icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
241001
Amir KhanAmir KhanFollow16 Jan 2025, 10:26 am
0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

गोपालगढ़ मदरसे हादसे पर गृह राज्य मंत्री का बयान: बच्चों की सुरक्षा प्राथमिकता

Noida, Uttar Pradesh:भरतपुरडीग के गोपालगढ़ थाना इलाके में मील मदरसे में हुई घटना पर गृह राज्य मंत्री जवाहर बेढम का बयान, घटना को बताया दुःखद, हादसे में घायल बच्चों की जान बचाना सरकार व प्रशासन की प्राथमिकता, पढ़ने के लिए आई छात्राओं से सेप्टिक टैंक साफ कराना गलत, जिस किसी ने उनको यह करने के लिए निर्देशित किया उसके खिलाफ व संस्था के खिलाफ होगी कार्रवाही, हादसे में एक बच्ची की गई है जान, मील मदरसे में किस तरह की व्यवस्था है उसको भी चैक कर रहा है प्रशासन, इस तरह की घटनाएं नहीं हो, बच्चों को सिर्फ पढ़ाई का काम करने दिया जाए, इस तरह का काम कराना शर्मनाक।
0
0
Report
Advertisement

राधाकुंड के जूस कॉर्नर पर दबंगों का हमला CCTV रिकॉर्डिंग वायरल

Mathura, Uttar Pradesh:राधाकुंड में जूस कॉर्नर पर दबंगों का हमला, दुकान में घुसकर लाठी-डंडों से युवक को पीटा मथुरा/राधाकुंड कस्बे में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए दबंगों द्वारा एक जूस कॉर्नर पर सरेराह हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। दबंगों ने दुकान के अंदर घुसकर लाठी-डंडों से एक युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। हमले की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह वारदात स्थानीय पुलिस चौकी से महज कुछ ही दूरी पर अंजाम दी गई। पुलिस की नाक के नीचे हुई इस गुंडागर्दी से स्थानीय व्यापारियों और लोगों में भारी आक्रोश है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। वायरल सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह बेखौफ दबंग हाथों में लाठी-डंडे लेकर दुकान में दाखिल होते हैं और वहां मौजूद युवक पर ताबड़तोड़ हमला कर देते हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाते हुए आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के नजदीक ऐसी वारदात होना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है।
0
0
Report

मगोर्रा के सोंसा शाहपुर में मामूली विवाद पर गोली, महिला-युवक घायल

Mathura, Uttar Pradesh:मगोर्रा के सोंसा शाहपुर में मामूली विवाद को लेकर चली गोली, महिला समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल मथुरा/गोवर्धन: मगोर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सोंसा शाहपुर (जैनपुर) में देर शाम मामूली विवाद को लेकर गोली चलने की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इस फायरिंग में एक महिला और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वारदात की जानकारी मिलते ही गोवर्धन सीओ अनिल कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ सबसे पहले घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद वे तुरंत घायलों का हालचाल जानने और मामले की जानकारी लेने जिला अस्पताल मथुरा पहुंचे। अस्पताल में मीडिया से बातचीत करते हुए सीओ अनिल कुमार ने बताया कि रात करीब 8 बजे सोंसा शाहपुर जैनपुर गांव में फायरिंग होने की सूचना पुलिस को मिली थी। इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं, जिनकी पहचान सरोज (महिला) और गोपाल (युवक) के रूप में हुई है। दोनों घायलों का जिला अस्पताल में डॉक्टरों की देखरेख में इलाज चल रहा है。 पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) के मुताबिक, डॉक्टरों की औपचारिक मेडिकल रिपोर्ट और ओपिनियन आने के बाद ही घायलों की सटीक स्थिति के बारे में कुछ कहा जा सकेगा। शुरुआती जांच और ग्रामीणों से पूछताछ में सामने आया है कि वारदात की वजह बेहद मामूली थी। दो पक्षों के बीच किसी जगह पर ढाल लगाने या मेढ़ (ढलान) बनाने को लेकर कहासुनी हुई थी, जो देखते ही देखते इतनी बढ़ गई कि असलहे निकल आए और गोलियां चल गईं। पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि वे घायल युवक गोपाल के पिता महेश से संपर्क करने का प्रयास कर रहे हैं, जो घटना के समय अस्पताल में मौजूद नहीं थे। पुलिस का मानना है कि महेश से बातचीत होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई और असली वजह खुलकर सामने आ पाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और आरोपियों की धरपकड़ की कार्रवाई शुरू कर दी है।
0
0
Report
Advertisement

गुरेज़ घाटी में तीन महीनों में 1.5 लाख पर्यटक, स्थानीय युवाओं को रोजगार

Gurez Valley in north Kashmir has witnessed an unprecedented surge in tourist arrivals, with nearly 1.5 lakh visitors exploring the scenic destination over the past three months, giving a major boost to the local economy and creating employment opportunities for hundreds of local youths. The growing popularity of Gurez Valley, known for its breathtaking landscapes, the iconic Habba Khatoon peak and the pristine Kishanganga River, reflects the region's emergence as one of Jammu and Kashmir's leading offbeat tourist destinations. The administration attributed the significant rise in visitor numbers to sustained efforts to improve tourism infrastructure and promote the valley. Tourists visiting the valley said Gurez offered an experience unlike many commercial tourist destinations. Manzoor, a tourist from Jummu, said the valley had exceeded his expectations with its untouched natural beauty, crystal-clear Kishanganga River and peaceful surroundings. He said that unlike many crowded hill stations, Gurez offered visitors a tranquil experience and warm hospitality from local residents, making it one of the most memorable places he had visited. He added that the valley had immense tourism potential and deserved wider recognition while its fragile environment should be preserved. Local tourism operators also said the influx of tourists has transformed livelihoods in the valley. Tanveer, a tent operator in Dawar, said this had been one of the busiest tourism seasons in recent years, with tents remaining occupied for most of the season, particularly on weekends. He said the growing number of visitors had created steady employment opportunities for local youth and significantly improved the earnings of families dependent on tourism. He added that further improvements in roads, sanitation and visitor facilities would help attract even more tourists and sustain the valley's tourism growth in the coming years. Meanwhile, Deputy Commissioner Bandipora, Indu Kanwal Chib, said that more than 400 vehicles are entering Gurez Valley every day during the peak tourist season. She said nearly 1.5 lakh tourists have visited the valley over the past three months, while around 1,000 local youths have found employment in tourism-related activities, including operating homestays, tent accommodations, transport services, guiding tourists, hospitality and other tourism enterprises. She said the surge in tourist arrivals has significantly strengthened the local economy and improved livelihood opportunities for residents.
0
0
Report

सहरसा: TB मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरण

Saharsa, Bihar:खबर सहरसा से है जहाँ प्रधानमंत्री TB मुक्त भारत अभियान के तहत जिला प्रेक्षागृह में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा निश्चय मित्रों के सहयोग से TB मरीजों के बीच फूड बास्केट का वितरण किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार ने दीप प्रज्वलन के साथ किया. इस मौके पर सैकड़ों लोगों के बीच फूड पैकेट का वितरण किया गया. जिलाधिकारी ने TB मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य TB से भारत को पूर्णतः मुक्त बनाना बताया, इस अभियान के तहत समय पर जांच, निःशुल्क उपचार, पोषण सहायता तथा जनभागीदारी के माध्यम से TB मरीजों को संपूर्ण सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता से ही TB उन्मूलन के लक्ष्य को शीघ्र प्राप्त किया जा सकता है. इस कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित अनेक संस्थाओं ने निक्षय मित्र के रूप में TB मरीजों के लिए फूड बास्केट उपलब्ध कराया. जिला प्रशासन ने सभी निश्चय मित्रों के सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया. निश्चय मित्र पहल के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति, संस्था अथवा CSR TB मरीजों को गोद लेकर उन्हें अतिरिक्त पोषण, आर्थिक एवं मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान कर सकता है. मरीजों की नियमित निगरानी एवं उपचार की सतत मॉनिटरिंग के लिए निक्षय पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है.
0
0
Report
Advertisement

उधमपुर में अमरनाथ यात्रा सड़क हादसा, 4 श्रद्धालु घायल—पुलिस जांच शुरू

Jammu, उधमपुर में श्री अमरनाथ जी यात्रा के दौरान जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर सांगूर चौक के पास एक सड़क हादसा हुआ। बालटाल जा रही टोयोटा इनोवा गाड़ी ने सड़क किनारे खड़े एक डंपर को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे चार श्रद्धालु घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोग और पुलिस राहत कार्यों के लिए पहुंचे। सभी घायल श्रद्धालुओं को सरकारी मेडिकल कॉलेज उधमपुर के एसोसिएटेड अस्पताल में भर्ती कराया गया, डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है और मामला दर्ज किया गया है। शुरुआती तौर पर लापरवाही और तेज गति को कारण माना गया है। प्रशासन ने यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने और वाहन धीमी गति से चलाने की अपील की है।
0
0
Report

दमोह के एक अंतिम संस्कार से दहशत: डूबे शहर में एंटी रेबीज इंजेक्शन की भीड़

Damoh, Madhya Pradesh:कुत्ता के काटने से हुई युवक की मौत दहशत में पूरा शहर, अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोग लगवा रहे एंटी रेबीज इंजेक्शन ( वेक्सीन) दम्मोह जिले के तेंदूखेड़ा के निवासी वृन्दावन गुड्डू विश्वकर्मा को जबलपुर में कुछ महीनों पहले एक कुत्ता ने काटा, गुड्डू बीमार हुए चेकअप कराया तो उनके शरीर में रेबीज का इन्फेक्शन था, इलाज हुआ लेकिन गुड्डू ने दम तोड़ दिया। उनके शव को उनके गृहनगर तेंदूखेड़ा लाया गया और अंतिम संस्कार में घर परिवार नाते रिश्तेदार और दोस्त शामिल हुए और ये अंतिम संस्कार आम की तरह ही था लेकिन दूसरे दिन से शहर में अपवाह फैली और ये अपवाह थी अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले लोगों को रेबीज फैलने की, लोगों को बताया गया कि जो भी इसमें शामिल हुआ वो इंफेक्टेड हो गया और उसे रेबीज इंजेक्शन होने के पूरे चांस है और यदि समय पर ध्यान नहीं दिया गया तो गुड्डू की तरह वो भी बहुत बीमार पड़ सकते है। उसके बाद तेंदूखेड़ा के सिविल अस्पताल में एंटी रेबीज लगवाने भीड़ आना शुरू हो गई अमूमन हफ्ते में एक दो तो महीने भर में 10 से 12 पेशेंट यहां आते हैं लेकिन तीन दिनों में करीब 50 मरीजों ने जब एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए तो हड़कंप मच गया। और डॉक्टर्स ने तेजी से बढ़ रही इंजेक्शन की खपत के बाद जब पता किया तो उन्हें मालूम चला कि ये वही लोग है जो गुड्डू विश्वकर्मा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थें। यहाँ गुड्डू के दुखी परिवार में भी उन लोगों ने पता किया कि जब गुड्डू को कुत्ता ने काटा था तब उसके लिए क्या हुआ था और जब बीमार हुआ तो सिम्टम्स क्या थे ताकि वो अपने लक्षणों को जांच परख सके। एक युवा को खोने के ग़म में ग़मगीन गुड्डू का परिवार लोगो के फैली दहशत से काफी चिंतित है और परिजन बताते है कि डॉक्टर्स ने उन्हें और गुड्डू की बीमारी के वक्त उसकी सेवा करने वाले परिजनों को ये बताया था कि वो एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा लें ताकी उनके इंफेक्शन का खतरा न हो और उनके परिवारजनों ने इंजेक्शन लगवाए है। बाइट/ कंछेदी विश्वकर्मा ( मृतक गुड्डू के पिता तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ विजय विश्वकर्मा ( मृतक गुड्डू के भाई तेंदूखेड़ा दमोह) यहाँ गुड्डू के последних में शामिल हुए लोगों में से जो लोग अस्पताल जाकर इंजेक्शन लगवा रहे है मालूम चल रहा है वो लोग भी खुद से ही इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे है, अस्पताल में डाक्टर पूछते है कोई कुत्ता काटा है जवाब मिलता नहीं और जब डाक्टर वजह पूछते हे तो वही गुड्डू का अंतिम संस्कार। बाइट/ कपिल गोटिया ( अंतिम संस्कार में शामिल व्यक्ति तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ आदित्य कुमार ( अंतिम संस्कार में शामिल व्यक्ति तेंदूखेड़ा दमोह) बाइट/ राहुल प्रधान ( अंतिम संस्कार में शामिल व्यक्ति तेंदूखेड़ा दमोह) और जैसे जैसे उन लोगों को जो लोग अंतिम संस्कार में शामिल हुए उनमें से लोग अस्पताल जाकर इंजेक्शन लगवा रहे है मालूम चल रहा है वो लोग भी खुद से ही इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे है, अस्पताल में डाक्टर पूछते है कोई कुत्ता काटा है जवाब मिलता नहीं और जब डाक्टर वजह पूछते है तो वही गुड्डू का अंतिम संस्कार। इस अजीबो गरीब दहशत के बीच लोगों अंदर ही अंदर घुट रहे है लोगों को खुद के बीमार होने का डर है और इस डर ने तो कई लोगों का पिछले चार दिनों से घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है, कोरोना काल की तरह कुछ लोग खुद को कोरेन्टिन किए है और अपने परिजनों से भी दूरी बनाए है। लेकिन लोगों को इस अजीबो गरीब दहशत के बारे में जानकारों से पता जरूर करना चाहिए, दमोह के चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसे मरीज जिनकी मौत रेबीज के इन्फेक्शन की वजह से हुई है उन मरीजों के संपर्क में लोग रहे उनको उस मरीज का नाखून लगा हो, मरीज का खून उसे लगा हो या फिर मुख्यतः उसकी लार उनके शरीर में लगी हो तो इंफेक्शन ट्रांसफर होने की पूरी सम्भावना रहती है और ऐसे लोगों को डॉक्टर्स वैक्सीन लगवाने की सलाह देते है और सलाह मिलने पर कोताही नहीं बरतना चाहिए ऐसे लोगों को वेक्सीन जरूरी है। लेकिन अंतिम संस्कार में शामिल हुए लोग बेवजह दहशत में है और उन्हें इस वेक्सीन की जरूरत नहीं है और न ही घबराना चाहिए। जानकार बताते है कि कई बार रेडीबीज वेक्सीन के दुष्परिणाम भी आ सकते है और ये आपके शरीर पर बुरा असर भी डाल सकते है। उनके मुताबिक यदि कुछ समस्या समझ आ रही है तो पहले डाक्टर को दिखाएं फिर उसकी सलाह पर ही आगे बढ़े। डॉ दिवाकर पटेल ( एमडी मेडिसिन , जिला चिकित्सालय दमोह) बहरहाल मामला एक शहर में कुछ लोगों के बीच फैली दहशत का नहीं है बल्कि ऐसे हो एक शहर से फैली अपवाह कईं बार देश व्यापी हो जाती है तो कई बार दहशत भी जानलेवा बन जाती है लिहाजा स्थानीय स्तर पर प्रशासन को bhi लोगों को जागरूक करने की जरूरत है और समाज का भी दायित्व है कि वो लोगों को जागरूक करें।
0
0
Report
Advertisement

नेशनल हाईवे-45 की पहली बारिश में डामर सड़क में दरार, गुणवत्ता पर सवाल

Karhi, Chhattisgarh:मध्यप्रदेश के जबलपुर से अमरकंटक, केंवची, कारीआम, रतनपुर होते हुए बिलासपुर और रायपुर (छत्तीसगढ़) को जोड़ने वाले निर्माणाधीन नेशनल हाईवे-45 की गुणवत्ता पहली ही बारिश में सवालों के घेरे में आ गई है। बीते दो दिनों में हुई मानसून की हल्की बारिश के बाद कारीआम से बेलपत-जोगीसार मार्ग के बीच कई स्थानों पर नई बनी डामर सड़क में लंबी-लंबी दरारें उभर आई हैं। वहीं कई जगह सड़क किनारे बनाए गए साइड सोल्डर में डाली गई मिट्टी और मुरुम बारिश के पानी में बह गई है, जिससे सड़क और सोल्डर के बीच चौड़े गैप बन गए हैं। इतना ही नहीं, कुछ पुलियों के पास सड़क धंसने और लंबी दरारें पड़ने से विभागीय इंजीनियिनियरो की कार्य प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े किया है... रायपुर बिलासपुर कोरबा नेशनल हाईवे से रतनपुर होते हुए कार्य क्योंंची अमरकंटक होते हुए जबलपुर को जोड़ने वाली निर्माण अधीन नेशनल हाईवे 45 की गुणवत्ता एवं इंजीनियरो की कार्य प्रणाली फिर सवालों के घेरे में आ गई है गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के अंतर्गत चल रहे नेशनल हाईवे 45 का काम अत्यंत ही निम्न स्तर का नजर आ रहा है , NHAI के इंजीनियरों एवं ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्य की पोल मानसून की पहली हल्की बारिश ने ही खोल कर रख दी है पहले ही लेट लतीफी के काम से बिलासपुर की आवाजाही दूभर बनी हुई थी, पर सड़क के जी शीशे का काम नेशनल हाईवे ने पूरा किया है वो पहले ही बारिश में बह रहा है , कहीं साइड शोल्डर बह गया हैं तो कहीं डामर की मजबूत सड़क पर बड़ी बड़ी दरारे आ गयी है, स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य अभी पूरा भी नहीं हुआ है और पहली ही बारिश में इस तरह की खामियां सामने आना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। ग्रामीणों के अनुसार सड़क के किनारों को पर्याप्त मजबूती नहीं दी गई, जिसके कारण हल्की बारिश में ही मिट्टी बह गई और कई स्थानों पर सड़क का आधार कमजोर दिखाई देने लगा। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी सुधार नहीं किया गया तो आगामी दिनों में होने वाली तेज बारिश के दौरान सड़क को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है। नेशनल हाईवे-45 मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री बसें, ट्रक, मालवाहक वाहन और निजी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में निर्माणाधीन सड़क में दरारें, धंसाव और साइड सोल्डर के बह जाने जैसी स्थिति भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस परियोजना में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने तथा जहां-जहां खामियां सामने आई हैं, वहां तत्काल सुधार कार्य कराने की मांग की है। उनका कहना है कि लंबे समय से क्षेत्रवासी इस सड़क के निर्माण का इंतजार कर रहे थे, इसलिए कार्य भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए। इधर, सड़क की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। हालांकि, निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन सड़क का उच्चस्तरीय निरीक्षण कराया जाए और गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में लोगों को सुरक्षित और टिकाऊ सड़क का लाभ मिल सके।।
0
0
Report

गोरखपुर में तेज बारिश से शहर जलमग्न, सड़कों पर पानी दो फीट तक

Gorakhpur, Uttar Pradesh:गोरखपुर में देर रात हुई मूसलाधार बारिश से मौसम को सुहाना कर दिया इससे गर्मी से परेशान शहरवासियों को काफी हद तक राहत मिली मगर जब सुबह वह अपने जरूरी कामों को लेकर घरों से बाहर निकले तो शहर के कई मुहल्ले व बाजार की सड़कों पर पानी भरा हुआ दिखाई दिया जिसने नगर निगम के जलनिकासी दावों की पोल खोलकर रख दी। रात भर हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह शहर की कई सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। प्रमुख मार्गों, बाजारों और दर्जनों कॉलोनियों में एक से तीन फीट तक पानी भर गया। कई जगह वाहन पानी में बंद हो गए, दुकानों और घरों में पानी घुस गया, जबकि बाइक सवार जलभराव के बीच फिसलकर घायल हो गए। बारिश के कारण सर्वाधिक दिक्कत स्कूल कॉलेज व कोचिंग जाने वाले छात्र छात्राओं को हुआ बारिश के कारण हालात इतने खराब रहे कि खुद नगर निगम कार्यालय परिसर भी जलमग्न हो गया। देर रात शुरू हुई तेज बारिश ने सुबह होते-होते पूरे शहर की रफ्तार थाम दी। शहर के दाउदपुर, जिला परिषद मार्ग, बैंक रोड, विजय चौराहा, अलीनगर, घोस कंपनी, माया बाजार, रेती रोड और आरटीओ रोड पर भारी जलभराव हो गया। कई जगह एक से तीन फीट तक पानी भरने से लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए। सबसे ज्यादा खराब स्थिति दाउदपुर इलाके में देखने को मिली, जहां घंटों करीब डेढ़ फीट तक पानी जमा रहा। जिला परिषद मार्ग पर लोगों को घुटनों तक पानी में होकर गुजरना पड़ा। सबसे बड़ी बात यह रही कि नगर निगम कार्यालय परिसर के पार्क के सामने भी सुबह eight बजे तक डेढ़ से दो फीट तक पानी भरा रहा, जिसने जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। असुरन चौराहे से गीता वाटिका मार्ग पर राप्ती कॉम्प्लेक्स की चहारदीवारी गिर गई, जिससे नाले का पानी आसपास की दुकानों और मकानों में घुस गया। रेती रोड और माया बाजार क्षेत्र में कई दुकानों में पानी भर जाने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। दुकानदार सुबह से ही पानी निकालने में जुटे रहे। देवरिया बाईपास पर पंचमुखी हनुमान मंदिर से भगत चौराहे तक आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियां जलमग्न रहीं। चंपा देवी पार्क से गोरक्ष एनक्लेव के बीच सड़क पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। जलभराव के बीच कई बाइक सवार फिसलकर गिर पड़े और घायल हो गए। बहरामपुर, इलाहीबाग, तिवारीपुर, साहबगंज, मोहरीपुर और जागर बाजार जैसे निचले इलाकों में लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। लगातार बढ़ते जलभराव के बाद नगर निगम की टीमें सुबह करीब आठ बजे मैदान में उतरीं। विभिन्न स्थानों पर पंप लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया गया। करीब पौने नौ बजे तक कई इलाकों में जलस्तर कम होने लगा और लोगों को कुछ राहत मिली। नगर आयुक्त अजय जैन ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जलनिकासी तेज करने के निर्देश दिए हैं। एक रात की बारिश ने गोरखपुर में जलनिकासी व्यवस्था की पूरी हकीकत सामने ला दी। सड़कें तालाब बन गईं, कॉलोनियां जलमग्न हो गईं और लोगों को घंटों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सवाल यह है कि हर साल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आखिर बारिश आते ही शहर पानी-पानी क्यों हो जाता है? अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नगर निगम स्थायी समाधान कब तक तलाश पाता है।
0
0
Report

दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाया; आंदोलन पर नया मोड़

Noida, Uttar Pradesh:जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने के लिए दिल्ली पुलिस ने शनिवार तड़के एक सुनियोजित ऑपरेशन चलाया पुलिस सूत्रों के मुताबिक, नए पुलिस आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई थी सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने सुबह के उस समय को चुना जब प्रदर्शनकारियों की संख्या सबसे कम थी..साथ ही, वांगचुक के करीबी सहयोगी अभिजीत डिपके के कुछ देर के लिए प्रदर्शन स्थल से बाहर जाने के समय का भी इंतजार किया गया, ताकि मंच पर कॉर्डिनेशन करने वाला प्रमुख व्यक्ति मौजूद न रहे करीब 30 से 35 पुलिसकर्मी, जिनमें नई दिल्ली जिले की स्पेशल स्टाफ और स्थानीय पुलिस के जवान शामिल थे, सादे कपड़ों में बैरिकेड वाले प्रदर्शन स्थल में दाखिल हुए सूत्रों का कहना है कि पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय रखी गई थी और इसकी पूरी जानकारी केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों को ही थी पुलिसकर्मियों ने पहले सोनम वांगचुक के बिस्तर को चारों ओर से बड़े सफेद कपड़ों से ढक दिया और फिर उन्हें चुपचाप मंच से हटाकर एंबुलेंस तक ले जाया गया, ताकि भीड़ इकट्ठा न हो और कोई हंगामा न हो सूत्रों के मुताबिक, यह ऑपरेशन तीन लेयर में चलाया गया..पहली लेयर में सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों ने मंच को सुरक्षित कर वांगचुक को हटाया.. दूसरी लेयर में CRPF और RAF के जवानों ने बैरिकेड के बाहर प्रदर्शनकारियों को रोके रखा ताकि किसी तरह का टकराव न हो.. तीसरी लेयर में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एंबुलेंस और पुलिस वाहनों के पास बने कंट्रोल प्वाइंट से पूरी कार्रवाई की निगरानी करते रहे वांगचुक को एंबुलेंस में बैठाए जाने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने ग्रीन कॉरिडोर जैसा रास्ता सुनिश्चित किया, जिससे एंबुलेंस बिना किसी बाधा के सीधे सफदरजंग अस्पताल पहुंच गई कार्रवाई पूरी होने के कुछ देर बाद अभिजीत डिपके प्रदर्शन स्थल पर लौटे..उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गैर मौजूदगी में सोनम वांगचुक को हटाया गया..साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वे भूख हड़ताल जारी रखकर आंदोलन को आगे बढ़ाएंगे हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से और अधिकतम संयम के साथ की गई।.. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर स्थल को शांतिपूर्वक खाली करने की भी अपील की
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top