी अनुमति नहीं मिल रही है तो अखाड़ा निकालने का औचित्य नहीं रह जाता।
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पंचकूला के धरना स्थल पर देर रात पुलिस कार्रवाई से प्रशासन पर सवाल

Panchkula, Haryana:पंचकूला, सेक्टर-5 स्थित धरना स्थल पर पिछले 9 दिनों से अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठी महिलाओं के साथ देर रात हुई प्रशासनिक कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि जहां उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य की सुध लेने के लिए इन दिनों में प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, वहीं जब انہیں हटाने और गिरफ्तार करने की बारी आई तो रात करीब 11 बजे भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अमला धरना स्थल पर पहुंच गया। महिलाओं का कहना है कि प्रशासन ने उनकी मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग का रास्ता अपनाया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें जबरन उठाने की कोशिश की और इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया। कई महिलाओं ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे आंदोलन को दबाने के लिए शक्ति का इस्तेमाल किया गया। घटना के बाद प्रदर्शनकारियों और सामाजिक संगठनों में भारी रोष देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन शुरुआत से ही संवाद स्थापित करता और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करता, तो स्थिति यहां तक नहीं पहुंचती। इस कार्रवाई के बाद सरकार के चर्चित नारे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए कहा— > “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और अपना हक मांगो तो पुलिस से पिटवाओ।” विपक्षी दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखना हर नागरिक का अधिकार है और महिलाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। समाज संगठनों से समर्थन की अपील HPSC अभ्यर्थियों ने विभिन्न सामाजिक संगठनों और लोगों से सेक्टर-5 पंचकूला पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उनका कहना है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता। क्या है पूरा मामला? HPSC से जुड़े अभ्यर्थी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पिछले कुछ समय से पंचकूला के सेक्टर-5 में धरना और आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। देर रात हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अभ्यर्थियों और पुलिस का पक्ष अलग-अलग हो सकता है।
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NSUI-ABVP का फीस वृद्धि विरोध: दो गुटों के बीच तनाव, ज्ञापन देकर विरोध जारी

Jodhpur, Rajasthan:एनएसयूआई और एबीवीपी ने फीस वृद्धि वापस लेने सहित विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई के भीतर गुटबाजी भी खुलकर सामने आई, जहां संगठन के दो अलग-अलग गुट अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन करते नजर आए। एनएसयूआई के एक गुट का नेतृत्व जिलाध्यक्ष डॉ. बबलू सोलंकी और संगठन पदाधिकारियों ने किया, जबकि दूसरे गुट में छात्र प्रतिनिधि और छात्र नेता शामिल रहे। विरोध प्रदर्शन के दौरान संगठन में आपसी खींचतान की चर्चा भी रही। हालांकि जिलाध्यक्ष डॉ. बबलू सोलंकी ने कहा कि कुछ बातों को लेकर आपसी मनमुटाव है, लेकिन यह संगठन का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि सभी साथी जल्द बैठकर बातचीत करेंगे और समाधान निकालेंगे। उन्होंने दावा किया कि एनएसयूआई पूरी तरह एकजुट है। वहीं एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और इसके बाद कुलपति कार्यालय पहुंचे, जहां धरने पर बैठ गए। काफी देर तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई प्रतिनिधि ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिससे छात्र आक्रोशित हो गए। बाद में विश्वविद्यालय के कार्यवाहक रजिस्ट्रार प्रो. राम सिंह हाड़ा मौके पर पहुंचे और छात्र संगठनों से ज्ञापन प्राप्त किया। प्रदर्शन के दौरान भगत की कोठी थाना पुलिस भी मौके पर तैनात रही। थानाधिकारी सुरेश के नेतृत्व में पुलिस ने छात्रों को धारा 163 लागू होने और प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी। इस पर छात्र नेताओं ने कहा कि वे केवल ज्ञापन देने आए हैं तथा सोमवार को बड़े प्रदर्शन के लिए विधिवत अनुमति लेकर आंदोलन करेंगे। छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई और अन्य मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। बाइट - एमएल चौधरी, छात्रनेता बाइट - बबलू सोलंकी, जिलाध्यक्ष NSUI
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Road Safety Wala के आरोपित को गिरफ्तार; महिला राइडर्स पर टक्कर मामले में साइबर जांच

Delhi, Delhi:साइबर वेस्ट ने सड़को पर लड़कियों महिलाओं को शिकार बनाने वाले रोड सेफ्टी वाला हैंडल चलाने वाले आरोपी को किया गिरफ्तार वेस्ट दिल्ली में मचा रखा था आतंक आरोपी ऑनलाइन लोकप्रियता पाने, फॉलोअर्स बढ़ाने और सोशल मीडिया मॉनेटाइज़ेशन से पैसे कमाने के मकसद से फेसबुक और यूट्यूब पर आपत्तिजनक वीडियो करता था अपलोड महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों को जानबूझकर सड़क पर टक्कर मारने, पीछा करने, परेशान करने और बिना इजाज़त वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की कई शिकायतें मिलने के बाद किया गिरफ्तार राजेश शर्मा पश्चिमी जिला साइबर सेल ने सड़को पर लड़कियों महिलाओं को शिकार बनाने वाले रोड सेफ्टी वाला हैंडल चलाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है।आरोपी ऑनलाइन लोकप्रियता पाने, फॉलोअर्स बढ़ाने और सोशल मीडिया मॉनेटाइज़ेशन से पैसे कमाने के मकसद से फेसबुक और यूट्यूब पर आपत्तिजनक वीडियो करता था अपलोड महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों को जानबूझकर सड़क पर टक्कर मारने, पीछा करने, परेशान करने और बिना इजाज़त वीडियो रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने की कई शिकायतें मिलने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है आरोपी की पहचान गुरमन सिंह उर्फ ​​"रोड सेफ्टी वाला"32 सुभाष नगर दिल्ली के तौर पर हुई है। खालसा कॉलेज, दिल्ली से ओपन ग्रेजुएशन कर रखी है।आरोपी के पिता का विदेश में अच्छा बिजनेस है।पुलिस ने इसके पास से मोबाईल भी बारामद किया है।पश्चिमी जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि राजा गार्डन, दिल्ली के रहने वाले शिकायतकर्ता सनी अरोड़ा ने साइबर/वेस्ट पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी कि दो अनजान मोटरसाइकिल सवारों ने जानबूझकर उनकी नाबालिग बेटियों की स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी और उसके बाद उनका पीछा किया, गलत बातें कही और गाली-गलौज की। कुछ दिनों बाद, शिकायतकर्ता को पता चला कि उनकी बेटियों के वीडियो यूट्यूब (ID: @bikeronroad33) और "रोड सेफ्टी वाला" नाम के फेसबुक पेज पर अपलोड किए गए थे। इसके बाद, साइबर पुलिस स्टेशन, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट में BNS और POCSO एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत FIR नंबर 29/2026 दर्ज की गई।सोशल मीडिया प्रोफाइल की शुरुआती जांच के दौरान देखा गया कि अकाउंट में मुख्य रूप से महिला राइडर्स और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाने वाले वीडियो थे। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए,। साइबर वेस्ट एसएचओ विकास कुमार बुल्डक महिला सब इंस्पेक्टर निधि शर्मा की टीम ने जांच में सोशल मीडिया कंटेंट और उससे जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का बड़े पैमाने पर डिजिटल और तकनीकी विश्लेषण शामिल था। डिजिटल फोरेंसिक और तकनीकी निगरानी के ज़रिए, आरोपी गुरमन सिंह निवासी: सुभाष नगर, दिल्ली, को पकड़ा लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान, उसके पास से एक मोबाइल फ़ोन बरामद हुआ। डिवाइस की शुरुआती जांच से पता चला कि उससे "Road Safety Wala" नाम से चल रहे फ़ेसबुक पेज और यूट्यूब अकाउंट का इस्तेमाल किया जा रहा था। आगे की जांच में कई वीडियो, स्क्रीनशॉट, अकाउंट से जुड़ा डेटा और अन्य डिजिटल सबूत मिले, जो कथित तौर पर आरोपी को आपत्तिजनक कंटेंट बनाने, अपने पास रखने और अपलोड करने से जोड़ते हैं। लगभग पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह सोशल मीडिया पर फ़ॉलोअर्स बढ़ाने, वायरल कंटेंट बनाने और फ़ेसबुक व यूट्यूब पर मॉनेटाइज़ेशन के ज़रिये पैसे कमाने के मकसद से ऐसे वीडियो बनाता था। उसने यह भी बताया कि वह ज़्यादा ऑनलाइन एंगेजमेंट पाने और अपनी निजी संतुष्टि के लिए जानबूझकर महिला राइडर्स को निशाना बनाता था। आरोपी कथित तौर पर सार्वजनिक सड़कों पर यात्रा करने वाली महिला राइडर्स और पीछे बैठने वाली महिलाओं (पिलियन राइडर्स) - जिनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं - की पहचान करता था और उन्हें निशाना बनाता था। वह जानबूझकर उनकी गाड़ियों को टक्कर मारता था और शक से बचने के लिए "सॉरी दीदी" कहकर माफ़ी मांगता था। इसके बाद, वह कथित तौर पर पूरी घटना को रिकॉर्ड करता था और पीड़ितों की सहमति के बिना "Road Safety Wala" नाम से सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर वीडियो अपलोड कर देता था। इसका कथित मकसद ऑनलाइन व्यूज़ पाना, फ़ॉलोअर्स बढ़ाना और सोशल मीडिया मॉनेटाइज़ेशन के ज़रिए पैसे कमाना था।
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बोकारो के कलियुगी बेटे ने शराब के नशे में पिता की हत्या की

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो में कलियुगी पुत्र ने शराब के नशे में बेटे ने टांगी से काटकर की पिता की हत्या, गांव में सनसनी। घटना बोकारो के गोमिया के जगेश्वर विहार थाना क्षेत्र स्थित तिलैया पंचायत के कारीपानी गांव की है। जहां देर रात रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। शराब के नशे में धुत एक कलियुगी पुत्र ने मामूली विवाद के बाद अपने ही पिता की टांगी (कुल्हाड़ी) से वार कर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 63 वर्षीय जयलाल करमाली के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पुत्र 30 वर्षीय अर्जुन करमाली को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि हत्यारा अर्जुन करमाली पत्नी के साथ मारपीट कर घर से भगा दिया था जिस पर बुजुर्ग पिता ने आपत्ति जताई। जिस पर पिता के साथ बहस होने लगा बाद में बेटे ने कुहाड़ी से पिता के ऊपर हमला कर दिया जिससे मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस हत्यारे को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है वहीं पिता के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम में भेजने की तैयारी है। एक कलियुगी बेटे की अपनी ही पिता की हत्या करने का या मामला इलाके में सनसनी फैला दी है और लोगो को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मामूली विवाद पर इस तरह की घटना का होना निश्चित ही चिंता का विषय है।
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PM Modi के Pachpadra दौरे के लिए प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी की

Jaipur, Rajasthan:जयपुर।PM मोदी के पचपदरा दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट। 4 जुलाई को बालोतरा में HRRL रिफाइनरी उद्घाटन समारोह। समारोह की व्यवस्थाओं के लिए विभागों को सौंपी गई जिम्मेदारी। ACS, जल संसाधन विभाग को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया। ACS, सार्वजनिक निर्माण विभाग को सह-प्रभारी अधिकारी बनाया। पंडाल, कार्यक्रम स्थल, बैठने और टेंट व्यवस्था की जिम्मेदारी PWD को। पार्किंग-यातायात व्यवस्था गृह विभाग संभालेगा। भीड़ नियंत्रण और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी गृह विभाग की। PM कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए परिवहन व्यवस्था पर फोकस। मंच, मिनट टू मिनट कार्यक्रम और डायस प्लान व्यवस्था खनिज एवं पेट्रोलियम विभाग देखेगा। अतिथि सूची-निमंत्रण पत्र वितरण की जिम्मेदारी खनिज विभाग की रोजगार उत्सव में नियुक्ति पत्र वितरण तैयारियां कार्मिक विभाग करेगा। कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल सुविधा और स्वास्थ्य व्यवस्था रहेगी। बिजली, पेयजल और साफ-सफाई व्यवस्था के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी। कंट्रोल रूम की स्थापना और समन्वय के निर्देश।
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जोगबनी चाणक्य चौक पर मुहर्रम जुलूस में पत्थरबाज़ी से भगदड़

Forbesganj, Bihar:अररिया जिले के भारत नेपाल सीमा जोगबनी के चाणक्य चौक पर मुहर्रम जुलूस के दौरान पत्थरबाज़ी से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मामला करबला मैदान से जुड़ा है; कर्बला मैदान के दूसरी तरफ नेपाल के लोग भी ताजिया लेकर आए थे; असमाजिक तत्वों ने भारतीय ताजिया जुलूस पर पत्थरबाज़ी शुरू कर दी; उसके बाद भगदड़ मच गई। पत्थरबाज़ी के दौरान एसएसबी और जोगबनी पुलिस ने मोर्चा संभाला; नेपाल की तरफ से पत्थरबाज़ी करने वालों को भारतीय क्षेत्र में घुसने से रोका गया; नेपाल की आर्म फोर्स मौके से भाग खड़ी हुई; भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा जोगबनी के चाणक्य चौक का जायजा लिया।
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मोहर्रम सकुशल संपन्न होने पर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने योगी सरकार और पुलिस की सराहना

SHUBHAM KUMAR SINGHSHUBHAM KUMAR SINGHFollow10m ago
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली:- ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने 10 दिन के मोहर्रम कार्यक्रमों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि परंपरागत रीति से मोहर्रम के सभी कार्यक्रम, खासतौर पर ताज़िया और अलमों के जुलूस, सकुशल संपन्न हुए। पूरे उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में जुलूस निकाले गए और ताज़िए दफन किए गए। पेड़ काटने की और न ही बिजली के तारों को उतारने की ज़रूरत पड़ी। इस वजह से मोहर्रम के सभी कार्यक्रम कुशलतापूर्वक संपन्न हुए। इस पर मैं खास तौर पर उत्तर प्रदेश की हुकूमत, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ, जिन्होंने 10 दिनों तक मेहनत और मशक्कत करते हुए मुसलमानों के साथ खड़े रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाई।मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि एक तल्ख हकीकत यह भी है कि अगर आज के दिन योगी आदित्यनाथ की जगह अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होते, तो उत्तर प्रदेश के कई शहरों में सांप्रदायिक दंगे हो चुके होते और कई शहर आज जल रहे होते। मगर उत्तर प्रदेश की हुकूमत के कानून-व्यवस्था की बेहतरीन मिसाल यह है कि किसी को एक खरोंच तक नहीं लगी।
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