284001
झांसी में नवाबाद पुलिस ने तीन शातिर चोरों को 6 बाईक, दो स्कूटी के साथ किया गिरफ्तार
Jhansi, Uttar Pradesh:झांसी के नवाबाद थाना पुलिस ने तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से दो स्कूटी और आठ अन्य दोपहिया वाहन बरामद किए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मां पीतांबरा हॉस्पिटल के पास एक खाली मैदान में घेराबंदी की और चोरों को पकड़ा। पुलिस अब गिरफ्तार चोरों से पूछताछ कर रही है, और उम्मीद है कि उनसे और चोरी की गई वस्तुएं बरामद हो सकती हैं।
0
0
Report
हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|
जैसलमेर के पिथोडाई में ओलों से फसलों को नुकसान की चिंता बढ़ी
Jaisalmer, Rajasthan:जैसलमेर के पिथोडाई गांव में शुक्रवार को मौसम के अचानक करवट लेने से ओलावृष्टि हुई। तेज हवाओं के साथ बारिश ने ग्रामीणों में हलचल मचाई और कुछ देर में खेतों में खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ा दी है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के अनुसार दोपहर बाद आसमान बदला और बादल छा गए, फिर तेज हवा के साथ बारिश शुरू हुई और कुछ ही देर में ओले गिरने लगे। इससे रबी फसल के नुकसान का खतरा बताया गया। मौसम के बदलाव से गर्मी तो राहत मिली, पर किसान चिंतित हैं। बारिश और ओलावृष्टि का दौर कुछ समय तक रहा, इसके बाद मौसम सामान्य हो गया। फिलहाल प्रशासन द्वारा नुकसान का आकलन नहीं किया गया है।0
0
Report
चित्तौड़गढ़ के बेगूं में एनडीपीएस आरोपी 5 हजार रुपये के इनामी समेत गिरफ्तार
Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं थाना पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 साल पुराने एनडीपीएस एक्ट मामले में वांछित 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी के निर्देशन में की गई। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस से बचने के लिए जौधपुर में होटल पर काम कर रहा था। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर उसे गिरफ्तार किया। वर्ष 2023 में आरोपी के वाहन से 24 किलो 500 ग्राम डोडाचूरा जब्त किया गया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।0
0
Report
लेह में सफाई अभियान तेज, पर्यटन उद्घाटन से पहले शहर तैयार हो रहा है
Aram Pora, Ganderbal, Chief Secretary, Union Territory of Ladakh, Shri Ashish Kundra, chaired a meeting to review the ongoing cleanliness drive in Leh town and to assess the preparedness of all stakeholder agencies in ensuring a clean, organized and welcoming environment ahead of upcoming important events and tourist arrivals. During the meeting, Deputy Commissioner Leh, Shri Romil Singh Donk, informed that the cleanliness mission in Leh town was launched nearly 15 days ago under the directions of the Chief Secretary and the Hon’ble Lieutenant Governor of Ladakh. He stated that the campaign has witnessed active participation from multiple agencies and institutions, reflecting a collective commitment towards maintaining cleanliness and civic responsibility in the town. It was informed that Leh town has been divided into five operational zones for the effective implementation of the cleanliness drive. Various agencies including the Indian Air Force, Army, Indo-Tibetan Border Police (ITBP), Border Roads Organisation (BRO)/Project Himank, Merchant Association, All Ladakh Hotel and Guest House Association (ALGHA), and All Ladakh Tour Operators Association (ALTOA) have been assigned responsibilities in different zones to ensure coordinated action on the ground. The Deputy Commissioner gave a detailed presentation covering the zonal structure of the cleanliness mission, implementation timeline, roles and responsibilities of stakeholders, Information, Education and Communication (IEC) activities, school engagement initiatives and competition plans, shramdaan in government offices, cross-cutting daily responsibilities for all zones, day-wise execution plans, and other key operational aspects of the campaign. During the review, the Chief Secretary placed special emphasis on the upcoming public display of the sacred Buddha Relics, an event expected to draw a large number of tourists, devotees and high-level dignitaries from within and outside the country. Stressing the need for intensive and visible cleanliness efforts, Shri Kundra instructed the Border Roads Organisation (BRO) to ensure thorough cleaning and maintenance of the road stretch from Leh Airport to Jivetsal so that visitors and dignitaries are welcomed into a clean and aesthetically presentable town. The meeting also discussed the status of dustbin distribution, the role of the Municipal Committee in strengthening the cleanliness mission, and the engagement of ex-servicemen as manpower under Green Ladakh initiatives and other maintenance-related works. The Chief Secretary instructed all concerned agencies to improve inter-departmental coordination and ensure effective deployment of manpower, logistics support and heavy machinery wherever required. He further directed that all pending assessments and support requirements be addressed on priority to avoid any gaps in implementation. Shri Kundra urged all agencies and departments to work in close coordination and adopt a practical, collaborative and result-oriented approach in carrying out the mission. He emphasized that the cleanliness drive should not remain limited to a short-term campaign but should evolve into a sustained public movement with active community ownership and institutional support. The meeting also provided an opportunity for key stakeholders to share their suggestions and field-level concerns. Representatives from the Merchant Association, ALGHA, Army, ITBP, Police and other participating agencies highlighted several issues related to waste management and cleanliness infrastructure and assured their full cooperation in taking the initiative forward in a collaborative spirit. Among those present in the meeting were Director General of Police, Shri Mukesh Singh; Secretary, I&FC, Shri Rahul Sharma; Lieutenant General Pratik Sharma, GOC-in-C; Deputy Commissioner Leh, Shri Romil Singh Donk; Sub-Divisional Commissioner Leh, Shri Mukul Beniwal; representatives from ITBP and BRO; President, All Ladakh Hotel and Guest House Association Leh (ALGHA); President, Merchant Association; representatives of ALTOA; and other stakeholders associated with the cleanliness mission.0
0
Report
Advertisement
गंदरबल के ऊपर 2400 मीटर से अधिक क्षेत्रों 24 घंटे में मध्यम खतरे वाला हिमपात
Aram Pora, Ganderbal, Avalanche with medium danger level is likely to occur above 2400 metres over Ganderbal in next 24 hours. Stay Alert. Stay Safe:-Jammu and Kashmir Union Territory Disaster Management Authority0
0
Report
एरंडोल में पाटचारी फूटने से खेतों में पानी घुसा, चारे को नुकसान
Jalgaon, Maharashtra:जळगाव,एरंडोल जळगावच्या एरंडोल तालुक्यातील उञाण परिसरात पाटचारी फुटली फुटलेल्या पाटचारीचे पाणी शेतामध्ये शिरल्याने शेतकऱ्याचे नुकसान मनोज महाजन यांच्या शेतात गुरांसाठी लागणारा चारा अक्षरशः पाण्याखाली भिजल्याने नुकसान शेताच्या बाजूने जाणाऱ्या पाटाचे पाणी अचानक फुटल्याने मोठ्या प्रमाणात पाणी थेट शेतात शिरला गुरांसाठी तयार केलेला चारा पूर्णपणे खराब झाला असून शेतकऱ्यांसमोर मोठे संकट उभे ठाकले आहे गुरांसाठी चारा कुठून आणायचा?” असा सवाल त्यांनी उपस्थित केला आहे या घटनेमुळे पाटबंधारे विभागाच्या कामकाजावर प्रश्नचिन्ह उपस्थित पाटाच्या पाण्यामुळे झालेल्या नुकसानाची भरपाई देण्याची शेतकऱ्यांकडून मागणी0
0
Report
राजस्थान में 5 हजार से अधिक बसों का पंजीयन अब सख्ती के साथ होगा
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - 5 हजार से अधिक बसों पर संकट! - अब राजस्थान में कराना होगा पंजीयन? - गृह राज्य से बाहर 60 दिन से ज्यादा नहीं रहेंगी - पर्यटकों की सूची रखना होगा जरूरी - पैनिक बटन, जीपीएस सुविधा भी जरूरी - नागालैंड, अरुणाचल में पंजीयन, होगी सख्ती एंकर बाहरी राज्यों में बसों का पंजीयन कराने के बाद राजस्थान में धड़ल्ले से संचालित हो रही बसों पर अब राज्य सरकार सख्ती करने जा रही है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नए संशोधित नियम जारी हुए हैं। इन नियमों से न केवल एआईटीपी के नाम पर चलने वाली बसों का फर्जीवाड़ा रुकेगा, साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद भी रहेगी। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अखिल भारतीय पर्यटक परमिट यानी एआईटीपी के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए संशोधन नियम 2026 केन्द्र सरकार द्वारा लागू कर दिए गए हैं। इसकी अनुपालना में राजस्थान के परिवहन विभाग ने भी नियमों की पालना कराने को लेकर प्रदेशभर के आरटीओ को निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी आरटीओ को पालना कराने के लिए कहा है। इन निर्देशों में कहा गया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट अब केवल टूरिस्ट वाहनों के लिए ही जारी किया जाएगा। परमिट के लिए आवेदन पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रारूप 1 में निर्धारित फीस के साथ करना होगा। यह आवेदन वाहन के रजिस्ट्रेशन वाले क्षेत्र के आरटीओ को ही करना होगा। बैटरी से चलने वाले अथवा मेथेनॉल या इथेनॉल से चलने वाले पर्यटक वाहनों के लिए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बिना किसी परमिट फीस के भुगतान के जारी किया जाएगा। यानी केन्द्र सरकार ने ई-व्हीकल्स को बढ़ावा देने की भी मुहिम शुरू की है। नियमें में बदलाव क्या-क्या ? - टूरिस्ट परमिट वाहन गृह राज्य से यात्रा शुरू कर वहीं समाप्त करेगा - गृह राज्य के बाहर 60 दिन से ज्यादा अवधि के लिए नहीं रहेगा - समूह में पर्यटकों के परिवहन किया जा सकेगा, स्टेज कैरिज में नहीं चलेगी - यानी रास्ते में जगह-जगह से सवारियां नहीं ले सकेंगी ऐसी बसें - बस में मौजूद सभी पर्यटकों की लिखित या मोबाइल में सूची रखनी होगी - इस सूची में पर्यटक के मूल स्थान और गंतव्य स्थान की सूचना होना जरूरी - पर्यटकों की सूची के अलावा अन्य कोई यात्री बस में नहीं बैठ सकेंगे - ऐसी बसों में जीपीएस/वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाने अनिवार्य होंगे - चालान होने पर 45 दिन से ज्यादा पुराने कोई चालान नहीं होने चाहिए गाय- मदन यादव, उपाध्यक्ष, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन वीओ- 2 राजस्थान के मामले में सबसे ज्यादा परेशानी यह है कि राज्य में 5 हजार से ज्यादा ऐसी बसें चल रही हैं, जिनका पंजीयन बस संचालकों ने बाहरी राज्यों में कराया हुआ है। बस संचालकों का तर्क यह रहता है कि राजस्थान का बसों का मासिक टैक्स अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। इस कारण बड़ी संख्या में बस संचालकों ने अपनी बसें मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य राज्यों में पंजीकृत कराई हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में पंजीकृत करीब 2 हजार बसें राजस्थान के बस संचालकों की हैं। इसी तरह राज्य के बस संचालकों ने अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में करीब 700-700 बसें पंजीकृत करवा रखी हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 600 बसें, दमन और दीव में करीब 300 बसें, बिहार में करीब 400 बसें पंजीकृत कराई हुई हैं। अब जबकि परमिट नियमों को लेकर सख्ती की जाएगी, तो ऐसे में परिवहन विभाग को उम्मीद है कि ये बसें अब राजस्थान में ही पंजीकृत होंगी और राज्य का टैक्स राजस्व बढ़ेगा। वहीं बस संचालकों ने राज्य सरकार से टैक्स दरों में कमी करने की मांग उठाई है। - काशीराम चौधरी जी मीडिया, जयपुर0
0
Report
Advertisement
अहमदाबाद से लौटे युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर दी आत्महत्या
Dungarpur, Rajasthan:डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के वासुवा गाँव में एक युवक ने मवेशी घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | युवक अहमदाबाद में मजदूरी करता था और दो दिन पहले ही घर आया था | आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस मामले की जांच में जुटी है | डूंगरपुर जिले के चौरासी थाने के एएसआई दिनेश मीणा ने बताया कि वासुआ निवासी प्रताप मनात ने रिपोर्ट दी है | रिपोर्ट में बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा सुखदेव मनात अहमदाबाद में मजदूरी करता है | दो दिन पहले ही वह घर आया था | आज सुबह सुखदेव घर पर ही था | वह महुए बीनने के लिए घर से निकला था | वही सुखदेव की माँ रसोई में खाना बना रही थी | इस दौरान मवेशी घर में सुखदेव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली | घटना की सुचना पर मौके पर लोगो की भीड़ जमा हो गई | वही पुलिस भी मौके पर पहुंची| पुलिस ने शव को फंदे उतरवाकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुँचाया | जहा पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है | फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है | पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है |0
0
Report
राजस्थान की 5 हजार से अधिक बसों के पंजीयन नियम बदले, गृह राज्य से पंजीयन जरूरी
Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में चल रही 5 हजार से अधिक बसों पर संकट! - अब राजस्थान में कराना होगा पंजीयन?, गृह राज्य से बाहर 60 दिन से ज्यादा नहीं रहेंगी - AITP नियमों में बदलाव, अब बस के अंदर पर्यटकों की सूची रखना होगा जरूरी - पैनिक बटन, जीपीएस सुविधा भी जरूरी जयपुर। बाहरी राज्यों में बसों का पंजीयन कराने के बाद राजस्थान में धड़ल्ले से संचालित हो रही बसों पर अब राज्य सरकार सख्ती करने जा रही है। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के नए संशोधित नियम जारी हुए हैं। इन नियमों से न केवल एआईटीपी के नाम पर चलने वाली बसों का फर्जीवाड़ा रुकेगा, साथ ही राज्य सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी की उम्मीद भी रहेगी। दरअसल केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने अखिल भारतीय पर्यटक परमिट यानी एआईटीपी के लिए नियमों में संशोधन किया है। नए संशोधन नियम 2026 केन्द्र सरकार द्वारा लागू कर दिए गए हैं। इसकी अनुपालना में राजस्थान के परिवहन विभाग ने भी नियमों की पालना कराने को लेकर प्रदेशभर के आरटीओ को निर्देश जारी किए हैं। परिवहन विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने सभी आरटीओ को पालना कराने के लिए कहा है। इन निर्देशों में कहा गया है कि ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट अब केवल टूरिस्ट वाहनों के लिए ही जारी किया जाएगा। परमिट के लिए आवेदन पोर्टल पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रारूप 1 में निर्धारित फीस के साथ करना होगा। यह आवेदन वाहन के रजिस्ट्रेशन वाले क्षेत्र के आरटीओ को ही करना होगा। बैटरी से चलने वाले अथवा मेथेनॉल या इथेनॉल से चलने वाले पर्यटक वाहनों के लिए ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट बिना किसी परमिट फीस के भुगतान के जारी किया जाएगा। यानी केन्द्र सरकार ने ई-व्हीकल्स को बढ़ावा देने की भी मुहिम शुरू की है। नियमें में बदलाव क्या-क्या ? - टूरिस्ट परमिट वाहन गृह राज्य से यात्रा शुरू कर वहीं समाप्त करेगा - गृह राज्य के बाहर 60 दिन से ज्यादा अवधि के लिए नहीं रहेगा - समूह में पर्यटकों के परिवहन किया जा सकेगा, स्टेज कैरिज में नहीं चलेगी - यानी रास्ते में जगह-जगह से सवारियां नहीं ले सकेंगी ऐसी बसें - बस में मौजूद सभी पर्यटकों की लिखित या मोबाइल में सूची रखनी होगी - इस सूची में पर्यटक के मूल स्थान और गंतव्य स्थान की सूचना होना जरूरी - पर्यटकों की सूची के अलावा अन्य कोई यात्री बस में नहीं बैठ सकेंगे - ऐसी बसों में जीपीएस/वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाने अनिवार्य होंगे - चालान होने पर 45 दिन से ज्यादा पुराने कोई चालान नहीं होने चाहिए नागालैंड तक पंजीकृत हैं बसें राजस्थान के मामले में सबसे ज्यादा परेशानी यह है कि राज्य में 5 हजार से ज्यादा ऐसी बसें चल रही हैं, जिनका पंजीयन बस संचालकों ने बाहरी राज्यों में कराया हुआ है। बस संचालकों का तर्क यह रहता है कि राजस्थान का बसों का मासिक टैक्स अन्य पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। इस कारण बड़ी संख्या में बस संचालकों ने अपनी बसें मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और अन्य राज्यों में पंजीकृत कराई हुई हैं। सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश में पंजीकृत करीब 2 हजार बसें राजस्थान के बस संचालकों की हैं। इसी तरह राज्य के बस संचालकों ने अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में करीब 700-700 बसें पंजीकृत करवा रखी हैं। उत्तर प्रदेश में करीब 600 बसें, दमन और दीव में करीब 300 बसें, बिहार में करीब 400 बसें पंजीकृत कराई हुई हैं। अब जब परमिट नियमों को लेकर सख्ती की जाएगी, तो ऐसे में परिवहन विभाग को उम्मीद है कि ये बसें अब राजस्थान में ही पंजीकृत होंगी और राज्य का टैक्स राजस्व बढ़ेगा। वहीं बस संचालकों ने राज्य सरकार से टैक्स दरों में कमी करने की मांग उठाई है। बस ऑपरेटर्स की मांग कॉन्ट्रैक्ट कैरिज बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष मदन यादव कहते हैं कि नए नियमों का हम स्वागत करते हैं। लेकिन राज्य सरकार को राजस्थान के बस संचालकों की इस सोच को भी ध्यान में रखना चाहिए कि आखिर वे दूसरे राज्यों में बस पंजीकरण कराने के लिए मजबूर क्यों हो रहे हैं। राज्य सरकार को पड़ोसी राज्यों से तुलना करते हुए टैक्स की दरों में संशोधन करना चाहिए, जिससे बस संचालकों को भी राहत मिल सके। जिससे कि वे बाहर पंजीयन कराने के बजाय राजस्थान में ही बसों का पंजीयन करवाएं और राज्य सरकार को टैक्स देकर राज्य के आर्थिक विकास में सहभागी बनें।0
0
Report
इमरान मसूद बोले: ईरान-यूएस-इजरायल संघर्ष से दुनिया बदलेगी, युद्ध रोकना होगा
Noida, Uttar Pradesh:सहारनपुर, उत्तर प्रदेश | पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद कहते हैं, “कोई रणनीति नहीं है। यह सिर्फ दो लोगों, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू की मूर्खता है… पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। अब विश्व व्यवस्था बदलेगी… ईरान अमेरिका और इजरायवल को कड़ी टक्कर दे रहा है… युद्ध समाप्त होना चाहिए, लेकिन यह तभी समाप्त होगा जब आप हमले बंद करेंगे… ईरान बदला लेगा… इस युद्ध ने ईरान को एक नेता के रूप में स्थापित किया है।”0
0
Report
Advertisement
अंबाला में पार्किंग विवाद के बाद खूनी हमला; तीन घायल
Ambala, Haryana:अंबाला शहर के जलबेड़ा रोड पर पार्किंग को लेकर हुए विवाद में 2 दुकानदारों का झगड़ा हो गया। जिसमें 3 लोग बुरी तरह घायल हो गए। घायलों का कहना है उनके ऊपर चाकुओं से वार किए गए। पुलिस का कहना है मामले की जांच कर कार्रवाई की जा रही है. अंबाला शहर के जलबेड़ा रोड पर आज उस समय हड़कंप मच गया, जब मामूली पार्किंग के विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो गुटों के बीच हुई इस झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों का आरोप है कि दूसरे पक्ष ने समझौते के बहाने बुलाकर उन पर तेज़धार हथियारों और चाकुओं से हमला किया। घटना जलबेड़ा रोड की है, जहाँ पार्किंग को लेकर दो दुकानदारों के बीच कहासुनी शुरू हुई। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे मामले को सुलझाने और समझौता करने के लिए गए थे, लेकिन दूसरा पक्ष पहले से ही हथियारों से लैस था। हमलावरों ने आव देखा न ताव और सीधा वार करना शुरू कर दिया। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनकी MLR कट चुकी है। वहां भी पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और घायलों के बयान दर्ज कर लिए हैं. फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। लेकिन दिनदहाड़े शहर के व्यस्त रोड पर हुई इस वारदात ने कानून व्यवस्था पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं.0
0
Report
स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर लूट: डिज़ाइन और कीमतों का खेल
Delhi, Delhi:स्कूल यूनिफॉर्म के नाम पर कैसे होती है लूट...डिज़ाइन के नाम पर डराते है स्कूल....मैनुफैक्चरिंग एक फिर अलग-अलग क्यों होते है यूनिफ़ॉर्म के रेट....ज़ी न्यूज़ के ज़रिए समझीये स्कूल यूनिफ़ॉर्म के नाम पर 'लूट का अर्थशास्त्र' देश मे प्राइवेट स्कूलों के मनमानी के खिलाफ जारी ज़ी न्यूज़ की मुहिम में आज हम आपको बताएंगे कि कैसे साल के दो सीज़न में स्कूल पेरेंट्स को स्कूल की यूनिफ़ॉर्म के नाम पर लूटने में लगे है। ज़ी न्यूज़ की टीम ने यूनिफ़ॉर्म के बनने की शुरुआत से लेकर पेरेंट्स को बेचने की पूरी कड़ी की जब पड़ताल की तो जो सच सामने आया वो बेहद चोकाने वाला था। ज़ी न्यूज़ की टीम देश की सबसे बड़ी यूनिफ़ॉर्म फैक्टरी में पहुंची तो देखा कि कैसे अलग अलग स्कूल अपने ब्रांड और मेटिरियल के नाम पर एक ही साइज़ की अलग अलग कीमत की यूनिफ़ॉर्म बेच रहे है। देश के ज्यादातर बड़े स्कूलों के वेंडर ने ज़ी न्यूज़ को बताया कि कुछ लोगों ने युद्ध की वजह से अपनी कीमत बड़ा दी है। 300 से लेकर 900 रुपए तक बनाकर बेचने वाले GM ऑपेरशन सुशील जोशी का कहना है कि कुछ लोग है जो घटिया क्वालिटी की यूनिफ़ॉर्म बनाकर महँगी बेचते है। जबकि उनके यहां यूनिफार्म का प्राइस उसे बनाने के सभी घटको को जोड़कर 25 प्रतिशत के मुनाफे में बेचते है। प्रमोद शर्मा का फैक्टरी में यूनिफ़ॉर्म बनते हुए दिखाते हुए वॉक थ्रू और सुशील जोशी का टिक टेक लगाए... वही ज़ी न्यूज़ ने मैनुफैक्चरिंग के अलावा नोएडा के स्कूल यूनिफ़ॉर्म के रिटेलर से पूछताछ की तो जो सच रिटेलर ने बताया उसने लूट की इस मोड्स ऑपरेंडी का खुलासा कर दिया। यूनिफार्म की दुकान के मालिक राजिंदर सिंह चौहान ने बताया कि ज्यादातर स्कूल जानबूझकर नया सीज़न शुरू होने से पहले यूनिफ़ॉर्म के डिज़ाइन या लोगों में एक छोटा सा बदलाव कर देते है और अपने वेंडर के ज़रिए कुछ समय मे ही बनाकर बेचने को कहते है। ताकि उनकी बदल चुकी यूनिफ़ॉर्म की कोई जल्दी से कॉपी नहीं कर सके...लिहाज़ा पेरेंट्स को स्कूल से या स्कूल के वेंडर से यूनिफ़ॉर्म खरीदने का दबाव बनाते है। जिसका खामियाज़ा सीधे तौर पर पेरेंट्स और उन दुकानदारों और होता है जो सस्ती दर पर हर स्कूल की यूनिफ़ॉर्म रखते है। प्रमोद शर्मा का राजिंदर सिंह चौहान के साथ टिक टेक जिस तरीके का सिस्टम यूनिफ़ॉर्म को बेचने को लेकर स्कूल प्रशासन ने बनाया हुआ है उसमें बच्चो के पेरेंट्स का लुटना तय है। अब दोंनो लोग ही स्कूल यूनिफ़ार्म को लेकर सरकार से मांग कर रहे है कि स्कूल यूनिफ़ॉर्म बेचने को लेकर स्कूलों पर लगाम लगानी चाहिए... दोनों की वो बाईट लगाए जिसमे वो सरकार के दखल कर रहे है। ज़ी न्यूज़ की तफ़्तीश में साफ हो गया कि शिक्षा के नाम पर कैसे स्कूल वाले आपदा में अवसर तलाश रहे है।0
0
Report
रीवा में डंपर ने पिता-पुत्र को कुचला, दोनों की मौके पर मौत
Rewa, Madhya Pradesh:रीवा में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है… जहां एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार पिता-पुत्र को कुचल दिया… इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई… खास बात ये है कि बेटा अपने पिता को मुंबई जाने के लिए रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था… मामला रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र का है… जहां सकरवट मोड़ के पास यह भीषण हादसा हुआ… जानकारी के मुताबिक सिमरिया थाना क्षेत्र के रुपौली गांव निवासी 55 वर्षीय रामाश्रय साहू अपने रोजगार के लिए मुंबई जाने निकले थे… उनका इकलौता पुत्र मनीष साहू बाइक से उन्हें रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहा था… लेकिन रास्ते में ही दोनों काल के गाल में समा गए… बताया जा रहा है कि विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी… टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता-पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई… घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर को जब्त कर लिया… वहीं शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी गई है… इस हादसे की सबसे दुखद बात ये है कि मनीष साहू अपने पिता का इकलौता बेटा था… और दोनों एक साथ हादसे का शिकार हो गए… पुलिस के अनुसार सकरवट मोड़ पर सड़क दुर्घटना में पिता-पुत्र की मृत्यु हुई है… डंपर को जब्त कर लिया गया है… आगे की कार्रवाई की जा रही है… एक ही परिवार के दो लोगों की इस दर्दनाक मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है… फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है…0
0
Report
Advertisement
आगरा में डंपर की चपेट में आकर व्यक्ति की मौत, जांच में जुटी पुलिस
Agra, Uttar Pradesh:सड़क पार करते वक्त हुआ हादसा नगर निगम के डंपर ने व्यक्ति को रौंदा डंपर के नीचे आने से मौके पर हुई व्यक्ति की मौत हादसे के बाद मौके पर जुटी भारी भीड़ सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची थाना पुलिस स्थानीय लोगों में आक्रोश, चालक की लापरवाही से हादसे का आरोप हादसे के बाद शव पोस्टमार्टम को भेज, जांच में जुटी पुलिस आगरा थाना जगदीशपुरा अलबतिया का मामला0
0
Report
मोतीहारी में जहरीली शराब से मौतों के बाद बिहार में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
Patna, Bihar:बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में जहरीली शराब से चार मौतें हो चुकी हैं और कई अन्य लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं. राजनीति शुरू हो चुकी है. तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा. RJD प्रवक्ता ने कहा जहरीली शराब से मौतें पहली बार नहीं. पहले नवादा, गोपालगंज, मोतिहारी, बेतिया, सिवान में भी मौतें हो चुकी हैं. शराबबंदी फेल है. प्रतिमा कुमारी ने कहा कि सरकार ने मौतों के कारणों को 'अज्ञात' बताकर गलत किया. बीजेपी MLC नवल यादव ने कहा शराबबंदी के बाद लोग जहर पीते हैं; नकली शराब रोकना जरूरी है. JDU MLC भीष्म सहनी ने कहा शराबबंदी है पर मोतिहारी घटना में थाने-थानों की लापरवाही है; संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया गया है.0
0
Report
छत्तीसगढ़ में एनसीईआरटी के बदले महंगी किताबें, शिक्षा मंत्री ने कड़ाई से कार्रवाई की चेतावनी
Durg, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में स्कूले खुलने वाली है लेकिन स्कूल खुलने के पहले ही निजी स्कूलों की मनमानी शुरू हो चुकी है। एनसीईआरटी की किताबों की जगह निजी पब्लिशर की किताबें 100 गुना ज्यादा दामों में बिक रही हैं। वही किताब जिसका मूल्य ₹50 से 65 रुपए है, 500 से ₹900 में बेची जा रही है। Zee Media ने छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सवाल किया तो उन्होंने कहा कि स्कूल खुलने वाली है। ऐसे में सरकार ने पिछले बार भी आदेश जारी किया था कि एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों से ही पढ़ाई कराई जाए; निजी पब्लिशर की किताबें लेने के लिए लोगों को बाध्य न किया जाए। सत्र चालू होने के पहले यदि इस तरह की बदमाशी सामने आती है तो हम कार्रवाई करेंगे। इतना ही नहीं हमने शिक्षा सचिव को भी आदेशित कर दिया है कि जल्द ही एक आदेश जारी करें और यदि कोई बदमाशी करता पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी करें। जो स्कूल की किताबें ₹300 में मिल रही हैं और उसमें हजारों रुपए खर्च कराना ठीक बात नहीं है, आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाएगा.0
0
Report
Advertisement
