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Amir KhanAmir KhanFollow19 Jan 2025, 05:05 pm

हरदोईः ऑपरेशन कवच के तहत पुलिस ने 57 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों को दी चेतावनी

Hardoi, Uttar Pradesh:

पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देशन में जनपद में ऑपरेशन कवच अभियान के तहत अपराधियों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में विगत सप्ताह कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के कुल 97 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों में से 57 अपराधियों को थाने पर बुलाकर सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने इन अपराधियों को भविष्य में अपराध न करने की सख्त हिदायत दी और स्पष्ट कर दिया कि यदि वे अपराध की दुनिया से बाहर नहीं आए तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन कवच अभियान के तहत जिले के सभी थानों में हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की निगरानी की जा रही है और उन्हें मुख्य धारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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इरफान अंसारी के बयान से गहरा राजनीतिक तूफान, बीजेपी मांगती है एफआईआर

Ranchi, Jharkhand:स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के युवाओं को लेकर दिए गए बयान पर सियासी विवाद गहराता जा रहा है। बयान को देशविरोधी बताते हुए बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल आज थाने पहुंचकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेगा। वहीं, बीजेपी विधायक नवीन जायसवाल ने भी मंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इरफान अंसारी का बयान देश की सुरक्षा और अखंडता से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मंत्री 40 लाख युवाओं के तैयार होने की बात कह रहे हैं, तो क्या ये युवा हथियारों के साथ तैयार हैं? नवीन जायसवाल ने इस बयान को हल्के में नहीं लेने की बात कहते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर भी निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि इरफान अंसारी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए और उन्हें मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिलाया जाए।
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नवादा के धनतेरस पर सोना-चांदी की दुकानों में भीड़, जमकर बिक्री

Nawada, Bihar:धनतेरस पर नवादा के सर्राफा बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़, सोना-चांदी की दुकानों पर दिखी जबरदस्त रौनक आभूषणों के भाव में गिरावट से बढ़ा खरीदारी का उत्साह, मंगलसूत्र से लेकर चांदी के सिक्कों तक की हो रही जमकर बिक्री *परंपरा निभाने बाजार पहुंचे लोग, मां लक्ष्मी की तस्वीर और कीमती आभूषणों की खरीदारी को लेकर सुबह से लगी रही भीड़* नवादा: धनतेरस के अवसर पर नवादा जिले के सर्राफा बाजार में रौनक देखने को मिल रही है। सोना-चांदी की दुकानों पर सुबह से ही खरीदारों की भारी भीड़ जुट रही है। त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। इस बार आभूषणों के भाव में आई गिरावट भी खरीदारी बढ़ने की एक प्रमुख वजह बन रही है। लोग अपने बजट और पसंद के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण खरीदने बाजार पहुंच रहे हैं। धनतेरस पर सोना, चांदी और अन्य धातुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इसी मान्यता और परंपरा को निभाने के लिए लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में कोई मंगलसूत्र खरीदता नजर आ रहा है तो कोई गले का हार पसंद कर रहा है। वहीं, कई लोग मां लक्ष्मी की तस्वीर, चांदी के सिक्के और अन्य कीमती आभूषणों की खरीदारी कर रहे हैं। दुकानों में महिलाओं और पुरुषों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि धनतेरस का दिन उनके लिए बेहद खास होता है। इस दिन धातुओं की खरीदारी करना शुभ माना जाता है और वर्षों से चली आ रही परंपरा को वे निभाते आ रहे हैं। इसी वजह से परिवार के साथ बाजार पहुंचकर अपनी क्षमता के अनुसार सोना-चांदी खरीद रहे हैं। सुबह से लेकर लगातार ग्राहकों के पहुंचने से नवादा के सर्राफा बाजार में त्योहार की रौनक बढ़ गई है।
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धनबाद रिंग रोड घोटाले में 85 वर्षीय नरसिंह दास गिरफ्तार, 6.32 करोड़ का फर्जी मुआवजा

Dhanbad, Jharkhand:धनबाद में बहुचर्चित रिंग रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान फर्जी दस्तावेज के आधार पर 6 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक का सरकारी मुआवजा लेने के मामले में निगरानी विभाग ने 85 वर्षीय नरसिंह दास को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 5 नवंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया। वह बिहार के अरवल जिले के परशुरामपुर गांव का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। निगरानी थाना में इस मामले को लेकर 21 अप्रैल 2016 को कांड संख्या 32/16 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में नरसिंह दास समेत अन्य पर जालसाजी धोखाधड़ी सरकारी राशि के गबन और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज है। इसके अलावा एससी-एसटी एक्ट और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं। निगरानी विभाग के अनुसार, धनबाद मौजा संख्या 51 के खाता संख्या 121 और प्लॉट संख्या 1630 की जमीन को नरसिंह दास ने अपना बताते हुए मुआवजे का दावा किया था। इसके लिए दलील संख्या 25560, दिनांक 21 अक्टूबर 1970 का सहारा लिया गया। आरोप है कि इसी दस्तावेज के आधार पर उसने 6 करोड़ 32 लाख 13 हजार 585 रुपये 99 पैसे का मुआवजा अवैध रूप से प्राप्त किया। मामले शिकायत कर्ता भाजपा नेता रमेश राही ने एसीबी का धन्यवाद करते हुए कहा की काफी बड़ा मामला है इससे जुड़े लोगों की पहले भी गिरफ्तारी हुई है । एसीबी को और भी तेजी से प्रयास करने की आवश्यकता है ताकी बाकी बचे आरोपियों को भी जेल भेजा जाए
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NH-44 पर निर्माणाधीन पुल से पत्थर गिरने से 3 घायल, सुरक्षा पर सवाल

Ambala, Haryana:अंबाला शहर के मनमोहन नगर के पास NH-44 पर निर्माणाधीन पुल से पत्थर गिरने के कारण बड़ा हादसा हो गया। पुल पर चल रहे काम के दौरान अचानक नीचे गिरे पत्थरों की चपेट में आने से वहां से गुजर रहे दो युवक व 1 बच्चा घायल हो गए। हादसे में एक युवक के मुंह पर पत्थर लगने से वह मौके पर ही बेहोश हो गया। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद करते हुए घायलों को अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार NH-44 पर मनमोहन नगर के पास पुल पर लेबर द्वारा निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान पुल से अचानक पत्थर नीचे गिरने लगे। उस समय वहां से दो युवक 1 बच्चे के साथ गुजर रहे थे, जो इन पत्थरों की चपेट में आ गए। पत्थर लगने से दोनों युवक व 1 बच्चा घायल हो गए, जबकि एक युवक चोट लगने के बाद मौके पर ही बेहोश हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मानवता दिखाते हुए तुरंत घायलों की मदद की और उन्हें उपचार के लिए अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। इस घटना ने निर्माणाधीन पुल पर चल रहे काम के दौरान सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर काम के दौरान नीचे से गुजर रहे लोगों की सुरक्षा के लिए क्या प्रबंध किए गए थे, यह जांच का विषय है।
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रामदेवरा दीपावली: 500 किलो फूलों से बाबा रामदेव समाधि स्थल की सजावट

Jaisalmer, Rajasthan:दीपोत्सव पर्व पर बाबा का समाधि स्थल पर हुआ फूलों का विशेष श्रृंगार पुष्कर से आए कारीगरो के दौरा किया गया फूलों का श्रृंगार एक दर्जन प्रजाति के 500 किलो से अधिक फूलों से हुआ बाबा समाधि स्थल का श्रृंगार दीपावली पर्व पर प्रतिवर्ष पुष्कर के कारीगरो के द्वारा किया जाता है बाबा के समाधि स्थल पर फूलों से श्रृंगार दुल्हन की तरह विशेष रूप से सजा बाबा रामदेव का दरबार रामदेवरा, जैसलमेर दीपावली पर्व पर बाबा रामदेव समाधि स्थल पर देश भर से आने वाले भक्तों के लिए विशेष रूप से 500 किलो से अधिक फूलों से श्रृंगार किया गया है। पुष्कर के जाने-माने फूल के कारीगर जीवन राम पुष्कर व उनकी टीम के द्वारा प्रतिवर्ष बाबा रामदेव समाधि स्थल परिसर को दीपावली पर्व पर विशेष रूप से श्रंगार किया जाता है। इस अवसर पर समाधि स्थल को विविध प्रकार के फूलों से श्रृंगार किया गया। फूलों की भीनी भीनी खुशबू से संपूर्ण परिसर गुलजार दिखाई दे रहा है। देश के अलग-अलग स्थान से जो भक्त भी यहां पर दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं यहां की साज सजावट व श्रृंगार देखकर काफी आनंदित हो रहे हैं। सजावट के साथ किए गए श्रृंगार के साथ अपनी फोटो भी यादगार स्वरूप ले रहे हैं धनतेरस से दीपावली तक बाबा रामदेव समाधि स्थल पर देश के अलग-अलग स्थान से दर्शन करने के लिए प्रतिदिन हजारों लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में यहां पर की गई सजावट लोगों को काफी पसंद आ रही है फूलों का विशेष श्रृंगार देखकर भक्त भी आनंद मय दिखाई दे रहे हैं। दीपावली पर्व पर लोग एक दूसरे के मंगल कामना की शुभकामनाएं देकर खुशहाल जीवन की भी कामना कर रहे हैं वहीं समाधि स्थल के आसपास दुकान होटल व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान पर भी विशेष रूप से साज सजावट की गई है। ऐसे में धार्मिक नगरी रामदेवरा दीपावली से पहले ही दुल्हन की तरह सजा हुआ नजर आ रहा है। दीपावली पर्व से लेकर एक पख़वाड़े तक गुजराती पर्यटकों की भारी बूम बूम दिखाई देने की संभावना है इसको लेकर सभी आवश्यक तैयारियां अभी से पूर्ण कर ली गई है। बाइट- जीवन राम माली पुष्कर
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मंदसौर के खिलचीपुरा कुबेर मंदिर में धनतेरस पर भक्तों की भारी भीड़ और खास पूजा

Mandsaur, Madhya Pradesh:मनीष पुरोहित/मंदसौर: धन के देवता कुबेर की पूजा का खास महत्व होता है. मंदसौर के खिलचीपुर में प्राचीन कुबेर मंदिर स्थित है , शिवलिंग के समीप पश्चिम मुखी कुबेर प्रतिमा केदारनाथ के बाद मंदसौर में ही है.मंदसौर के खिलचीपुरा में पश्चिम मुखी कुबेर प्रतिमा का मंदिर करीब डेढ़ हजार साल पुराना है. इस मंदिर के कभी पट बंद नहीं होते. (धनतेरस पर पूरी होगी हर मुराद, कभी बंद नहीं होते धन के देवता के मंदिर के पट} मंदसौर के खिलचीपुरा में पश्चिम मुखी कुबेर प्रतिमा का मंदिर करीब डेढ़ हजार साल पुराना है. इस मंदिर के कभी पट बंद नहीं होते. इस मंदिर में धनतेरस पर ख़ास पूजा होती है. जिसके लिए भक्तो की भारी भीड़ उमड़ रही है मंदिर की बनावट ऐसी है कि हर भक्त को मंदिर में सिर झुकाकर प्रवेश करना होता है. मंदिर में प्रवेश के प्राचीन दरवाजे की ऊंचाई तीन फीट के लगभग है. ऐसे में एक बार में एक ही भक्त प्रवेश कर पाता है.हालांकि आज गर्भगृह में प्रवेश बंद किया हुआ है । धनतेरस के दिन यहां दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है मंदिर के गर्भगृह में स्थित गुप्तकालीन प्रतिमा के दर्शन के लिए श्रद्धालु एक दिन पहले से ही कतार में लगे हुए है तो कई भक्त सुबह से लाइन में खड़े होकर अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे है केवल मंदसौर नहीं बल्कि आसपास के जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों से भी लोग यहां धन के देवता की विशेष पूजा-अर्चना करते करने आते हैं. धनतेरस पर यहाँ धन के देवता कुबेर की आज पूजा की जा रही है मध्यप्रदेश के मंदसौर के खिलचीपुरा के समीप स्थित धन के देवता कुबेर का यह गुप्तकालीन मंदिर है यह विश्व का एकमात्र अनोखा मंदिर है जिसमे कुबेर के साथ साथ शिब प्रतिमा भी विराजित है कहा जाता है कि यह चमत्कारी मंदिर यहाँ बनाया नहीं गया बल्कि उड़ कर आया है क्योकि इसकी नीव नहीं है अब मंदिर कुबेर का है तो जाहिर है की खजाना भी बिखरा होगा जिसे खोजने के लिए लोग यहाँ रात में खुदाई करते है लेकिन इस प्रयास में कई लोग पागल भी हुऐ है तो कई और विपदाओं से घिरे है : माना जाता है की यहाँ से मिटटी ले जाकर तिजोरी में रखने पर वह धन में परिवर्तित हो जाता है और कुबेर की कृपा बनी रहती है शिव और कुबेर की प्रतिमाओ वाले इस चमत्कारी मंदिर में धनतेरस पर होने वाली विशेष पूजा और हवंन के लिए हजारो श्रद्धालु सुबह तड़के से ही यहाँ जुटते है माना जाता है की यहाँ धनतेरस पर कुबेर प्रतिमा के दर्शन करने से की श्रद्धालुओं की समस्त मनोकमनाए पूर्ण होती है और कुबेर प्रसन्न होकर धन धान्य से उन्हें परिपूर्ण करते है
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सनातन के पक्ष में संतों का खुला मोर्चा, अखिलेश के बयान पर दबाव बढ़ा

Mathura, Uttar Pradesh:मथुरा: वृंदावन के साधु-संतों और धर्माचार्यों ने कथा व्यास धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के समर्थन में खुलकर हुंकार भरी है और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की हालिया बयानबाजी का कड़ा विरोध किया है। संतों ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि सनातन और कथा-भागवत के खिलाफ अब किसी भी तरह की बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संतों ने स्पष्ट किया कि राजनीतिक मानसिकता को धर्म से पूरी तरह दूर रखा जाना चाहिए। जो लोग पहले राम जन्मभूमि और कृष्ण जन्मभूमि के मुद्दों पर चुप्पी साधे रहे थे, वे आज अचानक धर्म और सनातन की बात कर रहे हैं, जो कि उचित नहीं है। संतों ने चेतावनी दी कि सनातन और धार्मिक आयोजनों का विरोध करने वालों को आगामी चुनावों में इसका भारी राजनीतिक खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या अन्य धर्माचार्यों को कथा करने से रोकने की चुनौतियों पर तीखा रोष व्यक्त करते हुए संतों ने कहा कि भारत राम-कृष्ण और ऋषियों का देश है और यहाँ किसी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह किसी को कथा, भागवत या सत्संग करने से रोक सके। काशी विद्वत परिषद और अखाड़ा परिषद समेत तमाम संत-धर्माचार्य एकजुट हो चुके हैं और अब पूरे देश में यह आवाज उठाई जाएगी कि सनातन के खिलाफ किसी भी प्रकार की अवहेलना सहन नहीं की जाएगी तथा इस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। अंत में संतों ने घोषणा की कि जो भी व्यक्ति कृष्ण जन्मभूमि, सनातन धर्म और ऋषि-संत मुनियों के हितों की बात करेगा, केवल वही उनका अपना माना जाएगा。
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श्रावस्ती में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश; 3 गिरफ्तार

Shravasti, Uttar Pradesh:श्रावस्ती में नकली नोट छापने वाले गिरोह का पुलिस एवं एसटीएफ ने बड़ा खुलासा किया है। सोनवा पुलिस और एसटीएफ लखनऊ की संयुक्त टीम ने गिरिराज राइस मिल में छापेमारी कर नकली नोट छापते हुए तीन अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मौके से एक लाख 74 हजार रुपये के जाली नोट, कलर प्रिंटर और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली तमाम सामग्री बरामद हुई है। पूछताछ में सामने आया है कि दीपावली के त्योहार पर बाजार में नकली नोट खपाने की तैयारी थी। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान बहराइच निवासी गिरिजा शंकर जायसवाल, श्रावस्ती निवासी नरेन्द्र कुमार चौरसिया और वृजेन्द्र गोस्वामी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, मौके से 100, 200 और 500 रुपये के कुल 804 जाली नोट बरामद हुए हैं, जिनकी कुल कीमत एक लाख 74 हजार रुपये है। इसके अलावा कैनन कलर प्रिंटर, चार इंक रिफिल, पेपर, कटर ब्लेड, कैंची, स्केल और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी यूट्यूब वीडियो और मुंबई में मिली जानकारी के आधार पर नकली नोट छापने का तरीका सीखकर इस अवैध कारोबार में जुटे थे। वृजेन्द्र नोटों की छपाई करता था, जबकि उसके दोनों साथी नोटों की कटाई, गड्डियां बनाने और पैकिंग का काम करते थे। आरोपियों ने दीपावली के त्योहार पर बाजार में नकली नोट खपाने की योजना बनाई थी। दुकानदारों से खरीदारी और जुआ खेलने वालों के बीच नकली नोट चलाने की तैयारी थी। इतना ही नहीं, एक लाख रुपये के असली नोट के बदले तीन लाख रुपये के नकली नोट देने के लिए ग्राहक भी तलाशे जा रहे थे। इस अवैध कारोबार से होने वाले मुनाफे को तीनों आपस में बराबर बांटने वाले थे。
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गोरखनाथ मठ को धमकी: बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर संदिग्ध

Gorakhpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ को जलाने की धमकी मिलने से हलचल मच गया है। धमकी देने वाले ने UP-112 पर फोन कर मठ में आग लगाने की बात कही। फोन करने वाले ने अपनी पहचान आगरा के बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर के रूप में बताई। इतना ही नहीं, उसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य भी बताया है। धमकी भरी कॉल सामने आने के बाद गोरखपुर से लेकर आगरा तक पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई। पुलिस कॉल की रिकॉर्डिंग, मोबाइल नंबर और कॉलर की पहचान से जुड़ी जानकारियों की जांच कर रही है। सवाल यह है कि आखिर गोरखनाथ मठ को निशाना बनाने की धमकी देने वाला जितेंद्र राठौर कौन है और उसने इस तरह की धमकी क्यों दी? दरअसल, UP-112 के कंट्रोल रूम में एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को आगरा का बर्खास्त फायरमैन जितेंद्र राठौर बताया। उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मठ को आग लगाने की धमकी दी। कॉल के दौरान जितेंद्र ने कहा कि अगर निर्धारित समय के भीतर उसे अपनी जांच आख्या नहीं मिली तो वह गोरखपुर पहुंचकर मठ में आग लगा देगा। उसने यह भी कहा कि इसके परिणाम चाहे जो हों, उसे इसकी परवाह नहीं है। कॉल पर मौजूद महिला पुलिसकर्मी ने उसे समझाने और कोई गलत कदम नहीं उठाने की सलाह दी। लेकिन कॉल करने वाला लगातार अपनी मांग और धमकी दोहराता रहा। धमकी भरी कॉल के दौरान जितेंद्र राठौर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सक्रिय सदस्य होने का दावा भी किया। हालांकि, उसके इस दावे की अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उसने अपनी परेशानी का जिक्र करते हुए रिफाइनरी के प्रवीण तिवारी पर उसे गलत कदम उठाने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। उसने पुलिसकर्मी से अपनी पूरी बात रिकॉर्ड करने की भी अपील की। कॉल के दौरान उसने कई नारे लगाए और बार-बार जांच आख्या नहीं मिलने पर गोरखनाथ मठ को निशाना बनाने की धमकी दोहराई। आगरा से गोरखपुर तक पुलिस अलर्ट: मामले की गंभीरता को देखते हुए UP-112 कंट्रोल रूम से संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद आगरा और गोरखपुर पुलिस को अलर्ट किया गया। पुलिस अब कॉल की रिकॉर्डिंग, मोबाइल नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। साथ ही धमकी देने वाले की वास्तविक मंशा और लॉरेंस गैंग से उसके कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है。 कौन है जितेंद्र राठौर? अब जानिए आखिर गोरखनाथ मठ को धमकी देने वाला जितेंद्र राठौर कौन है? जितेंद्र राठौर मूल रूप से शिकोहाबाद का रहने वाला बताया जाता है। वह फायर सर्विस विभाग में फायरमैन के पद पर तैनात था। लेकिन अनुशासनहीनता, अधिकारियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर विवादित टिप्पणियां और बिना अनुमति सरकारी वर्दी में अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन करने जैसे आरोपों के बाद विभाग ने उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया था। विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का निर्धारित समय में जवाब नहीं देना भी उसकी बर्खास्तगी के आधारों में शामिल बताया गया है। छात्रा से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का मुकदमा: जितेंद्र राठौर का विवादों से पुराना नाता भी रहा है। वर्ष 2024 में आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की एक छात्रा की शिकायत पर उसके खिलाफ न्यू आगरा थाने में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया था। hहालांकि, जितेंद्र इन आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताता रहा है। उसका दावा है कि उसने शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी, जिसके चलते उसे झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। उसका पूर्व विरोध प्रदर्शन: जितेंद्र राठौर इससे पहले भी अपने अनोखे विरोध प्रदर्शन को लेकर चर्चा में आया था। आगरा की दीवानी कचहरी में वह फायर सर्विस की वर्दी पहनकर और चेहरे पर काली पॉलीथिन लगाकर कॉकरोच की तरह रेंगते हुए पहुंचा था। उसके हाथों में अखबारों की कटिंग भी थी। इस दौरान उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। उसका कहना था कि शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुका रहा है। दो साल से न्याय के लिए भटकने का दावा: जितेंद्र राठौर ने अपने पुराने बयानों में दावा किया था कि उसने 12 फरवरी 2024 को नकल माफिया के खिलाफ हरीपर्वत थाने में FIR दर्ज कराई थी। इसके बाद 9 जुलाई 2024 को उसी व्यक्ति ने अपनी बेटी को सामने रखकर उस पर यौन उत्पीड़न का झूठा आरोप लगवा दिया। जितेंद्र का यह भी दावा था कि कथित घटना के दिन वह महाराजगंज में ड्यूटी पर तैनात था। उसने कहा था कि वह पिछले दो साल से न्याय के लिए भटक रहा है और शिक्षा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने की कीमत चुका रहा है। halांकि, ये सभी उसके अपने दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित मुकदमों की वर्तमान कानूनी स्थिति की जानकारी सामने आना बाकी है। फिलहाल गोरखनाथ मठ को धमकी देने के इस मामले ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ बर्खास्त फायरमैन की विवादित पृष्ठभूमि सामने आ रही है, तो दूसरी तरफ लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ने का उसका दावा भी जांच के दायरे में है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ अपनी जांच आख्या पाने के लिए दबाव बनाने की कोशिश थी या इसके पीछे कोई दूसरी मंशा है? पुलिस जांच के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी。
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