icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
241401
Deepak DixitDeepak DixitFollow24 Jan 2025, 04:37 pm

हरदोईः खबर का असर, एसडीएम ने दिए बीडीओ को सड़क से कीचड़ युक्त पानी हटवाने का दिया आदेश

सवायजपुर, Uttar Pradesh:

पिन न्यूज़ की खबर का असरः तहसील सवायजपुर तहसील के एसडीएम संजय अग्रहरि ने बीडीओ भरखनी अशोक दुबे को ग्राम पंचायत सिंघापुर के गांव जैतापुर में मुख्य मार्ग पर कीचड़ युक्त पानी के निकास के लिए नालियां बनवाकर फैले कीचड़ को हटवाने और व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने ग्राम पंचायत की भूमि पर दबंग लोगों पर कार्रवाई के साथ ही दो दिन के भीतर मुख मार्ग से कीचड़ हटवा कर नाली निर्माण कार्य पूरा करने को कहा। जल निकासी की व्यवस्था होने पर ग्रामीणों को अब आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

जमीन कब्जे के खेल में हथियारबंद गिरोह के तीन गिरफ्तार: लग्जरी कार से पिस्तौल-कारतूस बरामद

Gaya, Bihar:जमीन कब्जे के खेल में शामिल हथियारबंद अपराधियों पर शिकंजा: लग्जरी कार से पिस्तौल और कारतूस बरामद, तीन गिरफ्तार बिहार के गया जिले में पुलिस ने भू-माफियाओं के लिए जमीन कब्जा कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है. डेल्हा थाना पुलिस ने कार्रवाई करने के बाद तीन युवकों को अवैध हथियार और लग्जरी कार के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपी हथियार के बल पर जमीन पर कब्जा दिलाने का काम करते थे. गिरफ्तार आरोपियों के पास से महिंद्रा XUV-700 कार, एक लोडेड अवैध पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है. मामले की जानकारी देते हुए थाने अधिकारी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध युवक हथियार के साथ एक कार से गया आ रहे हैं. सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की गई. तलाशी के दौरान कार से एक अवैध पिस्तौल और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए. इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार युवकों की पहचान गया जिले के चांद बादशाह, न्यू करीमगंज निवासी एजाज मलिक और फारूक के रूप में हुई है. पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे भू-माफियाओं के इशारे पर जमीन कब्जा कराने का काम करते थे. हथियार के डर दिखाकर जमीन पर कब्जा दिलाने के बदले उन्हें मोटी रकम मिलती थी. पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार बिहार और बंगाल के कई इलाकों से जुड़े हो सकते हैं. डीएसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी संभवत: पंचानपुर इलाके में जमीन कब्जा कराने के बाद वापस गया लौट रहे थे. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं और किन जमीन विवादों में इनकी भूमिका रही है. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी चांद बादशाह का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है. वह पहले गया के सिविल लाइंस और चंदौती थाना क्षेत्र के आपराधिक मामलों में वांछित रह चुका है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है. अधिकारियों का कहना है कि भू-माफियाओं और जमीन कब्जा कराने वाले गिरोहों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
0
0
Report

औरंगाबाद पुलिस लाइन में दीक्षांत समारोह, नवनियुक्त सिपाहियों का गर्वपूर्ण प्रदर्शन

Chhatrapati Sambhajinagar, Maharashtra:बिहार पुलिस के नवनियुक्त सिपाहियों का कठिन एवं गौरवशाली प्रशिक्षण सत्र के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में औरंगाबाद पुलिस लाइन में आज भव्य दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोही ने प्रशिक्षु सिपाहियों ने आकर्षक मार्च पास्ट एवं विविध प्रशिक्षण गतिविधियों का प्रदर्शन कर अपने अनुशासन, दक्षता और आत्मविश्वास का परिचय दिया। मगध प्रक्षेत्र के आईजी विकाश वैभव ने परेड की सलामी ली। जवानों का हौंसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा एक नौकरी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण का दायित्व है।
0
0
Report
Advertisement

टोंक ट्रैफिक पुलिस आरोपों पर यादव समाज ने निष्पक्ष जांच की मांग की

Tonk, Rajasthan:टोंक ट्रैफिक पुलिस पर लगे आरोपों के विरोध में यादव समाज का प्रदर्शन, कार्रवाई की मांग टोंक में ट्रैफिक पुलिस की कथित संवेदनहीनता से बुजुर्ग श्योजीलाल यादव की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बड़ी संख्या में यादव समाज के लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान सिटी सीओ मृत्युंजय मिश्रा और कोतवाली थानाधिकारी भंवरलाल वैष्णव मौके पर मौजूद रहे। समाज के प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर टीना डाबी को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। गौरतलब है कि सआदत अस्पताल में उपचार के दौरान श्योजीलाल यादव की मौत हुई थी। मृतक के बेटे महेंद्र यादव ने आरोप लगाया है कि ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान की कार्रवाई के दौरान तबीयत बिगड़ने से उनके पिता की मौत हुई। वहीं मामले की जांच कर रहे सिटी सीओ मृत्युंजय मिश्रा के अनुसार अभय कमांड सेंटर के सीसीटीवी फुटेज में फिलहाल लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। जांच जारी है।
0
0
Report

बहराइच दरगाह के वित्तीय घोटाले पर SIT जांच की मांग तेज

Bahraich, Uttar Pradesh:रिपोर्ट/राजीव शर्मा/बहराइच/ राम मंदिर के बाद बहराइच के दरगाह पर उठी वित्तीय अनियमितता की आवाज, कमेटी ने बताया निराधार, बहराइच से बड़ी ख़बर, अयोध्या के राम मंदिर में चंदे की रकम गायब होने की चर्चाओं के बीच बहराइच की दरगाह से भी बड़े पैमाने पर वित्तीय हेराफेरी का मामला सुर्खियों में छाया हुआ है, जिसको लेकर दरगाह कमेटी ने आरोप को फर्जी और निराधार बताया है, आपको बता दें कि अयोध्या राम मंदिर में चंदे में कथित हेरफेर को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह का मामला भी चर्चा में आ गया है. भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बहराइच स्थित वक्फ नंबर-19 दरगाह सैयद सालार मसूद गाजी के मामलों की एसआईटी जांच कराने की मांग की है. पत्र में पिछले करीब 20 वर्षों के दौरान वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं. दरगाह की आय, चढ़ावे, संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है. साथ ही पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की अपील भी की गई है.
0
0
Report

देवरिया: DM के निरीक्षण में 29 स्वास्थ्यकर्मी अनुपस्थित, सफाई और दवा-उपलब्धता पर निर्देश

Deoria, Uttar Pradesh:देवरिया जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत jaanne ke लिए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लार और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भागलपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर कुल 29 स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए, जिनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, साफ-सफाई और मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। सुबह करीब 8 बजे जिलाधिकारी सबसे पहले सीएचसी लार पहुंचे, जहां उन्होंने ओपीडी, प्रसव केंद्र और अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उपस्थिति पंजिका की जांच में 24 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए सभी को कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने पीएचसी भागलपुर का निरीक्षण किया। यहाँ ओपीडी, प्रसव केंद्र, मीटिंग हॉल और पूरे परिसर का जायजा लिया गया। निरीक्षण में बाउंड्री वॉल टूटी हुई मिली, जिसे तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। अस्पताल में लो-वोल्टेज और ट्रांसफॉर्मर की समस्या को लेकर विद्युत विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही एक स्टाफ नर्स के आवास में बिना आवंटन के रहने की स्थिति मिलने पर उसे खाली कराने को कहा गया। पीएचसी भागलपुर में पांच स्वास्थ्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने सभी कर्मचारियों को समय से ड्यूटी पर आने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता, साफ-सफाई और मरीजों की संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement

मत्स्य विभाग की ऑनलाइन नीलामी पर बहस: बोली प्रक्रिया में गड़बड़ियां सामने

Jaipur, Rajasthan:मत्स्य पालन से जुड़ी 'विवादित' नीलामी! - मत्स्य विभाग के ऑनलाइन नीलामी सिस्टम पर सवाल, मत्स्य पालकों को नहीं दिया नीलामी प्रशिक्षण - निविदा राशि गुप्त रखने की मांग, 13 मई को बोली प्रक्रिया में क्या ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार हुए शामिल? जयपुर। मत्स्य विभाग की राजस्थान के जलाशयों को मछली पालन हेतु ठेके पर देने की प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है। ऑनलाइन नीलामी प्रक्रिया को अधिकांश ठेकेदार ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं होने की वजह से समझने में सफल नहीं हैं। वहीं नीलामी प्रक्रिया के कई तकनीकी बिन्दु मत्स्य पालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। आपको बता दें कि राजस्थान का अधिकांश मछुआरा समुदाय अशिक्षित अथवा अल्पशिक्षित होने के बावजूद राज्य सरकार का मत्स्य विभाग आधुनिक नीलामी प्रक्रिया को अपना रहा है। इस नीलामी प्रक्रिया की कुछ तकनीकी खामियों और मत्स्यपालकों के इसे समझने में विफल रहने के चलते यह प्रक्रिया सफल नहीं हो पा रही है। दरअसल एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार मत्स्य पालकों को विविध अनुदान प्रदान कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर मत्स्य विभाग की कार्यप्रणाली इसके विपरीत नजर आ रही है। 13 मई को हुई ऑनलाइन बोली प्रक्रिया में कुछ बोलियों को अस्वीकार करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। ज्यादातर मत्स्यपालकों के पास संसाधनों का अभाव है। जबकि नीलामी प्रक्रिया के दौरान बोली बढ़ाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता जरूरी है। इस कारण मत्स्य पालकों को बोली बढ़ाने के लिए ई-मित्र अथवा चार्टर्ड अकाउंटेंट की सेवाएं लेनी पड़ रही हैं। क्योंकि बड़ी संख्या में मत्स्य पालक आज भी कीपैड वाले मोबाइल फोन का प्रयोग करते हैं। दूसरी तरफ बीसलपुर बांध के मामले में न्यायालय का स्थगन होने से नीलामी नहीं हो पा रही है। इससे भी मत्स्य विभाग को बड़े राजस्व का नुकसान हो रहा है। मत्स्य पालकों के आरोप: 13 मई को 154 जलाशयों की निविदा में पोर्टल सुविधाओं के कारण शिकायतें, 13 जलाशयों की पुनर्निविदा 19 मई को की गई, 13 मई की निविदा में बोलियां 3:30 बजे प्राप्त होने पर अस्वीकार, 19 मई की पुनर्निविदा में नियमों में बदलाव, आवेदकों को ‘अनलिमिटेड बोली’ लगाने की अनुमति दी गई, परिवर्तन की सूचना नहीं दी गई, 4 बार निविदाएं की गईं, 2 बार विभाग ने खुद रद्द कीं, निविदा अमानत राशि 2% से बढ़ाकर 10% किया गया, अब 10% जमा अनिवार्य है, 13 मई की निविदा में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को शामिल करने के आरोप, 4 से 19 जून तक फिर ऑनलाइन नीलामी, 103 जलाशयों के ठेकों के लिए ऑनलाइन नीलामी; पिछली निविदा प्रक्रिया में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदारों को भी शामिल करने के आरोप मत्स्य पालक प्रशिक्षण: राजस्थान मत्स्य पालक विकास संगठन के अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह शेखावत एवं सचिव भंवर सिंह ने कहा कि एनईएमएल पोर्टल के माध्यम से तृतीय निविदा प्रक्रिया के दौरान ही रद्द कर दिया गया था, फिर सभी मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा कहा गया पर केवल 43 लोग प्रशिक्षित हुए; जिलेवार प्रशिक्षण की मांग और ऑनलाइन प्रक्रिया में बदलाव के आरोप हैं। मत्स्य पालकों ने ऑनलाइन निविदा प्रणाली को पूर्ववत लागू करने और सुधार की मांग की है, ताकि पोर्टल में भी उनके सुझाव सुनें जाएं।
0
0
Report

बलरामपुर में 215 गुमशुदा मोबाइल लौटे, परिवारों के चेहरों पर खुशी

Balrampur, Uttar Pradesh:बलरामपूर में 215 लोगों की खुशियां लौटीं: किसी को मिला बेटे का नंबर, किसी को वर्षों की यादें, पुलिस ने लौटाए 55 लाख के मोबाइल बलरामपुर में शुक्रवार का दिन बलरामपुर के 215 परिवारों के लिए खुशियों भरा साबित हुआ। जिन मोबाइल फोन को लोग हमेशा के लिए खो चुका मान बैठे थे, वे अचानक उनके हाथों में वापस आ गए। किसी के चेहरे पर मुस्कान थी तो किसी की आंखों में खुशी के आंसू। कारण था बलरामपुर पुलिस द्वारा 215 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाना। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में जब एक-एक कर लोगों को उनके मोबाइल सौंपे गए तो माहौल भावुक हो गया। कई लोगों ने बताया कि मोबाइल सिर्फ एक उपकरण नहीं था, बल्कि उसमें परिवार की यादें, जरूरी दस्तावेज, संपर्क नंबर और जीवन के महत्वपूर्ण पल सुरक्षित थे। एक बुजुर्ग ने मोबाइल मिलने के बाद कहा कि इसमें उनके बेटे और रिश्तेदारों के सभी नंबर थे। फोन गुम होने के बाद उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था। वहीं एक महिला ने बताया कि मोबाइल में बच्चों की तस्वीरें और जरूरी दस्तावेज थे, जिन्हें खोने का उन्हें सबसे ज्यादा दुख था। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतें थानों और संचार साथी पोर्टल के माध्यम से प्राप्त हुई थीं। पुलिस की तकनीकी टीम ने लगातार प्रयास कर 215 स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 55 लाख रुपये है। मोबाइल वापस पाने वालों का कहना था कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका फोन दोबारा मिल पाएगा। लेकिन पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के चलते यह संभव हो सका। कई लोग मोबाइल मिलने के बाद पुलिसकर्मियों के साथ तस्वीरें खिंचवाते नजर आए। यह पहल सिर्फ मोबाइल लौटाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि लोगों के चेहरों पर विश्वास और संतोष भी वापस लेकर आई। डिजिटल दौर में मोबाइल व्यक्ति की दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ऐसे में खोया हुआ फोन मिलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं माना जा रहा。 बलरामपुर पुलिस की इस पहल ने यह संदेश भी दिया है कि समय पर शिकायत और सही प्रक्रिया अपनाने से खोई हुई चीजें वापस मिल सकती हैं। 215 मोबाइलों की बरामदगी ने न केवल लाखों रुपये की संपत्ति लोगों को लौटाई, बल्कि उनकी यादें, संपर्क और विश्वास भी वापस कर दिया。 *बयान -पुलिस अधीक्षक बलरामपुर विकास कुमार*
0
0
Report
Advertisement

बैतूल: विजय सेवा न्यास से 59 बेसहारा बच्चों को शिक्षा और आर्थिक सहायता

Betul, Madhya Pradesh:जब किसी बच्चे के सिर से माता-पिता का साया उठ जाता है,तो जिंदगी की राह बेहद कठिन हो जाती है,लेकिन बैतूल में ऐसे ही बच्चों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया है विजय सेवा न्यास। पूर्व सांसद स्वर्गीय विजय कुमार खंडेलवाल की स्मृति में,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उनका परिवार आज 59 बेसहारा बच्चों की शिक्षा और परवरिश की जिम्मेदारी निभा रहा है। रामकृष्ण की बगिया में आयोजित कार्यक्रम में 14 स्कूलों के प्राचार्यों और परिजनों को करीब 8 लाख रुपए की फीस राशि के चेक सौंपे गए। सिर्फ फीस ही नहीं हर बच्चे को 2 हजार रुपए की शैक्षणिक सहायता और देखभाल करने वाले परिजनों को हर साल 20 हजार रुपए की मदद भी दी जा रही है। उनके द्वारा यह मदद उनको हर वर्ष प्रदान की जाएंगी। इन बच्चों की जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रत्येक बच्चे को एक वालेंटियर नियुक्त किया गया हैं जो इनकी हर संभव मदद करेगा। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि किसी कारणवश कोई परिवार अपना जिम्मेदार परिजन खो देता है ऐसे में उस परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है जिसका सीधा असर परिवार के बच्चों के भविष्य पर पड़ता है। हमने एक प्रयास शुरू किया,ऐसे परिवार के बच्चों की शिक्षा और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया है। मानव सेवा ही सच्ची सेवा है हमारा लक्ष्य बच्चों को सिर्फ शिक्षा नहीं,बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य देना है। वर्ष 2025 में 41 बच्चों से शुरू हुआ ये सफर,अब 2026 में 59 बच्चों तक पहुंच चुका है। विजय सेवा न्यास सिर्फ मदद नहीं कर रहा,बल्कि बेसहारा बच्चों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगा रहा है साथ ही आने वाले दिनों में उनकी हर जरूरतों को पूरा कर बेहतर जिंदगी देने का सार्थक प्रयास भी किया जा रहा है।
0
0
Report

धार की जल सप्लाई पर सीएमओ का औचक निरीक्षण, कहा पानी शुद्ध है

Dhar, Madhya Pradesh:धार शहर में पेयजल गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच शुक्रवार सुबह नगर पालिका के सीएमओ के.वी. सिंह ने परिसर में उतरकर शहर के वार्डों का औचक निरीक्षण किया और जल सप्लाई व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने नलों से आ रहे पानी की जाँच की और पानी पीकर उसकी गुणवत्ता का परीक्षण किया। नगर पालिका सीएमओ ने बताया कि कुछ समय के लिए मटमैला पानी की शिकायतें आईं थीं, लेकिन अब स्थिति सुधर गई है। वे कहे कि टीम जल स्रोतों, पाइपलाइन और फिल्टर व्यवस्था की निगरानी कर रही है ताकि नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके। कई रहवासियों ने स्वीकार किया कि पहले पानी का रंग मटमैला और बदबू थी, लेकिन अब सप्लाई पहले से साफ है। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि नगरपालिका आगे भी नियमित निगरानी बनाए रखेगी। नगरपालिका ने कहा है कि जल गुणवत्ता को लेकर मॉनिटरिंग जारी है और किसी क्षेत्र में शिकायत मिलने पर तत्काल समाधान के लिए टीम भेजी जाएगी।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top