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HIMANSHU KUSHWAHHIMANSHU KUSHWAHFollow29 Jan 2025, 11:52 am

Hathras - असली बनाम नकली किन्नर, जमकर हुआ हंगामा

Sasni, Uttar Pradesh:

मंगला मुखिया का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा, आए दिन एक ना एक नया मोड़ सामने आ जाता है. कुछ दिन पूर्व भी उर्स में चादर चढ़ाने को लेकर विवाद हुआ था. जिसमें पुलिस ने एक नकली किन्नर को पकड़कर उसका शांतिभंग में चालान किया था. बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार पारस कॉलोनी निवासी नकली किन्नर अशोक उर्फ़ मनचली की पत्नी ने किन्नर गुरु बिंदिया मौसी के घर पहुंच कर एक नकली किन्नर को पकड़ लिया और मौके पर जमकर हंगामा किया. हंगामा को देख स्थानीय एवं राहगीरों की भीड़ एकत्रित हो गई. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस मनचली की पत्नी द्वारा पकड़े गए नकली किन्नर को अपने साथ लेकर कोतवाली आ गई।

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गंगरार में विधायक के जन्मदिन पर तीन दिवसीय खेल महोत्सव का भव्य समापन

Begun, Rajasthan:गंगरार, चित्तौड़गढ़ - चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में विधायक डॉ. सुरेश धाकड़ का जन्मदिवस जनसेवा और खेल के महाकुंभ के रूप में मनाया गया। मेजर नटवर सिंह शक्तावत स्टेडियम में तीन दिवसीय खेल महोत्सव और सेवा कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ। इस दौरान करीब 2000 परिंडे और 200 पानी की टंकी वितरित की गईं, वहीं अस्पताल में मरीजों को फल और गौशाला में गायों को हरा चारा खिलाया गया। खेल प्रतियोगिताओं में 86 टीमों के 1044 खिलाड़ियों ने भाग लिया। क्रिकेट, कबड्डी, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों में विजेता टीमों को सम्मानित किया गया।
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अंता की करोड़ों की गोशाला ताले में, भूख से मवेशी सड़कों पर

RMRam MehtaJust now
Baran, Rajasthan:खबर : अंता (बारां) करोड़ों की गोशाला ताले में कैद, गोवंश गंदगी के ढेरों पर भटकने पर मजबूर, करोड़ो खर्च फिर भी नहीं मिल रहा लाभ. बारां जिले के अंता में करोड़ों की लागत से बनाई गई गोशाला लंबे समय से ताले में कैद अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है तो वही गोशाला का लाभ नहीं मिलने के कारण गोवंशो को अपनी भूख प्यास मिटाने के लिए दिन रात सड़को पर भटकने पर मजबूर होना पड़ रहा है। बता दे कि नगर पालिका द्वारा बरडिया बस्ती में 65 बीघा के विशाल क्षेत्र में गोशाला बनाई गई जिसमें करोड़ो की लागत से निर्माण कार्य कराकर गोशाला को शुरू किया गया परंतु बाद में गोशाला पर ध्यान नहीं देने के कारण गौ शाला के ताले जड़े हुए हैं वही गोवंशो के लिए डलवाया गया भूसा भी खुले आसमान के नीचे पड़ा होने के कारण बारिश की चपेट में आने से बर्बाद हो गया । वही दूसरी ओर गोशाला का लाभ नहीं मिलने के कारण गोवंश दिन रात सड़को पर भटकते रहते हैं ऐसे में दर्जनों मवेशियों की रोड दुर्घटनाओं में मौतें हो चुकी हैं वहीं अपनी भूख प्यास मिटाने के लिए मवेशी गंदगी के ढेरों पर प्लास्टिक की थैलियां खाने पर मजबूर हो रहे हैं लेकिन इसके बावजूद शासन प्रशासन द्वारा इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज किया जा रहा है और इसका खामियाजा आवारा मवेशियों को भुगतना पड़ रहा है । बाइट नागरिक विजुअल ताले में कैद गो शाला तथा गंदगी के ढेरों पर प्लास्टिक की थैलियां खाते मवेशी
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बेगूसराय में तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार युवक की मौत, यातायात बाधित

Begusarai, Bihar:एंकर बेगूसराय में एक बार फिर तेज रफ्तार का कहर देखने वाला जहां तेज रफ्तार ट्रक में एक मोटरसाइकिल सवार युवक को कुचल दिया। जिससे मोटरसाइकिल सवार युवक की घटना स्थल पर दर्दनाक मौत हो गई है। इस मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है। आपको बताते चले कि बेगूसराय बछवाड़ा थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर मल्लिक ढाला के समीप तेज रफ्तार ट्रक ने एक मोटर साइकिल सवार युवक को कुचल दिया जिससे मौके पर युवक की मौत हो गई। मृतक युवक की पहचान पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले के नॉर्थ थाना क्षेत्र स्थित पश्चिमी वर्धमान निवासी बिंदेश्वरी महतो के पुत्र सोनू सिंह के रूप में हुई है। इस घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर यातायात बाधित हो गया। जिसे स्थानीय पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सामान्य कराया और शव को कब्जे में लिया। इस घटना के संबंध में मृतक के मौसेरे भाई संतोष महतो ने बताया कि सोनू सिंह अपनी मौसी के यहां समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र स्थित सैदपुर गांव आए थे। वहां से वह बरौनी में अपने एक मित्र से मिलने जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछवाड़ा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस संबंध में थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार ने बताया कि ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार की मौत हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है。
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मऊ में हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी की मुठभेड़ में गिरफ्तारी, पैर में गोली

Mau, Uttar Pradesh:मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी टीम ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी पहचान जमुनीपुर निवासी गोलू उर्फ गोल्डेन उर्फ रामसुन्दर के रूप में हुई है।यह घटना 23 अप्रैल की शाम चकेश्वर गांव में हुई थी। 18 वर्षीय ऋषि प्रसाद अपने घर के बाहर बैठा था, तभी दो बाइक सवार बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में ऋषि गंभीर रूप से घायल हो गया था। मामलो की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर तीन टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने 29 अप्रैल को अहिरानी अंडरपास के पास से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन मुख्य आरोपी गोलू उर्फ गोल्डेन फरार चल रहा था। उसकी तलाश में पुलिस और एसओजी टीम लगातार जुटी हुई थी। बुध्वार की भोर में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने एक साथी के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गोंठा गांव के सिवान के पास घेराबंदी की। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है।
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टीना डाबी की रात चौपाल ने 90 से अधिक समस्याओं का मौके पर निराकरण

Tonk, Rajasthan:उनियारा टोंक उनियारा की ककोड पंचायत में कलेक्टर टीना डाबी की रात्रि चौपाल, 3-4 घंटे में 90 से ज्यादा समस्याओं का समाधान एंकर..टोंक जिले के उनियारा उपखंड की ककोड ग्राम पंचायत में जिला कलेक्टर टीना डाबी द्वारा आयोजित रात्रि चौपाल में जन समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। यह चौपाल करीब 3 से 4 घंटे तक चली, जिसमें 90 से अधिक परिवादों का निस्तारण किया गया। लंबे समय तक चली इस चौपाल को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे。 ग्रामीणों ने पेयजल संकट, अतिक्रमण, सड़क, बिजली सहित विभिन्न समस्याएं जिला कलेक्टर और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखीं। जिला कलेक्टर टीना डाबी और देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर ने सभी परिवादियों की समस्याओं को गंभीरता और शालीनता से सुना तथा मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देकर कई समस्याओं का समाधान कराया。 रात्रि चौपाल में प्रशासन के प्रति ग्रामीणों का भरोसा साफ नजर आया, जिसके चलते बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। अधिकारियों ने भी तत्परता दिखाते हुए समस्याओं के समाधान की दिशा में त्वरित कार्रवाई की。 इस अवसर पर एडीएम रामरतन सोकरिया, उपखंड अधिकारी पूजा मीणा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद
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अखिलेश यादव की बंगाल यात्रा से यूपी में ईवीएम पर बहस तेज

Noida, Uttar Pradesh:Om Prakash Rajbhar @oprajbhar · 23m ममता बनर्जी हफ्तों इंतजार करती रहीं कि अखिलेश यादव अब आएंगे तब आएंगे। अखिलेश यादव नहीं गए। भयानक गर्मी में अखिलेश निकलते कहां हैं। कैसे रैलियां और रोड शो करेंगे? पसीना निकलेगा, गर्मी लगेगी। सुबह उठना भी पड़ेगा। सबसे अच्छा काम यह है कि दोपहर में उठने के बाद एक ट्वीट कर देना। यह काम अखिलेश यादव ने बिना नागा किया है। अब बंगाल भी जा रहे हैं। अब रैली तो करनी नहीं है। एसी की ठंडक में बैठकर ममता जी को ढांढस देंगे। और गुजारिश करेंगे कि ममता जी पिछले चुनाव की तरह आप मेरे समर्थन में यूपी जरूर आना। बंगाल में ममता जी से मुलाकात के जरिए अखिलेश जी यूपी को संदेश देंगे कि सब evm की वजह से हो रहा। अखिलेश यह सब अपने लिए कर रहे हैं ताकि 2027 में जब वे हारे तो evm पर ठीकरा फोड़ सके। लेकिन शहजादों को याद रखना चाहिए कि अब जनता सिंहासन पर विराजमान है। जहां भी सिंहासन खाली नहीं हो रहा, जनता ने नारा दे दिया है कि सिंहासन खाली करो कि जनता आती है। जय महाराजा सुहेलदेव राजभर, जय ओबीसी समाज, जय भारत
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पीड़ीडीह जलमीनार दो साल से अधूरा, ग्रामीणों को पानी का संकट

Khunti, Jharkhand:खूंटी जिले के बारूडीह पंचायत अंतर्गत पोसेया पीड़ीडीह गांव में जलमीनार निर्माण का काम दो वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को आज भी पानी के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लगभग 33 घर वाले पीड़ीडीह गाँव में बनाया गया जलमीनार को ठेकेदार ने आधा अधूरा करके छोड़ दिया। गांव घरों में न तो टेप लगाया और न ही सभी जगह पाईप बिछाया गया। मीनल का भी काम आधा अधू करके छोड़ दिया गया है। इसलिए लोग जलमीनार के पास ही अगर बगल के लोग पानी लेने आते हैं नहीं तो डाड़ी कुआं का उपयोग करते हैं। पीड़ीडीह गांव में जलमीनार बनने के दौरान लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें डाड़ी और कुएँ से पानी नहीं भरना पड़ेगा, लेकिन समय बीतने के बावजूद यह सपना अधूरा ही रह गया। ग्रामीणों का कहना है कि जलमीनार तो बना दिया गया और कुछ स्थानों पर सीमेंटेड नल भी लगाए गए, लेकिन आज तक उन नलों में पानी नहीं आया। मजबूरी में लोगों को रोज सुबह-शाम दूर से पानी ढोना पड़ता है। ग्रामीण महिला पुनिता पूर्ति ने बताया कि जलमीनार बने दो साल हो गए, लेकिन किसी भी घर तक पानी नहीं पहुंचा। वहीं नीлам होरो ने कहा कि पानी की व्यवस्था नहीं होने के कारण वे गंदा पानी पीने को मजबूर हैं, जो बरसात के समय और भी दूषित हो जाता है। मुनी मुंडाईन के अनुसार गांव में करीब 33 घर हैं, लेकिन पानी की समस्या सबसे बड़ी बनी हुई है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं, लेकिन बाद में कोई ध्यान नहीं देता। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ीडीह गांव केवल पानी की समस्या से ही नहीं जूझ रहा है, बल्कि यहां आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन और बैठने के लिए चबूतरा तक नहीं है। गांव की गलियां अब भी कच्ची हैं और रात में बिजली के खंभों पर लाइट नहीं होने से अंधेरा छाया रहता है। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि निकट में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण उन्हें करीब 2 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है, जिससे कई बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समस्याओं के समाधान की मांग करते हुए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
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कोरिया के शोधकों ने बालोद के करकाभाट मेगालिथिक स्थल को ग्लोबल शोध मानचित्र पर रखा

Raipur, Chhattisgarh:छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ के पर्यटन इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। बालोद जिले की ऐतिहासिक धरोहर अब सात समंदर पार अपनी चमक बिखेर रही है। 'बालोद इको टूरिज्म' के निरंतर प्रयासों का ही सुखद परिणाम है कि बीते 4 मई 2026 को दक्षिण कोरिया के दो विदेशी पर्यटक बालोद के सुप्रसिद्ध महापाषाण कालीन स्थल 'करकाभाट' का भ्रमण करने पहुंचे। महापाषाण काल का रहस्य जानने की उत्सुकता कोरिया से आए ये पर्यटक साधारण सैलानी नहीं, बल्कि प्राचीन ऐतिहासिक स्थलों पर गहन शोध (Research) कर रहे शोधकर्ता हैं। उनके लिए करकाभाट का 5000 साल पुराना इतिहास आकर्षण और जिज्ञासा का केंद्र रहा। यहाँ के ऊँचे और विशाल पत्थरों की संरचना को देखकर वे चकित रह गए। पर्यटकों ने स्वीकार किया कि छत्तीसगढ़ की यह विरासत वैश्विक स्तर पर शोध के लिए एक बेहतरीन जगह है। स्थानीय युवाओं ने निभाई 'ग्लोबल' गाइड की भूमिका विदेशी मेहमानों को बालोद की संस्कृति और इतिहास से रूबरू कराने का जिम्मा बालोद इको टूरिज्म के अनुभवी गाइड्स यशकांत गढ़े और टोमेश ठाकुर ने संभाला। उन्होंने न केवल करकाभाट के पत्थरों के पीछे के वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्यों को साझा किया, बल्कि छत्तीसगढ़ी खान-पान और लोक परंपराओं की झलक भी पेश की। गाइड्स के बेहतरीन तालमेल और ज्ञान की पर्यटकों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। पर्यटन से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: सूरज करियारे बालोद एवं छत्तीसगढ़ इको टूरिज्म के अध्यक्ष श्री सूरज करियारे ने इस दौरे को जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा: "हमारा लक्ष्य केवल पर्यटन को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। जब विदेशी पर्यटक यहाँ आएंगे, तो स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन और सेवाओं की मांग बढ़ेगी, जिससे सीधे तौर पर हमारे ग्रामीणों को लाभ होगा।" करकाभाट क्यों है खास? करकाभाट में स्थित ये पत्थर महापाषाण कालीन (Megalithic) युग के स्मारक माने जाते हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार, ये लगभग 3000 से 5000 साल पुराने हैं। इन्हें प्राचीन काल में मृतकों की स्मृति में स्थापित किया जाता था। दुनिया भर में इस तरह के स्थल बहुत कम जगहों पर बचे हैं, यही कारण है कि यह स्थल अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। भविष्य की राह: 'दोबारा आएंगे बालोद' पूरा एक दिन बालोद की गोद में बिताने के बाद कोरियाई पर्यटकों ने यहाँ की शांति और ऐतिहासिक संपन्नता को अद्भुत बताया। उन्होंने जाते-जाते वादा किया कि वे जल्द ही अपनी टीम के साथ दोबारा यहाँ आएंगे।बालोद इको टूरिज्म की इस सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो छत्तीसगढ़ का एक छोटा सा गांव भी दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर बड़ा स्थान बना सकता है।
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लोहरदगा में 90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान शुरू

Lohardaga, Jharkhand:लोहरदगा- नालसा नई दिल्ली और झालसा रांची के निर्देशा पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष डालसा लोहरदगा राजकमल मिश्रा के मार्गदर्शन में 90 दिवसीय सघन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की गई है। सिविल कोर्ट परिसर से पीडीजे सह अध्यक्ष डालसा ने जागरूकता एलईडी वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। डालसा सचिव ने बताया कि आमजन को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से गहन कानूनी जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना, आम लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, महिला-बाल अधिकार, साइबर अपराध, नशा मुक्त, विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। वहीं एलईडी वैन गांव-गांव घूमकर लघु फिल्मों और ऑडियो वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगी। ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सकें और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता का लाभ उठा सकें। इन्होंने बताया कि जागरूकता वैन के साथ पीएलवी भी उपस्थित रहेंगे। जो जागरूकता कार्यक्रम में अपनी उपस्थित दर्ज करते हुए लोगों को जागरूक करने का कार्य करेंगे।
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