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Jalaun285123

जालौन में अवैध मिट्टी खनन अड्डे पर छापेमारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली और JCB मशीन छोड़ भागे माफिया

Oct 03, 2024 05:57:23
Jalaun, Uttar Pradesh

जालौन में डीएम के निर्देश पर अवैध मिट्टी खनन के अड्डे पर छापेमारी की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया, और अवैध खनन कर रहे माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली और जीसीबी मशीन छोड़कर भाग गए। एसडीएम ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। खनन अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे, और अवैध खनन में शामिल वाहनों को जालौन कोतवाली में खड़ा कराया गया। यह मामला जालौन कोतवाली क्षेत्र का है।

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RSRUPENDRA SHRIWASTVA
Feb 06, 2026 09:18:53
Patna, Bihar:पूर्व मुख्यमंत्री रावड़ी देवी ने कहा कि बिहार में किसान बदहाल है और सरकार कुछ नहीं कर रही है विधान परिषद के बाहर आज राजद के सदस्यों ने प्रदर्शन किया और रावड़ी ने जमकर सरकार पर तंज कसा और कहा कि केंद्र की सरकार किसानों की आय दुगुना करने की बात करती है जबकि बिहार में कृषि रोड मैप में घोटाला हो रहा है रावड़ी देवी ने कहा कि बिहार में वोट चोरी करके यह सरकार बना है और सड़कें मुख्यमंत्री तेजस्वी को विधायक खरीदने का आरोप लगा रहे है जबकि विधायक को पांच पांच करोड़ देकर ये खरीदते है सभी राज्य में वोट चोरी कर रहे है ई वी एम मशीन से चोरी कर रहे है उसे हटा भी नहीं रहे है बिहार में हम चुनाव जीत गए थे हमारा वोट चोरी हुआ। नीतीश कुमार और बीजेपी खुद करोड़ों रुपये देकर विधायक खरीदते हैं और हम पर आरोप लगाते हैं। महाराष्ट्र में क्या हुआ, यह सबने देखा है बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राबड़ी देवी केस काहे नहीं करती हैं? केस करना चाहिए। अगर आपको बोलने से होगा? आपके... आपके चैनल को बोलने से होगा? नहीं-नहीं, राबड़ी देवी आपके चैनल पर बोलेंगे तो उसका कोई फायदा होगा? नहीं होगा। कोर्ट में केस करना चाहिए। साक्ष्य देना चाहिए कि कैसे कहां हमने वोट का चोरी किया है। ऐसे कुछ-कुछ बोलने से क्या फायदा है। जनता ने इतनी बुरी तरह से हरा दिया, कहीं न कहीं अपने नीति और नीयत को तो समझना पड़ेगा न, आपकी नीति और नीयत कैसी है। उसपर आपने... आपने मंथन? कि क्यों ऐसा हो गया? कि आरजेडी जो इतने लंबे समय तक पिछड़ा-अति पिछड़ों की बात करता था, वो इतनी बड़ी पार्टी थी, और मंडल कमीशन के बाद इतना बड़ा उनका प्रदूर्भाव हुआ था, देश के सबसे बड़े नेता में लालू प्रसाद यादव थे, आज सिमट करके 25 पर चले आए, क्या कारण रहा? इनको अपना मंथन करना चाहिए न। तो चोरी हो गया, तो मोरी हो गया, तो भाग गया, तो ये हो गया... ये सब बोलने से क्या फायदा है? आपको लगता है कि हमारे साथ गलत हुआ तो जाइए, प्रशांत किशोर की तरह आप भी जाकर कोर्ट में केस करिए। बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राबड़ी देवी केस काहे नहीं करती हैं? केस करना चाहिए। अगर आपको बोलने से होगा? आपके... आपके चैनल को बोलने से होगा? नहीं-नहीं, राबड़ी देवी आपके चैनल पर बोलेंगे तो उसका कोई फायदा होगा? नहीं होगा। कॉंग्रेस विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने कहा की राबड़ी देवी जो बात बोल रही हैं, वो कोई गलत नहीं कह रही हैं। आज तक जदयू हो या भाजपा हो, ये हमेशा खरीद-बिक्री का काम ही किया हुआ है। और पैसे के बल पर पार्टी को तोड़ने का भी काम ये सब भाजपा और जदयू वाले करते हैं बिहार सरकार के मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा की बहुत लंबे समय से राजनीति में हैं। और इस तरह की भाषा, इस तरह की बयानबाजी उनको शोभा नहीं देती है। लेकिन आप, मैं और जनता, सभी लोग जानते हैं कि दिग्भ्रमित करने के लिए बोला जा रहा है। पूरी तरह से मैंडेट जो था वो माननीय मुख्यमंत्री जी और माननीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में चल रही एनडीए सरकार की तरफ था। और जनता ने, महिलाओं ने, युवाओं ने, किसान ने, सभी ने एक तरफा मतदान करके बिहार के प्रत्येक क्षेत्र से ये दिखा दिया कि एनडीए की सरकार के ऊपर विश्वास है। माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में अब बिहार चलते रहेगा। और जिस तरह से विकास की गति आगे बढ़ रही है, मुझे लगता है कि ये निर्णय एक बिहारी होने के नाते ये निर्णय बिहार के पक्ष में था। लेकिन इस तरह की चोरी और इस तरह का घोटालेबाजी का जो बयानबाजी कर रही हैं, जैसे मैंने कहा कि उनको शोभा नहीं देता। आदरणीय हैं, उम्रदराज हैं और लंबे समय से राजनीति भी कर रही हैं। नहीं मिला मैंडेट, अब आपको सीखना, समझना और अध्ययन करना चाहिए। लेकिन आपने जिनको अभी वर्तमान में अध्यक्ष बनाया है, वो तो अध्ययन करने और समीक्षा करने के बावजूद वो तो विदेश यात्रा पे लंबे-लंबे समय चले जाते हैं। मैं ये नहीं कहती कि पारिवारिक जीवन से समय नहीं देना चाहिए, लेकिन जो आपका पहला कर्तव्य है, जो आपने जनता को, कार्यकर्ता को वादा किया है, यदि आप उस वादे पे सही नहीं उतरते हैं, तो निश्चित रूप से समीक्षा तो होता है। लेकिन आप उससे भी कतराते हैं।
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KCKashiram Choudhary
Feb 06, 2026 09:18:22
Jaipur, Rajasthan:परिवहन विभाग में डंपर या टिपर के पंजीयन को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य के सैकड़ों माइनिंग लीज होल्डर्स डंपरों को कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल की श्रेणी में पंजीकृत कराना चाहते हैं, लेकिन परिवहन विभाग अपने ही नियमों की पालना नहीं कर रहा है। माइनिंग लीज होल्डर्स को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। आपको बता दें कि राज्य में सैकड़ों माइनिंग लीज होल्डर्स यानी खदानों के मालिक खदानों के अंदर चलने वाले डंपर या टिपर जैसे वाहनों के पंजीयन को लेकर परेशान हैं। परिवहन विभाग से इनका पंजीयन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल की श्रेणी में कराना चाहते हैं, लेकिन परिवहन विभाग इनका पंजीयन गुड्स व्हीकल यानी ट्रांसपोर्ट व्हीकल की श्रेणी में कर रहा है। माइनिंग लीज होल्डर्स का तर्क है कि इन वाहनों का पंजीयन इसलिए कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल की श्रेणी में किया जा सकता है, क्योंकि ये डंपर केवल मাইনिंग लीज के अंदर ही संचालित होते हैं। इनके जरिए खनिजों का परिवहन लीज के अंदरूनी क्षेत्र में ही किया जाता है। माइनिंग लीज के बाहर सड़कों या हाईवेज पर ये वाहन नहीं चलते। केवल माइनिंग लीज के अंदर ही इन वाहनों का प्रयोग खनिज परिवहन के उद्देश्य से किया जाता है। इसे लेकर वर्ष 2014 में राजस्थान परिवहन विभाग ने एक नोटिफिकेशन भी निकाला था। नियमानुसार गुड्स या ट्रांसपोर्ट श्रेणी में उन्हीं वाहनों को पंजीकृत कर टैक्स लिया जा सकता है, जो सड़कों पर माल का परिवहन कर रहे हों। क्या है वर्ष 2014 का आदेश ? तत्कालीन परिवहन प्रमुख सचिव मुकेश शर्मा ने 5 जून 2014 को आदेश निकाला। कार्यालय आदेश संख्या 16/2014 में यह लिखा, कि पंजीयन में एकरूपता लाएं। विभिन्न परिवहन कार्यालयों में अलग-अलग श्रेणियों में पंजीकृत किए जा रहे वाहन। इससे वाहन मालिकों में बनी रहती है टैक्स को लेकर भ्रांति, इसलिए एकरूपता लाएं। बिन्दु 1 में लिखा, डंपर को परिवहन यान अथवा कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में पंजीकृत कर सकते हैं। डंपर के ऑन/ऑफ हाईवे संचालन पर CMVR 1989 के नियम 2 में प्रावधान। वाहन की अधिकतम गति 50 किमी प्रति घंटे होने पर इसका पंजीयन संभव। कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की श्रेणी में वाहन का पंजीकरण किया जाना संभव। दोनों शर्तें पूरी होने पर ही कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में पंजीयन करें। अन्यथा इसे गुड्स व्हीकल में पंजीकरण कर वार्षिक कर/LST वसूला जाए। MORTH के अक्टूबर 2020 के नोटिफिकेशन की पालना नहीं हाल ही में पिंकसिटी क्रशर ऑनर्स सोसायटी ने एडवाेकेट तनय पारीक के मार्फत परिवहन विभाग को विधिक नोटिस भी भिजवाया है। इस नोटिस में कहा गया है कि ये डंपर माइनिंग लीज के अंदर एक्सकैवेशन, लोडिंग और खनिजों के अंदरूनी मूवमेंट में ही उपयोग लिए जाते हैं। ऐसे में इन्हें कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट की श्रेणी में पंजीकृत किया जा सकता है। जबकि जयपुर में आरटीओ द्वारा इनका ट्रांसपोर्ट या गुड्स व्हीकल में पंजीकरण किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है। नोटिस में केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के 27 अक्टूबर 2020 के गजट नोटिफिकेशन का भी हवाला दिया गया है, जिसमें डंपर को कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल श्रेणी में शामिल किया गया है। परिवहन अधिकारी कन्फ्यूजन में, मांग रहे मार्गदर्शन जयपुर RTO प्रथम के परिवहन अधिकारी नहीं कर रहे डंपरों का पंजीयन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट के रूप में पंजीयन नहीं कर रहे पिछले कई महीनों से माइनिंग लीज होल्डर्स को काटने पड़ रहे RTO में चक्कर 29 अक्टूबर 2025 को DTO ग्रेस कुमार अग्रवाल ने मुख्यालय को लिखा लैटर डंपरों को कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में पंजीयन के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा नियम शाखा से वाहनों के पंजीयन के सम्बंध में मार्गदर्शन मांगा वाहनों की अधिकतम गति और खदान परिसर में उपयोग की शर्तें मानी पूरी लेकिन इसके बावजूद ऐसे डंपरों का नहीं किया गया पंजीयन पत्र में लिखा, कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट में पंजीयन से राजस्व हानि की आशंका हालांकि वास्तविकता में विभाग को ऐसा करने से OTT काफी अधिक मिलेगा
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AKAMAN KAPOOR
Feb 06, 2026 09:17:52
Ambala, Haryana:अंबाला कोर्ट को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है, जिसके बाद मौके पर बम स्क्वॉड की टीम और पुलिस प्रशासन पहुंचा और जांच शुरू कर दी। जानकारी देते हुए SHO कोतवाली थाना ने बताया कि ईमेल से धमकी आने के बाद पूरी तरह जांच की जा रही है और कोर्ट में आने वालों की चेकिंग की जा रही है। अंबाला कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद आज एक बार फिर से कोर्ट में अफरा तफरी का माहौल देखने को मिला, दरअसल अंबाला में धमकियां मिलना आम बात होती दिख रही है बीते दिनों अंबाला के स्कूलों व डीसी दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी और उसके बाद अब अंबाला की कोर्ट को आज सुबह बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद बम निरोधक दस्ता और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा व कोर्ट की चेकिंग शुरू कर दी जानकारी देते हुए अंबाला सिटी थाना प्रभारी ने बताया कि ईमेल के जरिए कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी जिसके बाद से कोर्ट की चेकिंग चल रही है और अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं पाया गया है हालांकि रूटीन में यह चेकिंग चलती रहती है।
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TCTanya chugh
Feb 06, 2026 09:17:34
New Delhi, Delhi:जनकपुरी में हादसा, एक व्यक्ति की मौत. जनकपुरी से विधायक एवं कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने कहा—हादसे की वजह सुरक्षा मानकों के ऑडिट हुए, बैरिकेडिंग मौजूद थी पर जल बोर्ड ने जांच के निर्देश दिए. चीफ इंजीनियर से कहा गया है कि उसकी जांच करें; ठेकेदार या जल बोर्ड के अधिकारी की गलती हो तो दनदनात्मक कार्रवाई की जाएगी. मृतक के पिता और भाई से मुलाकात की गई और मुख्यमंत्री को घटना की जानकारी दी गई. जल बोर्ड ने 2 दिन पहले सुरक्षा ऑडिट किए थे और एक सप्ताह पूर्व सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए थे. क्षेत्र में मैं नियमित जाता हूँ और घटनाक्रम के समय सभी मानक थे; विपक्ष को गिद्ध राजनीति नहीं करनी चाहिए और घटना पर जिम्मेदारी से चर्चा करनी चाहिए. मामला मानक के भीतर है, समय दिया जाए.
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AAASHISH AMBADE
Feb 06, 2026 09:16:57
Chandrapur, Maharashtra:चंद्रपूर महानगरपालिकेच्या सत्ता स्थापनेचा तिढा उमेदवारी अर्ज भरल्यानंतरही कायम आहे. सर्वच पक्षांनी महापौर पदासाठी उमेदवारी अर्ज दाखल केल्याने आता माघार कोण घेणार याकडे सर्वांचे लक्ष आहे. उपमहापौर पदासाठी भाजप, काँग्रेस, सहकारी पक्ष आणि उभाठा वंचित गटाने उमेदवार उभे केल्याने समीकरणे बिघडण्याची शक्यता आहे. १० फेब्रुवारी रोजी चंद्रपूर शहर मनपा महापौर आणि उपमहापौर पदाची निवडणूक पालिका मुख्यालयातील राणी हिराई सभागृहात होत आहे. सर्वाधिक २७ सदस्य संख्येच्या काँग्रेसला बहुमतासाठी दोन मतांची आवश्यकता आहे. उबाठा शिवसेना किंवा अन्य दोन अपक्ष उमेदवारांना काँग्रेसकडे वळविण्यात सध्या अडचण आहे. उबाठा शिवसेनेने महापौरपद मागितल्याने काँग्रेसची स्थिती अडचणीची झाली आहे. काँग्रेसच्या अन्तर्गत खा. धानोरकर आणि आ. वडेट्टीवार गटांमधील संघर्ष देखील प्रत्यक्ष चर्चा- संवादात अडसर ठरत आहे. असे असले तरी महापौर धानोरकर यांना पक्षांतर्गत निर्णयाने देण्यात आले असून महापौर काँग्रेसचाच असल्याची प्रतिक्रिया नेते विजय वडेट्टीवार यांनी दिली. ६६ सदस्यांच्या महापालिकेत भाजपला २४ जागा असल्याची स्थिती असून २३ जागा भाजपाकडे आणि एक नगरसेवक शिंदे सेनेचा. बहुमतासाठी १० नगरसेवकांची गरज आहे. निकाल जाहीर झाल्यापासून किंगमेकर भूमिकेत असलेल्या उबाठा शिवसेनेकडेही अजून अधिकृत प्रस्ताव नाही. मनस्वी गिऱ्हे यांचा महापौर पदासाठी अर्ज दाखल केला असून काँग्रेसच्या २ गटांचे वेगवेगळे उमेदवारी अर्ज, उबाठा- शिवसेना गट व जनविकास सेनेची आघाडी यांचे अंतर्गत संघर्ष होणार याची शक्यता आहे. आ. उबाठा शिवसेना जिल्हाप्रमुख संदीप गि-हे यांनी सांगितले.
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DKDAVESH KUMAR
Feb 06, 2026 09:16:24
New Delhi, Delhi:अंकुश नारंग, नेता प्रतिपक्ष एमसीडी स्वच्छता सर्वेक्षण हुआ सूरत को पहला नंबर दिया गया गुजरात में सूरत को पहला नंबर दिया, हम प्रयास कर रहे थे दिल्ली को पहले नंबर पर लाए सूरत की ज़मीनी हक़ीक़त है वहाँ पर कूड़े के पहाड़ बने हुए है कूड़े के पहाड़ पर वहाँ आग लगी घंटों आग नहीं बुझा। आप माँग करती है सूरत को नंबर वन दिखया है उसकी जाँच होनी चाहिए शैली ओबरॉय, पूर्व मेयर दिल्ली स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर फ़र्ज़ीवड़ा किया जा रहा है अभी हाल में 2023, 2024, 2025 में पहली रैंक दी गई सूरत को। आप के गुजरात के पार्षद ने चिठ्ठी लिखी है, एक साइड का निरीक्षण किया, कूड़ा पड़ा हुआ है कोई गाइडलाइन का पालन नहीं हुआ है आप के गुजरात के पार्षद ने चिठ्ठी लिखी है की फ़र्ज़ीवाडा किया गया है की जाँच होनी चाहिए केंद्र सरकार को चिठ्ठी लिखी है जहाँ बीजेपी की सरकार है निगम में वहाँ पर फ़र्ज़ीवाडा किया जा रहा है जो डेटा आया उसकी जाँच होनी चाहिए जो डेटा भेजा गया है उसकी जाँच होनी चाहिये महेश खिची, पूर्व मेयर बीजेपी फ़र्ज़ीवाडा से जहाँ उनकी सरकार है नंबर वन दिखती है कूड़े का निस्तारण होना चाहिए हमारे पार्षद ने निरीक्षण किया साइड पर कूड़े के पहाड़ है अधिकारियों से मिलीभगत कर बीजेपी नंबर वन दिखती है बीजेपी फ़र्ज़ीवाडा कर अपने आप को आगे दिखाते है दिल्ली में भी यही कर रहे है लैंडफ़िल Sाइड का कूड़ा दिल्ली में अलग अलग जगह डाला जा रहा है
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RJRahul Joshi
Feb 06, 2026 09:16:12
Kota, Rajasthan:सांगोद पंचायत समिति के मंडीता गांव में पंचायत की और से कटवाए जा रहे पेड़ो को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने कहा कि सरपंच अपने पद का दुरुपयोग कर पेड़ों को गलत तरीके से कटवा रहा है। एक और जहां सरकार पेड़ों को काटने पर रोक लगाने की बात करती है। वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि हरे पेड़ों को कटवाने पर आमादा हो रहे हैं। ग्रामीणों ने पंचायत के सामने जमकर नारेबाजी कर पेड़ों की कटाई का विरोध किया। लोगों ने कहा कि पेड़ों की कटाई बंद नहीं हुई तो पंचायत की ताला झाड़ दिया जाएगा। हालांकि विरोध के बाद सरपंच ललित कुमार ने कहा कि पंचायत समिति के अधिकारियों से विचार विमर्श कर पेड़ों की कटाई के टेंडर को निरस्त करवाने का प्रयास करेंगे।
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KCKashiram Choudhary
Feb 06, 2026 09:15:59
Jaipur, Rajasthan:लोकेशन- जयपुर फीड- 2सी हैडर- - माइनिंग डंपर, पंजीयन पर सवाल! - राज्य के माइनिंग लीज ऑनर्स परेशान - परिवहन विभाग अपने ही नियमों से अनभिज्ञ - कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल में पंजीयन संभव - वर्ष 2014 में निकाले आदेशों की पालना नहीं - अब केवल गुड्स कैटेगरी में किए जा रहे पंजीकृत एंकर परिवहन विभाग में डंपर या टिपर के पंजीयन को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य के सैकड़ों माइनिंग लीज होल्डर्स डंपरों को कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल की श्रेणी में पंजीकृत कराना चाहते हैं, लेकिन परिवहन विभाग अपने ही नियमों की पालना नहीं कर रहा है। माइनिंग लीज होल्डर्स को आरटीओ कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यह रिपोर्ट देखिए- वीओ- 1 राज्य में सैकड़ों माइनिंग लीज होल्डर्स यानी खदानों के मालिक खदानों के अंदर चलने वाले डंपर या टिपर जैसे वाहनों के पंजीयन को लेकर परेशान हैं। परिवहन विभाग से इनका पंजीयन कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल की श्रेणी में कराना चाहते हैं, लेकिन परिवहन विभाग इनका पंजीयन गुड्स व्हीकल यानी ट्रांसपोर्ट व्हीकल की श्रेणी में कर रहा है। माइनिंग लीज होल्डर्स का तर्क है कि इन वाहनों का पंजीयन इसलिए कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट व्हीकल की श्रेणी में किया जा सकता है, क्योंकि ये डंपर केवल माइनिंग लीज के अंदर ही संचालित होते हैं। इनके जरिए खनिजों का परिवहन लीज के अंदरूनी क्षेत्र में ही किया जाता है। खदान के बाहर सड़कों पर ये वाहन नहीं चलते। केवल माइनिंग लीज के अंदर ही इन वाहनों का प्रयोग खनिज परिवहन के उद्देश्य से किया जाता है। इसे लेकर वर्ष 2014 में राजस्थान परिवहन विभाग ने एक नोटिफिकेशन भी निकाला था। नियमानुसार गुड्स या ट्रांसपोर्ट श्रेणी में उन्हीं वाहनों को पंजीकृत कर टैक्स लिया जा सकता है, जो सड़कों पर माल का परिवहन कर रहे हों।
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