icon-pinewzicon-zee
PINEWZ
become creator
न्यूज़ क्रिएटर बनें

आपकी स्थानीय कहानियाँ, आपकी आवाज़

Follow us on
Download App fromplay-storeapp-store
Advertisement
Back
Pinewz
273209

Sensitive Content

This video contains sensitive content which some people may find offensive or disturbing


Prince SrivastavaPrince SrivastavaFollow3 Jan 2025, 03:04 pm

गोरखपुरः सवारी भरने को लेकर पुलिस के सामने ही भिड़े दो टैक्सी चालक

Bahilpar, Uttar Pradesh:

सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत चौराहे के अवैध टैक्सी स्टैंड पर सवारी भरने की बात को लेकर दो टैक्सी चालक आपस में भिड़ गए। झगड़े के बाद एक पक्ष ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची डॉयल-112 कुछ समझ पाती इससे पहले दोनों पक्षों से एकत्रित आधा दर्जन की संख्या में लोगों ने फिर से एक दुसरे पर हमला कर दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने एक पक्ष पक्ष से महेश निवासी भरपुरवा भीटी रावत और दूसरे पक्ष के निजाली निवासी जोगियाकोल सहित एक और व्यक्ति को घसीट कर गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। पुलिस के सामने काफी देर तक हो रहे इस हाई वोल्टेज ड्रामा और मारपीट के बीच भीटी रावत चौराहे पर सैकड़ो की संख्या में एकत्रित लोग मूकदर्शक बने रहे।

0
0
Report

हमें फेसबुक पर लाइक करें, ट्विटर पर फॉलो और यूट्यूब पर सब्सक्राइब्ड करें ताकि आप ताजा खबरें और लाइव अपडेट्स प्राप्त कर सकें| और यदि आप विस्तार से पढ़ना चाहते हैं तो https://pinewz.com/hindi से जुड़े और पाए अपने इलाके की हर छोटी सी छोटी खबर|

पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति की समीक्षा बैठक संपन्न, पदाधिकारियों को मिले नियुक्ति पत्र व पहचान-पत्र

AsadJunedAsadJunedFollow17m ago
Sitapur, Uttar Pradesh:सीतापुर। जनपद सीतापुर में एक रेस्टोरेंट में ऑल इंडिया पत्रकार सुरक्षा सेवा समिति (पंजीकृत) की अति आवश्यक समीक्षा बैठक राष्ट्रीय अध्यक्ष की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए पदाधिकारियों और पत्रकारों ने भाग लिया। जानकारी के अनुसार, सीतापुर-लखनऊ हाईवे स्थित जनता रेस्टोरेंट में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष बिनोद वर्मा ने की। बैठक में सीतापुर, लखीमपुर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर, हरदोई और लखनऊ सहित कई जिलों के पत्रकारों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समीक्षा बैठक में संगठन के विस्तार पर विशेष चर्चा की गई। अधिक से अधिक नए सदस्यों को जोड़कर सभी जनपदों में जिला कमेटियों का शीघ्र गठन करने का प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित किया गया। साथ ही सभी जिलों में जल्द बैठक आयोजित कर संगठन को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। बैठक के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र एवं पहचान-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी पत्रकारों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। इसके अलावा सर्वसम्मति से अगली बैठक लखीमपुर में आयोजित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस अवसर पर प्रताप तिवारी, राशिद खान, आशिफ खान, विकास मिश्र, पूजा त्रिपाठी, साधना शर्मा, राजेश शर्मा, अंदेश कुमार, अनुज कुमार यादव, संजय भारती, अजमुद्दीन सिद्दीकी, दानिश कुरैशी सहित बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।लखनऊ मंडल मीडीया प्रभारी असद जुनैद
0
0
Report

भारत में सरोगेसी पर सख्त कानून: कमर्शियल बैन, सिर्फ निःस्वार्थ सरोगेसी मान्य

Betul, Madhya Pradesh:भारत में सरोगेसी की जानकारी और नियमों के बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं है और इसकी मान्यता समाज में देखने को नहीं मिलती है।सरोगेसी यानी जब कोई महिला किसी दूसरे दंपत्ति के लिए बच्चे को जन्म देती है। लेकिन भारत में अब इस पर सख्त कानून लागू हैं। कमर्शियल सरोगेसी पूरी तरह बैन है। यानी पैसे लेकर सरोगेसी करना गैरकानूनी है। सिर्फ निःस्वार्थ सरोगेसी की ही अनुमति है। केवल शादीशुदा भारतीय दंपत्ति,जिनकी शादी को कम से कम 5 साल हो चुके हों और उनके कोई बच्चा न हो। सरोगेट मां के लिए नियम 25 से 35 साल की उम्र,शादीशुदा और पहले से एक बच्चा होना जरूरी। सिर्फ रजिस्टर्ड क्लिनिक में ही सरोगेसी कराई जा सकती है और जेंडर चयन पूरी तरह बैन है।कानून का उल्लंघन करने पर जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। सरोगेसी भारत में कानूनी है,लेकिन सख्त नियमों के साथ महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके。
0
0
Report
Advertisement

सूरजपुर में अवैध नशीले कारोबार से HIV संक्रमण भयावह, पुलिस सख्त कार्रवाई

Surajpur, Chhattisgarh:सूरजपुर जिला इन दिनों सफेद मौत यानी अवैध नशीले कारोबार का गढ़ बनता जा रहा है. बीते कुछ वर्षों में नशे के इस काले कारोबार में बड़ी तादात में युवा इस दलदल में फंस गए हैं. यह नशा न केवल अपराध के ग्राफ को बढ़ा रहा है, बल्कि असुरक्षित इंजेक्शन के इस्तेमाल से जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या में भयावह इजाफा देखने को मिला है. सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि इस लत ने कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है. वहीं जिले में होने वाली अधिकांश चोरी की वारदातों के पीछे भी इसी नशे के आदी आरोपी ही गिरफ्त में आ रहे हैं. आखिर क्यों सूरजपुर जिला नशेड़ियों काsoft टार्गेट बना हुआ है और क्यों अंतरराज्यीय ड्रग माफियाओं के लिए यहाँ की सरहदें इतनी अनुकूल हैं? देखिए हमारी यह विशेष रिपोर्ट. सूरजपुर में युवा वर्ग घातक केमिकल इंजेक्शन, प्रतिबंधित नशीली टैबलेट और गांजे की गिरफ्त में हैं. इस जानलेवा शौक की वजह से अब तक कई युवा अपनी जान गवा चुके हैं. हालांकि, पुलिस विभाग लगातार इन नशा माफियाओं के खिलाफ धरपकड़ की कार्रवाई कर रहा है और समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं. हाल ही में सूरजपुर पुलिस ने एक यात्री बस से करोड़ों रुपये का गांजा भी जप्त किया था, बावजूद इसके यह अवैध कारोबार जिले में धड़ल्ले से फल-फूल रहा है. आंकड़े बताते हैं कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है, लगातार हो रही कार्रवाई से नशा तस्करों पर शिकंजा कस रहा है, वहीं युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के प्रयास भी जारी हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे और नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. घण्टे: आंकड़े: वर्ष 2021-2026 कुल प्रकरण: 242 पुरुष आरोपी: 338 महिला आरोपी: 22 गांजा: 1,372 किलो 494 ग्राम गांजा पौधे: 84 नशे के पदार्थ: 885.78 किलोग्राम अफीम: 149 ग्राम नशीला सिरप: 4,286 नग कैप्सूल: 8,824 नग टैबलेट: 44,664 नग इंजेक्शन: 16,832 नग कुल अनुमानित कीमत: लगभग 25.55 करोड़ रुपये. पकड़े गए तस्करों में कई आरोपी पड़ोसी राज्यों के निवासी हैं, जो सूरजपुर को ट्रांज़िट हब की तरह इस्तेमाल कर रहे थे. नशा माफिया के लिए सूरजपुर की भौगोलिक स्थिति सबसे बड़ी ढाल है, क्योंकि इस जिले की सीमाएं मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से लगी हुई हैं. इसी का फायदा उठाकर माफिया जंगल के रास्तों से आसानी से जिले में घुस जाते हैं. नशे का यह जाल अब सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और समाज के लिए भी नासूर बनता जा रहा है. जानकारों की मानें तो हाल के वर्षों में जिले में HIV पॉजिटिव मरीजों की संख्या में जो इजाफा हुआ है, उसका सबसे बड़ा कारण यह अवैध नशे का कारोबार ही है. डॉक्टरों के मुताबिक नशे के आदी लोग एक ही असुरक्षित इंजेक्शन को आपस में साझा करते हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैलता है. पिछले तीन सालों के सरकारी आंकड़ों की बात करें तो जिले में अब तक लगभग 150 एचआईवी मरीज डिटेक्ट किए गए हैं; 2023-24 में 31 मरीज, 2024-25 में 44 मरीज और 2025-26 में 66 मरीज HIV पॉजिटिव पाए गए हैं. आंकड़े बताते हैं कि एचआईवी मरीजों की संख्या साल दर साल तेजी से बढ़ रही है, हालांकि जानकारों का अंदेशा यह है कि वास्तविक संख्या दर्ज आंकड़ों से तीन गुना ज्यादा हो सकती है. असल चुनौती यह है कि सामाजिक बहिष्कार और लोक-लाज के डर से अधिकांश लोग जांच के लिए अस्पताल की दहलीज तक नहीं पहुंचते हैं. स्वास्थ्य विभाग लगातार स्क्रीनिंग कैंप और जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए लोगों को जोड़ने की कोशिश कर रहा है, पर स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है. यह अवैध कारोबार निश्चित रूप से जिले की कानून-व्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने के लिए एक टाइम बम की तरह है, नशे की इस चेन को तोड़ना और एचआईवी के संक्रमण को रोकना, अब पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है.
0
0
Report

छत्तीसगढ़ में नशे का नेटवर्क: युवाओं पर बढ़ती रोकथाम की चुनौती

Bilaspur, Chhattisgarh:बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में तेजी से फैलता नशे का कारोबार अब सिर्फ पुलिस के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।गांजा सिंथेटिक ड्रग्स ,नशीली गोलियां,कोरेक्स और इंजेक्शन जैसे नशे अब शहरों से लेकर गांवों तक पहुंच चुके हैं।सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इसकी गिरफ्त में बड़ी संख्या में युवा आ रहे हैं।आखिर कहां से आ रहा है यह नशा? कौन हैं इसके कारोबारी? किन रास्तों से छत्तीसगढ़ तक पहुंच रहा है जहर? और सरकार-पुलिस इसे रोकने के लिए क्या कर रही है?देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।छत्तीसगढ़ में नशे का नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है।बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, कोरबा, रायगढ़ ,महासमुंद सरगुजा जैसे जिलों में पिछले कुछ वर्षों में नशे से जुड़े मामलों में तेजी आई है।गांजा तस्करी से लेकर मेडिकल नशे और सिंथेटिक ड्रग्स तक का कारोबारी? अब संगठित नेटवर्क के जरिए चलाया जा रहा है।पुलिस की जांच में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा गांजा ओडिशा के रास्ते पहुंच रहा है। ओडिशा के कोरापुट, मलकानगिरी और आसपास के इलाकों से बड़ी मात्रा में गांजा तस्करी कर छत्तीसगढ़ लाया जाता है।इसके अलावा पंजाब, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और आंध्रप्रदेश से भी नशे का नेटवर्क जुड़ता जा रहा है।कुछ मामलों में अंतरराज्यीय गिरोहों के तार भी सामने आए हैं।सबसे ज्यादा युवा गांजा, नशीली टैबलेट, सिरप, इंजेक्शन और सिंथेटिक ड्रग्स की गिरफ्त में आ रहे हैं।स्कूल-कॉलेज के छात्र भी धीरे-धीरे इस दलदल में फंसते जा रहे हैं।सोशल मीडिया और गलत संगत भी इसकी बड़ी वजह मानी जा रही है।युवाओं में तनाव, बेरोजगारी, गलत मित्र मंडली और जल्दी रोमांच पाने की चाह उन्हें नशे की ओर धकेल रही है।पिछले कुछ वर्षों में बिलासपुर पुलिस ने कई बड़े मामलों का खुलासा किया।करोड़ों रुपए का गांजा, नशीली इंजेक्शन, ड्रग्स ,नशीली गोली जब्त हुआ बड़े तस्कर गिरफ्तार हुए। उनकी संपत्ति की भी जप्ती बना ली गई।लेकिन इसके बावजूद नशे का नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया।बिलासपुर SSP/DIG रजनेश सिंह का कहना है कि नशे के खिलाफ अब पुलिस सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जागरूकता अभियान पर भी जोर दे रही है।नशे के कारोबारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और आम लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है। नशा पर लगाम लगाने के लिए आव सवारे कल अपना अभियान भी चलाया जा रहा है।इस अभियान के जरिए युवाओं को नशे की लत से बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।काउंसलिंग, जागरूकता कार्यक्रम और परिवारों की मदद से युवाओं को नई जिंदगी देने का प्रयास किया जा रहा है।नशा अब सिर्फ कानून व्यवस्था का मुद्दा नही।बल्कि समाज और आने वाले भविष्य से जुड़ा बड़ा खतरा बन चुका है।जरूरत है पुलिस, प्रशासन, परिवार और समाज के सामूहिक प्रयास की ताकि युवा पीढ़ी को इस जहर से बचाया जा सके।अगर सही मार्गदर्शन मिले तो युवा नशे से दूर रह सकते हैं।
0
0
Report
Advertisement

जयपुर के RCA परिसर में शराब परोसने के प्रकरण पर कठोर कार्रवाई की मांग

Jaipur, Rajasthan:जयपुर स्थित राजस्थान क्रिकेट अकादमी (RCA) ग्राउंड परिसर में चल रहे एक निजी टूर्नामेंट के दौरान शराब और बीयर परोसे जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राजस्थान क्रिकेट संघ (RCA) की एड-हॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित यादव ने राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद (RSSC) के सचिव को एक शिकायत करते हुए पत्र लिखा है और तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। परिषद ने आयोजनकर्ता पर भारी जुर्माना लगाते हुए वसूली की कार्रवाई शुरु कर दी है। आरसीए एड-हॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव ने पत्र में बताया कि राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद ने 9 जून से 11 जून तक केपीएल सीजन के आयोजन के लिए यह मैदान एक निजी पार्टी को दिया गया है। इस आयोजन के दौरान 10 जून को यह देखा गया कि आयोजकों द्वारा ग्राउंड परिसर में खुलेआम शराब और बीयर परोसी जा रही थी। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि स्टेडियम परिसर के भीतर इस तरह की गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं और यह खेल बुनियादी ढांचे के उपयोग के तय मानकों और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है।शिकायत पत्र में मैदान की साख और खेल भावना का हवाला देते हुए कहा गया है कि इस मैदान का रख-रखाव आरसीए द्वारा किया जाता है। खेल परिसर में ऐसी अनैतिक गतिविधियां होने से खेल परिषद और आरसीए, दोनों की छवि और प्रतिष्ठा पर बेहद विपरीत असर पड़ता है। इस मामले में आरसीए एड-हॉक कमेटी ने खेल परिषद के सचिव से इस विषय में तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाई जाए और भविष्य में खेल आयोजनों के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं。
0
0
Report

उदयपुर कानूाड़ा: रावत ने कांग्रेस पर आदिवासी विरोधी आरोप लगाए, जांच की मांग

Udaipur, Rajasthan:उदयपुर के कानूवाड़ा मामले पर अब सियासत पूरी तरह गरमा गई है। पूर्व कांग्रेस सांसद रघुवीर मीणा के बयान पर उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने तीखा पलटवार किया है। मन्नालाल रावत ने कांग्रेस के इस रुख को आदिवासी विरोधी बताते हुए सीधा सवाल किया कि क्या यह कांग्रेस का कोई फेविकोल वाला गठजोड़ है, जिसे अब समाज अच्छी तरह समझना चाहता है? सांसद रावत ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ से आए बाहरी लोग यहाँ आकर संदिग्ध गतिविधियां चला रहे हैं। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की तारीफ करते हुए माँग की है कि इस पूरे मामले के पीछे चल रहे फाइनेंशियल नेटवर्क और विदेशी फंडिंग की गहराई से जांच होनी चाहिए。 बाईट- मन्नालाल रावत, सांसद, उदयपुर
0
0
Report
Advertisement

नवविवाहिता की हत्या: सल्फास खिलाने का आरोप, पति-सास-ससुर गिरफ्तार

Ujjain, Madhya Pradesh:नवविवाहिता की मौत ने खोली प्रताड़ना की परतें, पति ने जबरन सल्फास खिलाकर की हत्या; सास-ससुर भी गिरफ्तार मरणासन्न बयान में महिला ने पति पर लगाए गंभीर आरोप, इलाज के दौरान हुई मौत भाटपचलाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर पति, सास और ससुर को दो घंटे में दबोचा उज्जैन। भाटपचलाना थाना क्षेत्र के ग्राम बरथून में नवविव्वाहिता की मौत के मामले में पुलिस ने पति, सास और ससुर को गिरफ्तार किया है। मृतका ने इलाज के दौरान दिए अपने मरणासन्न बयान में पति पर मारपीट कर जबरन सल्फास की गोली खिलाने का आरोप लगाया था। जांच में सामने आए साक्ष्यों और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार ग्राम बरथून निवासी प्रिया को 2 जून को जहरीला पदार्थ सेवन करने की स्थिति में नागदा के जनसेवा अस्पताल लाया गया था। हालत गंभीर होने पर उसे उज्जैन के एक निजी अस्पताल में रेफर किया गया। उपचार के दौरान कार्यपालिक दंडाधिकारी द्वारा उसके मरणासन्न कथन दर्ज किए गए। इसमें प्रिया ने बताया कि उसके पति बालकदास बैरागी ने उसके साथ मारपीट की और जबरन सल्फास की गोली खिला दी। इलाज के दौरान 5 जून को प्रिया की मौत हो गई। इसके बाद भाटपचलाना थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतका के मायके पक्ष के लोगों के बयान लिए गए। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद से ही प्रिया को उसका पति बालकदास, सास राजूबाई और ससुर प्रहलाददास घरेलू बातों को लेकर प्रताड़ित करते थे। उसके साथ आए दिन विवाद और मारपीट की जाती थी। पुलिस ने जांच में मिले साक्ष्यों, मरणासन्न बयान और परिजनों के कथनों के आधार पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया। मामला महिला की हत्या से जुड़ा होने के कारण एसडीओपी खाचरौद के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी की कार्रवाई महज दो घंटे के भीतर पूरी कर ली गई। गिरफ्तार आरोपियों में बालकदास पिता प्रहलाददास बैरागी (28), प्रहलाददास पिता जानकीदास (54) और राजूबाई पति प्रहलाददास (50), सभी निवासी ग्राम बरथून शामिल हैं। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य आरोपी बालकदास के खिलाफ पूर्व में भी पत्नी के साथ मारपीट का मामला दर्ज हो चुका है।
0
0
Report
Advertisement

मेरठ में फर्जी अभ्यर्थी गिरफ्तार: पुलिस भर्ती परीक्षा में धोखाधड़ी का भंडाफोड़

*मेरठ: नौचंदी पुलिस ने फर्जी अभ्यर्थी को पकड़ा, दूसरे के स्थान पर दे रहा था पुलिस भर्ती परीक्षा* मेरठ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस भर्ती परीक्षा-2026 में फर्जीवाड़े का प्रयास नौचंदी पुलिस ने नाकाम कर दिया। थाना नौचंदी पुलिस ने मंगलवार 10 जून 2026 को गढ़ रोड स्थित राम सहाय इंटर कॉलेज में आयोजित द्वितीय पाली की परीक्षा के दौरान दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा देने आए फर्जी अभ्यर्थी संतोष कुमार को मौके से गिरफ्तार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मेरठ के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक नगर और नोडल अधिकारी परीक्षा के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी सदर देहात के पर्यवेक्षण में परीक्षा केंद्रों पर सघन चेकिंग, फ्रिस्किंग और दस्तावेज सत्यापन की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान राम सहाय इंटर कॉलेज केंद्र पर एक अभ्यर्थी के दस्तावेजों की जांच में संदेह हुआ। गहन पूछताछ और सत्यापन में खुलासा हुआ कि अभियुक्त संतोष कुमार पुत्र अर्जुन बिन्द, निवासी गन्नीपुर, थाना हिल्सा, जिला नालंदा, बिहार वास्तविक अभ्यर्थी चंद्रपाल सिंह पुत्र विजयवीर सिंह, निवासी बहादुरपुर कासिमपुर, जलेसर देहात, थाना जलेसर, जिला एटा के स्थान पर परीक्षा देने आया था। जाँच में पाया गया कि संतोष कुमार ने आधार कार्ड और पुलिस भर्ती परीक्षा के एडमिट कार्ड में फोटो व विवरण को एडिट कर खुद को वास्तविक अभ्यर्थी बताकर परीक्षा देने का प्रयास किया। नौचंदी पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से दो आधार कार्ड, एक कूटरचित पुलिस भर्ती एडमिट कार्ड, मोबाइल फोन और एक बैग बरामद किया है।
0
0
Report
Advertisement
Advertisement
Back to top