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Hardoi241001

हरदोई में थानाध्यक्ष राम-लखन निलंबित, शिथिल कार्यवाही का आरोप

Sept 10, 2024 03:08:31
Hardoi, Uttar Pradesh

पुलिस अधीक्षक नीरज कुमार जादौन ने कासिमपुर थानाध्यक्ष राम-लखन को शिथिल कार्यवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। 17 अगस्त 2024 को ग्राम महमूदपुर धतिगढ़ा में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी, जिसमें थानाध्यक्ष ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। इसके चलते 1 सितंबर 2024 को पुनः मारपीट हुई। सीओ संडीला की रिपोर्ट के आधार पर थानाध्यक्ष को निलंबित किया गया है।

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Dec 30, 2025 05:05:13
Kolkata, West Bengal:

ABID Interiors 2026 hosts its 35th edition in Kolkata, showcasing interior design innovation, materials, and technology to over 80,000 visitors…Kolkata is all set to witness a landmark moment in India’s interior design journey as ABID announced the 35th edition of ABID Interiors 2026. The event is all set to take place from 9th to 12th January, 2026, at Biswa Bangla Mela Prangan in Kolkata…ABID Interiors was established by the interior design fraternity. Now the event stands as one of the oldest, most respected interior exhibitions in the country. For over three and a half decades, the exhibition has grown in scale and credibility. The two qualities that define ABID Interiors are professional depth and cultural relevance. The event is planned and organized by professionals and reflects a combination of intent and innovation along with market reality. The company claims its practitioner-led ethics has attracted manufacturers, designers, and architects year after year…The 35th edition of ABID Interiors is celebrating leadership. This marks a milestone in their journey. ABID Interiors 2026 is aimed as an organized meeting of ideas, craftsmanship and technology. It is offering participants and visitors an experience that goes beyond display…ABID’s landmark 35th edition exhibition serves as a powerful meeting ground for those who influence how spaces are imagined, designed, built, and ultimately lived in. Hosted by the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals, this is more than a showcase—it’s a participative platform where ideas take shape and collaborations begin. Professionals travel from across India and around the globe, creating a dynamic exchange of insights, innovation, and global perspectives. With over 80,000 visitors expected, the scale and impact are impossible to ignore. Attendees gain direct access to 10,000+ trade designers sharing creative inspiration, 15,000+ builders and contractors exploring practical, site-ready solutions, 5,000+ architects discovering new materials and technologies, and 50,000+ homeowners seeking informed, confident choices for quality living spaces.

ABID Interiors claims it offers something unique and valuable for manufacturers and brands, which is engagement, with an informed, committed and professional interior designing community. The exhibition helps in creating meaningful, long-term relationships and genuine feedback. These are crucial elements for evolving the interior designing economy…As ABID steps into its 35th year, the exhibition stays rooted in a core belief, that true design excellence flourishes when it is shaped, supported, and advanced by the fraternity itself…ABID Interiors 2026 is not merely another date on the industry calendar. It stands as a benchmark for evolving practices and a unified declaration of purpose from the interior design community…Over the years, the Association of Architects, Builders, Interior Designers & Allied Professionals exhibition has earned its reputation as a premier national platform, uniting design professionals, leading brands, and forward-thinking innovators from across India. The 35th edition is backed by a strong roster of industry leaders, with Kerovit by Kajaria Bathware and Birla Opus coming on board as Platinum Sponsors, reflecting their commitment to innovation and design excellence. Adding further strength to the event’s industry support are Omacme, Greenply, and Havells as Gold Sponsors, reinforcing ABID Interiors’ position as a cornerstone of the design ecosystem.

 

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Jan 07, 2026 13:36:08
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AKAlok Kumar
Jan 07, 2026 13:35:58
Sithmara, Uttar Pradesh:कानपुर देहात अकबरपुर थाना परिसर में मिशन शक्ति केंद्र का उद्घाटन एडीजी कानपुर जोन ने पहुंचकर किया उद्घाटन महिला सुरक्षा व सशक्तिकरण को लेकर बड़ा कदम मिशन शक्ति केंद्र में तैनात महिला पुलिस को की गई 17 स्कूटी वितरित स्कूटी मिलने से महिला पुलिस को आवागमन व क्षेत्र भ्रमण में होगी सुविधा गांव–गांव व मोहल्लों में अब आसान होगी महिला पुलिस की मौजूदगी पीड़ित महिलाओं तक त्वरित पहुंच मदद सुनिश्चित होगी महिला अपराधों पर प्रभावी रोकथाम का दावा छेड़छाड़, घरेलू हिंसा व साइबर अपराध पर फोकस महिला हेल्पडेस्क, काउंसलिंग व कानूनी सहायता होगी मजबूत थानों में महिलाओं के लिए संवेदनशील व सुरक्षित माहौल मिशन शक्ति अभियान को जिले में मिलेगी नई गति कार्यक्रम में DM SP समेत अन्य अधिकारी व महिला पुलिसकर्मी रहे मौजूद बाइट – आलोक सिंह ( एडीजी, कानपुर जोन
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Jan 07, 2026 13:35:46
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RZRajnish zee
Jan 07, 2026 13:31:31
Patna, Bihar:रजनीश पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर दी जानकारी कहा आप सबको मालूम है कि 20 नवंबर 2025 को राज्य में नई सरकार के गठन के कुछ ही दिनों बाद हमलोगों ने राज्य को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने हेतु सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया है। सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय सबका सम्मान-जीवन (Ease of Living) का मुख्य मकसद राज्य के सभी नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है। इसे लेकर हमलोग लगातार重要 निर्णय ले रहे हैं। कई बार ऐसा देखा गया है कि आम लोग जब अपनी समस्याओं को लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो अधिकारी उपस्थित नहीं रहते हैं, जिसके कारण उन्हें असुविधा होती है। इसे देखते हुए अब राज्य के आमजनों को सरकारी कार्यालयों से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े, इसे लेकर निम्न महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं- प्रत्येक सप्ताह के दो कार्यदिवस (सोमवार एवं शुक्रवार) को ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल एवं राज्य के सभी सरकारी कार्यालयों में आमलोग अपनी शिकायतों के निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारी से उनके निर्धारित कार्यस्थल/कार्यालय कक्ष में मिलेंगे। निर्धारित दोनों दिवसों पर सभी संबंधित पदाधिकारी अपने-अपने कार्यालय में उपस्थित होकर लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे और उनकी शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उसका त्वरित निराकरण करेंगे। सभी सरकारी कार्यालयों में आगंतुकों को सम्मानपूर्वक बैठाने एवं मिलने के साथ-साथ उनके लिए जरूरी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय आदि की व्यवस्था की जाएगी। आगंतुकों से प्राप्त शिकायतों की पंजी का संधारण किया जाएगा एवं शिकायतों के सतत अनुश्रवण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। यह व्यवस्था 19 जनवरी 2026 से प्रभावी करने का निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। इसके लागू होने से आमजनों को काफी सुविधा होगी और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल राज्य के आम नागरिकों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी और उनका दैनिक जीवन आसान होगा। इस व्यवस्था के संबंध में यदि आप कोई अन्य विशिष्ट सुझाव देना चाहते हैं तो अपने बहुमूल्य सुझाव 10 जनवरी 2026 तक निम्न में से किसी एक माध्यम से दे सकते हैं।
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MKMukesh Kumar
Jan 07, 2026 13:31:07
Jehanabad, Bihar:जहानाबाद पहुंचे बिहार सरकार के वन पर्यावरण एवं सहकारिता मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी ने सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आभूषण दुकानों में पर्दानशीं महिलाओं और हेलमेट पहनकर आने वाले लोगों की एंट्री पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह सुरक्षा के दृष्टिकोण से लिया गया है और इसका किसी भी धर्म या संप्रदाय से कोई संबंध नहीं है। मंत्री ने कहा कि बेवजह कुछ लोग इस मुद्दे पर हाय-तौबा मचा रहे हैं, जबकि इस फैसले से आम नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा और मजबूत होगी। दरअसल मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी मनरेगा योजना के नाम और स्वरूप में किए गए बदलावों को लेकर प्रेस वार्ता करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने जी रामजी मनरेगा योजना को मजदूरों और किसानों के हित में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदlकर जी रामजी योजना किए जाने से जहां एक ओर जरूरतमंद मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं वर्षों से इस योजना में मलाई काटने वाले बिचौलियों की दुकान का शटर बंद हो जाएगा। मंत्री ने कहा कि मनरेga को पहले लूट की योजना कहकर बदनाम किया जाता था, लेकिन केंद्र सरकार ने न सिर्फ इसका नाम बदला है, बल्कि इसके नियमों में भी कई अहम सुधार किए हैं। इन सुधारों का सीधा लाभ अब मजदूरों को मिलेगा। उन्होंने बताया कि पहले इस योजना के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी, जिसे अब जी रामजी मनरेगा योजना के तहत बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजदूरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाई गई है, जिससे फर्जी जॉब कार्ड और बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी। साथ ही भुगतान प्रणाली को भी अधिक मजबूत बनाया गया है ताकि मजदूरी की राशि सीधे लाभार्थी मजदूरों के बैंक खातों में पहुंचे।
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MSManish Singh
Jan 07, 2026 13:29:50
Mumbai, Maharashtra:विकसित भारत- जी राम जी योजना में 100 के जगह 125 दिन मजदूरी की कानूनी गारंटी, भ्रष्टाचार पर प्रहार – राम कृपाल यादव 2047 तक विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाना मोदी सरकार का संकल्‍प- राम कृपाल यादव कांग्रेस का “मनरेगा बचाओ संग्राम” वास्तव में “भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम” - राम कृपाल यादव अब दिल्ली और पटना नहीं बल्कि ग्रामीण तय करेंगें अपने गांव के विकास कार्य- राम कृपाल यादव 'विकसित भारत जी राम जी’- विकसित ग्राम, स्वावलंबी भारत की आधारशिला- राम कृपाल यादव लालू जी का पार्टी समाजवाद नहीं परिवारवाद की नीति पर चल रही है V/O-‘विकसित भारत जी राम जी योजना’ जनजागरण अभियान के तहत कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने आरा परिसदन में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 2047 तक विकसित भारत बनाना चाहते हैं। विकसित भारत के लिए विकसित गांव बनाना जरूरी है। इसी को ध्‍यान में रखते हुए मोदी सरकार ने मनरेगा के स्‍थान पर विकसित भारत गारंटी औेर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानि विकसित भारत जी राम जी विधेयक 2025 को संसद से पास करवाया है। राष्‍ट्रपति के अनुमोदन के बाद यह कानून का रूप ले चुका है। यह कानून विकसित ग्राम और स्वावलंबी भारत की आधारशिला है। श्री यादव ने कहा कि मनरेगा में 100 दिन की रोजगार की गारंटी थी जिसे नये कानून में बढाकर 125 दिन कर दिया गया है। नई योजना भ्रष्टाचार मुक्त, टेक्नोलॉजी आधारित और मजदूर केंद्रित सुधार है। काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता और भुगतान में देरी पर दंड का प्रावधान है। ग्राम पंचायतों को पूरा अधिकार है कि वे तय करें कौन सा काम गांव में हो। अब दिल्‍ली और पटना नहीं तय करेंगें कि किस गांव में कौन सा काम होगा। अब गांव अपने परिस्थितियों के हिसाब से खुद अपने विकास का प्लान बनाएगें। कृष़ि मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम वास्तव में भ्रष्टाचार बचाओ संग्राम है। अब जेसीबी से तालाब खोदना और फिर उसे भर कर 80 साल का फर्जी मजदूर की फर्जी उपस्‍थिति दिखा कर पैसा निकालने के धंधे पर मोदी सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। इसी का दर्द क्रांगेस और इंडी गठबंधन को हो रहा है। अब केवल मिट्टी नहीं खोदेंगे, विकास की नींव रखेंगे। इंडी गठबंधन वालों को भगवान राम से भी परेशानी है और विकसित भारत से भी। यह देश ही राम का है। यहां तो हर कंकड़ शंकर है। हर कण में राम बसे हैं। नए अधिनियम का मुख्‍य उददेश्‍य जल सुरक्षा एवं जल संबंधी कार्य, मुख्‍य ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका संबंधी बुनियादी ढांचा एवं खराब मौसम के कारण काम में कमी को कम करना है। जब मनरेगा शुरू हुई, तब ग्रामीण बेरोजगारी बड़ी चुनौती थी। आज देश के सड़क इन्‍फ्रास्‍ट्रक्चर, रेल एवं हवाई इन्‍फ्रास्‍ट्रक्चर, डिजीटल इन्‍फ्रास्‍ट्रक्चर, कृषि इन्‍फ्रास्‍ट्रक्चर, शहरी और ग्रामीण इन्‍फ्रास्‍ट्रक्चर में काफी परिवर्तन आया है। आजीविका में विविधता आई है। ग्रामीण भारत तेजी से बदल रहा है। 2011-12 में ग्रामीण गरीबी 25.7% थी जो 2023-24 में घटकर 4.86% रह गई। पुराना मॉडल अब आज की ग्रामीण अर्थव्यवस्था से मेल नहीं खाता है। 2005 की जरूरतें अलग थीं, 2025 की जरूरतें अलग हैं, इसलिए योजना को पुनः व्यवस्थित करना आवश्यक था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक मनरेगा पर 11.74 लाख करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। युपीए सरकार ने 2 लाख करोड़ तो मोदी सरकार ने चार गुना से अधिक 8 लाख 53 हजार करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस वर्ष 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। इसमें से 95,600 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। प्रशासनिक व्यय को 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है ताकि रोजगार सहायकों, तकनीकी स्टाफ और मेट्स को समय पर मानदेय मिले। श्री यादव ने बताया कि अब जल संरक्षण, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी भवन, अस्पताल, खेत-तालाब, चेक डैम, एफपीओ संरचना, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन जैसे ठोस कार्य होंगे। यह योजना गांव को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने का ब्लूप्रिंट है। 1980 में इंदिरा गांधी ने सभी पुरानी रोजगार योजनाओं को मिलाकर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम शुरू किया। जिसे राजीव गांधी सरकार ने जवाहर रोजगार योजना नाम दिया। सोनिया-मनमोहन सरकार ने 26 साल बाद 2006 में इसे नरेगा किया, जिसे 2009 में मनरेगा कर दिया गया। यानि रोजगार योजना का नाम पहले से महात्मा गांधी जी के नाम पर नहीं था। जब कांग्रेस सरकार ने जवाहर रोजगार योजना का नाम बदला था तो क्या यह पंडित जवाहरलाल नेहरू का अपमान था? उसी तरह इंदिरा गांधी ने आवास योजना शुरू किया, बाद में राजीव गांधी ने उसको इंदिरा आवास कर दिया अब ये प्रधानमंत्री आवास योजना है। इसका मतलब है कि कोई योजना अगर लंबे समय से चल रही है तो देश की आर्थिक, सामाजिक एवं अन्‍य परिस्थितियों को ध्‍यान में रखते हुए समय की मांग के हिसाब से उसमें परिवर्तन करना जरूरी हो जाता है। देश के लगभग 600 संस्थानों, योजनाओं और पुरस्कारों के नाम गांधी परिवार पर रखे गए। खेल रत्न पुरस्कार भी राजीव गांधी के नाम किया गया जबकि खेल में उनका कोई योगदान नहीं था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने या किसी के नाम पर योजना का नामकरण नहीं किया, बल्कि उसे सेवा से जोड़ा। उन्होने प्रेस द्वारा पूछे गए एक सवाल पर कहा कि बिहार प्रतिपक्ष का नेता चुनाव में थकने के बाद विदेश भ्रमण करने गए। आज लालू जी का पार्टी समाजवाद की नीति पर नही परिवारवाद पर चल रही है। बाइट/- रामकृपाल यादव(कृषि मंत्री बिहार सरकार)
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Jan 07, 2026 13:27:51
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SKSHIV KUMAR
Jan 07, 2026 13:25:54
Piprola Ahmedpur, Uttar Pradesh:नाम शिव कुमार लोकेशन शाहजहांपुर शाहजहांपुर पुलिस का मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। आज पुलिस ने 10 लख रुपए की कीमत का स्मैक पाउडर बरामद किया है। पुलिस ने दो स्मैक तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से एक बाइक भी बरामद की है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई है। दरअसल कटरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो लोग मोटरसाइकिल से स्मैक पाउडर की सप्लाई करने के लिए आ रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी करके ह HulAs नगला पुल के सर्विस रोड से दो लोगों को गिरफ्तार किया। तलाशी लेने पर उनके पास से 98 ग्राम स्मैक का पाउडर बरामद हुआ। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 10 लख रुपए आंकी गई है। पूछताछ में पता चला कि यह लोग सस्ते दामों पर स्मैक खरीद कर यहां लोकल ढाबों और होटल पर इसकी सप्लाई करते थे। फिलहाल पुलिस पूछताछ में कई और नाम भी सामने आए हैं। इस मामले में पुलिस अभी और कार्रवाई कर सकती है। फिलहाल दोनों इसमें तस्करों को जेल भेज दिया गया है。
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