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JAVED KHANJAVED KHANFollow29 Jan 2025, 07:59 am

Varanasi - मौनी अमावस्या पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा तट की सफाई करके श्रद्धालुओं को किया जागरूक

Haldwani, Uttar Pradesh:

समता-समरसता के असाधारण संगम मौनी अमावस्या पर्व पर गंगा स्नान के लिए उमड़ी हजारों की भीड़ को नमामि गंगे के सदस्यों ने स्वच्छता का संदेश दिया. दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, प्रयाग घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट और अहिल्याबाई घाट तक लोग सफाई संग स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए. गंगा सेवक राजेश शुक्ला को सफाई करते देखकर श्रद्धालुओं ने भी स्वच्छता में हाथ बंटाया और गंगा किनारे पड़े हुए माला-फूल , पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को साफ कर कूड़ेदान तक पहुंचाया. इस दौरान लाउडस्पीकर से स्वच्छता रूपी आवाह्न को आत्मसात करने की अपील की। 

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नरसिंहपुर के लिंगा गांव में स्कूल वैन पलटने से 4 बच्चे घायल

Narsinghpur, Madhya Pradesh:नरसिंहपुर के लिंगा गांव में न्यू मॉडल पब्लिक स्कूल, सागोरिया की बच्चों से भरी स्कूल वैन पलटने से हड़कंप मच गया। हादसे के वक्त वैन में करीब 10 से 12 छात्र-छात्राएं सवार थे। गनीमत रही कि बड़ा हादसा टल गया और 3 से 4 बच्चों को मामूली चोटें आई हैं। घायल बच्चों का निजी अस्पताल में उपचार जारी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार ड्राइवर ने घाट पर वैन बिना हैंडब्रेक लगाए खड़ी कर दी थी। जिसके चलते वैन अनियंत्रित होकर ढलान से लुढ़की और पलट गई। फिलहाल मामले की सूचना पुलिस तक नहीं पहुंची है, वहीं घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल बना हुआ है।
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जैसलमेर में G2 नियम के खिलाफ बहुमंजिला इमारतें, सोनार Fort पर संकट

Jaisalmer, Rajasthan:जैनसलमेर में G 2 की अनुमति, लेकिन खड़ी हो गईं बहुमंजिला इमारतें सोनार फोर्ट की खूबसूरती पर संकट, नगरपरिषद ने 10 रसूखदारों को नोटिस निर्माण कार्य फिर भी जारी पर्यटक नगरी जैसलमेर में भवन निर्माण नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। शहर में नियमानुसार केवल G 2 (ग्राउंड फ्लोर प्लस दो मंजिल) तक निर्माण की अनुमति है, वहीं कई रसूखदारों द्वारा तीन से चार मंजिला इमारतें और होटल खड़े कर दिए गए हैं। नगरपरिषद ने ऐसे 10 बड़े निर्माणों को चिन्हित कर नोटिस जारी किए हैं, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य बेखौफ जारी है। नगरपरिषद आयुक्त के निर्देश पर 10 बड़ी बिल्डिंगों को नोटिस थमाए गए हैं। निर्माण स्थलों पर मजदूर दिन-रात काम में जुटे हुए हैं और संबंधित भवन मालिकों ने न तो काम रोका है और न ही नियमों की पालना की है। टूरिस्ट सीजन में ज्यादा कमाई की होड़ जानकारी के अनुसार आगामी पर्यटन सीजन में अधिक से अधिक पर्यटकों को ठहराने और मोटी कमाई के उद्देश्य से कई होटल संचालकों और भवन निर्माताओं ने नगरपरिषद के बायलॉज को दरकिनार कर दिया है। शहर में निर्धारित ऊंचाई सीमा से अधिक निर्माण कर बहुमंजिला होटल और व्यावसायिक भवन तैयार किए जा रहे हैं। सोनार फोर्ट की आभा हो रही धूमिल इन अवैध निर्माणों का सबसे बड़ा असर विश्व प्रसिद्ध सोनार फोर्ट पर पड़ रहा है। शहर के भीतर और बाहरी क्षेत्रों में खड़ी की गई ऊंची इमारतों के कारण दूर से दिखाई देने वाला किले का भव्य दृश्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई स्थानों से अब सोनार फोर्ट पूरी तरह दिखाई भी नहीं देता, जिससे स्वर्णनगरी की ऐतिहासिक पहचान और प्राकृतिक सौंदर्य को नुकसान पहुंच रहा है। 100 से अधिक अवैध इमारतों का अनुमान सूत्रों के अनुसार शहर में करीब 100 से अधिक ऐसी इमारतें मौजूद हैं जो निर्धारित निर्माण मानकों और ऊंचाई सीमा का उल्लंघन कर बनाई गई हैं। नगरपरिषद ने फिलहाल 10 बड़े मामलों में नोटिस जारी किए हैं, लेकिन स्थानीय नागरिक इसे महज खानापूर्ति मान रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रभावशाली लोगों पर कार्रवाई नहीं होने से नियमों का उल्लंघन लगातार बढ़ रहा है। भीतरी शहर में हादसों का खतरा बढ़ा जैसलमेर का भीतरी शहर संकरी गलियों और ऐतिहासिक संरचनाओं के लिए जाना जाता है। नगरपरिषद ने पूरे शहर को चार जोन में विभाजित कर अधिकतम 11 से 14 मीटर तक ऊंचाई निर्धारित कर रखी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर इससे अधिक ऊंचाई के निर्माण किए जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे क्षेत्रों में आग लगने जैसी आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो दमकल वाहन घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाएंगे, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी। कार्रवाई पर उठ रहे सवाल नोटिस जारी होने के बावजूद निर्माण कार्यों का जारी रहना नगरपरिषद की कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो जैसलमेर की ऐतिहासिक विरासत, पर्यटन आकर्षण और आम लोगों की सुरक्षा तीनों पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
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गहलोत का जोधपुर दौरे में भाजपा पर हमला, चिरंजीवी योजना और यमुना परियोजना पर सवाल

Jodhpur, Rajasthan:प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर दौरे के दौरान भाजपा सरकार और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर तीखा हमला बोला है। गहलोत ने चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की स्थिति, यमुना जल परियोजना, जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त और विभिन्न संस्थानों में नियुक्तियों को लेकर सरकार को घेरा। वीओ-1 जोधपुर प्रवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी महत्वाकांक्षी चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार के समय यह देश की सबसे बेहतरीन स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल थी। गहलोत ने दावा किया कि योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज, दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं। गहलोत ने कहा कि चिरंजीवी योजना की पूरे देश में चर्चा होती थी, लेकिन आज अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है और मरीज परेशान हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि अस्पतालों में दवाइयों की कमी है, ऑपरेशन प्रभावित हो रहे हैं और मरीजों से पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि अस्पतालों को भुगतान नहीं मिलेगा तो इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा। बाइट – अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वीओ-2 यमुना जल परियोजना को लेकर भी गहलोत ने सरकार को घेरते हुए कहा कि बैठकें करना अच्छी बात है, लेकिन जनता को नतीजे चाहिए। उन्होंने दोहराया कि जिस दिन यमुना का पानी राजस्थान के नीमकाथाना क्षेत्र तक पहुंच जाएगा, वह खुद मुख्यमंत्री निवास जाकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सम्मान करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं आज भी अपने वादे पर कायम हूं, पानी आएगा तो मुख्यमंत्री को माला पहनाने जाऊंगा। बाइट – अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वीओ-3 भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान पर पलटवार करते हुए गहलोत ने कहा कि उन्होंने किसी जनप्रतिनिधि का अपमान नहीं किया था, बल्कि पैसे लेकर दल बदलने वाले नेताओं की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त हो रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि आज विधायक और सांसद करोड़ों रुपये में बिक रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने घोड़े, गधे, भैंस और बकरी जैसे शब्दों का प्रयोग किया था। गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में बड़े पैमाने पर जनप्रतिनिधियों का दल बदलना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतकर आने वाले जनप्रतिनिधि जनता के विश्वास को बेच रहे हैं। बाइट – अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वीओ-4 आरपीएससी, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और अन्य संस्थानों में हालिया नियुक्तियों पर भी गहलोत ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की विचारधारा से जुड़े लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि देश के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में भाजपा और आरएसएस अपनी विचारधारा थोपने का प्रयास कर रहे हैं।गहलोत ने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने एजेंडे के तहत विभिन्न संस्थानों में नियुक्तियां कर रही है, जिससे देश को नुकसान हो रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार और राज्यपाल के अधिकार क्षेत्र में होने के कारण विपक्ष के पास इसे रोकने के सीमित विकल्प हैं। बाइट – अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री वीओ- 5 हालांकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर गहलोत का रुख नरम दिखाई दिया। उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा व्यवहार कुशल व्यक्ति हैं और वे चाहते हैं कि वे मुख्यमंत्री बने रहें । उन्होंने कहा कि भजनलाल शर्मा व्यवहार कुशल व्यक्ति हैं, सम्मानपूर्वक बात करते हैं और ऐसे लोगों से ही मुख्यमंत्री पद की गरिमा बढ़ती है। बाइट – अशोक गहलोत, पूर्व मुख्यमंत्री फाइनल वीओ जोधपुर से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक साथ स्वास्थ्य, पानी, लोकतंत्र और नियुक्तियों जैसे कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। लोकेश ओला जी मीडिया जोधपुर।
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नवविवाहिता मौत मामले में मझौलिया पुलिस ने की कार्रवाई,आरोपी पति श्याम कुमार यादव गिरफ्तार

NEYAZ ALAM SHAINEYAZ ALAM SHAIFollow3m ago
Majhaulia, Bihar:मझौलिया थाना क्षेत्र के रुलही में नवविवाहिता पुष्पा देवी की मौत के मामले में पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मुख्य आरोपी पति श्याम कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया है,पुलिस की इस कार्रवाई से मामले में जांच को नई दिशा मिली है तथा पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है,जानकारी के अनुसार,मृतका के पिता किशोर यादव ने मझौलिया थाना में आवेदन देकर पुत्री की मौत के लिए ससुराल पक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए शिकायत दर्ज कराई थी,शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू कर दी,घटना की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेजा,थानाध्यक्ष अमर कुमार ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी,इसी अभियान के तहत मुख्य आरोपी पति श्याम कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है,उन्होंने कहा कि पुलिस निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मामले की जांच कर रही है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है,उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है,प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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जालौन में आटा थाना पुलिस ने 24 घंटे में चोरी का पर्दाफाश, 135 ग्राम सोना-97 हजार बरामद

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन जिले के आटा थाना क्षेत्र में एक बड़ी चोरी की वारदात का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया। थाना आटा पुलिस व स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को चोरी के सोने के टुकड़े (थपिया) और नकदी के साथ गिरफ्तार किया। बरामद सोने का कुल वजन 135 ग्राम है, जिसकी कीमत लगभग 21 लाख रुपये आंकी गई है, साथ ही 97 हजार रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। वहीं कालपी कोतवाली सभागार में पूरे मामले का सीओ कालपी राजेश कमल ने खुलासा कर दिया है। 23 जून को मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने थाना आटा में तहरीर देकर बताया कि उसकी माँ और बड़ी बहू के घर में रखे सोने के टुकड़े (थपिया) चोरी हो गए हैं। इस सूचना पर थाना आटा में मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय कुमार सिंह के पर्यवेक्षण एवं अपर पुलिस अधीक्षक जालौन के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में थाना आटा पुलिस के साथ-साथ स्वाट और सर्विलांस यूनिट के जवान भी शामिल थे। 24 जून को चेकिंग के दौरान संदिग्ध अवस्था में दो व्यक्ति मिठ्ठू और अंकित द्विवेदी शामिल हैं। दोनों ग्राम आटा के ग्राम पिपरांया के निवासी है। पुलिस ने सोने के टुकड़े (थपिया) 135 ग्राम (दो टुकड़े) लगभग 21 लाख रुपये नकद रुपये ₹97,000 बरामद किए हैं। पुलिस ने बरामदगी के आधार पर सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए दोनों अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है。
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आपातकाल के 50 साल पर अंबाला में BJP प्रदर्शनी: लोकतंत्र पर चर्चा

Ambala, Haryana:देश में आपातकाल यानी इमरजेंसी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अंबाला शहर नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी में तस्वीरों और दस्तावेजों के जरिए साल 1975 में नागरिकों के अधिकारों के हनन और लोकतंत्र की हत्या की पूरी दास्तां को बयां किया गया। इस ऐतिहासिक और विचारणीय प्रदर्शनी के अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री असीम गोयल, भाजपा के जिलाध्यक्ष मनदीप राणा और अंबाला की मेयर अक्षिता सैनी मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रदर्शनी का उद्देश्य आज की पीढ़ी को उस दौर के संघर्ष से रूबरू कराना है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री असीम गोयल ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज जो लोग संविधान बचाओ यात्रा निकाल रहे हैं, उन्हें इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए। गोयल ने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें अपनी दादी इंदिरा गांधी और अपने परनाना जवाहरलाल नेहरू के इतिहास को जरूर पढ़ना चाहिए कि किस तरह उन्होंने देश के लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटा था। असीम गोयल ने कहा आज भारत की Gen-Z यानी आज की युवा पीढ़ी को यह जानना बेहद जरूरी है कि आपातकाल क्या था। आज के युवाओं को लगता है कि यह महज़ एक सामान्य घटना थी, जहाँ कोर्ट के किसी फैसले के बाद दंगों को रोकने के लिए सरकार ने इमरजेंसी लगा दी। लेकिन हकीकत यह नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि केवल अपनी सत्ता और अपनी कुर्सी बचाने के लिए, कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए पूरे देश को 21 महीनों के लिए एक काले अध्याय में झोंक दिया गया था। युवाओं और महिलाओं को इस संघर्ष की सच्चाई का पता होना चाहिए। पूर्व मंत्री असीम गोयल ने आपातकाल के दौरान मीडिया पर लगी पाबंदियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे अखबारों के बिजली कनेक्शन काटे जाने के बाद भी ट्रैक्टरों के जरिए प्रिंटिंग मशीनें चलाकर खबरें लोगों तक पहुंचाई गईं। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि इस संविधान हत्या दिवस के विरोध में हरियाणा के तीन प्रमुख शहरों रोहतक, फरीदाबाद और पंचकूला में बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित कई दिग्गज नेता शामिल होंगे।
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जालोर मेड़ा पुरोहितान स्थित उमेद पेट्रोल पंप से डीजल भरवाकर फरार, आरोपी गिरफ्तार

Jaipur, Rajasthan:जालोर, बागोड़ाबागोड़ा पुलिस ने मेड़ा पुरोहितान स्थित उमेद पेट्रोल पंप से डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी भी जब्त कर ली है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 22 जून को सुबह करीब 4:20 बजे हुई थी। एक काले रंग की बिना नंबर वाली स्कॉर्पियो पेट्रोल पंप पर पहुंची। चालक ने गाड़ी में लगभग 6,300 रुपये का डीजल भरवाया और फिर बिना पैसे दिए मौके से फरार हो गया। पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत पर बागोड़ा थाने में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। थानाधिकारी बलदेवराम के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए फरार चालक अनोप पुत्र कालूराम विश्नोई (18) निवासी सिवाड़ा, थाना चित्तलवाना को गिरफ्तार किया। इस वारदात में शामिल एक विधि से संघर्षरत किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, जिसका पंजीकरण संख्या जीजे-08-सीएम-8777 है, उसे भी जब्त कर लिया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी बलदेवराम, एएसआई राजूराम, कांस्टेबल प्रभुराम और हेड कांस्टेबल त्रिलोकसिंह की विशेष भूमिका रही।
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भरत तिवारी की पोस्टमार्टेम रिपोर्ट क्यों अभी सार्वजनिक नहीं, सरकार पर सवाल

Noida, Uttar Pradesh:अब तक क्यूँ नहीं सार्वजनिक की गयी है भरत तिवारी की पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट ? भरत तिवारी फर्जी मुठभेड़ मामले में सरकार के गठित न्यायिक जाँच से त्वरित कुछ स्पष्ट व् उजागर नहीं होने वाला है, न्यायिक जाँच की प्रक्रिया लंबी चलने की संभावना है और इस वजह से इस जघन्य हत्याकांड के दोषियों का दोष साबित होने में काफी वक्त भी लगने वाला है .. मेरी राय में न्यायिक जाँच का ये आदेश जनाक्रोश को ठंडा करने की सरकार की एक कवायद का हिस्सा है .. दलितों - वंचितों - शोषितों - पिछड़ों - हाशिए पर खड़ी आबादी के अधिकारों , उनकी सहूलियतों , उनकी समस्याओं के निवारण एवं समाधान के लिए संघर्ष करते हुए अपनी जान गंवाने वाले भरत तिवारी के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए जमीन पर गंभीरता से संघर्ष कर रहे , आवाज उठा रहे लोगों के साथ - साथ सरकार से मेरा भी ये सीधा सवाल है कि भरत तिवारी की पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट कहाँ है ? क्यूँ अब तक सार्वजनिक नहीं की गयी है पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट ? पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट को सार्वजनिक करने में की जा रही देरी की आड़ में किसे बचाना चाह रही है हत्यारी सम्राट सरकार व् पुलिस ? मामले से जुड़ीं कई याचिकाएं कई माननीय न्यायालयों / अदालतों में दायर हैं और याचिकाओं की कानूनी मजबूती के लिए पोस्टमॉर्टेम रिपोर्ट का होना निहायत ही जरूरी है .. फर्जी मुठभेड़ में किस - किस की संलिप्तता है , इसे उजागर करने के लिए भरत तिवारी के परिजन मृतक के मोबाइल फोन के डिटेल्स को भी सार्वजनिक किए जाने की मांग कर रहे हैं , मृतक का मोबाइल फ़ोन पुलिस के कब्जे में है , मगर इस बारे में सम्राट सरकार की पुलिस ने चुप्पी साध रखी है , .. परिजनों का स्पष्ट कहना है कि मोबाइल फ़ोन में फर्जी मुठभेड़ का आदेश देने वाले असली व् बड़े गुनाहगारों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य - सबूत व् जानकारियाँ हैं .. ऐसे में सहज ही सवाल उठता है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि अपनी काली करतूत पर पर्दा डालने के मकसद से पुलिस द्वारा मोबाइल फोन , मोबाइल में मौजूद डेटा और व्हाट'स एप्प चैट को नष्ट कर दिया गया है ?
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सSingrauli के मूकबधिर दिव्यांगों ने कलेक्टर से मांगें रखीं: शिक्षा और रोजगार

Singrauli, Madhya Pradesh:सिंगरौली जिले के मूकबधिर दिव्यांगजन ने कलेक्टर गौरव बैनल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से रखा। शिक्षा, रोजगार, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित कराने की मांग की गई। दिव्यांगजनों ने प्रशासन से आग्रह किया कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के ठोस कदम उठाए जाएं। राहुल शाह ने बताया कि उन्हें मूकबधिर व्यक्तियों से जुड़े मामलों में न्यायिक सहयोग के लिए सुप्रीम कोर्ट से अधिकृत किया गया है। उन्होंने दस्तावेज और प्रमाण पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि देशभर में मूकबधिरों से जुड़े मामलों में न्यायालयों को सहयोग देने के उद्देश्य से उन्हें जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व में मूकबधिर छात्रों के लिए एक विशेष विद्यालय था, जो वर्तमान में बंद है। उन्होंने पुनः शुरूाए जाने की मांग की ताकि सैकड़ों बच्चों को शिक्षा मिले। साथ ही उन्होंने सीएसआर के माध्यम से कौशल विकास, स्वरोजगार प्रशिक्षण, खेल, सांस्कृतिक और अन्य गतिविधियों को बढ़ावा देने की मांग रखी। बैठक में मौजूद अन्य दिव्यांगजनों ने रोजगार, प्रशिक्षण, बेरा टेस्ट, संवाद सुविधा और सरकारी योजनाओं के लाभ सरलता से उपलब्ध कराने की मांग की। कलेक्टर ने सभी समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।
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