icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
241001
Amir KhanAmir KhanFollow19 Jan 2025, 05:05 pm

हरदोईः ऑपरेशन कवच के तहत पुलिस ने 57 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों को दी चेतावनी

Hardoi, Uttar Pradesh:

पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन के निर्देशन में जनपद में ऑपरेशन कवच अभियान के तहत अपराधियों पर शिकंजा कसने की कार्रवाई जारी है। इसी क्रम में विगत सप्ताह कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के कुल 97 हिस्ट्रीशीटर अपराधियों में से 57 अपराधियों को थाने पर बुलाकर सख्त चेतावनी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने इन अपराधियों को भविष्य में अपराध न करने की सख्त हिदायत दी और स्पष्ट कर दिया कि यदि वे अपराध की दुनिया से बाहर नहीं आए तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऑपरेशन कवच अभियान के तहत जिले के सभी थानों में हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की निगरानी की जा रही है और उन्हें मुख्य धारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

फोगड़ी में प्रधानाचार्य के तबादले के विरोध में ग्रामीणों का भारी आक्रोश

Didwana, Rajasthan:डीडवाना-कुचामन जिले के फोगड़ी गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य जयसिंह के तबादले को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाचार्य का स्थानांतरण पूरी तरह से राजनीतिक द्वेषता के तहत किया गया है, जबकि उन्होंने स्कूल के विकास और बच्चों की शिक्षा के लिए बेहतरीन कार्य किया है। तबादले से नाराज ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 2 दिन में प्रधानाचार्य को पुनः बहाल नहीं किया गया, तो ग्रामीण स्कूल का ताला बंद करेंगे और अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेजेंगे। आपको बता दें कि इस मामले को लेकर कल स्कूली छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था।
0
0
Report

बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड के खिलाफ पुलिस का एक्शन: 5 डम्पर जब्त

Dungarpur, Rajasthan:बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड के खिलाफ पुलिस का एक्शन, 5 डम्पर जब्त ड्यूंगरपुर जिले की कोतवाली थाना पुलिस ने बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड के खिलाफ एक्शन लिया है | बीती रात पुलिस ने शहर के सिंटेक्स चौराहे पर बजरी के अवैध परिवहन व ओवर लोड मामले में बजरी से भरे 5 डम्पर जब्त किए है | इधर खनिज विभाग की ओर से मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी | ड्यूंगरपुर जिले के कोतवाली थाने के सीआई हिमांशु राजावात ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार अवैध खनन, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है | इस अभियान के तहत कोतवाली पुलिस टीम ने बीती रात शहर के सिंटेक्स चौराहे पर कार्रवाई करते हुए 5 डंपरों को जब्त किया किया है | जिनमें अवैध रूप से और क्षमता से अधिक बजरी भरी हुई थी | सीआई हिमांशु राजावत ने बताया कि सभी 5 जब्त डंपरों को आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई के लिए खनन विभाग के सुपुर्द कर दिया है | मामले में अग्रिम कार्रवाई खनिज विभाग की ओर से की जाएगी
0
0
Report
Advertisement

राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम पहल से ठगी में तेजी, 1930 पर शिकायत करें

Jaipur, Rajasthan:Jaipur राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम पर बड़ी पहल का पहले ही दिन दिखा असर! पहले 18 घंटे में 7 E-Zero FIR दर्ज 1 लाख से 5 लाख रूपये तक की साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई शुरू。 अब तक 460 E-Zero FIR दर्ज साइबर फ्रॉड पीड़ितों को तत्काल राहत देने की दिशा में राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल。 राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में कल ही हुई थी नई व्यवस्था 1 लाख या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में E-Zero FIR से त्वरित कार्रवाई ADG साइबर क्राइम वीके सिंह ने दी जानकारी — नई व्यवस्था के लागू होने के साथ ही साइबर अपराध के खिलाफ राजस्थान पुलिस की कार्रवाई को मिली रफ्तार。 1930 पर शिकायत से शुरू होगी कार्रवाई — I4C के NCRP और CCTNS के एकीकरण से साइबर ठगी की शिकायतों को पुलिस थाने तक तेजी से पहुंचाया जाएगा。 थाना क्षेत्र की बाध्यता होगी कम — साइबर फ्रॉड की शिकायत पर संबंधित पुलिस थाने को भेजी जाएगी, जिससे कार्रवाई में तेजी आएगी。 पीड़ितों के लिए बड़ी राहत — साइबर ठगी के मामलों में रकम को फ्रीज कराने और वापस दिलाने की कार्रवाई अब और प्रभावी तरीके से हो सकेगी。 राजस्थान पुलिस की अपील, साइबर ठगी होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें और समय रहते शिकायत दर्ज कराएं—जितनी जल्दी शिकायत, उतनी जल्दी रकम बचने की संभावना。
0
0
Report

हाई कोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति में विवाह स्थिति को आधार नहीं माना जाएगा

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।अनुकंपा नियुक्ति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी बेटी को सिर्फ इसलिए अनुकंपा नियुक्ति के लिए विचार से बाहर नहीं किया जा सकता क्योंकि वह शादीशुदा है। कोर्ट ने कहा कि यह मान लेना कि शादी के बाद बेटी अपने पति पर ही निर्भर होगी ये सही नहीं है। निर्भरता का फैसला हर मामले में तथ्यों और सबूतों के आधार पर किया जाना चाहिए। दरअसल मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत एक कर्मचारी की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है। कर्मचारी की मौत के बाद उनकी शादीशुदा बेटी ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। लेकिन बैंक ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया कि शादीशुदा होने के कारण उसे अपने पति पर निर्भर माना जाएगा। जिसके बाद महिला ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि बैंक की अनुकंपा नियुक्ति नीति में शादीशुदा बेटियों को स्पष्ट रूप से बाहर नहीं किया गया है। साथ ही महिला ने दावा किया कि अपने आर्थिक हालात के कारण वह अपने दिवंगत पिता पर निर्भर थी। मामला की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बैंक की नीति का परीक्षण किया कोर्ट ने पाया कि आश्रित परिवार के सदस्य की परिभाषा में आश्रित बेटी को शामिल किया गया है। इसमें शादीशुदा और अविवाहित बेटी के बीच कोई अंतर नहीं किया गया है। कोर्ट ने कहा कि बैंक ने महिला की वास्तविक आर्थिक निर्भरता की जांच करने के बजाय केवल उसकी वैवाहिक स्थिति के आधार पर फैसला लिया। हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के कुलसुम निशा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले के फैसले का भी हवाला दिया कोर्ट ने कहा कि सिर्फ वैवाहिक स्थिति के आधार पर शादीशुदा बेटी को बाहर करना मनमाना है। और संविधान के अनुच्छेद 14 और 15(1) में निहित समानता के सिद्धांतों के खिलाफ हो सकता है। हाईकोर्ट ने बैंक द्वारा अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज करने वाले आदेश को रद्द कर दिया है। साथ ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र को निर्देश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखते हुए महिला के आवेदन पर नए सिरे से विचार किया जाए कोर्ट ने इस प्रक्रिया को 30 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने साफ कर लिखा है कि शादी अपने आप में किसी बेटी की आर्थिक निर्भरता तय करने का आधार नहीं हो सकती अनुकंपा नियुक्ति के मामले में वास्तविक निर्भरता तथ्यों और सबूतों के आधार पर तय करनी होगी।
0
0
Report
Advertisement

आंवला के रामनगर किले के प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर में चोरी का प्रयास, दो आरोपी पकड़े, तीन फरार

Lalit KumarLalit KumarFollow5m ago
Bareilly, Uttar Pradesh:बरेली के आंवला क्षेत्र के रामनगर किले स्थित प्राचीन ठाकुरद्वारा मंदिर में गुरुवार शाम चोरी का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 6:30 बजे पांच युवक मंदिर परिसर में घुस आए और चोरी का प्रयास करने लगे। मंदिर के महंत बाबा घनश्याम दास ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर दी, जिससे उनकी नाक पर चोट लग गई। शोर-शराबा होने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों ने दो आरोपियों को पकड़ लिया, जबकि तीन अन्य मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
0
0
Report

कुरुक्षेत्र के चौकीदारों का शांत नहीं, चंडीगढ़ तक आंदोलन, समान वेतन की मांग

Kurukshetra, Haryana:चौकीदार यूनियन हरियाणा के कुरुक्षेत्र के चौकीदार विभिन्न मांगों को लेकर पैदल रोष मार्च करते हुए पीपली से निकले चंडीगढ़ के लिए, बीच रास्ते में पुलिस ने चौकीदारों को रोका, गाड़ियों में बैठाकर लेकर गए। कुरुक्षेत्र:- चौकीदारी यूनियन हरियाणा के कुरुक्षेत्र के चौकीदार अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पैदल रोष मार्च करते हुए चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए थे। लेकिन बीच रास्ते में पीपली से थोड़ा आगे रोका गया और अपनी पुलिस की गाड़ियों में बिठाकर उनको लेकर चले गए। चौकीदार यूनियन के प्रधान बुधराम ने जानकारी देते हुए बताया कि अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पहले भी कई बार वह रोष प्रदर्शन कर चुके हैं और दो बार पैदल रोष मार्च करने के लिए निकले थे। लेकिन उनको रास्ते में रोक कर आश्वासन दिया गया था कि उनकी जल्द मांगे पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समान काम समान वेतन की एक ही मांग है। लेकिन यह भी अब तक पूरी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आज वह नहीं रुकेंगे और अपनी मांगों को लेकर चंडीगढ़ की तरफ बढ़ते रहेंगे। अगर पुलिस उनको रोकती हैं तो वह गिरफ्तारी दे देंगे लेकिन रुकेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि जो जो जिला आता रहेगा वहां के चौकीदार उनके साथ जुड़ते रहेंगे।
0
0
Report
Advertisement

मण्डला के बिछिया में तेंदुआ घुसा; गांव में दहशत, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

Mandla, Madhya Pradesh:एंकर मण्डला के बिछिया थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक तेंदुआ ग्रामीण के घर में घुस गया। तेंदुए के घर में घुसने की खबर फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। मामला बिछिया थाना क्षेत्र के उपरटोला, खटोला गांव का है, जहां परसराम भांडे के घर में तेंदुआ घुस गया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को सुरक्षित बाहर निकाला गया। तेंदुए को कान्हा टाइगर रिजर्व के पशु चिकित्सक व रेस्क्यू दल द्वारा निश्चेत कर तेंदुए की जांच पड़ताल की जा रही है। तेंदुए को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा। बता दें कि खटोला गांव कान्हा टाइगर रिजर्व क्षेत्र से लगा हुआ है, जिसके चलते यहां अक्सर जंगली जानवरों की आवाजाही देखने को मिलती है। फिलहाल वन विभाग की टीम ने तेंदुए का रेस्क्यू कर लिया है
0
0
Report

कटनी से हैदराबाद तक अवैध भेड़-बकरी तस्करी; पुलिस ने जांच शुरू की

Katni, Madhya Pradesh:कटनी हाईवे से गुजर रहे बकरा-भेड़ से भरे ट्रक, हैदराबाद मंडी तक पहुंच रहे जानवर, अवैध परिवहन कर हो रहे लाखों के कारोबार, प्रशासन की निगरानी पर उठे रहे सवाल कटनी से होकर गुजर रहे बड़े बड़े कंटेनर ट्रक में अवैध तरीके से भर कर ले जा रहे भेड़ बकरी का वीडियो वायरल हो रहा है रीवा और नागोद क्षेत्र से बड़े पैमाने में भेड़ बकरी सहित कई जानवरों को अवैध तस्करी हो रही है बुधवार और रविवार को बड़ी संख्या में ऐसे ट्रक इस मार्ग से गुजरते हैं और हैदराबाद की मंडियों तक पहुंचते हैं। सोशल मीडिया में कटनी का एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि एक ट्रक कंटेनर में कैसे भेड़ बकरियो को ले जाया जा रहा है इस पूरे मामले में कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा ने जांच कर कार्यवाहीं करने की बात कही है
0
0
Report
Advertisement

भभुआ में NEET धांधली पर छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, पारदर्शी परीक्षा की माँग तेज

Khajuria Khurd, Bihar:पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में छात्रों ने ज्ञापन सौंपा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली की उठाई मांग。 भभुआ की सड़कों पर NEET परीक्षा धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों का जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों का भी पूरा समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर नगर में विरोध मार्च निकाला। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मुस्तैद रहे。 भभुआ एसडीएम अमित कुमार ने बताया, "छात्र संगठनों द्वारा जुलूस निकालने की विधिवत अनुमति मांगी गई थी। पटेल चौक से एकता चौक तक शांतिपूर्ण जुलूस निकाला गया। छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा है, जिसे प्राप्त कर लिया गया है। प्रशासन का संदेश है कि कोई भी संगठन या छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा सकता है।" वहीं, भभुआ डीएसपी ओमप्रकाश कुमार ने कहा, "छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उनका मुख्य विषय राज्य और केंद्रीय स्तर की परीक्षाओं को समय पर तथा सुचारू रूप से कराना है। उन्होंने एसडीएम महोदय को ज्ञापन सौंपा है, जिसे उचित माध्यम से राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए हर प्रमुख बिंदु पर पुलिस बल तथा मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी।" प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परीक्षा प्रणालियों में सुधार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे अपने आंदोलन को और आगे बढ़ाएंगे。
0
0
Report

झारखंड में वित्त मंत्री के काफिले की सुरक्षा गाड़ियों की संख्या बढ़ी: सरकार का कदम

Ranchi, Jharkhand:झारखंड के वित्त मंत्री ने अपने सुरक्षा की स्कॉट गाड़ियों को और सुरक्षा कर्मियों को वापस कर दिया था, इसकी वजह अपर्याप्त वाहन की संख्या बताया गया था और इसको लेकर वित्त मंत्री की नाराजगी भी देखने को मिली थी अब वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के काफिले की गाड़ियां बढ़ाई दी गई है। काफिले में तीन स्कॉट की गाड़ियां चलेगी। डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश के बाद गाड़ी बढ़ाने का गाड़ी बढ़ाने का आदेश निर्गत किया । इसको लेकर वित्त मंत्री ने कहा , जो विषय मैंने उठाया था अब वो समाप्त हो चुका है।इस पर टिप्पणी उचित नहीं है। सिर्फ झारखंड की जनता ही नहीं देश की जनता चाहती है संविधान के तहत मिले अधिकार उन्हें समय पर प्राप्त हो और सुगमता से प्राप्त हो। मैंने उसी को उठाया है कोई जन प्रतिनिधि अधिकारी को पत्र लिखते हैं तो उसका उत्तर देना चाहिए, ये संसदीय संस्कृति है। बाइट ...राधा कृष्ण किशोर, वित्त मंत्री वहीं इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता दीनदयाल वर्णवाल ने कहा, ये पूरा कांग्रेस की नौटंकी था जो दो महीने तक चला दो व्यक्तियों की लड़ाई सड़क पर आई। कांग्रेस और मंत्री को सोचना चाहिए, एक गाड़ी के लिए आप लगातार इस तरह का राज्य में वातावरण बनाना दुर्भाग्यपूर्ण था। कांग्रेस का चरित्र रहा है, जहां भी जाएगी इसी तरह का वातावरण बना कर अपना काम निकालती है। ये वित्त मंत्री के लिए शोभनीय नहीं था। बाइट ...दीनदयाल वर्णवाल, प्रदेश प्रवक्ता, बीजेपी, झारखंड
0
0
Report

फर्रुखाबाद के निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान माता-नवजात मौत, जांच तेज

Farrukhabad, Uttar Pradesh:फर्रुखाबाद अरुण सिंह प्रसव बना मौत का सफर? हेडलाइन: प्राइवेट अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत... स्वास्थ्य व्यवस्था पर फिर उठे सवाल घर में खुशियां थी 9 महीने तक पेट में बच्चों को पालने की खुशी ना तो मां ने देखी और ना ही उसे नवजात में अपनी मां को चर्चा में रहती हैं डॉक्टर दिव्या राठौर पिस्टल के साथ सोशल मीडिया पर फोटो हुई थी वायरस ऑपरेशन की भी कई वीडियो सोशल मीडिया पर लाइव चलती हैं डॉक्टर दिव्या राठौर एक हफ्ते पहले ही जननी सुरक्षा में फर्रुखाबाद की रैंकिंग दो थी और इस तरीके की घटनाएं उसे रैंकिंग पर भी सवाल खड़े करती हैं फर्रुखाबाद में एक बार फिर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस अस्पताल में एक परिवार नई ज़िंदगी की उम्मीद लेकर पहुंचा था, वहीं से दो अर्थियां निकली। प्रसव के दौरान एक 22 वर्षीय महिला और उसके नवजात की मौत ने पूरे जिले को झकझोर दिया है। सवाल सिर्फ एक अस्पताल का नहीं, बल्कि उस सरकारी व्यवस्था का भी है, जिसकी जिम्मेदारी निजी अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है। मामला कादरी गेट थाना क्षेत्र के आवास विकास स्थित द मदर केयर हॉस्पिटल का है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के नवादा गांव निवासी 22 वर्षीय शिवानी उर्फ गोल्डी, पत्नी अभिषेक, को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार शाम करीब 5 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि बुधवार तड़के करीब 4 बजे प्रसव के दौरान पहले नवजात और फिर मां की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, शिवानी की शादी महज एक वर्ष पहले 15 अप्रैल 2025 को हुई थी। परिवार घर में नए मेहमान के स्वागत की तैयारी कर रहा था, लेकिन कुछ ही घंटों में खुशियां मातम में बदल गईं। अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। यह घटना केवल एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि जिले में संचालित निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न है। आखिर क्या अस्पताल में प्रसव के दौरान सभी आवश्यक विशेषज्ञ, आपातकालीन सुविधाएं और जीवनरक्षक व्यवस्थाएं मौजूद थीं? यदि स्थिति गंभीर थी तो समय रहते उच्च केंद्र के लिए रेफर क्यों नहीं किया गया? इन सवालों के जवाब अब जांच के दायरे में हैं। सबसे बड़ा सवाल स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पर भी है। जिन निजी अस्पतालों को इलाज की अनुमति दी जाती है, उनकी नियमित जांच, संसाधनों का सत्यापन और मानकों का पालन सुनिश्चित करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि कहीं लापरवाही हुई है, तो उसकी जवाबदेही केवल अस्पताल प्रबंधन ही नहीं, बल्कि निगरानी करने वाले तंत्र की भी तय होनी चाहिए। एक तरफ सरकार सुरक्षित मातृत्व और मातृ मृत्यु दर कम करने के बड़े-बड़े दावे करती है, तो दूसरी तरफ ऐसे मामले उन दावों की हकीकत सामने ला देते हैं। एक मां और नवजात की मौत आखिर किसकी जिम्मेदारी है—अस्पताल की, डॉक्टरों की या निगरानी करने वाले सिस्टम की? यह सवाल तब तक बना रहेगा, जब तक निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती फिलहाल पुलिस और स्वास्थ्य विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अस्पताल के रिकॉर्ड की पड़ताल की मांग उठ रही है। यदि इलाज में लापरवाही सिद्ध होती है, तो यह केवल एक परिवार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के लिए चेतावनी होगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top