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टेकापार ब्लास्ट: अनुमति किसने दी? प्रशासन ने इनकार किया

Khairgarh, Uttar Pradesh:खैरागढ़ के टेकापार गांव में रात के अंधेरे में हुई कथित ब्लास्टिंग ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी का दावा है कि उसने प्रशासन से अनुमति ली थी, लेकिन एसडीएम साफ कह रहे हैं कि कोई अनुमति नहीं दी गई। पंचायत भी अनजान है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल आखिर रात में ब्लास्टिंग की इजाजत किसने दी? मामला खैरागढ़ जिले के ग्राम पंचायत कलकसा के आश्रित गांव टेकापार का है। यहां अडानी कंपनी बिजली ट्रांसमिशन टॉवर का निर्माण करा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि 11 जुलाई की शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच किसानों के खेत में दो बार जोरदार ब्लास्टिंग की गई। धमाके इतने तेज थे कि घरों में कंपन महसूस हुआ और लोग डरकर बाहर निकल आए। ग्रामीणों का कहना है कि न उन्हें पहले कोई सूचना दी गई और न ही सुरक्षा के इंतजाम किए गए। दूसरी ओर कंपनी के मैनेजर अविनाश कुमार का कहना है कि ब्लास्टिंग प्रशासन को सूचना देकर और अनुमति लेकर की गई। लेकिन जब इस बारे में एसडीएम टांकेश्वर प्रसाद साहू से सवाल किया गया तो उन्होंने किसी भी तरह की अनुमति देने से इनकार कर दिया। वहीं ग्राम पंचायत की सरपंच प्रीति देवी राजपूत ने भी साफ कहा कि पंचायत से कोई अनुमति नहीं ली गई और उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी। दिलचस्प बात यह है कि एसडीएम ने मामले को खनन विभाग का बताते हुए जांच की जिम्मेदारी संबंधित विभाग पर डाल दी। वहीं खनिज विभाग के अधिकारी बबलू पांडे का कहना है कि जहां ब्लास्टिंग हुई वह राजस्व भूमि है। दोनों विभाग जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते नजर आए और कैमरे के सामने स्पष्ट जवाब देने से बचते रहे। कंपनी कह रही है कि अनुमति थी... प्रशासन कह रहा है अनुमति नहीं थी... पंचायत भी अनजान है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर रात के समय ब्लास्टिंग की इजाजत किसने दी? और अगर अनुमति नहीं थी, तो घटना के दो दिन बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा।
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नालंदा में जमीन विवाद के दौरान गोली चली, युवक घायल

Pariaunna, Bihar:एंकर: नालंदा में जमीन विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। दीपनगर थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में जमीन को लेकर चल रहे विवाद के दौरान पुलिस की मौजूदगी में एक युवक को गोली मार दी गई। गोली लगने से युवक घायल हो गया, घायल युवक की पहचान कल्याणपुर गांव निवासी गणेश यादव के पुत्र रौशन कुमार के रूप में हुई है। यादव ने बताया कि उन्होंने दो वर्ष पहले दारोगा बीघा निवासी सुहावन सिंह से छह कट्ठा जमीन खरीदी थी; उसमें चार कट्ठा जमीन सही थी, जबकि दो कट्ठा जमीन किसी अन्य व्यक्ति की रजिस्ट्री कर दी गई थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार को जब रौशन कुमार विवादित जमीन जोतने पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। सूचना मिलने पर दीपनगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही सुहावन सिंह के पुत्र शिशुपाल सिंह ने देसी कट्टे से रौशन कुमार पर फायरिंग कर दी। गोली रौशन के पैर में लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए आरोपी से देसी कट्टा छीन लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने घायल को तत्काल इलाज के लिए बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल भेजा, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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बूंदी के 10 ऐतिहासिक दरवाजे और बावड़ियाँ जीर्णोद्धार शुरू

Noida, Uttar Pradesh:बूंदी शहर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण कार्य का मंगलवार को विधिवत शुभारम्भ किया गया। जिला कलक्टर हरफूल सिंह यादव ने भैरू दरवाजा स्थित गणेश मंदिर में पूजा-अर्चना कर शहर के 10 ऐतिहासिक दरवाजों और प्रमुख बावड़ियों के जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत की। यह परियोजना लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से स्वीकृत हुई है। इसके तहत पुराने बाईपास को 'फूलों की घाटी' के रूप में विकसित किया जाएगा तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था भी लागू की जाएगी। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा, जिला महामंत्री संजय लाठी, नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश राय, इंटेक पदाधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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बाड़मेर सूदखोरी-मानसिक प्रताड़ना मामला: आत्महत्या के पीछे कौन срок? पुलिस कर रही जाँच

Barmer, Rajasthan:बाड़मेर में सूदखोरी और कथित मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर एक व्यक्ति द्वारा ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला बाड़मेर शहर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। मृतक की पत्नी सुमित्रा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि उसके पति को कुछ लोगों ने ब्याज पर पैसा दिया था और बाद में लगातार अत्यधिक ब्याज की मांग, धमकियों और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों द्वारा बार-बार दबाव बनाने और जान से मारने की धमकियां देने से मृतक लंबे समय से तनाव में था। परिजनों का आरोप है कि इसी मानसिक दबाव के चलते 13 जुलाई 2026 को मृतक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। शिकायत में आरोपियों के मोबाइल और कॉल रिकॉर्ड की जांच कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी की गई है। पुलिस ने परिवाद के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। बाड़मेर में कथित सूदखोरी और मानसिक प्रताड़ना से जुड़ा यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आत्महत्या के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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तीन साल बाद वन उपज चोरी में इस्तेमाल वाहन राजसात, जंगल सुरक्षा पर संदेश

Damoh, Madhya Pradesh:वनोपज की चोरी में उपयोग वाहन आखिरकार हो ही गया राजसात.. एंकर/ दमोह से बड़ी खबर है यहां तीन सालों बाद आखिरकार वन उपज की चोरी में उपयोग किए गए वाहन को राजसात किए जाने का निर्णय पारित हुआ है और इस निर्णय ने उन लोगों की धड़कन बड़ा दी है जो वन अपराधों में लिप्त है और अपराधों में मशीनरी या वाहनों का उपयोग करते है। दरअसल साल 2023 में फारेस्ट विभाग में हाथीडोल और इमलीडोल के बीच एक मिनी ट्रक को पकड़ा जिसमें वनोपज बहेरा भरा हुआ था, वन विभाग के नियमों के मुताबिक जंगल की उपज का अवैध परिवहन अपराध की श्रेणी में था, वनोपज जब्त करने के साथ आरोपी पर मामला दर्ज हुआ और मिनी ट्रक को भी जब्त किया गया, नियमो के मुताबिक जिला स्तर पर इस मिनी ट्रक को राजसात किया गया लेकिन आरोपी ने इस फैसले के खिलाफ सीजीएफ यानि चीफ कंजर्वेटर फारेस्ट के यहां अपील की और वहां भी इसे राजसात करने के आदेश मिले। इस निर्णय के खिलाफ आरोपी में सागर सेशन कोर्ट में अपील की और कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए इस ट्रक को राजसात करने का आदेश पारित किया है। कोर्ट में अपने फैसले में साफ किया है कि वनोपज के अवैध परिवहन से व्यवस्था ही भंग नहीं होती बल्कि जंगल में वाहनों के जाने से जानवर दहशत में आते है और वातावरण भी खराब होता है। पूरे मामले में ये भी साफ हुआ कि इस वाहन का उपयोग तस्करी में किया गया था जो कि अपराध की श्रेणी में आता है और इसे राजसात करना ही उचित है इससे समाज में उन लोगों के बीच बड़ा संदेश जायेगा जो लोग बेखौफ होकर जंगल की संपदा का वाहनों से परिवहन करते है।
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राम मंदिर दानपात्र चोरी पर पोस्टरवार से अयोध्या में सियासी घमासान

Ayodhya, Uttar Pradesh:अयोध्या में राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले और हनुमानगढ़ी को लेकर सियासी घमासान अब पोस्टर वार तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया अयोध्या दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि मुलायम सिंह यादव की सरकार के समय हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई थी। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।इसी बीच राम मंदिर दानपात्र चोरी प्रकरण को लेकर विपक्ष के आरोपों के जवाब में पक्ष की ओर से भी शहर में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और शिवपाल सिंह यादव की तस्वीरें लगाकर उनके बयानों को आधार बनाते हुए विपक्ष पर हमला बोला गया है।धर्म पथ समेत शहर के कई प्रमुख स्थानों पर लगाए गए इन पोस्टरों को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए हटवा दिया। कई जगह पोस्टर आधे फटे और अधूरे दिखाई दिए, जिससे स्पष्ट है कि उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई। सूत्रों के अनुसार, अयोध्या पुलिस ने सार्वजनिक स्थलों से पोस्टर और बैनर हटवा दिए हैं।राम मंदिर दानपात्र चोरी मामले की जांच के साथ-साथ अब यह मुद्दा राजनीतिक बयानबाजी और पोस्टर वार का भी केंद्र बन गया है।
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जालौन में तेज रफ्तार बाइक के टक्कर से 18 वर्षीय छात्र की मौत, परिवार में मातम

Jalaun, Uttar Pradesh:जालौन में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से इंटरमीडिएट के छात्र सत्यम सिंह (18) की दर्दनाक मौत हो गई। सत्यम उरई में किराए के कमरे पर पढ़ाई कर रहे थे और गांव से उरई स्थित कमरे पर लौट रहे थे कि रास्ते में सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सत्यम गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन अस्पताल पहुंचने पर बेटे की मौत की खबर पाकर गहरे आघात से रोने लगे। सत्यम की असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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