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झाड़ोल में अवैध हथियार फैक्ट्री का पर्दाफाश, 60 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के झाड़ोल से बड़ी खबर एंकर -झाड़ोल (उदयपुर) से बड़ी खबर: अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, 60 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार उदयपुर जिले के झाड़ोल क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां फलासिया थाना पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 60 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो अपने ही घर में अवैध टोपीदार बंदूक बनाने का कारखाना चला रहा था। जानकारी के अनुसार, यह मामला फलासिया थाना क्षेत्र के पीपलबारा गांव का है। पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में अवैध हथियारों का निर्माण और बिक्री हो रही है। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छापा मारकर आरोपी कानसिंह गरासिया को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 6 अवैध टोपीदार बंदूकें बरामद की हैं। इसके अलावा बंदूक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और उपकरण भी जब्त किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में लिप्त था और आसपास के इलाकों में बंदूकें बेच रहा था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है, जिसमें यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उसने किन-किन लोगों को हथियार बेचे और उसका नेटवर्क किन-किन क्षेत्रों तक फैला हुआ है। यह पूरी कार्रवाई फलासिया थाना अधिकारी सीताराम मीणा द्वारा झाड़ोल डिप्टी विवेक सिंह के निर्देश पर की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त संदेश गया है।
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बांसवाड़ा में JTA धरना, STA और JEN के बीच SOP नहीं, सरकार पर दबाव

AOAjay OjhaJust now
Banswara, Rajasthan:बांसवाड़ा मे राजस्थान कनिष्ठ तकनीकी सहायक संघ के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश मीणा के निर्देश पर आज जिला परिषद के बाहर JTA धरने पर बैठे और जमकर नारेबाजी की, उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले बराबर सम्मान का आदेश जारी किया था और बाद में उसे निरस्त करने का नया आदेश जारी कर दिया गया, धरना प्रदर्शन कर रहे कार्मिकों ने बताया हम 20 सालों से अपनी जिम्मेदारी ओर सरकार की योजना को धरातल पर उतारने का कार्य किया है लेकिन आज सरकार ना तो हमें स्थाई किया ना ही पहले निकाले आदेश को यथावत रखा, सरकार से निवेदन है कि सरकार हमारी मांगों को तत्काल पूरा करे, प्रथम आदेश को यथावत रखने की मांग की है, वही मुख्य कार्यकारिणी अधिकारी को और जिला कलेक्टर को CM के नाम ज्ञापन सौंपा है, मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर विभागीय आदेशों में दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण कार्य निर्देशिका 2025 के तहत जारी आदेशों को विभाग ने नए एसओपी के बहाने स्थगित कर दिया, जबकि पूर्व में जारी अन्य आदेशों को यथावत रखा गया है। इससे कनिष्ठ तकनीकी सहायकों JTA के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संघ ने मांग की है कि जब तक STA और JEN के बीच कार्य विभाजन को लेकर नई एसओपी जारी नहीं होती, तब तक संबंधित सभी आदेशों को समान रूप से स्थगित किया जाए。
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नोएडा IIT बिल्डिंग में फायर डेमो: दो मिनट में आग पर काबू, आधुनिक टेंडर दिखे

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा: एक ऊंची इमारत में फायरफाइटर का डेमो किया गया, जिसमें लगभग 40वीं मंज़िल पर आग लगने जैसी स्थिति को दिखाया गया/विज़ुअल्स/ इस कंटेंट में एक ऊंची इमारत में, खास तौर पर IIT की एक बिल्डिंग की 40वीं मंज़िल पर, आग बुझाने की आधुनिक टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक डेमो दिखाया गया है। इसका मुख्य मकसद यह दिखाना है कि फायरफाइटर कैसे दो मिनट के अंदर ही मौके पर पहुंच सकते हैं और खास मशीनों से निकलने वाले फोम, पानी और हवा के मिश्रण का इस्तेमाल करके आग बुझा सकते हैं। पिछले 8-9 सालों से सरकार और फायर सर्विस, विश्व-स्तरीय उपकरणों और गाड़ियों को अपनाने पर ज़ोर दे रहे हैं। इस डेमो का मकसद इन टेक्नोलॉजी की असरदार क्षमता को दिखाना है, जिससे भविष्य में अलग-अलग कंपनियों से और भी आधुनिक फायर टेंडर खरीदे जा सकें।
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SC के समक्ष चुनाव अधिकारीयों ने वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में याचिका दायर

Noida, Uttar Pradesh:*पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर लगे कुछ चुनाव अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। अधिकारियों ने शिकायत की कि उनका नाम खुद वोटर लिस्ट से हटाया गया है* वकील एम आर शमशाद ने CJI की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने मामला उठाया।वकील ने कहा कि ऐसे 65 चुनाव अधिकारी है।वे लोग चुनाव कराने की ड्यूटी पर हैं। उनके पास वोटर आईडी भी था।लेकिन फिर भी उन्हें अचानक उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया। इस वजह से अब वे खुद वोट नहीं डाल पा रहे हैं। वकील ने कहा कि बिना कारण बताए वोटर लिस्ट से नाम काटने का फैसला गलत और मनमाना है। चीफ जस्टिस ने कहा कि आप अपनी बात पहले एपलेट ट्रिब्यूनल के सामने रखें।ट्रिब्यूनल इस मामले को देखेगा और फैसला करेगा। जस्टिस बागची ने कहा कि ट्रिब्यूनल इस मामले को देखेगा।इस बार के चुनाव में शायद वे लोग वोट न डाल पाएं, लेकिन उनका नाम वोटर लिस्ट में आगे बना रहे — यह ज्यादा अहम बात है।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से इंकार किया

Noida, Uttar Pradesh:2020 दिल्ली दंगों के आरोपी कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत रद्द करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इंकार किया। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत से मिली ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इशरत जहां को जमानत मिले हुए 4 साल से ज्यादा समय हो गया है इस दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया हो।इसलिए अब ज़मानत रद्द करने का कोई औचित्य नहीं बनता। इशरत जहां को मार्च 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उस पर IPC, पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट, आर्म्स एक्ट और UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था स्पेशल कोर्ट ने मार्च 2022 में इशरत जहां को जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था कि 'चक्का जाम” का आइडिया इशरत जहां का नहीं था ।वह किसी ऐसे संगठन या व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्य भी नहीं थीं, जो इस साजिश में शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा था कि निचली अदालत ने इशरत के खिलाफ कई अहम सबूतों को नज़रंदाज किया
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कैमूर में लू का कहर: 41-42 डिग्री तापमान से जनजीवन प्रभावित, पानी-मदद की मांग तेज

Khajuria Khurd, Bihar:कैमूर में तेज गर्मी का प्रभाव है, जहां तापमान 41-42 डिग्री पहुंचा। लू से परेशान लोग, प्रशासन से पानी की मांग कैमूर में लू और गर्म हवा से लोग त्रस्त। भभुआ में सड़कें सूनी, लोग जूस-नारियल पानी पर। विजय चौरसिया व संतोष खरवार ने पानी की व्यवस्था की मांग की。 जिले में बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। तापमान 41-42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, आसमान से आग बरस रही है। लू की तेज गर्म हवा से सड़कें सूनी पड़ गई हैं। जी मीडिया की टीम जब भभुआ के एकता चौक पहुंची, तो सुबह से व्यस्त रहने वाली सड़क पर सन्नाटा छाया था। लोग घरों में दुबके हैं, जरूरी काम निपटाने निकल रहे हैं। ठंडे पदार्थों की दुकानों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। नारियल पानी, आम का जूस, गन्ने का जूस, पपीता, खरबूजा और तरबूज बिक्री में जोर-शोर से लगे हैं। गन्ने का जूस पीने आए स्थानीय निवासी विजय चौरसिया ने बताया, यहां तापमान 41 से 42 डिग्री के पार चला गया है। लू से हाल बेहाल है। प्रशासन को जगह-जगह पानी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोग और जानवर राहत पाएं। संतोष खरवार ने भी यही कहा कि पशुओं के लिए भी प्याऊ बनें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी से डिहाइड्रेशन, सिरदर्द और लू का खतरा बढ़ गया है। जी मीडिया अपील करता है- घर से बहुत जरूरी काम हो तो ही निकलें। बाहर जाते समय भरपेट पानी पिएं, गमछे से सिर ढकें। दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक घर पर रहें। शरीर में थोड़ी भी गर्मी महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है, लेकिन जमीन पर प्याऊ कम हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और गर्मी की चेतावनी दी है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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महासमुंद में काबिल-काश्त जमीन पर फर्जी रजिस्ट्री, किसान अदालत जाने को मजबूर

Mahasamund, Chhattisgarh:एंकर-महासमुंद जिले में शासन से किसानों को मिली काबिल काश्त की जमीन अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। आरोप है कि पटवारी, रजिस्ट्रार और कुछ जनप्रतिनिधि स्थानीय विधायक के संरक्षण में किसानों पर जमीन बेचने का दबाव बना रहे है। इतना ही नहीं, जो किसान जमीन बेचने को तैयार नहीं हैं, उनकी जमीन को फर्जी तरीके से दूसरे के नाम चढ़ाकर बेचा जा रहा है। परेशान किसान मामले की शिकायत लेकर महासमुंद कलेक्टर से किये थे। कलेक्टर ने सम्बंधित जमीन की रजिस्ट्री रोकने के लिए आदेश जारी किया उसके बाद भी रजिस्ट्री हो गयी। अब किसान न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर है। महासमुंद जिले में काबिल काश्त (बिक्री योग्य नही) जमीन को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। शासन द्वारा वर्ष 1978 में गरीब और जरूरतमंद किसानों को जीवन यापन के लिए जो जमीन दी गयी थी, आज वही जमीन कथित रूप से भ्रष्ट तंत्र की साजिश का शिकार हो रही है। ताजा मामला पिथौरा ब्लॉक के सांकरा राजस्व मंडल के हल्का क्रमांक 44 के अंतर्गत आने वाले ग्राम सरीफाबाद का है। यहाँ 150 एकड़ जमीन शासन ने किसानो को दी गयी थी। किसान उस जमीन में वर्षों से मिले जमीन पर खेती कर अपना गुजारा कर रहे थे। लेकिन अब उन पर जमीन को औने-pौने दाम पर बेचने का दबाव बनाया जा रहा है। जो किसान जमीन बेचना नहीं चाहते हैं, उनकी जमीन को त्रुटि सुधार के नाम पर दूसरे के नाम पर चढ़ाकर बेच दिया गया है। ऐसे ही एक किसान है धनसाय जिसे 1978 में 2 एकड़ 15 डिसमिल जमीन मिली थी जिसका खसरा नम्बर 327 था जमीन की ऋण पुस्तिका धनसाय के पास है, लेकिन जमीन इनकी जानकारी के बिना रायपुर के निखिल अग्रवाल को बेचीं गयी। और अब ये जमीन निखिल अग्रवाल के नाम पर ऑनलाइन दिख भी रहा है। ऐसे ही एक और किसान है गोपी चंद इसके पिता पदुम को भी लगभग 2 एकड़ जमीन मिली थी, जिसका खसरा नम्बर 328 था। अब ये जमीन निखिल अग्रवाल रायपुर के नाम पर दर्ज है। पिड़ित किसानों ने बताया कि, हम लोग कई सालों से खेती कर रहे हैं, लेकिन अब हमें जबरन जमीन बेचने के लिए कहा जा रहा है आरोप है कि हल्का नंबर 44 के पटवारी राजेंद्र डोंगरे और बसना विधान सभा के विधायक सम्पत अग्रवाल के प्रतिनिधि पुरुषोत्तम धृतलहरे इस पूरे खेल में अहम भूमिका निभा रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें जमीन बेचने पर दबाव बनाया जा रहा है पहले प्रलोभन दिया जाता है, नहीं मानने पर धमकाया जाता है। जब वे जमीन बेचने से इनकार करते हैं, तो उनके खिलाफ फर्जी तरीके से ‘त्रुटि सुधार’ के नाम पर आवेदन लगवाया जाता है। फिर दूसरे के नाम पर जमीन चढ़ाया जाता है। इस फर्जीवाड़े की शिकायत लेकर गाव के किसान महासमुंद कलेक्टर के पास 19.01.26 को पहुंचे थे। उसके बाद उप पंजीयक पिथौरा के पास भी गए थे और फर्जी तरीके से हो रहे रजिस्ट्री रोकने का निवेदन किये थे। किसानों के शिकायत के बाद महासमुंद कलेक्टर कार्यालय से 02.02.26 को एक आदेश भी एस डी एम पिथौरा और उप पंजीयक पिथौरा को जारी किया था और शिकायत वाली जमीन पर रजिस्ट्री रोकने कहा था। उसके बाद भी 16.02.26 को दो रजिस्ट्री उप पंजीयक पिथौरा के द्वारा कर दिया गया। किसानो ने आरोप लगाया है कि इस फर्जीवाड़ा में उप पंजीयक पिथौरा का भी अहम् भूमिका है। क्योंकि रजिस्ट्री रोक के बाद भी उप पंजीयक रजिस्ट्री कर रहे है। इस मामले में उप पंजीयक पिथौरा के पास 02.02.26 को रजिस्ट्री रोकने संबंधी पत्र कलेक्टर कार्यालय से जारी हुआ था लेकिन सफाई देते हुए उप पंजीयक एम के रजा ने कहा कि मैं ऑनलाइन कागजात देखकर रजिस्ट्री करता हूं। मेरे पास किसी प्रकार का रजिस्ट्री रोकने संबंधी आदेश या पत्र नहीं आया था। जबकि आदेश कलेक्ट्रेट कार्यालय से जारी 02.02.26 को जारी हुआ है। कलेक्टर महासमुंद ने इस पूरे मामले मे कहा कि, मामले की शिकायत मिली है कि शासन से मिली जमीन की फर्जी तरीके से बिक्री हो रही है मामले में जांच करवाई जा रही है। और अगर इस मामले की किसी की संलिप्तता पाई जाएगी तो नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। गड़बड़ी हुई होगी तो रजिस्ट्री निरस्त कर उनके नाम पर फिर से दर्ज की जाएगी जिसकी जमीन है.
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दिल्ली हाई कोर्ट ने इशरत जहां की जमानत रद्द करने से इंकार किया

Noida, Uttar Pradesh:2020 दिल्ली दंगों के आरोपी कांग्रेस पार्षद इशरत जहां की जमानत रद्द करने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इंकार किया। दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत से मिली ज़मानत को रद्द करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि इशरत जहां को जमानत मिले हुए 4 साल से ज्यादा समय हो गया है इस दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं है कि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया हो।इसलिए अब ज़मानत रद्द करने का कोई औचित्य नहीं बनता। इशरत जहां को मार्च 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर IPC, पब्लिक प्रॉपर्टी डैमेज एक्ट, आर्म्स एक्ट और UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था स्पेशल कोर्ट ने मार्च 2022 में इशरत जहां को जमानत दी थी। कोर्ट ने कहा था 'चक्का जाम” का आइडिया इशरत जहां का नहीं था ।वह किसी ऐसे संगठन या व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्य भी नहीं थीं, जो इस साजिश में शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा था कि निचली अदालत ने इशरत के खिलाफ कई अहम सबूतों को नज़रंदाज किया
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खाद्य विभाग की छापेमारी: एक्सपायर्ड पदार्थ दोबारा पैक कर सप्लाई का धंधा खुला

Amroha, Uttar Pradesh:ए amरोहा जनपद के डिडौली क्षेत्र के गांव ढकिया चमन में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी छापेमारी कर मिलावटी और एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में चिप्स, नमकीन, काजू कतली, मैगी, पैकिंग के रसगुल्ले और बर्फी समेत कई खाद्य सामग्री बरामद की गई। जांच में सामने आया कि एक्सपायरी हो चुके उत्पादों को खोलकर नए पैकेट में दोबारा पैक कर बाजार में बेचा जा रहा था, जिससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ किया जा रहा था। छापेमारी सहायक आयुक्त खाद्य विनय अग्रवाल के नेतृत्व में गई, जिसमें खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार, कुलदीप कुमार दीक्षित, राकेश कुमार और विपिन कुमार शामिल रहे। टीम ने मौके से खाद्य पदार्थों के छह नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। प्रारम्भिक जांच में यह भी सामने आया कि यह अवैध कारोबार मुरादाबाद, संभल, अमरोहा, बिजनौर और रामपुर के ग्रामीण इलाकों के दुकानदारों तक फैला हुआ था, जहां इस तरह के एक्सपायरी उत्पाद सप्लाई किए जा रहे थे। अधिकारियों के अनुसार यह अवैध गतिविधि ढकिया चमन निवासी कलीम द्वारा इशरत अली के मकान में संचालित की जा रही थी। छापेमारी की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरी और फर्जी पैकेजिंग के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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करावल नगर के सोनिया विहार में सीवर, पानी और सड़कों की भीषण किल्लत

Delhi, Delhi:करावल नगर विधानसभा लोकेशन -- सोनिया विहार सभापुर वार्ड से ग्राउंड रिपोर्ट। करावल नगर विधानसभा इलाके के लगने वाले सोनिया विहार पांचवा पुस्ता सभापुर वार्ड इलाके की यह तस्वीर देखकर आप चौंक जाएंगे आप यह सोचने को मजबूर हो जाएंगे क्या यह दिल्ली है ? जहाँ सीवर नही, जल निकासी नही, पीने की पानी कोई सुविधा नही, नालियां नही, कच्ची गालियां, ऊंची नीची जगह, जनता पूछे क्या यही है विकास ? यमुनापार उत्तर पूर्वी दिल्ली के करावल नगर विधानसभा क्षेत्र के सोनिया विहार, पांचवा पुस्ता सभापुर वार्ड में बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कई सालों से आसपास इलाके की कई गलियों का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। टूटी-फूटी सड़कों और अधूरे विकास कार्यों के कारण लोगों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। इलाके में सबसे गंभीर समस्या सीवर की है। यहां अब तक सीवर लाइन नहीं डाली गई है, जिससे गंदा पानी सड़कों और गलियों में जमा रहता है। इससे न सिर्फ बदबू फैलती है, बल्कि लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। बरसात के समय इनकी परेशानी और ज्यादा बढ़ जाती है जगह-जगह जल भराव की स्थिति बन जाती है जिससे स्थानीय निवासियों को अपने घर में कैद होना पड़ जाता है। इसके अलावा पीने के पानी की भी भारी किल्लत है। इलाके में पानी की पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है, जिसके चलते लोगों को मजबूरी में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। गर्मी के इस मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। नालियों का निर्माण न होने के कारण जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे मच्छरों की भरमार हो गई है और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। लोगों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद उन वादों को पूरा नहीं किया जाता। अब सवाल यह है कि आखिर कब तक करावल नगर के इन इलाकों के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते रहेंगे? क्या जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान देंगे, या फिर हालात ऐसे ही बने रहेंगे?
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जहानाबाद में लापता युवक का शव मिलने से हत्या आशंका, परिजनों ने आरोप लगाए

Jehanabad, Bihar:जहानाबाद में दोर परिजनों ने गाँव के भीतर शव मिलने पर हत्या की आशंका जताई है। मृतक की पहचान रिटायर्ड शिक्षक शिव प्रसाद सिंह के 40 वर्षीय पुत्र अंजय उर्फ अरुण कुमार के रूप में की गई है। घटना समेत परिवारजन का कहना है कि खेत में पराली जलाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जिसके बाद 22 अप्रैल से लापता था। शुक्रवार की सुबह बधार में उसका शव मिला, जिससे परिजनों के शक यकीन में बदला। गांव के अधिकांश लोग शादी समारोह में पटना गए थे, शायद इसी का फायदा उठाकर शव बधार में फेंका गया। पुलिस ने मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है; डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम मौके पर भेजी गईं। पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट से ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे। एसपी ने कहा कि शव की पहचान हो चुकी है और पराली विवाद के आरोपियों के खिलाफ आगे कार्रवाई होगी। फिलहाल पुलिस हर पहलू की गहनता से जाँच कर रही है।
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जयपुर फर्स्ट बनाम सैकंड: ऑटोमेटेड ट्रैक के बावजूद लाइसेंस बनाने में बड़ा फर्क

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के RTO सैकंड में फर्स्ट से 8 गुना अधिक बन गए लाइसेंस, जबकि क्षेत्र महज 22 प्रतिशत! - राजधानी के 2 RTOs में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का बड़ा झोल - जयपुर फर्स्ट में लाइसेंस बनवाने नहीं पहुंच रहे आवेदक, कारण, कम्प्यूटराइज ट्रैक पर पास नहीं होते - फिर दलालों की मदद से जयपुर सैकंड में बनते हैं लाइसेंड्स जयपुर। परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया को सख्त बनाने जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के एक दर्जन आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में कम्प्यूटराइज्ड ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक लागू किए गए हैं। ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का परीक्षण कम्प्यूटराइज पद्धति से किया जाता है। यानी लाइसेंस आवेदक ने यदि गाड़ी चलाने में ट्रायल ट्रैक पर थोड़ी भी गलती की तो उसके नम्बर कटेंगे। 4 अलग-अलग तरह के टेस्ट में प्रत्येक टेस्ट के अलग-अलग नम्बर होते हैं। इसके बाद सामूहिक परिणाम में ट्रायल में पास या फेल का फैसला होता है। मौजूदा स्थिति यह है कि जयपुर फर्स्ट आरटीओ कार्यालय के जगतपुरा में ऑटोमेटेड ट्रैक पर 10 आवेदकों में से बमुश्किल 2 से 3 आवेदकों के लाइसेंस बन रहे हैं। परिवहन विभाग मानता है कि ऑटोमेडेड ट्रैक की सख्त प्रक्रिया से ही सही मायने में लाइसेंस बन रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी मदद मिलेगी। रोचक बात यह है कि जो आवेदक जयपुर फर्स्ट कार्यालय में लाइसेंस ट्रायल में फेल हो रहे हैं, वे दलालों की मदद से आरटीओ सैकंड में ड्राइविंग लाइसेंस बनवा रहे हैं। आरटीओ सैकंड के विद्याधर नगर, चौमू, शाहपुरा, कोटपूतली और जयपुर फर्स्ट के दूदू जिला परिवहन कार्यालयों में ऑटोमेटेड ट्रैक नहीं हैं। ऐसे में इन जगहों पर बड़ी संख्या में लाइसेंस बन रहे हैं। ड्राइविंग लाइसेंस में कितना अंतर? - 1 फरवरी 2026 से 31 मार्च 2026 के बीच ड्राइविंग लाइसेंस - जयपुर फर्स्ट के जगतपुरा ARTO में 1640 ड्राइविंग लाइसेंस बने - इसी अवधि में जयपुर सैकंड में विद्याधर नगर में 12961 लाइसेंस बने - यानी जयपुर फर्स्ट की तुलना में 8 गुना अधिक लाइसेंस सैकंड में बने - रोचक यह कि जयपुर फर्स्ट का एरिया सैकंड से है कई गुना ज्यादा - पुलिस थानों के हिसाब से जयपुर फर्स्ट के पास जयपुर शहर का 78 प्रतिशत क्षेत्र - और जयपुर सैकंड आरटीओ के पास करीब 22 प्रतिशत क्षेत्र - इसके बावजूद जयपुर सैकंड में कैसे बने 8 गुना अधिक लाइसेंस? - जयपुर फर्स्ट क्षेत्र के महज 10 प्रतिशत बराबर चौमू में 4200 लाइसेंस बने - शाहपुरा में 2499 और कोटपूतली में 3631 ड्राइविंग लाइसेंस बने - जयपुर फर्स्ट के दूदू में 3078, चाकसू में 1278 लाइसेंस बने प्रदेशभर में एक जैसे नियम लागू करना जरूरी? - परिवहन मुख्यालय के एक अपर परिवहन आयुक्त ने बताया कि जयपुर और सीकर जोन के विभिन्न आरटीओ और डीटीओ कार्यालयों में जिन जगहों पर मैन्युअल प्रक्रिया या ढील की संभावना अधिक है, वहां लाइसेंस की संख्या ज्यादा रही है। वहीं ऑटोमेटेड ट्रैक वाले कार्यालयों में लाइसेंस बनवाने वालों की संख्या बेहद कम रही है। यानी सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए ऑटोमेटेड ट्रैक जरूरी हैं, लेकिन जब तक सभी जगह एक समान नियम लागू नहीं होंगे, तब तक ऐसे अंतर बने रहेंगे। यदि सख्ती नहीं बढ़ाई गई तो रोड सेफ्टी पर सीधा असर पड़ सकता है। क्या हो सकता है नया नियम? - ऑटोमेटेड ट्रैक वाले जिलों में ‘पिन कोड लॉक’ सिस्टम लागू करने की तैयारी - अब आवेदक केवल अपने क्षेत्राधिकार वाले RTO कार्यालय में लाइसेंस बनवा सकेंगे - यानी जयपुर फर्स्ट के क्षेत्र वाले आवेदक जयपुर सैकंड में लाइसेंस नहीं बनवा सकेंगे - परिवहन मुख्यालय सारथी सॉफ्टवेयर में कर रहा है इसे लेकर बदलाव - इससे दलालों और इंस्पेक्टरों की मिलीभगत पर रोक लग सकेगी - सभी आवेदकों को अपने क्षेत्र के ऑटोमेटेड ट्रैक पर ही ड्राइविंग टेस्ट देना होगा - विभाग मानता है इससे लाइसेंस केवल योग्य और प्रशिक्षित चालकों को ही मिलेगा सीकर-झुंझुनूं में भी मिली ऐसी ही गड़बड़ी - जयपुर के 2 परिवहन कार्यालयों जैसी गड़बड़ी सीकर-झुंझुनूं में भी देखने को मिली है। सीकर आरटीओ कार्यालय में ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक बना हुआ है। ऐसे में फरवरी और मार्च की 2 माह की अवधि में यहां पर मात्र 3215 आवेदकों के लाइसेंस बने हैं। जबकि झुंझुनूं में परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग ट्रैक नहीं है। तो इसी अवधि में झुंझुनूं जिला परिवहन कार्यालय में 11510 लाइसेंस बना दिए गए। यानी साफ है कि जिन सीकर के लोगों के लाइसेंस वहां नहीं बन सके, उन्होंने झुंझुनूं या अन्य नजदीकी कार्यालयों से लाइसेंस बनवाए।
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