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Ramprakash RathourRamprakash RathourFollow15 Apr 2025, 01:35 pm

Hardoi - रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के बाद भी भवन स्वामी ने किया कब्जा

Shahabad, Uttar Pradesh:कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सफीपुर स्थित भवन का 30 वर्ष के लिए एक स्कूल के नाम रजिस्टर्ड एग्रीमेंट के बाद भी भवन स्वामी ने अपने पुत्रों के साथ वहां तैनात दलित चौकीदार के साथ अभद्रता कर मारपीट करते हुए भवन में कब्जा कर लिया।स्कूल के प्रबंधक ने आरोपियों के विरुद्ध कोतवाली में लिखित तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।शाहजहांपुर जनपद के नवादा इंदेपुर निवासी दक्ष इंटरनेशनल स्कूल शाहाबाद के प्रबंधक प्रदीप कुमार पुत्र लालाराम के अनुसार 22 जून 2024 को राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी पुत्र देवी दयाल रस्तोगी निवासी मोहल्ला चौक शाहाबाद ने इंटर कॉलेज संचालन हेतु गाटा संख्या 1374 स्थित ग्राम सफीपुर रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया उसके बाद भवन स्वामी ने कब्जा कर लिया।
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सहरसा के हेमपुर में 19 वर्षीय युवती का पेड़ पर शव मिला, जांच जारी

Saharsa, Bihar:एक 19 वर्षीय युवती का पेड़ से लटकता हुआ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई. मृतका की पहचान हेमपुर गांव निवासी सुधा कुमारी, पिता महेंद्र सादा के रूप में हुई है. मृतक युवती के परिजनों के अनुसार सुधा कुमारी सुबह से घर से लापता थी काफी खोजबीन के बाद उसका शव गांव के समीप एक पेड़ से दुपट्टे के सहारे लटका हुआ मिला. इधर घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई. वहीं सूचना मिलने पर पुलिस और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंच मामले की छानबीन में जुट गई है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया है. फिलहाल मृतका के परिजनों का कहना है कि उनका किसी से कोई विवाद नहीं था आखिर उनकी बेटी की मौत आत्महत्या है या फिर हत्या कुछ समझ नहीं आ रहा है, पुलिस छानबीन के बाद ही युवती के मौत का कारण पता चल पाएगा.
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बहराइच के टॉप माफिया गब्बर सिंह पर गैंगस्टर एक्ट कार्रवाई, अनिल गिरफ्तार

Bahraich, Uttar Pradesh:बहराइच से बड़ी खबर, प्रदेश स्तर के टॉप माफिया गब्बर सिंह पर हुई गैंगेस्टर एक्ट की कार्रवाई, माफिया गब्बर का सहयोगी गैंगेस्टर एक्ट का अपराधी अनिल गिरफ्तार, माफिया गब्बर के गैंग से जुड़कर करता था अनिल माफिया गब्बर के लिये आपराधिक काम, दरगाह थाने की पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत की एक सदस्य की गिरफ्तारी, बाकी अन्य की तलाश जारी, दरगाह रेलवे क्रॉसिंग से हुई अनिल की गिरफ्तारी, शहर के हमजاپुरा इलाके का है आरोपी अनिल निवासी, पुलिस जांच में जुटी, खबर विस्तार से, पुलिस अधीक्षक बहराइच विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने हेतु की जा रही कार्यवाही के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) आयुष विक्रम सिंह एवं क्षेत्राधिकारी नगर श नारायण दत्त मिश्र के पर्यवेक्षण में प्रभारी दरगाह शरीफ रामाज्ञा सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 243/2026 धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैGangस्टर अधिनियम से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार करने में मिली सफलता। घटना संक्षिप्त विवरणः- प्रदेश स्तर पर चिन्हित 68 टॉप माफिया में से जनपद बहराइच के अपराधी गब्बर सिंह उर्फ देवेन्द्र प्रताप सिंह द्वारा एक सुसंगठित आपराधिक गिरोह संचालित किया जाता है, जिसका मुख्य उद्देश्य अपने एवं गैंग के सदस्यों के लिए आर्थिक, भौतिक एवं अन्य प्रकार के लाभ प्राप्त करना है। उक्त गिरोह द्वारा संगठित रूप से जनपद बहराइच सहित प्रदेश के विभिन्न जनपदों में निर्बल एवं कमजोर वर्ग के व्यक्तियों को चिन्हित कर उनकी बहुमूल्य भूमि, भवन एवं अन्य सम्पत्तियों को हड़पने की नीयत से कूटरचित अभिलेख तैयार कर अवैध कब्जा करने जैसे अपराध कारित किए जाते हैं। गिरोह की गतिविधियों के कारण आम जनमानस में भय, आक्रोश एवं आतंक व्याप्त है। उक्त गैंग का सरगना/लीडर गब्बर सिंह उर्फ देवेन्द्र प्रताप सिंह है। उक्त गैंग के क्रियाकलापों एवं आपराधिक कृत्यों को दृष्टिगत रखते हुए तथा इसके सदस्यों का समाज में स्वच्छन्द रूप से विचरण लोकहित में उचित न होने के कारण नियमानुसार जिलाधिकारी बहराइच महोदय द्वारा गैंग चार्ट अनुमोदित किया गया। अनुमोदित गैंग चार्ट के आलोक में थाना दरगाह शरीफ जनपद बहराइच पर मु0अ0सं0 243/2026 धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया। विवेचना के क्रम में आज दिनांक 01.06.2026 को उक्त अभियोग में वांछित अभियुक्त अनिल कुमार पुत्र रामकुमार निवासी मोहल्ला हमजापुरा थाना दरगाह शरीफ जनपद बहराइच को अनारकली रोड रेलवे क्रासिंग क्षेत्र से गिरफ्तार कर अग्रिम विधिक कार्यवाही की गई। o गिरफ्तार अभियुक्त- 01. अनिल कुमार पुत्र रामकुमार निवासी मोहल्ला हमजापुरा थाना दरगाह शरीफ जनपद बहराइच उम्र करीब 59 साल o अनावरित अभियोग का विवरणः- मु0अ0सं0 243/2026 धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर अधिनियम गैंग का अपराधिक इतिहास- गैंग के सरगना के विरूद्ध प्रदेश में कुल 67 गंभीर अपराधों में अभियोग पंजीकृत है। गिरफ्तार अभियुक्त अनिल का आपराधिक इतिहास- 1. मु0अ0सं0 415/2023 धारा 419/420/467/468/471/120बी आईपीसी दरगाह शरीफ बहराइच 2. मु0अ0सं0 243/2026 धारा 3(1) उत्तर प्रदेश गैंगेस्टर अधिनियम दरगाह शरीफ बहराइच
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645 करोड़ के सरकारी धन घोटाले में विक्रम वाधवा गिरफ्तार; ED का बड़ा कदम

Noida, Uttar Pradesh:प्रवर्तन निदेशालय ने आज नगर निगम, पंचकुला के साथ कोटक महिंद्रा बैंक धोखाधड़ी के पूर्व उपाध्यक्ष और मास्टरमाइंड पुष्पिंदर सिंह को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 19 (1) के तहत गिरफ्तार किया। ईडी ने इस मामले में मुख्य रूप से कोटक महिंद्रा के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहहिता, 2023 और पीसी अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी), पंचकुला, हरियाणा द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की। बैंक: ईडी 645 करोड़ रुपये की सरकारी रकम की हेराफेरी में ED का बड़ा एक्शन, रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा गिरफ्तार देश के चर्चित IDFC बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने रियल एस्टेट कारोबारी विक्रम वाधवा को गिरफ्तार कर लिया है। चंडीगढ़ जोनल ऑफिस की टीम ने 29 मई 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत वाधवा को हिरासत में लिया। ED के अनुसार यह मामला हरियाणा सरकार, चंडीगढ़ प्रशासन और चंडीगढ़-पंचकुला के दो निजी स्कूलों के खातों से करीब 645 करोड़ रुपये की सरकारी और सार्वजनिक धनराशि के गबन से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह कोई सामान्य बैंक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आर्थिक अपराध है जिसमें बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों की मिलीभगत से सरकारी खातों से करोड़ों रुपये निकालकर उन्हें अलग-अलग माध्यमों से ठिकाने लगाया गया। ED की जांच में सामने आया है कि विक्रम वाधवा इस पूरे नेटवर्क का एक प्रमुख सदस्य था। एजेंसी का आरोप है कि उसने मुख्य आरोपी रिभव ऋषि, अभय कुमार, कुछ बैंक अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी धन की हेराफेरी की साजिश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जांच के दौरान यह भी पता चला है कि वाधवा के व्यक्तिगत बैंक खाते में 70 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पहुंची थी। इसके अलावा उसे भारी मात्रा में नकद धनराशि भी मिली, जो कथित तौर पर गबन की गई रकम से उत्पन्न हुई थी। ED का कहना है कि वाधवा ने इस धन को वैध दिखाने के लिए कई कंपनियों और व्यावसायिक संस्थाओं में निवेश किया तथा इससे कई अचल संपत्तियां भी खरीदीं। जांच एजेंसी के मुताबिक इस घोटाले को अंजाम देने के लिए कई शेल कंपनियों और बिचौलिया संस्थाओं का इस्तेमाल किया गया। इनमें कैपको फिनटेक सर्विसेज, स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स, आर.एस. ट्रेडर्स और एसआरआर प्लानिंग गुरुस प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि सरकारी विभागों के खातों से धनराशि सबसे पहले इन कंपनियों में भेजी गई और उसके बाद रकम को कई अलग-अलग बैंक खातों में घुमाकर उसकी असली पहचान और स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। इस पूरी प्रक्रिया को मनी लॉन्ड्रिंग की भाषा में लेयरिंग कहा जाता है, जिसका मकसद जांच एजेंसियों के लिए पैसे के वास्तविक स्रोत तक पहुंचना मुश्किल बनाना होता है। ED की जांच में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है। एजेंसी के अनुसार सैकड़ों करोड़ रुपये की रकम कई ज्वैलर्स के खातों में भी ट्रांसफर की गई। आरोप है कि इन बैंकिंग लेन-देन के बदले ज्वैलर्स ने नकद धनराशि उपलब्ध कराई। इसके बाद मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और उसके सहयोगियों ने यह नकदी विभिन्न सरकारी अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लाभार्थियों तक पहुंचाई। ED का दावा है कि विक्रम वाधवा भी उन लोगों में शामिल था जिन्हें इस नेटवर्क के जरिए नकदी उपलब्ध कराई गई। अब एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले की रकम किन-किन लोगों तक पहुंची और उससे कितनी संपत्तियां खरीदी गईं। गिरफ्तारी के बाद विक्रम वाधवा को विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 2 जून 2026 तक चार दिन की ED हिरासत में भेज दिया। इस दौरान एजेंसी उससे पूछताछ कर पैसे के रूट, निवेश, संपत्तियों और अन्य आरोपियों से जुड़े संबंधों की जानकारी जुटा रही है। ED को उम्मीद है कि वाधवा से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क और मनी ट्रेल के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। इस मामले में ED इससे पहले 11 मई 2026 को मुख्य आरोपी रिभव ऋषि और अभय कुमार को भी गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों आरोपियों से 11 दिनों तक पूछताछ की गई थी, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब जांच एजेंसी की नजर उन सभी लोगों पर है जिन्होंने इस कथित घोटाले से फायदा उठाया या जिनकी भूमिका सरकारी धन को छिपाने और उसे वैध दिखाने में रही है। 645 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले ने सरकारी वित्तीय प्रबंधन, बैंकिंग निगरानी और सार्वजनिक धन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ED का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूरे पैसे के नेटवर्क, लाभार्थियों तथा इस धन से खरीदी गई संपत्तियों का पता लगाने के लिए लगातार छापेमारी, दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की जा रही है। एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे तथा नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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आरा-बक्सर मार्ग पर डम्पर हादसे में महिला की मौत, कार्रवाई की मांग तेज

Mumbai, Maharashtra:भोजपुर जिले से बड़ी खबर सामने आई है जहां एक महिला को डम्फर ने रौंद दिया है जिसमें महिला की मौत हो गई है। शहर के नवादा थाना क्षेत्र अंतर्गत चंदवा सूर्य मंदिर के समीप सोमवार को एक अनियंत्रित ड Dumpर ने स्कूटी सवार महिला को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे महिला की मौत हो गई। मृतका की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कौशिक दुलारपुर गांव निवासी नीतू देवी के रूप में की गई है। वह सुधीर सिंह उर्फ टुना सिंह की पत्नी थीं। उनके पति झारखंड के गढ़वा पुलिस में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में प्रतिनियुक्ति पर रांची कोर्ट में कार्यरत हैं। पति को भी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीण और स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए तथा आरा-बक्सर मुख्य मार्ग को जाम कर जमकर हंगामा किया। लोगों ने दुर्घटना के लिए नो-एंट्री में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा वाहन चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इस दौरान गुस्साए लोगों ने पथराव कर डंपर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हालांकि चालक मौके से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम आरा सदर अस्पताल में करवाया है और परिजनों के बयान पर एक मामला दर्ज कर आगे की करवाई में जुट गई है।
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अपने पैतृक आवास पर पहुंचे मेला फिल्म के अभिनेता फैसल खान

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Shahabad, Uttar Pradesh:फिल्म अभिनेता आमिर खान के छोटे भाई और फिल्म मेला के में प्रमुख किरदार निभाने वाले फैसल खान सोमवार को दोपहर 2:00 बजे अपने वकील के साथ अपने पैतृक आवास अख्तियारपुर पहुंचे। यहां पर उन्होंने अपने पैतृक आवास के चारों ओर घूम कर उसकी लोकेशन का जायजा लिया और अपने साथ आए हुए कुछ लोगों से गुफ्तगू करके पैतृक आवास के अंदर और बाहर फोटोग्राफी करवाई। इस दौरान फैसल खान को देखने के लिए मोहल्ले की भारी भीड़ एकत्रित हो गई। फैसल खान दूसरी बार अपने पैतृक आवास पर पहुंचे। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आमिर खान का शाहाबाद के मोहल्ला अख्तियारपुर में पैतृक मकान है। उनके चाचा नासिर हुसैन और पिता ताहिर हुसैन यहीं के रहने वाले थे। यहां पर उनके काफी बड़े बाग, खेती और काफी बड़ा पैतृक आवास है। यहां पर आमिर खान की लगान फिल्म सुपरहिट होने के बाद उनके ऊपर सेवानिवृत हो चुके एसडीएम इंद्रपाल भदोरिया ने लगान ठोंक दिया था। उसके बाद लगान अदा करने के लिए आमिर खान के केयरटेकर गुलाम मोहम्मद साहब को शाहाबाद आना पड़ा था। 10 साल पहले प्रॉपर्टी विवाद के चलते मेला फिल्म के एक्टर फैसल खान अपने वकील के साथ शाहाबाद आए थे और सोमवार को दूसरी बार अपने ने वकील के साथ अपने पैतृक आवास पहुंचे। यहां पर उन्होंने आवास के चारों ओर घूम कर लोकेशन का जायजा लिया। आवास में रहने वाले लोगों से बातचीत की और आवास तथा आसपास की लोकेशन में फोटोग्राफी भी कार्रवाई । इसके बाद वह अपने टीले वाले बाग में भी गए और वहां पर अपने बुजुर्गों की कब्रें भी देखी। तत्पश्चात वहां से अपने वकील के साथ हरदोई रवाना हो गए।
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अलग अलग स्थानों से दो किशोरिया लापता, आरोपियों पर रिपोर्ट

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Shahabad, Uttar Pradesh:शाहाबाद सर्किल के अलग अलग थाना क्षेत्र से दो किशोरियों को भगा ले जाने के मामले प्रकाश में आये हैं। परिजनों की लिखित तहरीर के आधार पर संबंधित थाना पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर किशोरियों की तलाश शुरू कर दी है। शाहाबाद कस्बे के एक मोहल्ला निवासी पीड़ित मां के अनुसार उसकी 16 वर्षीय पुत्री को 29 मई की रात मोहल्ले मे रिश्तेदारी में आया था। कासिमपुर थाना के गौसगंज निवासी मोहित पुत्र बीटू बहला फुसला कर अपने साथ भगा ले गया। उसकी पुत्री घर में रखे पंद्रह हजार रूपये और आपने आधार सहित अन्य कागजात साथ ले गई है। मझिला थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित मां के अनुसार उसकी 15 वर्षीय पुत्री को 24 मई की दोपहर में गांव निवासी तालिब पुत्र कल्लू मौलाना हकीम निवासी गढ़ी विरहमपुर थाना उचौलिया, मजीबुल्ला और आलम के साथ मिलकर बहला फुसला कर भगा ले गए है। विपक्षी तालिब उसकी नाबालिग पुत्री से निकाह करना चाहता है। किशोरियों के लापता होने के मामले मे परिजनों की लिखित तहरीर के आधार पर संबंधित थाना पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर किशोरियों की तलाश शुरू कर दी है।
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केसर चीनी मिल की नीलामी पर बीकेयू ने उठाए सवाल, दोबारा पारदर्शी नीलामी की मांग

Baheri, Uttar Pradesh:बहेड़ी। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रदेश अध्यक्ष बलजिंदर सिंह मान ने रविवार को बहेड़ी में आयोजित प्रेस वार्ता में केसर चीनी मिल की भूमि नीलामी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने नीलामी प्रक्रिया को विवादित बताते हुए इसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति को बेहद कम कीमत पर नीलाम किया गया है। उनका कहना था कि जिस संपत्ति का बाजार मूल्य लगभग 150 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, उसे मात्र 28 करोड़ 5 लाख रुपये में बेचना कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने कहा कि नीलामी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और कुछ चुनिंदा लोगों के माध्यम से औपचारिक बोली लगवाकर संपत्ति को कम कीमत पर बेचने का प्रयास किया गया। बीकेयू नेताओं ने स्पष्ट किया कि संगठन नीलामी प्रक्रिया का विरोध नहीं कर रहा है, बल्कि कथित अनियमितताओं और किसानों के हितों की अनदेखी का विरोध कर रहा है। उनका कहना है कि यदि संपत्ति का वास्तविक मूल्य नहीं मिलेगा तो किसानों का वर्षों से लंबित गन्ना भुगतान प्रभावित होगा और उनका बकाया भुगतान अटका रह जाएगा। किसान यूनियन ने प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री और मंडलायुक्त से वर्तमान नीलामी को निरस्त कर पुनः खुली एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत नीलामी कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और संपत्ति का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए दोबारा नीलामी कराना आवश्यक है। बीकेयू प्रदेश अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो संगठन इस मुद्दे को प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक उठाएगा। साथ ही मंडलायुक्त से मुलाकात कर नीलामी प्रक्रिया के खिलाफ औपचारिक विरोध दर्ज कराया जाएगा। प्रेस वार्ता में अजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, योगेश पाल सिंह, अमर पाल सिंह सहित भारतीय किसान यूनियन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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मुजफ्फरपुर हत्याकांड में नया ऑडियो: बाबुल चौधरी पर हत्या की जिम्मेदारी, SIT जांच शुरू

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:Anchor - मुजफ्फरपुर के नगर थाना क्षेत्र मे देर रात हुए कुख्यात गोविन्द शर्मा हत्याकांड मे अब एक नया मोड सामने आया है. जहाँ एक तरफ पुलिस हत्याकांड के दोषी को ढूंढने मे लगी है, इसी बीच एक ऑडियो ने सनसनी फैला दी है. दरअसल एक ऑडियो सामने आया है जिसमे ये दावा किया जा रहा है कि गोविन्द की हत्या बाबुल चौधरी ने किया है, कथित तौर पर ये ऑडियो खुद बाबुल चौधरी ने कई लोगो को भेजा है और उसने स्वीकार किया है कि उसी ने गोविन्द की हत्या की है. ऑडियो मे एक शख्स के द्वारा कहा जा रहा है कि मैं बाबुल चौधरी बोल रहा हूँ, मैंने ही गोविन्द की हत्या की है. ऑडियो मे साफ तौर पर कहा गया है कि कई चर्चित मामले मे हम सब एक साथ काम कर रहे थे, लेकिन ठेकेदारी और जमीन के काम मे अड़चन पैदा कर रहा था, उसने मेरी हत्या की साजिश रची थी, अगर मैं उसे नहीं मारता तो वो मुझे मार देता. इस वायरल ऑडियो मे साफ तौर पर कहा गया है कि मुझे प्रशासन से कोई मतलब नहीं है, जैसा कहा जाएगा वैसा करूंगा. इस वायरल ऑडियो के आने के बाद अब पुलिस हड़कत मे आ गई है. एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने वायरल ऑडियो की जाँच के लिए SIT का गठन कर दिया है. ये ऑडियो वाकई मे किसकी है, किस परिस्थिति मे रिकॉर्ड की गई है ये सब जाँच किया गया है. वहीं मामले मे अबतक कई लोगो से पूछताछ की जा रही है. आपको बता दें कि मृतक गोविन्द शर्मा शहर के पूर्व मेयर समीर हत्याकांड, चर्चित प्रॉपर्टी डीलर आशुतोष शाही के हत्याकांड मे मुख्य शूटर के रूप मे शामिल था, रविवार को मुजफ्फरपुर के छोटी कल्याणी रोड मे आइकन टावर मे अपने फ्लैट मे जाने के दौरान पहले से घात लगाकर बैठे अपराधियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी. वहीं अब इस मामले मे वायरल ऑडियो ने चर्चाओ का बाजार गर्म कर दिया है. वायरल ऑडियो *इनपुट - मणितोष कुमार*
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भारत ने 12वीं माउंट एवरेस्ट कराटे चैंपियनशिप में 14 पदक से इतिहास रचा

Muzaffarpur, Uttar Pradesh:12वीं माउंट एवरेस्ट इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में 14 पदक जीतकर भारत नें इतिहास रच दिया Anchor - दिनांक 29 से 31 मई 2026 तक नेपाल की राजधानी काठमांडू के राजा दशरथ स्टेडियम में आयोजित 12वीं माउंट एवरेस्ट इंटरनेशनल कराटे चैंपियनशिप में भारतीय टीम का धमाकेदार प्रदर्शन रहा.इस प्रतियोगिता मे कुल 14 मेडल के साथ भारतीय टीम उपविजेता ट्रॉफी भी अपने नाम किया.इस प्रतियोगिता में भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने कराटे के काता इवेंट में 2 स्वर्ण, 2 रजत और 4 कांस्य पदक व कुमिते इवेंट में 5 रजत व 1 कांस्य पदक पर कब्जा जमाया.टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन का श्रेय भारतीय टीम के मुख्य कोच शिहान ई राहुल श्रीवास्तव को जाता है,जिन्होंने खिलाड़ियों का हौसला हमेशा बढ़ाया व उनके नए नए तकनीक के कारण ही खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया.इस प्रतियोगिता में भूटान, नेपाल,बांग्लादेश, श्रीलंका व इरान के खिलाड़ियों ने भाग लिया था.भारतीय टीम ने अपने प्रतिद्वंदियों को धूल चटाकर भारतीय तिरंगे को गौरवान्वित किया.पूरे भारत के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है.टेलीफोन व सोशल मीडिया के माध्यम से बधाई व शुभकामनाएं भी आ रहे है. पदक विजेता खिलाड़ियों की सूची पुरूष कराटे टीम ● रितेश रंजन - काता- स्वर्ण व कुमिते-रजत ● शुभम Singh - काता- स्वर्ण व कुमिते - रजत ● अभिनव चौधरी - काता- कांश्य पदक ● तन्मय श्रीवास्तव - काता- कांश्य पदक ● आरव सिंह - काता - कांश्य पदक महिला कराटे टीम ● सावी सिंह - काता- रजत व कुमिते- रजत ● उपासना आनंद - काता - रजत व कुमिते- रजत ● तन्नू श्री - काता- कांस्य ● ऋचा गुप्ता -कुमिते -कांस्य ● अनुष्का अभिषेक - कुमिते- रजत बाइट - शिहान ई. राहुल श्रीवास्तव, मुख्य कोच इनपुट - मणितोष कुमार
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हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न

Ranchi, Jharkhand:मुख्यमंत्री सचिवालय प्रेस विज्ञप्ति – 211/2026 दिनांक : 01 जून 2026 झारखंड मंत्रालय, रांची मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक संपन्न। विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं पहलों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर योजना से प्राप्त ऋण, व्यवसाय संचालन, आय एवं बैंकिंग सहयोग की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने आवासीय एवं एकलव्य विद्यालयों की समीक्षा कर बेहतर शैक्षणिक माहौल व सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ई-साइकिल वितरण हेतु कार्ययोजना बनाने के निर्देश कौशल विकास कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश विद्यार्थियों को एस.आई.आर. एवं जनगणना के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं। श्री हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री, झारखंड झारखंड मंत्रालय, रांची में आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, कार्यक्रमों एवं पहलों की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, प्रमुख उपलब्धियों, चुनौतियों तथा भावी कार्ययोजना से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। समीक्षा के क्रम में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने योजनाओं के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख संचालन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध एवं लक्ष्य-आधारित ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर रहे व्यक्ति तक पहुंचे तथा कोई भी पात्र लाभुक इन योजनाओं से वंचित न रहे। इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु उन्होंने विभागीय स्तर पर आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने, योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने तथा जमीनी स्तर पर गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। उक्त बैठक के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न प्रमुख योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। समीक्षा के क्रम में ई-कल्याण पोर्टल के संचालन एवं उसकी प्रभावशीलता, प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत लाभुकों को दी जा रही सहायता, मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को विदेश में उच्च शिक्षा हेतु प्रदान की जा रही सुविधाओं, साइकिल वितरण योजना की प्रगति, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत स्वरोजगार को बढ़ावा देने के प्रयासों तथा परीक्षा शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान योजनाओं की वर्तमान प्रगति, लाभुकों की संख्या, क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों तथा उनके समाधान के उपायों पर भी विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना पर विशेष जोर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत लाभान्वित लाभुकों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने लाभुकों से योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण, संचालित व्यवसाय, उससे हो रही आय, रोजगार सृजन की स्थिति तथा बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित अनुभवों की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि लाभुकों को व्यवसाय संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है तथा बैंकिंग संस्थानों द्वारा उन्हें समुचित सहयोग मिल रहा है या नहीं। संवाद के दौरान लाभुकों ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना उनके लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सशक्त माध्यम साबित हुई है। उन्होंने बताया कि इस योजना के माध्यम से वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वरोजगार स्थापित कर न केवल अपनी आजीविका सुदृढ़ कर रहे हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को समय पर योजना का लाभ मिल सके। साथ ही उन्होंने लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर दिया, जिससे वे अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने लाभुकों से निरंतर संवाद एवं फीडबैक प्राप्त करने के उद्देश्य से कॉल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से लाभुकों की समस्याओं की नियमित मॉनिटरिंग की सकेगी तथा आवश्यकतानुसार उन्हें मार्गदर्शन एवं सहायता भी उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे योजना का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख हो सके। अल्पसंख्यक, एकलव्य आवासीय विद्यालयों एवं आदिवासी हॉस्टल की समीक्षा, विद्यार्थियों हेतु बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान गढ़वा, देवघर एवं साहिबगंज जिलों में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने इन विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, आधारभूत संरचना, छात्र-छात्राओं की नामांकन स्थिति तथा संचालन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और निर्देश दिया कि इन संस्थानों का संचालन उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके। इसके साथ ही, राज्य में स्वीकृत एवं संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय सुविधाएं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों एवं आदिवासी हॉस्टलों की प्रगति की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि इन सभी संस्थानों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि छात्रावासों एवं हॉस्टलों में रहने वाले विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही, मुख्यमंत्री ने एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों एवं अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विद्यालयों के प्राचार्यों से संवाद कर उन्होंने संचालन व्यवस्था, अवसंरचना एवं प्रबंधन से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की। विद्यार्थियों को एस.आई.आर. एवं जनगणना के प्रति जागरूक करने हेतु विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएं मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निर्देश दिया कि विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को एस.आई.आर. (Special Intensive Revision) एवं जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे वे अपने परिवार एवं समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें। इसके लिए विद्यालय स्तर पर कार्यशालाएं, जागरूकता सत्र एवं विशेष अभियान संचालित किए जाने पर भी जोर दिया गया। ई-साइकिल वितरण की कार्ययोजना बनाने का दिया निर्देश साइकिल वितरण योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्तमान आवश्यकताओं एवं बदलते परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने हेतु एक समन्वित एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने इस दिशा में कल्याण विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उद्योग विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के दूरस्थ, ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के लिए विद्यालय तक पहुंच एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसी स्थिति में ई-साइकिल जैसी सुविधा उपलब्ध कराना न केवल उनकी शिक्षा तक पहुंच को आसान बनाएगा, बल्कि उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ पात्र विद्यार्थियों को समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। कौशल विकास कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक एवं परिणामोन्मुख बनाया जाए मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन कार्यक्रमों को स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं के अनुसार पुनर्संरचित एवं सुदृढ़ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम केवल औपचारिकता तक सीमित न रहकर व्यावहारिक, परिणामोन्मुख एवं बाजार की मांग के अनुरूप होने चाहिए, ताकि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को वास्तविक रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें। मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र-विशेष आधारित कौशल प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि उद्योगों, स्थानीय उद्यमों एवं सेवा क्षेत्रों के साथ समन्वय स्थापित कर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित किए जाएं, जिनसे युवाओं को प्रशिक्षण के उपरांत तुरंत रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें। राज्य के सभी जिला अस्पतालों में मरीजों हेतु हेल्प डेस्क स्थापित करने के निर्देश कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं पहुंच को और बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं। इन हेल्प डेस्क पर संबंधित वर्ग के प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को पंजीकरण, परामर्श, जाँच एवं उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ सहजता से प्राप्त हो सकेगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने अल्पसंख्यक एवं पारंपरिक सामुदायिक संरचनाओं से जुड़ी विभिन्न विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कब्रिस्तान घेराबंदी कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि संबंधित समुदायों को आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध हो सकें। उन्होंने मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा एवं धुमकुड़िया भवनों के निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि ये भवन पारंपरिक सामाजिक-सांस्कृतिक व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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