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राष्ट्रपति को भावुक पत्र: केतन अग्रवाल के पिता फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई चाहते

Mumbai, Maharashtra:राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को केतन अग्रवाल के पिता का भावुक पत्र, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग केतन अग्रवाल हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनके पिता विशाल अग्रवाल ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक भावुक ई-मेल भेजा है। अपने पत्र में उन्होंने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने और मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की अपील की है। राष्ट्रपति को लिखे पत्र में विशाल अग्रवाल ने कहा कि वह यह ई-मेल किसी व्यवसायी या प्रभावशाली व्यक्ति के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे पिता के रूप में लिख रहे हैं जिसने अपने बेटे को खो दिया है। उन्होंने लिखा, "मैं सिर्फ एक बाप हूं, जो अपने बेटे के लिए इंसाफ मांग रहा है।" उन्होंने पत्र में कहा कि उनके बेटे केतन की बेरहमी से हत्या कर दी गई और उस घटना के बाद से उनके परिवार का जीवन पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने लिखा कि हर सुबह उनका परिवार उसी दर्द के साथ उठता है और हर रात एक ही सवाल मन में रहता है कि आखिर केतन को न्याय कब मिलेगा। विशाल अग्रवाल ने अपने परिवार पर टूटे दुखों का जिक्र करते हुए लिखा कि बेटे की मौत के महज 20 दिनों के भीतर उन्होंने अपने पिता को भी खो दिया। उनके अनुसार, उनके पिता अपने पोते केतन से बेहद प्यार करते थे और उसकी मौत का सदमा सहन नहीं कर सके। उन्होंने लिखा कि लगातार सदमे और मानसिक पीड़ा के कारण उनका ब्लड प्रेशर गिर गया और अंततः उनका दिल काम करना बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 दिनों के भीतर उन्होंने अपने बेटे और अपने पिता, दोनों को खो दिया, जिससे पूरा परिवार बिखर गया। पत्र में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका परिवार किसी विशेष सुविधा, रियायत या विशेष व्यवहार की मांग नहीं कर रहा है। उनकी केवल यही मांग है कि मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध के दोषियों को कानून के bajo सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए और न्याय में होने वाली देरी पीड़ित परिवार की पीड़ा को और बढ़ा देती है। उन्होंने लिखा कि केतन अब कभी वापस नहीं आ सकता, लेकिन दोषियों को यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि वे कानून की प्रक्रिया में देरी कर या उससे बचकर निकल सकते हैं। उनके मुताबिक, दोषियों को कड़ी सजा मिलने से न सिर्फ उनके परिवार को कुछ मानसिक शांति मिलेगी, बल्कि पूरे समाज में यह संदेश जाएगा कि निर्दोष लोगों की जान की कीमत है और ऐसे अपराध किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। राष्ट्रपति से भावुक अपील करते हुए विशाल अग्रवाल ने लिखा कि वह हाथ जोड़कर अनुरोध करते हैं कि इस मामले पर व्यक्तिगत रूप से ध्यान दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उनके बेटे को जल्द से जल्द न्याय मिले। उन्होंने कहा कि उनका परिवार पहले ही सब कुछ खो चुका है और अब उनके पास केवल एक ही उम्मीद बची है -इंसाफ। अपने पत्र के अंत में उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि उनके बेटे के मामले को केवल एक और फाइल बनकर न रहने दिया जाए। उन्होंने लिखा कि इस केस के पीछे एक ऐसा परिवार है जिसने अपना सब कुछ खो दिया है और अब उसे केवल न्याय का इंतजार है।
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सावन में शिव भक्तों के लिए गुफाओं में ऑक्सीजन, रोशनी और उपाय लागू होंगे

Sasaram, Bihar:बता दे की सावन महीना में यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु शिव भक्त पहुंचते हैं। ऐसे में श्रावणी मेला शुरू होने से पहले गुप्ता धाम के गुफा में जिला प्रशासन की पूरी टीम पहुंची तथा गुफा के अंदर श्रद्धालुओं को होने वाले समस्याओं का जायजा लिया। खासकर गुफा के अंदर ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही गुफा के अंदर पैरों में कंकर चुभने की जानकारी मिली, ऐसे में जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने का बताया कि गुफा के अंदर अच्छे क्वालिटी का मैट बिछाया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में तकलीफ नहीं हो। वही प्रकाश की भी व्यवस्था ठीक तरीके से की जाएगी। गुफा के अंदर के दूषित हवा को निकालने की भी व्यवस्था की जाएगी। बता दे की कैमूर पहाड़ी के गुफा में भगवान महादेव का प्रकृति शिवलिंग अवस्थित है। जहां सावन महीना में लाखों की संख्या में शिव भक्त पहुंचते हैं। इससे पहले जिलाधिकारी खुद गुप्ता धाम पहुंच गए। यही इलाका चारों तरफ जंगल हो और पहाड़ों से घिरा है तथा बरसात में यहां की खूबसूरती काफी बढ़ जाती है।
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प्रतापगढ़ में पुलिस महा फेरबदल: 9 अधिकारी समेत 90 कर्मियों का तबादला

Pratapgarh, Rajasthan:जिला : प्रतापगढ़ विधायक सभा : प्रतापगढ़ खबर की लोकेशन : प्रतापगढ़ जिले में बड़े स्तर पर पुलिस विभाग में फेरबदल किया गया है। आदेशों के अनुसार पुलिस निरीक्षक, पुलिस उप निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर पर तबादले किए गए हैं। प्रतापगढ़ जिले में कुल 9 अधिकारियों की नई पोस्टिंग हुई है, जबकि विभिन्न रैंक के कुल 90 पुलिसकर्मियों का यहां से अन्य जिलों में स्थानांतरण किया गया है। सभी आदेश प्रशासनिक एवं कार्यहित में महानिरीक्षक पुलिस, उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव द्वारा जारी किए गए हैं। पुलिस निरीक्षक रेंज ओ.बी. संख्या 217 की सूची में प्रतापगढ़ जिले में कुल 8 नए पुलिस निरीक्षकों की पोस्टिंग की गई है। इनमें कानाराम जिला उदयपुर से प्रतापगढ़, कैलाश सोनी जिला डूंगरपुर से प्रतापगढ़, ओम सिंह जिला राजसमन्द से प्रतापगढ़, ओमप्रकाश गोदारा जिला राजसमन्द से प्रतापगढ़, देवेन्द्र सिंह कविया एएनटीएफ जयपुर, पदस्थापन की प्रतीक्षा से प्रतापगढ़, शिवराज सिंह गुर्जर अजमेर रेंज, पदस्थापन की प्रतीक्षा से प्रतापगढ़, ईश्वरानन्द बीकानेर रेंज, पदस्थापन की प्रतीक्षा से प्रतापगढ़ तथा लक्ष्मण सिंह बीकानेर रेंज, पदस्थापन की प्रतीक्षा से प्रतापगढ़ शामिल हैं। इसी सूची में प्रतापगढ़ जिले से दो पुलिस निरीक्षकों का स्थानांतरण भी किया गया है। प्रवीण टांक का तबादला प्रतापगढ़ से चित्तौड़गढ़ तथा रोहित कुमार का तबादला प्रतापगढ़ से राजसमंद किया गया है। पुलिस उप निरीक्षक रेंज ओ.बी. संख्या 218 की सूची में प्रतापगढ़ जिले में एक नए उप निरीक्षक देवी सिंह का जिला उदयपुर से प्रतापगढ़ स्थानांतरण किया गया है। वहीं प्रतापगढ़ से देवलाल मीणा का बांसवाड़ा, इन्द्रजीत का सलम्बर, नारायण लाल का डूंगरपुर, सोहन लाल का उदयपुर एवं रविन्द्र पाटीदार का उदयपुर तबादला किया गया है। हेड कांस्टेबल रेंज ओ.बी. संख्या 225 की सूची में प्रतापगढ़ जिले से कुल 45 हेड कांस्टेबलों का अन्य जिलों में स्थानांतरण किया गया है। इस सूची में प्रतापगढ़ में किसी नए हेड कांस्टेबल की पोस्टिंग का उल्लेख नहीं है। चित्तौड़गढ़ भेजे गए 31 हेड कांस्टेबलों में दुर्गासिंह, सुरेश कुमार, प्रमुराम, बजरंग सिंह, रामजीलाल, अर्जुन सिंह, मगाराम, बिशन सिंह, अर्जुनलाल, हरिश कुमार, ओमवीर सिंह, अमर सिंह, राजेन्द्र कुमार, अनिल कुमार, उपेन्द्र सिंह, मांगीलाल, लोकेश कुमार, प्रेमाराम, धर्मेन्द्र कुमार, मोहन सिंह, सुनिल कुमार, गुमानाराम, भजन लाल, मुकेश कुमार, मुकेश कुमार, रफीक खा, महेन्द्रराम, बहादुर सिंह, महेश चन्द्र, सुरेशचन्द एवं पराग जोशी शामिल हैं। उदयपुर भेजे गए 11 हेड कांस्टेबलों में चन्द्रपाल, अजयपाल सिंह, ओमवीर, देवेन्द्र सिंह, अजीत सिंह, प्रभुलाल गुर्जर, राजकुमार, रजनीश, मनोज, मुकेश और अनोप शामिल हैं। राजसमन्द भेजे गए 3 हेड कांस्टेबलों में नरपत सिंह, बहादुर सिंह तथा नरेन्द्र सिंह शामिल हैं। कांस्टेबल/कार्मिक रेंज ओ.बी. संख्या 224 की सूची में प्रतापगढ़ जिले से कुल 38 कांस्टेबलों का अन्य जिलों में स्थानांतरण किया गया है। चित्तौड़गढ़ भेजे गए 15 कांस्टेबलों में मूलदास, कमलेश शर्मा, हरीराम, सांवरमल, सुल्तानसिंह, ओमप्रकाश, लाली, देवी लाल, जितेन्द्र सिंह शेखावत, अजीत सिंह शक्तावत, कैलाश चन्द्र, रघुवीर सिंह, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, गोवर्धन सिंह तथा हिम्मत सिंह चन्द्रावत शामिल हैं। राजसमन्द भेजे गए 11 कांस्टेबलों में श्यामलाल, रामावतार, जगदीशप्रसाद, सोहनसिंह, धुडाराम, राजेश मीना, गोपीचन्द, सांवरमल, सोमाराम, मंजू तथा हरिश्चन्द्र रेगर शामिल हैं। उदयपुर भेजे गए 12 कांस्टेबलों में भंवरसिंह, वासुदेव, गोविन्द सिंह राजपूत, श्रीपाल सिंह, नरेन्द्र सिंह, दिनेश कुडी, शम्भूदयाल, इन्द्राज सिंह, लेखा राम, नवलकिशोर, सविता तथा संत कुमार शामिल हैं।
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रायगढ़ में शादी का झांसा देकर युवती से शोषण, आरोपी गिरफ्तार

Darogapara, Chhattisgarh:रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में शादी और पत्नी बनाकर साथ रखने का भरोसा देकर युवती का शारीरिक शोषण करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को शिकायत दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि अक्टूबर 2025 में उसकी पहचान शेखर बघेल से हुई थी। दोनों के बीच बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने प्रेम और शादी का वादा किया। युवती का आरोप है कि 22 दिसंबर 2025 को आरोपी उसे अपने गेरवानी स्थित घर ले गया, जहां पत्नी बनाकर रखने का भरोसा देकर शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी वह शादी का आश्वासन देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा। पीड़िता ने बताया कि जब उसने विवाह की बात की तो आरोपी टालमटोल करने लगा। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा 3 जुलाई 2026 को उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद युवती अपने माता-पिता के पास पहुंची और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पूंजीपथरा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने आरोपी शेखर बघेल (20 वर्ष), निवासी ग्राम गोर्रा, हाल मुकाम गेरवानी को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार करने पर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
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भरतपुर में व्यापारी हत्या मामले में सरगना समेत दोनों गिरफ्तार

Bharatpur, Rajasthan:भरतपुर सेवर थाना इलाके में बर्तन व्यापारी चन्द्रभान की गोली मारकर हत्या से जुड़ा मामला. मामले में भरतपुर पुलिस के हाथ लगी और बड़ी सफलता, वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य सरगना प्रवीण उर्फ बॉबी और बलराम को किया गिरफ्तार. डीएसपी ग्रामीण कन्हैयालाल चौधरी की कार्रवाही में महती भूमिका. कासौट के रहने वाले हैं दोनों आरोपी, मामले में एक आरोपी महेश उर्फ शैलू को पुलिस पहले कर चुकी है गिरफ्तार. एसपी राजेश मीणा की क्लोज मॉनीटरिंग आई काम, डीग जिले के रहने वाले हैं तीनों आरोपी, एसपी राजेश मीणा डीग में पहले रह चुके हैं एसपी, वहीं डीएसपी कन्हैयालाल चौधरी भी डीग में रहे हैं SHO, पुराने सोर्स आये पुलिस के काम और धर दबोचे दोनों आरोपी, आज एसपी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर करेंगे खुलासा।
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नरसिंहपुर के जर्जर स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई खतरे में, प्रशासन की दावों पर सवाल

Narsinghpur, Madhya Pradesh:एंकर-मध्य प्रदेश में जहां एक तरफ शिक्षा के स्तर को सुधारने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत डराने वाली है। नरसिंहपुर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जहां नौनिहाल डर के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। देखिए ज़ी मीडिया की यह खास रिपोर्ट... जर्जर बिल्डिंग... टपकती हुई छत... और सिर पर मंडराता हुआ खतरा! यह कोई खंडहर नहीं, बल्कि नरसिंहपुर जिले के विकासखंड चावरपाठा का 'शासकीय माध्यमिक शाला बरकुंडा' है। हालत इतनी बदतर हो चुकी है कि मासूम बच्चे अब स्कूल आने से भी कतराने लगे हैं। डर ऐसा कि माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं हैं। आलम यह है कि शिक्षकों को खुद फोन लगाकर बच्चों को स्कूल बुलाना पड़ रहा है। दिलचस्प बात यह है कि सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव और नरसिंहपुर कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी जर्जर बिल्डिंग में बच्चों की क्लास न लगाई जाए। लेकिन दावों और आदेशों की हवा निकालती यह तस्वीर व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है। "प्रशासनिक दावों की पोल खोलते हुए ज़ी मीडिया की टीम लगातार ऐसे जर्जर स्कूलों का सच सामने ला रही है, ताकि वक्त रहते इन मासूमों का भविष्य और जान दोनों बचाई जा सके।" बाइट- स्कूली बच्चे वन टू वन स्कूली टीचर के साथ ग्राउंड रिपोर्ट
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PMCH में रेडियोलॉजी भवन: दो CT और MRI से मरीजों की जांच समय घटेगा

Patna, Bihar:बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में मरीजों को अत्याधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी महीने पीएमसीएच के नए रेडियोलॉजी भवन में दो अत्याधुनिक सीटी स्कैन मशीन और एक रिसर्च आधारित एमआरआई मशीन स्थापित की जाएगी। इन मशीनों के शुरू होने से मरीजों को कम समय में उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा मिलेगी, वहीं चिकित्सकों को शोध एवं जटिल बीमारियों के बेहतर अध्ययन में भी सहायता मिलेगी। Health विभाग अस्पतालों में आधुनिक और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। पीएमसीएच में अत्याधुनिक सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की स्थापना बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी। इससे मरीजों को जांच के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कम लागत पर बेहतर जांच सुविधा अपने ही राज्य में उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि मरीजों को इलाज और जांच के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े तथा सभी आधुनिक सुविधाएं बिहार में ही उपलब्ध हों। इस महीने के अंत तक नए रेडियोलॉजी भवन में दो सीटी स्कैन और एक एमआरआई मशीन का इंस्टॉलेशन पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इन मशीनों से मरीजों की जांच शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बिहार में पहली बार ऐसी आधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं, जिनका उपयोग केवल मरीजों की जांच के लिए ही नहीं, बल्कि विभिन्न बीमारियों पर शोध (रिसर्च) के लिए भी किया जाएगा। नई एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों की क्षमता वर्तमान मशीनों की तुलना में कहीं अधिक होगी। प्रत्येक मशीन से 24 घंटे में औसतन 100 से अधिक मरीजों की जांच की जा सकेगी। इससे मरीजों की लंबी प्रतीक्षा समाप्त होगी और जांच रिपोर्ट भी पहले की अपेक्षा अधिक तेजी से उपलब्ध हो सकेगी। मशीनों के सुचारू संचालन के लिए जल्द ही आउटसोर्सिंग के माध्यम से प्रशिक्षित टेक्नीशियनों की नियुक्ति की जाएगी। एमआरआई व सीटी स्कैन मशीन के संचालन के लिए बीएमकआईसीएल ने कार्यबल देने का निर्णय लिया है। जल्द ही रोगी कल्याण समिति के साथ बैठक का आयोजन किया जायेगा। जिसमें आसानी से मरीजों के जांच के लिए न्यूनतम रेट का निर्धारण किया जायेगा। पीएमसीएच में जांच सेवाओं के लगातार विस्तार का सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहा है। जून माह में अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में 2,34,018 से अधिक जांचें सफलतापूर्वक की गईं, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नई मशीनों के शुरू होने के बाद जांच सेवाओं की क्षमता में और वृद्धि होगी तथा मरीजों को एक ही परिसर में अधिक सुविधाजनक और समयबद्ध जांच उपलब्ध हो सकेगी। प्रयास है कि मरीजों को कम से कम शुल्क पर उच्च गुणवत्ता की जांच सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर मरीज भी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आसानी से उठा सकें।
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नूरजी गाडरवारा में भतीजे ने चाचा पर गंडासी से वार कर हत्या कर दी

Jhalawar, Rajasthan:झालावाड़ जिले के सारोला थाना क्षेत्र के नूरजी गाडरवारा गांव में मामूली कासुनी में भतीजे ने अपने ही चाचा की गंडासे से वार कर हत्या कर दी। सारोला थाना पुलिस ने सुबह मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया है। सारोला थाना पुलिस ने बताया कि नूरजी गाडरवारा गांव का रहने वाला कुलदीप शराब पीने का आदी है और आए दिन शराब पीकर वह अपने 70 वर्षीय chacha जगन्नाथ के साथ झगड़ा करता था। गुरुवार रात भी कुलदीप जगन्नाथ से गाली गलौज कर रहा था। चाचा जगन्नाथ ने जब इसका विरोध किया, तो कुलदीप ने गंडासी से उस पर वार कर दिया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में परिजन उसे उपचार के लिए झालावाड़ के जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस द्वारा परिजनों के बयान दर्ज कर मामला जांच में लिया गया है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है。
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भूंडेल जन्मस्थली पर पर्यटन सुविधाओं के विकास की संभावना, निरीक्षण सम्पन्न

Nagaur, Rajasthan:नागौर पर्यटन विभाग की टीम ने किया हड़बूजी जन्मस्थली भूंडेल का निरीक्षण पर्यटन विभाग अजमेर की टीम ने खींवसर क्षेत्र की ग्राम पंचायत भूंडेल स्थित लोकदेवता वीर हड़बूजी महाराज की जन्मस्थली का निरीक्षण कर यात्री सुविधाओं के विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उप निदेशक पर्यटन योगेश कुमार खत्री, आर्किटेक्ट विमल सिंघारिया एवं सिविल इंजीनियर अमन सचदेवा ने मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र का अवलोकन किया। वहीं श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, पेयजल, शौचालय, पार्किंग, सौंदर्यीकरण तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर चर्चा की गई। टीम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से सुझाव भी प्राप्त किए। अधिकारियों ने बताया कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्थल के विकास की संभावनाओं का अध्ययन कर आवश्यक प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे, जिससे भविष्य में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। निरीक्षण के दौरान हड़बूजी जन्मस्थली विकास समिति के अध्यक्ष एवं प्रशासक धर्मेंद्र गौड़, दलपत सिंह चौहान, पुजारी भोम सिंह उड़ सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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नोएडा में बारिश के बाद जलभराव: प्रशासनिक जवाबदेही की मांग तेज

Noida, Uttar Pradesh:नोएडा नोएडा में लगातार हो रही बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति सामने आने पर नोएडा सिटीजन फोरम ने प्राधिकरण की मानसून तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। फोरम की कार्यकारी अध्यक्षा शालिनी सिंह ने शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर मौके पर हालात का जायजा लिया और कहा कि यह समस्या अब प्राकृतिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता का परिणाम बन चुकी है। शालिनी सिंह ने आरोप लगाया कि हर वर्ष करोड़ों रुपये नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर खर्च किए जाने के बावजूद पहली ही बारिश में सड़कों पर पानी भर जाता है। इससे साफ है कि या तो कार्य समय पर नहीं हुए या फिर गुणवत्ता के साथ गंभीर लापरवाही बरती गई। सिटीजन फोरम ने मांग की है कि जलभराव के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों को तत्काल ब्लैकलिस्ट कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही नोएडा प्राधिकरण के सीईओ से मानसून तैयारियों, नालों की सफाई और जल निकासी कार्यों पर खर्च की विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग भी की गई है। फोरम का कहना है कि शहरवासियों को यह जानने का अधिकार है कि किन अधिकारियों की निगरानी में ये कार्य हुए और उन पर कितना खर्च किया गया। जल निकासी व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना हर वर्ष होने वाली जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है।
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