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Jhansi284001

झांसी में महिला थाना के सामने युवक ने ली खुद की जान, जांच जारी

Sept 27, 2024 04:06:39
Jhansi, Uttar Pradesh

झांसी में महिला थाना के सामने सड़क किनारे लगे गुलमोहर के पेड़ पर एक 30 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान फतेहपुर जिले के शाहपुर जाफराबाद निवासी  के रूप में हुई। सुमित बंगलुरु में निजी नौकरी करता था और अपने गांव जा रहा था। झांसी स्टेशन से उतरने के बाद वह इलाइट चौराहे होते हुए महिला थाने के पास पहुंचा, जहां उसने गमछे से खुद की जान ले ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को सूचित कर दिया है। मामले की जांच जारी है।

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PSPramod Sharma
Jan 09, 2026 09:54:40
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ASArvind Singh
Jan 09, 2026 09:53:44
Noida, Uttar Pradesh:लालू परिवार ने आपराधिक गिरोह की तरह काम किया", ज़मीन के बदले नौकरी घोटाले में कोर्ट ने आरोप तय किए, अब आगे क्या होगा ज़मीन के बदले नौकरी घोटाला मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव और उनके बेटे तेजस्वी, तेजप्रताप यादव, बेटी मीसा भारती हेमा यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने उन पर करप्शन, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत आरोप तय किए है. *'लालू ने बाकी के साथ मिलकर साजिश रची'* स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर आपराधिक गिरोह की तरह काम किया। उन्होंने रेलवे के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची。 कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ऐसा लगता है कि लालू प्रसाद यादव ने सरकारी नौकरियों को सौदेबाजी का जरिया बनाया, ताकि उनके परिवार (बेटियों, पत्नी और बेटों) के लिए अचल संपत्तियाँ (जमीन/) हासिल की जा सकें। सीबीआई की चार्जशीट से यह पता चलता है कि लालू यादव के करीबी लोग इस साजिश में शामिल थे। कोर्ट ने लालू यादव और उनके परिवार की इस याचिका को खारिज कर दिया जिसमे उन्होंने आरोप मुक्त करने की मांग की थी。 सीबीआई ने इस केस में कुल 103 लोगो को आरोपी बनाया है। इनमे से 5 की मौत हो चुकी है। इनके खिलाफ कोर्ट ने कार्रवाई बंद कर दी। आज कोर्ट ने 52 आरोपियों को आरोप मुक्त भी कर दिया *CBI का केस क्या है* CBI का केस है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान (2004-2009 के बीच) बिहार के लोगो को मुंबई, जबलपुर, कलकत्ता,जयपुर, हाजीपुर समेत 11 जोन में ग्रुप डी पोस्ट के लिए नौकरी दी गई। इसके एवज में नौकरी पाने वाले लोगो ने लालू प्रसाद के परिजनों या परिजनों के स्वामित्व वाली कंपनी के नाम अपनी ज़मीन ट्रांसफर की。 *सीबीआई की दलील* सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील डीपी सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने बिहार के वंचित लोगों का शोषण किया। उन्हें नौकरी का लालच देकर उनकी ज़मीन हथियाने की साजिश रची। इन नौकरी के लिए कोई भर्ती या विज्ञापन नहीं दिए गए थे। जिन लोगों को नौकरी मिली, उनमें से बहुत ने फर्जी दस्तावेज दिए थे। सरकारी गवाहों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि रेलवे मंत्रालय के पास इन लोगों को नौकरी पर रखने के लिए दबाव था。 *लालू यादव के वकील की दलील* वही इस केस में लालू प्रसाद यादव के वकील मनिंदर सिंह ने इस केस को राजनीति रूप से प्रेरित बताया। उनकी ओर से डलील दी गई कि ज़मीन की डील का नौकरी से कोई सीधा लिंक नहीं है। जिन लोगों को नौकरी दी गई, वो उनकी योग्यता के लिहाज से रेलवे के सीनियर अधिकारियों से और से दी गई। इनमे लालू यादव की कोई भूमिका नहीं थी。 *अब आगे क्या होगा* 'आरोप तय करने की प्रकिया' मुकदमा शुरू होने से पहले की स्टेज होती है। कोर्ट ने लालू और बाकी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। इसका मतलब यह है कि कोर्ट CBI की ओर से पेश किए केस/ चार्जशीट के मद्देजर पहली नज़र में इस बात के लिए संतुष्ट है कि आरोपियों के खिलाफ इन धाराओं के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है। अब इस मामले में 29 जनवरी को आगे सुनवाई होंगी। उस दिन इस केस के आरोपी पेश होंगे।कोर्ट उस दिन पूछेगा कि क्या आरोपी आरोप को स्वीकार करते है या मुकदमे का सामना करेंगे। अगर आरोपी आरोप को स्वीकार नहीं करते है तो फिर उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा उसके बाद मुकदमें में फिर से सीबीआई और आरोपियों के वकील को जिरह रखने का मौका मिलेगा। ट्रायल के बाद आगे चलकर कोर्ट तय करेगा कि क्या आरोपियों का दोष बनता है या नहीं।
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GYGAUKARAN YADU
Jan 09, 2026 09:53:10
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MTManish Thakur
Jan 09, 2026 09:52:41
Kullu, Himachal Pradesh:भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जल संरक्षण सहित अन्य मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के द्वारा अब मनरेगा को नए सिरे से भी वीबी जी राम जी योजना के नाम से क्रियान्वयन किया है। लेकिन कांग्रेस इस योजना को लेकर आम जनता को भ्रम में डाल रही है। जबकि सच्चाई यह है कि कांग्रेस को इस योजना में राम जी का नाम आने से दिक्कत आ रही है। लेकिन भाजपा कांग्रेस पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय महात्मा गांधी के ग्रामीण स्वराज के सपने को आज देश में पूरा कर रही है। ढालपुर में पत्रकारों को जानकारी देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि मनरेगा योजना का नया नाम अब विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) रखा गया हैं। इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश में 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार के द्वारा खर्च की जाएगी और 10% राशि प्रदेश सरकार को खर्च करनी होगी। इतना ही नहीं पहले मजदूर को उनका पैसा आने के लिए भी कई महीनो का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इसमें अब अधिनियम बनाया गया है और एक तय समय पर मजदूरों को उनकी मजदूरी की अदायगी भी करनी होगी। ऐसे में इस योजना के नए प्रावधानों से देश में पारदर्शिता आएगी और पंचायत ही सभी विकास कार्य को पूरा करने के लिए सक्षम होगी। पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि पहले इस योजना के तहत 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया था। लेकिन अब केंद्र सरकार के द्वारा इसमें 125 दिन तय किए गए हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को काफी फायदा होगा। उन्होंने कांग्रेस पर इस मामले में राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह कह रहे हैं कि इससे महात्मा गांधी के नाम को हटाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि महात्मा गांधी ने ही ग्रामीण स्वराज का सपना देखा था और भाजपा उसे पूरा कर रही है। ऐसे में इस योजना के नाम पर कांग्रेस के द्वारा जो धरने प्रदर्शन किया जा रहे हैं। वह तथ्यहीन है और वीबी जी राम जी योजना से देश के ग्रामीण परिवेश को आर्थिक रूप से मजबूती मिलेगी।
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DVDEVENDER VERMA
Jan 09, 2026 09:52:00
Nahan, Himachal Pradesh:लोकेशन नाहन पोषण भी पढ़ाई भी कार्यक्रम के तहत कार्यशाला का आयोजन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया गया आयोजन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कैपेसिटी बिल्डिंग को लेकर दी जा रही जानकारी, नई शिक्षा नीति के तहत नव चेतना और आधारशिला पुस्तकों के बारे में दी जा रही जानकारी,  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 21 तरह की दिव्यांगता के बारे दी जा रही जानकारी, केंद्रों बच्चों की संख्या बढ़ाने को लेकर भी किया जा रहा चिंतन, कार्यशाला में नाहन परियोजना के करीब 70 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ले रही हिस्सा, एंकर- महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और क्षमता विकास से जुड़ी अहम जानकारियां दी जा रही हैं। कार्यशाला में नाहन परियोजना की करीब 70 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं हिस्सा ले रही है। वीओ1-  बाल विकास अधिकारी नाहन ने बताया कि  महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा नाहन में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कैपेसिटी बिल्डिंग करना है, ताकि वे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। कार्यशाला में नई शिक्षा नीति के तहत 0 से 6 वर्ष की आयु तक के बच्चों के लिए तैयार की गई नव चेतना और आधारशिला पुस्तकों की जानकारी दी जा रही है। साथ ही, आंगनवाड़ी केंद्रों में समुदाय की भूमिका क्या होनी चाहिए, इस पर भी विस्तार से चर्चा की जा रही है। बाईट- इशाक मोहम्मद : बाल विकास अधिकारी नाहन वीओ2- उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला की एक खास बात यह रही कि पहली बार आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 21 प्रकार की दिव्यंगताओं के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें सही सहयोग दिया जा सके। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की संख्या बढ़ाने, बच्चों को नियमित रूप से केंद्रों से जोड़ने और गर्भवती महिलाओं को पोषण संबंधी जानकारी देने को लेकर भी मंथन किया जा रहा है। बाईट- इशाक मोहम्मद:  बाल विकास अधिकारी नाहन
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RKRaj Kishore Soni
Jan 09, 2026 09:51:21
Raisen, Madhya Pradesh:रायसेन जिले के उदयपुरा में एक महिला अपने तीन बच्चों के साथ लगभग 80 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला ने घरेलू विवाद और आर्थिक समस्याओं से परेशान होकर कूदने की धमकी दी। जिससे इलाके में अफरा तहरी मच गई। सूचना मिलते ही तहसीलदार दिनेश बरगले और थाना प्रभारी जयवंतसिंह काकोड़िया तुरंत मौके पर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, पूजा धाकड़ अपने बच्चों के साथ टंकी पर चढ़ी थी। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और खर्च नहीं दिया जा रहा है। साथ ही, ससुर की ओर से भी अपमानजनक व्यवहार होता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने टंकी के नीचे सुरक्षा जाल बिछाया। तहसीलदार और थाना प्रभारी ने महिला से लगातार संवाद कर उसे समझाने का प्रयास किया। महिला बार-बार कूदने की धमकी देती रही, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई थी। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद महिला अपने बच्चों के साथ सुरक्षित नीचे उतरी। थाना प्रभारी जयवंतसिंह काकोड़िया ने महिला से बातचीत शुरू की और उसे बातों में उलझाया। इसी बीच, एसआई केशव शर्मा ने पीछे से महिला को पकड़ लिया, जिसके बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। यह पहली घटना नहीं है; 24 दिसंबर को भी महिला इसी तरह पानी की टंकी पर चढ़ गई थी, तब भी उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारा गया था। अधिकारियों ने महिला के ससुर को भी मौके पर बुलाकर समझाइश दी, जिन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। अधिकारियों ने पारिवारिक विवाद को बातचीत और समझौते के जरिए सुलझाने तथा महिला और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। समय रहते हस्तक्षेप होने से एक बड़ा हादसा टल गया।
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JGJugal Gandhi
Jan 09, 2026 09:50:35
Alwar, Rajasthan:दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: ट्रक और पिकअप की टक्कर से कार सवार 5 गंभीर घायल, 4 महिलाएं शामिल अलवर जिले के शीतल गांव के समीप दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर बुधवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस दुर्घटना में चार महिलाओं सहित कुल पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब एक कार पहले तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गई और कुछ ही देर बाद सड़क किनारे खड़ी उसी कार को पीछे से आ रही एक पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार दिल्ली के भजनपुरा गांव निवासी सोनी झा अपनी बहन नीतू, बेटी शिवानी, मां सरस्वती सहित कुल छह लोगों के साथ कार से बालाजी दर्शन के लिए जा रहे थे। अलवर के पास दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने कार को साइड से टक्कर मार दी, जिससे कार सड़क किनारे खड़ी हो गई। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक पिकअप ने खड़ी कार में जोरदार भिड़ंत कर दी। हादसे में कार सवार चारों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि कार चालक भी घायल हुआ है। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया गया। चारों महिलाओं को गंभीर हालत में अलवर के राजकीय सामान्य चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका उपचार जारी है। वहीं कार चालक को प्राथमिक उपचार के बाद निजी अस्पताल रेफर किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की जांच शुरू कर दी है।
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MDMahendra Dubey
Jan 09, 2026 09:49:24
Damoh, Madhya Pradesh:गोद में 18 महीने की बच्ची का शव पीछे माता पिता की अर्थिया , जिसने भी देखा दृश्य भर आई आँखें...एंकर/ एमपी के दमोह जिले से एक विचलित और दुखी करने वाली खबर है जैसे देखकर आपकी भी आंख भर आएगी, और जब सब मालूम चलेगा तो आपको बेहद दुख भी होगा। अब जरा दृश्य देखिए, सफेद कपड़े में लिपटी गोद में ली हुई इस 18 महीने की मासूम बच्ची की किलकारियां कल तक लोगों के कानों में जाती थी तो इसे रोते हुई भी देखकर लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ जाती थी लेकिन अब इसे कपड़े में लिपटा देख हर किसी का चेहरा।मुरझाया है आंखे भरी हुई है, ठीक इस मासूम के शव के पीछे उसकी मां और पिता लोगों के कंधों पर हैं और अंतिम सफर में हैं, और कुछ देर बाद ये दोनों यानि माता पिता पंचतत्व में विलीन हो जायेगे।और मासूम को जमीन के भीतर दफना दिया जायेगा। इन तीन अर्थियों ने सबको झकझोर दिया क्योंकि ये मौतें सामान्य नहीं है बल्कि मासूम के माता पिता ने खुद मौत का रास्ता चुना और अपने साथ नासमझ मासूम की जिंदगी भी उन्होंने छीन ली। दरअसल कल तेंदूखेड़ा के वार्ड नंबर 4 केवट मुहল্লे में रहने वाले मनीष केवट उनकी पत्नी मahi और महज 18 महीने की मासूम बेटी आरोही के शव उनके घर में फांसी के फंदे पर झूलते मिले थे। पहली ही नजर में ये आत्महत्या का मामला समझ आया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। बेहद साधारण परिवार के इस दंपत्ति ने ये कदम क्यों उठाया मतलब आत्महत्या की वजह क्या है किसी को नहीं मालूम क्योंकि कल से अब तक आसपास के लोग नाते रिश्तेदार और पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस कदम की वजह क्या है।क्योंकि न ही मनीष और न उसकी पत्नी ने किसी से कोई परेशानी बताई न हो कोई सुसाइड नोट उन्होंने छोड़ा है और अब तक ये ट्रिपल सुसाइड का मामला अबूझ पहेली बना हुआ है। आज पोस्टमार्टम के बाद जब शहर में तीन अर्थियों वाली शव यात्रा निकली तो पूरा इलाका गमगीन हो गया लोगों ने अपने क्षेत्र में पहली बार एक साथ तीन तीन अर्थियों को देखा और सबकी आंख बह निकली। इस मामले में पुलिस की माने तो अब तक आत्महत्या की कोई वजह सामने नहीं आई है और पुलिस गंभीरता से जांच में जुटी है।बाइट/ अमर केवट ( निवासी तेंदूखेड़ा दमोह)बाइट/ आकाश ( निवासी तेंदूखेड़ा दमोह)बाइट/ राजू (निवासी तेंदूखेड़ा दमोह).बाइट/ रविन्द्र बागरी ( थाना प्रभारी तेंदूखेड़ा दमोह)
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UMUJJWAL MISHRA
Jan 09, 2026 09:48:02
Ranchi, Jharkhand:आयु सीमा और JPSC सिलेबस विवाद पर गरमाई राजनीति, JLKM नेता देवेंद्रनाथ महतो ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा कच्छपाल पद के लिए जारी नियुक्ति विज्ञापन संख्या–07/2025 को लेकर राज्य में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। अभ्यर्थियों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि झारखंड सरकार के संकल्प संख्या–440 के प्रावधानों की अनदेखी की गई है। संकल्प के अनुसार आयु की कट-ऑफ तिथि 01 अगस्त 2019 निर्धारित होनी चाहिए थी, जबकि विज्ञापन में 01 अगस्त 2025 को कट-ऑफ तिथि रखा गया है। इससे राज्य के छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इसी मुद्दे को लेकर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष एवं नेता देवेंद्रनाथ महतो ने आज झारखंड के महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने JSSC कच्छपाल नियुक्ति विज्ञापन में आयु सीमा में आवश्यक छूट देने की मांग की और इसे राज्य के आदिवासी, मूलवासी और स्थानीय अभ्यर्थियों के हितों के खिलाफ बताया। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान में लागू झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस पूर्व मुख्य सचिव वी.एस. दुबे की अध्यक्षता में गठित समिति की अनुशंसा पर लागू किया गया था। इसी समिति की सिफारिश पर प्रारंभिक परीक्षा में CSAT प्रणाली लागू की गई थी, जिसका आदिवासी और मूलवासी छात्रों द्वारा व्यापक विरोध हुआ। विरोध के बाद CSAT को हटा दिया गया, लेकिन मुख्य परीक्षा का सिलेबस अब तक स्थानीय, आदिवासी और मूलवासी अभ्यर्थियों के अनुकूल संशोधित नहीं किया गया है। JLKM ने अपने ज्ञापन में यह भी रेखांकित किया कि देश की प्रतिष्ठित कोचिंग संस्था ‘दृष्टि IAS’ के निदेशक विकास दिव्यकृति सार्वजनिक मंचों से यह स्वीकार कर चुके हैं कि वर्तमान JPSC सिविल सेवा परीक्षा का सिलेबस संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से भी अधिक जटिल और विस्तृत है। इसका सीधा असर झारखंड के स्थानीय, आदिवासी और ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले अभ्यर्थیوں पर पड़ रहा है, जिन्हें शैक्षणिक, भाषायी और प्रतिस्पर्धात्मक स्तर पर गंभीर असमानता, मानसिक दबाव और संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। देवेंद्रनाथ महतो ने राज्यपाल से आग्रह किया कि पूर्ण बहुमत वाली अबुआ सरकार से आदिवासी समाज की ऐतिहासिक अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए जल-जंगल-जमीन, भाषा-संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही नीति-निर्माण और प्रशासनिक ढांचे में स्थानीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की गई। उन्होंने JPSC सिलेबस को सरल, संतुलित और स्थानीय अभ्यर्थियों के अनुकूल बनाने तथा कच्छपाल नियुक्ति विज्ञापन में आयु सीमा से जुड़ी त्रुटों को शीघ्र सुधारने की भी मांग की। JLKM ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा। बाइट: देवेंद्र नाथ महतो (JLKM नेता)
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