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Jhansi284002

झांसी में नर्सिग होम में नर्स ने की महिला से मारपीट

Jun 30, 2024 06:15:09
Jhansi, Uttar Pradesh

झांसी के नवाबाद थाना क्षेत्र स्थित एक निजी नर्सिग होम में नर्स और महिला तीमारदार के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। सूचना के अनुसार घटना मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-1 के सामने स्थित अस्पताल की है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज में नर्स को गुस्से में महिला पर हमला करते और सामान फेंकते देखा जा सकता है। आपको बता दें कि अन्य कर्मचारी बीच-बचाव की कोशिश करते दिख रहे हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और शहर में चर्चा का विषय बन गया है।

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AAAkshay Anand
Mar 13, 2026 05:00:12
Noida, Uttar Pradesh:पिछले कुछ दिनों से मिडिल ईस्ट में चल रही युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण घरेलू LPG गैस की आपूर्ति बाधित होने की अफवाहें सोशल मीडिया के माध्यम से और अन्य माध्यमों से फैलाई जा रही हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हरियाणा में घरेलू LPG, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य और निर्बाध है...तेल कंपनियों ने हमें आश्वस्त किया है कि राज्य में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और गैस की आपूर्ति निरंतर प्राप्त हो रही है...कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति में हमने आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की है...मैं हरियाणा की जनता से अपील करता हूं कि अफवाहों पर विश्वास ना करें...राज्य सरकार पूरी तरह से सतर्क है
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BSBIRENDRA SINHA
Mar 13, 2026 04:48:59
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MMMRITYUNJAI MISHRA
Mar 13, 2026 04:48:47
Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के सीसीएल कथारा कोलियरी के नये कोयला स्टॉक में लगी भीषण आग। धू धू कर जल रहा है सारा कोयला। करोड़ों के राजस्व के नुकसान का अनुमान। प्रबंधन कुछ भी बोलने से बच रहे है। बताते चले कि बोकारो के बेरमो के सीसीएल कथारा कोलियरी के नये कोयला स्टॉक में भीषण आग लग गई है जहां धुआं का गुबार दूर दूर तक दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां इस धुआं से प्रदूषण हो रहा है वही सरकार के राजस्व में भी छती हो रहा है जहां करोड़ों का कोयला जलकर पूरी तरह से खाक हो रहा है। हर साल गर्मी आते ही इस तरह का नजारा देखने को मिलता है लेकिन प्रबंधन के तरफ से कोई ठोस पहल नहीं किया जाता है। ऐसे में एक बार फिर इस तरह का आग देखने को मिला जहां सीसीएल कथारा प्रबंधन की और से अबतक आग को बुझाने का कोई प्रयास नहीं किया गया। ऐसे में करोड़ों का कोयला जलकर पूरी तरह से खाक हो रहा है। वही सीसीएल कथारा के अधिकारी इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे।
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GSGajendra Sinha
Mar 13, 2026 04:48:21
Koderma, Jharkhand:कोडरमा के तिलैया थाना क्षेत्र के तिलैया बस्ती टीनवाटांड़ में एक 19 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान प्रकाश चन्द्रवंशी की बेटी शिबू कुमारी के रूप में हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। मृतका के पिता प्रकाश चंद्रवंशी ने बताया कि हर दिन की तरह बीती रात शिबू ने खाना खाने के बाद घर का काम खत्म किया और अपने कमरे में सोने चली गई। सुबह जब वे उसे जगाने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद घर के पिछले हिस्से में जाकर खिड़की से झांककर देखा तो उनकी बेटी कमरे के अंदर छत से दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी हुई थी। कमरे के वेंटिलेटर को तोड़कर छोटे बेटे को अंदर भेजा और दरवाजा खुलवाया। आनन-फानन में युवती को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी。 घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग भी वहां जुट गए। जानकारी के अनुसार शिबू कुमारी की शादी इसी वर्ष हजारीबाग में तय हुई थी और आने वाले सोमवार को उसकी सगाई होनी थी। सूचना मिलने पर तिलैया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
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JPJAY PRAKASH KUMAR
Mar 13, 2026 04:47:55
Gaya, Bihar:ईरान इजरायल के बीच गरजती मिसाइलें और आसमान में गूंजते धमाके... यह शोर सिर्फ मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं है। इसकी गूंज बिहार के गया जिले की उन गलियों में सुनाई दे रही है, जहां एक दर्जन से अधिक परिवारों की रातों की नींद उड़ चुकी है। रोटी की तलाश में परदेस गए उनके परिवार आज मौत के साये में जीने को मजबूर हैं। ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के कारण झारखंड - बिहार के सीमा पर स्थित गया जिले के बहेरा गांव के लोग भी काफी चिंतित है। गया जिले के डोभी प्रखंड के बहेरा मुस्लिम टोला के करीब 12 से अधिक लोग काम के सिलसिले में वहां गए थे। किसी को क्या पता था कि जिस धरती पर वे बेहतर भविष्य के सपने बुनने गए हैं, वही रणभूमि बन जाएगी। आज वहां की सड़कों पर सन्नाटा है, और यहां गया के इन घरों में सिसकियां है व खामोशी साया हुआ है। गांव के लोगों को हर दिन उनकी चिंता सताती है. अगर एक दिन भी फोन से बात नहीं होती है तो लोग भयभीत हो जाते हैं. साथ ही परिवार के लोगों की घबराहट बढ़ जाती है. घबराहट भी लाजमी है. क्योंकि इस गांव के कई लोग ऐसे हैं. जो युद्ध देश के बीच घिरे हुए हैं. कतर में फंसे लोग घर से बाहर भी नहीं निकल सकते हैं। इन दिनों रमजान का महीना चल रहा है. ऐसे में परिवार के कई लोग अपनों के घर आने का इंतजार है. लोग अपनों की सही सलामत घर लौटने के लिए दुआ भी कर रहे हैं, लेकिन कुछ जगह से अभी से ही विमान सेवा भी शुरू नहीं हुई है, जिस कारण इनकी चिंता लगातार बढ़ रही है. इस गांव के ताहिर हुसैन, सजमा खातुन, शाहिद अंसारी, अशरफ सऊदी अरब में तो कमर इकबाल, एकलाख, नौशाद और दानिश दुबई में हैं. शालुक और शाहरुख कतर में फंसे हुए हैं. वहीं, एनाम, शेरु, अदनान और जिशान रुस में फंसे हुए हैं। गांव के लोगों की मानें तो रमजान के अंतिम दिन आ गये हैं, लेकिन अभी तक ईद की तैयारी शुरू नहीं हुई है. जब तक परिवार के लोग सही सलामत घर न आ जाएं, ईद कैसे मनाएं? कुछ जगह से स्थिति धीरे-धीरे ठीक हो रही है, लेकिन भय बना हुआ है. एक दिन भी माता-पिता से बात किए बिना नींद नहीं आती है. अगर किसी कारण फोन नहीं लगता या मोबाइल स्वीच ऑफ बताता है तो चिंता बढ़ जाती है. हालांकि इन्हें पूरी उम्मीद है कि कुछ दिनों में हालात बेहतर हो जाएंगे और इनके माता पिता घर आ जाएंगे।
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AGAbhishek Gour
Mar 13, 2026 04:46:58
Narmadapuram, Madhya Pradesh:इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव के बीच मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले से शांति का एक अनोखा संदेश सामने आया है। ग्राम सुपरली के किसान योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने अनाज से डॉलफिन मछली की अनोखी कलाकृति बनाकर दुनिया में चल रहे युद्ध को रोकने की मार्मिक अपील की है। उनकी यह अनूठी कलाकृति इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। किसान सोलंकी ने धान, बाजरा, रागी, चावल, तिल, राजगीरा और खसखस जैसे अनाजों से डॉलफिन की आकृति तैयार की है। इस प्रतीकात्मक कला के जरिए उन्होंने संदेश दिया है कि बारूदी युद्धों का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समुद्र और नदियों में रहने वाले जलीय जीव भी इसकी चपेट में आते हैं। डॉलफिन के माध्यम से उन्होंने भावुक संदेश देते हुए कहा— “हम जल के जीव कहाँ जाएँ? हे दयालु मनुष्य, युद्ध रोको।” उनका कहना है कि युद्ध की आग में सिर्फ मानव ही नहीं, बल्कि जल, थल और नभ के सभी जीव-जंतु पीड़ा झेलते हैं।
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ADAnup Das
Mar 13, 2026 04:46:35
Krishnanagar, West Bengal:নদীয়া অনুপ কুমার দাস "ইফতারের নামে ভিভিআইপি প্রহসন: সাম্যের ধর্মে এ কেমন বৈষম্য?" প্রশ্ন উঠে। আজ আমরা এমন এক ঘটনার কথা বলব যা শুনে আপনি শিউরে উঠবেন, আপনার বিবেক প্রশ্ন তুলবে—আমরা কোন সমাজে বাস করছি? ইসলাম ধর্ম সাম্য এবং ভ্রাতৃত্বের শিক্ষা দেয়। যেখানে রাজা এবং ফকির একই কাতারে দাঁড়িয়ে প্রার্থনা করেন। কিন্তু নদিয়ার চাপড়া বিধানসভায় তৃণমূল কংগ্রেসের সংখ্যালঘু সেলের আয়োজিত ইফতার মজলিসে যা দেখা গেল, তাকে কি সত্যিই 'ইফতার' বলা চলে? প্রশ্ন উঠে ।নাকি তা ছিল একদল প্রভাবশালীর 'ভুরিভোজ' আর আমজনতার 'অপমান'? । সারাদিন নির্জলা উপবাস থেকে, ভোরের সেহেরি খেয়ে যে ধর্মপ্রাণ মানুষগুলো সন্ধ্যায় একটু তৃপ্তির আশায় এসেছিলেন, তাদের কপালে জুটল মাটিতে পাতা প্লাস্টিকের ত্রিপল। আর যারা সারাদিন রোজা রাখলেন না, সেই তথাকথিত 'প্রভাবশালী' নেতা-মন্ত্রী আর তাঁদের ঘনিষ্ঠদের জন্য বরাদ্দ হলো 'স্পেশাল চেয়ার'। ইসলামের প্রবর্তক হযরত মুহাম্মদ (সা.) শিখিয়েছিলেন, ভোজের আসরে সবচেয়ে অভাবী মানুষটি যেন আগে মর্যাদা পায়। অথচ এখানে দেখা গেল উল্টো ছবি। সাধারণ মানুষের পাতে এক টুকরো নামমাত্র ডালপুরি আর দু-এক কুচি সাধারণ ফল।আর ঠিক তার পাশেই মন্ত্রীবর্গ এবং ব্লক নেতাদের টেবিলে উপচে পড়ছে খাস্তা ডালপুরি, নামিদামি ফলের পাহাড় আর বোতলবন্দি জল। এ কি ইফতার? নাকি ক্ষমতার দম্ভ প্রদর্শনের মঞ্চ? ।সবচেয়ে ন্যাক্কারজনক বিষয় হলো, এই পবিত্র অনুষ্ঠানেও চলল নির্লজ্জ তোষামোদি আর চাটুকারিতার প্রতিযোগিতা। দেখা গেল, যারা পদলেহন করতে পারদর্শী এবং চাটুকারিতায় সেরা, শুধুমাত্র তাদের জন্যই ছিল স্পেশাল চেয়ার আর বিশেষ রাজকীয় খাবারের বন্দোবস্ত। অন্যদিকে, যারা তোষামোদি ছেড়ে ধর্মের পাশে থাকেন বা যারা স্রেফ সাধারণ নাগরিক, তাঁদের কপালে জুটল কেবল অবজ্ঞা আর বৈষম্য। সাম্যের উৎসবে এই 'তৈলমর্দনকারী' চাটুকারদের প্রবেশ ঘটিয়ে আয়োজকরা প্রমাণ করে দিলেন, তাঁদের কাছে ধর্মের চেয়ে দালালি আর চাটুকারিতার দাম অনেক বেশি।আয়োজকরা কাছে প্রশ্ন—যাদের ভোট ও সমর্থনে আপনাদের এই জৌলুস, সেই সাধারণ মানুষকে বঞ্চিত করে খাস্তা ডালপুরি খেয়ে দাঁতে কাঠি দিয়ে যখন হাসিমুখে গল্প করছিলেন, তখন কি একবারও বিবেকে বাঁধেনি? যেখানে আপনাদের চাটুকাররা রোজা না রেখেও ভুরিভোজ সারলেন, অথচ রোজা রাখা মুসলিম ভাইরা অতৃপ্ত মুখে বাড়ির পথে পা বাড়ালেন, এই বিভাজন কি ইসলাম সমর্থন করে? হযরত মুহাম্মদ (সা.)-এর আদর্শে কি কোথাও লেখা আছে যে নেতার চেয়ার উঁচু হবে আর উপোসী আমজনতার স্থান হবে ধুলোবালিতে।নদীয়ার চাপড়ার এই ঘটনা আজ চারিদিকে নিন্দার ঝড় তুলেছে। ধর্মের নাম দিয়ে রাজনৈতিক আধিপত্য কায়েমের এই কুৎসিত রূপ আগে কখনো দেখেনি চাপড়াবাসী। সাধারণ মানুষের এই চোখের জল আর দীর্ঘশ্বাস কি বিফলে যাবে? আয়োজকরা হয়তো ভাবছেন তাঁরা সফল, কিন্তু মনে রাখবেন—মানুষ সব দেখছে। সাম্যের উৎসবে বৈষম্যের বিষ যারা মেশিয়ে দিলেন, ইতিহাস তাঁদের ক্ষমা করবে না। মনে করেন চাপড়া বাসীর অনেকে। বাইট ইমাম,আর চাপড়া বাসী। ছবি বাইট একত্রে 2সি তে
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