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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow3 Feb 2025, 12:39 pm

Hardoi - इस्लाम गंज पावर हाउस के पीछे वाली गली से गुजरते है ओवरलोड वाहन

Shahabad, Uttar Pradesh:

शाहाबाद नगर क्षेत्र के इस्लाम गंज पावर हाउस के पीछे वाली गली से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओवरलोडेड वाहन गुजरते है. गली खस्ताहाल होने की वजह से ओवरलोड वाहन हिचकोले लेकर निकलने के बाद अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते है. यह जो वीडियो हमारे दर्शक देख रहे है, यह वीडियो सोमवार की दोपहर 1:30 का वीडियो है. वीडियो में हमारे दर्शक देख लें कि इसलामगंज के पीछे वाली गली से यह ओवरलोड वाहन गुजर रहा है और किस तरह से हिचकोले खा रहा है. किसी भी समय यह गड्ढों में फंसकर पलट सकता है पलटने से दुकानों में या घरों में जनहानि हो सकती है लेकिन नो एंट्री के बाद भी शहर के अंदर इस तरह से ओवरलोड वाहनों का गुजरना पुलिस को दिखाई नहीं दे रहा है।

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वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं की तिरंगा यात्रा स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति की धूम

JPJai PalJust now
Varanasi, Uttar Pradesh:• वाराणसी में स्वतंत्रता दिवस से पहले मुस्लिम महिलाओं ने शहर की सड़कों पर दिखाया देशभक्ति का जुनून। • मुस्लिम महिलाओं ने काशी में निकाली भव्य तिरंगा यात्रा, हाथों में तिरंगा थामे लगाए भारत माता की जय के नारे। • तिरंगा यात्रा के दौरान महिलाओं का बड़ा बयान- देशभक्ति साबित करने के लिए जान भी न्योछावर। • मुस्लिम महिलाओं की अपील- मुसलमानों को शक की निगाह से न देखा जाए, देशभक्ति में हम पीछे नहीं। • स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर शहर भर में तिरंगा यात्रा की धूम, मुस्लिम महिलाओं का जुलूस बना चर्चा का विषय।
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टिहरी के काणीगाढ़ गांव में सड़क नहीं, लोग 4-5 किमी पैदल सामान लाते

New Tehri, Uttarakhand:उत्तराखंड को विकास और पहाड़ों में सड़क पहुंचाने के तमाम दावों के बीच टिहरी जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो आज भी पहाड़ के गांवों की हकीकत बयां करती है। धनोल्टी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा बनाली के काणीगाढ़ गांव के ग्रामीण आज भी सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गांव तक सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों का सामान लाने के लिए करीब 4 से 5 किलोमीटर पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। राशन हो, रसोई गैस हो या फिर कोई दूसरा जरूरी सामान—सब कुछ ग्रामीणों को अपने कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाना पड़ता है। लेकिन सबसे बड़ी परेशानी तब सामने आती है, जब गांव में कोई बीमार पड़ता है। सड़क के अभाव में मरीजों को डंडी-कंडी के सहारे कंधों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है, वही मामले में अपर जिला अधिकारी का कहना है कि जल्द इस मामले को दिखाया जाएगा और संबंधित विभाग से बात की जाएगी।
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जमशेदपुर में ऑटो पलटने से 2 बच्चे घायल; चालक पर नशे का शक

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर के सीदगोड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आदर्श आरक्षी मध्य विद्यालय के समीप मुख्य सड़क पर स्कूली बच्चों से भरी एक ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में ऑटो में सवार दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल ऑटो से बच्चों को बाहर निकाला और घायल बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। घटना की जानकारी मिलने के बाद सीदगोड़ा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। इधर, हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने ऑटो चालक पर नशे में वाहन चलाने का आरोप लगाया। लोगों का दावा है कि चालक गांजा का सेवन किए हुए था। घटनास्थल से गांजा पीने में इस्तेमाल की जाने वाली दो चिलम मिलने की भी बात सामने आई है। हालांकि, चालक वास्तव में नशे में था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच और आवश्यक मेडिकल जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस चालक से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ऑटो किस वजह से अनियंत्रित होकर पलटी। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ऑटो में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चे तो नहीं बैठाए गए थे। हादसे के बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है.
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जमशेदपुर में बाढ़ खतरे के संकेत: सुवर्णरेखा-खरकई जलस्तर बढ़ा

Jamshedpur, Jharkhand:जमशेदपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में घुसा पानी; बाढ़ का खतरा जमशेदपुर लगातार हो रही बारिश के बीच जमशेदपुर की प्रमुख सुवर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हुई है। नदी का पानी बढ़ने से तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कई निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गई है जिससे लोगों को अपने सामान और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता सताने लगी है। दोनों नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है。 सुवर्णरेखा और खरकई के जलस्तर बढ़ने पर बागबेड़ा, नया बस्ती, कदमा, सोनारी मानगो समेत कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच चुका है। लगातार बारिश और कई डैम के फाटक खोलने के कारण दोनों नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ गई है दोनों नदिया अपने खतरे के निशान से काफी ऊपर बढ़ रही है ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है。 नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है, ताकि पानी बढ़ने की स्थिति में समय रहते प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
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वाराणसी में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का विभाजन विभीषिका पर कांग्रेस पर हमला

Noida, Uttar Pradesh:वाराणसी | उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कहा, "...आजादी के पहले भी जैसे क्रांतिकारियों ने देश के लिए जिस प्रकार बलिदान दिया, इस समस्या का समाधान 1947 से पहले भी हो सकता था लेकिन नेहरू जी के तुष्टीकरण के कारण, आजादी से पहले देश का बंटवारा किया गया। बंटववारे से देश के अंदर ऐसी स्थितियां उत्पन्न हुईं, रातों-रात्र महलों में रहने वाले लोग सड़कों पर आ गए... हिंदुस्तान के अंदर बहुत से स्थानों पर दयनीय स्थितियां बनीं, बुरे हालात पैदा हुए... आजादी होने के बाद भी उन सभी लोगों के लिए कुछ करना चाहिए था लेकिन कांग्रेस ने वो भी नहीं किया... देश को जानना चाहिए कि कांग्रेस ने देश के साथ क्या किया..."
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कटेमा में नक्सलवाद का अंत, पहली बार बिना डर तिरंगा लहराने का ऐलान

Khairgarh, Uttar Pradesh:एक गांव... जहां कभी तिरंगा फहराने से पहले भी सोचना पड़ता था। जहां नक्सलियों का फरमान चलता था और ग्रामीण दो पाटों के बीच पिसते थे। लेकिन वक्त बदला, नक्सलवाद का खौफ खत्म हुआ और अब उसी गांव में पहली बार तिरंगा बिना डर के लहराने जा रहा है। ये कहानी है खैरागढ़ जिले के महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे कटेमा गांव की... जहां अब बंदूकों की आवाज नहीं, विकास की उम्मीद सुनाई दे रही है। ये है कटेमा... छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर पर बसा वो गांव, जिसकी पहचान कभी विकास से नहीं, नक्सलियों के खौफ से होती थी। ग्रामीणों की मानें तो नक्सली राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगा फहराने तक का विरोध करते थे। अपना झंडा लगाने का दबाव बनाया जाता था। ऐसे में देशभक्ति भी डर के साये में मनानी पड़ती थी। ग्रामीणों की जिंदगी मानो दो तरफ से घिरी थी। नक्सली गांव के स्कूल में आकर ठहरते, राशन-पानी मांगते... और जब यही ग्रामीण शहर से सामान लेकर लौटते तो पुलिस उनसे पूछताछ करती। ग्रामीणों के लिए सवाल सिर्फ इतना था आखिर जाएं तो जाएं कहां? लेकिन अब कहानी का सबसे बड़ा मोड़ यही है। जिस कटेमा में कभी नक्सलियों के फरमान का डर था, वहां अब सुरक्षा बलों की मौजूदगी ने भरोसा पैदा किया है। ITBP के जवानों की मौजूदगी से ग्रामीण खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं और दवाइयों का सहारा भी मिलने लगा है। और इस बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर 15 अगस्त को दिखाई देगी। पहली बार कटेमा में ग्रामीण बिना किसी डर के राष्ट्रध्वज फहराएंगे। ये सिर्फ एक झंडा नहीं होगा... बल्कि उस डर के खत्म होने का ऐलान होगा, जिसने वर्षों तक इस गांव की आवाज दबाए रखी। नक्सलवाद का अध्याय खत्म हुआ तो अब ग्रामीणों की नजर विकास पर है। खराब सड़कें आज भी बड़ी चुनौती हैं। राशन और जरूरी सामान के लिए लंबा सफर करना पड़ता है। छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर पर होने के कारण महाराष्ट्र करीब है और इसी वजह से कटेमा के कई बच्चे पढ़ाई के लिए महाराष्ट्र जाते हैं। ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में स्कूल, आंगनबाड़ी और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की सुविधा मिले। सड़कें सुधरें और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे गांव तक पहुंचे। यानी नक्सलवाद के बाद अब कटेमा विकास की लड़ाई लड़ना चाहता है. बाइट - ग्रामीण बाइट - प्रेम कुमार पटेल जिला सीईओ खैरागढ़
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मुंडला में किराने की दुकान में भीषण आग, 15 लाख से अधिक का नुकसान

Kota, Rajasthan:मुंडला में किराने की दुकान में लगी भीषण आग, 15 लाख से अधिक का नुकसान कोटा जिले में दीगोद थाना क्षेत्र के मुंडला गांव में शुक्रवार सुबह एक किराने की दुकान में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई। आग की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर दीगोद पुलिस मौके पर पहुंची तथा सुल्तानपुर नगर पालिका की दमकल को भी बुलाया गया। दुकान मालिक शौभागमल मीणा ने बताया कि गुरुवार रात करीब 9:30 बजे वह दुकान बंद कर घर चले गए थे। उनका मकान दुकान से दो-तीन मकान की दूरी पर ही स्थित है। शुक्रवार सुबह करीब 5:30 बजे आसपास के लोगों ने उन्हें सूचना दी कि दुकान में भयंकर आग लगी हुई है। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सुल्तानपुर नगर पालिका फायर ब्रिगेड के चालक उमाशंकर मेहरा ने बताया कि दीगोद पुलिस से मुंडला गांव में किराने की दुकान में आग लगने की सूचना मिली थी। दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।इस दौरान फायरकर्मी गोविंद मीणा, हेमंत मीणा, नाजिद हुसैन, बृजमोहन गोचर आदि ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया इस दौरान गांव में से भी अन्य संसाधनों से आग बुझाने में मदद की गई। लेकिन तब तक दुकान में रखा काफी सामान जलकर राख हो चुका था।दुकान मालिक के अनुसार आगजनी की घटना में 15 लाख रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। दुकान में रखे किराना सामान के साथ ही कई जरूरी दस्तावेज भी आग की चपेट में आकर जल गए। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
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झुंझुनूं के नयासर में बिना नंबर स्कूटी आए दो युवक संदिग्ध, पुलिस ने छोड़ा

Jhunjhunu, Rajasthan:झुंझुनूं झुंझुनूं सदर थाना इलाके के नयासर में पहुंची पुलिस बिना नंबर की स्कूटी से गांव पहुंचे दो युवकों पर शक बेडशीट की फेरी बताने वाले युवकों की पुलिस ने पूछताछ की ग्रामीणों ने संदिग्ध गतिविधि देखकर पुलिस को सूचना दी सदर पुलिस दोनों युवकों को थाने लेकर गई बिना नंबर की स्कूटी पुलिस ने जब्त की झुंझुनूं जिले के सदर थाना इलाके के नयासर गांव में बिना नंबर की स्कूटी से पहुंचे दो युवकों को संदिग्ध मानकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। दोनों युवक गांव में चादर-बेडशीट की फेरी करने की बात कह रहे थे। सूचना पर सदर थाने पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों से पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया। जबकि उनकी बिना नंबर की स्कूटी जब्त कर ली गई। ग्रामीण सुमेर सिंह ने बताया कि दोनों युवक दुकान पर पहुंचे थे और उन्होंने बिस्किट, सिगरेट, नमकीन व ठंडा मांगा। ठंडा उपलब्ध नहीं होने पर उन्होंने सामने की दुकान से लाकर दे दिया। लेकिन बाद में दोनों संदिग्धों ने खरीदे गए बिस्किट कुत्तों को खिला दिया। बिना नंबर की स्कूटी होने और उनके व्यवहार पर शक होने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर सदर थाने के एएसआई नंदलाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि दो व्यक्ति बिना नंबर की स्कूटी से गांव में घूमकर बेडशीट की फेरी कर रहे हैं और ग्रामीणों को संदिग्ध लग रहे हैं। पुलिस दोनों को थाने लेकर गई और उनकी तस्दीक की गई। पूछताछ में एक युवक ने बताया कि वे हांसी के रहने वाले हैं और झुंझुनूं के आसपास के गांवों में बेडशीट की फेरी लगाने आए हैं। उसने बताया कि उनके पास करीब 32 बेडशीट थीं, जिनमें से तीन-चार बेचने की बात कही। युवक ने इसे अपना खानदानी काम बताया। उसने यह भी बताया कि उनके परिवार के अन्य सदस्य एक धर्मशाला में ठहरे हुए हैं और कुछ लोग छाछ बनाने का काम भी करते हैं। पुलिस ने धर्मशाला में भी जाकर वहां ठहरे लोगों के संबंध में पूछताछ की। पुलिस ने धर्मशाला के केयरटेटर को निर्देश दिए कि बिना पहचान पत्र और मोबाइल नंबर के किसी भी व्यक्ति को ठहरने की अनुमति नहीं दी जाए। पुलिस ने वहां मौजूद लोगों के संबंध में भी जानकारी जुटाई। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों के बिना नंबर की स्कूटी पर आने और उसे एक स्थान पर छोड़कर गांव में घूमने के कारण उन्हें शक हुआ। इसके अलावा दुकान से खरीदे गए बिस्किट कुत्तों को खिलाने की घटना भी ग्रामीणों को असामान्य लगी, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस के अनुसार दोनों से पूछताछ और तस्दीक के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। फिलहाल मामले में किसी आपराधिक गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर स्कूटी जब्त की है। बाइट 01 : सुमेर सिंह, ग्रामीण (काला चश्मा लगाया हुआ है) बाइट 02 : संदिग्ध युवक (काली दाढ़ी बढ़ी हुई है) बाइट 03 : नंदलाल, एएसआई, सदर थाना (पुलिस वर्दी में)
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