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Eshan KhanEshan KhanFollow25 Oct 2024, 06:19 am
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अनिल कुमार की बिजली विभाग के अधिकारी से तीखी बहस, बैठक में बवाल

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मंत्री की चीफ को फटकार ( मंत्री ने अधिकारियों के साथ कि बैठक, बैठक में विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार से मंत्री की हुई तीखी नोकझोंक, बोले कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार "ज्यादा नेता बनने का शौक है तो नौकरी छोड़कर मैदान में आ जाइए") एंकर- मुजफ्फरनगर में बिजली कटौती और मुकदमा दर्ज होने के विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और विद्युत विभाग के अधिकारियों के बीच तनातनी लगातार बढ़ती नजर आ रही है। जिसके चलते मंगलवार को बुलाई गई समीक्षा बैठक में मंत्री और विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को आमजन और जनप्रतिनिधियों से बातचीत का तरीका सुधारने की नसीहत दी और कहा कि यदि नेता बनने का इतना ही शौक है तो नौकरी छोड़कर सबके सामने आ जाइए।आपको बता दे को बैठक में हुई ये बहस वहां मौजूद मीडिया के कैमरों में कैद हो गई। दरसअसल आज आयोजित बैठक में जिले के विद्युत विभाग और अन्य के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बिजली कटौती, उपभोक्ताओं की शिकायतों और विभागीय कार्यशैली को लेकर अधिकारियों से जवाब-तलब किया। इसी दौरान मंत्री और विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मंत्री ने अधिकारी को फोन पर बातचीत की भाषा और व्यवहार में सुधार की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें जनता और जनप्रतिनिधियों से सम्मानजनक तरीके से बात करें। इस दौरान एक बार को तो विद्युत विभाग के चीफ मीटिंग से खड़े होकर चलने लगे थे लेकिन वहाँ मौजूद अन्य सीनियर अधिकारियों ने उन्हें जब समझाया तो वह फिर से बैठ गए। जानकारी के मुताबिक इस पूरे विवाद की शुरुआत दो दिन पूर्व हुई थी, जब मंत्री अनिल कुमार ने फोन पर बातचीत के दौरान संबंधित अधिकारी को फटकार लगाते हुए प्रदर्शनकारियों पर मुकदमा दर्ज न करने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद विद्युत विभाग की ओर से बिजलीघर में कर्मचारियों के साथ अभद्रता और हंगामे का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया गया था । इससे नाराज अगले ही दिन यानिकि कल राष्ट्रीय लोक दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधुत विभाग के चीफ विनोद कुमार के कार्यालय पर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन और हंगामा भी किया था। बरहाल अब जहाँ मंत्री और विभागीय अधिकारियों के बीच हुई ये नई नोकझोंक चर्चा का विषय बनी हुई है तो वही ये मामला राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों में इस समय सुर्खियों में बना हुआ है। फिलहाल इस विवाद को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें सामने आ रही हैं, जबकि जिले में बिजली व्यवस्था और दर्ज मुकदमे को लेकर सियासत अभी भी गरमाई हुई है। और सोशल मीडिया पर भी मंत्री और बिजली विभाग के अफसर के बीच हुई बैठक में ये नोकझोंक खूब सुर्खियां बटोर रही है। इस पूरे मामले को लेकर कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार का कहना है कि खाली विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ ही नहीं और भी विभाग के अधिकारी थे। और कुछ विद्युत से जुड़ी समस्याएं थी। कुछ लोगों की हमारे कार्यकर्ताओं की उन पर विस्तृत चर्चा हुई है। कुछ एमडीए संबंधित थे। लखनऊ में जो दुर्घटना हो गई थी। निश्चित रूप से बड़ी दुर्घटना बहुत दुखद है। उस बात को लेकर भी काफी कारवाही जमीनी स्तर पर देखने को मिली है। इसमें एमडीए को और जिला अधिकारी महोदय को यही कहा है। यदि मान लो संस्थान व्यापारिक है। चाहे हॉस्पिटल है या अन्य कोई भी संस्थान है। उनका मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर कर अगर कोई कमी पेशी है। तो उसमें नोटिस जारी कर दिया जाए। यदि वह सुधार करना चाहते हैं। तो उनको मौका दिया जाए एकदम उसको सील नहीं किया जाए। एक तो यह कहां गया है। दूसरा बिजली विभाग के अधिकारी को यह अभी कहां है। हम लोग समझते हैं। इस बात को गर्मी के समय में यह समस्या आ जाती है। आजकल तूफान भी आता है, तेज हवाएं भी चलती हैं, खंबे भी टूट जाते हैं, और बिजली की डिमांड ज्यादा हो जाती है, ट्रांसफार्मर रुक जाते हैं, तो यह सब बातें हैं व्यवहारिक दिक्कतें बिजली विभाग के सामने भी आती है। और जनता के सामने भी आती हैं। विशेष कर शहरी जनता जो होती है उनके सामने समस्या ज्यादा आती है। मानलो 20 घंटे ट्रिपिंग हो जाए। किसी भी कारण बस हुई हो, इनवर्टर 10 घंटे 15 घंटे नहीं चल पाता समरसेबल बंद हो जाते हैं। गांव देहात में तो आदमी हैंडपंप से पानी ले ले। तो यह सारी बातें पर विस्तृत चर्चा हुई है। एक संवेदनशीलता के साथ में सहनशीलता के साथ में हम लोग जनता के सामने पेश आना चाहिए। उनसे संवैधानिक भाषा में बात करें। और प्यार से हर चीज का समाधान है। हम लोगों ने सिर्फ यही कहा है। यह एक दो महीने दिक्कत आती है। इसको थोड़ा संवेदनशील के साथ में हल करना चाहिए यही निर्देश दिए गए। देखो ऐसा है। दोनों तरफ इस तरह की बात हुई है। मैंने उसमें हस्तक्षेप किया। और चीफ साहब को भी बैठाया उन लोगों को भी शांत किया। की भाई इस भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। किसी भी बैठक में यहां सब जिम्मेदार लोग हैं। जिम्मेदार अधिकारी हैं, और भाषा चाहे हम लोगों की हो चाहे अधिकारी को की हो, आम आदमी की हो वह मर्यादित होनी चाहिए। और संवेदनशीलता होनी चाहिए। उसमें संवैधानिक भाषा होने चाहिए। फिर कोई बात नहीं हुई वही बात है। संवेदनशीलता दिखानी पड़ेगी दोनों तीनों पक्ष को। मेरे हिसाब से एक बात सुनो किसी भी अधिकारी को सरकार का कोई भी अंग हो मानलो मैं मिनिस्टर हूं। आपने कोई मुझसे सवाल किया। मैंने आपको कोई बयान दे दिया। मेरा बयान अपने छाप दिया आप मीडिया के साथी हो आप उनके पास भी जाओगे। उनको मेरे हिसाब से बचना चाहिए इन सब चीज़ों से इन सब चीजों से मेरे हिसाब से बचना चाहिए। मेरा यही है। क्योंकि मुझे लगता है। कि वह भी इस बात को अलाव नहीं करता जनप्रतिनिधि की बात अलग है। हम लोग जनता के चुने हुए हैं हमें हर पांच साल जनता के बीच में जाना है। वोट के माध्यम से हम चुनकर आते हैं। हम लोग किसी भी मुद्दे पर खुलकर अपने संवैधानिक भाषा में मर्यादा के साथ कोई भी बात कोई भी किसी प्लेटफार्म पर रख सकते हैं। लेकिन सरकारी कर्मचारियों को कुछ मर्यादाएं हैं। उन मर्यादाओं का मेरे हिसाब से ध्यान रखना चाहिए। हां बिल्कुल हुआ है। और भी बहुत सारी समस्याएं थी। कुछ बुढ़ाना से जुड़ी हुई थी सब लोगों की एक-एक करके हमने समस्या सुनी है। और अधिकारी को को नोट कराई है। मुझे लगता है। समाधान सबका हो जाएगा।
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गोगा माहड़ी सुधार सभा: गंगा सरोवर का नाम श्री गोरक्ष गंगा घाट रखने की मांग

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Saharanpur, Uttar Pradesh:सहारनपुर शहर के गोगा माहड़ी स्थल पर गोगा माहड़ी सुधार सभा द्वारा 'मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित' लिखे पोस्टर लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर गोगा माहड़ी परिसर स्थित गंगा सरोवर (कुंड) के आसपास लगाए गए हैं।गोगा माहड़ी सुधार सभा के चेयरमैन अनिल प्रताप सैनी ने बताया कि उनकी संस्था ने धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया है। उनका आरोप है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोग परिसर में बाहर से नॉनवेज भोजन लाकर खाते हैं, गंदगी फैलाते हैं और गोगा पीर महाराज की प्रतिमाओं के आसपास जूते-चप्पलों के साथ पहुंचते हैं, जिससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं।उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर सभा ने धरना-प्रदर्शन किया था। प्रशासन के साथ हुई वार्ता में उनकी पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। इनमें सरोवर और प्रतिमाओं की बैरिकेडिंग, परिसर में बाहरी भोजन पर रोक, सरोवर पर नियमित आरती की व्यवस्था तथा गंगा सरोवर का नाम बदलकर "श्री गोरक्ष गंगा घाट" रखने की मांग भी शामिल है। इन मांगों पर सहमति बनने के बाद सभा ने धरना समाप्त कर दिया। अनिल प्रताप सैनी ने कहा कि यदि भविष्य में प्रशासन उनकी मांगों को लागू नहीं करता है तो सभा आगे भी आंदोलन करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि 'मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित' वाले पोस्टर सभा द्वारा ही लगाए गए हैं और उनका उद्देश्य धार्मिक स्थल की मर्यादा एवं पवित्रता बनाए रखना है।
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योगी आदित्यनाथ का सहारनपुर दौरा: स्कूल चलो अभियान और विकास कार्यों का शुभारंभ

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Saharanpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कल को सहारनपुर दौरे पर रहेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री صبح 11:05 बजे सरसावा एयर फोर्स स्टेशन पर पहुंचेंगे।इसके बाद 11:10 बजे वह गांव इस्माइलपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचेंगे, जहां 11:10 से 11:30 बजे तक स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ करेंगे।इसके उपरांत मुख्यमंत्री 11:45 बजे से 12:45 बजे तक महाराज सिंह डिग्री कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण करेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे। दौरे के अंतिम चरण में मुख्यमंत्री 12:55 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे, जहां सहारनुपर मंडल में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। इस संबंध में भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के प्रत्येक जनपद का नियमित भ्रमण कर विकास कार्यों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जब भी सहारनपुर आते हैं, यहां की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, विकास कार्यों की प्रगति जानने और पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित करने का कार्य करते हैं। उनके अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेशव्यापी जनसंपर्क और विकास समीक्षा अभियान का हिस्सा है。
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अमरौहा में बसकंडक्टर के साथ मारपीट का वीडियो वायरल, सोशल मीडिया पर तनाव बढ़ा

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र में चौपला चौकी के पास चांदपुर डिपो की रोडवेज बस की महिला कंडक्टर के साथ सड़क पर मारपीट का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर महिला कंडक्टर और एक महिला यात्री के बीच पहले कहासुनी हुई, जिसके बाद विवाद इतना बढ़ गया कि महिला यात्री ने सड़क पर ही महिला कंडक्टर के साथ मारपीट कर दी। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इस दौरान किसी राहगीर ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों महिलाओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट साफ दिखाई दे रही है। हालांकि इस मामले में कोई पुलिस कार्रवाई नही हुई है। फिलहाल वायरल वीडियो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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रामपुर तिराहा केस: तीन पूर्व पुलिसकर्मी दोषी, SHO सहित चार को सजाएँ

Muzaffarnagar, Uttar Pradesh:मुज़फ्फरनगर ब्रेकिंग 32 साल पुराने रामपुर तिराहा केस में बड़ा फैसला, फर्जी हथियार बरामदगी मामले में तीन पूर्व पुलिसकर्मी दोषी, तत्कालीन थाना प्रभारी ब्रजकिशोर व सिपाही अनिल-उमेश को सुनाई सजा, रिकवरी करने के मामले में सीबीआई जाँच में ठहराया था दोषी, सभी सजाएं साथ-साथ चलाने का अदालत ने दिया आदेश, तत्कालीन एसएचओ समेत तीनों पर अर्थदंड भी लगाया, अदालत ने उम्र व बीमारी को देखते हुए दिखाई नरमी, 1994 के रामपुर तिराहा गोलीकांड से जुड़ा है मामला, फर्जी हथियार बरामदगी की जांच सीबीआई ने की थी, उत्तराखंड से दिल्ली जाने के दौरान मुजफ्फरनगर में चली थी गोली, उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने की मांग पर चल रहा था प्रदर्शन।
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झांसी मेडिकल कॉलेज शव के कान कटे मिले, परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया

Jhansi, Uttar Pradesh:एंकर- झांसी के मेडिकल कॉलेज स्थित मुर्दाघर में रखे एक महिला के शव का एक कान कुतर कर कीड़े खा गए। परिजन आज दोपहर के समय जब पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, तो शव पर कीड़े रेंगते मिले। इसके बाद घरवालों ने मेडिकल कॉलेज मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया और पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। वी/ओ.1-दरअसल झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र की रहने वाली पूजा अपने पति और 4 साल के बच्ची के साथ उरई में अपने मामा के बेटे की शादी में शामिल होने गई थी। बीती रात तीनों लोग बाइक से वापस अपने घर बड़ागांव लौट रहे थे। तभी मोठ थाना क्षेत्र के फ्लाईओवर के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में पूजा ने मौके पर मौत हो गई। उसके पति जितेंद्र और बेटी राशि गंभीर रूप से घायल हो गई। वी/ओ.2-मृतक महिला का भाई मुकेश का कहना है कि हादसे के बाद वह खुद बहन के शव को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। अपने सामने ही शव को मुर्दाघर के बॉक्स में रखवाया था। उस समय शव के चेहरे और दोनों कान पूरी तरह सुरक्षित थे। आज दोपहर एक बजे पोस्टमॉर्टम होना था। जब शव को मुर्दाघर से बाहर निकलवाने पहुंचे, तो उसका दायां कान गायब था। इतना ही नहीं, शव के मुंह और कान से बड़ी संख्या में कीड़े निकल रहे थे। वहीं शव की हालत देखकर घरवाले भड़क उठे। उन्होंने मुर्दाघर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए और लापरवाह कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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कैबिनेट मंत्री ने जसपुर नगरपालिका का औचक निरीक्षण किया, कई अधिकारी सस्पेंड

Jaspur, Uttarakhand:उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर से सामने आई खबर में कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने स्थानीय भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर दोपहर के करीब 1:00 बजे नगर पालिका कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। पालिका के अधिशासी अधिकारी उदयवीर सिंह सहित अनेक अधिकारी मौके से फरार मिले। निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका की जांच की गई और अधिशासी अधिकारी की करीब 15 दिन से अधिक की गैरहाजरी पाई गई। इसके बाद पालिका कार्यालय का निरीक्षण किया गया तो आवासीय रूम में मदिरापान सहित कई खामियाँ सामने आईं। मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और सभी खामियों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के निर्देश दिए। जनता के प्रति जवाबदेही हमारी प्राथमिकता है और अगर अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं करेंगे तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कहा कि कोई भी अधिकारी मनमानी नहीं कर सकता और ZERO TOLERANCE के साथ कदम उठाए जाएंगे। काशीपुर भाजपा जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने कहा कि भाजपा सरकार भ्रष्ट अधिकारियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है और स्थिति स्पष्ट जांच के बाद ही तय होगी कि आगे क्या होगा।
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हनुमानगढ़ पुलिस ने 9 करोड़ के नशीले पदार्थ नष्ट किए; फैक्ट्री से जखीरा मिला

Jaipur, Rajasthan:Location - Hanumangarh (Rajasthan) जिला पुलिस ने नष्ट करवाए नशीले पदार्थ,करीब 9 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ करवाए नष्ट,डोडा पोस्त, हेरोइन चिट्टा, एमडी, गांजा और नशीली गोलियों करवाई नष्ट,जंक्शन के औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में करवाए नष्ट जिला पुलिस हनुमानगढ़ ने आज विभिन्न मामलों में जप्त करीब 9 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थों को नष्ट करवाया। इस संबंध में जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद बिश्नोई ने बताया कि पुलिस ने डोडा पोस्त, हेरोइन चिट्टा, एमडी, गांजा और नशीली गोलियों को जंक्शन की एक फैक्ट्री में नष्ट करवाया। इसके अलावा जिला पुलिस ने बरामद करीब 8 करोड़ रुपए की अफीम को नारकोटिक्स ब्यूरो में भी जमा करवाया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के अनुसार जिला पुलिस ने पिछले तीन माह में ही करीब 34 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थों को नष्ट करवाया है। विजुअल बाइट - अरविंद बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
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छत्तीसगढ़ में अगले चार दिन मॉनसून एक्टिव, कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की उम्मीद

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ में मॉनसून की बेरुखी के बीच प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है. मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों में मॉनसून पूरे छत्तीसगढ़ में एक्टिव होगा और प्रदेश में कहीं हल्की से मध्यम तो कहीं मध्यम से भारी बारिश होगी. बारिश की सबसे अच्छी स्थिति सरगुजा संभाग के कुछ पॉकेट में देखने को मिलेगी. रायपुर मौसम केंद्र की मौसम वैज्ञानिक डॉ गायत्री वाणी के मुताबिक प्रदेश में अबतक औसत से 64 प्रतिशत कम बारिश हुई है. ऐसे में प्रदेश में हालिया दिनों में इसकी भरपाई हो ऐसा नहीं कहा जा सकता. लेकिन ये जरूर है कि इस बारिश से राहत मिलेगी. डॉ वाणी के मुताबिक मौसम केंद्र ने कम बारिश की इस स्थिति से निपटने के लिए पहले ही कृषि सहित अन्य विभागों को सचेत कर दिया है.
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नीमच के कुकड़ेश्वर में प्रेम प्रसंग के चलते युवक की पिटाई, पुलिस कार्रवाई

Neemuch, Madhya Pradesh:नीमच जिले की मनासा तहसील के कुकड़ेश्वर थानांतर्गत एक युवक के साथ अमानवीय बर्ताव का मामला सामने आया है. घटना के अनुसार युवक कथित प्रेम प्रसंग के चलते गांव की युवती को रात के समय फोन देने गया था. युवती के परिजनों ने उसे घेरकर पकड़ लिया और रस्सी से बाँध दिया. उसके बाद युवक के साथ निर्मम मारपीट की गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा. सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को मुक्त कराया. युवक की शिकायत पर मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई और युवती के परिजनों की शिकायत पर युवक के खिलाफ चोरी की नीयत से घर में दाखिल होने की एफआईआर दर्ज की गई है.
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पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री उज्ज्वल विश्वास को शर्तीय जमानत मिली, जेल से बाहर नहीं

ADAnup Das14m ago
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস প্রাক্তন তৃণমূল GOVERNMENT এর প্রাক্তন মন্ত্রী উজ্জ্বল বিশ্বাস এর ত্রাণ সামগ্রী চুরির কেসে আজ জামিন পেলেও, অন্য কেসে জমি সংক্রান্ত মামলায় তাকে জেল কাস্টডি তেই থাকতে হচ্ছে, সেই কেসে আগামী 2 তারিখ প্রোডাকশন পিসি হেয়ারিং রয়েছে। ত্রাণ দুর্নীতি মামলায় শর্তসাপেক্ষ জামিন হয়েছে রাজ্যের প্রাক্তন মন্ত্রী উজ্জ্বল বিশ্বাসের। জামিন হলেও জেল মুক্তি হচ্ছে না তার। ধুবুলিয়া থানার জমি সংক্রান্ত অপর একটি মামলায় তাকে অভিযুক্ত হিসেবে চিহ্নিত করা হয়েছে। সেই মামলার শুনানি আগামী ২ জুলাই। সেদিন আবার তাকে তোলা হবে আদালতে। আজ কৃষ্ণনগর জেলা আদালত কুড়ি হাজার টাকার ব্যক্তিগত বন্ডে শর্তসাপেক্ষ জামিন মঞ্জুর করে। জামিন মঞ্জুর হলেও অপর একটি মামলায় তাকে যুক্ত করা হয়েছে। সেই মামলার শুনানি আগামী ২ জুলাই। ইতিমধ্যেই মন্ত্রীর বাড়ি সিল করে রাখা হয়েছে। শর্তসাপেক্ষ জামিনের মধ্যে তার পাসপোর্ট থানায় জমা রাখতে হবে, এমনকি কৃষ্ণনগরের বাইরে তিনি যেতে পারবেন না বলেও আদালত ঘোষণা করেছে। ফলে এই মুহূর্তে জামিন পেলেও প্রাক্তন মন্ত্রী উজ্জ্বল বিশ্বাসকে থাকতে হবে সংশোধনাগারেই। আজ উজ্জ্বল বিস্বাস কে ভিসি এর মাধ্যমে হাজির করা হয়েছিল। বাইট আইনজীবী। 2সি তে 300626ZG_NAD_COURT_UJJAL নামে 3 ফাইল
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महात्मा गांधी अस्पताल ने दो वर्षों में 100 एपिलेप्सी सर्जरी कर दी नई जिंदगी

Jaipur, Rajasthan:सालों से मिर्गी के दौरों से जूझ रहे मरीजों को मिली नई जिंदगी महात्मा गांधी अस्पताल में दो सालों में 100 सफल एपिलेप्सी सर्जरी बार बार मिर्गी के दौरे से परेशान रोगियों के लिए एक अच्छी खबर आई है। महात्मा गांधी अस्पताल ने ऐसे ही मिर्गी से परेशान सौ से अधिक रोगियों की सर्जरी की जा चुकी है। ये रोगी बीमारी की वजह से सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे थे। एपिलेप्सी सर्जरी की सेवाएं राज्य में बहुत कम केन्द्रों पर उपलब्ध है। केवल दो वर्षों में 100 सफल एपिलेप्सी सर्जरी कर महात्मा गांधी अस्पताल के विशेषज्ञों ने नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अब तक 5 माह के शिशु से लेकर 50 वर्ष तक के मरीजों को सफल उपचार मिला है। न्यूरो साइंसेज निदेशक और सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ बी एस शर्मा ने बताया कि जिन मरीजों में दो या अधिक उपयुक्त दवाओं के बावजूद मिर्गी के दौरे नियंत्रित नहीं होते, उनके लिए एपिलेप्सी सर्जरी सबसे प्रभावी उपचार विकल्प है। अस्पताल में प्रत्येक मरीज का विस्तृत प्री-सर्जिकल मूल्यांकन न्यूरोसर्जरी, न्यूरोलॉजी, पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी, न्यूरो एनेस्थीसिया, न्यूरो रेडियोलॉजी, न्यूक्लियर मेडिसिन, न्यूरोपैथोलॉजी, न्यूरोसाइकोलॉजी और वीडियो-ईईजी मॉनिटरिंग सहित बहु-विषयक विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया जाता है। टीम में पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट डॉ अजय गोयनका और न्यूरोलॉजिस्ट तथा मिर्गी रोग विशेषज्ञ डॉ बलवीन सिंह सहित अनेक विशेषज्ञ शामिल हैं। डॉ अजय गोयनका तथा डॉ बलवान सिंह ने बताया कि हमारी सफलता का सबसे बड़ा प्रमाण वे मरीज हैं, जिनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जन्मजात मस्तिष्क विकृति से पीड़ित 5 माह के शिशु की सफल सर्जरी के बाद वह कई महीनों से पूरी तरह दौरा-मुक्त है। इसी तरह जन्म से ही मस्तिष्क की खराबी के कारण मिर्गी से पीड़ित 6 वर्षीय बालक की सर्जरी के बाद उसकी शारीरिक एवं मानसिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब तक लगभग 30 बच्चों को इस विशेष कार्यक्रम का लाभ मिल चुका है। इसी प्रकार मेसियल टेम्पोरल स्क्लेरोसिस से पीड़ित 21 वर्षीय युवती, जिसे वर्षों से बार-बार दौरे आते थे, सफल सर्जरी के बाद पूरी तरह दौरा-मुक्त हो गई और उसकी दवाएँ भी बंद हो गईं। वहीं लगभग 40 वर्षों से मिर्गी से पीड़ित 50 वर्षीय मरीज भी सर्जरी के बाद सामान्य जीवन में लौट आया और अब अपने दैनिक कार्य बिना किसी परेशानी के कर रहा है। डॉ बलवीन सिंह, मिर्गी एवं न्यूरो विशेषज्ञ डॉ अजय गोयनका पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजिस्ट
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उदयपुर में दुर्लभ फियोक्रोमोसायटोमा से बच्चे की जान बचाने वाला सफल ऑपरेशन

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के भीलो का बेदला स्थित पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने 7 साल के एक मासूम को नया जीवन दिया है। इस मासूम बच्चे का ब्लड प्रेशर 200 तक पहुंच गया था। 25 दिन तक एक हॉस्पिटल में उपचार के बाद भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। निराशा परिजन बच्चे को पीएमसीएच लेकर पहुंचे। जहा बाल एवं नवजात शिशु सर्जन डॉ. प्रवीण झंवर ने बच्चें की जांच की तो पता चला की वह फियोक्रोमोसाइटोमा नाम की एक बेहद दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। बच् कीचे किडनी के ठीक ऊपर स्थित एड्रेनल ग्रंथि का एक दुर्लभ ट्यूमर है। ट्यूमर शरीर में एड्रेनालिन हार्माेन का स्राव बहुत ज्यादा बढ़ा देता है, जिससे ब्लड प्रेशर अचानक खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। इस बीमारी में सर्जरी करने का बड़ा रिस्क यह था कि ट्यूमर को शरीर से निकालते समय बीपी या तो खतरनाक स्तर तक गिर सकता था, या बहुत ज्यादा बढ़ सकता था। एक छोटी सी चूक मासूम की जान ले सकती थी। लेकिन पेसिफिक हॉस्पिटल के डॉक्टर्स की टीम ने इस चुनौती को स्वीकार किया। पूरी तैयारी, सटीक तालमेल और जटिल ऑपरेशन के बाद आखिरकार ट्यूमर को सफलतापूर्वक बच्चे के शरीर से बाहर निकाल लिया गया। इस उपलब्धि पर पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि पीएमसीएच हमेशा से मरीजों को विश्वस्तरीय और आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गंभीर से गंभीर और दुर्लभ बीमारियों का इलाज अब उदयपुर में ही संभव है। हम बच्चे के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना करते हैं।
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CBI ने IDFC फर्स्ट बैंक फंड घोटाले में IAS अधिकारी प्रदीप कुमार को गिरफ्तार किया

Chandigarh, Chandigarh:हरियाणा IDFC फर्स्ट बैंक फंड घोटाले के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ी घटनाक्रम के तहत, CBI ने IAS अधिकारी प्रदीप कुमार को गिरफ़्तार किया है। कथित अपराध के समय, वह हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के सदस्य सचिव के पद पर तैनात थे। CBI के अनुसार, प्रदीप कुमार ने अनियमित वित्तीय लेन-देन में मदद करके और सार्वजनिक धन को निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करने की अनुमति देकर सरकारी फंड के दुरुपयोग में सीधी भूमिका निभाई, जिससे राज्य के खजाने को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। यह गिरफ़्तारी करोड़ों रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक-AU स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले की चल रही जांच के बीच हुई है, जिसमें कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और बैंक कर्मचारी जांच के दायरे में हैं। CBI का आरोप है कि सरकारी विभागों के सैकड़ों करोड़ रुपये अनियमित निवेश और वित्तीय लेन-देन के ज़रिए धोखाधड़ी से दूसरी जगहों पर ट्रांसफर किए गए। जांच जारी है, और एजेंसी द्वारा मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और व्यक्तियों की भूमिका की जांच करने के साथ ही और गिरफ़्तारियां और कानूनी कार्रवाई होने की उम्मीद है।
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