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JAVED KHANJAVED KHANFollow29 Jan 2025, 07:59 am

Varanasi - मौनी अमावस्या पर नमामि गंगे ने जगाई स्वच्छता की अलख, गंगा तट की सफाई करके श्रद्धालुओं को किया जागरूक

Haldwani, Uttar Pradesh:

समता-समरसता के असाधारण संगम मौनी अमावस्या पर्व पर गंगा स्नान के लिए उमड़ी हजारों की भीड़ को नमामि गंगे के सदस्यों ने स्वच्छता का संदेश दिया. दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट, प्रयाग घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट और अहिल्याबाई घाट तक लोग सफाई संग स्वच्छता के प्रति जागरूक हुए. गंगा सेवक राजेश शुक्ला को सफाई करते देखकर श्रद्धालुओं ने भी स्वच्छता में हाथ बंटाया और गंगा किनारे पड़े हुए माला-फूल , पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को साफ कर कूड़ेदान तक पहुंचाया. इस दौरान लाउडस्पीकर से स्वच्छता रूपी आवाह्न को आत्मसात करने की अपील की। 

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Azamgarh: हिस्ट्रीशीटर बदमाश गोली लगने से घायल, गोवंश तस्करी गैंग का बड़ा खुलासा

Azamgarh, Uttar Pradesh:पुलिस मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर बदमाश को गोली लगी, टोल प्लाजा का बैरियर तोड़कर फरार तस्करों में आरोपी था। गैंगस्टर, लूट सहित 10 मुकदमे दर्ज हैं; कब्जे से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद। गोवंशीय पशुओं से लड़ी एक पिकअप रोकने के प्रयास के दौरान चालक फरार हुआ और तीनों आरोपी भाग निकले। संतोष यादव घायल हुआ, उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया; तलाशी में तमंचा, जिंदा कारतूस और स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद। अतरौलिया थाने में धारा 109(1) तथा 3, 25, 27 आर्म्स एक्ट के धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज; संतोष यादव हिस्ट्रीशीटर है और उसके विरुद्ध लगभग 10 आपराधिक मुकदमे हैं।
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मोदी-धामी की सीमा दर्शन योजना से चमोली में पर्यटन बढ़ा

Karnaprayag, Uttarakhand:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर पर्यटक चमोली जिले के सीमा वर्ती क्षेत्रो का दीदार कर रहे है। जिलाधिकारी चमोली गौरव कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष अभी तक 1500 से अधिक पर्यटक चमोली जिले के अंतर्गत सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर चुके है। जिसके लिए जिला प्रशाषन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में जाने वाले लोगो को सहयोग किया जा रहा है। चमोली जिले के अंतर्गत भारत चीन सीमा से लगी सीमा क्षेत्रो में पर्यटन की अपार संभावनाओं के देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अनूठी पर्यटकों को सीमा दर्शन योजना के तहत पर्यटकों और खासकर युवाओं को देश के सीमावर्ती क्षेत्रों और सुरक्षा बलों के जीवन से रूबरू कराना है। इसके तहत पर्यटक भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और दुर्गम इलाकों का भ्रमण कर रहे है। चमोली जिले के अंतर्गत पर्यटक देवताल, सरस्वती ताल, पार्वती कुंड, नीती घाटी, और माणा क्षेत्र का दर्शन कर रहे है।
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चित्तौड़गढ़ में पुलिस ने 29 किलो 722 ग्राम डोडाचूरा के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

Begun, Rajasthan:चित्तौड़गढ़ जिले में नशे के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। जिले की पारसोली और निकुम्भ थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए कुल 29 किलो 722 ग्राम अवैध अफीम डोडाचूरा जब्त कर तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पारसोली थाना पुलिस ने चित्तौरगढ़-बेगूं मार्ग पर नाकाबंदी के दौरान 19 किलो 710 ग्राम डोडाचूरा के साथ जालौर निवासी दो आरोपियों को पकड़ा। वहीं निकुम्भ थाना पुलिस ने मंगलवाड़-निंबाहेड़ा स्टेट हाईवे पर 10 किलो 12 ग्राम डोडाचूरा के साथ नीमच निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार किया। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर मादक पदार्थ के स्रोत और तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।
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राजस्थान में सावन के साथ बांधों में पानी की आवक बढ़ी, खरीफ के लिए आस बंधी

Jaipur, Rajasthan:पूरा जुलाई सूखा-अब सावन में बदल रही बांधों की तस्वीर,मानसून फीका रहा तो सिंचाई-कृषि संकट गहरा सकता जयपुर-राजस्थान में सावन का महीना शुरू होते ही मानसून की बारिश होने लगी है. बांधों में पानी की आवक शुरू हो गई है. हालांकिया अभी तक जितना पानी की आवक होनी थी,वो अब तक नहीं हो पाई है. पिछले साल के मुकाबले बांधों में पानी की मात्रा दर्ज नहीं हुई है. ऐसे में अब यदि मानसून में अच्छी बारिश नहीं हुई तो राजस्थान में कृषि और सिंचाई संकट गहरा सकता है. अब धीरे धीरे बदल रही बांधों की तस्वीर- राजस्थान में सावन के महीने में शुभ शुरुआत के साथ बारिश की एंट्री हुई है. मानसून में जुलाई का पूरा महीना सूखा रहा, लेकिन आखिरी में सावन आते ही बौछारों ने कुछ राहत दी. जिसके बाद अब बांधो में पानी की आवक दर्ज होने लगी है. 7 दिन पहले जहां सूखे बांधों की संख्या 279 थी, जो अब घटर 256 तक पहुंच गई है. पहले 5 बांध ही फुल थे, लेकिन अब इनकी संख्या 13 तक पहुंच गई है. अब उम्मीद यही है कि मानसून की बारिश से बांधों में पानी की आवक और दर्ज होगी. जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान के 693 बांधों में से 409 बांधों में सीमित मात्रा में ही पानी बचा है. पिछले साल के मुकाबले बांधों में कम पानी- राजस्थान में यदि मानसून कमजोर रहा तो आने वाले दिनों अन्नदाताओं की चिंता बढ सकती है. जुलाई का अधिकांश समय बीत चुका है, लेकिन कई जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई. इसका असर खरीफ की बुवाई, बांधों के जलस्तर और सिंचाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है. प्रदेश के अधिकांश बांधों में पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले काफी कम है. प्रदेश के बांधों में इस समय कुल जलभराव क्षमता का केवल 47 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 75 प्रतिशत था. चंबल बेसिन के कोटा बैराज, जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर और अन्य प्रमुख बांधों में भी पिछले साल की तुलना में जलस्तर कम दर्ज किया गया है. जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत का कहना है कि कमजोर मॉनसून के कारण बांधों में पानी की आवक कम हुई है. जहां जरूरत है, वहां सिंचाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और चंबल परियोजना के तहत मध्य प्रदेश से पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है. इसका प्रभाव सिर्फ किसानों की आय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सब्जियों और खाद्यान्न की कीमतों पर भी पड़ सकता है. किसानों को उम्मीदे- मौसम विभाग की निगाहें अब मानसून की अगली सक्रियता पर टिकी हैं. किसानों को उम्मीद है कि जल्द अच्छी बारिश होगी, जिससे बांधों में पानी की आवक बढ़ेगी और खरीफ की फसल को राहत मिल सकेगी.
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राजस्थान में सावन से बांधों में पानी की आवक बढ़ी, लेकिन मॉनसून Weak रहा तो कृषि संकट गहरा सकता है

Jaipur, Rajasthan:जयपुर-राजस्थान में सावन का महीना शुरू होते ही मानसून की बारिश होने लगी है. बांधों में पानी की आवक शुरू हो गई है. हालांकि अभी तक जितना पानी की आवक होनी थी, वही हो पाई है. पिछले साल के मुकाबले बांधों में पानी की मात्रा दर्ज नहीं हुई है. ऐसे में अब यदि मानसून में अच्छी बारिश नहीं हुई तो राजस्थान में कृषि और सिंचाई संकट गहरा सकता है. अब धीरे धीरे बदल रही बांधों की तस्वीर- राजस्थान में सावन के महीने में शुभ शुरुआत के साथ बारिश की एंट्री हुई. मानसून में जुलाई का पूरा महीना सूखा रहा, लेकिन आखिरी में सावन आते ही बौछारों ने कुछ राहत दी. जिसके बाद अब बांधो में पानी की आवक दर्ज होने लगी है. 7 दिन पहले जहां सूखे बांधों की संख्या 279 थी, जो अब घटकर 256 तक पहुंच गई है. पहले 5 बांध ही फुल थे, लेकिन अब इनकी संख्या 13 तक पहुंच गई है. अब उम्मीद यही है कि मानसून की बारिश से बांधों में पानी की आवक और दर्ज होगी. जल संसाधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान के 693 बांधों में से 409 बांधों में सीमित मात्रा में ही पानी बचा है. पिछले साल के मुकाबले बांधों में कम पानी- राजस्थान में यदि मानसून कमजोर रहा तो आने वाले दिनों अन्नदाताओं की चिंता बढ़ सकती है. जुलाई का अधिकांश समय बीत चुका है, लेकिन कई जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई. इसका असर खरीफ की बुवाई, बांधों के जलस्तर और सिंचाई व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है. प्रदेश के अधिकांश बांधों में पानी का स्तर पिछले साल के मुकाबले काफी कम है. प्रदेश के बांधों में इस समय कुल जलभराव क्षमता का केवल 47 प्रतिशत पानी उपलब्ध है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 75 प्रतिशत था. चंबल बेसिन के कोटा बैराज, जवाहर सागर, राणा प्रताप सागर और अन्य प्रमुख बांधों में भी पिछले साल की तुलना में जलस्तर कम दर्ज किया गया है. बाइट- सुरेश रावत,मंत्री,जल संसाधन विभाग जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत का कहना है कि कमजोर मॉनसून के कारण बांधों में पानी की आवक कम हुई है. जहां जरूरत है, वहां सिंचाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और चंबल परियोजना के तहत मध्य प्रदेश से पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो खरीफ फसलों के उत्पादन पर असर पड़ सकता है. इसका प्रभाव सिर्फ किसानों की आय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सब्जियों और खाद्यान्न की कीमतों पर भी पड़ सकता है. बाइट- सुरेश रावत, मंत्री, जल संसाधन विभाग किसानों को उम्मीदे- मौसम विभाग की निगाहें अब मानसून की अगली सक्रियता पर टिकी हैं. किसानों को उम्मीद है कि जल्द अच्छी बारिश होगी, जिससे बांधों में पानी की आवक बढ़ेगी और खरीफ की फसल को राहत मिल सकेगी. नोट-इस खबर की फीड 2 सी में अटैच है।
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भैसवाड़ा-आहोर मार्ग पर भीषण हादसा, 9 घायल, 5 गंभीर

Jaipur, Rajasthan:भैसवाड़ा-आहोर मार्ग पर भीषण सड़क हादसा: निजी एंबुलेंस और सवारियों से भरी जीप की आमने-सामने टक्कर, 9 घायल, 5 गंभीर घायलों को किया रेफर, मोड़ पर तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह जालोर-आहोर मार्ग पर शुक्रवार को भैसवाड़ा और आहोर के बीच पेट्रोल पंप के समीप एक भीषण सड़क हादसा हो गया। जालोर से आहोर की ओर आ रही एक निजी एंबुलेंस और आहोर से जालोर जा रही सवारियों से भरी निजी जीप की आमने-सामने टक्कर में 9 लोग घायल हो गए। घायलों में एक 10 वर्षीय बालिका और 3 वर्षीय मासूम भी शामिल हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर घायलों को वाहनों से बाहर निकाला और एंबुलेंस की सहायता से राजकीय अस्पताल, आहोर पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद 5 गंभीर घायलों को बेहतर उपचार के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया。 मोड़ पर हुई जोरदार भिड़ंत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा पेट्रोल पंप के पास बने मोड़ पर हुआ। बताया जा रहा है कि जालोर की ओर से आ रही निजी एंबुलेंस तेज गति में थी, जबकि दूसरी ओर से आ रही निजी जीप में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठी हुई थीं। मोड़ पर दोनों वाहनों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई, जिससे जीप में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। ये हैं गंभीर घायल डायाराम पुत्र गजाराम मीणा (40), निवासी हरजी पानाराम पुत्र समाराम मीणा (50), निवासी उम्मेदपुर गलबाराम पुत्र भगाराम (35), निवासी अगवरी मुकेश पुत्र रमजूजी मीणा (30), निवासी अगवरी हकाराम पुत्र पुराराम मीणा (65), निवासी उम्मेदपुर अन्य घायल दुर्गा कुमारी (10), पुत्री डायाराम मीणा, निवासी हरजी छगनलाल (46), पुत्र हकाराम मीणा, निवासी सियाणा शंकरलाल (26), पुत्र हकाराम मीणा, निवासी सियाणा दिलीप (3), पुत्र कालूराम मीणा, निवासी उम्मेदपुर पुलिस ने शुरू की जांच सूचना मिलते ही आहोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारु कराया। पुलिस ने घटनास्थल का मौका-मुआयना कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है。 प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खोना हादसे के संभावित कारण माने जा रहे हैं। हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही होगा।
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आबापुरा में झाड़ियों से नवजात मिलने पर सनसनी, पुलिस जांच जारी

Banswara, Rajasthan:जिला - बांसवाड़ा विधानसभा- बांसवाड़ा लोकेशन - बांसवाड़ा झाड़ियों में नवजात मिलने से सनसनी फैल गई. दरअसल झाड़ियों में नवजात की चिख पुकार सुन आसपास के लोग जब नजदीक गए तो एक नवजात रोती हुई दिखी. स्थानीय लोगों ने इसकी जानकारी आबापुरा थाना पुलिस को दी. पुलिस ने नवजात को अपने कब्जे में लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और नवजात को SNCU वार्ड में ले जाकर भर्ती किया. शिशु रोग विशेषज्ञ रंजना चरपोटा ने नवजात को भर्ती कर स्वास्थ्य के लिए इलाज किया. डॉक्टर के अनुसार नवजात 16 दिन का है. फिलहाल स्वस्थ है और डॉक्टर निगरानी बनाए हुए है. वही झाड़ियों में नवजात किसने रखा इसकी आबापुरा थाना पुलिस जांच कर रही है।
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Muzaffarpur के कांटी में खूंखार सांडों का उत्पात, राहगीर भयभीत

Muzaffarpur, Bihar:मुजफ्फरपुर कांटी नगर परिषद क्षेत्र में खूंखार सांडों के झुंड उत्पात मचा रहे हैं और सड़क पर चलने वालों पर अचानक हमला कर देते हैं, जिससे राहगीरों में भय बना रहता है. बीते दिनों कांटी प्रखंड के नगर परिषद के गोप टोला स्थित शिव मंदिर के पुजारी व काबिलपुर निवासी दिग्विजय झा साढ़ के हमले में घायल हो गए थे जिनका इलाज के दौरान मौत हो गई थी. कांटी बाजार वार्ड 16 व 17 में इन दिनों सांडों के झुंड भारी उत्पात मचा रहे हैं और चलते राहगीरों पर आक्रामक हमला कर चोटिल कर देते हैं. स्थानीय लोग भयभीत हैं. गोप टोला शिव मंदिर के पुजारी व शेरुकाही पंचायत के काबिलपुर ग्राम के निवासी दिग्विजय झा भी साढ़ के हमले में बुरी तरह घायल हो गए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की. ग्रामीणों ने खतरे से निजात पाने के लिए कांटी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को पत्र लिखा है. अब ग्रामीण और राहगीर इन सांडों के हमले से डरे हुए हैं और घर से बाहर निकलने या सड़क पर चलने की हिम्मत नहीं कर रहे हैं.
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महामंडलेश्वर यतींद्रानंद गिरि का तीखा बयान: मुस्लिमों, विपक्ष और जौहर यूनिवर्सिटी पर निशाना

Amroha, Uttar Pradesh:एंकर अमरोहा जनपद के गजरौला में महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि के तीखे बयान, मुस्लिमों, विपक्ष और जौहर यूनिवर्सिटी पर साधा निशाना अमरोहा जनपद के गजरौला पहुंचे जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरि महाराज ने पत्रकार वार्ता में मुस्लिमों, विपक्ष और जौहर यूनिवर्सिटी समेत कई मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अपनी पहचान छिपाकर हिंदू नाम से कारोबार कर रहे हैं, जो चिंताजननक है। राम मंदिर आंदोलन के दौरान carसेवकों पर हुई गोलीबारी के लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को जिम्मेदार ठहराया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह संसद की कार्यवाही बाधित कर रहा है। दिल्ली के छात्र आंदोलन को उन्होंने विदेशी ताकतों से प्रभावित साजिश बताया और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उन्होंने कहा कि यदि वह सरकारी जमीन और संसाधनों से संचालित है तो उसका संचालन पूरी तरह सरकार के अधीन होना चाहिए। राम मंदिर चोरी प्रकरण में उन्होंने दोषियों को कड़ी सजा देने और बड़े मंदिरों के लिए अलग प्रबंधन व्यवस्था बनाने की भी मांग की।
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अमरोहा-हरिद्वार एक्सप्रेसवे : 10 गांव बाहर, अब 52 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

JAYDEV SINGHJAYDEV SINGHFollow11m ago
Amroha, Uttar Pradesh:अमरोहा से हरिद्वार तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तारीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके लिए अब 62 नहीं बल्कि 52 गांवों के किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। सर्वे के बाद दस गांवों को परियोजना से बाहर कर दिया गया है। चिह्नित गांवों में सबसे अधिक 34 गांव धनौरा तहसील क्षेत्र के हैं, जबकि हसनपुर तहसील के 17 और नौगावां सादात तहसील के एक गांव की जमीन एक्सप्रेसवे के लिए ली जाएगी। गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे को अमरोहा से हरिद्वार तक जोड़ने की योजना पर काम चल रहा है। इसके तहत उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने पहले मंडी धनौरा, हसनपुर और नौगावां सादात तहसील क्षेत्र के 62 गांवों को चिह्नित किया था। सर्वे के बाद इनमें से दस गांवों को हटा दिया गया है। परियोजना से बाहर किए गए गांवों में वलीपुर, फकराबाद, जलीलपुर मूंगरा, पाइंदापुर, मुकैयादपुर मझरा डींगरा, पैंदापुर मुस्तकम, पिपलौती खुर्द एतमाली, पिपलौती मुस्तकम खुर्द, वसीखेड़ा, मंगरौला शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार सभी चिह्नित गांवों में जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है। अब तहसीलों में जमीन की गाटा संख्या का मिलान किया जा रहा है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने किसानों की कितनी जमीन एक्सप्रेसवे परियोजना में जाएगी। इसके बाद किसानों से बातचीत कर जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. रुखालू, शकरौली, गुलामपुर, भैंसोली, बाइखेड़ा, लुहारी खादर, सोहरका, दीपपुर, आगापुर कलां, मछरई, याकूबपुर, सेमला, बसेरा खुर्द, अलमपुर, अब्दीपुर, कटाई और पूठी। धनौरा तहसील के इन गांवों के किसानों से होगी जमीन की खरीद अटाली, मुरीदपुर, मीरपुर, बलदाना असगर अली खां, जलालपुर कलां, झनकपुरी, बस्तौरा माफी, यकबगड़ी, बस्तौरा, शेखूपुर शुमाली, रायपुर शुमाली, देहरा घनश्याम, नंगलिया बहादरपुर, बैरमपुर भूड़, अफजलपुर लूट, हाशमपुर भूड़, कौराला, हौशंगपुर उर्फ काटपुरा, चक कनखेड़ा, कानखेड़ा, बाकीपुर माफी, छाजूपुरा माफी, भटौला शुमाली, टोनिया माफी, हैवतपुर गौसांई, पेली, बौधपुरा, खंडसाल, रचौटी, वंशगोपालपुर डींगरा, पतेईपारा माफी और पारा खालसा, नौगावां सादात तहसील क्षेत्र का मोहम्मदी माफी गांव। किसानों की आपत्तियों के निस्तारण के निर्देश गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में जमीन जाने को लेकर कई किसानों ने आपत्तियां दर्ज कराई हैं। कुछ किसानों ने जमीन देने से भी इनकार किया है। बुधवार को डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने यूपीडा के अधिकारियों के साथ बैठक कर आपत्तियों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए।
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