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SSSunder SharmaFollow30 Aug 2024, 05:23 am
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ललितपुर में शराबी बस चालक पकड़ा गया; ARTO को लाइसेंस निलंबन का पत्र लिखा

ASAMIT SONIJust now
Lalitpur, Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में सवारियों से भरी हुई एक तेजरफ्तार प्राइवेट बस सड़क पर लहराते हुये भाग रही थी ,जिसको देखकर यातायात पुलिस ने शक के आधार पर बस को रोका और बस चालक को बाहर उतारकर जब उसकी जांच की गई तो बस चालक शराब के नशे में धुत्त था । जिसको देखते हुये यातायात पुलिस द्वारा बस चालक को पकड़ लिया , साथ ही बस का चालान करते हुये बस चालक के लाइसेंस को निरस्त करवाने के लिये एक पत्र ARTO को भी लिखा है । वहीं दूसरे बस चालक को बुलाकर सवारियों से भरी हुई बस को गंतव्य की तरफ रवाना कराया गया । बताया जा रहा है कि सदर कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत मसौरा के पास हाइवे ब्रिज के करीब यातायात पुलिस टीम द्वारा जब वाहनों की चेकिंग की जा रही थी , तभी यह यात्री बस लहराते हुये गुजरी जिसको देखकर यातायात पुलिस द्वारा बस को रोककर ब्रीथ एनालाइजर से बस चालक की जांच करते हुये कार्यवाही की गई ।
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फ्रूटी के पैकेट में फंगस जैसा पदार्थ, तीन साल की बच्ची अस्पताल में भर्ती

Dhamtari, Chhattisgarh:फ्रूटी पीते ही मासूम की तबीयत बिगड़ गई; तीन साल की बच्ची किराना दुकान से खरीदी फ्रूटी पी रही थी और पैक के अंदर फंगस जैसी संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. इसके कुछ देर बाद उसकी हालत खराब हो गई, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. फ्रूटी पैकेट के अंदर संदिग्ध पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई है; यह साफ नहीं हो पाया कि वह वस्तु वास्तव में फंगस है या अन्य पदार्थ है. प्रथम दृष्टया फंगस होने की आशंका है. संबंधित उत्पाद का सैंपल जब्त कर परीक्षण के लिए भेज दिया गया है; रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. बच्ची को प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है.
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दमोह के बेलाताल को साफ करने का आपरेशन क्लीन शुरु, धार्मिक महत्व बना प्रेरणा

Damoh, Madhya Pradesh:आपरेशन क्लीन धार्मिक महत्व के बेलाताल को स्वक्ष बनाने एकजुट हुए लोग एंकर/ एमपी के दमोह की पहचान यहां के तालाबो से भी हुआ करती है और सुंदर तालाब धीरे धीरे अपना अस्तित्व खोते चले जा रहे है और अधिकांश तालाब गंदगी से लवरेज है ऐसे में अब यहां आपरेशन क्लीन शुरू हुआ है और इस ऑपरेशन के तहत सबसे पहले धार्मिक महत्व के बेलाताल को साफ करने का बीड़ा उठाया गया है। देश भर में पर्यावरण दिवस से शुरू और योग दिवस तक चलाए जा रहे विशेष सेवा अभियान के तहत यहां नवाचार हुआ है और स्थानीय सामाजिक संगठन स्वक्षता का संदेश फैलाने वाले लोगों के अलावा धार्मिक संगठन और सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारियों ने बेलाताल को पूर्ण स्वक्ष बनाने का संकल्प किया है और काम भी शुरू हो गया है। बेलाताल प्रसिद्ध टापू मंदिर के लिए तो फेमस है ही साथ इसी से लगा अटल पार्क भी है। इस तालाब का खास महत्व इस लिए भी है कि विशाल मंदिर की वजह से यहां पूजन सामग्री का विसर्जन भी शहर भर के लोग करते है। इसे पूर्ण रूप से स्वक्ष करने के साथ इसका धार्मिक महत्व और बड़े लोग बढ़चढ़कर आगे आ रहे है। तालाब को साफ करने के लिए हर संभव कोशिश जारी है और लोगों को उम्मीद है कि बेलाताल के साफ होने के बाद लोग इसे और संरक्षित करेंगे। इस आपरेशन क्लीन से जुड़े लोगों की माने तो विशेष अभियान विश्व योग दिवस को समाप्त हो जाएगा लेकिन यहां आपरेशन क्लीन जारी रहेगा। बाइट/ सुंदर लाल ( स्वयंसेवक दमोह) बाइट/ रम्मू गुप्ता ( श्रमदानी दमोह) बाइट/ राजेन्द्र लोधी ( सीएमओ नगर पालिका दमोह) बाइट/ प्रवीण फ़ुल पगारे ( सीईओ जिला पंचायत दमोह)
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राजस्थान ने ऑटोमैटेड मूल निवास प्रमाण पत्र लागू किया: बिना आवेदन प्रमाण पत्र स्वतः जारी होगा

Jaipur, Rajasthan:दीपक गोयल-जयपुर अब मूल निवास के लिए न आवेदन, न इंतजार... सरकारी रिकॉर्ड से पात्रता तय होते ही प्रमाण पत्र होगा स्वतः जारी सोचिए...अगर आपका मूल निवास प्रमाण पत्र बिना किसी आवेदन, बिना किसी दस्तावेज़ और बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाए खुद-ब-खुद बन जाए तो......राजस्थान सरकार अब ऐसी ही डिजिटल व्यवस्था की तैयारी में है.......जन्म, विवाह और सरकारी सेवा के रिकॉर्ड को जोड़कर एक ऐसा स्मार्ट सिस्टम विकसित किया जा रहा है......जो पात्रता तय होते ही मूल निवास प्रमाण पत्र स्वतः जारी कर देगा। यानी अब न फॉर्म भरने की झंझट और न लंबा इंतजार.......देखिए रिपोर्ट अब 'मूल निवासी' बनने के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने की लंबी प्रक्रिया अब इतिहास बनने जा रही है। राजस्थान में जल्द ऐसी व्यवस्था लागू हो सकती है, जिसमें आवेदन किए बिना ही पात्र लोगों का मूल निवास प्रमाण पत्र स्वतः जारी हो जाएगा। राजस्थान में जल्द ही एक ऐसा बदलाव होने जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को ई-मित्र, तहसील और कलक्ट्रेट के चक्कर लगाने से राहत मिल सकती है। अब मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए न आवेदन करना पड़ेगा और न ही दस्तावेजों का पुलिंदा लेकर सरकारी दफ्तरों में जाना होगा। सरकार पात्र लोगों की पहचान खुद करेगी और उनकी सहमति मिलते ही प्रमाण पत्र स्वतः जारी कर देगी। सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग (डीओआईटी) स्मार्ट गवर्नेंस प्रोजेक्ट के तहत एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, जो जन्म पंजीकरण, विवाह रजिस्ट्रेशन, जनाधार और सरकारी सेवा रिकॉर्ड जैसे विभिन्न सरकारी डाटाबेस को आपस में जोड़कर काम करेगा। सिस्टम जैसे ही किसी व्यक्ति की पात्रता तय करेगा, उसके मोबाइल पर एक संदेश भेजा जाएगा। सहमति मिलते ही मूल निवास प्रमाण पत्र तैयार हो जाएगा。 ये डेटाबेस करेगा काम 1. नवजात बच्चे- जन्म पंजीकरण डेटाबेस, पहचान पोर्टल, जनाधार डेटाबेस 2. विवाहित महिला- विवाह पंजीकरण, पहचान पोर्टल, जनाधार 3. सरकारी कर्मचारी- स्टेट इंश्योरेंस एंड प्रोविडेंट फंड डेटाबेस, कार्मिक सेवा रिकॉर्ड व जनाधार नवजात से लेकर नई बहू तक, सभी को मिलेगा फायदा नई व्यवस्था में बच्चे के जन्म का पंजीकरण होते ही सिस्टम माता-पिता के रिकॉर्ड की जांच करेगा। यदि माता-पिता राजस्थान के मूल निवासी हैं तो नवजात का प्रमाण पत्र भी स्वतः जारी किया जा सकेगा। इसी तरह अन्य राज्यों की महिला यदि राजस्थान के मूल निवासी व्यक्ति से विवाह करती है तो वर्तमान नियमों के अनुसार उसे विवाह के दिन से ही मूल निवासी माना जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में विवाह पंजीकरण के आधार पर ऐसी महिलाओं की पहचान कर उन्हें भी ऑनलाइन सहमति के बाद स्वतः मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। दूसरे राज्यों से आकर राजस्थान सरकार की सेवा में कार्यरत कर्मचारियों को तीन वर्ष की सेवा पूरी होने पर मूल निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। नई प्रणाली में एसआइपीएफ और अन्य सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर पात्र कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा। 7 दिन की प्रक्रिया अब कुछ मिनटों में अभी मूल निवास प्रमाण पत्र के लिए ई-मित्र या एसएसओ के माध्यम से आवेदन करना पड़ता है। राशन कार्ड, आधार, जनाधार, फोटो, वोटर आइडी, बिजली-पानी के बिल समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। आवेदन तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद पहले कर्मचारियों और फिर तहसीलदार स्तर पर सत्यापित किया जाता है। पूरी प्रक्रिया में 7 से 8 दिन लगते हैं। नई व्यवस्था में यह पूरा काम बैकएंड में स्वतः होगा और नागरिक को केवल सहमति देनी होगी। राजस्थान सरकार की यह पहल सरकारी सेवाओं को "ऑटोमेटेड डिलीवरी" की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। अब तक नागरिक सरकार के पास सेवा लेने जाते थे, लेकिन नई व्यवस्था में सरकार खुद पात्र नागरिक तक सेवा पहुंचाने की तैयारी कर रही है। डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल अगर यह मॉडल सफल रहा तो भविष्य में जाति, आय, वरिष्ठ नागरिक और अन्य कई प्रमाण पत्रों की प्रक्रिया भी आवेदन आधारित व्यवस्था से निकलकर "ऑटो-जनरेशन सिस्टम" की ओर बढ़ सकती है। राजस्थान में सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और प्रोएक्टिव बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम माना जा रहा है। यानी अब सरकार नागरिकों के आवेदन का इंतजार नहीं करेगी, बल्कि पात्रता पूरी होते ही प्रमाण पत्र खुद जारी करेगी।
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वत्स बोले: मुनीमपुर-रईया की जमीन एक रुपए की लीज में ली गई

Jhajjar, Haryana:सीएम के दौरे को लेकर कांग्रेस विधायक वत्स ने तरेरी आंखें कहा उद्धाटन से पहले सीएम मुनीमपुर व रईया की पंचायतों को दे सर्कल रेट के हिसाब से मुआवजा झज्जर में 17 जून को होने वाले सीएम के दौरे को लेकर मीडिया से बातचीत कर रहे कांग्रेस विधायक वत्स बोले पूर्व मंत्री धनखड़ के इशारे पर दोनों पंचायतों की जमीन एक रूपए की लीज पर ली गई है जोकि न्याय संगत नहीं है वत्स ने आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ के इशारे पर दोनों पंचायतों की जमीन मात्र एक रुपये की लीज पर ले ली गई उन्होंने इसे मुनीमपुर और रईया के लोगों के साथ सीधी लूट बताते हुए कहा कि सरकार झूठी वाहवाही बटोरने के लिए दोनों गांवों के हितों की अनदेखी कर रही है कांग्रेस विधायक ने कहा कि यदि बागवानी परियोजना की बजाय कोई किसान विश्वविद्यालय या बड़ा शैक्षणिक एवं औद्योगिक संस्थान स्थापित किया जाता तो क्षेत्र के युवाओं को रोजगार के अवसर मिलते और इलाके के विकास को नई दिशा मिलती उन्होंने कहा कि ऐसे संस्थानों से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार आता इस दौरान वत्स ने हाल ही में चर्चा में रहे कैबिनेट मंत्री राव नरवीर सिंह के वायरल वीडियो पर भी प्रतिक्रिया दी उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान मंत्री का शिकायतकर्ताओं के प्रति व्यवहार उचित नहीं था वत्स ने कहा कि यदि उनके क्षेत्र के लोगों का अपमान हुआ है तो यह स्वीकार्य नहीं है उन्होंने राव नरवीर पर अहंकार में रहकर लोगों से बातचीत करने का आरोप भी लगाया वहीं विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर को लेकर धनखड़ द्वारा कांग्रेस पर विदेशी वोटों को बचाने के लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए वत्स ने कहा कि धनखड़ को शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए उन्होंने कहा कि बादली और हरियाणा के मेहनतकश लोगों ने अपनी मेहनत के दम पर सड़क से लेकर आसमान तक प्रदेश का नाम रोशन किया है और ऐसे लोगों पर किसी प्रकार का संदेह जताना उचित नहीं है वत्स ने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों और किसानों की जमीन के उचित मूल्य के लिए संघर्ष करती रहेगी तथा सरकार को प्रभावित गांवों के लोगों के साथ न्याय करना चाहिए
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शेखपुरा उद्योग केंद्र: छोटे व्यवसायों के लिए 3‑दिवसीय डिजिटल मार्केटिंग व ई‑कॉमर्स प्रशिक्षण शुरू

Sheikhpura, Bihar:शेखपुरा के जिला उद्योग केंद्र में उद्यमियों के लिए विशेष सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से जिले के छोटे एवं मध्यम स्तर के उद्यमियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल विपणन और बड़े बाजारों से जोड़कर उनके व्यवसाय को नई ऊंचाई प्रदान करना है। कार्यक्रम में जिले के एक हजार उद्यमियों को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रशिक्षण सत्र में उद्यमियों को डिजिटल वित्तीय साक्षरता, नेतृत्व विकास, डिजिटल परिवर्तन, ई-कॉमर्स, बैंकिंग सहायता, दस्तावेजों के सुधार, ऑनलाइन मार्केटिंग तथा बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के तरीकों की जानकारी दी जा रही है। इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सुजात ने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उत्पादन करने वाले छोटे उद्यमियों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना है। वर्तमान में जिले के अधिकांश उद्यमी अपने उत्पादों की बिक्री शेखपुरा और आसपास के जिलों तक ही सीमित रखते हैं। प्रशिक्षण के बाद वे अपने उत्पादों को देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों तक भी पहुंचाने में सक्षम होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विकसित पोर्टलों पर उद्यमियों का पंजीकरण कराया जाएगा, जिससे वे अपने उत्पादों का ऑनलाइन विपणन कर सकेंगे। साथ ही उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के माध्यम से बिक्री की प्रक्रिया से भी अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उद्यमियों को बड़े उद्योगों और कंपनियों के साथ जोड़ने की योजना पर भी काम किया जा रहा है, ताकि उन्हें स्थायी बाजार और रोजगार के अवसर मिल सकें। प्रशिक्षकों ने बताया कि बिहार सरकार की उद्यमी योजनाओं के तहत लाभान्वित लोगों को व्यवसाय विस्तार के लिए आवश्यक व्यावहारिक ज्ञान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में बैंकिंग सेवाओं का उपयोग, वित्तीय सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, ऑनलाइन बिक्री और बाजार प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं। कार्यक्रम में मिक्सर निर्माण, चप्पल निर्माण, मिठाई व्यवसाय, पेयजल बोतल आपूर्ति सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी भाग ले रहे हैं।
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एनकाउंटर के बाद डकैती राज खुला: 45 लाख की लूट, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

Gaya, Bihar:एनकाउंटर से टूटी डकैत गैंग की कमर, गोली लगते ही खुला 45 लाख की लूट का राज, मुख्य आरोपी समेत दो गिरफ्तार गया जिले में ज्वेलरी शॉप से हुई 45 लाख रुपये की नगदी और सोना लूटकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। आमस थाना क्षेत्र में आधी रात हुई मुठभेड़ में दो कुख्यात अपराधियों को गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। घायल बदमाशों की निशानदेही पर लूटा गया सोना भी बरामद कर लिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। गुरुआ बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में हुई करोड़ों की संपत्ति से जुड़ी सनसनीखेज लूट के बाद पुलिस लगातार अपराधियों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात पुलिस को सूचना मिली कि लूटकांड में शामिल अपराधी किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की विशेष टीम सक्रिय हो गई और आमस थाना क्षेत्र के बनाही बालू घाट के पास घेराबंदी कर दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार घेराबंदी के बाद अपराधियों को आत्मसमर्पण करने का मौका दिया गया था। लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर ही फायरिंग शुरू कर दी और भागने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान दो अपराधियों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल होकर मौके पर ही धर दबोचे गए। गिरफ्तार अपराधियों में मुख्य आरोपी सुजीत चौधरी और उसका साथी मल्लाह शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक सुजीत चौधरी के पैर में तीन गोलियां लगीं, जबकि उसके साथी के पैर में एक गोली लगी है। दोनों को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच उनका इलाज चल रहा है। अस्पताल में उपचार के दौरान हुई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गुरुआ बाजार डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और कई मामलों में वांछित थे। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि लूटे गए सोने की बरामदगी मानी जा रही है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बड़ी मात्रा में सोना बरामद किया है। हालांकि बरामद आभूषणों की कुल मात्रा और कीमत का आधिकारिक खुलासा अभी नहीं किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस लूटकांड में कुल पांच अपराधी शामिल थे। मुठभेड़ के दौरान तीन अन्य बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा। इस कार्रवाई को गया पुलिस की हाल के वर्षों की बड़ी उपलब्धियों में माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जिले में संगठित अपराध और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। इस एनकाउंटर के बाद अपराध जगत में भी पुलिस की सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
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MP में 5वीं-8वीं की पुनर्परीक्षा से छात्रों को मिला नया मौका

Betul, Madhya Pradesh:एंकर-मध्यप्रदेश में कक्षा 5वीं और 8वीं के विद्यार्थियों के लिए आज से एक अहम दौर शुरू हो गया है। राज्यभर में करीब ढाई लाख विद्यार्थी आज से शुरू हो रही पुनर्परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। यह परीक्षा 16 जून से शुरू होकर 23 जून तक आयोजित की जाएगी। ये मौका उन विद्यार्थियों के लिए बेहद खास है,जो मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए थे या फिर किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए थे,ऐसे सभी विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग की ओर से एक और अवसर दिया जा रहा है,ताकि वे अपनी कक्षा में आगे बढ़ सकें। प्रदेशभर में इस पुनर्परीक्षा के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सभी संकुल केंद्रों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं,वहीं नकल रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन भी सतर्क नजर आ रहा है। अब देखना होगा कि इस दूसरे मौके का विद्यार्थी कितना फायदा उठा पाते हैं और कितने छात्र इस बार सफलता हासिल कर अगली कक्षा में प्रवेश करते हैं।
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