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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow14 Mar 2025, 09:26 am

Shahabad: जामा मस्जिद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जुमा की नमाज संपन्न

Shahabad, Uttar Pradesh:होली पर्व पर जुमा की नमाज शुक्रवार की दोपहर 2:00 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुई। दोपहर 12:00 बजे से 1:00 तक होली जुलूस शोभा यात्रा का समापन कर दिया गया। होली पर्व के मद्देनजर जुमा की नमाज इंतजामियां कमेटी द्वारा 2:00 बजे कर दी गई थी। वैसे प्रत्येक जुमा को नमाज 1:00 बजे संपन्न होती थी लेकिन संभल के सीओ द्वारा दिए गए बयान के बाद विवाद से बचने के लिए जामा मस्जिद के इमाम मकसूद हुसैन ने चार दिन पहले ही शुक्रवार को होने वाली जुमा की नमाज 2:00 बजे पढ़े जाने की घोषणा कर दी थी। पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। क्षेत्राधिकारी अनुज कुमार मिश्रा, प्रभारी निरीक्षक शिव गोपाल रैपिड एक्शन फोर्स एवं कोबरा कमांडो के साथ मौजूद रहे।
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ग्राम रथ अभियान से चित्तौड़गढ़ के ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिली

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम रथ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत चित्तौड़गढ़, कपासन, बेगूं, निम्बाहेड़ा और बड़ीसादड़ी विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में ग्राम रथ पहुंचकर लोगों को योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। स्थानीय कलाकारों ने ग्रामीण भाषा में गीत, नाटक और प्रस्तुतियों के माध्यम से योजनाओं का प्रचार किया। साथ ही पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया भी समझाई गई। कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही। अभियान को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
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नीमकाथाना के खान ढहने से मजदूर दबा, बचाव जारी

Sikar, Rajasthan:जिला सीकर के नीमकाथाना इलाके के मोकलवास पंचायत के झरिंडा क्षेत्र में खान में लैंड स्लाइड हादसे में दबे मजदूर दयाल चंद प्रतापगढ़ जिले का निवासी बताया जा रहा है. रात्रि के समय अधिक अंधेरा, खराब मौसम और संसाधनों की कमी के चलते राहत एवं बचाव कार्य में परेशानी का सामना करना पड़ा. प्रशासन और पुलिस की टीमें लगातार मौके पर मौजूद रहकर रेस्क्यू अभियान चला रही हैं. मौके पर नीमकाथाना एडीएम भागीरथमल साख, एएसपी लोकेश मीणा सहित तीन थाने के अधिकारी मौजूद थे और अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया. एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच चुकी है और मजदूर को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं. गौरतलब है कि देर रात खान ढह गई थी जिसमें एलेंएनटी मशीन डंपर सहित 5 जने दब गए थे जिनमें से 4 को निकाल लिया गया है; एक मजदूर अभी दबा हुआ है जिसे निकाला नहीं जा सका.
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प्रधानमंत्री मंत्री के लिए नया कानून: 30 दिन से अधिक जेल में रहने पर हटाने का प्रस्ताव

Jalgaon, Maharashtra:जळगाव विशेष सरकारी वकील एडवोकेट उज्वल निकम ऑन नवा कायदा पंतप्रधान, मुख्यमंत्री , उपमुख्यमंत्री अथवा कॅबिनेट मंत्री यांच्या संदर्भात नवा कायदा करण्याच्या केंद्र सरकारच्या हालचाली सुरू. पंतप्रधान मुख्यमंत्री अथवा कॅबिनेट मंत्री 30 दिवसांपेक्षा जास्त तुरुंगात राहिले पदावरून दूर करण्यासंदर्भातला कायदा केला जाणार आहे. हा कायदा म्हणजे आपल्या देशाच्या इतिहासातील क्रांतिकारक पाऊल असल्याचं राज्याचे विशेष सहकार्य देखील तथा अँड उज्वल निकम यांनी म्हटल आहे. कायद्याचा अभ्यास झाला पाहिजे त्यात कुठल्याही उणिवा राहू नये यासाठी संयुक्त संसदीय समिती नियुक्त करण्यात येल्याची माहिती देखील उज्वल निकम यांनी दिली. प्रत्येक राज्याचे मुख्य सचिव व मुख्यमंत्री यांच्या सोबत कायदा करण्यासंदर्भातल्या चर्चा सुरू आहेत या कायद्यासंदर्भात महाराष्ट्र ओरिसा आणि दिल्ली येथील राज्यांमध्ये कायदा सचिवांना, मुख्य सचिवांना पाचारण करण्यात येऊन चर्चा करण्यात आली आहे. नेमकं कायदा कधी अस्तित्वातील हा प्रश्न सध्या तरी अनुत्तरीत असून कायदा कधी अस्तित्वात येतो याकडे सर्वांचे लक्ष लागला आहे ऑन नरेंद्र मोदी आवाहन नरेंद्र मोदी यांनी कुठलीही विधी दाखवलेले नाही उलट भविष्यात कुठल्यााही परिस्थितीत आपण सामोरे गेले पाहिजे.. या संदर्भात त्यांनी सावधानतेची सूचना दिलेली. अमेरिका इराण यांच्यातील युद्धात यापैकी थांबलेले नाही, त्यामुळे पुढच्या काळामध्ये कुठलीही परिस्थिती निर्माण होऊ शकते. यास पार्श्वभूमीवर नागरिकांनी सावधानता बाळगावी अशा पद्धतीच्या सूचना पंतप्रधान नरेंद्र मोदी यांनी केलेल्या आहे बाईट_उज्वल निकम, विशेष सरकारी वकील, तथा खासदार
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ग्रेटर नोएडा में करोड़ों की साइबर ठगी, छह गिरफ्तार, नेटवर्क का सच उजागर

Noida, Uttar Pradesh:करोड़ों की साइबर ठगी करने वाली गिरोह का खुलासा ग्रेटर नोएडा में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत सस्ती दरों पर सब्सिडी वाला होम और बिजनेस लोन दिलाने का झांसा देकर देश भर के लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतर राज्य साइबर गिरोह का बिसरख थाना पुलिस और साइबर सेल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आरोपियों के कब्जे से कीपैड मोबाइल फोन स्मार्टफोन कॉलिंग डाटा और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं। सोसायटी की छत से चल रहा था साइबर नेटवर्क बाइट शैलेंद्र सिंह डीसीपी सेंट्रल नोएडा डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि थाना बिसरख पुलिस और साइबर सेल टीम ने मैन्युअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-1 स्थित कृष्णा काउंटी सोसायटी की टावर A की छत से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धर्मराज राठौर, रवि कुमार, किशन राठौर, अक्षय किरन नायक और किरण बाबू राठौड़ के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी मूल रूप से कर्नाटक के बीजापुर और विजयपुर क्षेत्र के रहने वाले हैं और ग्रेटर नोएडा में रहकर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी इंस्टाग्राम, फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन चलते थे। विज्ञापनों में कम ब्याज दर पर सरकारी योजना के तहत लोन दिलाने का दावा किया जाता था ताकि बेरोजगार युवक छोटे कारोबारी और जरूरतमंद लोग आसानी से उनके झांसी में आ जाए। जैसे ही कोई व्यक्ति विज्ञापन पर क्लिक करता था उसके सामने आरोपियों का मोबाइल नंबर आ जाता था इसके बाद समूह के सदस्य खुद को सरकारी योजना से जुड़े अधिकृत लोन अधिकारी बताकर बातचीत शुरू करते थे। फाइल चार्ज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूली पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लोगों को भरोसे में लेकर बताते थे कि पीएमईजीपी योजना के तहत उन्हें सब्सिडी आधारित होम लोन या व्यावसायिक लोन बेहद कम ब्याज दर पर दिलाया जाएगा। इसके बाद फाइल चार्ज, प्रोसेसिंग फीस, बीमा, एनओसी, जीएसटी और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपियों प्रत्येक व्यक्ति से दो लाख से चार लाख तक वसूलते थे। रकम जमा होने के बाद या तो आरोपी मोबाइल नंबर बंद कर देते थे या फिर नए बहाने बनाकर ग्राहक को टालते रहते थे। डिजिटल ट्रैकिंग से बचने के लिए अपनाते थे शातिर तरीका पुलिस ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए गिरोह बेहद शातिर तरीका अपनाते थे। आरोपी अधिकतर कीपैड मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे ताकि डिजिटल ट्रैकिंग न हो सके इसके अलावा यह लगातार सिम कार्ड बदलते रहते थे जिससे उनकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था। पुलिस ने आरोपियों के पास से आठ कीपैड मोबाइल फोन, 6 स्मार्टफोन और 15 रजिस्टर्ड के बरामद होने की पुष्टि की है। इन रजिस्टरों में कॉलिंग डाटा, संभावित शिकार लोगों की सूची, बैंक खातों की जानकारी और लेन देन का रिकॉर्ड दर्ज मिला है। इनसे पूछताछ में यह भी सामने आएगा कि पूरे नेटवर्क का संचालन एक कथित बॉस के निर्देश पर किया गया था। गुरु के सदस्य मोबाइल फोन के जरिए उससे संपर्क में रहते थे और उसी के निर्देश पर लोगों को कॉल करते थे ताकि प्राप्त रकम अलग-अलग बैंक खातों में जमा कराई जा सके ताकि जांच एजेंसी को वास्तविक स्त्रोत का पता न चल सके। डीसीपी शैलेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस अज्ञात मास्टरमाइंड और अन्य सहयोग की तलाश में जुटी है साथ ही बरामद मोबाइल फोन, बैंक खातों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। थाना बिसरख पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है पुलिस का कहना है कि जांच में कई अन्य राज्यों से जुड़े पीड़ितों और सहयोगियों की जानकारी सामने आ सकती है। फिलहाल इस मामले में पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले किसी भी लोन सरकारी योजना या सब्सिडी संबंधी विज्ञापन पर आंख बंद करके भरोसा न करें किसी भी प्रकार की प्रोसेसिंग फीस, फाइल चार्ज या अग्रिम भुगतान करने से पहले संबंधित संस्था/बैंक/सरकारी वेबसाइट की सत्यता की चेक जरुर करें।
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रायबरेली तालाब जमीन पर अवैध कब्जे: हाई कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर से ध्वस्त

Raebareli, Uttar Pradesh:एंकर- रायबरेली में तालाब की जमीन पर हुए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। हाई कोर्ट के आदेश पर सदर तहसील प्रशासन ने हरचन्दपुर थाना क्षेत्र के कण्डौरा गांव में बुलडोजर चलाकर पांच लोगों के अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए। बताया जा रहा है कि करीब चार बीघे से अधिक तालाब की जमीन पर कब्जा कर मकान और अन्य निर्माण कर लिए गए थे। प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और कार्रवाई पूरी कराई। तहसीलदार सदर आकृति श्रीवास्तव ने कहा कि सरकारी जमीन और तालाबों पर अवैध कब्जा हाइ कोर्ट के आदेश पर हटाया गया है। तालाब की जमीन पर पचास से ज्यादा लोगों ने कब्जा कर रखा है, जिन लोगों ने तहसीलदार कोर्ट के आदेश पर अपील की है उनके अवैध निर्माण नहीं गिराए गए हैं जिन्होंने अपील नहीं की उनके अवैध निर्माण पर आज कार्यवाही की गई है।
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जींद अस्पताल: 200 मीटर दूरी पर मीटिंग के लिए गाड़ी, सिविल सर्जन पर सवाल

Jhanj Kalan, Haryana:200 मीटर भी पैदल नहीं चलीं सिविल सर्जन! गाड़ी में बैठकर पहुंचीं मीटिंग में PM मोदी की पेट्रोल बचाओ अपील पर जींद में सवाल, सीएस ने 200 मीटर के लिए निकाली गाड़ी जींद में सरकारी पेट्रोल बचत अभियान की निकली हवा, सिविल सर्जन का वीडियो वायरल देशभर में प्रधानमंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री पेट्रोल-डीजल बचाने और कम गाड़ियां इस्तेमाल करने का संदेश दे रहे हैं। जींद के सामान्य अस्पताल से सामने आया एक वीडियो अब चर्चा का विषय बन गया है। आरोप है कि सिविल सर्जन डॉ. सुमन कोहली अपने ऑफिस से महज 200 मीटर दूर जिला परीक्षण केंद्र में मीटिंग लेने के लिए भी गाड़ी से पहुंचीं। सोशल मीडिया पर लोग इसे सरकारी द्वोगलापन बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि जब अधिकारी खुद छोटी दूरी पैदल तय नहीं कर सकते, तो आम जनता को पेट्रोल बचाने की सीख कैसे दी जा सकती है। वीडियो में वह अपने कार्यालय से करीब 200 मीटर दूर स्थित जिला परीक्षण केंद्र तक गाड़ी से जाती दिखाई दीं, जहां डॉक्टरों की मीटिंग रखी गई थी। यह मामला इसलिए भी तूल पकड़ रहा है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार लगातार पेट्रोल-डीजल की बचत और कम वाहन इस्तेमाल करने का संदेश दे रही हैं। सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि यदि अधिकारी खुद छोटी दूरी पैदल तय नहीं करेंगे तो जनता तक क्या संदेश जाएगा। डॉ. सुमन कोहली ने सफाई देते हुए कहा कि विभाग में कार पूलिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है और अधिकारियों को एक साथ यात्रा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि सरकारी ईंधन की बचत हो सके। बावजूद इसके सोशल मीडिया पर बहस जारी है। “हमारी पूरी कोशिश है और हमने सबको आदेश दिए हैं कि कार पूलिंग करें। किसी टूर पर जाना हो तो सभी अधिकारी एक साथ जाएं। हम कम से कम सरकारी गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करें।” — डॉ. सुमन कोहली, सिविल सर्जन, जींद। जींद गुलशन चावला
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फरीदाबाद में गंगाजल से पानी की आपूर्ति, लंबी अवधि की सुरक्षा मिशन शुरू

Faridabad, Haryana:फरीदाबाद अब ‘गंगाजल’ से बुझेगी फरीदाबाद की प्यास, हर घर तक पहुंचेगा साफ पानी। फरीदाबाद के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से पानी की कमी, गिरते भूजल स्तर और टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता से जूझ रहे शहर को अब गंगाजल उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू हो गई है। हरियाणा सरकार ने फरीदाबाद तक गंगाजल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी परियोजना के मास्टर प्लान और पाइपलाइन रूट को लगभग अंतिम रूप दे दिया है। योजना के तहत उत्तर प्रदेश की अपर गंगा नहर से पानी लाकर आधुनिक जल शोधन संयंत्रों के जरिए पूरे शहर में सप्लाई की जाएगी। सरकार इस परियोजना को फरीदाबाद के लिए “लॉन्ग टर्म वॉटर सिक्योरिटी मिशन” के रूप में देख रही है। बताया जा रहा है कि इस परियोजना का ब्लूप्रिंट वर्ष 2075 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार और नई कॉलोनियों की पानी की मांग को देखते हुए यह योजना बनाई गई है। परियोजना के तहत विशेष पाइपलाइन कॉरिडोर तैयार होगा, जिससे गंगा का पानी सीधे फरीदाबाद पहुंचेगा। इसके बाद हाई-प्रेशर पाइपलाइन नेटवर्क के माध्यम से पूरे शहर में जल आपूर्ति की जाएगी। मौजूदा बूस्टिंग स्टेशनों को भी इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा。 शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि गंगाजल परियोजना फरीदाबाद के विकास की दिशा बदलने वाली योजना साबित होगी। मास्टर प्लान और पाइपलाइन रूट को तकनीकी रूप से इस तरह तैयार किया गया है कि आने वाले कई दशकों तक शहर को पर्याप्त पानी मिलता रहे। उन्होंने कहा कि सरकार हर नागरिक को साफ, सुरक्षित और नियमित जल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना पूरी होने के बाद शहर की टैंकर निर्भरता कम होगी और लोगों को बेहतर जीवन गुणवत्ता का अनुभव मिलेगा。 प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह योजना केवल जल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फरीदाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शहरी विकास को भी नई दिशा देगी। आने वाले वर्षों में फरीदाबाद की पहचान ‘जल संकट वाले शहर’ से बदलकर ‘हर घर गंगाजल वाले शहर’ के रूप में हो सकती है।
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फरीदाबाद के लिए 2075 तक गंगा जल से पेयजल नेटवर्क विकसित होगा

Chandigarh, Chandigarh:2075 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हुआ ब्लूप्रिंट फरीदाबाद के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लंबे समय से जल संकट, गिरते भूजल स्तर और टैंकरों पर बढ़ती निर्भरता से जूझ रहे शहर को अब गंगाजल उपलब्ध कराने की तैयारी तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की अपर गंगा नहर से फरीदाबाद तक पानी लाया जाएगा आधुनिक वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम के जरिए शहर में सप्लाई होगी हाई-प्रेशर पाइपलाइन नेटवर्क से हर सेक्टर और कॉलोनी को जोड़ा जाएगा मौजूदा बूस्टिंग स्टेशनों को भी नेटवर्क से कनेक्ट किया जाएगा तेजी से बढ़ती आबादी और औद्योगिक विस्तार से बढ़ी पानी की मांग कई इलाकों में भूजल स्तर खतरनाक स्तर तक नीचे पहुंचा टैंकर और अनियमित जल आपूर्ति से लोगों को मिलेगी राहत 2075 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार योजना सरकार का दावा है कि यह परियोजना सिर्फ मौजूदा जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि वर्ष 2075 तक की अनुमानित आबादी और औद्योगिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। पहले चरण में मुख्य पाइपलाइन और ट्रीटमेंट सिस्टम तैयार होंगे बाद में सेक्टरों और नई कॉलोनियों तक नेटवर्क विस्तार किया जाएगा मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि यह परियोजना फरीदाबाद के विकास की दिशा बदलने वाली योजना साबित होगी और लोगों को स्वच्छ व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराएगी.
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CBI-ED संयुक्त टीम ने चंडीगढ़ नगर निगम घोटाले की गहन जांच तेज की

Chandigarh, Chandigarh:चंडीगढ़ नगर निगम और चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी लिमिटेड से जुड़े कथित FD/FDR घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नगर निगम प्रशासन को नोटिस जारी कर महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी फाइलें मांगी हैं। बताया जा रहा है कि नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े करोड़ों रुपये की फर्जी FD/FDR तैयार कर फंड डायवर्ट किए गए। शुरुआती जांच में रकम करीब 108 करोड़ से लेकर 116.84 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है।   सीबीआई ने अधिकारियों की सेवा और पोस्टिंग रिकॉर्ड   बैंक खातों के संचालन से जुड़े दस्तावेज   FD/FDR से संबंधित मूल रिकॉर्ड   चेकबुक, बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल और इंटरनेट बैंकिंग डेटा   विभिन्न बैंक खातों को बंद करने से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाएगी । CBI और ED की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को शहर के चार बड़े ज्वेलर्स और संबंधित ठिकानों पर रेड की। कार्रवाई के दौरान कई वित्तीय दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और लेनदेन से जुड़ी जानकारी जब्त की गई。  शेल कंपनियों और फर्जी खातों की जांच जांच एजेंसियों को शक है कि घोटाले की रकम को सोना खरीदने, फर्जी कंपनियों के जरिए ट्रांसफर करने और अलग-अलग खातों में छिपाने की कोशिश की गई है।  IDFC First Bank भी जांच के दायरे में मामले में IDFC First Bank से जुड़ी फर्जी FDRs की भूमिका भी जांच के केंद्र में है। बैंकिंग सिस्टम के दुरुपयोग और अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी पड़ताल की जा रही है। शुरुआत में निचले स्तर के कर्मचारियों की भूमिका सामने आई थी, लेकिन अब जांच वरिष्ठ अधिकारियों और निजी नेटवर्क तक पहुंच चुकी है। CBI यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतने बड़े वित्तीय घोटाले को किस स्तर तक संरक्षण मिला।
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आلمगीर आलम की रिहाई से सियासत गरमा, कांग्रेस पर बीजेपी का पलटवार

Ranchi, Jharkhand:आलमगीर आलम की रिहाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है।भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री ने कहा कि करीब दो साल बाद अदालत ने उन्हें जमानत जरूर दी है, लेकिन अगर वह इतने लंबे समय तक जेल में रहे, कुछ तो सच्चाई होगी,उन्होंने कहा कि जमानत मिलना अलग बात है, लेकिन जिस तरह कांग्रेस नेताओं द्वारा इसे जश्न की तरह पेश किया जा रहा है, वह पूरी तरह गलत है।बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी खुद को भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाली बताती है, वहीं दूसरी तरफ भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नेता की रिहाई पर उत्सव मनाना उसके दोहरे चरित्र को दिखाता है।
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