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MMohd.AsifFollow29 Jul 2024, 02:08 pm
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राज्यपाल ने रिंकू सिंह राही की सुरक्षा मामले की गहन जांच के निर्देश दिए

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में एसडीएम न्यायिक के पद पर तैनात IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही की सुरक्षा से जुड़ी शिकायत पर राज्यपाल कार्यालय ने गंभीर रुख अपनाया है। राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र भेजकर पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही IAS अधिकारी और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। राज्यपाल कार्यालय के पत्र में विशेष रूप से यह जांच करने को कहा गया है कि 19 अगस्त को रिंकू सिंह राही द्वारा उरई कोतवाली में दी गई तहरीर पुलिस ने नियमानुसार प्राप्त क्यों नहीं की। इसके अलावा तहरीर को लेकर हुई कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारियों की भूमिका भी निर्धारित करने के निर्देश दिए गए हैं। *उरई कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश* मामले में उरई कोतवाल आनंद कुमार सिंह की भूमिका को लेकर भी राज्यपाल कार्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। पत्र में उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यपाल कार्यालय की ओर से DGP को भेजे गए पत्र के बाद अब पुलिस विभाग में इस मामले को लेकर कार्रवाई की जिम्मेदारी तय होगी। जांच में यह स्पष्ट किया जाना है कि IAS अधिकारी की ओर से दी गई तहरीर को पुलिस ने प्राप्त करने और उस पर नियमानुसार कार्रवाई करने में कथित तौर पर लापरवाही क्यों बरती। *X पर IAS रिंकू सिंह राही ने जताई नाराजगी* राज्यपाल कार्यालय के पत्र की जानकारी IAS रिंकू सिंह राही ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने सोमवार दोपहर करीब 3:24 बजे पत्र पोस्ट करते हुए पुलिस और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। रिंकू सिंह राही ने लिखा कि उनके अनुरोध पर उच्च स्तर से मामले का संज्ञान लिया गया है और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए निर्देश भेजे गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अब देखना होगा कि उच्च स्तर से मिले निर्देशों का संबंधित अधिकारी पालन करते हैं या फिर, उनके शब्दों में, हर बार की तरह मामले को “रद्दी की टोकरी” में डाल दिया जाता है। *“मेरी तहरीर पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं, यह भी देखना है”* IAS अधिकारी ने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि उन्हें अब यह देखना है कि उनकी तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज होता है या नहीं। उन्होंने दावा किया कि जिला समाज कल्याण अधिकारी के रूप में तैनाती के दौरान भी उन्हें ऐसी परिस्थितियों का कई बार सामना करना पड़ा था। उन्होंने लिखा कि अब शायद IAS अधिकारी के रूप में भी उन्हें इसी तरह का अनुभव होना है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि इस मामला से जुड़ी कई अन्य बातें अभी उन्होंने सार्वजनिक नहीं की हैं। रिंकू सिंह राही ने अपनी पोस्ट में नौकरी और अपने काम करने के तरीके को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि यदि वह “देशभक्त टाइप” के न रहें तो शायद कोई समस्या ही नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए नौकरी साध्य नहीं, बल्कि केवल एक माध्यम है। *“IAS अधिकारी की तहरीर पर भी FIR/NCR तक की कार्रवाई न हो”* अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए IAS रिंकू सिंह राही ने लिखा कि उन्हें इस बात पर शर्म आती है कि एक IAS अधिकारी की तहरीर पर भी FIR या NCR तक की कार्रवाई न हो। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके पास ऐसी कई और बातें हैं, जिन्हें उन्होंने अभी सार्वजनिक नहीं किया है। अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा कि अब कभी-कभी उन्हें लगता है कि यदि उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए तो शायद वह लड्डू बांटेंगे। *2009 में मुजफ्फरनगर में हुआ था हमला* सुरक्षा को लेकर अपनी शिकायत में रिंकू सिंह राही ने अपने अतीत की एक गंभीर घटना का भी उल्लेख किया है। वर्ष 2009 में मुजफ्फरनगर में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर तैनाती के दौरान उन पर हमला हुआ था। इस हमले में उन्हें 7 गोलियां लगी थीं। इसी घटना का हवाला देते हुए उन्होंने मौजूदा समय में अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। पुरानी घटना को देखते हुए उनकी वर्तमान सुरक्षा संबंधी शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। राज्यपाल कार्यालय ने भी अपने पत्र में रिंकू सिंह राही और उनके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। *अब पुलिस जांच पर टिकी नजर* राज्यपाल कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद अब पूरे मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। जांच के दौरान यह स्पष्ट किया जाना है कि 19 अगस्त को दी गई तहरीर पुलिस ने क्यों नहीं प्राप्त की और इसमें किस स्तर पर लापरवाही हुई। इसके साथ ही उरई कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई और IAS अधिकारी व उनके परिवार की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस विभाग को कदम उठाने होंगे। अब देखना होगा कि उच्च स्तर से मिले निर्देशों के बाद स्थानीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है और IAS रिंकू सिंह राही की शिकायत पर पुलिस आगे किस तरह की कानूनी प्रक्रिया अपनाती है।
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सिरोही के नये एसपी ने फ्लैग march से शहर की सुरक्षा का जायजा लिया

Sirohi, Rajasthan:सिरोही के नवनियुक्त एसपी डॉ. अजेय सिंह राठौड़ ने पदभार संभालने के बाद सोमवार को शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। एसपी के नेतृत्व में کوतवाली थाने से फ्लैग मार्च शुरू हुआ, जो बगीखाना, सदर बाजार, सरजावाव गेट और रोडवेज चौराहा होते हुए वापस कोतवाली थाने पहुंचा। फ्लैग मार्च के दौरान एसपी ने शहर के प्रमुख मार्गों और क्षेत्रों की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा पुलिस अधिकारियों से स्थानीय स्थिति की जानकारी ली। कार्रवाई के दौरान बिना नंबर की चार मोटरसाइकिलें जब्त कराई गईं। इस दौरान एडिशनल एसपी नरेंद्र कुमार सहित पुलिस अधिकारी, डिप्टी और कोतवाली थाना पुलिस का जाब्ता मौजूद रहा। पदभार संभालने के बाद एसपी का यह ग्राउंड विजिट शहर की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस की सक्रियता का हिस्सा रहा।
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खूँटी में ओबीसी अधिकारों के लिए मशाल जुलूस, जनगणना में आरक्षण की मांग

Khunti, Jharkhand:खूँटी क्षेत्र - खूँटी। स्लग - ओबीसी अधिकारों की मांग को लेकर खूँटी में मशाल जुलूस। क्षेत्र में खूँटी नगर पंचायत क्षेत्र के भगतसिंह चौक नेताजी चौक मुख्य पथ पर पिछड़ी जाति समाज के लोगों ने मशाल जुलूस निकालकर अपनी मांगों को सामने रखा। मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने जनगणना में ओबीसी की अलग से स्पष्ट गणना करने तथा आरक्षण से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग की। जुलूस के दौरान लोगों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल के खूँटी, राँची, गुमला, सिमडेगा और लोहरदगा जिलों में ओबीसी आरक्षण से जुड़े सवालों का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनगणना में ओबीसी की स्पष्ट गणना और आरक्षण से जुड़े अधिकारों को लेकर समाज की मांगों को सरकार तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह मशाल जुलूस निकाला गया। वहीं मशाल जुलूस के माध्यम से ओबीसी समाज के लोगों ने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने की बात कही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही।
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संभल। भूमि विवाद में DLRC को सरकारी पद का रौब दिखाना पड़ा महंगा .डीएम ने सस्पेंड किया

SUNIL Kumar SinghSUNIL Kumar SinghFollow9m ago
Maulagarh, Uttar Pradesh:संभल - जिला भूमि व्यवस्था सहायक (DLRC) प्रशस्त गुप्ता को भूमि विवाद में सरकारी पद और DM दफ्तर में तैनाती का झूठा रौब दिखाना महंगा पड़ा । DM अंकित खंडेलवाल ने DLRC ( जिला भूमि व्यवस्था सहायक )प्रशस्त गुप्ता को सस्पेंड किया । सरकारी पद और जिलाधिकारी कार्यालय में तैनाती का झूठा रौब दिखाकर भूमि विवाद में दवाब बनाने के गंभीर आरोप। DLRC प्रशस्त गुप्ता का भूमि विवाद के दौरान सरकारी पद और DM दफ्तर में तैनाती का रौव गांठने का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ था वायरल । मामले की शिकायत सामने आने के बाद DM अंकित खंडेलवाल ने SDM चन्दौसी को सौंपी थी मामले की जांच . जांच में शिकायत की पुष्टि हुई थी । DLRC प्रशस्त गुप्ता पर शिकायत कर्ताओं के साथ अभद्र ता , मारपीट के भी आरोप । DM अंकित खंडेलवाल की कार्यवाही से हड़कंप मचा ।
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चास अंचल कार्यालय में जमीन विवाद के चलते हंगामा, 5 युवक चास थाना ले जाए गए

Bokaro Steel City, Jharkhand:बोकारो के चास सीओ कार्यालय में जमकर हंगामा। मौके पर चास थाना पुलिस पहुंची। बतातe चले कि बोकारो के चास अंचल कार्यक में जमीन विवाद को लेकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जहां जमीन विवाद मामले को लेकर पहुंचे ग्रामीण युवकों के साथ हंगामा देखने को मिला। मौके पर चास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 5 युवकों को अपने साथ चास थाना ले गई। पूरी घटना बताते चले कि चन्दनक्यारी के बिजूलिया के रहने वाले कुछ युवक पिछले कुछ दिनों से गांव में रास्ते को लेकर परेशान था, युवकों की माने तो गांव के ही कुछ दबंगों के द्वारा रास्ते की जमीन को अपना रैयती जमीन बताकर रास्ता को जेसीबी मशीन से काट दिया गया था जहां 10 परिवार के लगभग 100 लोगो को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी शिकायत को लेकर युवक चास अंचल कार्यालय से लेकर थाना तक का चक्कर लगाते लगाते थक गया जहां अंत में बोकारो उपायुक्त के जनता दरबार में शिकायत लेकर पहुंचा। युवकों की माने तो उपायुक्त अजय नाथ झा ने मामले पर तुरंत संज्ञान लेते हुए चास बीडीओ को जांच का आदेश दिया। युवकों की माने तो जांच में जमीन गैरमजरूआ निकला। युवकों की माने तो नापी के कुछ दिन बाद आज पुनः उपायुक्त कार्यालय पहुंचा जहां कार्यालय द्वारा मेल के माध्यम से चास सीओ और एसडीओ को इसकी सूचना देने की बात कही गई और युवकों को इन अधिकारियों से मिलने के लिए कहा गया जहां आज सीओ कार्यालय 5 युवक पहुंचे जहां हंगामा होने लगा। युवकों ने आरोप लगाया कि उपायुक्त के मेल के बाद भी अंचल अधिकारी संज्ञान नहीं ले रहे थे और हमे धक्का देकर बाहर निकाल दिया गया। वहीं चास सीओ सेवा राम साहू ने कहा कि जमीन विवाद का मामला था जहां युवकों से कहा गया कि जांच की जा रही है थोड़ा समय लगेगा। इतने में युवक उग्र हो गए और हाथापाई की नौबत आ गई जहां चास थाना में लिखित शिकायत दी गई है।
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बीकानेर: CM directs 10-day Diwali plan for urban bodies

Bikaner, Rajasthan:बीकानेर से खबर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश के नगरीय निकायों के चुने हुए जनप्रतिनिधियों से किया सीधा संवाद आगामी त्योहारी सीजन और नगरीय विकास को लेकर हुई उच्च स्तरीय बैठक सभी नगर निकायों के महापौर बैठक में सीधे जुड़े, अन्य जनप्रतिनिधियों ने ऑनलाइन लिया हिस्सा मुख्यमंत्री ने दीपावली को लेकर 10 दिवसीय विशेष कार्ययोजना बनाने के दिए निर्देश नगरीय विकास के लिए आगामी तीन माह की कार्ययोजना तैयार कर क्रियान्वयन के निर्देश मुख्यमंत्री बोले-सरकार किसी भी नगर निकाय या जनप्रतिनिधि के साथ राजनीतिक आधार पर भेदभाव नहीं करेगी बीकानेर महापौर अनिल कल्ला ने मुख्यमंत्री के सामने शहर की समस्याएं रखीं कल्ला ने बीकानेर नगर निगम की कमजोर वित्तीय स्थिति और सीवरेज कार्य के बाद सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया सफाई व्यवस्था को लेकर भी मुख्यमंत्री को कराया अवगत, नई फर्म द्वारा संसाधन उपलब्ध नहीं करवाने की रखी बात मुख्यमंत्री ने सभी नगर निकाय को सफाई व्यवस्था और विकास कार्यों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के दिए स्पष्ट निर्देश
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इंदौर को AI हब बनाने का दावा महापौर ने किया

Indore, Madhya Pradesh:अमेरिका दौरे से लौटने के बाद इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पत्रकार वार्ता कर अपने दौरे के अनुभव साझा किए। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी ए.आई को आने वाले समय की बड़ी जरूरत बताते हुए कहा कि अब ए.आई के साथ हमें जीना पड़ेगा। महापौर ने कहा कि इंदौर को ए .आई हब बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है और अगर अभी कदम नहीं उठाए तो हम पीछे रह जाएंगे। अमेरिका दौरे से लौटे इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पत्रकार वार्ता में ए.आई को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बेसिक जानकारी और ट्रेनिंग देने की शुरुआत करनी चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में ए .आई हमारे जीवन और काम करने के तरीकों का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने वाला है। महापौर ने अमेरिका में आयोजित कार्यक्रम और वहां ए.आई के क्षेत्र में हो रहे काम का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग देशों के प्रतिनिधियों के साथ ए .आई और शहरों की चुनौतियों को लेकर चर्चा हुई। उनके मुताबिक कई देशों के प्रतिनिधि इस चर्चा में शामिल हुए। महापौर ने ए आई0के विकास को लेकर कहा कि आज जिस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को हम देख रहे हैं, उसका मौजूदा दौर नया है, लेकिन इसके पीछे लंबे समय का शोध और तकनीकी विकास है। उन्होंने ए .आई के विकास को लेकर कहा कि इसे समझने और इसके प्रभावों के लिए हमें अभी से तैयार रहना होगा। अमेरिका में स्थानीय प्रशासन के कामकाज का जिक्र करते हुए महापौर ने कहा कि वहां कई शहरों में नगर निगम से जुड़े फैसलों में मेयर और सिटी काउंसिल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने बोस्टन में ए .आई तकनीक के जरिए नगर निगम के कामकाज और पॉलिसी से जुड़े प्रयोगों का भी उल्लेख किया। महापौर ने ए.आई के फायदे के साथ उसके संभावित नुकसान की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा कि जब तक मशीन को इंसान नियंत्रित कर रहा है, तब तक स्थिति ठीक है, लेकिन अगर मशीन खुद निर्णय लेने और नियंत्रण करने लगे तो इसके नुकसान हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ए आई के बढ़ते इस्तेमाल का असर रोजगार पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से कोडिंग और सॉफ्टवेयर से जुड़े कुछ कामों में बदलाव आने की संभावना है। वहीं उन्होंने अमेरिका में डॉक्टरों की जरूरत का भी जिक्र किया और कहा कि वहां इस क्षेत्र के लोगों को बुलाया जा रहा है। महापौर ने कहा कि आने वाला समय कुछ मायनों में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में किसी एक व्यक्ति या संस्था के बजाय सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि चाहे ए आई का विषय हो या शहर की दूसरी चुनौतियां, सभी को मिलकर काम करना होगा। इंदौर को ए आई हब बनाने को लेकर भी महापौर ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है और अब देरी की गुंजाइश नहीं है। इसके साथ ही शहर में ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर ए आई और नई तकनीकों के इस्तेमाल की तैयारियों का भी जिक्र किया। महापौर ने अमेरिका में इंदौर की स्वच्छता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जब वहां के लोगों को इंदौर की स्वच्छता व्यवस्था और शहर के सफाई मॉडल के बारे में जानकारी मिली तो वे इससे हैरान हुए।
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उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारी के बीच मस्जिद के आसपास मार्ग खुले, सुरक्षा बढ़ी

Ujjain, Madhya Pradesh:कमरी मार्ग चौराहा, गोपाल मंदिर, सराफा बाजार और ढाबा रोड की ओर रास्ते खुले, मस्जिद के आसपास पुलिस तैनात और सोशल मीडिया-CCTV से निगरानी उज्जैन में सात दिन कमरी मार्ग चौराहा, गोपाल मंदिर और ढाबा रोड के मार्ग खोले गए हैं। शाही मस्जिद के आसपास अब भी पुलिस बल तैनात, सोशल मीडिया और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है। उज्जैन के छत्री चौक स्थित शाही मस्जिद में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान 28 सितंबर को हुए विवाद के बाद शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मस्जिद के आसपास के मार्गों को पुलिस प्रशासन ने बंद कर दिया था। शहर में लगातार शांतिपूर्ण माहौल रहने के बाद करीब सात दिन बाद कमरी मार्ग चौराहा, गोपाल मंदिर, सराफा बाजार एवं ढाबा रोड की ओर जाने वाले मार्गों को आवागमन के लिए खोल दिया गया। मार्ग खुलने की जानकारी मिलते ही सुबह बड़ी संख्या में लोग अपनी दुकानों पर पहुंचे और व्यापारियों ने दुकानें खोलना शुरू किया। यातायात एवं कानून व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर, शाही मस्जिद कमेटी द्वारा सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे मस्जिद के हिस्से को हटाने का काम लगातार किया जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्य के दौरान प्रभावित हुए मस्जिद के हिस्से के पुनर्निर्माण का कार्य भी शांतिपूर्ण तरीके से किया जा रहा है। मस्जिद के आसपास के कुछ हिस्सों में अभी भी आवागमन प्रतिबंधित रखा गया है। एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि शहर में पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल है और सभी लोग सामान्य रूप से अपना कामकाज कर रहे हैं। कुछ दिन पहले कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मार्ग बंद किए गए थे, जिन्हें अब व्यवस्था के अनुसार धीरे-धीरे खोला जा रहा है। मस्जिद कमेटी द्वारा मस्जिद के हिस्से को हटाने का कार्य किया जा रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से मस्जिद के आसपास के कुछ हिस्सों में अभी भी आवागमन प्रतिबंधित है, जबकि अन्य मार्गों पर यातायात सामान्य रूप से चल रहा है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या भ्रामक पोस्ट न डालें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, ताकि शहर में शांतिपूर्ण एवं सामान्य माहौल बना रहे। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत कंठाल से गोपाल मंदिर की ओर प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण का कार्य सभी की सहमति और सहयोग से किया जा रहा है। मस्जिद के आसपास अभी भी पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया के साथ-साथ CCTV कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है。
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उज्जैन की शाही मस्जिद के फर्जी क्यूआर कोड से चंदा मांगने का धांधला उजागर

Ujjain, Madhya Pradesh:धार्मिक नगरी उज्जैन में हालिया हादसे के बाद शाही मस्जिद प्रबंधन एक तरफ जहां संकट से जूझ रहा है, वहीं दूसरी तरफ साइबर ठगों और जालसाजों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर फर्जी क्यूआर कोड और बारकोड वायरल कर लोगों से मस्जिद मरम्मत के नाम पर धड़ल्ले से ऑनलाइन और ऑफलाइन चंदा वसूला जा रहा है। इस पूरी धांधली का भंडाफोड़ तब हुआ जब मस्जिद के जिम्मेदार खुद सामने आए। मस्जिद के सदर अब्दुल मन्नान ने इस फर्जीवाड़े पर कड़ा एतराज जताते हुए साफ किया है कि कमेटी ने अब तक किसी से भी एक रुपये का चंदा नहीं मांगा है। सोशल मीडिया पर घूम रहे सभी बैंक बारकोड और ऑनलाइन यूपीआई आईडी पूरी तरह फर्जी हैं। उन्होंने कहा कि आपदा और दुख के इस कठिन समय में कुछ असामाजिक तत्व इस लाचाऱी का गलत फायदा उठाकर लोगों की जेब खाली करने में जुटे हुए हैं, जिससे पूरी कमेटी आहत है। प्रेस प्रबंध समिति ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात स्कैनर या झांसे में आकर एक भी रुपया न भेजें। यदि कोई भी व्यक्ति मदद करना चाहता है, तो वह सबसे पहले सीधे मस्जिद कमेटी से संपर्क कर पूरी जांच-पड़ताल करे। बिना तस्दीक के दिया गया रुपया गलत हाथों में जाकर ठगी का शिकार बन सकता है। कमेटी ने फर्जीवाड़े में लिप्त ऐसे तत्वों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की तैयारी भी शुरू कर दी है।
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श्राद्ध की रस्म के बीच बूढ़ी गंडक नदी में मौसी-भांजी डूबकर मौत

Samastipur, Bihar:श्राद्ध कर्म की रस्म के बीच मौसी-भांजी बूढ़ी गंडक में डूबीं, दोनों की मौत ।भांजी को डूबता देख बचाने नदी में कूदी थी मौसी,तीन घंटे बाद मिला शव । समस्तीपुर जिले के रोसड़ा शहर के सिनेमा चौक स्थित वार्ड संख्या-17 में आज एक परिवार में चल रहे क्षौर कर्म(श्राद्ध) की रस्म के बीच मातम पसर गया। बूढ़ी गंडक नदी के सीढ़ी घाट पर स्नान करने गईं सगी मौसी-भांजी की डूबने से मौत हो गई। बताया जाता है कि भांजी को नदी में डूबता देख मौसी उसे बचाने के लिए नदी कूद गई लेकिन वह भी डूब गई। इस घटना में 15 वर्षीय सोनी कुमारी और उसकी 24 वर्षीय मौसी काजल कुमारी की डूबने से मौत हो गई ।जिसकी पहचान सोनी कुमारी जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के बरैठा गांव निवासी स्वर्गीय संजय सहनी की पुत्री थी। वहीं काजल कुमारी रोसड़ा शहर की रहने वाली थीं।स्थानीय का बताना है कि रोसड़ा के सिनेमा चौक स्थित वार्ड संख्या-17 निवासी सीताराम सहनी का गत 25 सितंबर को निधन हो गया था। सोमवार को उनके क्षौर कर्म की रस्म थी। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए परिवार की महिलाएं दोपहर में परंपरा के अनुसार बूढ़ी गंडक नदी के सीढ़ी घाट पर स्नान करने गई थीं। सोनी और उसकी मौसी काजल भी उनके साथ थीं।नहाने के दौरान गहरे पानी मे चली गई । सीताराम सहनी के पुत्र पवन सहनी ने बताया कि पिता के निधन की सूचना मिलने के बाद उनकी बहन और भांजी भी घर आई थीं। परिवार की अन्य महिलाओं के साथ सोनी और काजल भी घाट पर स्नान कर रही थीं। इसी दौरान सोनी अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। भांजी को डूबता देख नदी में कूद गई मौसी उन्होंने भांजी को बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई अधिक होने के कारण वह खुद भी डूबने लगी। दोनों को डूबता देखकर घाट पर मौजूद महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास मौजूद स्थानीय मछुआरे तुरंत मौके पर पहुंचे और नदी में उतरकर दोनों को तलाशने लगे। काफी प्रयास के बाद मछुआरों ने काजल कुमारी को नदी से बाहर निकाला। उनकी हालत गंभीर थी। परिजन उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए निकले, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के करीब तीन घंटे तक चले प्रयास के बाद दुसरी शव सोनी का नदी से बरामद किया गया। काजल कुमारी की एक वर्ष का मासूम पुत्र भी है। हादसे में मां की मौत के बाद मासूम के सिर से मां का साया उठ गया। एक ही परिवार में पिता की मौत के बाद सोमवार को क्षौर कर्म की रस्म चल रही थी। इसी दौरान परिवार की दो महिलाओं की नदी में डूबने से मौत हो गई। कुछ देर पहले जिस घर में रस्म की तैयारी चल रही थी, वहां देखते ही देखते चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने से स्वेच्छा से इन्कार कर दिया। हादसे से पूरा पूरे परिवार गहरे सदमे में है।
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