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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow24 Nov 2024, 02:52 pm
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पटना में IT पार्क उद्घाटन, बिहार में 100 टेक सेंटर योजना की घोषणा

Noida, Uttar Pradesh:पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में जन्माष्टमी महोत्सव-2026 एवं 1200 आसन क्षमता वाले नवनिर्मित बहुउद्देशीय CIMAGE IT Park का उद्घाटन कर परिसर का भ्रमण किया तथा कंप्यूटर क्लास, कंप्यूटर लैब एवं AI तकनीक के संबंध में छात्रों से जानकारी ली। बिहार में 100 टेक्नोलॉजी सेंटर विकसित करने, युवाओं एवं सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ने तथा तकनीक के माध्यम से शिक्षा एवं शासन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। अगले 4-5 वर्षों में बिहार को विकास के स्वर्णिम काल की ओर ले जाने के संकल्प के साथ युवाओं से विकसित एवं समृद्ध बिहार के निर्माण में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। आधुनिकता भी, अध्यात्म भी!
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सीएम योगी ने कृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में भाग लेकर आस्था का संदेश दिया

Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे श्रीकृष्ण का जन्म अंधकार में जेल में जन्म हुआ,लेकिन उन्होंने समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया।अनेक ऐसी घटनाएं हैं। धर्म सत्य न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ, यह धर्म वही कर्तव्य है जो अन्याय के खिलाफ श्रीकृष्ण को कंस के खिलाफ और महाभारत युद्ध मे देखा। जीवन में जब भ्रम संशय हो तो उस समय प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हर भारतवासी श्रद्धा से अनुकरण करता है। आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है,लेकिन आस्था नही तोड़ सकता! वो मूर्तियां तोड़ सकते हैं,लेकिन मूल्य नही,वो मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी सकते हैं,लेकिन मन मे बसे श्रीराम,श्रीकृष्ण को वो कभी छू भी नही पाए! याद रखिये,सोमनाथ का मंदिर बार बार टूटा,लेकिन भारत ने उसे बार बार बनाया,अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर बार बार टूटा लेकिन आज अपनी अजेय पताका के साथ आज खड़ा है,काशी विश्वनाथ मंदिर बार बार टूटा लेकिन अहिल्याबाई होल्कर ने और आधुनिक भारत मे प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को दिव्य स्वरूप दिया। जिन लोगो ने हमे मिटाने का प्रयास किया,हमारी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया,वो स्वयं इतिहास के पन्नो में मिट गए, कोई पूछने वाला नही है,हमारा भारत आज भी जीवित है,जागृत है,शास्वत रूप में अपनी यात्रा को लेकर चल रहा है.. आज प्रत्येक क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा है, एक नए भाव के साथ पूरा देश आगे बढ़ने के लिए उत्सुक दिखाई देता है, लेकिन वह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक हो, नकारात्मक नहीं। * * *जिन लोगों ने आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया था, उनका भाव नकारात्मक था, इसलिए स्वयं नष्ट हो गए।* * * *जिन लोगों ने भारत की भाव और भंगिमा को नष्ट करने का प्रयास किया था, वे इतिहास में नाम शेष हो गए, भारत अपनी अजेय यात्रा को लेकर के आज भी चल रहा है और हम सबको इस बारे में ध्यान रखना होगा...* अपने कर्तव्य पथ पर निष्काम कर्म को अपने जीवन का हिस्सा बनाते हुए जब तक हम आगे बढ़ते रहेंगे, इस देश की यह विजय यात्रा इसी रूप में आगे बढ़ती रहेगी।
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आजमगढ़ में धर्मांतरण के आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा, 5 गिरफ्तार

Azamgarh, Uttar Pradesh:स्थान - Azamgarh धर्म परिवर्तन को लेकर शिकायत पर 5 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को हिरासत में लिया गया तथा पूछताछ एवं कार्रवाई में जुटी है। धर्मांतरण को लेकर जहां शिकायत मिलने पर गिरफ्तारी करवाई जा रही है, मगर अभी भी चोरी छुपे धर्म परिवर्तन के खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है. आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कराने के प्रयास में पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर तीन महिला और दो पुरुष समेत सभी को हिरासत में लिया गया है और पुलिस पूछताछ कर रही है. बताया गया कि जिस घर में धर्म परिवर्तन चल रहा था, वहाँ महिला कांति देवी के विरुद्ध पूर्व में भी मुकदमा दर्ज रहा और वह जेल जा चुकी है. आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में राजदेपुर मठ के मठाधीश शिवसागर भारती को सूचना मिली कि कादीपुर गांव में कांति देवी के घर पर कुछ लोगों की बैठक चल रही है. बैठक में लगभग 25 से 30 की संख्या में महिलाएं व अन्य लोग ईसाई मशीनरी के द्वारा धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित और बरगलाये जा रहे थे. सूचना मिलते ही मठ के मठाधीश ने रौनापार थाने को जानकारी दी. पुलिस टीम मौके पर पहुँचकर बैठक में मौजूद 5 लोगों को हिरासत में ले लिया. हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान कांति देवी, सुमन, राहुल, घरभरन और बबीता के रूप में बताई गई. बताया गया कि हिरासत में ली गई कांति देवी वर्ष 2022 में भी धर्म परिवर्तन से जुड़े एक मामले में जेल भेजी जा चुकी है. आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद दोबारा इसी तरह की गतिविधियों में शामिल हो गई. फिलहाल इस पूरे मामले में शिकायत के आधार पर पांच लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पुलिस जांच और कार्रवाई में जुटी है.
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सीएम योगी ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में आस्था और न्याय का संदेश दिया

Noida, Uttar Pradesh:सीएम योगी लखनऊ रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम में पहुंचे श्रीकृष्ण का जन्म अंधकार में जेल में जन्म हुआ,लेकिन उन्होंने समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया।अनेक ऐसी घटनाएं हैं। धर्म सत्य न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ, यह धर्म वही कर्तव्य है जो अन्याय के खिलाफ श्रीकृष्ण को कंस के खिलाफ और महाभारत युद्ध मे देखा। जीवन में जब भ्रम संशय हो तो उस समय प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हर भारतवासी श्रद्धा से अनुकरण करता है।आक्रांता मंदिर तो तोड़ सकता है,लेकिन आस्था नही तोड़ सकता! वो मूर्तियां तोड़ सकते हैं,लेकिन मूल्य नही,वो मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी सकते हैं,लेकिन मन मे बसे श्रीराम,श्रीकृष्ण को वो कभी छू भी नही पाए! याद रखिये,सोमनाथ का मंदिर बार बार टूटा,लेकिन भारत ने उसे बार बार बनाया,अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि मंदिर बार बार टूटा लेकिन आज अपनी अजेय पताका के साथ आज खड़ा है,काशी विश्वनाथ मंदिर बार बार टूटा लेकिन अहिल्याबाई होल्कर ने और आधुनिक भारत मे प्रधानमंत्री मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम को दिव्य स्वरूप दिया। जिन लोगो ने हमे मिटाने का प्रयास किया,हमारी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया,वो स्वयं इतिहास के पन्नो में मिट गए, कोई पूछने वाला नही है,हमारा भारत आज भी जीवित है,जागृत है,शास्वत रूप में अपनी यात्रा को लेकर चल रहा है..
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मुफ्ती ने माफी मांगी: तलवारबाजी पर बवाल बढ़ा

Bhopal, Madhya Pradesh:मुफ़्ती की माफी, ईद-मिलादुन्नबी के मौके पर महिलाओं की तलवार बाजी को नाचना के बारे में कहा गया बयान के बाद से बवाल हिजाब पहने महिलाओं की तलवारबाजी को नाचना बताने वाले भोपाल के शहर मुफ़्ती अबुल कलाम ने सार्वजनिक रूप से पलटी मारते हुए माफी मांग ली है... शहर मुफ़्ती ने कहा है कि मुझसे गलती से नाचना लफ्ज निकल गया था, जिसे मैं वापस लेता हूँ... दरअसल भोपाल की मुस्लिम महिलाओं ने मुफ़्ती के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है, जगह-जगह शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, लिहाजा मुफ़्ती ने मुसीबत बढ़ते देख माफी मांग... शरीयत का पाठ भूल माफी मांगी मुफ़्ती ने... ज़ी मीडिया की खबर का असर तलवारबाजी करने वाली महिलाओं को नाचना और विरोध की खबर ज़ी न्यूज़ ने प्रमुखता से दिखाई थी... (बाइट - अबुल कलाम मुफ़्ती शहर)
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गौमुखी मार्ग मरम्मत से गणेश मेले में आवागमन सुचारू, मेले की तैयारियाँ तेज

Sawai Madhopur, Rajasthan:श्री त्रिनेत्र गणेश के तीन दिवसीय मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों के तहत सार्वजनिक निर्माण विभाग ने गणेश मार्ग पर गौमुखी-मिश्रदर्रा के समीप क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत एवं आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण कर आवागमन सुचारू कर दिया है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता गोविंदसहाय मीणा ने बताया कि वर्षा के दौरान पानी के तेज बहाव के कारण गौमुखी के समीप मार्ग बार-बार क्षतिग्रस्त हो जाता था। जिससे गणेश मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता था। जिला प्रशासन, वन विभाग मन्दिर ट्रस्ट द्वारा समस्या को गंभीरता से लेते हुए मार्ग की स्थाई एवं आवश्यक मरम्मत के लिए 30 अगस्त से 5 सितंबर तक गणेश मंदिर मार्ग को बंद किया गया था। विभाग द्वारा निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण कर मार्ग को सुरक्षित एवं सुगम बनाया गया है। रणथम्भौर दुर्ग स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश मंदिर में 13 से 15 सितम्बर तक तीन दिवसीय लक्खी मेला-2026 आयोजित होगा तथा 14 सितम्बर को मुख्य मेला रहेगा। मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सड़क, यातायात, सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त किया जा रहा है। गौमुखी मार्ग की मरम्मत पूर्ण होने से गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं, वाहन चालकों एवं स्थानीय आमजन को आवागमन में राहत मिलेगी तथा मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा बरसात के कारण प्रभावित अन्य मार्गों पर भी आवश्यक मरम्मत एवं पेचवर्क कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि गणेश मेले के दौरान दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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कोयना विस्थापित लामज गांव: 64 साल से स्वतंत्र सातबारा नहीं, मुआवजे में अड़चन

Thane, Maharashtra:भिवंडी - 64 वर्षांपासून सातबाराविना लामज गाव.. कोयना प्रकल्पग्रस्तांची 64 वर्षांपासून हेळसांड, एकाच सातबाऱ्यावर अनेक घरे... कोयना धरणातून पाच जिल्ह्यांना वीज मिळते, पण त्याच प्रकल्पासाठी विस्थापित झालेल्या भिवंडी तालुक्यातील लामज गावचा प्रश्न 64 वर्षे उलटली तरी आजही गावाला स्वतंत्र सातबारा नाही आणि गावचा अधिकृत नकाशाच नाही. 1962 साली कोयना प्रकल्पग्रस्तांचे पुनर्वसन भिवंडी तालुक्यातील मौजे लामज गावात करण्यात आले. तब्बल 64 वर्षे उलटूनही अनेक कुटुंबांची घरे आजही एकाच सातबाऱ्यावर आहेत. महसूल विभागाने गावाची मोजणीच न केल्याने अधिकृत गाव नकाशा, गतबुक नकाशे तयार झालेच नाहीत. त्यामुळे जमिनीची हद्द, मालकी हक्क आणि खरेदी-विक्री व्यवहारात ग्रामस्थांना प्रचंड अडचणी येत आहेत. अशातच मुंबई-वडोदरा महामार्गासाठी लामज गावातील 98 गुंठे जमीन संपादित झाली आहे, पण स्वतंत्र सातबारा नसल्याने मोबदला मिळण्यातही अडथळा येत आहे. जिल्हाधिकारी आणि महसूल प्रशासनाकडे अनेक वर्षांपासून पाठपुरावा करूनही प्रश्न सुटत नसल्याची खंत ग्रामस्थ व्यक्त करत आहेत. तातडीने लामज गावची मोजणी करून अधिकृत नकाशा तयार करावा आणि प्रत्येक कुटुंबाला स्वतंत्र सातबारा द्यावा, अशी मागणी ग्रामस्थ करत आहेत. मागणी मान्य न झाल्यास आंदोलन आणि उपोषणाचा इशारा कोयना प्रकल्पग्रस्तांनी दिला आहे.
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चंद्रपुर दीक्षाभूमी पर एक परिवार के विरोध में बड़ी मोर्चा, 16 सितंबर तय

Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपुरात दीक्षाभूमीच्या संचालन करणाऱ्या एकाच परिवाराविरोधात आंदोलन पेटण्याची चिन्हे आहेत. या परिवाराच्या एकाधिकारशाही विरोधात दीक्षाभूमी मुक्ती भव्य आक्रोश मोर्चाचे आयोजन करण्यात आले आहे. 16 सप्टेंबर रोजी शहरातील डॉक्टर आंबेडकर पुतळ्यापासून जिल्हाधिकारी कार्यालयावर हा मोर्चा जाणार आहे. दीक्षाभूमी संचालन करणाऱ्या सोसायटी सदस्यांच्या निष्क्रिय कारभारामुळे बौद्ध बांधव संतापले आहेत. बौद्ध समाजातील संभ्रम दूर करत तोडगा काढण्यासाठी आयोजित करण्यात आलेल्या सभेत सोसायटी सदस्य कुठल्याही प्रश्नांची समर्पक उत्तरे देऊ शकले नसल्याचा आरोप होत आहे. नागपुरातील भव्य दीक्षाभूमी कार्यक्रमानंतर डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर यांनी 16 ऑक्टोबर 1956 रोजी चंद्रपूरच्या याच मैदानावर तीन लाख लोकांना बौद्ध धम्माची दीक्षा दिली होती. त्यामुळेच दीक्षाभूमी बौद्ध बांधवांसाठी पवित्र स्थळ आहे. मात्र या दीक्षाभूमीवर व्यावसायिक बांधकामे आणि राजकीय पक्षांची चलती झाल्यामुळे बौद्ध बांधव या स्थळापासून दुरावत आहेत. यावर तोडगा म्हणून बौद्ध समाजात मागील वर्षापासून मंथन- चिंतन आणि बैठका सुरू आहेत. त्यात यंदाच्या 15- 16 ऑक्टोबर रोजी होणाऱ्या मुख्य समारोहात राजकीय पक्षांना स्थान नको अशी प्रमुख भूमिका आहे. याशिवाय मैदानावर आता आणखी बांधकामे करू नयेत असा सूर उमटला आहे. जिल्हा प्रशासनाने यात बौद्ध बांधव आणि सोसायटी यांच्यात मध्यस्थी करावी अशी ही मागणी पुढे आली आहे.
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रायबरेली की सड़कों पर सत्यनारायण कथा, अधिकारियों के लिए मांग सद्बुद्धि

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर.. रायबरेली बदहाल सड़को के बीच सत्यनारायण की कथा कराई गई है। इस अनोखे विरोध के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष व अन्य अधिकारियों को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की गई। इस दौरान करीब एक घंटे सड़क जाम रही। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कथा का मुख्य उद्देश्य नगर पालिका अध्यक्ष समेत संबंधित अधिकारियों को सद्बुद्धि मिलने की प्रार्थना करना है, ताकि नगर पालिका में आने वाले धन का सदुपयोग कर शहर में विकास कार्य कराए जा सकें। कथा के दौरान लोगों ने श्रद्धा के साथ भगवान सत्यनारायण की कथा सुनी और इसके बाद प्रसाद का वितरण भी किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह विरोध किसी विवाद को बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि जिम्मेदारों का ध्यान जनसमस्याओं और विकास कार्यों की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है।
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