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Eshan KhanEshan KhanFollow20 Nov 2024, 02:30 am
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कैबिनेट फैसले पर बेहड़ का आरोप: चयनित गांवों को राजस्व ग्राम, कई क्षेत्र बाहर

Bahara Boj, Uttarakhand:स्लग- कैबिनेट के फैंसले पर बेहड़ ने खड़े किये सवाल रिपोर्ट- स्थान- रुद्रपुर ऊधम सिंह नगर एंकर- किच्छा कांग्रेस विधायक तिलक राज बेहड़ ने राज्य सरकार पर मालिकाना हक के मुद्दे पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। प्रेस वार्ता कर उन्होंने कहा कि कैबिनेट द्वारा नैनीताल के बिन्दुखत्ता, देहरादून के बापूग्राम, खटीमा के बग्गा चौवन सहित कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को राजस्व ग्राम का दर्जा और मालिकाना हक देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है, लेकिन प्रदेश के अनेक ऐसे गांव और आबादियां इसमें शामिल नहीं की गईं, जो दशकों से अस्तित्व में हैं। बेहड़ ने कहा कि पंतनगर की संजय कॉलोनी, मस्जिद कॉलोनी, नगला खुरपिया फार्म, गूलरभोज का कोपा, मुनस्यारी, किच्छा के सूर्यनगर, नजीमाबाद, धौराडाम, कोर्ट खर्रा, जसपुर का डाम क्षेत्र, भूड़ा गौरी, चंदन नगर, मोहन बोरिंग समेत कई क्षेत्रों को भी कमेटी के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर कई आबादी वाले क्षेत्रों को बाहर रखा है, जिससे उसकी दोहरी नीति उजागर होती है। किच्छा विधानसभा के तुर्का गौरी, गौरी कला सहित कई गांव आज भी मालिकाना हक और पट्टों से वंचित हैं। इस मुद्दे को उन्होंने कई बार विधानसभा में उठाया और मुख्यमंत्री, मंडलायुक्त व जिलाधिकारी को भी पत्र भेजे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई。 उन्होंने सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्ग-4 की जमीनों का आज तक मालिकाना हक नहीं दिया गया और संबंधित फाइलें जिला प्रशासन में लंबित पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना रिश्वत के फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। प्रदेश में किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद नहीं मिल रही है। एक एकड़ के लिए केवल दो से तीन कट्टे यूरिया दिए जा रहे हैं और इसके लिए भी किसानों को प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं。 बाइट- तिलक राज बेहड़, विधायक किच्छा
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शाहजहांपुर गंगा एक्सप्रेसवे पर आवारा पशु खतरे, सपा नेता बोले सांड एक्सप्रेसवे

Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:शाहजहांपुर से गुजरा गंगा एक्सप्रेसवे पर इन दिनों आवारा पशुओं के झुंड नजर आ रहे है। आवारा पशुओं की वजह से गंगा एक्सप्रेसवे पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता। आवारा पशुओं की आवाजाही के चलते सपा नेता ने गंगा एक्सप्रेसवे को सांड एक्सप्रेसवे बताया है। दरअसल गंगा एक्सप्रेसवे का लगभग 44 किलोमीटर हिस्सा शाहजहांपुर से गुजरता है और यही से गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ने का रास्ता भी है। इसी रास्ते से आवारा पशु लगातार गंगा एक्सप्रेसवे पर पहुंच रहे हैं। जो कि कभी भी बड़े हादसे का सब बन सकते हैं। गंगा एक्सप्रेसवे पर 120 की अधिकतम स्पीड से गाड़ियां दौड़ती है। आवारा पशु एक्सप्रेसवे के बीच में आ जाते हैं। यहां से गुजरने वाले लोगों का कहना है कि सुरक्षा और सुगम यातायात की दृष्टि से लोग एक्सप्रेसवे से गुजरते हैं। लेकिन अगर कोई आवारा पशु एक्सप्रेसवे पर आ जाए तो वहान में सवार लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। सपा नेता और पेशावर कल्याण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप ने तंज करते हुए गंगा एक्सप्रेसवे को सांड एक्सप्रेस दे बताया है। उनका कहना है कि आवारा पशुओं की वजह से लोगों की जान खतरे में पड़ रही है और जिम्मेदार लोग हाथ पर हाथ रखे बैठे हैं। उन्होंने इस दौरान प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
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एसएमएस अस्पताल में दुर्लभ हृदय ऑपरेशन से 58 वर्षीय मरीज ने नया जीवन पाया

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने एक बेहद दुर्लभ और जटिल हृदय ऑपरेशन कर 58 वर्षीय मरीज को नया जीवन दिया है। झुंझुनूं निवासी श्रीराम सहाय को लीबिया में हार्ट अटैक आया था, जहां एंजियोप्लास्टी के बाद भारत लौटने पर एसएमएस अस्पताल में जांच की गई। जांच में पता चला कि उनके हृदय के बाएं निलय में करीब 13.4×11.5 सेंटीमीटर की विशाल गुब्बारेनुमा थैली बन चुकी थी, जो जानलेवा साबित हो सकती थी। वरिष्ठ हृदय शल्य चिकित्सक डॉ. संजीव देवगढ़ा के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने करीब 5 घंटे तक चली जटिल सर्जरी कर इस एन्यूरिज्म को सफलतापूर्वक हटाया और हृदय का पुनर्निर्माण किया। ऑपरेशन के दौरान मरीज को 7 यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सफल उपचार के बाद मरीज को स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इस दुर्लभ सर्जरी को अंतरराष्ट्रीय जर्नल इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कार्डियोवैस्कुलर एंड थोरेसिक सर्जरी में प्रकाशन के लिए भी स्वीकार किया गया है।
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हिसार में माता अमृत देवी प्रतिमा का अनावरण; BHU कलाकारों ने 21,000 लोहे जोड़े

Hisar, Haryana:हिसार के गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में कल 12 जुलाई का दिन ऐतिहासिक होने वाला है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी कल यहाँ 'माता अमृता देवी सर्कल' और उनकी एक भव्य प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इस प्रतिमा की विशेषता इसके निर्माण में छिपी है—बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के शिल्पकारों ने इसे लोहे के 21,000 टुकड़ों को जोड़कर एक अद्भुत कला- Kron premier (कला) का रूप दिया है। जीजेयू के वाइस चांसलर नरसीराम बिश्नोई ने आज ज़ी मीडिया को विशेष बातचीत में बताया यह प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं है, बल्कि यह उन हजारों पेड़ों और पर्यावरण संरक्षण के लिए दिए गए माता अमृता देवी के सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाती है, जो आज के युवाओं के लिए निरंतर प्रेरणा का काम
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बहराइच के कतर्नियाघाट में बाघ ने किसान की मौत कर दी

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच में बाघ ने किसान को अपना निवाला बना डाला। मृतक मवेशी चराने गया था तभी हमलावर बाघ उसे दबोचकर झाड़ियों में ले गया। काफी तलाश के बाद मृतक का अधखाया शव बरामद हुआ है. मुर्तिहा कोतवाली क्षेत्र के धर्मपुर बेझा गांव निवासी किसान दशरथ यादव (48) शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे रोज की तरह अपने मवेशियों को चराने के लिए ककरहा रेंज के जंगल में गए थे। परिवार को उम्मीद थी कि वह शाम तक लौट आएंगे, लेकिन रात eight बजे तक घर नहीं पहुंचे। काफी देर तक इंतजार के बाद परिजनों की चिंता बढ़ गई। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना वन विभाग और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं। करीब रात दस बजे जंगल के अंदर लगभग चार किलोमीटर दूर दशरथ यादव का शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर हर कोई सन्न रह गया। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस और वन विभाग संयुक्त रूप से पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग से लगे गांवों में पहले भी वन्यजीवों की आवाजाही की घटनाएं सामने आती रही हैं। अब दशरथ यादव की मौत के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघ के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। मूर्तिहा क्षेत्र के धर्मपुर बेझा गांव निवासी दशरथ यादव (48) शुक्रवार दोपहर मवेशी चराने जंगल गए थे। देर रात उनका अधखाया शव जंगल में मिला। वहीं पुलिस और वन विभाग की टीम जांच में जुटी है
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सतना के पुरानी कॉलोनी में सांपों का अजीब नृत्य: वीडियो वायरल, भक्त मान रहे रूप शिव का

Satna, Madhya Pradesh:सतना। मध्य प्रदेश के सतना जिले की पुरानी पुलिस कॉलोनी में आज उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वहां मौजूद गार्डन में दो सांपों का एक बेहद अनोखा रूप देखने को मिला। कॉलोनी के पीछे बने बगीचे में अचानक दो बड़े सांप ऊपर की तरफ सिर उठाकर आपस में लिपटने और नृत्य करने लगे। इस अद्भुत और दुर्लभ नजारे को देखकर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। स्थानीय निवासियों ने तुरंत इस दृश्य का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोगों का मानना है कि यह नाग-नागिन का जोड़ा है जो आपस में मेल-जोल कर रहा है। वहीं, सावन का महीना शुरू होने से ठीक पहले दिखे इस नजारे को कई लोग भगवान शिव का साक्षात स्वरूप मानकर आस्था से जोड़ रहे हैं। करीब आधे घंटे तक गार्डन में यह रोमांचक दृश्य चलता रहा, जिसके बाद दोनों सांप अचानक वहां से गायब हो गए। इस घटना से जहां एक तरफ लोग चमत्कृत हैं, वहीं कॉलोनी के पास सांपों की मौजूदगी से स्थानीय निवासियों में डर का माहौल भी बना हुआ है।
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एटा के शनिजात मेले की सुरक्षा चाक-चौबंद, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के सख्त निर्देश

Etah, Uttar Pradesh:एटा में एसपी सिटी श्वेताभ पाण्डेय एवं एडीएम प्रशासन संगम लाल ने भारी पुलिस बल के साथ जलेसर शनिजात परिसर का किया निरीक्षण, कस्बा जलेसर में आमजन की सुरक्षा और शनि जात को सकुशल सम्पन्न कराने को लेकर किया बारीकी से निरीक्षण, इस शनिजात में भारी लोगों की आस्था है जिसमें दूर दराज से हजारों लोगों की जुटने की सम्भावना है, एसपी सिटी और एडीएम ने क्षेत्रीय लोगों और कमेटी के लोगों से संवाद कर शानिजात मेले को बेहतर बनाने और सुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश, शनिजात परिसर का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा।
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लखीसराय सदर अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट का सुरक्षा उल्लंघन

Lakhisarai, Bihar:लखीसराय सदर अस्पताल से लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आई है। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री राज्य के अंदर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रहे हैं। लेकिन लखीसराय सदर अस्पताल की तस्वीरें इन दावों की पोल खोल कर रख दी है। सदर अस्पताल के सबसे संवेदनशील प्रसव वार्ड के पीछे खुले में फेंका हुआ बायो मेडिकल वेस्ट (कचरा) संक्रमण का कारण बन सकता है। इनमें दवाओं और इंजेक्शन, सीरिंज, दवाइयों के रैपर, पट्‌टी समेत अन्य चीजें शामिल हैं। बायो मेडिकल वेस्ट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसके बावजूद सदर अस्पताल में इसे नजरअंदाज किया जा रहा है। सदर अस्पताल में ऐसी स्थिति तब है जबकि बायोमेडिकल कचरा निष्पादन के लिए टेंडर दिया गया हुआ है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ कुमार अमित बताते हैं कि बायो मेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल की जवाबदेही एजेंसी को दी गई है।
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हथिनीकुंड से जलस्तर बढ़ा, टापू कमालपुर में बाढ़ का खतरा; भ्रष्टाचार के आरोप सामने

Yamuna Nagar, Haryana:हथिनीकुंड बैराज पर केवल 50 हजार क्यूसिक जलस्तर बढ़ने के साथ ही यमुनानगर के गांव टापू कमालपुर में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि यमुना किनारे सुरक्षा कार्यों के लिए करीब 40 करोड़ रुपये जिसमें से 5-6 करोड़ का बजट टापू कमालपुर मे स्वीकृत होने के बावजूद सिंचाई विभाग समय पर काम पूरा नहीं कर पाया। नतीजा यह है कि अब उफनती यमुना गांव की ओर बढ़ रही है, किसानों की जमीन कट रही है और ग्रामीण अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर डर के माहौल में हैं। लगातार बारिश के बीच हथिनीकुंड बैराज से बढ़े जल प्रवाह ने टापू कमालपुर के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यमुना का तेज बहाव गांव की आबादी के बेहद करीब पहुंच चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते यमुना किनारे पत्थर पिचिंग और सुरक्षा बांध का कार्य पूरा कर दिया जाता तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती। ग्रामीणों का आरोप है कि यमुना तट को मजबूत बनाने के लिए करीब 40 करोड़ रुपये का बजट जिसमें से 5 करोड़ टापू कमालपुर के लिए स्वीकृत किया गया था, लेकिन सिंचाई विभाग की कथित लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण कई स्थानों पर काम अधूरा छोड़ दिया गया। जहां बड़े पत्थरों से मजबूत सुरक्षा दीवार बनाई जानी थी, वहां छोटे पत्थर और बजरी डालकर केवल खानापूर्ति की गई। अब तेज बहाव उन अधूरे कार्यों की पोल खोल रहा है ओर भ्र्ष्टाचार की बू आ रही है। तेज धार से 10 से 12 एकड़ कृषि भूमि यमुना में समा चुकी है और किसानों की लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब 1500 से 2000 लोग रहते हैं और यदि पानी का स्तर और बढ़ा तो पूरा गांव बाढ़ की चपेट में आ सकता है। कई बार अधिकारियों को शिकायत देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब सवाल यह है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सुरक्षा कार्य अधूरे क्यों हैं? क्या सिंचाई विभाग की लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार का खामियाजा ग्रामीण भुगतेंगे? जब बाढ़ सिर पर खड़ी है, तब भी विभाग की सुस्ती लोगों की चिंता और गुस्सा दोनों बढ़ा रही है。
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