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Deepak DixitDeepak DixitFollow8 May 2025, 05:35 pm

Hardoi - कच्ची दीवार गिरने से 63 वर्षीय हरी सिंह की मौत

सवायजपुर, Uttar Pradesh:हरदोई के सवायजपुर कोतवाली क्षेत्र के उबरियाा खुर्द मजरा खितौली गांव में कच्ची दीवार गिरने से 63 वर्षीय हरी सिंह की मौके पर मौत हो गई, जबकि उनका 13 वर्षीय नाती गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां नाती अनुराग का इलाज जारी है। सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार विनीत सिंह, राजस्व निरीक्षक प्रमोद पांडेय, उपनिरीक्षक धर्मेंद्र सिंह चंदेल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष प्रेम सागर सिंह ने बताया मृतक के शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। तहसीलदार ने बताया मृतक के परिजनों को सरकारी मदद दिलाई जाएगी।
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संभल में महिष्मती नदी के पुनर्निर्माण से जल समस्या में आशा जागी

Noida, Uttar Pradesh:Brajesh sambhal input ZN_BRAJESH_SAMBHAL_INP_TU नैशनल से ड्रैग करें Sambhal drone संभल में 68 तीर्थो के पुनः निर्माण के साथ यहां की नदियों की खोज का काम भी तेजी से चल रहा है। संभल के पुराने नक्शे में जब महिष्मती नदी का पता चला तो प्रशासन इसके जीर्णोद्धार में जुट गया । अब तक इस नदी के जीर्णोद्धार का 20 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। लक्ष्य है जल्द से जल्द महिष्मति नदी अपने पुराने स्वरूप में लौट आये। संभल में माहिष्मती नदी को उसके पुराने स्वरूप में बहाल करने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। हालांकि अभी अभी जीर्णोद्धार का काम 20 प्रतिशत ही पूरा हुआ है। नदी के लिए रास्ता बनाए जाने के काम का जायजा लेने के काम को लेने के लिए सोमवार को आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे थे। नदी के जीवित होने की खबर से गाँव वालों में खुशी की लहर है। बाइट। ग्रामीण रसूलपुर गांव के लोगों के मुताबिक 1982 में लोगो ने आखिरी बार लोगो ने नदी में पानी देखा था। लेकिन नदी से पानी सुख जाने की वजह से ग्रामीणों ने ही नदी की जमीन पर कब्जा कर घर या खेत बना लिए। हालांकि गांव के लोग इसे भैंस नहर के नाम से भी जानते है। अब नहीं का काम होने के बाद लोगो को उमीद है कि पूरे सम्भल में जल भराव की समस्या से लोगो को निजात मिलेगा । बाइट। ग्रामीण संभल तहसील क्षेत्र में करीब 12.5 किलोमीटर के दायरे में राजस्व नक्शों के आधार पर नदी के प्रवाह क्षेत्र का चिन्हांकन कर विस्तृत विवरण तैयार किया गया है। प्रशासन नदी के उद्गम स्थल से लेकर नहर में उसके संगम तक पूरे क्षेत्र में काम करा रहा है। करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्से में कार्य पूरा हो चुका है। इसका असर पहली बारिश में ही दिखाई दिया। जहां तक खेत में नदी के लिए रास्ता बनाया जा रहा हैं वहां बारिश का पानी इक्कठा होना शुरू हो गया है। हालांकि नदी के निर्माण की वजह से एक वर्ग नाराज भी है। लोगो का आरोप है कि चकबंदी के समय प्रशासन ने नदी की जमीन के बारे में नहीं बताया। लोगो ने जमीन खरीद ली है। लोग ये भी कह रहे हैंकी सरकार जान बुझ कर ऐसा कर रही है। उनको नदी की कोई आवश्यकता नहीं है। बाइट। ग्रामीण प्रशासन का दावा है कि बहुत जल्द नदी की सारी जमीन चिन्हित कर के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
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जयपुर RTO के राजस्व फिसड्डी, दौसा-ALVAR टॉप 3 में; क्या विभाग पूरा करेगा लक्ष्य?

Jaipur, Rajasthan:जयपुर के दोनों RTO फिसड्डी, राज्य सरकार के राजस्व मापदंड पर पिछड़े - जुलाई तक परिवहन विभाग ने 84 फीसदी से अधिक राजस्व किया अर्जित - जुलाई तक की रैकिंग में दौसा RTO अव्वल, सालों बाद अलवर RTO टॉप 3 में शामिल, जयपुर RTO द्वितीय छठे स्थान जयपुर। राज्य सरकार को परिवहन विभाग से राजस्व को लेकर जो उम्मीदें हैं, वे इस बार धराशायी होती नजर आ रही हैं। राज्य सरकार के राजस्व लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में जयपुर के दोनों आरटीओ फिसड्डी नजर आ रहे हैं। यहां तक परिवहन विभाग जुलाई 2026 तक करीब 84 फीसदी राजस्व ही अर्जित कर सका है। उल्लेखनीय है कि परिवहन विभाग की जुलाई 2026 तक की राजस्व वसूली की रैंकिंग ने कई क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों यानी RTOs की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के 4 माह पूरे होने के बावजूद अधिकांश कार्यालय निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं कर सके हैं। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि टैक्स वसूली, प्रवर्तन अभियान और अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार परिवहन विभाग को जुलाई 2026 तक 2973.68 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया था, जबकि वसूली केवल 2509.16 करोड़ रुपए ही हो सकी है। यानी कुल उपलब्धि 84.38 प्रतिशत रही है। विभाग का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 11 हजार करोड़ रुपए रखा गया है, ऐसे में शुरुआती महीनों की धीमी रफ्तार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे बेहतर प्रदर्शन दौसा RTO ने किया है, जिसने 90.70 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहला स्थान हासिल किया है। अलवर दूसरे और अजमेर तीसरे स्थान पर बने हुए हैं। जुलाई तक टारगेट कितना, वसूली कितनी ? - दौसा RTO पहली रैंक, 88.48 करोड़ टारगेट, 80.25 करोड़ वसूली - अलवर RTO दूसरी रैंक, टारगेट 123.78 करोड़, अचीवमेंट 110.91 करोड़ - अजमेर RTO तीसरे पर, टारगेट 269.27 करोड़, अचीवमेंट 233.91 करोड़ - बीकानेर RTO चौथे नंबर पर, 211 करोड़ टारगेट, 183.08 करोड़ प्राप्ति - उदयपुर RTO 5वें पर, टारगेट 240.22 करोड़, अचीवमेंट 205.62 करोड़ - जयपुर RTO द्वितीय छठे पर, 206.26 करोड़ में से 176.44 करोड़ प्राप्ति - सीकर RTO 7वें पर, 231.89 करोड़ टारगेट, 198.31 करोड़ प्राप्ति - जोधपुर RTO 8वें पर, 288.61 करोड़ टारगेट में से 245.74 करोड़ अर्जित - चित्तौड़गढ़ RTO 9वें पर, 172.56 करोड़ टारगेट, 145.09 करोड़ अचीवमेंट - पाली RTO 10वें पर, 140.44 करोड़ लक्ष्य में से 116.58 करोड़ अर्जित - जयपुर RTO प्रथम 11वें पर, 481.27 करोड़ टारगेट में से 393.98 करोड़ प्राप्ति -भरतपुर RTO 12वें पर, 100.91 करोड़ लक्ष्य, 81.52 करोड़ प्राप्ति - कोटा RTO 13वें नम्बर पर, 172.35 करोड़ टारगेट, 136.26 करोड़ प्राप्ति कोटा आरटीओ सबसे पीछे वहीं सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रदेश का सबसे बड़ा राजस्व देने वाला जयपुर- RTO प्रथम केवल 81.86 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 11वें स्थान पर गिर गया है। जयपुर आरटीओ द्वितीय जो पिछले वर्ष प्रदेशभर में पहले नम्बर पर था, इस साल अब तक छठे स्थान पर है। सबसे खराब प्रदर्शन कोटा RTO का रहा है। कोटा RTO की उपलब्धि मात्र 79.06 प्रतिशत पर सिमट गई है। ई-डिटेक्शन का टारगेट - ई-डिटेक्शन चालानों से राजस्व वसूली का नया विकल्प शुरू हुआ - टोल डेटा के आधार पर किए जाने वाले चालान होते ई-डिटेक्शन से - राजस्व का यह लक्ष्य परिवहन मुख्यालय के हिस्से में जोड़ा गया - ई-डिटेक्शन का कुल वार्षिक राजस्व लक्ष्य 150 करोड़ रुपए - जुलाई तक के लिए 50 करोड़ रुपए था टारगेट - इसमें से 24.86 करोड़ रुपए अर्जित, 49.73 प्रतिशत प्राप्ति क्या विभाग हासिल कर सकेगा लक्ष्य ? परिवहन विभाग के लिए चिंताजनक बात इसलिए भी है, क्योंकि इस वित्त वर्ष में परिवहन विभाग को 11 हजार करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित करना है। यदि फील्ड स्तर पर प्रवर्तन, टैक्स चोरी पर अंकुश और बकाया वसूली के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाए गए, तो विभाग के लिए राजस्व लक्ष्य को हासिल कर पाना मुश्किल होगा।
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पंजाब के 18 युवा: विदेश में हत्या, 25 साल की सजा

Noida, Uttar Pradesh:परदेस की कमाई के सपने लेकर घर से निकले बेटों की वापसी का इंतज़ार जब 25 वर्षों की सज़ा में बदल जाए, तो घरों के कैलेंडर नहीं—ज़िंदगियाँ ठहर जाती हैं। पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए कुछ ऐसे ही परिवारों से मुलाकात हुई। बात करते हुए किसी माँ का गला भर आया, किसी पत्नी के पास आँसुओं के आगे शब्द नहीं थे, तो किसी बुज़ुर्ग पिता की आँखों में बस एक ही सवाल था—“हमारा बेटा घर कब लौटेगा?” इन परिवारों के 18 सदस्य रोज़ी-रोटी कमाने के लिए दुबई गए थे। किसी को गए अभी थोड़ा ही समय हुआ था, तो कोई अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सहारा था। वहाँ हुए एक हत्या के मामले में ये युवा भी फँस गए। वे 2023 से जेल में हैं और उन्हें 25-25 वर्षों की सज़ा सुनाई गई है। परिवारों की पुकार है कि उनके अपने इस हत्या में शामिल नहीं थे, लेकिन पराई धरती पर अपने बच्चों की मजबूत कानूनी पैरवी करने के लिए उनके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। सज़ा के ये 25 वर्ष कागज़ पर शायद सिर्फ एक संख्या हैं। लेकिन उस माँ से पूछिए, जिसकी उम्र बेटे की राह देखते-देखते ढल रही है। उस पत्नी से पूछिए, जिसे अपने छोटे बच्चों को पिता की तस्वीर दिखाकर बड़ा करना है। उस पिता से पूछिए, जिसके मन में यह डर घर कर गया है कि बेटे के लौटने तक उसकी अपनी उम्र उसका साथ देगी भी या नहीं। यह 18 युवाओं का मामला है, लेकिन इसके पीछे खड़ा सवाल पूरे पंजाब का है। जिस पंजाब की जवानी ने अपनी मेहनत से दुनिया के कोने-कोने में मुकाम बनाया, उसी पंजाब का युवा अपने घर का चूल्हा जलाए रखने के लिए हजारों मील दूर जाने को मजबूर क्यों हो? विदेश जाना सपना हो? सकता है, लेकिन रोज़गार के लिए पंजाब छोड़ना हमारी नियति नहीं बनना चाहिए। इन परिवारों की पुकार को अनसुना नहीं होने दिया जाएगा। इन 18 युवाओं के लिए हर संभव कानूनी और कूटनीतिक पैरवी की जाएगी। लेकिन साथ ही पंजाब को अपने आप से एक बड़ा सवाल भी करना होगा—क्या हमें अपनी अगली पीढ़ी को विरासत में विदेश जाने का टिकट देना है या अपने पंजाब में ही अवसरों से भरा भविष्य? आज इन परिवारों के आँसू एक मामले की पैरवी की मांग कर रहे हैं; कल का पंजाब हमसे ऐसी बदलाव की मांग करेगा, जिसमें उसके बेटों को रोटी और बेहतर भविष्य की तलाश में अपना घर छोड़कर बेघर न होना पड़े。
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सीबीआई बनाम CID: झारखंड में जाँच की दक्षता पर सवाल

Narayanpur, Jharkhand:झारखंड के जांच एजेंसियों पर उठे सवाल झारखंड के पूर्व डीजीपी सह पलामू सांसद बीडी राम ने उठाए सवाल कहा सीआईडी में वह दक्षता नहीं जो सीबीआई में है वही झारखंड के वित्त मंत्री ने कहा तो क्या एसीबी और सीआईडी में ताला लगा दे। सीबीआई में जो दक्षता है व सीआईडी में नही है इसलिए प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी की जो मांग है सरकार उसे माने और सीबीआई को जांच का जिम्मा सौंपे उक्त बाते पलामू सांसद झारखंड के पूर्व डीजीपी विष्णु दयाल राम ने गढ़वा पहुंचने पर सर्किट हाउस में मीडिया से मुखातिब होते हुए कही। उन्होंने कहा कि जब यदि सीबीआई जांच होगी तो बात दूर तलक जाएगी और इसी डर से सरकार जाँच नहीं कराना चाह रही है क्योंकि सीबीआई में वह गुण है जो अनसुलझे मामले को भी सुलझा देती है जबकि सीआईडी में वह दक्षता में नहीं है। आगे उन्होंने कहा कि सरकार इनकी मांगे तो मान ली है लेकिन सीबीआई वाले मैटर में अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर एक निजी कार्यक्रम में गढ़वा पहुचे हुए थे। मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि इस आंदोलन के पीछे भाजपा का हाथ है वे कांग्रेस को हम हमेशा बदनाम करना चाहते हैं खास कर राहुल गांधी को उन्होंने सीबीआई से जांच करने की मांग पर कहां के हमारे यहां भी एजेंसियां हैं सीआईडी है स्पेशल ब्रांच है सभी को हटाकर या ताला मार दे आप ही बताइए । प्रदर्शनकारी को घरेलू स्तर पर कार्य लेनी चाहिए और जो एजेंसी है उसे पर भरोसा करना चाहिए।
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अकोला दुर्घटना: चार महीने बाद भी आरोपी नहीं मिला, माता-पिता ने न्याय की मांग की

Akola, Maharashtra:अकोल्यातील तुषार सायानी यांच्या अपघाती मृत्यूला चार महिने उलटूनही या प्रकरणातील आरोपी अद्याप पोलिसांच्या हाती लागलेला नाही. त्यामुळे आपल्या मुलाच्या मृत्यूची चौकशी करून न्याय मिळवण्यासाठी आई-वडिलांवर धरणे आंदोलन करण्याची वेळ येत असल्याची खंत पालकांनी व्यक्त केली आहे. २० एप्रिल २०२६ रोजी रात्री औद्योगिक वसाहती परिसरात अज्ञात वाहनाच्या धडकेत तुषार सायानी यांचा मृत्यू झाला होता. या प्रकरणाचा एमआयडीसी पोलिसांकडून तपास सुरू असून, अद्याप आरोपी वाहनचालकाचा शोध लागलेला नसल्याचा आरोप करण्यात आला आहे. या प्रकरणाची सखोल चौकशी करून तुषार सायानी यांच्या कुटुंबाला न्याय मिळावा, अशी मागणी त्यांच्या आई-वडिलांसह सकल गुजराती समाजाने केली आहे.
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वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पास, तटीय इलाकों में संकट बढ़ा

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Varanasi, Uttar Pradesh:वाराणसी में तेजी से बढ़ा गंगा का जलस्तर, तटीय और निचले इलाकों में अलर्ट जारी। काशी के सभी 84 घाट पानी में डूबे, जलमग्न हुए प्रमुख तट। घाटों का आपसी संपर्क पूरी तरह टूटा एक से दूसरे घाट की आवाजाही पर लगा ब्रेक। नमो घाट की सीढ़ियाँ जलमग्न, नमस्ते स्कल्पचर के पास पहुंचा गंगा का पानी। गंगा का वर्तमान जलस्तर 67.97 मीटर दर्ज किया गया। वाराणसी में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.20 मीटर है। खतरे का निशान 71.26 मीटर पर निर्धारित है। वाराणसी में गंगा 6cm प्रति घण्टे की रफ्तार से बढ़ रहीं हैं एवं चेतावनी बिंदु से 3 मीटर नीचे बह रही है। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर नौका संचालन और गंगा आरती का स्थान बदला गया। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत। प्रशासन स्थिति पर लगातार रख रहा है पैनी नजर, राहत और बचाव टीमें तैनात。
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सोनौली सीमा पर थाई महिला गिरफ्तार, कूट रचित भारतीय दस्तावेज बरामद

Maharajganj, Uttar Pradesh:महाराजगंज भारत नेपाल की सोनौली सीमा से थाईलैंड की महिला गिरफ्तार. पुलिस ने कूटरचित तरीके से बनाई गई भारतीय आधार कार्ड पैन कार्ड और वोटर कार्ड भी किया बरामद. इमीग्रेशन टीम ने सोनौली सीमा पर प्रवेश के दौरान एक संदिग्ध थाई महिला को हिरासत में लिया और उसके दस्तावेजों की जाँच की. उसके मोबाइल से थाईलैंड का पासपोर्ट मिला, साथ ही डिजिटल भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड और निर्वाचन कार्ड भी बरामद हुए, जो कूट रचित तरीके से बनाए गए थे. सोनौली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कूटरचित दस्तावेज बनाने सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया. पासपोर्ट के अनुसार महिला थाईलैंड की निवासी है और पर्यटक वीजा पर भारत आई थी. मोबाइल में मिले दस्तावेजों में उसका नाम करुणा रूपनी देवी दास, पति मित्रलाल खनाल और पता वैष्णव नगर रमनरेती, थाना व पोस्ट वृंदावन बांगर जिला मथुरा दर्ज है. महिला के अनुसार उसका पति और बच्चे थाईलैंड में रहते हैं. वह नेपाल के भैरहवा, पोखरा और काठमांडू होते हुए भारत पहुंची थी. मामले में सोनौली कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 77/36 के तहत धारा 319(2), 336(3), 338 व 340(2) के चालान कर दिया गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भारतीय दस्तावेज किस माध्यम से और किसके सहयोग से बनाए गए. खुफिया एजेंसियां महिला से पूछताछ कर रही हैं.
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