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Deepak DixitDeepak DixitFollow30 Jan 2025, 09:17 am

Hardoi: विधायक माधवेंद्र प्रताप ने किया कंबल वितरण

सवायजपुर, Uttar Pradesh:

हरदोई के सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र के सांडी ब्लाक के छब्बापुरवा में वीएलएस इंटरनेशनल सर्विस लिमिटेड द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने निराश्रित जनों को कंबल वितरित करते हुए क्षेत्रीय जनों से संवाद स्थापित किया और संस्था द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की। इस कार्यक्रम में संस्था के डायरेक्टर नीरज, ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह राजपूत, जगन्नाथ राजपूत, मंडल अध्यक्ष अजय सिंह राजपूत, प्रधान संघ अध्यक्ष आलोक सिंह आदि मौजूद रहे।

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शादीशुदा प्रेमी के साथ लीविंग रिलेशनशिप में महिला की मौत; प्रभात सक्सेना गिरफ्तार

Moradabad, Uttar Pradesh:शादीशुदा प्रेमी के साथ लीविंग रिलेशनशिप में रहने वाली महिला के जहर खाकर थाने पहुंचने और फिर अस्पताल में मौत के मामले में बड़ी अपडेट: पुलिस ने महिला के शादीशुदा लिविंग पार्टनर प्रभात सक्सेना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी प्रभात सक्सेना FCI में चीफ मार्केटिंग इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। आरोपी पहले से शादीशुदा है और उनके तीन बच्चे भी हैं। जिला अस्पताल में पुलिस हिरासत में मेडिकल कराए जाने के दौरान आरोपी ने मीडिया के सवालों पर चेहरा छुपाया। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर मेडिकल कराकर सलाखों के पीछे भेज दिया। पड़ताल में धारा 69 के मुकदमे के साथ बीएनएस की धारा 108 की बढ़ोतरी की गई।
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पटाशपुर में इस्तीफा देते समय तृणमूल नेता ने कान पकड़कर उठक-बैठक की, वीडियो वायरल

Noida, Uttar Pradesh:पूर्वी मिदनापुर - पटाशपुर में इस्तीफा देने जाते समय कान पकड़कर उठक-बैठक करने लगे तृणमूल नेता, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल दलीय मामले या निजी कारणों से नयपुर पंचायत के प्रधान पद से इस्तीफा देने का फैसला अरूप माइति ने लिया। बीडीओ ऑफिस में इस्तीफा पत्र जमा करते समय वहां मौजूद कार्यकर्ताओं-समर्थकों और आम लोगों से उन्होंने कहा, प्रधान रहते हुए उनसे अनजाने में कोई गलती हुई हो तो वे माफी चाहते हैं। इसके तुरंत बाद उन्होंने सरेआम सड़क पर कान पकड़कर उठक-बैठक करनी शुरू कर दी। "काम करते हुए अगर किसी के मन को ठेस पहुंच गई हो, तो मैं माफी मांगता हूं।" इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई।
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राम मंदिर के पुजारी की चाकू से गोदकर हत्या, क्षेत्र में सनसनी

Netua Grameen, Uttar Pradesh:उन्नाव के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र स्थित राम मंदिर के पुजारी मिलन सिंह रघुवंशी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने पुजारी मिलन सिंह रघुवंशी पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांगरमऊ ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पुजारी की मौत की खबर फैलते ही अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल को भी तैनात किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। घटना को लेकर क्षेत्र में आक्रोश और तनाव का माहौल बना हुआ है। बाइट/ संतोष सिंह सीओ बांगरमऊ
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सीकर स्टेडियम का सिंथेटिक ट्रैक मुफ्त और बास्केटबॉल ऑडिटोरियम जल्द खोलने की मांग

Sikar, Rajasthan:सीकर जिला खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक निशुल्क करने, समय की बाध्यता समाप्त करने और बंद पड़े बास्केटबॉल ऑडिटोरियम को खिलाड़ियों के लिए खोलने की मांग को लेकर आज मंगलवार को खिलाड़ियों और युवाओं ने सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी को ज्ञापन सौंपा। इससे बड़ी संख्या में राज्य स्तरीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी मौजूद रहे। खिलाड़ियों ने आरोप लगाया कि वर्षों के इंतजार के बाद जिला खेल स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक तैयार हुआ, लेकिन अब उसके उपयोग के लिए खिलाड़ियों से मासिक और वार्षिक शुल्क वसूला जा रहा है। खिलाड़ियों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर कई युवा फीस जमा नहीं कर पाने के कारण ट्रैक पर अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। ज्ञापन में बताया गया कि मैराथन और अल्ट्रा रनर्स को अलसुबह और देर रात अभ्यास करना पड़ता है, लेकिन स्टेडियम में समय निर्धारित होने के कारण ट्रैक बंद रहता है। ऐसे में खिलाड़ियों को मजबूरी में सड़कों और हाईवे पर दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसके साथ ही खिलाड़ियों ने लाखों रुपए की लागत से बने बास्केटबॉल ऑडिटोरियम को लंबे समय से बंद रखने पर भी नाराजगी जताई। खिलाड़ियों का कहना है कि ऑडिटोरियम पर ताला लगे रहने से जिले के बास्केटबॉल खिलाड़ी अभ्यास की सुविधा से वंचित हैं। खिलाड़ियों ने मांग की कि सिंथेटिक ट्रैक को पूर्णतया निशुल्क किया जाए, ट्रैक उपयोग के समय की बाध्यता खत्म की जाए तथा बास्केटबॉल ऑडिटोरियम को जल्द खोला जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि ट्रैक को सुरक्षित रखने और अव्यवस्था रोकने के लिए खिलाड़ियों का वर्गीकरण किया जाए और व्यवस्थाओं के संचालन में वॉलिंटियर्स का सहयोग लिया जाए। खिलाड़ियों ने जिला कलेक्टर से मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य, खेल भावना और राष्ट्र सेवा के जज्बे को ध्यान में रखते हुए स्टेडियम में लागू अव्यवहारिक फीस व्यवस्था और कर्मचारियों की तानाशाही समाप्त कर खिलाड़ियों को राहत दी जाए। 1.बाइट - पवन ढाका (ब्ल्यू शर्ट) अल्ट्रा रनर, सीकर। 2.बाइट - सचिन कुमार (येलो टी-शर्ट) आर्मी भर्ती की तैयारी कर रहा युवक।
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बांका में महंगाई- बेरोजगारी के खिलाफ आरजेडी का एक दिवसीय धरना, सरकार से जवाब मांग

Banka, Bihar:बिहार मे महंगाई बेरोजगारी के खिलाफ बांका के विभिन्न प्रखंड मुख्यालय परिसर में मंगलवार को राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया वहां- जिसमें सरकार के खिलाफ विभिन्न वक्ताओं ने अपनी बात रखते हुए कहा सुशासन के नेता याद दिलाता था जंगल राज किया आज मंगल राज है。 मुख्यमंत्री की आवास में जेसीबी चलना चाहिए。 महंगाई पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं और आम जन की कमर तोड़ महंगाई कर सकते हैं पेट्रोल डीजल खासकर महंगाई बहुत हद तक बढ़ गई है डियर प्राइवेट सरकार सहित वसूलना बंद कर दे सरकार महंगाई बहुत हद तक घट जाएगी विद्युत होगी पेट्रोल पर 26% या 16.65 प्रति लीटर जो भी अधिक हो प्लस 30% सर चार्ज एवं डीजल पर 19% या 13.33 प्रति लीटर जो भी अधिक हो किंतु महंगाई की स्कूल चक्की में आम जनता पीस जाती है घरेलू गैस सिलेंडर 7 जून से 29 रुपए प्रति गैस सिलेंडर की वृद्धि कर दी गई है या 3 महीना में दूसरी बढ़ोतरी है सरकार ने इस संदर्भ में महंगाई को स्थिर रखने और पेट्रोलियम पदार्थों पर मूल्य वृद्धि नहीं होने देने का आम जनों को आश्वासन दिया था वह सब बकवास निकला
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रामगढ़ में 22 सूत्री मांगों के लिए शिक्षा अधिकारियों ने ज्ञापन सौंपा

Ramgarh, Dohli, Rajasthan:रामगढ़ में शिक्षा अधिकारियों ने 22 सूत्रीय मांगों के लिए ज्ञापन सौंपा अलवर जिले के रामगढ़ क्षेत्र में मंगलवार को राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद के निर्देशानुसार सरकारी विद्यालयों के पीईईओ और प्रधानाचार्यों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम की अनुपस्थिति में यह ज्ञापन तहसीलदार अंकित गुप्ता को दिया गया。 रामगढ़ के एसीबीईओ रजनीश व्यास ने जानकारी देते हुए बताया कि ज्ञापन में शिक्षा विभाग से जुड़ी 22 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। इनमें प्रमुख रूप से शिक्षा अधिकारियों के पदों में वृद्धि, लंबित डीपीसी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने, नवगठित जिलों में शिक्षा विभाग के कार्यालय स्थापित करने और प्रधानाचार्यों के पदोन्नति अवसर बढ़ाने के लिए नए पद सृजित करने की मांग शामिल है। रामगढ़ एसीबीईओ रजनीश व्यास
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प्रतापगढ़ में सरकारी जमीन पर अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 4 ट्रैक्टर समेत वाहन जब्त

Pratapgarh, Rajasthan:प्रतापगढ़ जिले में अवैध खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सालमगढ़ थाना पुलिस और जिला स्तरीय टीमों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ग्रेवल (मिट्टी) खनन एवं परिवहन में लगे चार ट्रैक्टर, एक एक्सकेवेटर मशीन और एक टाटा इंडिगो कार को डिटेन किया गया है. कार्रवाई से अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मच गया. जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देशन में सालमगढ़ थानाधिकारी दीपक कुमार एवं डीएसटी टीम ने संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की. पुलिस को सूचना मिली थी कि निनोर चौकी क्षेत्र के बड़ी साखथली गांव में तालाब के समीप स्थित सरकारी भूमि पर अवैध रूप से ग्रेवल का खनन किया जा रहा है. सूचना के आधार पर जिला स्तरीय टीमों का गठन कर मौके पर दबिश दी गई. कार्रवाई के दौरान अवैध खनन में प्रयुक्त चार ट्रैक्टर, एक एलएनटी एक्सकेवेटर मशीन और एक टाटा इंडिगो कार को मौके से डिटेन किया गया. पुलिस ने मौके पर मौजूद वाहन चालकों को भी हिरासत में लिया. इनमें प्रदीप पाटीदार निवासी साखथली, गोकुल पाटीदार निवासी गणेशगढ़ (मध्य प्रदेश), जीवनलाल मीणा निवासी अधारियाबड़ला, दिनेश धाकड़ निवासी बड़ी साखथली, एक्सकेवेटर चालक कालूराम निवासी देवगढ़ तथा कार चालक राजमल मीणा निवासी बोरी शामिल हैं. कार्रवाई के दौरान ग्रेवल से भरे चार ट्रैक्टर भी जब्त किए गए. मामले की अग्रिम कार्रवाई के लिए खनन विभाग को सूचना दे दी गई है. पुलिस एवं खनन विभाग की संयुक्त टीम मामले की जांच में जुटी हुई है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सरकारी भूमि पर अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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कासगंज में चार साल की बच्ची का शव मक्का के खेत में मिला: पुलिस जांच शुरू

Kasganj, Uttar Pradesh:कासगंज में लापता मासूम बच्ची का शव 4 दिन बाद मक्का के खेत में पड़ा मिला. बहारपुर निवासी राहुल अपने बच्चों के साथ फरीदाबाद में रहते थे; पिताजी देखने के लिए गांव बाहरपुर आए थे. परिवार के अनुसार शनिवार की शाम चार वर्षीय आरोही खेलते-खेलते घर से दूर निकल गई. गांव के कुछ लोगों ने बच्ची मंदिर की तरफ जाते देखा, परन्तु उसके बाद बच्ची घर नहीं आई. परिवार व गांव के लोगों ने बच्ची की तलाश की पर कहीं नहीं मिली. चार दिन बाद मासूम बच्ची का शव मक्का के खेत में मिला. परिजनों में कोहराम मचा. पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा. मासूम बच्ची के हत्यारों की तलाश पुलिस कर रही है.
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12 साल बाद मां का मिलन: बिजनौर के परिवार के लिए उम्मीद की कहानी

Moradabad, Uttar Pradesh:12 साल बाद मिली मां कभी-कभी जिंदगी मे ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं। बिजनौर के एक परिवार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। जिस मां को परिवार ने 12 साल पहले खो दिया था, जिसकी तलाश में गांव-गांव और शहर-शहर भटका था, और जिसे आखिरकार मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर जीवन आगे बढ़ा दिया था, वह अचानक जिंदा मिल गई। इस खबर ने न सिर्फ परिवार को भावुक कर दिया, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई। शहर के रहने वाले राजो देवी 2014 में अचानक घर से लापता हो गई थीं। परिजनों के अनुसार उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। घर से निकलने के बाद वह कहां गईं, इसका कोई पता नहीं चल पाया। परिवार ने हर संभव प्रयास किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, रिश्तेदारों से संपर्क किया गया और आसपास के कई जिलों में तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला。 वक्त के साथ खत्म होती गई उम्मीद शुरुआती दिनों में परिवार को उम्मीद थी कि राजो देवी किसी दिन वापस लौट आएंगी, लेकिन महीने वर्षों में बदलते गए। हर त्योहार, हर पारिवारिक कार्यक्रम और हर खुश मौके पर मां की कमी महसूस होती रही। धीरे-धीरे परिवार ने यह मान लिया कि अब वह इस दुनिया में नहीं हैं। परिजनों ने सामाजिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्हें मृत मानते हुए सभी आवश्यक रस्में भी पूरी कर दीं। घर में उनकी तस्वीर ही उनकी मौजूदगी का प्रतीक बनकर रह गई। हरियाणा के आश्रम से खुला 12 साल पुराना राज 4 मई 2026 को हरियाणा के अंबाला में पुलिस को एक महिला लावारिस हालत में मिली। महिला अपनी पहचान बताने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस ने उसे यमुनानगर के सरस्वती नगर स्थित "नी आसरे दा आसरा" आश्रम में पहुंचा दिया。 आश्रम में इलाज और काउंसलिंग के दौरान महिला की हालत में सुधार हुआ। धीरे-धीरे उसकी याददाश्त लौटने लगी। उसने अपने गांव और परिवार के बारे में कुछ जानकारियां दीं। आश्रम की टीम ने इन जानकारियों के आधार पर उसकी पहचान खोजने का प्रयास शुरू किया। वीडियो कॉल ने बदल दी परिवार की दुनिया काफी प्रयासों के बाद आश्रम प्रबंधन गांव के प्रधान के माध्यम से राजो देवी के परिवार तक पहुंचा। जब वीडियो कॉल पर बेटों को उनकी मां दिखाई गई, तो वे कुछ पल के लिए स्तब्ध रह गए। उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि 12 साल पहले खो चुकी मां वास्तव में जिंदा हैं。 भावनाओं का बांध टूट गया। बेटे कपिल, सोनू और रोहित वीडियो कॉल के दौरान ही रो पड़े। इसके बाद वे तुरंत हरियाणा पहुंचे और मां से मिले। मिलन का दृश्य देखकर नम हो गईं सभी की आंखें आश्रम में मां और बेटों का मिलन बेहद भावुक रहा। वर्षों बाद अपने बच्चों को सामने देखकर राजो देवी भी खुद को संभाल नहीं सकीं। बेटे मां को गले लगाकर फूट-फूटकर रोने लगे। वहां मौजूद आश्रम कर्मचारी और अन्य लोग भी इस दृश्य को देखकर भावुक हो गए। सत्यापन के बाद परिवार को सौंपी गईं राजो देवी आश्रम के संचालक जसकीरत सिंह ने बताया कि महिला की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पूरी जांच और सत्यापन प्रक्रिया अपनाई गई। सभी तथ्यों के मिलान के बाद ही राजो देवी को उनके परिवार के सुपुर्द किया गया। यह सिर्फ पुनर्मिलन नहीं, उम्मीद की जीत की कहानी है राजो देवी की वापसी सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं है, बल्कि यह उन तमाम परिवारों के लिए उम्मीद का संदेश भी है जो वर्षों से अपने लापता परिजनों का इंतजार कर रहे हैं। 12 साल बाद हुआ यह पुनर्मिलन बताता है कि कभी-कभी उम्मीदें भले ही धुंधली पड़ जाएं, लेकिन किस्मत के पास अपने अलग ही फैसले होते हैं। बिजनौर के इस परिवार के लिए 12 साल बाद लौटी मां किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह कहानी रिश्तों की मजबूती, धैर्य और उम्मीद की ऐसी मिसाल बन गई है, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा
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हरदोई में नकलचालक गिरफ्तार: पेपर बाथरूम में छिपाकर लाने की कोशिश

Hardoi, Uttar Pradesh:हरदोई में पुलिस भर्ती परीक्षा में नकलची गिरफ्तार, एक दिन पहले मोबाईल और होमगार्ड परीक्षा का पेपर सेंटर में छिपा आया था उत्तर प्रदेश सरकार पुलिस भर्ती परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने का दावा कर रही है। परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा, सीसीटीवी निगरानी और सघन तलाशी की व्यवस्था की गई है। लेकिन इन तमाम इंतजामों के बावजूद हरदोई में एक अभ्यर्थी नकल की कोशिश करते हुए पकड़ा गया है। आरोपी ने हैरान करने वाले तरीके से परीक्षा केंद्र परिसर में एक दिन पहले से मोबाइल और होमगार्ड का पेपर छिपाकर रखा था। जिसे परीक्षा के दौरान इस्तेमाल करने की योजना थी लेकिन बाथरूम जाते समय तलाशी में उसके पास से पुलिस भर्ती का पेपर बरामद हुआ जबकि होमगार्ड का पेपर उसकी मेज पर रखा था। जिसके बाद जब उससे कड़ाई से पूंछताछ हुई तो उसने बाथरूम में रखा मोबाईल बरामद करा दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला हरदोई के बेनी माधव इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र का है। पुलिस भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम पाली की पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान आगरा के कुंडऔर थाना डौकी निवासी अभ्यर्थी रोहित पथौरी परीक्षा दे रहा था। परीक्षा के बीच वह बाथरूम जाने के लिए उठा। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को उस पर शक हुआ और उसकी तलाशी ली गई। तलाशी में उसके पास से परीक्षा की बुकलेट बरामद हुई। पुलिस ने जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने बाथरूम में छिपाकर रखे गए मोबाइल फोन की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक दिन पहले द्वितीय पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद केंद्र परिसर में यह कहकर घुस गया की उसका प्रवेश पत्र अंदर रह गया है। अंदर घुसते ही उसने परिसर में मौजूद पानी की टंकी के नीचे मोबाइल फोन और पूर्व में हुई होमगार्ड भर्ती परीक्षा का प्र्शन पत्र छिपादिया। अगले दिन सुबह तलाशी प्रक्रिया पूरी करने के बाद वो सेंटर में दाखिल हुआ और उसने वहां से मोबाइल उठाया और बाथरूम में छिपा दिया। वहीं बुकलेट अपने पास रख ली। बताया जा रहा है कि करीब सवा ग्यारह बजे वह पुलिस भर्ती के प्र्शन पत्र को कपड़ों में छिपा लिया जबकि होमगार्ड परीक्षा का प्रश्न पत्र उसने मेज पर रख दिया और बाथरूम चला गया। बाथरूम के गेट पर भी पुलिस तैनात थी जब उसकी तलाशी हुई तो उसके पास से पुलिस भर्ती का प्रश्न पत्र मिला। जिसके बाद हड़कंप मच गया ,आनन् फानन में पुलिस भर्ती परीक्षा में लगे अधिकारी मौके पर पहुंचे और उससे पूंछताछ की गयी तो उसने मोबाईल बरामद करा दिया। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार भले ही परीक्षा को नकलमुक्त कराने के दावे कर रही हो, लेकिन हरदोई में सामने आया यह मामला दिखाता है कि नकल माफिया और अभ्यर्थी नए-नए तरीके अपनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे मामले में कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं।
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राजस्थान में फर्जी डॉक्टर फैक्ट्री: 24-30 लाख में मिली डिग्री, कई गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:राजस्थान में चल रही थी ‘फर्जी डॉक्टरों की फैक्ट्री’! 20 से 30 लाख में बन रहे थे डॉक्टर, बिना परीक्षा पास किए मिल रहा था मेडिकल लाइसेंस राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों का ऐसा नेटवर्क सामने आया है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था की नींव तक हिला दी है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच में खुलासा हुआ है कि विदेश से एमबीबीएस कर लौटे कई अभ्यर्थी बिना अनिवार्य परीक्षा पास किए ही डॉक्टर बन रहे थे। बस कीमत चुकानी पड़ती थी 20 से 30 लाख रुपये。 एसओजी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इस "फर्जी डॉक्टर फैक्ट्री" की परतें खुलती जा रही हैं। ताजा कार्रवाई में एसओजी ने तीन और डॉक्टरों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने फर्जी एफएमजीई (Foreign Medical Graduate Examination) सर्टिफिकेट बनवाकर राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में पंजीयन कराया और डॉक्टर बनने का रास्ता साफ कर लिया। 24 लाख, 27 लाख और 23 लाख में खरीदी गई डॉक्टर की डिग्री! गिरफ्तार आरोपियों में जयपुर निवासी दीपक यादव, डीग निवासी राजू गुर्जर और अलवर निवासी नरेश गुर्जर शामिल हैं। तीनों ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया था, लेकिन भारत में डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी एफएमजीई परीक्षा पास नहीं कर सके。 जांच में सामने आया कि इसके बाद उन्होंने दलालों के जरिए फर्जी प्रमाणपत्र बनवाए। दीपक ने करीब 24 लाख रुपये, राजू ने 27 लाख रुपये और नरेश ने 23 लाख रुपये खर्च कर नकली एफएमजीई सर्टिफिकेट हासिल किया। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप तक कर ली गई。 जांच एजेंसी के मुताबिक भानाराम माली पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड है। जो प्रत्येक अभ्यर्थी से 20 से 30 लाख रुपये लेकर फर्जी एफएमजीई प्रमाणपत्र तैयार करवाता था और मेडिकल काउंसिल में पंजीयन तक की व्यवस्था कराता था。 आखिर क्या है एफएमजीई? विदेश से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को भारत में मेडिकल प्रैक्टिस शुरू करने से पहले नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन की एफएमजीई परीक्षा पास करनी होती है... यह परीक्षा यह सुनिश्चित करती है कि डॉक्टर मरीजों का इलाज करने के लिए आवश्यक योग्यता रखते हैं। लेकिन एसओजी की जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने यह परीक्षा पास ही नहीं की और सीधे फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए मेडिकल सिस्टम में प्रवेश कर गए। सबसे बड़ा सवाल: मरीजों की जिंदगी किसके भरोसे? इस खुलासे ने राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जो लोग अनिवार्य योग्यता परीक्षा तक पास नहीं कर सके, वे फर्जी दस्तावेजों के सहारे डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने की स्थिति में पहुंच गए।यह सिर्फ प्रमाणपत्रों की जालसाजी का मामला नहीं, बल्कि हजारों मरीजों की जान से जुड़ा बेहद गंभीर अपराध है। सवाल यह भी है कि अगर एसओजी जांच नहीं करती तो ऐसे कितने फर्जी डॉक्टर सिस्टम में सक्रिय रहते और कितने मरीज उनकी कथित चिकित्सा का शिकार बनते。 एसओजी अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की बाकी कड़ियों को जोड़ रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस "फर्जी डॉक्टर फैक्ट्री" से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
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जिंदा बुजुर्ग को मृत दिखाकर जमीन हथियाने की साजिश उजागर, पटवारी निलंबित

Satna, Madhya Pradesh:सतना जिले के कोठी कस्बे में बड़ा मामला सामने आया जहां पर एक जिंदा बुजुर्ग व्यक्ति को मृत घोषित कर जमीन हड़पी गई। यह साजिश बुजुर्ग के भतीजे ने पटवारी के साथ मिलकर रची जिसके बाद बुजुर्ग के नाम जमीन का बरसाना और नामांतरण अपने नाम कर कर जमीन बेच दी गई। खरीदार पटवारी की पत्नी निकली। मामले की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर ने पटवारी को निलंबित कर दिया और जांच प्रतिवेदन के बाद FIR के आदेश दिए गए। मध्य प्रदेश के सतना जिले के कोठी उपतहसील के अंतर्गत बरहना ग्राम का सनसनीखेज मामला है। पुश्तैनी जमीन के बारे में जिंदा व्यक्ति के भतीजे ने बड़ी साजिश रची। जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर उसकी मृत्यु प्रमाण पत्र भतीजे ने जमीन का बरसना और नामांतरण अपने नाम करवा कर बेच दी। यह मामला सतना शहर के कामता टोला निवासी ईश्वर प्रसाद उर्फ ईश्वर दिन सोनी का है, जो 85 वर्ष के बुज़ुर्ग हैं उनके नाम 33 डिसमिल जमीन बरहना ग्राम में बागीचे के रूप में है। जिसने जमीन हथियाने के लिए बड़े भाई के बेटे रामकरण सोनी ने चाचा को जिंदा में ही मरा घोषित कर दिया। भतीजे ने कोठी नगर परिषद और पटवारी के साथ मिलकर चाचा के नाम का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा डाला, जिसके आधार पर बरसाना एवं नामांतरण किया गया। फिर 9 लाख रुपये में जमीन बेची गई। सच तब सामने आया जब ईश्वर दिन के बेटे राजेश कुमार ग्राम गए और अपने बगीचे को देखने पहुंचे तो पता चला कि उनका 33 डिसमिल बगीचा किसी और ने खरीद लिया है। राजेश कुमार ने तहसील कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद स्पष्ट हुआ कि मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी था और बरसाना व नामांतरण फर्जी तरीके से किया गया। मामला जिला कलेक्टर तक गया; निलंबन के साथ कोठी के नायब तहसीलदार सौरभ द्विवेदी को जांच के आदेश दिए गए और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश हुए।
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ग्वालियर कैंपस में नर्सिंग छात्रा की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लापरवाही का आरोप

Morena, Madhya Pradesh:ग्वालियर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक नर्सिंग छात्रा की मौत का मामला सामने आया हैं। छात्रा IPS कॉलेज में 45 दिन के लिए कैंप में आई थी। देर रात उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस टाइम पर नहीं पहुंचने के कारण छात्रा की मौत हुई है। छात्रा को कॉलेज के कुछ स्टूडेंट एक्टिवा पर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने उसे मृत्यु घोषित कर दिया पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वीओ- दरअसल मामला ग्वालियर के गिरवाई थाना क्षेत्र IPS कॉलेज कैंपस का हैं। जहां बिलौआ निवासी 21 वर्षीय छात्रा नीलू प्रजापति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। नीलू केआरजी कॉलेज से नर्सिंग की पढ़ाई कर रही थी और 45 दिन के लिए IPS कॉलेज में कैंपस में आई हुई थी लेकिन कल रात नीलू को उल्टी होने लगी जब उसकी तबीयत बिगड़ गई। तो कॉलेज स्टाफ उसको एक्टिवा पर लेकर अस्पताल पहुंचे जहां उसे डॉक्टरों ने मृतक घोषित कर दिया छात्रा नीलू प्रजापति के पिता का आरोप है कि उसकी तबीयत खराब होने की सूचना उन्हें नहीं दी गई। कॉलेज प्रबंधन की पूरी लापरवाही है उनके आरोप है कि एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंचने के कारण उनकी बेटी की मौत हुई है। उन्होंने बताया कि नीलू CM कैंपस में आई हुई थी CM इस लापरवाही पर संज्ञान लेना चाहिए। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह सामने आ पाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी बाइट- लक्ष्मण प्रजापति- मृतक छात्रा के पिता बाइट- सुमन गुर्जर- ASP ग्वालियर
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