icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
284003
Amir SohailAmir SohailFollow2 Jul 2024, 10:13 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

राम वन गमन पथ में सोशल ऑडिट विवाद: अध्यक्ष अजय चंद्राकर पर सवाल

Begun, Rajasthan:डिजिटल पर भी लिया जा सकता है रायपुर। राम वन गमन पथ परियोजना में सोशल ऑडिट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है.. सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 10 जनवरी 2025 को सोशल ऑडिट समिति का गठन किया गया था, लेकिन एक साल तीन महीने बाद भी ऑडिट की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है.. इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि समिति के अध्यक्ष बनाए गए वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर को ही अपने अध्यक्ष होने की जानकारी नहीं है.. अजय चंद्राकर के बयान पर कांग्रेस ने साधा निशाना भाजपा नेता और वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि उन्हें अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है.. उन्होंने बताया कि विधानसभा के प्रश्नों के जरिए उन्हें इस बात का पता चला कि उन्हें समिति का अध्यक्ष बनाया गया है.. उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कोई बैठक नहीं हुई है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि बैठक कौन बुलाएगा.. वहीं, इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा. कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि राम वन गमन परिपथ का निर्माण कांग्रेस सरकार के समय किया गया था और कई स्थानों पर विकास कार्य व मूर्तियां स्थापित की गई थीं.. भाजपा सरकार के आने के बाद इन कार्यों पर रोक लगा दी गई और उल्टा आरोप लगाए जाने लगे.. उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल ऑडिट कमेटी का गठन भी सिर्फ जनता को गुमराह करने के लिए किया गया. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने बनाई थी योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने राम वन गमन पथ की योजना बनाई थी.. इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर गत 13 नवंबर 2019 को राज्य स्तरीय समिति का गठन किया गया था.. इस समिति में 12 लोगों को शामिल किया गया. इसकी पहली बैठक 14 नवंबर 2020 को हुई. जिसमें विषय विशेषज्ञ तय हुए और श्रीराम सांस्कृतिक शोध संस्थान न्यास नई दिल्ली के तत्कालीन निदेशक डॉ. राम अवतार शर्मा द्वारा पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक प्रमाणों के आधार पर लिखी शोध परक पुस्तक जहं, जहं चरण पड़े रघुवर के तथा छत्तीसगढ़ के डॉ. मन्नुलाल यदु, डॉ. हेमलाल यदु द्वारा लिखी शोध परक पुस्तक छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के आधार पर स्थल चयन किया गया.. राम वन गमन पथ के विकास के लिए 7 स्थानों का चयन छत्तीसगढ़ में राम वन गमन पथ के स्थल चयन के विकास के लिए 7 स्थानों का चयन किया गया.. इसमें राजिम, शिवरीनारायण, सीतामढ़ी-हरचौका, रामगढ़, मुकुंदपुर-नगरी, चंदखुरी एव चंपारण्य शामिल है.. इन स्थानों पर प्रभु श्री राम की प्रतिमा लगाने के साथ-साथ विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी दी गई। इस क्षेत्र के विकास के तहत कुल 82 करोड़ 25 लाख 66 हजार 818 रुपए खर्च भी किए गए..
0
0
Report

मुलताई नगरपालिका: नीतू परमार को फिर अध्यक्ष बनाने से बीजेपी को बड़ा झटका

Betul, Madhya Pradesh:बैतूल की मुलताई नगरपालिका में अध्यक्ष पद को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला आया है । बीते डेढ़ साल से यहां भाजपा की वर्षा गढेकर अध्यक्ष पद पर थीं लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद अब एक बार फिर कांग्रेस की नीतू परमार मुलताई नगरपालिका अध्यक्ष पर का चार्ज ले चुकी हैं । गौरतलब है कि पिछले नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की नीतू परमार अध्यक्ष पर चुनी गई थी लेकिन अध्यक्ष पद चुनाव में धांधली को लेकर भाजपा की वर्षा गढेकर ने मुलताई के एडीजे कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिस पर एडीजे कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए नीतू परमार के अध्यक्ष पद चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था और भाजपा की वर्षा गढेकर ने अध्यक्ष पद का कार्यभार संभाल लिया था । इसके बाद नीतू परमार ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां डेढ़ साल तक चली सुनवाई के बाद अब आखिरकार कोर्ट ने मुलताई एडीजे कोर्ट के फैसले को निरस्त कर नीतू परमार को दोबारा अध्यक्ष पर संभालने का आदेश जारी किया है । भाजपा के लिए ये एक बड़ा झटका माना जा रहा है जबकि कांग्रेस खेमे में एक बार फिर खुशी की लहर दौड़ गई है । मुलताई में अध्यक्ष पर को लेकर जारी खींचतान से शहर में विकास कार्य भी प्रभावित हुए हैं ।
0
0
Report
Advertisement

कीर्ति हत्या: दहेज़ के लिए ससुराल पर संदेह, FIR दर्ज

Bharatpur, Rajasthan:भरतपुर के चिकसाना थाना इलाके में एक महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। महिला के पीहर पक्ष को शक है कि कीर्ति की हत्या उसके ससुराल वालों ने की है। ससुराल वाले कीर्ति को दहेज के लिए परेशान करते थे। कीर्ति के गले पर निशान भी मौजूद हैं। रोहित निवासी बसैया थाना अछनेरा जिला आगरा ने बताया कि मेरी छोटी बहन कीर्ति की शादी 5 साल पहले पवन निवासी इकरन थाना चिकसाना के साथ हुई थी। मेरे परिवार वालों ने शादी में करीब 8 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी के बाद से ही कीर्ति का पति पवन, सास फूलो देवी, ससुर घमंडी सिंह, देवर देव वीर सिंह, शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। दहेज की मांग को लेकर कीर्ति के ससुराल उसके साथ मारपीट करते रहे। मारपीट के बारे में कीर्ति ने अपने पीहर पक्ष से कई बार शिकायत कि लेकिन, कई बार पंचायत आयोजित करवाई गई। जहां कीर्ति के पीहर पक्ष ने हमेशा यह विश्वास दिलाया कि अब वह कीर्ति के साथ मारपीट नहीं करेंगे और ना ही दहेज मांगेंगे। कीर्ति का देवर देव वीर फौज में नौकरी करता है उसका भी विवाद उसकी पत्नी से चल रहा है। देवर की सह पर ही कीर्ति के साथ मारपीट की जाती थी। 3 महीने पहले कीर्ति ने अपने brother रोहित को बताया था कि देवर ने फोन कर अपने परिवार वालों से कहा था कि वह कीर्ति की हत्या कर दें। उसके बाद वह पवन की शादी कहीं दूसरी जगह करवा देंगे। 6 अप्रैल को रोहित के पास एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया की कीर्ति की मौत हो गई है। कीर्ति के पीहर पक्ष के लोग तुरंत उसके ससुराल पहुंचे। ससुराल में कीर्ति का शव पड़ा हुआ था। कीर्ति के गले पर निशान थे। जिसके बाद उसे तुरंत आरबीएम अस्पताल लेकर जाया गया। चिकसाना थाना पुलिस ने कीर्ति के शव का पोस्टमार्टम करवाया। कीर्ति के भाई को शक है कि कीर्ति का गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कीर्ति के भाई ने पुलिस को FIR दे दी है। वही मामले में डीएसपी भरतपुर ग्रामीण कन्हैयालाल चौधरी ने बताया है कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपर्द कर दिया और मामले में अनुसंधान जारी है।
0
0
Report

भूपेश बघेल बोले, असम चुनाव में परिवर्तन का जनादेश; भ्रष्टाचार पर निशाना

Raipur, Chhattisgarh:रायपुर- पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बयान: असम चुनाव को लेकर बोले भूपेश बघेल. नया असम बनाने की जनता ने ठान लिया है. जनता ने मन बना लिया है परिवर्तन करना है. बीजेपी के नेता बौखला गए हैं. अमित शाह असम में जाकर बोल रहे हैं गाय बाटेंगे. 2003 गाय बाटने की योजना छत्तीसगढ़ में फेल हो गई है. अब इनके पास नया कुछ देने का है नहीं. भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबा हुआ है मुख्यमंत्री और उसका परिवार. उसके बारे में कुछ भी बोलो तो FIR हो रहा है. हमारे आवेदन पर कार्रवाई नहीं हो रही है. यहाँ रात में FIR होती है और सुबह असम पुलिस दिल्ली पहुँच जाती है. आचार संहिता लगा हुआ है और देश की एजेंसी किस प्रकार काम कर रही है यह प्रश्नवाचक चिन्ह है.
0
0
Report

रसद विभाग की अचानक दबिश: श्रीकरणपुर के होटलों से गैस सिलेंडर जब्त

Sri Ganganagar, Rajasthan:श्रीकरणपुर में आज अचानक रसद विभाग ने कार्रवाई की, वही कई होटलों पर एक साथ दबिश दी और गैस सिलेंडर जप्त किये। प्रवर्तन अधिकारी अमित चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के राधे लाईट हाउस से 01 सिलेडंर, पंजाबी ढाबा से 2 सिलेंडर, होटल आशीष से 1 सिलेंडर को किया गया जब्त है अधिकारियों ने बताया कि जब्त किये गए सभी 4 सिलेंडर श्रीकरणपुर गैस सर्विस के सुपुर्द किये गए हैं, रसद विभागीय की कार्रवाई से अचानक कई होटल संचालक भूमिगत हो गए वहीं प्रवर्तन अधिकारी अमित चौधरी ने बताया कि जरूरत के हिसाब से नियमों के तहत गैस व्यवस्था सुचारु है। ब्लैक पेट्रोलियम सिलेंडर के धंधा करने वालों की सूचना देने की अपील की है。
0
0
Report
Advertisement

कुलगाम हैलीस्टॉर्म: मंत्री सकिना ईटो ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर नुकसान आकलन किया

Kulgam, Kulgam Hailstorm: Cabinet Minister Sakina Itoo Visits Affected Areas, Assesses Damage KCC Loan Waiver Not in UT Govt’s Jurisdiction, Says Sakina Itoo; Assures to Take Matter with Centre Kulgam, April 7: Cabinet Minister Sakina Itoo today visited various hailstorm-affected areas of Kulgam district, where a severe hailstorm struck yesterday, causing significant damage to orchards and crops. During her visit, the Minister toured several affected villages and took stock of the losses suffered by farmers, particularly in the horticulture sector. She was accompanied by senior officials from the Horticulture Department, who also assessed the extent of damage on the ground. Speaking on the occasion, Sakina Itoo said that over the past three to four years, the region has been witnessing repeated losses in the horticulture sector due to adverse weather conditions, including hailstorms. She added that similar damage had occurred in previous years as well. The Minister stated that the government has already directed officials from both the Horticulture and Revenue Departments to conduct a thorough ground-level assessment of the losses. “We have instructed the concerned departments to evaluate the extent of damage so that appropriate steps can be taken,” she said. Assuring support to the affected farmers, she said that the government will make every possible effort to provide relief after reviewing the assessment reports. When asked about the demand from farmers for waiver of Kisan Credit Card (KCC) loans, the Minister clarified that loan waivers are not within the jurisdiction of the Union Territory government. However, she assured that the matter will be taken up with the Central Government. “We will write to the Central Government regarding the KCC loan waiver so that the concerns of farmers can be addressed,” she said. She further remarked that the current compensation amounts, ranging from a few hundred to a thousand rupees, are insufficient to provide real relief to farmers. Emphasizing the need for better support mechanisms, she reiterated that farmers deserve more substantial assistance in such situations.
0
0
Report

फर्जी IAS अधिकारी बनकर ठगी: मधेपुरा दंपत्ति गिरफ्तार, 34.74 लाख की ठगी का खुलासा

Madanpur, Bihar:फर्जी अधिकारी बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का मधेपुरा पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में पति–पत्नी को पटना से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर मधेपुरा के एक ठेकेदार को सरकारी कार्य दिलाने के नाम पर कुल 34 लाख 74 हजार रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित नारायण यादव जो मधेपुरा नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 09 निवासी ने 08 फरवरी 2026 को सदर थाना में आवेदन देकर बताया कि उनकी मुलाकात वर्ष 2025 में सिंहेश्वर में आयोजित प्रदीप मिश्रा के सत्संग समारोह में एक लक्जरी वीआईपी वाहन पर सवार दंपति से हुई थी। गाड़ी पर “बिहार सरकार, प्रधान सचिव सह मिशन निदेशक, सामान्य प्रशासन विभाग” का फर्जी बोर्ड लगा हुआ था। वाहन में मौजूद महिला को आरोपी सन्नी कुमार राय ने आईएएस ऑफिसर बताया तथा स्वयं को उसका बॉडीगार्ड। बातचीत के दौरान उसने पीड़ित को विभिन्न विभागों में ठेकाकारी का काम दिलाने का लालच दिया। विश्वास में लेने के बाद आरोपी सन्नी कुमार राय ने अलग-अलग माध्यमों से अपने खाते में कुल 34,74,000 मंगवा लिए। लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी जब पीड़ित को कोई सरकारी काम नहीं मिला, तो उसने पैसे वापस मांगे। इसी बीच एक दिन जब आरोपी मधेपुरा आया, तो पीड़ित ने उसे रोककर रुपये लौटाने की बात कही। इस पर आरोपी ने हाथापाई करते हुए पीड़ित का आईफोन छीन लिया और धमकाते हुए फरार हो गया। इस संबंध में पीड़ित ने सदर थाना मधेपुरा में आवेदन दिया।मधेपुरा पुलिस ने सदर थाना कांड संख्या—151/26 दर्ज कर मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि आरोपी सन्नी कुमार राय अपनी पत्नी श्रद्धांजलि देवी को आईएएस अफसर बताकर लोगों से ठगी करता था। उनके खिलाफ पहले से भी फर्जीवाड़े के मामले दर्ज पाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को पटना के दौलतपुर बिलापटोला से गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में मधेपुरा एसपी कार्यालय से जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार आरोपी सन्नी कुमार राय, पिता–दिलीप राय निवासी—अंगिया, थाना–पीरो, जिला–भोजपुर, वर्तमान—दौलतपुर, बिहटा (पटना)एवं श्रद्धांजलि देवी, पति–सन्नी कुमार राय को गिरफ्तार कर लिया गया है।पुलिस ने आरोपी के चार चक्का वाहन—BR-01HN-4786 एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन जप्त कर लिया है और दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है。
0
0
Report
Advertisement

सरकार दवाओं के दाम तय करेगी, रंग-कोडिंग के सुझाव पर जोर

Gurugram, Haryana:केंद्र सरकार और स्वास्थ्य मंत्रालय तय करता है दवाईयों के दाम नैशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी ज़िम्मेदार हैं सभी दवाओं के दाम के लिए ये कहना है कैमिस्ट एंड ड्रग्स एसोसिएशन गुड़गाँव के प्रेसिडेंट शरद मल्होत्रा का। Zee News को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 3 तरह की जो दवाएँ होती है उसमें generic, prescribed और लाइफ़ सेविंग ड्रग्स होती है और जो मैक्सिमम रिटेल प्राइस है उससे ज़्यादा कोई भी रिटेलर दाम नहीं ले सकता इसके अलावा तमाम ऐसी दवाएँ हैं जो सबसे क्यूट होती है उन पर दाम ऊपर नीचे हो सकता है कैमिस्ट एसोसिएशन का कहना है कि सभी दवाओं के पत्तों पर अलग अलग कलर होने चाहिए जिससे आपको कोई रेट में फर्क ना देना पड़े एसोसेशन का साफ़ कहना है कि सरकार को जनहित मैडिसन का अलग कलर प्रिस्क्राइब्ड का अलग और लाइफ़ सेविंग ड्रग्स का अलग अलग अलग कर देना चाहिए जिससे की लोगों को समझ में आ जाए कि कौन सी दवा ले रहे हैं और दाम में ठगी ना महसूस हो महसूस हो कंपनियां और और wholesaler रिटेलर तय नहीं करते दवाइयों के दाम केंद्र सरकार का नैशनल फार्मास्यूटिकल्स प्राइसिंग अथॉरिटी तय करता है सभी तरह की दवाओं के दाम
0
0
Report

श्रीनगर पुलिस ने LeT मॉड्यूल भंडाफोड़ कर 5 गिरफ्तार, पाकिस्तानी कमांडर शामिल

Chaka, रेनगर पुलिस ने 16 साल पुराने LeT आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया: कई राज्यों में बड़ी कार्रवाई में 5 लोग गिरफ्तार, इनमें एक शीर्ष पाकिस्तानी कमांडर भी शामिल। इस विदेशी आतंकवादी ने पिछले 15 सालों में कश्मीर में 40 विदेशी आतंकवादियों को कमांड किया था। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर पुलिस के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सफल ऑपरेशन ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल को खत्म कर दिया है। इस ऑपरेशन में कई मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया गया और एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना के बाद शुरू किया गया था, जिसमें पंजाब पुलिस का भी सहयोग मिला। इसके चलते 27 मार्च को पंजाब के मलेरकोटला गांव से दो शीर्ष पाकिस्तानी आतंकवादियों - अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और अबू उस्मान उर्फ खुबैब - को गिरफ्तार किया गया। इनके बाद इन दोनों को आगे पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया। जाँच में पता चला कि ये दोनों पाकिस्तानी आतंकवादी लगभग 16 साल पहले भारत में घुसपैठ करके आए थे। कश्मीर घाटी में सक्रिय रहते उन्होंने लगभग 40 विदेशी आतंकवादियों को संभाला या उन्हें कमांड किया था। पूछताछ के दौरान, अधिकारियों ने एक ऐसे आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जो जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और नई दिल्ली जैसे अनेक राज्यों में सक्रिय था। पुलिस ने बताया कि ये दोनों आतंकवादी 15 साल से भी अधिक समय से सक्रिय थे। वे मुख्य रूप से स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग देने, हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने और आतंकी हमलों में मदद करने जैसे कामों में शामिल थे। गिरफ्तार आतंकवादियों से मिली जानकारी के आधार पर लगभग 24 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें से पुलिस ने औपचारिक रूप से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पांच लोगों में दो विदेशी आतंकवादी - अबू हुरैरा और अबू उस्मान - और तीन स्थानीय लोग - नकीब भट, गुलाम मोहम्मद मीर और आदिल राशिद भट - शामिल हैं। इन तीनों स्थानीय नेताओं में से दो श्रीनगर के बाहरी इलाके ज़कुरा के रहने वाले हैं। श्रीनगर के इन गिरफ्तार निवासियों पर आतंकवादियों को ज़रूरी मदद देने का आरोप है, जिसमें उन्हें पनाह देना, खाना देना और जाली दस्तावेज़ उपलब्ध कराना शामिल है। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि जांच के दौरान पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों में एक महिला भी शामिल थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़ा एक विदेशी आतंकवादी अभी भी फरार है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे ढूंढकर पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया, जिसमें चार AK-47 राइफलें और 3 पिस्तौलें शामिल हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और राजस्थान व हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में 19 जगहों पर तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप आतंकी गतिविधियों से जुड़ा आपत्तिजनक सामान ज़ब्त किया गया। तलाशी में बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री मिली, जिससे इस मॉड्यूल के लंबे समय से चल रहे ऑपरेशनों का खुलासा हुआ। हथियारों और गोला-बारूद के अलावा, नकली पहचान पत्र और दस्तावेज़ भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल विदेशी आतंकवादी भारत के भीतर और विदेश दोनों जगह यात्रा करने के लिए करते थे। साथ ही, कुछ लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन भी मिले, जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) के साथ हुई बातचीत के सबूत मौजूद थे। बरामद SIM कार्ड और डिजिटल इंटरसेप्ट से एक सीमा-पार चैट नेटवर्क का भी पता चला। पिछले 16 वर्षों से इस समूह की गतिविधियों को आर्थिक मदद देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे गहरे वित्तीय सहायता तंत्र के सबूतों का भी भंडाफोड़ किया गया है। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को आतंकी ढांचे को तोड़ने और इस क्षेत्र में संभावित हमलों को रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है। यह ऑपरेशन पाकिस्तान में बैठे आकाओं के नेटवर्क को खत्म करने के तेज़ प्रयासों का एक हिस्सा है; पुलिस ने कसम खाई है कि इस क्षेत्र में अशांति फैलाने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
0
0
Report

श्रीनगर में LeT मॉड्यूल भंडाफोड़: 5 गिरफ्तार, पाकिस्तानी कमांडर समेत

Chaka, रीनगर पुलिस ने 16 साल पुराने LeT आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया: कई राज्यों में बड़े पैमाने पर हुई कार्रवाई में 5 लोग गिरफ्तार, इनमें एक शीर्ष पाकिस्तानी कमांडर भी शामिल। इस विदेशी आतंकवादी ने पिछले 15 सालों में क Kashmir में 40 विदेशी आतंकवादियों को कमांड किया था। अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर पुलिस के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सफल ऑपरेशन ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल को खत्म कर दिया है। इस ऑपरेशन में कई मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया गया और एक बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। यह ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिली एक गुप्त सूचना के बाद शुरू किया गया था, जिसमें पंजाब पुलिस का भी सहयोग मिला। इसके चलते 27 मार्च को पंजाब के मलेरकोटला गांव से दो शीर्ष पाकिस्तानी आतंकवादियों - अब्दुल्ला उर्फ ​​अबू हुरैरा और अबू उस्मान उर्फ ​​खुबैब - को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद इन दोनों को आगे की पूछताछ के लिए श्रीनगर लाया गया। जांच में पता चला कि ये दोनों पाकिस्तानी आतंकवादी लगभग 16 साल पहले भारत में घुसपैठ करके आए थे। कश्मीर घाटी में अपनी सक्रियता के दौरान इन्होंने लगभग 40 विदेशी आतंकवादियों को संभाला या उन्हें कमांड किया था। पूछताछ के दौरान, अधिकारियों ने एक ऐसे आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया जो जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और नई दिल्ली सहित कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस ने बताया कि ये दोनों आतंकवादी 15 साल से भी ज़्यादा समय से सक्रिय थे। ये मुख्य रूप से स्थानीय युवाओं की भर्ती करने, उन्हें हथियारों की ट्रेनिंग देने, हथियार और गोला-बारूद सप्लाई करने और आतंकी हमलों में मदद करने जैसे कामों में शामिल थे। गिरफ्तार आतंकवादियों से मिली जानकारी के आधार पर, लगभग 24 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें से पुलिस ने औपचारिक रूप से पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन पांच लोगों में दो विदेशी आतंकवादी - अबू.hrefुरैरा और अबू उस्मान - और तीन स्थानीय लोग - नकीब भट, गुलाम मोहम्मद मीर और आदिल राशीद भट - शामिल हैं। इन तीनों स्थानीय लोगों में से दो श्रीनगर के बाहरी इलाक़े ज़कुरा के रहने वाले हैं। श्रीनगर के इन गिरफ्तार निवासियों पर आतंकवादियों को ज़रूरी मदद देने का आरोप है, जिसमें उन्हें पनाह देना, खाना देना और जाली दस्तावेज़ उपलब्ध कराना शामिल है। अधिकारियों ने यह भी पुष्टि की कि जांच के दौरान पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए लोगों में एक महिला भी शामिल थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़ा एक विदेशी आतंकवादी अभी भी फरार है। सुरक्षा एजेंसियों ने उसे ढूंढकर पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सुरक्षा बलों ने इस ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया, जिसमें चार AK-47 राइफलें और 3 पिस्तौलें शामिल हैं। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान व हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में 19 जगहों पर तलाशी ली गई, जिसके परिणामस्वरूप आतंकी गतिविधियों से जुड़ा आपत्तिजनक सामान ज़ब्त किया गया। तलाशी में बड़ी मात्रा में "आपत्तिजनक सामग्री" मिली, जिससे इस मॉड्यूल के लंबे समय से चल रहे ऑपरेशनों का खुलासा हुआ. हथियारों और गोला-बारूद के अलावा, नकली पहचान पत्र और दस्तावेज़ भी बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल विदेशी आतंकवादी भारत के भीतर और विदेश दोनों जगह यात्रा करने के लिए करते थे। साथ ही, कुछ लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन भी मिले, जिनमें पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे अपने आकाओं (हैंडलर्स) के साथ हुई बातचीत के सबूत मौजूद थे। बरामद SIM कार्ड और डिजिटल इंटरसेप्ट से एक सीमा-पार चैट नेटवर्क का भी पता चला। पिछले 16 वर्षों से इस समूह की गतिविधियों को आर्थिक मदद देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे गहरे वित्तीय सहायता तंत्र के सबूतों का भी भंडाफोड़ किया गया है। अधिकारियों ने इस कार्रवाई को आतंकी ढांचे को तोड़ने और इस क्षेत्र में संभावित हमलों को रोकने की दिशा में एक बड़ी सफलता बताया है। यह ऑपरेशन पाकिस्तान में बैठे आकाओं के नेटवर्क को खत्म करने के तेज़ प्रयासों का एक हिस्सा है; पुलिस ने कसम खाई है कि इस क्षेत्र में अशांति फैलाने में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
0
0
Report
Advertisement

श्रीनगर पुलिस ने 16 वर्षीय LET मॉड्यूल ध्वस्त कर 5 को गिरफ्तार किया

Chaka, Srinagar Police Smash 16-Year-Old LeT Terror Network: Top Pakistani Commander Among 5 Arrested in Massive Multi-State Crackdown. Foreign Terrorist had commanded 40 foreign terrorists in Kashmir in last 15 years. Successful operation by Srinagar police on terror networks have dismantled a significant module linked to Lashkar-E-Taiba, arresting key operatives and uncovering an extensive interstate network, officials said. The operation was started after a tipoff to Jammu and Kashmir Police with support from Punjab Police, leading to the arrest of two top Pakistani terrorists, Abdullah Alias Abu Huraira and Abu Usman alias Khubaib, in Malerkotla village of Punjab on March 27. The duo was subsequently brought to Srinagar for further investigation. Investigation revealed that the two Pakistani terrorists infiltrated approximately 16 years ago and had handled or commanded nearly 40 foreign terrorists during their active period in the Kashmir Valley. During interrogation, authorities uncovered a terror network operating across multiple states, including Jammu and Kashmir, Punjab, Haryana, Rajasthan, and New Delhi. Police said that both the terrorists had been active for over 15 years, primarily involved in recruiting local youth, providing arms training, supplying weapons and ammunition, and facilitating terror attacks. Based on disclosures made by the arrested terrorists, around 24 individuals were detained for questioning. Of these, five police have formally arrested five people’s which included two foreign terrorist Abu Huraira, Abu Usman, and three local Naqeeb Bhat, Ghulam Mohammad Mir, and Adil Rashid Bhat, three of whom are residents of the Zakura area on the outskirts of Srinagar. The arrested Srinagar residents allegedly provided essential support, including shelter, food, and forged documentation to the terrorists. Officials also confirmed that a woman was among those detained for questioning during the investigation. According to sources in police one foreign terroristt associated with the network remains absconding, and security agencies have launched a manhunt to trace and apprehend him. Security forces recovered a large cache of arms and ammunition during the operation, including four AK-47 rifles and 3 pistols. In addition, searches were conducted at 19 locations across Jammu and Kashmir and other states such as Rajasthan and Haryana, leading to the seizure of incriminating material linked to terror activities. The searches yielded a significant amount of "incriminating material" that exposed the module’s long-term operations. Apart from arms and ammunition, Fake identify cards and documents used by foreign terrorists to travel both within India and abroad were recovered. besides some Laptops and mobile phones containing evidence of communication with handlers based in Pakistan and Bangladesh had been done. SIM cards and digital intercepts recovered revealed a cross-border chat circuit too. Evidence of deep-rooted financial support systems used to fund the group's activities over the past 16 years is also busted. Authorities described the bust as a significant success in disrupting terror infrastructure and preventing potential attacks in the region. This operation is part of intensified efforts to neutralize the network of Pakistan-based handlers, with police vowing to spare no one involved in the region's unrest.
0
0
Report

पवन खेड़ा के घर से मिले ड्राइव पर SIT की मांग; चुनावी षडयंत्र आरोप

Delhi, Delhi:कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि अगर कोई आरोप लगाया गया था तो उसे पर जांच करते लेकिन सीधा ही पुलिस भेजी हमारे सहयोगी पवन खेड़ा के घर पर गिरफ्तार करने के लिए ना कोई वारंट ना कोई FIR पवन जी के घर से एक लैपटॉप मिला है, एक फोन मिला है, दो पेन ड्राइव मिला है, एक डॉलर मिला है। ये तो बहुत बड़ी बात है, अगर किसी बीजेपी के नेता के यहां रेड पड़ा होता तो भरमार मिल जाता। प्रक्रिया होती है जब रेड होता है तो फेरहिस्त दी जाती है। लेकिन फेरहिस्त केवल पेन ड्राइव नहीं होती। पेन ड्राइव के अंदर क्या है। उसकी फेरहिस्त मिलनी चाहिए। क्या भरोसा है कि आप पेन ड्राइव खोलकर इसके अंदर कुछ डाल देंगे। जो पुलिस आचार संहिता लगे होने पर मुख्यमंत्री की पुलिस बनकर काम कर रही है, उस पर क्या भरोसा..? बिना गवाह के जिस तरह उन्होंने सब कुछ जब्त किया है उस से ही सारा एविडेंस संदेहास्पद हो जाता है.. दूसरी बात तीन चार साल पहले हेमंता ने गौरव गोगोई की पत्नी पर कुछ पाकिस्तान कनेक्शन का आरोप लगाया था। उन्होंने उस पर SIT भी बिठा दी। ऐसा तो नहीं हुआ कि असम police ने हेमंता के घर पर रेड कर दिया हो। ये कहा हो उनसे की तुम कागज़ दो। वही चीज यहाँ पर भी लागू करो। अगर पवन जी ने कोई आरोप लगाया है तो आप SIT गठित करो। इस से साफ है कि पुलिस हेमंता की पर्सनल फोर्स बनकर रह गई है, ये असम की पुलिस नहीं रही.. घर का कोई सदस्य मौजूद नहीं आप पेन ड्राइव लेकर गए हैं क्या डालें उसे पर ड्राइव में क्या चीज अपने सबमिट की है किसी को कुछ नहीं बताया असम पुलिस हैदराबाद गई है मुझे पूरी जानकारी तो नहीं है लेकिन खबर आ रही है कि हैदाबाद भेजा गया है असम पुलिस को जो दस्तावेज पवन खेड़ा ने दिखाए हैं उसकी जांच करनी चाहिए थी इलेक्शन कमिशन के अंदर में इस वक्त सब कुछ है कोई अधिकारी नहीं साथ में नहीं कोई आदेश दिखाया गया आप समझ सकते हैं कि हेमंत सरकार जाने वाली है जिसके वजह से यह सब किया जा रहा है पिछले डेढ़ 2 साल से गौरव गोगई जी पर सवाल उठा रहे हैं उसमें कोई इस तरह की कार्रवाई क्यों नहीं हुई अगर जो कागज पवन जी ने दिखाए थे तो आप उस पर SIT गठित करना चाहिए था ये सब पूरी तरह से चुनावी षडयंत्र है ये 2 माप दंड क्यों है TT संदीप दीक्षित कांग्रेस पार्टी
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top