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Praveen BhargavPraveen BhargavFollow12 Jul 2024, 01:54 pm

नगर निगम उपसभापति चुनाव में सातवीं बार लहराया भाजपा का परचम प्रियंका साहू बनी निर्विरोध उपसभापति

Jhansi, Uttar Pradesh:

झांसी नगर निगम के महारानी लक्ष्मी बाई सभागार में उपसभापति पद का चुनाव निर्वाचन अधिकारियों के बीच संपन्न कराया गया। चुनावी प्रक्रिया संपूर्ण होने के बाद निर्विरोध उपसभापति पद पर भाजपा कार्यकारिणी सदस्य प्रियंका साहू निर्वाचित हुई। इस मौके पर महापौर बिहारी लाल आर्य, विधायक रवि शर्मा एवं विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, जिलाध्यक्ष हेमंत परिहार सहित पार्षदों ने प्रियंका साहू को बधाई दी। उपसभापति चुनाव में भाजपा ने 7वीं बार परचम लहराया है। इससे पहले 5 बार पुरुष व 2 बार महिला उपसभापति बनी है।

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इटारसी को हिला देने वाला मामला: दो कांग्रेस नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी का खुलासा

Narmadapuram, Madhya Pradesh:इटारसी में सहकारी उपभोक्ता भंडारों में कथित करोड़ों की वित्तीय अनियमितताओं और फर्जीवाड़े के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. पुलिस ने भाजपा पार्षद की शिकायत और जांच के बाद दो सगे भाई कांग्रेस नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और गबन समेत विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की है. आरोप है कि दोनों ने फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए खुद को पदाधिकारी दर्शाया और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया. इटारसी पुलिस के मुताबिक मामला स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार और रामनारायण उपभोक्ता भंडार से जुड़ा है. शिकायत में आरोप है कि प्रदेश कांग्रेस महासचिव राजकुमार उपाध्याय और उनके भाई जिला कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी अमोल उपाध्याय ने सहकारी समितियों की बैठकों के कार्यवृत्त और अन्य शासकीय अभिलेखों में सदस्यों के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए. जांच में सामने आया कि स्वामीनारायण उपभोक्ता भंडार की वर्ष 2007 और 2014 की बैठकों में कथित रूप से फर्जी हस्ताक्षर किए गए और शासन से मिलने वाले सदस्यों के अंश लाभ का वितरण नहीं किया गया. वहीं रामनारायण उपभोक्ता भंडार की वर्ष 2005, 2009 और 2016 की बैठकों में भी दर्जनों लोगों के कथित जाली हस्ताक्षर कर दस्तावेज तैयार किए गए. आरोप है कि राजकुमार उपाध्याय ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वयं को अध्यक्ष दर्शाया. नगरपालिका के भाजपा पार्षद एवं सभापति राकेश जाधव की शिकायत पर हुई जांच के बाद इटारसी पुलिस ने दोनों भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना और गबन सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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बड़ौत में निकाह से पहले एफिडेविट अनिवार्य: इमामों के लिए पारदर्शिता योजना

Baghpat, Uttar Pradesh:बागपत के बड़ौत में निकाह की प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है। अब मस्जिद में निकाह पढ़ाने से पहले दूल्हा और दुल्हन पक्ष को अधिवक्ता से तैयार स्टाम्प पेपर पर एफिडेविट यानी घोषणा-पत्र देना होगा। इसमें यह जानकारी देनी होगी कि दोनों बालिग हैं, पहले से किसी का निकाह नहीं है या यदि है तो उसकी सही जानकारी दी गई है, साथ ही कोई तथ्य या कानूनी विवाद नहीं छिपाया गया। इस पहल का उद्देश्य इमामों को कानूनी विवादों से बचाना और निकाह प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना बताया गया है। देखिए ये रिपोर्ट... अब सिर्फ "कबूल है" कह देने से पहले एक और औपचारिकता पूरी करनी होगी। बागपत के बड़ौत में मौलानाओं ने फैसला लिया है कि निकाह से पहले लड़का और लड़की पक्ष को अधिवक्ता से तैयार स्टाम्प पेपर पर एफिडेविट देना होगा। इस एफिडेविट में यह घोषणा करनी होगी कि दोनों बालिग हैं, पहले से किसी का निकाह नहीं है या यदि है तो उसकी सही जानकारी दी गई है, कोई मुकदमा या कानूनी विवाद नहीं छिपाया गया और निकाह से जुड़ी सभी जानकारियां सही हैं। यदि बाद में कोई तथ्य गलत पाया जाता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी। बाइट: मौलाना आरिफ़-उल-हक़, जिलाध्यक्ष, दीनी तालीमी बोर्ड, जमीअत उलेमा-ए-हिंद यह फैसला बड़ौत की जामा मस्जिद में खिदमत सोसायटी और जमीअत उलेमा-ए-हिंद के प्रतिनिधियों की बैठक में लिया गया। बैठक में बताया गया कि हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें नाबालिगों के निकाह, पहले से शादीशुदा होने, लंबित मुकदमों या अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाकर निकाह कराया गया। बाद में विवाद होने पर बिना जानकारी के निकाह पढ़ाने वाले इमामों को भी पुलिस और अदालत के चक्कर लगाने पड़े। बाइट: मुफ्ती शाह आलम, शहर सदर, जमीअत उलेमा-ए-हिंद खिदमत सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. इरफान मलिक ने कहा कि यह व्यवस्था किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि निकाह प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और इमामों को कानूनी झंझटों से बचाने के लिए लागू की जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि निकाह से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज और सही जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के विवाद या कानूनी परेशानी से बचा जा सके। बाइट: डॉ. इरफान मलिक, अध्यक्ष, खिदमत सोसायटी, बड़ौत
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लखीमपुर खीरी में मायके जाने के विवाद में पति ने पत्नी की नाक काट दी

Baibahamunnusingh, Uttar Pradesh:लखीमपुर खीरी में मायके जाने के विवाद में पति ने पत्नी की नाक काट दी। बेटी की नाक कटने की सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने हमलावर होते हुए दामाद के बहन की नाक काटकर उसे भी जख्मी कर दिया। दोनों पक्षों के द्वारा पुलिस को तहरीर दे दी गई है। मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ढखेरवा गांव निवासी श्रवण कुमार कश्यप ने अपनी पत्नी प्रीती कश्यप की दांतों से नाक काटकर उसे लहूलुहान कर दिया। पुत्री की नाक कटने की सूचना पर पहुंचे गांव चचरा पुरवा निवासी पिता बनवारी व माता श्रीदेवी ने दामाद पक्ष पर हमलावर होते हुए उसकी मां की पिटाई कर बदले में सास श्रीदेवी ने दामाद की बहन मोनी कश्यप की दांतों से नाक काट कर जख्मी कर दिया। नाक कटने से गंभीर रूप से जख्मी हुई प्रीती के मुताबिक उसकी चचेरी बहन की कल रविवार को शादी है जिसमें शामिल होने के लिए वह जिद कर रही थी इस बीच नाराज पति श्रवण कश्यप ने पत्नी प्रीती की पिटाई करते हुए दांतों से नाक काटकर जख्मी कर दिया है। मामले में पुलिस ने कहा है कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है; जाँच पड़ताल के पश्चात मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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महोबा के सिरसीकला पुल के पास बाराती बोलेरो नदी में गिरी, छह लोग सुरक्षित बाहर निकले

Mahoba, Uttar Pradesh:महोबा से इंसानियत की मिसाल पेश करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। खन्ना थाना क्षेत्र के सिरसीकला गाँव के पास, उफनती श्यामा नदी में बारातियों से भरी एक बोलेरो कार बह गई। हादसे के वक्त कार में दूल्हे के पिता सहित छह लोग सवार थे। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए उफनती नदी में छलांग लगा दी। करीब डेढ़ घंटे की भारी मशक्कत के बाद सभी छह बारातियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर की मदद से कार को बाहर निकाला गया। फिलहाल ग्रामीण इस मामले में लोक निर्माण विभाग को जिम्मेदार ठहरा रहे है। दरअसल हादसे और उसके बाद देवदूत बनकर आए स्थानीय लोगों की यह हैरान कर देने वाली तस्वीरें महोबा जनपद के खन्ना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिरसीकला गाँव की हैं। बताया जाता है कि चिचारा गाँव के रहने वाले रामऔतार के पुत्र रोहित की बारात बांदा जनपद के मसारी गाँव जा रही थी। तभी सिरसीकला गाँव के पास श्याम नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल के पास यह भयानक हादसा हो गया। दरअसर, पिछले करीब एक साल से इस पुल का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते यहाँ एक अस्थाई यानी वैकल्पिक रास्ता बनाया गया था। बारिश के कारण नदी में पानी का बहाव बेहद तेज था, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही का आलम यह था कि इस खतरनाक रास्ते पर कहीं भी कोई बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई थी। जैसे ही बारातियों से भरी बोलेरो इस रास्ते से गुजरी, वह अनियंत्रित होकर उफनते नाले में बहने लगी। तभी पास में ही ट्रैक्टर सुधारने की दुकान चलाने वाले इसराइल के बेटों तौफीक और शफीक को कार गिरने और चीख पुकार की आवाज सुनाई दी। हादसे की गंभीरता को देखते हुए दोनों भाइयों ने बिना अपनी जान की परवाह किए, अपने पड़ोसी साथियों के साथ मिलकर उफनती नदी में छलांग लगा दी। करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद, कार में फंसे दूल्हे के पिता रामऔतार सहित सभी छह बारातियों को पानी के तेज बहाव से सकुशल बाहर निकाल लिया गया। हादसे की खबर मिलते ही खन्ना थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके پر पहुंच गए और ग्रामीणों की मदद से ट्रैक्टर मंगवाकर बोलेरो कार को भी नदी से बाहर निकाला गया। स्थानीय लोगो का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग पिछले कई महीनों से कछुआ गति से काम कर रहा है। बीच-बीच में काम बंद कर दिया जाता है, जिससे यहाँ हर वक्त बड़ा हादसा होने का खतरा मंडराता रहता है। फिलहाल, सभी बाराती पूरी तरह सुरक्षित है。
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बिहार में डिजिटलीकरण से निबंधन सेवाएं घर बैठे संभव

Noida, Uttar Pradesh:बिहार में निबंधन सेवाओं में बड़ा बदलाव डिजिटल बिहार की दिशा में सम्राट सरकार का बड़ा कदम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कल करेंगे नई सुविधाओं का शुभारंभ मुख्यमंत्री कल हाजीपुर निबंधन कार्यालय से करेंगे शुभारंभ 80 बुजुर्गों के लिए होम रजिस्ट्रेशन सुविधा की होगी शुरुआत अब घर बैठे होगा जमीन और अन्य दस्तावेजों का निबंधन सीओ के स्तर पर प्री-वेरिफिकेशन सिस्टम लागू निबंधन प्रक्रिया होगी और अधिक पारदर्शी पेपरलेस रजिस्ट्रेशन सिस्टम की होगी शुरुआत GIS तकनीक से होगा स्थल निरीक्षण जमीन से संबंधित फर्जीवाड़ा रोकने में मिलेगी मदद बिहार में निबंधन सेवाओं को लेकर आज से एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। डिजिटल बिहार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज हाजीपुर निबंधन कार्यालय से कई नई डिजिटल सुविधाओं का शुभारंभ किया, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है। क्या है पूरा मामला देखिए इस रिपोर्ट में。
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ग्वालियर के साडा प्रोजेक्ट का सच: करोड़ों खर्च के बाद भी सपना क्यों नहीं बदला?

Morena, Madhya Pradesh:मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक ऐसा सरकारी प्रोजेक्ट है, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए... सपना था एक आधुनिक, सुनियोजित और विश्वस्तरीय शहर मिनी नोएडा बसाने का। लेकिन आज तीन दशक बाद भी यह सपना हकीकत नहीं बन पाया। हजारों हेक्टेयर में फैली जमीन, तैयार फ्लैट, प्लॉट और उद्योगों के लिए आरक्षित भूमि... सब कुछ होने के बावजूद यह परियोजना बदहाली की तस्वीर बन चुकी है। करीब 30 हजार हेक्टेयर में फैला साडा यानी काउंटर मैग्नेट सिटी प्रोजेक्ट... जिसे ग्वालियर के भविष्य का नया चेहरा बनाने का सपना देखा गया था। इस परियोजना में लगभग 14 हजार 500 हेक्टेयर फॉरेस्ट ग्रीनलैंड, करीब 9 हजार 805 हेक्टेयर भूमि पर हाउसिंग प्रोजेक्ट, जहां प्लॉट और फ्लैट विकसित किए गए। 200 एकड़ भूमि बड़े उद्योगों और 271 हेक्टेयर जमीन लघु उद्योगों के लिए आरक्षित की गई। इतना ही नहीं, सीमा सुरक्षा बल के लिए भी 37 एकड़ भूमि आवंटित की गई। कागजों पर यह योजना किसी मिनी स्मार्ट सिटी से कम नहीं दिखती... लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यहां बने फ्लैट आज जर्जर हो चुके हैं। कई जगह सन्नाटा पसरा है... सड़कें वीरान हैं... और जहां कभी आबादी बसाने का सपना था, वहां अब बदहाली नजर आती है। मैं इस वक्त ग्वालियर के उसी साडा प्रोजेक्ट में खड़ा हूं, जिसे शहर का भविष्य बताया गया था। लेकिन आज यहां चारों ओर वीरानी, जर्जर इमारतें और अधूरी विकास योजनाएं दिखाई देती हैं। सवाल यह है कि आखिर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यह परियोजना अपने मकसद तक क्यों नहीं पहुंच सकी? आखिर इसके लिए जिम्मेदार कौन है? करीब तीस साल पहले शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्वालियर पर बढ़ते दबाव को कम करना और एक नया आधुनिक शहर बसाना था। लेकिन समय बीतता गया, सरकारें बदलती रहीं, दावे होते रहे... और परियोजना धीरे-धीरे फाइलों में सिमटती चली गई। ग्वालियर के विकास की सबसे बड़ी उम्मीद माने जाने वाला साडा प्रोजेक्ट आज भी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत, हजारों हेक्टेयर जमीन और बड़े-बड़े वादों के बावजूद अगर तस्वीर नहीं बदली, तो सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है? क्या वाकई यह इलाका कभी "मिनी नोएडा" बन पाएगा या फिर यह सपना भी सिर्फ सरकारी फाइलों तक ही सीमित रह जाएगा?
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राम मंदिर दान मामले में ट्रस्ट के निर्णय पर नृपेंद्र मिश्रा बोले—डिजिटल दान पर जोर

Noida, Uttar Pradesh:अयोध्या, UP | राम मंदिर दान में कथित गड़बड़ी के मामले पर राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा कहते हैं, "मुझे इस बारे में (मंदिर ट्रस्ट में नई नियुक्तियों के बारे में) कोई जानकारी नहीं है। यह पूरी तरह से ट्रस्ट के मैनेजमेंट का मामला है... मुझे नहीं पता कि 18 जुलाई की तारीख तय की गई है या नहीं (मंदिर ट्रस्ट के CEO के लिए आवेदन की तारीख)... CEO ट्रस्ट के अधीन होगा। वह स्वतंत्र नहीं होगा... हम यह भी पूरी कोशिश करते हैं कि पेमेंट डिजिटल माध्यम से हों। इसलिए अगर डिजिटल दान होता है, तो यह अच्छी बात है। जितना कम कैश का इस्तेमाल होगा, उतना ही बेहतर है।"
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मराठवाड़ा में पानी संकट: जालना जिले में 107 टँकर सबसे अधिक

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:पावसाळा सुरू होऊन एकबमहिना उलटून गेला तरी मराठवाड्यातील काही भागांत पाणीटंचाईची धग कायम असल्याचे चित्र आहे. विभागीय प्रशासनाच्या अहवालानुसार विभागातील १८७ गावे आणि वाड्यांना पाणी पुरवण्यासाठी २०० टँकर धावत आहेत. तसेच पाणीटंचाईवर मात करण्यासाठी प्रशासनाने ८८२ खाजगी विहिरींचे अधिग्रहण कायम ठेवले आहे. उपाययोजनेच्या मुदतवाढीसाठी छत्रपती संभाजीनगर जिल्ह्यातील ८ तालुक्यांचे जिल्हाधिकाऱ्यांकडे प्रस्ताव धडकले आहेत. विभागात जालना जिल्ह्याला पाणीटंचाईचा सर्वाधिक फटका बसत असून, येथील ७० गावे आणि ३२ वाड्यांमध्ये सर्वाधिक १०७ टँकर सुरू आहेत. त्याखालोखाल बीड जिल्ह्यात ६५, नांदेडमध्ये १५, परभणीत १२ तर लातूरमध्ये १ टँकरद्वारे पाणीपुरवठा केला जात आहे.
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रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी: बर्खास्त पुलिसकर्मी गिरफ्तार

Begun, Rajasthan:राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है.. सिटी कोतवाली पुलिस ने इस मामले में बर्खास्त पुलिसकर्मी मोहम्मद इमरान कादरी को गिरफ्तार किया है.. आरोपी पर महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी चयन सूची और फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर अभ्यर्थियों से लाखों रुपये वसूलने का आरोप है.. पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया.. पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से जुआ और ठगी के आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं.. रायपुर पुलिस ने लोगों से सरकारी नौकरी के नाम पर किसी भी व्यक्ति को पैसे नहीं देने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की है..
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मीरजापुर में जिम जिहाद: गैंग लीडर इमरान की 50 लाख संपत्ति कुर्क

Ukhdand, Uttar Pradesh:राजेश मिश्र मीरजापुर जिम जिहाद प्रकरण: गैंग लीडर इमरान की 50 लाख की संपत्ति कुर्क 7 जुलाई को 11.66 करोड़ की संपत्ति हुई थी कुर्क मीरजापुर। देहात कोतवाली में दर्ज जिम जेहाद मामले में पुलिस ने शनिवार को गैंग लीडर इमरान की लगभग 50 लाख रुपये मूल्य की अचल संपत्ति कुर्क कर दी। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप के तहत किया गया। इसके पूर्व 7 जुलाई को 11.66 करोड़ की संपत्ति कुर्क की गई थी। शनिवार को नायब तहसीलदार सदर सुरेंद्र प्रताप सिंह, थाना पड़री प्रभारी प्रदीप कुमार सिंह, निरीक्षक अपराध कोतवाली देहात मनोज कुमार सिंह तथा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीम ने ग्राम मेवली स्थित आराजी संख्या 265, रकबा 0.7330 हेक्टेयर (सह-खातेदार) भूमि, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये है, को कुर्क कर लिया। पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत माफिया और संगठित अपराधियों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, इमरान के विरुद्ध मीरजापुर और वाराणसी के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, आईटी एक्ट, उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम तथा गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
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गोड्डा की ज्वैलरी दुकान डकैती: चार दिन बाद भी पुलिस खाली, बाजार में भय

Godda, Jharkhand:गोड्डा के ज्वैलरी दुकान में हुए भीषण डकैती के चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान के बाद बंद हुआ गोड्डा बाजार पुलिस के आश्वासन के बाद तो खुल गया है।लेकिन बाजार में भय का माहौल देखा जा रहा है। अब गोड्डा विधायक सह झारखंड के श्रम मंत्री की भी एंट्री हो चुकी है।उन्होंने पीड़ित दुकानदार से मुलाकात की और ढाढ़स बंधाया। मंत्री संजय यादव ने कहा कि 25 साल बाद गोड्डा में अपराधियों ने चैलेंज किया है।उन्होंने कहा कि उसे जिंदा रहने का अधिकार नहीं है।हमारा मॉडल योगी से बड़ा है।हम एक्शन लेंगे। अगर बात गोड्डा की करें तो यह बिहार का सीमावर्ती इलाका है।पुलिस फिलहाल इस मुद्दे पर बातकरने को तैयार नहीं है।लेकिन सूत्रों के मुताबिक छापेमारी लगातार जारी है। घटना के कई सीसीटीवी फुटेज भी आ चुके हैं।लेकिन सवाल यही कि अपराध कब कंट्रोल होगा,का तक अपराधी सलाखों के पीछे पहुंचाए जाएंगे। यहां से दो मंत्री,एक CLP लीडर और एक कद्दावर सांसद भी आते हैं।बाबजूद इसके कब तक आंसू पोछने का दिखावा होता रहेगा?
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राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने सीईओ पद के लिए महिलाओं सहित सभी को मौका दिया

Noida, Uttar Pradesh:नोट-- उम्र और पढ़ाई का कोई क्राइटेरिया नहीं रखा गया है श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सीईओ के पद को लेकर कहा कि यह पद पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए खुला है सीईओ की भगवान राम में गहरी आस्था होनी चाहिए और साथ ही उनमें मैनेजमेंट की अच्छी समझ भी होनी चाहिए। चुने गए व्यक्ति से यह उम्मीद की जाएगी कि वह यह सुनिश्चित करे कि तीर्थयात्रियों को सही सुविधाएं मिलें और मंदिर का प्रशासनिक कामकाज सुचारू रूप से चले। कमेटी अपनी खोज को किसी खास प्रोफेशनल बैकग्राउंड तक सीमित नहीं रख रही है। इसके बजाय, ऐसे व्यक्ति को खोजने पर जोर दिया जा रहा है जिसमें विनम्रता, समर्पण, ईमानदारी और भक्तों के लिए बिना थके काम करने की क्षमता हो। पुलिस, सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के उम्मीदवार भी इस दौड़ में शामिल हो सकते हैं, क्योंकि उनमें संगठन और मैनेजमेंट की साबित हो चुकी क्षमताएं होती हैं। अंतिम चयन पूरी तरह से योग्यता और उपयुक्तता के आधार पर किया जाएगा। कमेटी कॉर्पोरेट सेक्टर की तरह कोई औपचारिक खोज प्रक्रिया नहीं अपनाएगी। इसके बजाय, संभावित नामों का चयन सिफारिशों और आवेदनों के आधार पर होने की संभावना है, जिसमें व्यवहार संबंधी गुण, सार्वजनिक छवि और ईमानदारी जैसे पहलुओं को काफी महत्व दिया जाएगा। सीईओ की जिम्मेदारी होगी कि वे जिला प्रशासन और दूसरी सरकारी एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर अयोध्या आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के लिए सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस भूमिका का एक और अहम पहलू वित्तीय देखरेख होगा, जिसमें सीईओ से उम्मीद की जाएगी कि वे तय प्रक्रियाओं के अनुसार दान और अन्य वित्तीय मामलों का सही प्रबंधन सुनिश्चित करें। ट्रस्ट किसी सीनियर व्यक्ति की तलाश कर रहा है। सीईओ को मेहनताना मिलेगा, लेकिन इसकी डिटेल अभी तय होनी बाकी है।
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