Become a News Creator

Your local stories, Your voice

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Jaunpur222002

जौनपुर में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में संदिग्ध आरोपी हुआ गिरफ्तार

Aug 08, 2024 09:32:12
Jaunpur, Uttar Pradesh

जौनपुर जिले में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद एक संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस की संयुक्त टीम ने चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो गाड़ी पर फायरिंग की। इस घटना में एक युवक घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक देशी तमंचा, कारतूस और एक अपाचे मोटरसाइकिल बरामद की।

0
comment0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

Advertisement
UJUmesh Jadhav
Mar 02, 2026 17:46:16
Thane, Maharashtra:कल्याण ग्रामीण भागातील फळेगांवातील आगळी वेगळी होळीची परंपरा... कुळदैवताची पुजा करून होळी पेटवली गेली.. ॲंकर... कल्याण तालुक्यातील ग्रामीण भागातील फळेगांव हा सर्वात lokवस्तीच गाव. या गावातील होळीचा उत्सव हा आगळावेगळा साजरा केला जातो. कुळदैवताचे पूजन करून नंतर गावातून देवाचे‌ शेरे (वाद्य) वाजवत मिरवणूक काढतं गावाच्या बाहेर दरवर्षी होळी लावत असलेल्या शेतात ग्रामस्थ एकत्र येऊन प्रथम होळी माते समोर आरती केली. त्यानंतर होळी पेटविण्याचा मान गावचे पोलिस पाटील यांचा असल्याने त्यांच्या हस्ते होळी पेटविण्यात आली. महिलांनी होळीला पुरण पोळीचा नैवेद्य अर्पण केला तर पुरुषांनी नारळ. तसेच नवविवाहित जोडप्यानी सोबत होळी मातेला नैवेद्य देत प्रदक्षिणा मारल्या. सर्व ग्रामस्थ पेटत्या होळी भोवती‌ प्रदक्षिणा मारू‌न होळीतील राख कपाळी लावत होळी माते आपलं आयुष्य सुख-समृद्धीचं जावो अशी प्रार्थना करत होते.
0
comment0
Report
KSKartar Singh Rajput
Mar 02, 2026 17:46:08
Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में इस बार होली का उत्साह कुछ अलग ही नजर आ रहा है। शहर के ऐतिहासिक सराफा बाजार में ग्वालियर और चंबल संभाग की सबसे ऊंची होली सजाई गई है। करीब 31 फीट ऊंची इस भव्य होली को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। खास बात यह है कि इस होली को तैयार करने में 31 हजार गोबर के कंडों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है。 आयोजकों का कहना है कि परंपरा और पर्यावरण दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है। लकड़ी की जगह गोबर के कंडों का उपयोग कर न केवल पेड़ों की कटाई को रोका गया है, बल्कि स्वच्छ और सुरक्षित होलिका दहन का संदेश भी दिया गया है। रंगों के इस पर्व पर आस्था और उत्साह का संगम सराफा बाजार में साफ दिखाई दे रहा है। श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना की तैयारी में जुटे हैं。 होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात्रि 12 बजकर 55 मिनट तय किया गया है, उसी समय विधि-विधान से होलिका दहन किया जाएगा。 ग्वालियर से इस अनोखी और भव्य होली की तस्वीरें अब पूरे चंबल संभाग में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
0
comment0
Report
PKPravesh Kumar
Mar 02, 2026 17:45:49
Ayodhya, Uttar Pradesh:रामनगरी अयोध्या में इस बार होली का रंग भक्ति और सुरक्षा के साए में नजर आ रहा है। श्रीराम की नगरी में होलिका दहन से लेकर रंगोत्सव तक प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। जिले में लगभग तीन हजार स्थानों पर होलिका दहन होना है, जिनमें से अधिकतर जगहों पर आज दहन होगा जबकि कुछ जगहों पर कल भी कार्यक्रम आयोजित होंगे। होली के मद्देनज़र सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। डीएम और एसएसपी लगातार फील्ड में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। पीएसी और आरएएफ की टीमों को भी रणनीतिक स्थानों पर लगाया गया है। एसएसपी डॉ गौरव ग्रोवर ने बताया की अराजतत्वों पर विशेष नजर है साथ सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। धार्मीक स्थलों पर विशेष व्यवस्था राम मंदिर और हनुमानगढ़ी सहित प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए व्यवस्था पूरी है शहर के चौक-चौराहों पर युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह है। बाजारों में गुलाल, पिचकारी और पारंपरिक मिठाइयों की जमकर बिक्री हो रही है। प्रशासन ने अपील की है कि लोग शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से होली का पर्व मनाएं। जिलाधिकारी निखिल टी फुंडे ने कहा है कि होली भाईचारे और प्रेम का त्योहार है, इसे शांति और सद्भाव के साथ मनाएं। किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 112 पर संपर्क करें।
0
comment0
Report
SVSANDEEP VASAVA
Mar 02, 2026 17:45:28
Surat, Gujarat:સુરતના ઓલપાડ તાલુકાની અનોખી હોળી ઓલપાડના સરસ ગામે હોળી પર્વે સળગતા અંગારા પર ચાલવાની પરંપરા હજુ જીવંત લોકો દુર દુર થી દર્શન કરવા આવે છે આ અનોખી હોળી ના. રંગો નો તહેવાર ની હોળી સમગ્ર દેશ માં ઉજવાય છે. પરંતુ સુરત ના એક ગામડા માં હોળી અદભુત રીતે ઉજવવામાં આવે છે. ઓલપાડ તાલુકાનાં સરસ ગામે હોળી દહન બાદ અંગારામાં ચાલવાની આંબલ શ્રદ્ધા સાથેની વર્ષો જૂની પરંપરા આજે પણ જીવંત છે. સરસ ગામની હોળીના દર્શન કરવા તાલુકા બહારથી મોટી સંખ્યામાં લોકો ઉમટી પડ્યા હતા. શ્રદ્ધામાં ગળાડૂબ ભક્તો લોકો અંગારામાં ચાલતા જોઈ તમે આશ્ચર્યચકિત થઇ જસો. જુઓ આપણા એહવાલ.. ઓલપાડ ના સરસ ગામમાં આ પ્રણાલિકા વર્ષોથી ચાલતી આવી રહી છે. હોળી નો પર્વ એટલે બુરી શક્તિ પર સારી શક્તિ નો વિજયનો દિવસ પણ સુરત સહેર થી 35 કિલોમીટર દુર આવેલા એક નાનકડા ગામડા માં વર્ષોથી ચાલતી આ્ા પરંપરા લોકોમાં આકર્ષણ નું કેન્દ્ર બની છે, આ પ્રથા ને અંધ શ્રધા કહો કે શ્રધા પણ આ ગામડા માં લોકો હોળી ની રાત્રે હોળી પ્રગટાવે છે અને ખૂબ ધામધૂમ થી હોળી ની ઉજવણી કરે છે. જ્યારે હોળીકા દહન બાદ ત્યાંના લોકો પાંસત્ર સેન્ટીમીટર સુધી પાથરેલા અંગારા પર ચાલે છે. પાંચ વર્ષ ના બાળકોથી લઈને ૬૦ વર્ષના વૃદ્ધ સુધીના લોકો ઉઘાડા પગે ચાલે છે. વર્ષો થી ગામના લોકો એક શ્રદ્ધા રાખી અંગારા પર ચાલવાનો સાહસ કરે છે. આવો સાંભળીએ ગામના સ્થાનિક આગેવાન ભારત દેશમાં વસતા લોકો શ્રદ્ધા પરેજ નિર્ભર હોય છે અને શ્રદ્ધા પરેજ જીવન વિતાવે છે સરસ ગામના લોકોને પર આવીજ કઈ શ્રદ્ધા હોળીના પર્વ પર છે વર્ષો થી ચાલતી સરસ ગામમાં હોળીકા દહન બાદ અંગારા પર ચાલતી પ્રથા એટલી વિખ્યાત થઇ ગઈ છે કે ઓલপાડ ગામના લોકોથી નહિ પરંતુ આસપાસના ગામમાં વસતા લોકો પર હોળી ના દિવસે અંગારા પર ચાલવા માટે સરસ ગામમાં અવસ્ય પધારે છે. પ્રથમ તો હોળી પૂજા અર્ચના કરી હોળી પ્રગટાવવામાં આવે છે. સાત ફેરા ફરીને લોકો અંગારા પર ચાલે છે તે નજારો आँखો વિસ્વાસ ન થાય તેવો લાગે છે. આ નજારો જોવા માટે મોટી સંખ્યામાં લોકો ઉમટી પડે છે. પ્રથમ ધગ આગળ થી બધે નહી પરંતુ આ આગના દેવતા પર ચાલવાની રીત વિકસિત થયેલ છે.
0
comment0
Report
YSYatnesh Sen
Mar 02, 2026 17:34:54
Indore, Madhya Pradesh:इंदौर मे सोनम के फेरे की साड़ी का आज होगा होलिका दहन राजा का परिवार सोनम की साड़ी जलाकर आज करेगा बुराई का अंत राजा की मां ने कहा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है होलिका दहन सोनम तो जेल मैं है उसे नहीं जला सकते लेकिन उसकी साड़ी उसकी यादों को आज जलाकर बुराई का करेंगे अंत पिछले साल सोनम ने मेरे बेटे को बुलाया था रंग लगाने के लिए मेरे बेटे ने पिछले साल सोनम के साथ खेली थी गुलाल की होली उसी गुलाल का बदला लेने के लिए सोनम ने राजा के साथ खेली खून की होली सोनम ने पिछले साल राजा को फोन लगाकर बुलाया था अपने घर होली खेलने राजा के होली की वीडियो देख मां हुई भावुक राजा की मां ने कहा पिछले साल राजा की होली खेलते हुए मैंने बनाई थी वीडियो और आज उसी वीडियो को देख बेटे को याद कर रही हूं.. राजा के जाने के बाद हमारे जीवन में अब कोई भी रंग नहीं बचा इसलिए ना होली ना दीपावली अब कुछ नहीं
0
comment0
Report
YSYatnesh Sen
Mar 02, 2026 17:34:33
Indore, Madhya Pradesh:एंकर- इंदौर के महालक्ष्मी नगर में इस बार होली पर एक अनोखा आयोजन होने जा रहा है। संस्था “पुरुष” द्वारा विशेष होलिका दहन की तैयारी की गई है। आयोजन को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। संस्था के सदस्यों का दावा है कि देश में पुरुषों के साथ न्याय नहीं होता और कई मामलों में महिलाओं के अपराधों को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इसी संदेश को सामने रखने के लिए होलिका दहन के पुतले पर 10 ऐसी महिलाओं के चेहरे लगाए गए हैं, जिन पर अवैध संबंधों के चलते अपने ही बच्चों की हत्या के आरोप लगे थे। इनमें सीमा उर्फ लाली, भारती, संजुदेवी, ज्योति राठौड़, दुर्गावती सिंह, सूचना सेठ, मुस्कान, पूनम, सुनीता शर्मा, शरण और प्रियंका के नाम शामिल बताए गए हैं। आयोजन स्थल पर पुतले के पास एक नीला ड्रम, सूटकेस और बच्चे के कटे सिर का प्रतीकात्मक पुतला भी रखा गया है, जो हाल के चर्चित मामलों की ओर इशारा करता है। फिलहाल इस आयोजन को लेकर प्रशासन की ओर से क्या रुख अपनाया जाएगा, इस पर सबकी नजर बनी हुई है। बाइट - अशोक दशोरा, संस्था पौरुष अध्यक्ष
0
comment0
Report
ASANIMESH SINGH
Mar 02, 2026 17:34:14
Ujjain, Madhya Pradesh:विश्व की सबसे पुरानी 5000 कंडों से निर्मित होली, उज्जैन की अनोखी परंपरा करीब 3000 साल पुरानी परंपरा आज भी जीवंत, सिंहपुरी में अद्भुत होलिका दहन राजा भर्तृहरि से जुड़ी आस्था, सदियों से निभाई जा रही विशेष होली परंपरा विश्व की एकमात्र करीब 3000 साल पुरानी इको-फ्रेंडली होली, 5000 गोबर कंडों से सजेगा अग्निकुंड पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती अनूठी होली, सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण धार्मिक नगरी उज्जैन में हर पर्व अपने आप में एक विरासत है, लेकिन सिंहपुरी की होली दहन परंपरा अपनी विशेषता और प्राचीन मान्यताओं के कारण अलग पहचान रखती है। यहां 5000 शुद्ध गाय के गोबर के कंडों से निर्मित होली तैयार की जाती है, जिसे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक सजाया जाता है। ज्योतिषाचार्य पंडित अमर गुरु डब्बावाला ने जानकारी देते हुए बताया कि इस परंपरा का उल्लेख स्कंद पुराण के अवंती खंड में मिलता है। अष्टभैरवों में से एक स्थल की साक्षी में सदियों से यह परंपरा निभाई जा रही है। उन्होंने बताया कि होलिका के शीर्ष पर स्थापित ध्वज प्रह्लाद स्वरूप का प्रतीक है — मान्यता है कि जैसे होलिका ने अपनी गोद में भक्त प्रह्लाद को बैठाया था, उसी भाव का चित्रण यहां किया जाता है, जिसका संदर्भ विष्णु पुराण और देवी भागवत में भी मिलता है। विशेष बात यह है कि यहां प्रदोष काल से पूजन आरंभ होकर ब्रह्ममुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है। Four ब्राह्मण चारों वेदों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैदिक परंपरा का निर्वहन करते हैं। महिलाओं की बड़ी संख्या यहां पूजन के लिए पहुंचती है। मान्यता है कि होलिका पूजन से घर में सुख-शांति, संतान प्राप्ति, संतति की उन्नति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है। पंडित अमर गुरु डब्बावाला के अनुसार यह विश्व की सबसे प्राचीन इको-फ्रेंडली होली मानी जाती है, जो पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। गोबर के कंडों से निर्मित यह होली भारतीय सनातन परंपरा और प्रकृति के संतुलन का प्रतीक है। लोकमान्यता यह भी है कि होलिका दहन के बाद पंचमी तक इसकी चेतना बनी रहती है और गोधूली बेला में “ठंडी पूजन” किया जाता है। होलिका के अवशेषों को घर ले जाने से वास्तु दोषों की शांति होती है — ऐसी श्रद्धालुओं की आस्था है। इतिहास से जुड़ी मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि उज्जैन के राजा भर्तृहरि इस होली तापने आते थे। वहीं मध्यकाल में औरंगज़ेब के समय भी इस परंपरा का उल्लेख मिलता है, जब स्थानीय समाज ने इस धार्मिक आयोजन को निरंतर बनाए रखा। सदियों पुरानी आस्था, वैदिक परंपरा और पर्यावरण संदेश को समेटे सिंहपुरी की यह होली आज भी श्रद्धा, विश्वास और सांस्कृतिक गौरव का अद्भुत संगम बनी हुई है। wt- होलिका पर ग्राउंड से
0
comment0
Report
RGRupesh Gupta
Mar 02, 2026 17:33:59
Raipur, Chhattisgarh:लोकेशन - खैरागढ़ साल्हेवारा बांध में डूबने से दो मासूमों की मौत, एक बाल-बाल बचा खैरागढ़ जिला मुख्यालय के समीप ग्राम ईटार में सोमवार को उस वक्त मातम पसर गया, जब साल्हेवारा बांध में नहाने गए दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। मृतकों की पहचान तनिश डहारे (9 वर्ष) और समीर सोनवानी (12 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं उनके साथ गया 13 वर्षीय कुलेश्वर सोनवानी झाड़ियों का सहारा मिलने से सुरक्षित बाहर निकल आया。 तीनों बच्चे बरबसपुर स्थित आटा चक्की से लौटते समय भीषण गर्मी के कारण बांध में नहाने उतर गए थे। इसी दौरान तनिश और समीर गहरे पानी में चले गए। कुलेश्वर भी डूबने लगा था, लेकिन किनारे की झाड़ियों में फंस जाने से उसकी जान बच गई। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने दोनों बच्चों को बाहर निकाला और तत्काल जिला अस्पताल खैरागढ़ पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गातापार पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है。 एक ही गांव के दो मासूमों की मौत से ईटार और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर है।
0
comment0
Report
STSumit Tharan
Mar 02, 2026 17:32:37
Jhajjar, Haryana:झज्जर जिले बिरधाना गांव में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया। बिरधाना गांव निवासी संजय ने कथित रूप से अपनी पत्नी अंजली की गोली मारकर हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। आरोपी ने अपने घर के बाहर ही पत्नी पर 8 राउंड फायरिंग की और फरार हो गया। पत्नी अंजली ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए व्यापक स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। जानकारी अनुसार आरोपी संजय के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामला दर्ज है और वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि घरेलू विवाद के चलते दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद संजय ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। गोली लगने से अंजली की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की असली वजह क्या है इसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही एसीपी अनिल कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने तुरंत क्षेत्र की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी। मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए। सीआईए और स्पेशल स्टाफ सहित कई पुलिस टीमें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और परिजनों व ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा सके। सबूत जुटाने के बाद मृतका अंजली के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
0
comment0
Report
ASABHISHEK SHARMA1
Mar 02, 2026 17:32:15
Chittorgarh, Rajasthan:#कपासन, चित्तौड़गढ़ - एंकर – चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन नगर में होलिका दहन का पावन पर्व इस वर्ष श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। नगर के शिवाजी चौक पर रात्रि 9 बजे विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य होलिका दहन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। इस अवसर पर डिप्टी हरजी लाल यादव, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष विकास बारेगामा तथा कांग्रेस नगर अध्यक्ष पवन शर्मा ने विधि-विधान से पूजा कर होलिका दहन किया। अग्नि प्रज्वलन के समय जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की, वहीं बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। पूरे क्षेत्र में मेले जैसा माहौल बना रहा।
0
comment0
Report
MPMAHESH PARIHAR1
Mar 02, 2026 17:32:04
Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ झालावाड़ जिले के विभिन्न कस्बों में आज होली पर्व बड़े ही हर्ष और उत्साह से मनाया गया। होली महोत्सव के पहले दिन आज झालावाड़ व झालरापाटन शहर के कई प्रमुख चौराहों पर बुराई का प्रतीक होलिका का पुतला बनाकर उसका पारंपरिक तरीके से दहन किया गया। इससे पूर्व महिलाओं ने पारंपरिक टोटके व पूजा-अर्चना भी की। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा सभी चौराहों पर जवानों को तैनात रखा गया। होलिका दहन की परंपरा धार्मिक आस्थाओं से जुड़ी है, जिसमें लोगों की ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ जाती है, क्योंकि जब भक्त प्रहलाद को होलिका ने जलाकर भस्म करना चाहा, तो ईश्वर के प्रति उसकी सच्ची श्रद्धा से होलिका खुद जलकर भस्म हो गई, और सच्चाई तथा श्रद्धा का प्रतीक प्रहलाद सकुशल बच गया, तभी से होलिका दहन की परंपरा शुरू हुई थी।
0
comment0
Report
sidebar-img
Advertisement
Back to top