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Prince SrivastavaPrince SrivastavaFollow3 Jan 2025, 03:04 pm

गोरखपुरः सवारी भरने को लेकर पुलिस के सामने ही भिड़े दो टैक्सी चालक

Bahilpar, Uttar Pradesh:

सहजनवां थाना क्षेत्र के भीटी रावत चौराहे के अवैध टैक्सी स्टैंड पर सवारी भरने की बात को लेकर दो टैक्सी चालक आपस में भिड़ गए। झगड़े के बाद एक पक्ष ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची डॉयल-112 कुछ समझ पाती इससे पहले दोनों पक्षों से एकत्रित आधा दर्जन की संख्या में लोगों ने फिर से एक दुसरे पर हमला कर दिया। बवाल बढ़ता देख पुलिस ने एक पक्ष पक्ष से महेश निवासी भरपुरवा भीटी रावत और दूसरे पक्ष के निजाली निवासी जोगियाकोल सहित एक और व्यक्ति को घसीट कर गाड़ी में बैठाकर थाने ले गई। पुलिस के सामने काफी देर तक हो रहे इस हाई वोल्टेज ड्रामा और मारपीट के बीच भीटी रावत चौराहे पर सैकड़ो की संख्या में एकत्रित लोग मूकदर्शक बने रहे।

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आमेर में सचिन मित्तल ने जनसुनवाई कर आमजन की शिकायतें सुनी

Jaipur, Rajasthan:पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल पहुँचे आमेर; पुलिस जवानों ने कमिश्नर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया. कमिश्नर पुलिस थाने में आमजन से रूबरू और परिवादियों की फरियाद सुनी. परिवादियों की समस्या के निस्तारण का अधिकारियों को निर्देश दिए गए. ACP, DCP समेत सर्कल के सभी थाना प्रभारी मौजूद. दामोदर प्रसाद, आमेर/जयपुर. जयपुर/आमेर: जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने आमेर थाने में जनसुनवाई करते हुए आमजन से रूबरू हुए; उन्होंने परिवादियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी; कमिश्नर सचिन मित्तल ने मौजूद पुलिस अधिकारियों को विभिन्न परिवादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए; जनसुनवाई के दौरान जमीन, आपसी झगड़े, धोखाधड़ी समेत विभिन्न मामलों के परिवाद पेश आए; कमिश्नर ने परिवादियों से उनकी समस्या सुनी और उपस्थित संबंधित थाना प्रभारी से मामले की प्रगति जानी; कमिश्नर ने अधिकारियों को मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए; इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के निराकरण की मांग की; इस पर कमिश्नर ने व्यवस्था में सुधार करने की बात कही; साथ ही ग्रामीणों ने दिल्ली रोड स्थित नई माता मंदिर के कट को खुलवाने के लिए ज्ञापन भी दिया; इस दौरान ACP, DCP समेत सर्कल के कई थाना प्रभारी मौजूद रहे.
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जलसफाई के नाम पर सख्ती: गांधी सागर स्टीमर चेक, मंदसौर में संचालन रोक

Mandsaur, Madhya Pradesh:मंदसौर: जबलपुर क्रूज हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आया है और गांधी सागर के जल मार्ग पर चलने वाले स्टीमरो की चेकिंग शुरू कर दी गई है, चेकिंग संपन्न होने तक इन स्टीमरों का संचालन स्थगित रहेगा, गौरतलब है की मंदसौर में एशिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील माने जाने वाली गांधी सागर झील का जल क्षेत्र 66000 हेक्टर में फैला हुआ है और इस झील के एक किनारे से दूसरे किनारे तक जाने जाने के लिए जलमार्गों का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए स्टीमर छोटी नाव और डॉगियों Ka उपयोग किया जाता है इन स्टीमरो की चेकिंग करने के लिए प्रशासन की टीम अब मैदान में उतरी है और स्टीमरों के लाइसेंस कागजात और सेफ्टी मानकों की जांच की जा रही है चेकिंग के दौरान एसडीएम राहुल चौहान, एसडीओपी विजय यादव, टीआई बलवीर यादव,&& और तहसीलदार मौजूद रहे , गांधीसागर के बैकवाटर में संचालित स्टीमर की बीमा, फिटनेस, लाइसेंस आदि की जाँच की जा रही है। जब तक याद की जा रही है तब तक स्टीमर का संचालन बंद रखने के आदेश दिए गए हैं गोर तलब है कि गांधी सागर के बैकवॉटर में एक क्रूज़ का संचालन भी किया जाता है लेकिन पर्यटको की संख्या कम होने की वजह से इसका अंतिम संचालन 12 मार्च को किया गया था उसके बाद से ही इस क्रूज का संचालन नहीं किया गया है, हालांकि दावा किया जा रहा है कि क्रूज़ में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद है जिले के गांधी सागर के बैकवॉटर में अनुमानित 100 से ज्यादा छोटी बड़ी नाव का संचालन प्रतिदिन किया जाता है, जिन्हें जांच प्रक्रिया तक फिलहाल रोके जाने का दावा प्रशासन कर रहा है, ऐसे में देखना होगा कि जबलपुर हादसे से मंदसौर प्रशासन कितना सबक लेता है और इनमें सुरक्षा इंतजाम कितने पुख्ता किए जाते हैं ताकि किसी तरह का कोई हादसा ना हो, गौरतलब है कि समय-समय पर नाव पलटने की वजह से हुए हादसे में जिले में भी लोगों ने जान गंवाई है हर बार हादसे के बाद प्रशासन चेकिंग और रोकथाम की बात करता है लेकिन समय निकलने के साथ ही एक बार फिर से सभी प्रशासनिक क्रियाएं तब तक के लिए ढीली हो जाती है जब तक कोई दूसरा हादसा नहीं हो, हालांकि इस बार उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन की सख्ती बरकारार रहेगी अब आने वाला समय ही बताएगा कि इस भरोसे पर प्रशासन कितना खरा उतरता है
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थराली पुलिस ने लापता नाबालिगों को हरिद्वार से सकुशल बरामद किया

Karnaprayag, Uttarakhand:चमोली जिले की थराली पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए पिछले 23 अप्रैल से लापता चल रहे दो नाबालिगों को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों की आंखें नम हो गईं और उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार जताया। चौन्डा गांव निवासी दो नाबालिग बीते 23 अप्रैल को घर से स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो चिंतित परिजनों ने थाना थराली पहुंचकर बच्चों की गुमशुदगी दर्ज कराई और पुलिस से खोजबीन की गुहार लगाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली एवं पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग के निर्देशन में थाना थराली पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से “मिशन स्माइल” अभियान चलाकर दोनों बच्चों की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने थराली, ग्वालदम, अल्मोड़ा, हल्द्वानी और देहरादून सहित विभिन्न स्थानों पर करीब 150 होटल, ढाबों और सार्वजनिक स्थलों में बच्चों की खोजबीन की। साथ ही थराली से हरिद्वार तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। लगातार प्रयासों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने दोनों बच्चों को हरिद्वार से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्णप्रयाग त्रिवेन्द्र सिंह राणा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि आवश्यक पूछताछ एवं कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों बच्चों को आज उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत डायल 112 या नजदीकी थाने से संपर्क करें।
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बरगी क्रूज़ हादसे: शव त्रिची के लिए एयरलिफ्ट, बच्चा-मामा समेत चार की तैयारी

Jabalpur, Madhya Pradesh:जबलपुर के बरगी में क्रूज हादसे में मौत का शिकार हुए दो शवों को त्रिची तमिलनाडु के लिए एयर लिफ्ट किया गया है। दोनों शवों को एक विमान में तकनीकी खराबी आने के चलते दूसरे कार्गो विमान से 10 साल के बच्चे और उसके मामा के साथ भेजा गया है। वहीं चार लोगों को दूसरी फ्लाइट से भेजने की तैयारी प्रशासन ने की है। जबलपुर के बरगी में क्रूज हादसे में नौ लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से दो मृतक तमिलनाडु के हैं। परिजनों ने इन्हें एयर एंबुलेंस से शवों को भेजने की मांग प्रशासन से की थी जिसके बाद इन्हें कार्गो विमान से तमिलनाडु भेजा गया है।
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दिल्ली अभिभावकों के लिए खुशी: अब एक महीने से अधिक फीस नहीं ली जाएगी

Delhi, Delhi:दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों के लिए खुशखबरी- दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने जारी किया एक महत्वपूर्ण नोटिस. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक अहम नोटिस जारी करके दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावकों की मुश्किलें हल कर दी हैं. दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है जिसके तहत अब राजधानी के स्कूल किसी भी अभिभावक को एक महीने से ज्यादा स्कूल फीस भरने पर मजबूर नहीं कर सकते. दिल्ली सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किए हैं राजधानी के स्कूलों को, कि अब वह एक बार में सिर्फ एक महीने की फीस ही लेंगे. दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (DoE) ने निजी गैर-सहायता प्राप्त मान्यता प्राप्त स्कूलों को साफ निर्देश दिया है कि वे किसी भी अभिभावक को एक बार में एक महीने से ज्यादा फीस जमा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। शिक्षा निदेशालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों से दो महीने, तीन महीने या एडवांस में फीस जमा करने का दबाव बना रहे हैं इसके बाद प्रशासन ने यह आदेश जारी किया है. स्कूल की ऐसी डिमांड के बाद सबसे ज्यादा कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. जारी किए गए आदेश के मुताबिक अगर कोई अभिभावक अपनी इच्छा से एक महीने से ज्यादा फीस एक साथ जमा करना चाहता है, तो स्कूल इसकी अनुमति दे सकते हैं। लेकिन स्कूल इसे अनिवार्य नहीं बना सकते। स्कूल की तरफ से किसी भी तरीके का दबाव नहीं डाला जा सकता यह सिर्फ अभिभावक की मर्जी है अगर वह एक से ज्यादा महीने की फीस देना चाहते हैं. इसी के साथ-साथ सरकार ने स्कूलों को यह भी आदेश दिए हैं कि अगर कोई अभिभावक ज्यादा महीनों की फीस एक साथ जमा नहीं करता तो किसी छात्र के दाखिले, पढ़ाई जारी रखने या किसी सुविधा को नहीं रोका जा सकता। सभी स्कूलों के लिए यह भी अनिवार्य है कि उन्हें यह आदेश 7 दिन के अंदर अपने नोटिस बोर्ड पर लगाना है और अपनी वेबसाइट पर अपलोड करना है. नियम नहीं मानने वाले स्कूलों के खिलाफ दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट और नियमों के तहत सख्त कार्यवाही की जाएगी.
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12 दिन बाद शादीशुदा NRI की कुरुक्षेत्र में ट्रक से भिड़ंत, कार में मौत

Kurukshetra, Haryana:शादी के 12 दिन बाद NRI की हादसे में हुई मौत,कुरुक्षेत्र में ट्रक के नीचे घुसी कार, इसी हफ्ते लौटना था न्यूजीलैंड वापस, दोस्त हुआ घायल कुरुक्षेत्र:- जिले में इस्माइलबाद में एरिया में नेशनल हाईवे 152 पर सड़क हादसे में 26 साल के युवक की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त घायल हो गया। दोनों दोस्त कार में पिहोवा से अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी कार के आगे चल रहे ट्रक के ड्राइवर ने अचानक ब्रेक मार दी। इससे उनकी कार ट्रक के पिछले हिस्से में घुस गई। मृतक की पहचान गौरव कुमार उर्फ साहिल निवासी खरींडवा के रूप में हुई। पिछले महीने साहिल की शादी हुई थी। साहिल शादी के लिए न्यूजीलैंड से आया था और उसे इसी सप्ताह में न्यूजीलैंड लौटना था। साहिल खुद कार चला रहा था और उसका दोस्त अंकित साथ वाली सीट पर बैठा था। काम निपटाकर लौट रहे थे वापस अंकित निवासी खरींडवा ने बताया कि वह अपने दोस्त गौरव कुमार उर्फ साहिल के साथ अपनी कार में सवार होकर किसी प्राइवेट काम से पिहोवा आए थे। काम निपटाने के बाद वापस अपने घर जा रहे थे। कार को साहिल चला रहा था, जबकि वह बगल वाली सीट पर बैठा था। साहिल ठीकठैक स्पीड में कार चला रहा था। ट्रक से टकराई कार जमींदारा ढाबा के पास पहुंचे तो आगे चल रहे ट्रक (HR63E-1414) के ड्राइवर ने एकदम से ब्रेक मारकर कट मार दिया। इस कारण उनकी कार ट्रक के पिछले हिस्से से टकराप गई। एक्सीडेंट के बाद मौके पर भीड़ इकट्‌ठा हो गई। किसी राहगीर ने डायल-112 को कॉल कर बुलाया। इलाज के दौरान तोड़ा दम उन दोनों को इलाज के लिए पिहोवा के सरकारी अस्पताल लाया गया। यहां पर डॉक्टरों ने साहिल को चेक करने के बाद मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर साहिल का परिवार भी पहुंच गया। पुलिस ने आज साहिल के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। साथ ही ट्रक नंबर के आधार पर थाना इस्माइलाबाद में केस दर्ज कर लिया।
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सहरसा में महिला के साथ दुष्कर्म के प्रयास पर पुलिस-भीड़ संघर्ष

Saharsa, Bihar:सहरसा के सदर थाना क्षेत्र के वार्ड पटुवाह नम्बर 21 में अहले सुबह घर से बाहर टहलने जा रही एक महिला के साथ एक शख्स ने जबरन दुष्कर्म करने का प्रयास किया गया। पीड़ित ने शोर मचाया, भीड़ जुटी, आरोपी भागकर अपने घर छुप गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने उसके घर को घेर लिया। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची और आरोपी को बाहर निकालने के कुछ देर बाद भीड़ ने उसे पीटना शुरू कर दिया। स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। पुलिस को मसक्कत करनी पड़ी और भीड़ से बचाकर उसे अपने साथ ले जाना पड़ा। बताया गया कि वार्ड 21 में शादी समारोह था और शख्स ने उस महिला को निशाना बनाया; नजदीक के बांस बारी में ले जाने की कोशिश की गई, जिसे महिला के विरोध पर आरोपी ने मारपीट की। जब ग्रामीणों की भीड़ जुटी तो वह मौके से भाग गया और घर में छिप गया। मौके पर पुलिस की टीम जांच कर रही है. ग्राउंड जीरो से घटना स्थल का जायजा लिया गया।
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चंबल नदी पर मगरमच्छ के हमले से युवक घायल, ग्रामीणों ने बहादुरी से बचाई जान

Dholpur, Rajasthan:धौलपुर चंबल नदी एक बार फिर खौफ का सबब बन गई। बसई डांग थाना क्षेत्र गांव नगर के पास नदी किनारे पानी पीने गए एक युवक पर मगरमच्छ ने जानलेवा हमला कर दिया। मगरमच्छ ने युवक के हाथ और पैर को अपने मजबूत जबड़ों में जकड़ लिया। युवक की चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए लाठी-डंडों से मगरमच्छ को खदेड़ा और युवक को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया। कैसे हुआ हादसा: प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार पीड़ित युवक चंबल नदी किनारे पानी पीने के लिए गया था। गर्मी के कारण नदी किनारे अक्सर ग्रामीण और मवेशी पानी पीने आते हैं। इसी दौरान पानी में घात लगाकर बैठे मगरमच्छ ने अचानक युवक पर हमला कर दिया। मगरमच्छ ने पहले युवक का पैर पकड़ा और फिर हाथ को जबड़े में दबोच लिया। अचानक हुए हमले से युवक संभल नहीं पाया और दर्द से चीखने लगा। ग्रामीण बने देवदूत: युवक की आवाज सुनकर खेतों में काम कर रहे और आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। नजारा देख सबके होश उड़ गए। लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शोर मचाते हुए लाठी-डंडों से मगरमच्छ पर वार करना शुरू कर दिया। करीब 10-15 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ ने युवक को छोड़ा और गहरे पानी में चला गया। ग्रामीण तुरंत लहूलुहान युवक को नदी से बाहर लेकर आए। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती: हमले में युवक के दाहिने हाथ और जांघ पर मगरमच्छ के दांतों के गहरे जख्म हो गए हैं। हाथ में फ्रैक्चर की भी आशंका है। ग्रामीणों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचना दी और परिजनों के साथ युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने युवक का प्राथमिक उपचार कर भर्ती कर लिया है। डॉक्टरों के मुताबिक फिलहाल युवक की हालत खतरे से बाहर है, लेकिन गहरे घाव के कारण इंफेक्शन का खतरा है। उसका इलाज जारी है। चंबल में बढ़ रहा मगरमच्छों का खौफ: चम्बल नदी घड़ियाल और मगरमच्छों के लिए जानी जाती है। गर्मी बढ़ने के साथ ही मगरमच्छ पानी से निकलकर किनारों पर आ जाते हैं। इससे पहले भी चंबल किनारे के इलाकों में मगरमच्छ के हमले की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस ताजा घटना के बाद से नदी किनारे बसे गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नदी पर पानी भरने या मवेशियों को पानी पिलाने जाना अब खतरे से खाली नहीं रहा। वन विभाग से सुरक्षा की मांग: घटना की सूचना वन विभाग को दे दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि चंबल किनारे संवेदनशील जगहों को चिन्हित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं। साथ ही लोगों को मगरमच्छों से बचाव के लिए जागरूक किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी में नदी ही सहारा है, ऐसे में सुरक्षा के इंतजाम होना जरूरी है।
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स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप, बीजेपी विधायक ने सीबीआई जांच और मंत्री के बर्खास्तगी की मांग

Ranchi, Jharkhand:रांची स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय में हटिया विधायक नवीन जायसवाल ने प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में कथित व्यापक भ्रष्टाचार को लेकर मुख्य सचिव द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसका वे स्वागत करते हैं। नवीन जायसवाल ने कहा कि “देर से ही सही, लेकिन सरकार की परत-दर-परत भ्रष्टाचार की कहानी अब सामने आ रही है और झारखंड लूट का प्रदेश बनता जा रहा है।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने करीबी लोगों को ऊंची दरों पर टेंडर दिलाने का काम किया। उनका कहना था कि मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को ही जांच का जिम्मा सौंप दिया, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीजेपी विधायक ने कहा, “जिस विभाग पर आरोप है, उसी विभाग को जांच सौंप देना ऐसा है जैसे दूध की रखवाली बिल्ली को सौंप दी जाए।” उन्होंने दावा किया कि रांची सदर अस्पताल में जिस मशीन या उत्पाद की खरीद 100 रुपये में होती है, वही सामान दूसरे जिलों में तीन गुना अधिक कीमत पर खरीदा गया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार की कई कंपनियां अलग-अलग नामों से रजिस्टर्ड हैं और उन्हें लगातार टेंडर दिए जा रहे हैं। नवीन जायसवाल ने कहा कि बीजेपी लगातार जनहित के मुद्दे उठाती रही है, लेकिन सत्ता पक्ष विपक्ष के आरोपों को नजरअंदाज करता रहा। अब जब मुख्य सचिव ने खुद मामले का संज्ञान लिया है, तो सरकार को निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की और कहा कि अगर सरकार निष्पक्ष है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से स्वास्थ्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने, संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की.
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मिहिजाम के जंगल से दो शव बरामद, पुलिस जांच तेज

Jamtara, Jharkhand:मिहिजाम थाना क्षेत्र अंतर्गत जीतपुर जंगल से पुलिस ने दो शव बरामद किए हैं, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी प्रदीप राणा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। वहीं पुलिस इंस्पेक्टर अब्दुल रहमान भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जंगल में दो लोगों के शव पड़े होने की सूचना दी गई थी, जिसके बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। घटनास्थल का जायजा लेने के बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार एक मृतक की पहचान बोदमा गांव निवासी सागेन हेंब्रम के रूप में हुई है, जबकि महिला शव की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। शवों की स्थिति और मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
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ओंकारेश्वर में बिना लाइफ जैकेट के नाव चलाने पर लाइसेंस रद्द की चेतावनी

Khandwa, Madhya Pradesh:ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में बिना लाइफ जैकेट नांव चलाने वाले का होगा लाइसेंस रद्द मध्य प्रदेश के बरगी बांध में क्रूज हादसे के बाद नदियों, बांधो और बड़े जल स्रोतों में क्रूज और नाव संचालन को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। खंडवा के ओंकारदेश्वर ज्योतिर्लिंग क्षेत्र में भी नर्मदा नदी में नाव संचालकों को कठोर हिदायतें दी गई है। नगर पंचायत ओंकारेश्वर ने आदेश जारी करते हुए तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को बिना लाइफ जैकेट नाव में सवारी बैठाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। जो भी नाव चालक इस आदेश का उल्लंघन करेगा उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। ओमकार पर्वत की परिक्रमा के लिए चलती है नांव ओंकारेश्वर में नदी के दोनों किनारों पर अलग-अलग मंदिर है। एक तरफ ममलेश्वर महादेव मंदिर है और दूसरी तरफ ओंकारेश्वर महादेव मंदिर। नदी के एक घाट से दूसरे घाट पर जाने के लिए तीर्थ यात्री नाँव की सवारी करते हैं। साथ ही ओमकार पर्वत की परिक्रमा भी नांव के जरिए होती है। इसलिए यहां नावों का संचालन होता है। लगभग ढाई सौ लाइसेंसी नाव है जो नर्मदा नदी में चलती है। नगर पंचायत ओंकारेश्वर इन नाविको को शर्तों के साथ नाव चलाने के लाइसेंस देती है। इन शर्तों में पर्यटकों और तीर्थ यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होता है, लेकिन कभी यात्री और कभी नाविक भी इसका पूरी तरह पालन नहीं करते हैं। बरगी डैम हादसे के बाद ओंकारेश्वर नगर पंचायत सीएमओ मोनिका पारधी ने सख्त आदेश निकाला है कि अब नावों में बिना लाइफ जैकेट सवारी बैठाने वाले नाविक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इस आदेश में नाव में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा उपकरण रखना अनिवार्य किया गया है। साथ ही आंधी तूफान या खराब मौसम की स्थिति निर्मित होने पर नाव का संचालन पूर्णता बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। कलेक्टर ने 2 महीने पहले ही बनाया तगड़ा मेकैनिज्म खंडवा कलेक्टर ऋषभ गुप्ता ने 2 महीने पहले ही ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी में चलने वाली नाव के लिए तगड़ा मेकैनिज्म बनाया है। नदी में चलने वाली सभी नावों का पूरा डाटाबेस तैयार किया गया है। जिसमें प्रत्येक नाव के नाविकों और सहयोगी की उम्र, तैरने और नांव चलाने की योग्यता, उसका लाइसेंस, नाव की फिटनेस और उसका नंबर दर्ज किया गया। कलेक्टर ने प्रत्येक नाव में यात्रियों के बैठने की क्षमता तय की है। नविको के पास जो लाइफ जैकेट है उनका भी निरीक्षण किया और जो पुराने लाइफ जैकेट पाए गए उन्हें बदल कर नए लाइव जैकेट उपलब्ध कराए गए थे। नदी और घाटों पर तैनात है एसडीआरएफ के सदस्य होमगार্ড के डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट आशीष कुमार ने बताया कि ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर लगभग एक दर्जन से ज्यादा घांट है जहां पर श्रद्धालु नर्मदा में स्नान करते हैं साथ ही नाव में बैठकर ओमकार पर्वत की परिक्रमा भी करते हैं । घाटों पर होमगार्ड के सैनिक और नदी में एसडीआरएफ की टीम के सदस्य गश्त करते हैं । यह लोग लगातार निगरानी करते हैं कि किस नाव वाले ने कितने श्रद्धालु बैठाए हैं क्या इन श्रद्धालुओं ने लाइफ जैकेट पहना है या नहीं और यदि नहीं पहना है तो उसकी सूचना घाट पर मौजूद कंट्रोल रूम को दी जाती है। तुरंत ही उसे नाव वाले के खिलाफ चेतावनी और एक्शन लिया जाता है। जो नाविक लापरवाही करते हैं उनके खिलाफ कार्यवाही करने की अनुशंसा की जाती है।
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